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मधेपुरा में बनेगा अत्याधुनिक ऑडिटोरियम !

विगत 22 मार्च 2015 को बी.एन.मंडल स्टेडियम में बिहार दिवस समारोह की अध्यक्षता कर रहे जिले के तत्कालीन डी.एम.गोपाल मीणा से डॉ.मधेपुरी द्वारा बी.पी.मंडल प्रतिमा स्थल की जर्जरावस्था पर चर्चा किये जाने पर उन्होंने मंच से एक के बदले दो घोषणायें कर दी |

पहली तो यह कि बी.पी.मंडल चौक केवल सामाजिक न्याय का ही चौक नहीं है बल्कि यह समाहरणालय का मुकुट भी है | आगामी उनकी जयन्ती पर, 25 अगस्त तक, इसे दर्शनीय बना दिया जायेगा | आज उन्हीं के प्रयास का फल है कि एल.एन.टी. कम्पनी चौक को दर्शनीय बनाने में लगा है |

और दूसरी यह कि यहाँ के खिलाड़ियों  तथा कवि सम्मेलनों के बाबत समस्त समाज सेवियों डॉ. अरुण कुमार मंडल, शौकत अली, प्रो. श्यामल किशोर यादव, डॉ. अलोक कुमार, डॉ. शांति यादव, डॉ. मधेपुरी…. आदि के अनुरोध पर अत्याधुनिक विश्वस्तरीय ऑडिटोरियम का निर्माण नगर विकास विभाग के सहयोग से किया जायेगा | पूर्व के ढाई करोड़ की प्राक्कलित राशि को साढ़े तीन करोड़ कर दी गई है |

हाल में नगरपरिषद के मुख्य पार्षद डॉ.विशाल कुमार बबलू एवं नव पदास्थापित कार्यपालक पधाधिकारी विनय कुमार सिंह ने मधेपुरा अबतक को बताया कि इसके लिए जरुरी डी.पी.आर. तैयार कर स्वीकृति हेतु नगर विकास विभाग को भेज दिया गया है | स्वीकृति मिलने पर निर्माण कार्य शीघ्र आरम्भ कर दिया जायेगा |

ऐसी जानकारी मिलने पर मधेपुरा के कवि-लेखक एवं साहित्यकार-शायर सहित सभी रंगकर्मियों – सुकेश राणा, शहंशाह, हर्षवर्धन, बंटी, विकास, आनंद, राहुल, सुभाषचन्द्र…. आदि सबों ने हर्ष जताते हुए कहा कि अब कोई भी बड़ा आयोजन बड़ी सहूलियत के साथ मधेपुरा की धरती पर संम्पन्न होता रहेगा |

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क्या पी.एम.,क्या सी.एम. और क्या डी.एम.? सभी परिवर्तन यात्रा पर . . . . !

पी.एम. नरेन्द्र मोदी दिल्ली से आ रहे हैं परिवर्तन यात्रा पर बिहार | बिहार के कोसी प्रमंडल सहरसा | उनके आने से पूर्व उनके मंत्रिमंडल के चार मंत्रियों ने चार स्थानों से परिवर्तन यात्रा शुरू कर दी | बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद दोनों ने एक-दूसरे से विरोध की जगह दोस्ती का परिवर्तनकारी हाथ बढाया है | परिवर्तन ऐसा कि राजद भी 100 एवं जदयू भी 100 सीटों पर लड़ेगी चुनाव | दस सीटों पर संतोष करने वाली कांग्रेस बिहार विधानसभा  के आगामी होने वाले चुनाव में चार गुना परिवर्तन के साथ उतरेगी यानी 40 सीटों पर लड़कर परिवर्तन का शंखनाद करेगी |

आगामी 30 अगस्त को जदयू-राजद-कांग्रेस एवं राकांपा के गाँधी मैदान पटना में आयोजित होने वाले परिवर्तनकारी महागठबंधन के रैली में मधेपुरा जिले के कार्यकर्त्ता भी अपने-अपने महागठबंधन के परिवर्तनकारी स्वाभिमान रैली को सफल बनाने के लिए संकेत देने लगे हैं |

चुनाव को लेकर सरकार के अन्दर पल-पल परिवर्तन की लहर इस कदर उठ रही है कि विगत नौ दिनों में मधेपुरा तीन डी.एम. के पद परिवर्तन के समय आगमन एवं विरह का गीत गाता रहा है | सारे परिवर्तनों को देखकर अब धूप-छाँव भी परिवर्तनगामी बनकर बीच-बाच में दो बूंद बरसाकर परिवर्तन की परम्परा को कायम रखने में मदद कर देती है |

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हक़ पाने के लिए जाग उठी नारी शक्ति !

आशा व ममता कार्यकर्ताओं ने किया अदभुत प्रदर्शन ! सात सूत्री मांगों को लेकर सदर अस्पताल से सुभाष चौक, स्टेट बैंक, मछली बाजार होते हुए पूर्वी बायपास होकर समाहरणालय गेट को पूर्णरूपेण जाम कर उग्र प्रदर्शन करती आशा व ममता ने यह साबित कर दिया कि गाँधी के गाँवों की नारियां अब चुपचाप बैठने वाली नहीं बल्कि हक़ की खातिर लड़ने को तैयार हो गई हैं | वह अब अबला नहीं रही बल्कि वह अब विद्या स्वरूपा, लक्ष्मी स्वरूपा के साथ-साथ शक्ति स्वरूपा बनकर उमड़ रही है तथा या देवी सर्वभूतेषु . . . . बनती जा रही है |

Aasha and Mamta volunteers Protesting at Madhepura
Aasha and Mamta volunteers Protesting at Madhepura

काफी देर तक आशा व ममता अपनी सात मांगों को लेकर हमेशा डटी रही | इस अवसर पर बिहार चिकित्सा जन स्वास्थ कर्मचारी संघ के अधीन संचालित “आशा संघ” की जिला मंत्री रेणु कुमारी ने “ समान काम – समान वेतन ” का नारा बुलन्द करते हुए प्रदर्शन का नेतृत्व किया तथा सरकार से मांग की – आशा – ममता को सरकारी सेवक घोषित करें, मासिक वेतन 17 हजार रुपए करें, सेवा अवधि 60 वर्ष करें, पेंशन, अनुकम्पा की सुविधाएँ भी उपलब्ध करायी जाय |

इस मौके पर गणेश मानव, लाला भूपेन्द्र, प्रो. नरेश कुमार तथा नूतन कुमारी, राधा देवी, कुसुम राज सहित रंजना, रीना, रंभा, प्रीति, सावित्री, अनीता आदि शामिल थी | सदर एस.डी.एम. संजय कुमार निराला की पहल पर समाहरणालय गेट के जाम को बिना किसी अशोभनीय घटना के ही समाप्त कराया जा सका |

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महिला शक्ति के सामने ठहर गया शहर !

एक तरफ सावन के दूसरे सोमवारी के दिन तीन बजे रात से ही शिव के दरबार की नाकेबन्दी लाखों श्रद्धालुओं द्वारा शुरू होने लगी तो दूसरी ओर नारी शक्ति स्वरूपा आँगनबाड़ी की सेविका-सहायिका समाहरणालय के गेट की ऐसी नाकेबंदी की कि परिन्दे भी गेट के अन्दर प्रवेश नहीं पा सके |

जिला मुख्यालय से कहीं बढ़-चढ़कर धरना प्रदर्शन किया गया प्रत्येक प्रखंड मुख्यालय में | समाहरणालय से लेकर प्रखंड कार्यालय तक के एक-एक कर्मी नारी शक्ति के समक्ष झुक गये बल्कि वे किसी विधि प्रवेश नहीं पा सके, जहाँ थे वहीँ रुक गये |

15 सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर गईं आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिकाओं की मुख्य मांगें हैं – सेवा का नियमितीकरण एवं सेविका को 17 हजार तथा सहायिका को 12 हजार रुपए मानदेय मिले !

नारी शक्ति अब प्रशंसनीय ही नहीं दर्शनीय भी हो गयी है | या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संसृता . . . यानी धरना के आरम्भ में आकाश से बरस रही आग में भी यह नारी शक्ति डटी रही तो दोपहर बाद पसीना बहा रही सेविका-सहायिकाओं पर तरस खाकर इन्द्र ने जब मुसलाधार बारिश कर दी तब भी यह नारी शक्ति डटी रही, पर हटी न कोई . . . | पहली बार नारी शक्ति के सामने सब कुछ ठहर गया और ठहर गया मधेपुरा शहर भी !

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मधेपुरा ने देखे नौ दिन में तीन डीएम

गोपाल मीणा, लक्ष्मी प्रसाद चौहान और अब मो. सोहैल – मधेपुरा ने बीते नौ दिनों में तीन डीएम देखे। 2 अगस्त को मधेपुरा ने मीणा को भावभीनी विदाई दी और चौहान आए। अभी उन्हें आए सप्ताह भी नहीं बीता था कि उन्हें संयुक्त सचिव, जलसंसाधन विभाग के रूप में पटना बुला लिया गया। इसके साथ ही वे प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे। इससे पहले ये दोनों जिम्मेदारियां मो. सोहैल के पास थीं। 2007 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी मो. सोहैल अब  नए डीएम होंगे। आज यानि 11 अगस्त को उन्होंने अपना पदभार ग्रहण कर लिया। इस तरह 2 अगस्त से 11 अगस्त के बीच नौ दिन में तीन डीएम देखे ।

चौहान अभी मधेपुरा के डीएम के रूप में अपनी प्राथमिकताएं तय ही कर रहे थे कि अप्रत्याशित रूप से उनका तबादला सामने आ गया। अब मो. सोहैल को जहाँ उनकी अधूरी रूप-रेखा को पूरा करना होगा वहीं इनके ऊपर उन कार्यों को पूरा करने का दारोमदार भी होगा जिन्हें यहाँ के अत्यंत सफल व लोकप्रिय डीएम रहे मीणा ने शुरू किया था। इसके साथ ही राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील इस जिले  में विधान सभा चुनाव को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराना भी इनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

प्रशासनिक सेवा हो, पुलिस सेवा हो या न्यायिक सेवा – मधेपुरा ने हमेशा उन अधिकारियों को अपने सिर-आँखों पर बिठाया है जो यहाँ की जरूरतों के साथ ही यहाँ के जनमानस को भी समझ पाए हैं। देखना है कि मो. सोहैल यहाँ के वासियों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं। उन्हें ‘मधेपुरा अबतक’ की शुभकामनाएं।

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डॉ. कलाम के यहाँ से जाने के बाद . . . . !!

यहाँ पर पहली बार इंग्लिश स्पेलिंग बी. चैंपियनशिप – जूनियर, सीनियर ग्रुप के छात्रों के बीच डॉ. मधेपुरी के संरक्षण में तब आयोजित हुआ था जब मधेपुरा के डी.एम. हुआ करते थे गोपाल मीणा |

और डी.एम. गोपाल मीणा जैसे प्रतिभा प्रेमी के यहाँ से जाने के बाद तथा डॉ. कलाम सरीखे बच्चों के मार्गदर्शक के इस जहाँ से चले जाने के बाद प्रतिभा को सम्मानित करने के निमित्त स्पेलिंग बी. चैंपियनशिप के संरक्षक डॉ.मधेपुरी एवं अद्यक्ष डॉ. विश्वनाथ विवेका ने इस आयोजन को दोबारा मूर्तरूप देने के लिए सचिव सावंत कुमार एवं कोषाध्यक्ष सोनी राज सहित अमित, विजय, मास्टर शिवम्, निशिकान्त, रवि, मनीष, रजाऊल एवं आशीष को प्रेरित किया | इन सबों के सक्रिय योगदान से जल्दबाजी में दस स्कूलों के लगभग पाँच सौ बच्चे-बच्चियों को इस चैंपियनशिप में सम्मिलित कर इसे पुन: मूर्तरूप दिया गया |

9 अगस्त, 2015 को स्थानीय पार्वती विज्ञान महाविद्यालय में इस चैंपियनशीप का आयोजन किया गया | इस बार तो सब जूनियर से पहले दो ग्रुप और जोड़ा गया- किड वन एवं किड टू |

यह भी जानें कि प्लीमिनरी टेस्ट हुआ 9 अगस्त रविवार को, सेमीफाइनल होगा 16 अगस्त (रविवार) को तथा फाइनल होगा 23 अगस्त (रविवार) को | बाद में सभी ग्रुप में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आये प्रतिभागियों का चयन कर भव्य समारोह आयोजित करके उन प्रतिभाओं को सम्मानित करने की घोषणा की जायेगी |

डॉ. मधेपुरी ने कहा  कलाम यहाँ ना रहे सही लेकिन जहाँ हैं वहीँ से हमें प्रतिभा को सम्मानित करने की प्रेरणा तो दे ही रहे हैं और आगे भी भारत की आनेवाली पीढ़ीयों को संदेश के रूप में यही कहते रहेंगे – मेरे प्यारे बच्चों ! तुम्हारी उड़ान में कभी विराम न हो !!

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मधेपुरा सहित 18 जिले सूखे की चपेट में

कमजोर मानसून के कारण बिहार के 18 जिलों में सूखे की आशंका बढ़ गयी है | मधेपुरा जिला में 55 फीसदी कम बारिश हुई है | यूँ अब तक सबसे कम बारिश सीतामढ़ी और मधुबनी जिले में रिकॉर्ड की गई है | पूरे बिहार में इस बार 32 फीसदी कम बारिश हुई है फिर भी किसानों द्वारा जहमत उठाकर 68 फीसदी खेतों में धान रोपनी कर लिया गया है |

मौसम विभाग का आकलन है कि आगे 20 अगस्त तक बिहार में मानसून कमजोर रहेगा | इस बीच स्थानीय नमी के कारण जहाँ-तहाँ हलकी-फुलकी बारिश होगी, अच्छी बारिश का कोई संकेत नहीं | सूखे ग्रस्त आशंका वाले 18 जिले हैं – सीतामढ़ी, मधुबनी, पूर्णिया, पूर्वी चम्पारण, सहरसा, शिवहर, अररिया, मुज्फ्फरपुर, सीवान, मधेपुरा, सुपौल, समस्तीपुर, दरभंगा, वैशाली, भोजपुर, पश्चिमी चम्पारण, किशनगंज और सारण |

आंकड़े बताते हैं कि इन 18 जिलों में 40 से 77 फीसदी तक क्रमशः कम बारिश हुई है | आज़ादी का जश्न मनाने के बाद ही बारिश की खुशियाँ मनाने की संभावनायें जताई जा रही है |

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बच्चों के भोजन पर लगे टैक्स का विरोध

भारतीय संसद एवं राज्य एसेम्बलियों के कैंटीनों में प्रतिनिधियों के खाद्य सामग्रियों के रेट हैं – चावल –2.00, दाल –1.50 प्रति प्लेट, चपाती – 1.00 प्रति पीस, चाय = 1.00 प्रति कप, रसगुल्ला – 1.00 प्रति पीस आदि-आदि | यह भी जानें कि उन प्रतिनिधियों की पगार है लगभग – 80,000 रू. प्रतिमाह, और वे भी बिना टैक्स के |

इन्हें देश का वह नर-नारी जो गांवों में 30 से 32 रू. प्रतिदिन पसीना बहा-बहाकर कमाता है वो गरीब नहीं लगता और यह भी जानें कि अब वे गरीब के बच्चों को शिक्षा से दूर करने की साजिश भी रचने लगे हैं |

मधेपुरा जिला के प्राइवेट स्कूल्स के हास्टलों में रहकर पढ़नेवाले गरीब किसान-मजदूर के बच्चों के भोजन पर 13.5% वैट (टैक्स) लगाने के सरकारी निर्णय का प्राइवेट स्कूल्स के संचालकों, निदेशकों एवं प्रचार्यों द्वारा जमकर विरोध किया जा रहा है |

इन शिक्षकों का कहना है कि शराब पर टैक्स लगाना और बढाना तो इसलिए भी अच्छा लगता है कि वह शरीर और आत्मा दोनों का नाश करती है | लेकिन, बच्चों के भोजन पर टैक्स (वैट) लगाना-शिक्षा को नाश करने की साजिश के अलावा और क्या कहा जा सकता है |

प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर सोसाइटी के जिलाध्यक्ष श्री किशोर कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने बच्चों के भोजन पर ‘वैट’ लगाने को सरकार का दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय कहा | वित्त मंत्री द्वारा दी गई टिपण्णी को आड़े हाथों लेते हुए माया विद्या निकेतन, शहीद चुल्हाय मार्ग की निदेशिका सह जिला सचिव चंद्रिका यादव सहित निक्कू नीरद, नवीन कुमार, बलराम सोनी, योगेन्द्र झा, विलास कुमार, नवीन कुमार, ओम प्रकाश यादव, वरुण कुमार, नफीउर रहमान, प्रदीप शर्मा, चन्दन सिंह, मुकेश झा, एम. के. मुन्ना आदि ने कड़ा विरोध जताया |

यह भी जानें कि संघ के प्रवक्ता मानव कुमार सिंह के अलावे अबु जफ़र, नंदिनी वर्णवाल, रतन कुमार, जे. के. वर्मा, मिलन कुमार, राजेश्वर साह, पवन कुमार अदि आचार्यों, प्राचार्यों ने डॉ. मधेपुरी मार्ग के बगल में एन०एच०-106 के सामने नव स्थापित किरण पब्लिक स्कूल में आयोजित बैठक में सरकार के इस निर्णय को तुगलकी फरमान बताया |

बैठक का संचालन ज्ञानदीप निकेतन के प्राचार्य चिरामणि यादव ने किया और धन्यवाद् ज्ञापित अमन प्रकाश ने |

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भीषण डकैती के बाद जाँच करने पटना से आई फोरेंसिक टीम

दिन दहाड़े डकैती के बाद सकते में हैं मधेपुरा के जयप्रकाश नगर के लोग | तीन बजे दिन में तीन युवक बहुत आराम से आता है शिक्षक राजेश सिंह के निवास का पता पूछता है | नब्बे वर्षीय मकान मालिक पूर्व विधायक जागेश्वर हजरा हाथ उठाकर उपरी मंजिल की ओर इशारा करते हैं | तीनों युवक आराम से सीढियां चढ़ते हुए शिक्षक राजेश के दरवाजे पर देता है दस्तक | घर में प्रवेश कर टी.वी. ऑन कर शिक्षक राजेश की पत्नी एवं बच्चे को पिस्टल दिखाकर हाथ-मुँह बाँध बंधक बना लेता है | और फिर लगभग दो घंटे तक पूरा घर खंघाल कर 25 लाख नगद और पाँच लाख के जेवर व अन्य सामग्रियां बैगों में भरता है | पसीना-पसीना हो जाने के कारण पानी से मुँह धोकर तीनों लुटेरे फ्रेश होते हैं |  फिर इत्मीनान से कन्धे पर रुपयों से भरा बैग लटकाकर तीनों वापस सीढियों के रास्ते बाहर निकल कर न जाने कहाँ चले जाते हैं जिसका अता-पता करने में मधेपुरा की पुलिस पसीना बहा रही है | फिर भी डकैतों का अबतक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है |

डकैती की इस घटना ने मधेपुरा शहर वासियों की नींद उड़ा दी है | मधेपुरा समाहरणालय से मात्र दो सौ गज की दूरी पर ऐसी घटना घटी, जहाँ घनी आबादी है, कहीं खाली जमीन नहीं है | बहरहाल प्रशासन की कोशिश जोरों पर है और जाँच के लिए पटना से आई फोरेंसिक टीम काम पर लग चुकी है | ऐसा माना जा रहा है की डकैत पकड़े जायेंगे |

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भीषण डकैती से थर्राया मधेपुरा

कोचिंग सेंटर के शिक्षक के घर नगद 25 लाख की दिन दहारे लूट ! लुटेरे बदमाशों ने शिक्षक राजेश कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह के भाड़ेवाले घर में कल दिन के तीन बजे बाद घुस गये | शिक्षक पप्पू सिंह की पत्नी सरिता देवी को पिस्टल सटाकर हाथ बाँध दिया | माँ-बेटे को मुँह पर पट्टी लगा दी | टी.वी. ऑन कर रुपए बैग में भरने लगे और जब बैग रुपयों से भर गया तो बच्चे के स्कूल बैग में रुपए कसकर लुटेरे फरार हो गये |

सूचना की जानकारी मिलने पर मधेपुरा सदर डी.एस.पी. कैलाश प्रसाद एवं थानाद्यक्ष मनीष कुमार फ़ोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे | बता दें कि पीड़ित पप्पू सिंह पूर्व विधायक जागेश्वर हाजरा के घर किराये पर अपनी पत्नी और बच्चे के साथ रहते हैं | यूँ उनका पैतृक गाँव उदाकिसुनगंज अनुमंडल का मुरली चंदवा गाँव है |

Daylight Robbery at Madhepura

पुलिस द्वारा यह पूछे जाने पर कि आपने 25 लाख की राशि बैंक में क्यों नहीं जमा की, के जबाब में शिक्षक द्वारा यही कहा जाता है कि समयाभाव के कारण बैंक में जमा नहीं हो पाया | ऐसे जबाब को सुनकर लोग चर्चा करने लगे हैं कि क्या इतनी बड़ी राशि दो-चार दिनों की कमाई है, क्योंकि बैंक तो इतने दिनों तक बन्द नहीं रहता |

शहर में इस घटना की चर्चा आम हो गयी है | एक ओर लोग शिक्षक के स्तर की चर्चा कर रहे हैं तो दूसरी ओर पुलिस की वर्दी से दूर होते जा रहे स्वभाव की | जहाँ पूर्व डी.जी.पी. अभयानन्द थानेदारों को निदेश देते थे कि जनमानस को थाने में सम्मान के साथ बैठायें वहीँ जनता द्वारा किये गये एफ.आई.आर. की प्राप्ति के लिए कई डिबिया तेल जलाना पड़ जाता है | बेचारी जनता क्या करे – सभी अपनी जगह से दूर खड़े दिखते हैं |

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