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इंजिन फैक्ट्री बनाने वाली फ़्रांसीसी कंपनी ने किया भूमि पूजन

वर्ष 2007 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद द्वारा की गई घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए फ्रांस की ‘एल्स्ट्राम’ कम्पनी के कंट्री हेड मिस्टर सल्होत्रा, प्रोजेक्ट हेड प्रीतम कुमार, मुख्य प्रशासनिक पदाधिकारी बी.राय, पी.वर्द्धराजन सहित अन्य पदाधिकारियों ने बुधवार को भूमिपूजन सहित प्रथम चरण में चार-दीवारी के साथ-साथ कॉलोनी निर्माण का कार्यारम्भ भी किया |

मौके पर उपस्थित सूबे के वरिष्ठ व अनुभवी ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव एवं जिले के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल ने परियोजना के उप मुख्य अभियंता के.के. भार्गव से विमर्श के क्रम में कहा कि प्रथम चरण में आवासीय भवन निर्माण और बाद में तत्परता के साथ फैक्ट्री निर्माण पर फोकस किया जाय |

मुख्य प्रशासनिक पदाधिकारी बी.राय ने मधेपुरा अबतक को बताया कि जिलापदाधिकारी मो.सोहैल की टीम के प्रयास से ही इंजिन फैक्ट्री निर्माण का कार्य इतनी जल्दी आरम्भ हो रहा है | जमीन दाताओं की हर परेशानी को कैंप लगाकर दूर करनेवाले डी.एम. मो.सोहैल ने बिजली विभाग के वरीय पदाधिकारी को कारखाना स्थल पर बिजली की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और कहा कि आपकी तत्परता से ही शीघ्रातिशीघ्र हर वर्ष 200 रेल विद्युत इंजिन निर्माण में सफलता मिलेगी |

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सुनने आयी जीविका से जुडी हजारों-हजार महिलाएं

कोसी प्रमंडलीय मुख्यालय के विकास भवन में कोसी के तीनों जिले मधेपुरा-सहरसा-सुपौल यानी इनमें से जुड़े मंत्रियों-जनप्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने क्षेत्र की समस्याएँ सुनी एवं तदनुरूप उपस्थित उच्चाधिकारियों को निर्देश दिये |

जनप्रतिनिधियों ने बैजनाथपुर पेपर मिल, मत्स्यगंधा झील को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ एक एम्स निर्माण की भी मांग की | विपक्ष के जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्र में आपराधिक घटनाओं में हो रही वृद्धि का मामला उठाया गया तो सी.एम. ने बैठक में मौजूद आई.जी. से मामले को गंभीरता से लेने की बात कही तथा दरभंगा पहुँचने से पहले कार्रवाई करने का निर्देश दिया |

जहाँ बैठक में उपस्थित मंत्रीत्रय विजेन्द्र प्र.यादव, प्रो.चन्द्रशेखर एवं डॉ.अब्दुल गफूर ने नीतीश सरकार की शराबबंदी जैसे कठोर निर्णय की सराहना की तथा जीविका से जुड़ी महिलाओं की भूमिकाओं की प्रशंसा की, वहीँ भाजपा के नीरज कुमार बबलू, विधान पार्षद नूतन सिंह एवं सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने प्रशासनिक शिथिलता एवं अस्पतालों में डाक्टरों की कमी की पूर्ति का मामला उठाया |

नयी सरकार के गठन के बाद पहली बार सहरसा पहुँचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोसी के तीनों जिले से आयी जीविका से जुडी महिलाओं को विस्तार से सम्बोधित किया | जनप्रतिनिधियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा की |

बैठक में विधायक नरेन्द्र ना.यादव, अनिरुद्ध प्रसाद यादव, निरंजन कुमार मेहता, रमेश ऋषिदेव, वीणा देवी, रघुनन्दन यादव, ललन सर्राफ, विजय कुमार वर्मा सहित मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, डीजीपी,……दरभंगा रेंज के आईजी सहित कई डी.एम, एस.पी एवं कमिश्नर व उच्चाधिकारियों मौजूद थे |

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मधेपुरा में बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन शीघ्र

2006 के 18 सितम्बर को तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंडल वि.वि. के नये परिसर में इंजीनियरिंग कॉलेज निर्माण हेतु 10 एकड़ जमीन के साथ घोषणा की थी जिसके निर्माण हेतु सरकार ने राशि आवंटित कर दी है |

फिलहाल बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ.मनोरंजन कुमार झा ने मधेपुरा अबतक को बताया कि एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग कॉलेज को चार विषयों यानी मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, सिविल एवं कंप्यूटर में 60-60 नामांकन लेने हेतु ई-मेल के जरिये स्वीकृति भेज दी है जिसमें यह अंकित है कि सत्र शुरू होने के पहले टीम आधारभूत संरचनाओं की जाँच कर लेगी |

मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल ने मधेपुरा अबतक द्वारा यह पूछे जाने पर कि सत्रारम्भ कहाँ होगी – के जवाब में कहा कि तत्काल शिवनंदन प्र.मंडल उच्च माध्यमिक विद्यालय के नये मॉडल भवन में पढाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है | उन्होंने कहा कि यह जिले के विकास के लिए मिल का पत्थर साबित होगा | यह भी कि बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए तत्कालीन भवन पर उसका नाम भी लिख दिया गया है | मुख्य मार्ग के किनारे कॉलेज का नेम प्लेट भी लगा दिया गया है तथा परिसर में प्रवेश हेतु एक भव्य गेट भी बनाया जा रहा है |

बुद्धिजीवियों में इस बात की खुशी है कि इसी एस.एन.पी.एम. स्कूल में शुरू हुआ था – टी.पी.कॉलेज, बी.एन.एम. भी कॉलेज और आज बी.पी.मंडल इंजीनियरिंग कॉलेज शुरू होने जा रहा है |

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यूपीएससी की प्रारम्भिक परीक्षा सात अगस्त को

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार सिविल सेवा और भारतीय वन सेवा हेतु ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया आरम्भ कर दी गई है। इस साल सिविल सर्विसेज के लिए 1079 पद हैं जिनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय विदेश सेवा, भारतीय पुलिस सेवा सहित 24 वर्ग हैं तथा भारतीय वन सेवा के लिए 110 पद हैं। इस तरह दोनों सेवाओं को मिलाकर कुल 1189 पद हैं।

बता दें कि प्रत्येक वर्ग के लिए अभ्यर्थी 27 मई 2016 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। याद रखें कि यूपीएससी की प्रारम्भिक परीक्षा (पीटी) 7 अगस्त 2016 को होगी। इस बार परीक्षा केन्द्रों का निर्धारण ‘फर्स्ट अप्लाई, फर्स्ट अलॉट’ के आधार पर होगा जिसकी अधिसूचना यूपीएससी ने कर दी है।

जहाँ तक उम्र की बात है, 1 अगस्त 2016 तक जिनकी उम्र 32 वर्ष नहीं हुई है, वे परीक्षा दे सकते हैं। जबकि पूर्व में उम्र सीमा 30 थी और चार बार ही परीक्षा में भाग लिया जा सकता था। परन्तु अब सामान्य एवं ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थी छह बार सिविल सेवा की परीक्षा में भाग ले सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार केन्द्र सरकार की ये बड़ी पहल है।

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चार श्रेणी में बंटेंगीं शहर की सड़कें

एक तो जनसंख्या का दिशाहीन विस्फोट और दूसरा लोगों का गांवों से शहरों की ओर पलायन। ऊपर से प्रत्येक शहर में प्रतिदिन सौ से लेकर हजारों की संख्या में मोटर साईकिल एवं अन्य सवारियों का रोड पर आना। इसके अतिरिक्त बेरोजगारों को बहुत कुछ करने के लिए सड़क ही तो सहारा होता है।

फिर भी इतनी परेशानियों के बावजूद सरकारी दफ्तरों से अधिक अनुशासन सड़कों पर ही नज़र आता है। लेकिन इस सत्य को भी झुठलाया नहीं जा सकता कि हर शहर में सुबह या शाम – जाम ही जाम एक कहावत बनता जा रहा है।

तभी तो नीतीश सरकार द्वारा बिहार अर्बन रोड पॉलिसी-2016 में यह प्रावधान किया गया है कि राज्य के शहरों की सड़कें कम-से-कम दस मीटर और चौड़ी होंगी और न्यूनतम 30 कि.मी. प्रति घंटे की रफ्तार से गाड़ियां दौड़ेंगी।

इसके अतिरिक्त बिहार शहरी अभिकरण एवं इंडियन रोड कांग्रेस आदि के मद्देनज़र रोड पॉलिसी के मौजूदा प्रारूप के अनुसार चार श्रेणियों में बंटेंगी शहर की सड़कें – पहली श्रेणी – 50 से 60 मीटर चौड़ी होंगी सड़कें जिस पर 80 कि.मी. प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन दौड़ेंगे, दूसरी श्रेणी – 30 से 40 मीटर चौड़ी होंगी सड़कें जिस पर 60 कि.मी. प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन दौड़ेंगे, तीसरी श्रेणी – 20 से 30 मीटर चौड़ी होंगी सड़कें जिस पर 50 कि.मी. प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन दौड़ेंगे और चौथी श्रेणी – 10 से 20 मीटर चौड़ी होंगी सड़कें जिस पर 30 कि.मी. प्रति घंटे की रफ्तार से वाहन दौड़ेंगे।

इसके अतिरिक्त वन वे के लिए भी नियम बनाए गए हैं। नियम चाहे जितने बना दिए जाएं परन्तु उनको सफल बनाना तो जनमानस पर ही निर्भर होता है। एक भारतीय जापान में होता है तो रद्दी कागज के एक टुकड़े को सड़क पर चलते रहने के बाद डस्टबिन में ही फेंकता है, परन्तु वही जब भारत की धरती पर उतरता है तो सब कुछ भूल कर सड़क को गन्दा करने में लग जाता है।

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किरण पब्लिक स्कूल ने धूमधाम से मनाया अपना स्थापना दिवस

मधेपुरा में विद्या की किरण फैलाने  में लगे किरण पब्लिक स्कूल ने समारोहपूर्वक अपना स्थापना दिवस मनाया। ये स्कूल का दसवां स्थापना दिवस था जिसका उद्घाटन उप विकास आयुक्त मिथिलेश कुमार ने किया। समारोह के मुख्य अतिथि जिला मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमार और विशिष्ट अतिथि मधेपुरा कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अशोक कुमार व बीएनएमयू के पूर्व परीक्षा नियंत्रक आर.के.पी. रमण थे।

उप विकास आयुक्त मिथिलेश कुमार ने अपने संक्षिप्त संबोधन में स्कूल के छात्र-छात्राओं के अनुशासन की प्रशंसा की और कहा कि पंचायत चुनाव के बाद मौका मिला तो मैं इस स्कूल में अवश्य आऊँगा। जिला मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मिथिलेश कुमार ने स्कूल की व्यवस्था की सराहना की। डॉ. अशोक कुमार व बीएनएमयू के पूर्व परीक्षा नियंत्रक आर.के.पी. रमण ने स्कूल के संस्थापक जयप्रकाश नारायण को याद करते हुए उनके योगदान की चर्चा की।

मौके पर अतिथियों ने स्कूल द्वारा प्रकाशित स्मारिका ‘प्रकाश-पुंज’ का विमोचन भी किया। सभी अतिथियों ने मुक्त कंठ से स्कूल की निदेशिका किरण प्रकाश और प्रबंध निदेशक अमन प्रकाश की सराहना की।

Students of Kiran Public School, Madhepura attending the Cultural Program.
Students of Kiran Public School, Madhepura attending the Cultural Program.

कार्यक्रम के प्रारम्भ में सभी अतिथियों ने मिलकर दीप प्रज्वलित किया। विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों को स्मृति-चिह्न प्रदान किया गया। छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर दर्शकों को देर रात तक बांधे रखा।

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बी.पी.एस.सी. मुख्य परीक्षा की तिथि बढ़ी

बिहार लोक सेवा आयोग (बी.पी.एस.सी.) की मुख्य परीक्षा अब 15 जुलाई 2016 से होगी। पूर्व में यह परीक्षा 11 जून से 30 जून तक होने की अधिसूचना जारी की गई थी।

बता दें कि मुस्लिम समुदाय के अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा आयोग के अधिकारियों से परीक्षा की तिथि बढ़ाने की मांग की थी। उनका कहना था कि जून का महीना पाक रमजान का महीना होगा। अप्रैल में ही जब ऐसी प्रचंड गर्मी है तो जून का हाल क्या होगा? बेहाल कर देने वाली गर्मी में मुस्लिम समुदाय के परीक्षार्थियों को परीक्षा देने में काफी परेशानियाँ होंगी।

इस मांग के आलोक में बिहार सरकार एवं बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा संयुक्त रूप से विचार मंथन के बाद बी.पी.एस.सी. मुख्य परीक्षा की तिथि बढ़ाने का फैसला लिया गया। अब बी.पी.एस.सी. की मेंस परीक्षा 15 जुलाई 2016 से होगी। इसकी अधिसूचना अविलम्ब जारी कर दी जाएगी।

परीक्षा विशेषज्ञों ने इसे छात्रों के हित में सराहनीय फैसला बताते हुए ‘मधेपुरा अबतक’ से कहा कि इससे अल्पसंख्यक वर्ग के छात्रों को ना केवल प्रचंड गर्मी से राहत मिलेगी बल्कि रमजान के बाद परीक्षा में उनके बेहतर करने की संभावनाएँ भी बढ़ेंगी।

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मो. कुदरतुल्लाह ने बनाया था मधेपुरा को ताड़ी-शराबबंदी का अगुआ..!

प्रखर गांधीवादी, अमर स्वतंत्रतासेनानी एवं बारह वर्षों तक एम.एल.सी. रहे मो. कुदरतुल्लाह काजमी मधेपुरा की उस अजीम शख्सियत का नाम है जिन्होंने बापू के आह्वान पर नशाबंदी के लिए मधेपुरा की धरती पर सत्याग्रह किया था और इसकी शुरुआत उन्होंने अपने ही पिता की ताड़ी-शराब की दूकान बन्द करवा कर की थी। जी हाँ, अपने ही पिता की दूकान के आगे कई दिनों तक अनशन पर वे बैठे रहे और उठे तो पिता को राजी करने के बाद ही। आगे चलकर मधेपुरावासियों ने उनकी स्मृति को कायम रखने के लिए कुदरतुल्लाह यूनानी दवाखाना का निर्माण किया जो आज जीर्ण-शीर्ण अवस्था में है और अपने पुनरुद्धार के लिए सरकार की ओर टुकुर-टुकुर देख रहा है।

लगता है बिहार की वर्तमान नीतीश सरकार ने मो. कुदरतुल्लाह सरीखे गांधीवादियों एवं स्वतंत्रतासेनानियों की आत्मा की आवाज सुनकर ही बिहार के गरीबों की दशा सुधारने हेतु राज्य में पूर्ण नशाबन्दी का संकल्प और साहस दिखाया है। सभी तबके के लोगों ने दिल खोल कर सराहना भी की है इस कदम की परन्तु शराब छोड़ने के बाद लोग अक्सर अल्कोहल विड्राल सिंड्रोम से पीड़ित हो जाते हैं। हाल ही में आयोजित ऑल इंडिया यूनानी तिब्बी कॉन्फ्रेंस में उपस्थित विशेषज्ञों ने इस पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे लोगों के लिए सौंफ का अर्क लाभप्रद होता है।

उक्त कॉन्फ्रेंस में मौजूद बिहार सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री डॉ. अब्दुल गफूर ने कहा कि यूनानी चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने की जरूरत है। प्राचीन काल से ही इस विधि द्वारा उपचार होता आ रहा है। शराब छोड़ने के बाद नींद ना आना, हाथ काँपना, भूख ना लगना आदि शिकायत होने लगती है। सौंफ का अर्क पीने के बाद लोगों को शराब पीने जैसी अनुभूति होती है जिससे वह शान्त हो जाता है।

बता दें कि कुछ समय पूर्व कुदरतुल्लाह साहब की 48वीं पुण्यतिथि समारोह के दरम्यान बिहार सरकार के आपदा-प्रबंधन मंत्री प्रो. चन्द्रशेखर ने समाजसेवी डॉ. मधेपुरी, राजद नेता मो. खालिद, बिजेन्द्र प्रसाद यादव व मो. शौकत अली आदि कि उपस्थिति में मधेपुरा के यूनानी दवाखाना को नवजीवन देते हुए यहाँ आयुष चिकित्सालय निर्माण कराने की बात कही थी। समाजसेवी लोग लगे रहेंगे और कोसी के मंत्री जगे रहेंगे तो क्षेत्र का विकास देर-सवेर होगा ही।

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मधेपुरा को मिला आठ करोड़ का ऑडिटोरियम

यहाँ वर्षों से क्रियाशील हैं कई सभा भवन और एक ऑडिटोरियम – बी.पी. मंडल टाउन हॉल, टी.पी. कॉलेज सभा भवन, बी.एन. मंडल कला भवन, झल्लू बाबू सभागार, मधेपुरा कॉलेज मीटिंग हॉल और मंडल वि.वि. का एक विशाल ऑडिटोरियम। परन्तु, किसी में जगह की कमी तो कहीं आवाज गूंजने की समस्या। ए.सी. की सुविधा तो कदाचित् कहीं भी नहीं। लेकिन अब बहुत जल्द मधेपुरा को एक भव्य ऑडिटोरियम मिलने जा रहा है और वो भी उच्च स्तरीय सुविधाओं से युक्त।

बता दें कि बिहार की नीतीश सरकार ने मधेपुरा में लगभग एक बीघे के क्षेत्रफल में आठ करोड़ एक लाख की लागत से बनने जा रहे इस ऑडिटोरियम हेतु राशि भी आवंटित कर दी है। बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री एवं मधेपुरा के विधायक प्रो. चन्द्रशेखर ने ‘मधेपुरा अबतक’ को जानकारी दी कि युवा एवं खेल मंत्रालय से इसकी स्वीकृति मिल गई है और जिला मुख्यालय में इसके लिए 18 कट्ठा जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। अन्य तकनीकी प्रक्रिया शीघ्र पूरी कर एक वर्ष के अन्दर निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा।

प्रो. चन्द्रशेखर ने कहा कि जिला मुख्यालय में बड़े आयोजन हेतु पर्याप्त जगह और सुविधा वाले ऑडिटोरियम के अभाव में काफी कठिनाई होती थी। इसे ध्यान में रखकर राज्य सरकार ने यहाँ अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक विशाल ऑडिटोरियम बनाने का निर्णय लिया। वैसे वर्तमान में यहाँ जो भी सभा व कला भवन मौजूद हैं उन्हें डी.एम. मो. सोहैल द्वारा और बेहतर बनाया जा रहा है।

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मधेपुरा में बिहार के प्रथम विधिमंत्री शिवनंदन बाबू की जयंती मनी

स्थानीय शिवनंदन प्रसाद मंडल उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में 18 अप्रैल को बिहार के प्रथम विधिमंत्री, प्रखर स्वतंत्रता सेनानी व प्रज्ञापुरुष बाबू शिवनंदन प्रसाद मंडल की भव्य जयंती मनाई गई। इस अवसर पर जयंती समारोह के उद्घाटनकर्ता डायनेमिक डी.एम. मो. सोहैल ने कहा कि मधेपुरा में शिक्षा का अलख जगाने वाले इतिहासपुरुष शिवनंदन प्रसाद मंडल के बताए गए मार्ग पर युवाओं को चलने की जरूरत है।

समारोह के मुख्य वक्ता समाजसेवी व साहित्यकार डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी ने विस्तार से आधुनिक बिहार के निर्माता के रूप में शिवनंदन बाबू के जीवन-वृतान्त के विभिन्न पहलुओं से श्रोताओं को रू-ब-रू कराया। डॉ. मधेपुरी ने कहा कि कृष्ण के ज्ञान एवं अर्जुन के कर्मों से अपनी जीवन-गीता को संवारने वाले प्रज्ञापुरुष शिवनंदन बाबू के जीवन-दर्शन की ऊँचाई को मापा नहीं जा सकता। वे लोगों के बीच यही कहा करते – “No soul should remain uneducated on the Earth”.

जयंती समारोह को सम्बोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि के रूप में एम.एल.टी. कॉलेज, सहरसा के प्रधानाचार्य डॉ. के.पी. यादव एवं प्रो. श्यामल किशोर यादव, संस्थापक प्राचार्य वाणिज्य महाविद्यालय, साहुगढ़, मधेपुरा ने शिवनंदन बाबू के जनसेवा के प्रति समर्पण एवं शिक्षण संस्थाओं के प्रति त्याग की विस्तृत चर्चा की।

अध्यक्षीय भाषण में उद्गार व्यक्त करते हुए शिवनंदन प्रसाद मंडल उच्च माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य डॉ. निरंजन कुमार ने कहा कि शिवनंदन बाबू इसी स्कूल के छात्र थे, इसी स्कूल में उन्होंने शिक्षण-कार्य भी किया और आजादी के आंदोलन में सक्रिय होने पर निष्काषित भी हुए। उन्होंने कहा कि वे सौभाग्यवान हैं कि आज वे उसी स्कूल के प्राचार्य हैं। उन्होंने जिला पदाधिकारी मो. सोहैल, जिला शिक्षा पदाधिकारी बद्री नारायण मंडल, डॉ. मधेपुरी एवं विशिष्ट अतिथिद्वय के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कोसी के विभिन्न जिलों से वीक्षण कार्य के लिए आए शिक्षकों व सुकवि राजन बालन, स्काउट गाइड आयुक्त जयकृष्ण यादव, डॉ. सुरेश भूषण, डॉ. अरुण कुमार आदि को साधुवाद दिया।

समारोह का श्रीगणेश स्कूली छात्राओं द्वारा अतिथियों को बुके देकर सम्मानित करते हुए किया गया। जिला पदाधिकारी सहित सभी अतिथिगण द्वारा शिवनंदन बाबू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। समारोह का संचालन शिक्षक मो. शकील अहमद ने किया।

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