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शांति और समन्वय के लिए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

यहां की धरती योग के लिए उर्वरा  मानी जाती है | यहां योग ऋषि स्वामी रामदेव जी भी आ चुके  हैं | आज मधेपुरा में दर्जनों संस्थाओं द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया है | स्थानीय शिवनंदन प्रसाद मंडल उच्च माध्यमिक विद्यालय में योग दिवस के अवसर पर उद्घाटनकर्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने दीप प्रज्वलित कर अपने संबोधन में कहा कि आज का यह दिन (21 जून) अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के प्रथम वर्ष गांठ का दिन है | योग मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है इसलिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा वर्ष के सबसे लंबे दिन यानी 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए चुना गया |

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and Principal Dr.Niranjan Kumar along with students & teachers celebrated International Yoga Diwas in S.N.P.M Inter School Madhepura .
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri and Principal Dr.Niranjan Kumar along with students & teachers celebrated International Yoga Diwas in S.N.P.M Inter School Madhepura .

इस अवसर पर डॉ मधेपुरी ने स्कूली बच्चे-बच्चियों से कहा कि यूँ तो  योग भारत की प्राचीन परम्परा का एक अमूल्य उपहार है जिसे पतंजलि के नाम से लोग जानते रहे हैं | परंतु, वर्तमान में इसे पंख लगाने वालों में एक नाम योगऋषि स्वामी रामदेव का आता है और अंतर्राष्ट्रीय क्षितिज तक पहुंचाने वालों में पहला नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का- जिनकी पहल पर 11 दिसंबर 2014 को 193 सदस्यीय संयुक्तराष्ट्र महासभा ने सर्वसम्मति से 21 जून को “अंतरराष्ट्रीय योग दिवस” मनाने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दी थी |

Different types of Aasanas & Pranayamas are being taught by Yog guru and Principal Dr.Niranjan Kumar the students & teachers .
Different types of Aasanas & Pranayamas are being taught by Yog guru and Principal Dr.Niranjan Kumar to the students & teachers .

समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने इस इंटर स्तरीय विद्यालय के प्राचार्य डॉ.निरंजन कुमार द्वारा योग कक्षा आरम्भ किए जाने से पूर्व कहा कि हमारा शरीर कंप्यूटर की तरह हार्डवेयर एवं सॉफ्टवेयर से बना है |  आसन द्वारा हार्डवेयर का पोषण होता है और प्राणायाम से सॉफ्टवेयर का |

फिर 6:30 बजे से 8:30 बजे प्रात: तक प्राचार्य डॉ.निरंजन कुमार द्वारा, जो बाबा रामदेव के पतंजलि योगपीठ से प्रशिक्षित हैं, स्कूली छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं अभिरुचि रखने वाले अभिवावकों को सूक्ष्म व्यायाम, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी सहित विभिन्न प्रकार के आसनों की जानकारी दी गई | इनके लाभ भी संक्षेप में उन्होंने सबों  के सामने रखा | उन्होंने छात्रों से यह भी कहा कि जीवन में यदि ऊंचाई पाना है तो योग को जीवन के दिनचर्या का हिस्सा बना डालो | अन्त: में उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए समापन की घोषणा की |

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‘कबड्डी’ को जगह मिले ओलंपिक में

उत्तर भारत में प्रमुखता से खेले जाने वाले इस सामूहिक खेल ‘कबड्डी’ को दक्षिण भारत में ‘चेडू-गुडू’ कहकर खेला जाता है | वहीं पूर्वी भारत एवं बांग्लादेश में इसी खेल को ‘हा-दो-दो’ कहा जाता है तो पश्चमी भारत में ‘हु-तू-तू’ |

महाभारत काल में अभिमन्यु के द्वारा चक्रव्यूह को भेदने और निकलने वाले प्रसंग में सात-सात शूरमाओं की टुकड़ी की चर्चा प्रतीकात्मक रुप से इसी कबड्डी को दर्शाता है जो वर्तमान भारत में तेजी से प्रसिद्धि प्राप्त करता जा रहा है | उन दिनों गुरुकुलों में भी शिष्यों के शारीरिक व्यायाम के लिए ‘कबड्डी’ खेली जाती थी |

यह कि 1950 में भारतीय कबड्डी महासंघ की स्थापना की गई थी | 1952 में पुरुषों के लिए पहली राष्ट्रीय प्रतियोगिता मद्रास (चेन्नई) में आयोजित की गई जबकि महिलाओं के लिए कबड्डी खेल की पहली राष्ट्रीय प्रतियोगिता 1955 में कलकत्ता (कोलकाता) में हुई थी |

यह भी जानें कि पहली एशियाई कबड्डी प्रतियोगिता 1980 में कलकत्ता में आयोजित की गई वहीं 1990 में बीजिंग में हुए एशियाई खेलों में प्रतियोगी खेल के रूप में कबड्डी को मान्यता दी गई |

बता दें कि रविवार को रासबिहारी विद्यालय के ऐतिहासिक मैदान में हिंदुस्तान दैनिक के ब्यूरोचीफ अमिताभ द्वारा आयोजित किए गए कबड्डी लीग समारोह का उद्घाटन बीएन मंडल विश्वविद्यालय के विद्वान कुलपति डॉ विनोद कुमार, समाजसेवी डॉ मधेपुरी, जांवाज एसपी विकास कुमार, सांसद प्रतिनिधि मोहन मंडल आदि ने दीप प्रज्वलित कर किया |

इस अवसर पर कुलपति डॉ विनोद कुमार ने कहा कि कबड्डी को लोकप्रिय बनाने के लिए विगत तीन वर्षों से हिंदुस्तान के ब्यूरोचीफ अमिताभ की टीम के सहयोगियों- मनीष-संजय, बंटी-विभाकर सहित सुभाष-देवेंद्र आदि द्वारा किए जा रहे प्रयास प्रशंसनीय हैं | उन्होंने कहा कि कबड्डी को ओलंपिक में जगह नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है |

समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने संबोधन में यही कहा कि हिंदुस्तान परिवार एवं इसके मुखिया अमिताभ हमेशा नये-नये सामाजिक दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर शहर के ही नहीं बल्कि ग्रामीण प्रतिभाओं को भी एक बड़ा मंच दे-देकर आगे बढ़ने का मौका देते रहे हैं | उन्होंने हिंदुस्तान द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए सामाजिक कार्यों के माध्यम से नये-नये कीर्तिमान स्थापित करने के लिए अमिताभ की टीम की सराहना की तथा दर्शकों एवं खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया |

जांवाज एसपी  विकास कुमार ने कबड्डी लीग के उद्घाटन पर खिलाड़ियों को खूब प्रोत्साहित किया | उन्होंने कहा कि खेल से मान-सम्मान, धन व शोहरत सबकुछ मिलता है | अच्छे खिलाड़ी अपना नाम तो रोशन करते ही हैं साथ ही देश को भी आगे बढ़ाने का काम करते हैं |

इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि मोहन मंडल, कबड्डी को समर्पित सचिव अरुण कुमार, थानाध्यक्ष मनीष कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, SBI  के एस.के.झा आदि ने अपना उद्गार व्यक्त किया तथा खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया | मौके पर समन्यवक अजय कुमार, डॉ.अरुण कुमार, स्काउट आयुक्त जय कृष्ण यादव, संदीप शांडिल्य, डॉ.रामकृष्ण तथा वीसी के सचिव शंभू नारायण यादव, राहुल यादव आदि प्रमुख रुप से मौजूद थे |

शोभिता संगीत महाविद्यालय एवं कला मंदिर के बाल कलाकारों ने बीच-बीच में अतिथियों एवं खिलाड़ियों का भरपूर मनोरंजन किया | अंत में धन्यवाद ज्ञापन हिंदुस्तान के संवाददाता प्रो.संजय परमार ने किया |

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बेबस-लाचार मरीजों की जिन्दगी में भर रहे रंग

निर्धन एवं जरूरतमंद मरीजों, जिनके लिए कोई पैरवी करने वाला नहीं होता, की सेवा करना डॉ.बरुण कुमार एवं डॉ.रश्मि भारती अपना चिकित्सीय धर्म मानते हैं | पीड़ितों की सेवा को सर्वोपरि धर्म मानने वाले एवं चिकित्सीय कार्यो को जुनून व उत्साह के साथ करते रहने वाले इस दंपति का मुख्य लक्ष्य ही है कि वह पैसे की तंगी में रहने वाले गंभीर से गंभीर मरीजों को अपने क्लीनिक से वापस लौटने नहीं देते हैं | वैसे मरीजों की सेवा करने से इस दंपत्ति को संतुष्टि मिलती है | तभी तो 50 वर्ष की एक गरीब दलित महिला के पेट से इस दंपति ने 5 किलो का ट्यूमर निकालकर परिवार के बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त किया |

Dr.Barun operating a female patient Smt.Jaso Devi having more than 5Kgs cancerous tumor along with Dr.Rashmi Bharti at Vrindavan Nursing Home Madhepura .
Dr.Barun operating a female patient Smt.Jaso Devi having more than 5Kgs cancerous tumor along with Dr.Rashmi Bharti at Vrindavan Nursing Home Madhepura .

डॉ.बरुण को गरीब मरीजों के ध्यान रखने का सबक दादी सुरती देवी ने दिया था जिसे वे आज तक अमल करते आ रहे हैं | डॉ. रश्मि भी वैसे गरीब मरीजों की सेवा में आगे रहती है और हर तरह से मदद कर अपने पिता-माता एवं दादा-दादी से पाए संस्कारों को ऊंचाई दे रही है | इन्हीं सेवा संस्कारों के कारण आज यह दैनिक जागरण का स्टार जोड़ी शहर की शान के रूप में वृंदावन नर्सिंग होम को लोकप्रिय बना रही है |

भूपेंद्र चौक के निकट पूर्वी बाईपास रोड पर वृंदावन नर्सिंग होम खोल कर मरीजों की सेवा में जुटे चिकित्सक दंपति का एक ही लक्ष्य है कि कोई गरीब रोगी पैसे के अभाव में बिना इलाज के वृंदावन से नहीं लौटे | यहां के गरीबों की सेवा उनकी पहली प्राथमिकता है |

Dr.Barun and Dr.Rashmi Bharti successfully operated many rare cases at Vrindavan Nursing Home Madhepura .
Dr.Barun and Dr.Rashmi Bharti successfully operated many rare cases at Vrindavan Nursing Home Madhepura .

पूछे जाने पर जनरल सर्जन डॉक्टर वरुण बताते हैं कि वे मूलतः मुंगेर जिले के वरियारपुर के निवासी हैं | इन्होंने पिता बी.प्रसाद माता लक्ष्मी देवी एवं बड़े भाई अरुण कुमार के सहयोग से रिम्स रांची से 2003 में एमबीबीएस की डिग्री ली और वहीं से एमएस की डिग्री लेकर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में कुछ दिनों तक काम किया | फिर झारखंड के झुमरीतिलैया में कार्यरत रहे | 2009 में आजाद नगर मधेपुरा निवासी समाजसेवी डॉ मधेपुरी की चिकित्सक पुत्री डॉ.रश्मि भारती के साथ पावन परिणय में बंधने के बाद से वे स्थाई रूप से वृंदावन नर्सिंग होम में मरीजों की सेवा में जुड़ गए | तब से ये दोनों सेवा भावना के साथ लोगों की चिकित्सा सेवा करते आ रहे हैं | डॉ.बरुण ने अपनी दादी की बात- “गरीबों की मदद करना” को गांठ बांध ली जो आज भी उनकी प्राथमिकता में शामिल है |

डॉ.रश्मि भारती महिला चिकित्सा पदाधिकारी के रूप में 3 वर्षों तक सदर अस्पताल मधेपुरा में और उससे पूर्व दिल्ली के लेडी हार्डिंग अस्पताल एवं अपने पैतृक चिकित्सा महाविद्यालय एमजीएम में कुछ दिनों तक काम करने के बाद निजी क्लीनिक में पति के साथ का काम करने लगी | डॉ.रश्मि भारती ने बताया कि वह मधेपुरा की रहने वाली है उन्होंने कहा कि समाज सेवी साहित्यकार पिता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं माता रेनू चौधरी ने बेहतर तरीके से समाज सेवा करने की प्रेरणा दी |

चिकित्सकद्वय ने यह भी बताया कि समाजवादी मनीषी बाबू भूपेन्द्र नारायण मंडल के जन्मदिन पर निर्धन लोगों एवं गरीब मरीजों के बीच भीषण ठंड में कंबल वितरित कर एवं एक दिवसीय मुफ्त चिकित्सा शिविर आयोजित कर वर्षों से लाचारों की जिंदगी में रंग भर रहे हैं  |

सौजन्य:- दैनिक जागरण

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“आईजी अंकल” की कहानी

कौन जानता था कि 9 मई, 1981 को पदभार ग्रहण करनेवाले मधेपुरा जिले के प्रथम एसपी अभयानंद, जिन्हें स्थानीय टी.पी.कॉलेज के फिजिक्स के लोकप्रिय प्रो.भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा सम्मानित किया गया था, आगे चलकर सुपर-30 एवं रहमानी सुपर-30 के आईजी अंकल बनेंगे तथा देश के बच्चों को मोबाइल पर फिजिक्स के सवाल सॉल्व कराएंगे |

First SP of Madhepura Mr.Abhayanand is being garlanded by the then Vice-Chairman Prof.Bhupendra Madhepuri in presence of First DM S.P.Seth and Sri Bholi Pd.Mandal First Chairman, Madhepura Municipality.
First SP of Madhepura Mr.Abhayanand is being garlanded by the then Vice-Chairman Prof.Bhupendra Madhepuri in presence of First DM S.P.Seth and Sri Bholi Pd.Mandal First Chairman, Madhepura Municipality.

बिहार के 28वें डी.जी.पी. पिता जगदानंद के योग्य पुत्र 48वें डीजीपी अभयानंद केवल IPS ऑफिसर ही नहीं बल्कि एडूकेशनिष्ट एवं सोशल एक्टिविस्ट के रूप में उस ऊंचाई को प्राप्त कर लिए हैं कि समस्त भारत के मेधावी छात्रों के बीच वे आज भी ‘आईजी अंकल’ कह कर ही पुकारे जाते हैं |

यह भी बता दें कि लगभग 15 वर्ष पूर्व आईपीएस अभयानंद का तबादला बीएमपी में हुआ था जहां व्यस्तता कम रहने की वजह से उन्होंने अपने बेटे को फिजिक्स पढाया और उसने आईआईटी क्रैक कर लिया | लगे हाथ उनके अंदर यह पवित्र विचार आया कि बेटे के अतिरिक्त अन्य बच्चों को क्यों न पढ़ाकर आईआईटीयन बनने में मदद करूं !

यहीं से जन्म हुआ आनंद कुमार के नाम चर्चित सुपर-30 में फिजिक्स पढाने वाले ‘आईजी अंकल’ का | बता दें कि एडीजी और फिर बिहार के डीजीपी बनने के बाद भी भारत के प्रतिभासंपन्न छात्र अभयानंद को सदैव ‘आईजी अंकल’ ही कहते रहे |

जब अवकाश ग्रहण करने के बाद IPS अभयानंद ने मुस्लिम बच्चों को पढ़ाने की योजना बनाई कि रहमानी सुपर थर्टी ने जन्म ग्रहण किया | इस वर्ष रहमानी सुपर-30 के 300 में से 270 बच्चों ने आईआईटी क्रैक किया जिसे बिहार ही नहीं, समस्त भारत द्वारा “आईजी अंकल” का कमाल करार दिया गया |

आज भी सरस्वती पुत्र अभयानंद के पढ़ने और पढ़ाने का सिलसिला जारी है |  बच्चों के पास उनका मोबाइल नंबर है | बच्चे जब चाहें प्रॉब्लम पूछते हैं और वे मोबाइल पर ही प्रॉब्लम सॉल्व करा देते हैं |

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बेहतर स्वास्थ्य सेवा कार्य योजना बने- विधानसभा अध्यक्ष

एशियन डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट (ADRI) और सेंट्रल कैटेलाइजिंग चेंज (3C) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “बिहार में स्वास्थ्य एवं पोषण को प्राथमिकता” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का उद्घाटन बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने किया | उन्होंने बिहार में बेहतर स्वास्थ्य सेवा के लिए केवल सामाजिक कार्यकर्ताओं को ही नहीं बल्कि जनप्रतिनिधियों को भी एक साथ मिलकर काम करने का आह्वान विगत मंगलवार को पटना में किया |

विधानसभा अध्यक्ष श्री चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के विकास के केंद्र में स्वास्थ्य है | बेहतर स्वास्थ्य रखने वाला समाज ही आगे बढ़ता है | उन्होंने यह भी कहा कि व्यक्ति के स्वस्थ रहने से ही समाज, प्रदेश और देश में उत्पादकता एवं आर्थिक गतिविधियां तेजी से बढ़ती है | हर क्षेत्र में बेहतर आउटपुट प्राप्त होता है |

महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य पर सरकार द्वारा विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं का स्वस्थ रहना विशेष जरूरी है क्योंकि एक स्वस्थ पुरुष बेहतर वर्तमान दे सकता है जबकि एक स्वस्थ महिला देश का भविष्य सुधारती है और परिवार एवं समाज में खुशहाली लाती है | उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य के कंपोनेंट्स को बढ़ाया जाना चाहिए |

इस अवसर पर जहां आद्री के सचिव शैलाब गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि केरल के बाद बिहार देश का दूसरा राज्य होगा जहां आज सामाजिक मुद्दों को प्राथमिकता दी गई है वहीँ 3C की कार्यपालक निदेशिका अपराजिता गोगोई ने विषय प्रवेश करते हुए कहा कि महिलाओं का शिक्षित होना अत्यंत जरुरी है, तभी वह स्वस्थ रह सकती है और उसका परिवार आगे बढ़ सकता है |

सेमिनार में बिहार जन स्वास्थ्य अभियान के संयोजक डॉ.शकील, आद्री के डॉ.पी.पी.घोष ने स्वास्थ्य को सड़क, बिजली और पानी की तरह अति महत्वपूर्ण मुद्दा बताया और यह भी कहा कि बिहार में स्वास्थ्य पर प्रतिव्यक्ति 211 रूपया खर्च होता है जबकि राष्ट्रीय औसत 400 रुपया  है |

मौके पर विधान पार्षद अरुण सिन्हा एवं किरण घई, विधायक गीता कुमार एवं रंजू गीता सहित निवेदिता झा, तिलकराज गौरी, पुष्पराज, अजय कुमार आदि ने अपनी बातें रखीं और सबों ने कहा कि स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए उचित बजटीय प्रावधान होना चाहिए |

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पूर्णिया में खुलेगा विश्वविद्यालय

भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय क्षेत्राधीन फिलहाल दो कमिश्नरी है एक कोसी और दूसरा पूर्णिया | मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि पूर्णिया में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए सभी कानूनी अड़चने जल्द ही दूर कर ली जाएंगी | सीएम ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो विधानसभा के अगले सत्र यानि मानसून सत्र में विधेयक भी लाए जाएंगे | यह सुनकर सीमांचल के छात्र, शिक्षक एवं बुद्धिजीवियों में प्रसन्नता की लहर दौड़ गई | परंतु मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय का क्या नाम होगा इस बाबत कुछ नहीं कहा |

मधेपुरा अबतक द्वारा जब बी.एन.एम.यू के पूर्व परीक्षा नियंत्रक व विश्वविद्यालय विभागाध्यक्ष फिजिक्स डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से पूछा गया तो उन्होंने कोसी अंचल के महान साहित्यकार एवं स्वतंत्रता सेनानी फणीश्वर नाथ रेणु के नाम की चर्चा की |

आप यह भी जाने की तत्काल बिहार में कुल 18 विश्वविद्यालय हैं- 2 सेंट्रल यूनिवर्सिटी 15 स्टेट यूनिवर्सिटी एवं एक डीम्ड विश्वविद्यालय | पूर्णिया विश्वविद्यालय की स्थापना के साथ बिहार को कुल 19 विश्वविद्यालय हो जाएंगे |

भारत में कुल मिलाकर हर तरह की यूनिवर्सिटीज की संख्या 754 है,  जिसमें 237 प्राइवेट यूनिवर्सिटी हैं |  वही विश्व में विश्वविद्यालयों की कुल संख्या 23364 हैं | यह भी जानिए की अमेरिका में सबसे अधिक विश्वविद्यालय है जिसकी संख्या- 3280 दूसरे, तीसरे और चौथे नंबर पर कनाडा, ब्राजील और रूस आता है |

यदि विश्व के टॉप 100 विश्वविद्यालयों की सूची बने तो अकेले अमेरिका का 59, ब्रिटेन-कनाडा का 5-5 चीन- ऑस्ट्रेलिया का 4-4 और जर्मनी का 3…….. और मेक्सिको का एक विश्व विद्यालय होगा | प्राचीन काल में विश्वगुरु कहलाने वाले भारत के पास आज एक भी विश्वविद्यालय वैसा नहीं है जिसे विश्व के टॉप 100 में स्थान मिल सके |

इसके लिए छात्र-शिक्षक-अभिभावक सबों का संयुक्त प्रयास अनिवार्य है- अकेले पीएम-सीएम-डीएम के चाहने से संभव नहीं होगा | सोचिए तो सही टॉपर घोटाले करते कौन है ?

मुख्यमंत्री द्वारा मुस्लिम बहुल क्षेत्र होने के नाते सीमांचल के अल्पसंख्यक छात्रों के लिए मदरसा बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की आवश्यकता महसूस की गई और उन्होंने विश्वविद्यालय के साथ-साथ पूर्णिया कमिश्नरी की झोली में दोनों सौगातें डाल दी |

इन्हें अमली जामा पहनाने के लिए सीएम ने उपस्थित सांसदों एवं विधायकों से सहयोग करने का अनुरोध किया और जिला पदाधिकारी सहित सभी पदाधिकारियों को अविलंब जमीन चिन्हित करने का आदेश भी दिया |

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क्या तीसरा विश्वयुद्ध पानी के लिए होगा ?

टी.वी. के विभिन्न चैनलों पर खासकर Zee News में सुधीर चौधरी के DNA  (डेली न्यूज़ एनालिसिस) के तहत लातूर एवं दिल्ली सहित लगभग-लगभग देश-दुनिया के सर्वाधिक स्थानों पर जल के वास्ते जीवन की आहुति भी देने की आशंकाएं जताई जाती हैं- जबकि कहावत यही है कि जल ही जीवन है यानी जल है तो जीवन है |

फिलहाल दैनिक जागरण द्वारा चलाए जा रहे अभियान- “तलाश तालाबों की” की चर्चाएं शीर्ष पर है | जल संकट की समस्याओं से निजात पाने के लिए देश-प्रदेश के युवाओं द्वारा तालाबों के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया गया है तथा तेजी से लिया भी जा रहा  है |

तभी तो कहीं पर पोखर से जलकुंभी निकालते हुए युवजनों को देखा जा रहा है तो कहीं जागरूक ग्रामीणों द्वारा सफाई अभियान शुरु करते हुए अवलोकन किया जा रहा है | जीविका से जुड़ी महिलाएं भी तालाब के जीर्णोद्धार को लेकर लगातार पहल कर रही हैं |

कुसहा त्रासदी के दरमियान कोसी अंचल के पोखरों एवं तालाबों की दुर्दशा से निपटने के लिए ग्रामीणों ने मधेपुरा अबतक को बताया कि हम लोगों की मेहनत के साथ-साथ यदि “मनरेगा योजना” से कुछ मदद मिल जाए तो पोखोरों का जीर्णोद्धार जल्द संभव हो जाएगा | ग्रामीणों ने यह भी कहा कि बरसात के बाद भी यदि तालाब में पानी जमा रहता है तो आजू-बाजू के कुँए एवं चापाकलों में पानी का लेवल सदा बरकरार रहेगा, कभी सुखेगा नहीं | भला क्यों नहीं, अब तो युवा वर्ग भी अनुपम मिश्र की पुस्तक- “आज भी खरे हैं तालाब” का अध्ययन करने लगे हैं |

यह भी बता दें कि नावार्ड के जिला विकास प्रबंधकों द्वारा गोष्ठी आयोजित कर जल संरक्षण के संबंध में आम लोगों को विस्तार से जानकारी दी जा रही है |

फ़िलहाल जल को लेकर विभिन्न देशों एवं प्रदेशों के बीच संघर्ष एवं टकराहट की स्थिति देखी जा रही है | समय रहते यदि हम जागरुक नहीं होते हैं तो निकट भविष्य में धरती के अन्य हिस्सों की तरह हमें भी जल संकट का सामना करना पड़ेगा | यदि जल ही जीवन है तो तीसरा विश्वयुद्ध इसी के लिए होना अवश्यंभावी है | कई दिग्गज नेताओं ने इस बाबत भविष्यवाणी भी की है |

इसे टालने के लिए विश्व स्तर पर जल संचय को लेकर प्राचीन व्यवस्थाओं को जीवन्त करने के लिए जन-जन को “बूंद-बूंद पानी बचाओ” आंदोलन से जोड़ना होगा तथा पर्वत पुरुष दशरथ मांझी की तरह हर किसी के मन में यह विश्वास पैदा करना  होगा- हम होंगे कामयाब एक दिन ……..!!

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मधेपुरा औद्योगिक क्रान्ति की राह पर

राज्य की नई औद्योगिक नीति के प्रावधानुसार डीएम मो.सोहैल ने मधेपुरा के स्वरुप को बदलने तथा विकास की राह पर आगे ले जाने हेतु पूरी रणनीति तैयार कर ली है | तभी तो 8 जुलाई को आयोजित ‘Investors Meet’ में देश-विदेश के लगभग 65 निवेशकों को आमंत्रित किया जा सका है |

अधिक संख्या में निवेशकों से प्रस्ताव प्राप्त होने की संभावनाओं के मद्देनजर डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने 11 सदस्यीय कमिटी का गठन भी कर दिया है | डीएम की अध्यक्षता वाली उक्त कमिटी में एसपी विकास कुमार उपाध्यक्ष होंगे और सदस्य होंगे- डीडीसी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, उपायुक्त वाणिज्यिक कर पदाधिकारी, वन प्रमंडल पदाधिकारी सहित अनुमंडल पदाधिकारी मधेपुरा एवं उदाकिशुनगंज | साथ ही टेक्निकल साइड से 5 सदस्य बनाए गए हैं- वे हैं, विद्युत विभाग, पथ निर्माण विभाग, उच्च पथ प्रमंडल विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग एवं लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता | डीएम द्वारा जिला उद्योग विभाग के महाप्रबंधक को इस कमिटी का सदस्य सचिव बनाया गया है | इस कमिटी की बैठक आवश्यकतानुसार आहुत की जाएगी |

यह भी जान लें कि आमंत्रित किए गए प्रमुख निवेशकों के नाम हैं- इम्पीरियल ट्यूब्स प्रा.लि., सिकेम नेक्सन, नॉर ब्रेम्स, टिकमेन इंडिया लि., मयूर ग्लास इंडस्ट्रीज लि., आर.के. फोम्स, स्टोन इंडिया लि., हिन्दुस्तान फाइबर्स ग्लास वर्क्स, वी. इंटर टेक्नोलॉजी, वी.ओ. मेटलस प्रा.लि., ए.इंजीनियर्स, ए. इक्यूपमेंट्स सहित अन्य ढेर सारे |

यहाँ यह भी बता देना जरूरी है कि जो कोई भू-धारी न्यूनतम 2 एकड़ से अधिक अविवादित जमीन निवेशकों के हाथ बेचना चाहते हैं उन्हें भी 8 जुलाई की बैठक में आमंत्रित किया गया है | साथ ही विकास के लिए समर्पित जिला पदाधिकारी मो.सोहैल द्वारा निवेशक एवं भू-दाताओं को सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उद्योग केन्द्र में ‘सिंगल विंडो सिस्टम’ स्थापित करा दिया गया है ताकि समस्याओं का त्वरित निष्पादन किया जा सके |

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सिर्फ खेती के लिए ही सूबे में बनेंगे 480 पावर सबस्टेशन

राज्य के अनुभवी एवं डायनेमिक ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने जिले के हरैली गांव के निकट “ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग फैक्ट्री” का उद्घाटन करते हुए कहा कि सूबे में किसानों के लिए अलग से 480 पावर सब स्टेशन बनाए जाएंगे |

पंजाब के प्रताप सिंह कैरो के नक्शे कदम पर चलने वाले ऊर्जा मंत्री श्री यादव ने कहा कि 2017 तक बिहार बिजली के मामले में आत्मनिर्भर हो जायेगा और हर खेत को पानी मिलने लगेगा | उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि तीन फसलों के लिए विख्यात उत्तर बिहार के किसानों के घर में तभी तो खुशहाली आएगी और चेहरे पर लाली होगी | बता दें कि 2005 में मात्र 500 मेगावाट बिजली उत्पादन करने वाला बिहार आज 4000 मेगा वाट बिजली उत्पन्न  कर रहा है |

समारोह की अध्यक्षता करते हुए जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष मधेपुरा के पूर्व सांसद व वर्तमान राज्यसभा सांसद शरद यादव ने कहा कि प्रत्येक प्रखंड में पावर सब स्टेशन बनाए जाएंगे जिसके लिए अलग से एक हजार करोड़ की राशि दी जाएगी | उन्होंने कहा कि हर घर और हर खेत में बिजली पहुंचने से संपन्नता आएगी, बहुत बड़ा बदलाव आएगा- तभी तो राज्य में बिजली के क्षेत्र में हुए बेहतर काम की तारीफ प्रधानमंत्री भी कर चुके हैं |

समारोह में उपस्थित सूबे के आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो.चंद्रशेखर, विधायक प्रो.रमेश ऋषिदेव एवं पूर्व विधानसभा पार्षद विजय कुमार वर्मा ने भी विचार व्यक्त किए | मौके पर डायनेमिक डी.एम. मोहम्मद सोहैल ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जिले में हो रहे समस्त विकास कार्यो की चर्चा की | इस अवसर पर एसपी विकास कुमार, एसडीएम मुकेश कुमार, डीएसपी रहमत अली सहित जदयू एवं राजद के नेतागण उपस्थित थे |

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महिलाओं ने 10-10 रुपए जमा कर 33 करोड़ बनाये

‘स्वयं सहायता समूह’ से जुड़ी कोसी अंचल के मधेपुरा, सहरसा एवं सुपौल जिले की महिलाओं ने तो कमाल कर दिया है | कोसी के 36 हजार 700 समूहों से जुड़े 42 हजार परिवार की महिलाएं प्रति सप्ताह Rs.10 जमा करती है | आपको बता दें कि प्रत्येक समूह में न्यूनतम 8 और अधिकतम 10 महिलाएं होती हैं |

अब भी तो मानेंगे आप कि “बूंद-बूंद से घड़ा भरने वाली कहावत” में कितना दम है | सरकारी आंकड़े बताते हैं कि जहां कोसी प्रमंडल की महिलाओं ने 2 वर्षों में 33 करोड़ की बचत की है वहीं सूबे में 4 लाख 70 हजार ‘स्वयं सहायता समूह’ से जुड़ी महिलाओं ने 250 करोड़ से अधिक की बचत की है | इतना ही नहीं, जहां महिलाओं द्वारा जमा की गई राशि से सामूहिक रोजगार शुरू किया जाता है वही सर्वाधिक जरूरतमंद महिलाओं को जमा राशि से ऋण भी दी जाती है और बैंक की तरह उसकी वसूली सूद के साथ भी की जाती है |

यह योजना महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड में सर्वप्रथम 2 अक्टूबर 2009 को शुरू की गई थी | साल लगते-लगते मधेपुरा के 5, सहरसा के 3 एवं सुपौल के 3 प्रखंडों को इस से जोड़ा गया | और आज ! पूछिए मत !!

अब तो मुख्यमंत्री कोसी मलबरी परियोजना के तहत कोसी की महिलाओं द्वारा 199 एकड़ भूमि पर शहतूत की खेती शुरू कर दी गई है | क्या इसे हम महिला सशक्तिकरण योजना के तहत् उन्नत कृषि कार्य की संज्ञा नहीं देंगे ? बिहार आगे बढ़ रहा है नहीं कहेंगे ?

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