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मधेपुरा समाहरणालय में हिन्दी दिवस की गूँज

समाहरणालय सभाकक्ष में मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल की अध्यक्षता में 14 सितंबर को अधिकारियों, साहित्यनुरागियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में हिन्दी दिवस समारोह का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा किया गया, जिसमें प्रेस प्रतिनिधियों की भी सहभागिता रही ।

हिन्दी दिवस समारोह का उद्घाटन करते हुए अध्यक्ष सह जिला पदाधिकारी मो.सोहैल ने कहा कि अब प्रशासनिक अधिसूचनाएं, आदेश-निर्देश, सेवा नियमावली सहित समस्त प्रगति-प्रतिवेदन आदि मुस्तैदी के साथ हिन्दी में लिखी जायेगी । जिलाधिकारी ने हिन्दी के संबर्धन के बाबत विस्तार से उद्गार व्यक्त करते हुए अंत में यही कहा कि सभी न्यायालयों में निष्पादन किये जानेवाले वादों के निर्णय को अच्छी हिन्दी में निर्गत करनेवाले कर्मियों का नाम राजभाषा विभाग की ओर से दिये जाने वाले पुरस्कार हेतु अनुशंसा की जायगी । उन्होंने हिन्दी दिवस के अवसर पर हिन्दी के उन्नयन हेतु महत्वपूर्ण विचारणीय सतरह बिंदुओं की टंकित प्रतियां भी वितरित कराई ।

इस अवसर पर प्रो.श्यामल किशोर यादव, प्रो.प्रदीप झा, पत्रकार तर्बसु, चंदन कुमार, शंकर कुमार आदि ने भी हिन्दी के महत्व एवं उसकी उपयोगिता पर विचार व्यक्त किये ।

यह भी बता दें कि समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने संबोधन में तुर्की रिपब्लिक के संस्थापक कमाल अतातुर्क के संकल्प को याद करते हुए समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र नारायण मंडल द्वारा कभी भारतीय संसद में हिन्दी के उन्नयन हेतु माननीय अध्यक्ष से कही गई बातों को उद्घृत किया- अध्यक्ष महोदय ! हिन्दी के लिए मैं पागल नहीं हूं, परंतु भारत में अंग्रेजी को बनाये रखने की कोशिश भारतीय गणतंत्र के साथ विश्वासघात है ।                        

मौके पर डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि 70 वर्षों से हिन्दी तेजी से आगे बढ़ने के बजाय कदम ताल करती रही है । यदि कमाल अतातुर्क की तरह होता हमारे संकल्पों में जान तो हम भी जीत लिए होते आसमान……..! अंत में डी.पी.ओ.राखी कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापित कर निदेशानुसार समारोह के समापन की घोषणा की ।

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मधेपुरा ईदगाह में आम व खास ने मिलकर बकरीद की नमाज अदा की 

कुर्बानी के पर्व बकरीद पर जिले के विभिन्न ईदगाहों में आम व खास द्वारा मिलकर नमाज अदा की गयी और फिर सभी धर्म के लोगों ने मुस्लिम भाईयों से गले मिलकर दुनिया को प्रेम और भाईचारे का संदेश दिया |

यहां यह भी बता दें कि मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल ने ईदगाह की सामूहिक नमाज में आम बनकर शामिल हुए | नमाज अदा करने के बाद बिहार सरकार के मंत्री प्रो.चंन्द्रशेखर एवं मधेपुरा के जनप्रिय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पु यादव व अन्य गणमान्यों ने ईदगाह पहुंचकर जिलाधिकारी मो.सोहैल व अन्य सभी मुस्लिम भाइयों से गले मिलकर बकरीद की बधाई दी | सांसद पप्पु यादव व मंत्री प्रो.चंन्द्रशेखर ने कहा कि समाज में प्रेम, भाईचारे और सौहार्द कायम रखने के लिए सभी वर्ग के लोगों को मिलजुल कर समाज के उन्नयन में सहभागी बनना होगा- तभी समाज मजबूत होगा और देश सबल बनेगा |

जहाँ जिले के उदाकिसुनगंज अनुमंडल के ग्वालपाड़ा, आलमनगर, चौसा प्रखंड के  रहटा, नयानगर, मंजौरा, बुधमा आदि सभी मुस्लिम बहुल इलाकों में भाईचारे के साथ शांतिपूर्ण तरीके से बकरीद मनाया गया वहीं सदर मधेपुरा अनुमंडल के गम्हरिया, कुमारखंड, सिंहेश्वर प्रखंड के रहटा, टिकुलिया, भतनी, रौता, लक्ष्मीपुर आदि के साथ-साथ झिटकिया, रूपौली, भवानीपुर आदि पंचायतों एवं मधेपुरा प्रखंड के मलिया, मुरहो आदि के मुस्लिम भाइयों ने भी शांति और सौहार्द के साथ कुर्बानी का पर्व ईद-उल-अजहा यानी बकरीद मनाया | फिर कब्रिस्तानों में जा-जाकर अपने-अपने पूर्वजों को याद किया | उनके लिए अल्लाहताला से शांति की दुआएं मांगी | प्रायः हर जगह मेले भी लगे | बच्चों ने आइसक्रीम से लेकर बैलून आदि खिलौने की खरीद की, मस्ती  की और जमकर लुत्फ उठाया | इस अवसर पर मुस्लिम भाइयों द्वारा अल्लाह के नाम अपने प्रिय बकरे की कुर्बानी देकर पैगम्बर इब्राहिमी का अल्लाह के प्रति समर्पण को याद किया जाता है और विभिन्न समुदाय के लोगों को दावत पर बुलाया भी जाता है |

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अब टिफिन के बाद भी हाजिरी होगी छात्रों की

कभी तो चीन, जापान और जर्मनी जैसे देशों के विद्यार्थी बिहार के विक्रमशिला और नालंदा विश्वविद्यालय में पढ़ने के लिए आते थे | वे सारे विदेशी भिन्न-भिन्न विद्याएं सीख-सीख कर अपने-अपने घर जाते थे  | वो भी एक समय था जब भारत की विद्याएं दुनिया भर में फैलती रही….. तब जब पांचवी शताब्दी में कदाचित आर्यभट्ट जैसे गणितज्ञ नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति हुआ करते थे | बिहार में जन्मे उसी आर्यभट्ट के लिए विश्वविख्यात वैज्ञानिक आइंस्टाइन ने कहा है- “मैं आर्यभट्ट के सामने सिर झुकाता हूँ जिन्होंने विश्व को गणित का ज्ञान दिया अन्यथा आज तक जितने भी आविष्कार दुनिया में हुए हैं उनमें से आधा भी संभव नहीं हो पाता |”                        

परन्तु सोचिए तो सही, आज हमारी शिक्षा व्यवस्था को क्या हो गया है ? कौन सा रोग पकड़ लिया है ? लड़के नामांकन कराते हैं और स्कूल नहीं जाते हैं | अभिभावकों को ही नहीं बल्कि शिक्षकों को भी छात्रोपस्थिति के लिए नए-नए उपाय ढूंढने को विवश होने पड़ते हैं |

फिर भी स्थिति में सुधार होते नहीं देखकर मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल को जिले के +2 और हाई स्कूलों के प्रधानों के साथ, शिक्षाविदों एवं समाजसेवियों के साथ झल्लूबाबू सभागार में बैठक बुलाकर हर तरह की समस्याओं की जानकारी लेने के बाद कुछ कठोर निर्णय लेने पड़ते हैं- सात दिनों तक स्कूल नहीं आनेवाले छात्रों का नाम काट दिया जायेगा | अबसेंट रहनेवाले छात्रों से प्रतिदिन दो रुपये अनुपस्थिति दंड वसूल किया जायेगा | इतना ही नहीं, टिफिन के बाद भी छात्रों की हाजिरी ली जायेगी और गैरहाजिर हुए छात्रों से 4 रुपये दंड शुल्क वसूले जायेंगे |

यह भी बता दें कि जिलाधिकारी मो.सोहैल ने धैर्यपूर्वक विद्यालय प्रधानों की सारी समस्याओं को सुना और अपने कनीय पदाधिकारियों को तत्क्षण निदेश देकर समाधान भी करते चले गये | डी.एम. मो.सोहैल  द्वारा रासबिहारी विद्यालय की एच.एम. रंजना कुमारी, विद्या मंदिर कलासन के एच.एम. मो.हुसैन अहमद, केशव कन्या की विभा कुमारी तथा रानीपट्टी के एच.एम.दिनेश यादव आदि की समस्याओं के अविलम्ब निदान हेतु डी.ई.ओ. बद्री नारायण मंडल को आवश्यक निदेश भी दिये गये | डी.एम. मो.सोहैल ने स्कूल प्रबंधन समिति से स्कूल की देख-रेख मुस्तैदी से करने का अनुरोध भी किया और कहा कि रूटीन के अनुसार विद्यालय में पढ़ाई हो…….|

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2018 में होगा बी.पी.मंडल सेतु का पुनर्जन्म

कोसी की लाईफ लाईन डूमरी पुल (बी.पी.मंडल सेतु) बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व मंडल कमीशन के अध्यक्ष बी.पी.मंडल के नाम पर है जिसका 8 पाया और 9 स्पेन विगत 30 अगस्त 2010 को ही क्षतिग्रस्त हो गया था | पानी निर्बाध बहता रहे इस कारण सिर्फ 2 पाये और 3 स्पेन से ही पुल निर्माण किया जा रहा है |

मधेपुरा अबतक द्वारा एस.पी.सिंगला कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर के.के.रंजन से प्राप्त जानकारियां आपके लिए इस प्रकार है- सर्वप्रथम 23 फरवरी, 2016 से ही क्षतिग्रस्त इस सेतु का जीर्णोद्धार कार्य शुरु किया गया था | 4 महीने लग गए क्षतिग्रस्त 8 पाये और 9 स्पेन को हटाने में | आगे 50 करोड़ की राशि से कार्य पूरा कर लिया जायेगा |

यह भी बता दें कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिन 2 अक्टूबर के बाद जैसे ही बरसात खत्म होगा कि किसी दिन कार्य शुरु कर दिया जायगा तथा दिसंबर 2017 तक उसे पूरा भी कर लिया जायगा |

यहां यह भी बता देना मौजूं होगा कि बी.पी.मंडल का जन्म शताब्दी समारोह वर्ष 2018 में है | फिलहाल खगड़िया सहित कोसी वासियों की जो 50 लाख की आबादी आवागमन की मार झेल रही है- उनके लिए पुनर्जन्म ग्रहण किया हुआ यह बी.पी.मंडल सेतु नये साल 2018 का बहुत बड़ा गिफ्ट होगा- जिस पर जनवरी 2018 से लोगों का आवागमन तथा गाड़ियों का परिचालन पुनः शुरू हो जायेगा |

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मदन मोहन झा का सपना: कलक्टर और ड्राइवर की बेटी का एक साथ पढ़ना

बिहार राज्य के मानव संसाधन विकास विभाग के तत्कालीन आयुक्त सह सचिव मदन मोहन झा के 7 सितंबर, 2007 को हुए आकस्मिक निधन पर सारा बिहार ठहर सा गया था | सूबे बिहार के समाहरणालय से लेकर सभी शिक्षण संस्थान भी पल भर में ही शोक में डूब गया | चारों ओर श्रद्धांजलियां व शोक सभाएं ! सारा बिहार गूंज उठा- हे ईश्वर ! बिहार के शिक्षा सुधार में लगे इस क्रांतिदूत का अचानक यह कैसा महाप्रयाण ! चल पड़े कोटि पग उसी ओर | उनकी आत्मा की शांति के लिए ना जाने कितने करोड़ हाथों ने दुआएं मांगी थी |

और आज यह भी जानें कि 9 साल बीत जाने के बाद यानि 7 सितंबर, 2016 को श्री झा की 9वीं पुण्य तिथि के अवसर पर राजधानी के ए.एन.सिन्हा समाज अध्ययन संस्थान में विधान पार्षद डॉ.केदार पांडेय की अध्यक्षता में आयोजित व्याख्यान माला का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया जिसमें सूबे के मुख्यमंत्री ने मदन मोहन झा द्वारा किये गये कार्यों को याद किया |

मौके पर मुख्य वक्ता प्राध्यापिका मनीषा प्रियम ने कहा कि मदन जी स्कूली शिक्षा की बेहतरी के लिए अहर्निश सोचा करते, चिंतन किया करते | उनकी पुत्री निहारिका झा ने मौके पर यही कहा –

“पापा हमेशा यही कहा करते थे कि मैं बिहार में वह दिन देखना चाहता हूं, जब किसी कलक्टर और उसके ड्राइवर की बेटी एक ही विद्यालय में पढ़े क्योंकि सभी बच्चों को बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है |”

यह भी जानें कि जहां राजधानी में उनकी 9 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति बी.एन.सिन्हा, श्रीमती निशा झा, मनीष कुमार वर्मा आदि गणमान्यों ने श्री झा को भावभिनी श्रद्धांजलि दी वहीं मधेपुरा के ‘वृंदावन’ में समाजसेवी शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने बच्चों के बीच श्री मदन मोहन झा को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि शिक्षा के उन्नयन के क्षेत्र में मदन बाबू हमेशा क्रांतिदूत के रुप में सदा याद किये जाएंगे क्योंकि सत्कर्म कभी मरता नहीं | वह बुद्ध की तरह ठहरा रहता है- यहीं पर कहीं……!!

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शिक्षक दिवस पर गूंज उठा 5 सितंबर

चाहे जिले के किसी कोने का प्राईवेट चिल्ड्रेन स्कूल हो या सरकारी प्राथमिक – मध्य विद्यालय, या फिर उत्क्रमित +2 विद्यालय ही क्यों ना हो…… भारतीय संस्कृति के संवाहक व सर्वोत्कृष्ट दार्शनिक भारतरत्न डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन 5 सितंबर की अनुगूंज तीन सितंबर की शाम से ही गूंजने लगी |

यह बता दें कि 3 सितंबर की शाम को ही प्राइवेट स्कूल्स एण्ड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सह दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल, डॉ.मधेपुरी मार्ग, मधेपुरा के निदेशक किशोर कुमार एवं एसोसिएशन के सचिव सह माया विद्या निकेतन, शहीद चुल्हाय मार्ग, मधेपुरा की निदेशिका चंद्रिका यादव ने जिले के लगभग 100 शिक्षकों को हरी झंडी दिखाकर ‘अमन रथ’ से पटना एस.के.मेमोरियल हॉल में 4 सितंबर को नीतीश सरकार के शिक्षा मंत्री डॉ.अशोक चौधरी के द्वारा सम्मानित होने हेतु रवाना किया |

सम्मान समारोह की अध्यक्षता कर रहे संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद एवं मुख्य अतिथि अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री प्रो.डॉ.अब्दुल गफूर की उपस्थिति में सभी जिले के शिक्षकों को मोमेंटो आदि देकर सम्मानित किया शिक्षा मंत्री डॉ.अशोक चौधरी ने | राज्य के डायनेमिक शिक्षा मंत्री डॉ.चौधरी इस परंपरा को और अधिक मजबूती प्रदान करने जा रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि दक्षिण कोरिया में शिक्षकों को वे सारे अधिकार प्राप्त हैं जो अधिकार भारत में मंत्रियों को है | और फ्रांस के न्यायालयों में केवल शिक्षकों को ही कुर्सी पर बैठने का अधिकार दिया गया है |

Retired H.M. & Presently Member of Syndicate ( B.N.M.U.) Sri Vidyanand Yadav honoured by Bharat Sahitya Sangam in presence of Dr.Madhepuri, Dr.Amol Ray (President) , Dr.Ashok kumar, Dr.Ram Naresh Singh & others onTeachers' Day .
Retired H.M. & Presently Member of Syndicate ( B.N.M.U.) Sri Vidyanand Yadav honoured by Bharat Sahitya Sangam in presence of Dr.Madhepuri, Dr.Amol Ray (President) , Dr.Ashok kumar, Dr.Ram Naresh Singh & others onTeachers’ Day .

जहाँ मधेपुरा के सभी शिक्षण संस्थानों में राधाकृष्णन जयंती पर दिनभर उत्सवी माहौल के बीच शिक्षकों को सम्मानित किया जाता रहा वहीं शाम में  डॉ.अमोल राय की अध्यक्षता में भारत साहित्य संगम के बैनर तले वयोवृध्द शिक्षक, सिंडिकेट सदस्य विद्यानंद यादव को अंगवस्त्रम व पाग तथा प्रशस्ति-पत्र देकर शिक्षकों व साहित्यकारों द्वारा सम्मानित किया गया |

इस अवसर पर डॉ.विनय कुमार चौधरी के एकल काव्यपाठ का उद्घाटन डॉ.मधेपुरी, डॉ.अमोल राय, डॉ.अशोक कुमार, डॉ.इंद्र नारायण यादव, प्रो.श्यामल किशोर, डॉ.सुरेश प्रसाद यादव, डॉ.रामनरेश सिंह, डॉ.आर.के.पी.रमण, डॉ.अरुण कुमार, डॉ.आलोक कुमार, विकास, सुभाष आदि ने   सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर किया |

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ग्यारह लाख नि:शक्तों को प्रतियोगिता परीक्षा शुल्क में छूट

बिहार सरकार द्वारा नि:शक्त परीक्षार्थियों को सभी प्रतियोगिता परीक्षा शुल्क में छूट दी जायेगी | निशक्तों को गैर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित शुल्क का एक चौथाई ही देना होगा |

यह भी जान लें कि बिहार सरकार ने नि:शक्त व्यक्ति अधिनियम, 1995 पारित कर उसके तहत नि:शक्त अभ्यर्थियों के परीक्षा शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया है | इस अधिनियम के तहत राज्य के 23 लाख नि:शक्तजनों में से उन्हीं 11लाख नि:शक्तजनों को परीक्षा शुल्क में छूट मिलेगी जिन्हें राज्य सरकार की ओर से नि:शक्तता प्रमाण-पत्र प्रदान किया जा चुका है |

बता दें कि नि:शक्तता प्रमाण-पत्र चाहने वाले नि:शक्तजन सरकार के समाज कल्याण विभाग के नि:शक्तता निदेशालय द्वारा चलाये जा रहे शिविर में जाकर अथवा सरकारी अस्पतालों की अधिकृत चिकित्सकों से संपर्क कर ‘नि:शक्तता प्रमाण-पत्र’ अभी भी प्राप्त कर सकते हैं |

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मधेपुरा कॉलेज में भव्य शिक्षक दिवस सह सम्मान समारोह

कॉलेज, कौशल्या ग्राम के विशाल सभा भवन में डॉ. राधाकृष्णन के जन्मदिन ( 5 सितंबर ) पर प्रधानाचार्य डॉ.अशोक कुमार की अध्यक्षता में “शिक्षक दिवस सह शिक्षक सम्मान दिवस” समारोह का भव्य आयोजन किया गया | समारोह के उद्घाटनकर्ता थे भौतिकी के विद्वान, साहित्यकार व समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, मुख्य अतिथि टी.पी. कॉलेज में राजनीति शास्त्र के विभागाध्यक्ष रहे डॉ.के.एन.ठाकुर, विशिष्ट अतिथि पूर्व प्राचार्य डॉ.सुरेश प्रसाद यादव, पीजी मैथिली के विभागाध्यक्ष सह भारत सरकार के हैवी इंडस्ट्री के निदेशक डॉ.राम नरेश सिंह सहित पूर्व सीसीडीसी डॉ.अमोल राय, डॉ. विनय कुमार चौधरी, डॉ. उदयकृष्ण, डॉ. विज्ञानानन्द सिंह आदि |
समारोह के प्रथम चरण में छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए गए स्वागत गान के बाद पुष्पगुच्छ देकर अतिथियों का स्वागत किया गया | इस अवसर पर डॉ.के.एन.ठाकुर, डॉ.रामनरेश सिंह एवं डॉ.सुरेश प्रसाद यादव को पाग व अंगवस्त्रम के साथ सम्मानित किया गया |
डॉ. राधाकृष्णन की जयन्ती ‘शिक्षक दिवस’ का उद्घाटन डॉ. मधेपुरी सहित अन्य अतिथिगण द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया तथा उनके तैल चित्र पर सबों ने पुष्पांजलि किया |
उद्घाटनकर्ता डॉ. मधेपुरी ने सर्वप्रथम अपने उद्घाटन भाषण में डॉ.एस.राधाकृष्णन के साथ बिताए लम्हों की विस्तारपूर्वक चर्चाएं की | अपने संबोधन में डॉ. मधेपुरी ने कहा कि वे सर्वाधिक सौभाग्यशाली रहे हैं  जिन्हें भारत के उन महामहिम राष्ट्रपति त्रय- डॉ.राधाकृष्णन, डॉ.जाकिर हुसैन एवं डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम के दिव्य दर्शन, अमरवाणी श्रवण एवं श्री गुरु चरण सरोज रज के स्पर्शन का अवसर भी परमपिता परमेश्वर ने दिया जिन्हें महामहिम राष्ट्रपति बनने से पूर्व महान शिक्षक होने के चलते ही ‘भारत रत्न’ जैसे सर्वश्रेष्ठ नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया | यूं प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ.राजेंद्र प्रसाद के दर्शन-स्पर्शन के अतिरिक्त राजधानी पटना के सदाकत आश्रम से मुख्य सड़कों पर निकाली गई उनकी अंतिम यात्रा बांस घाट तक जाने और पंचतत्व में विलीन होते देखने का अवसर भी प्राप्त हुआ था |
डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात दार्शनिक, महान शिक्षाविद, उत्कृष्ट वक्ता एवं आस्थावान विचारक डॉ.राधाकृष्णन का नाम लेते ही प्रत्येक शिक्षक का सिर श्रद्धा से झुक जाता है | उन्होंने कहा कि डॉ.राधाकृष्णन दर्शनशास्त्र जैसे गंभीर विषय को भी अपनी शैली की नवीनता से इस कदर सरल और रोचक बना देते थे जिस कारण वे अपने छात्रों का स्नेह और आदर सदेव अर्जित करते रहे |
मुख्य अतिथिगण डॉ.के.एन.ठाकुर, विशिष्ट अतिथि गण डॉ.रामनरेश सिंह, डॉ.सुरेश प्र.यादव, डॉ.अमोल राय, डॉ.उदयकृष्ण, डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.आलोक कुमार, डॉ.विज्ञानानंद सिंह आदि ने अपने-अपने संबोधन में विस्तार से शिक्षकों की महत्ता पर प्रकाश डाला, डॉ.राधाकृष्णन के विभिन्न आयामों की चर्चाएं की तथा राष्ट्रवादी सोच की आवश्यकता पर बल दिया | साथ ही वक्ताओं ने जहाँ शिक्षक दिवस की महत्ता की चर्चाएं की वहीं कालेज के बेहतरीन प्रबंधन के लिए प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार सहित कॉलेज कर्मियों की भूरि-भूरि प्रशंसा भी की | मौके पर डॉ.मुस्ताक मोहम्मद,  डॉ.अभय कुमार, सोनम कुमारी, डॉ.भगवान कुमार, किरण कुमारी, डॉ.सिद्देश्वर काश्यप, सचिव सच्चीदानंद, ब्रजेश मंडल आदि मौजूद थे |
अंत में अध्यक्षता कर रहे प्रधानाचार्य डॉ.अशोक कुमार ने विनम्रतापूर्वक कहा कि जो कुछ सर जमीन पर देखा जा रहा है वह उनके और महाविद्यालय परिवार के समर्पण एवं प्रतिबद्धता का फल है | मंच संचालन गौतम कुमार ने किया और धन्यवाद ज्ञापित करते हुए अध्यक्ष के निदेशानुसार समापन की घोषणा की गई |

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तो अब एक साथ होंगे राज्य और देश के चुनाव..!

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चुनाव आयोग के बाद देश में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराने के मुद्दे पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी सहमति जताई है। शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में एक छात्र के सवाल के जवाब में राष्ट्रपति ने कहा कि सभी पार्टियों को इस मुद्दे पर एक साथ आना चाहिए।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस साल मार्च में भाजपा नेताओं की बैठक के दौरान यह विचार सबसे पहले सामने रखा था। उन्होंने कहा था कि बार-बार चुनाव होने से आचार संहिता लग जाती है, जिसके चलते विकास के काम रुक जाते हैं। इसलिए पंचायत, विधानसभा और संसद के चुनाव एक साथ होने चाहिएं जिससे कि समय और पैसा बचाया जा सके।

देश के प्रथम नागरिक ने आज इस विचार को आगे बढ़ाते हुए कहा कि लगातार चुनाव होते रहने और इस दौरान आचार संहिता लागू होने से सरकार का सामान्य कामकाज रुक जाता है। इस समस्या का समाधान करने के लिए राजनीतिक दलों को विचार करना होगा। लोग और राजनीतिक दल सामूहिक रूप से इस पर विचार करें तो हम आचार संहिता पर चर्चा करेंगे कि यह किस तरह की होनी चाहिए। इसमें चुनाव आयोग को भी शामिल किया जाना चाहिए।

इस संदर्भ में महामहिम ने आगे कहा कि संसदीय लोकतंत्र में अनिश्चितता रहती है। भारत में चार बार विभिन्न प्रधानमंत्रियों ने संसद को भंग करने की सिफारिश की और इसे स्वीकार किया गया। इस समस्या का समाधान करने को सभी को मिलकर विचार करना होगा।

बता दें कि चुनाव आयोग भी विधानसभा और लोकसभा चुनाव एक साथ कराने पर सहमति दे चुका है। आयोग ने कहा था कि वह दोनों चुनाव एक साथ कराने में सक्षम है। हालांकि राजनीतिक दलों का मानना है कि यह प्रस्ताव व्यावहारिक नहीं है। उनका तर्क है कि राज्यों मे अलग-अलग समय पर  चुनाव होते हैं तो उन्हें एक साथ कैसे किया जा सकता है? साथ में यह भी कि बीच में सरकार गिरने पर क्या किया जाएगा?

जाहिर है कि प्रधानमंत्री, चुनाव आयोग और अब राष्ट्रपति ने जो प्रश्न उठाया है वो कतई साधारण नहीं। राष्ट्रहित में हमें इसके लिए तैयार होना ही चाहिए, छोटी-मोटी कठिनाईयों की परवाह किए बिना।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप    

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बी.एन.एम.यू. का हिन्दी पी.जी. सर्वाधिक जीवंत

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय परिसर स्थित पी.जी. हिन्दी विभाग में शुक्रवार को प्रधानमंत्री के ‘एक कदम स्वच्छता की ओर’ कार्यक्रम के तहत विभागाध्यक्ष डॉ. इन्द्र नारायण यादव के नेतृत्व में विभागीय छात्र-छात्राओं द्वारा स्वच्छता अभियान चलाया गया | स्वच्छता कार्यक्रम में मुख्य रुप से विभागीय प्राध्यापक-आचार्य-प्राचार्य डॉ. विनय कुमार चौधरी, डॉ. सिद्धेश्वर काश्यप सहित युवा रंगकर्मी विकास कुमार, कृष्ण मुरारी, अशोक, राजेश, सियाराम, राजकिशोर, सुनीला आदि दर्जनों छात्र-छात्राएं सम्मिलित होती गयीं |
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. यादव ने कहा कि परिसर को स्वच्छ रखना हम सब की जिम्मेदारी है | उन्होंने कहा कि स्वच्छ शरीर में ही स्वच्छ मानसिकता का विकास होता है | इस प्रकार का स्वच्छता अभियान सभी विभागों में चलाते रहना चाहिए तथा आगे बढ़-चढ़ कर सभी लोगों को सहयोग करना चाहिए | इससे पर्यावरण की स्वच्छता कायम रखी जा सकेगी तथा हमारा शरीर स्वस्थ रहेगा | डी.डी.टी. का छिड़काव तो सावन-भादव में सोने पे सुहागा ही माना जाएगा | सफाई के बाद डी.डी.टी. का छिड़काव भी किया गया |

Dr.Sidheshwar Kashyap receiving Aarsi Rajat Smriti Samman Certificate and Momento etc.
Dr.Sidheshwar Kashyap receiving Aarsi Rajat Smriti Samman Certificate and Momento etc.

चलते चलते यह भी बता दें कि विभागीय प्राध्यापक डॉ. सिद्धेश्वर काश्यप को ‘आदमखोर’ कविता संग्रह के लिए हाल ही में आरसी रजत स्मृति सम्मान से उनके रचनाशील कर्म के लिए सम्मानित किया गया है | डॉ.काश्यप ने पत्रकारिता पर भी कई पुस्तकों की रचना की है | कर्मनिष्ठ प्राध्यापक डॉ. काश्यप एवं पूर्व विभागाध्यक्ष रह चुके डॉ. विनय कुमार चौधरी डी.लीट. सरीके रचनाकारों की अपनी पहचान के कारण बी.एन.एम.यू का हिन्दी विभाग अन्य स्नातकोत्तर विभागों में सर्वाधिक जीवंत माना जाने लगा है |

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