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मधेपुरा का सपूत संजीव कुमार सज्जन बना बीपीएससी टॉपर

आदमी के भीतर यदि जुनून की आग सदैव जलती रहे तो बड़ा-से-बड़ा सपना साकार करने में देर नहीं लगती | इसे ही पूरा कर दिखाया मधेपुरा का सपूत संजीव कुमार सज्जन ने BPSC की 56….59वीं परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त कर यानि टॉपर बनकर |

जानिए कि संजीव कुमार सज्जन अब अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) के रूप में अपनी सेवा बिहार में प्रारंभ करेंगे जो वर्तमान में उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग इलाहाबाद द्वारा वर्ष 2015 में चयनित होकर यू.पी. के रामपुर जनपद में DSP के पद पर कार्यरत हैं | अपनी इस सर्वश्रेष्ठ सफलता का श्रेय मुरलीगंज प्रखंड के भेलाही गांव निवासी अधिवक्ता पिताश्री जनेश्वर प्रसाद यादव एवं माताश्री नीता देवी सहित गुरुओं व बड़े बुजुर्गों को देते हैं |

DSP से SDM यानि पुलिस सेवा से प्रशासनिक सेवा में आने के बारे में संजीव कुमार सज्जन ने मधेपुरा अबतक को बताया कि वे देश एवं प्रदेश की सरकारी योजनाओं को आम आदमी तक पहुंचाने हेतु बेहतरीन व्यवस्था उपलब्ध कराना चाहते हैं | उन्होंने यही भी बताया कि उनकी शिक्षा-दीक्षा भेलाही-मुरलीगंज के बाद मधेपुरा के पार्वती सायंस कॉलेज सहित दिल्ली आदि अन्य जगहों पर कई शिक्षण संस्थानों में हुई |

यह भी बता दें कि संजीव ने प्रतियोगी छात्रों से यही कहना चाहा कि सफल होने के लिए सटीक विषयों का चयन एवं एकाग्रचित होकर नियमित अध्ययन करते रहने पर असफलता के बाद मिली हुई सफलता का स्वाद सर्वाधिक मीठा होता है…….. क्योंकि तीसरे प्रयास में BPSC का टॉपर बनने वाला संजीव कुमार सज्जन अपने प्रथम प्रयास के प्रारंभिक परीक्षा में ही अनुत्तीर्ण हो गये थे |

चलते-चलते यह भी बता दें कि मधेपुरा जिले का नाम रोशन करने वालों की कमी नहीं है अब | प्राप्त जानकारी के अनुसार सिंहेश्वर प्रखंड के गौरीपुर निवासी श्री शत्रुघ्न चौधरी (अवकाश प्राप्त कर्मचारी बीएनएमयू) एवं श्रीमती राजकुमारी देवी के पुत्र दीपक कुमार ने सामान्य श्रेणी में 273वाँ रैंक लाकर सर्विस में 5वाँ रैंक Executive Officer का प्राप्त किया | कई बार असफल होने पर भी दीपक ने हिम्मत नहीं हारी….. अंततः सफलता खुद चलकर आती है और दीपक के गले लग जाती है | उसी तरह गढ़िया मधेपुरा के प्रेम शंकर कुमार पिता श्री कृष्णानंद यादव (अवकाश प्राप्त रासायन प्रदर्शक) ने सरकारी सेवा में रहते हुए BPSC कम्पिट  कर Election Officer बन जिला का नाम रोशन किया |

और अन्त में यह कि मधेपुरा जिले की एक बेटी मीनाक्षी ने बिहार लोक सेवा आयोग के वित्तीय सेवा में सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है | मीनाक्षी सेवानिवृत्त अपर सचिव जयशंकर प्रसाद यादव की बेटी है जो मुरलीगंज प्रखंड के ही गंगापुर निवासी हैं | मीनाक्षी की शिक्षा पटना व दिल्ली में हुई है | नेट कर मीनाक्षी पाटलीपुत्रा यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर (भूगोल) के पद पर कार्यारंभ करने वाली थी | बिहार प्रशासनिक सेवा के लिए मीनाक्षी को सीटीओ पद हेतु चयनित की गयी है | मीनाक्षी ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दी है |

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कुसहा त्रासदी के 10 वर्ष बाद भी 26% पीड़ितों को ही मिला है घर

सूबे की सरकार की कोसी फ्लड नीड्स एवं एसेसमेंट रिपोर्ट स्वयं इस बात की पुष्टि करती है कि कुसहा त्रासदी- 2008 में 2,36,632 (दो लाख छत्तीस हजार छह सौ बत्तीस) घर पूर्णरूपेण ध्वस्त हो गए थे जिनमें से आज तक मात्र 62000 (बासठ हजार) के लगभग ही घर बन पाए हैं जो  कुल ध्वस्त घरों की संख्या के लगभग 26% हैं।

बता दें कि स्थानीय भूपेन्द्र चौक  पर कैंडल मार्च निकालकर कुसहा त्रासदी के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देने के क्रम में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.आलोक कुमार एवं कोसी नव निर्माण मंच को अपनी जिंदगी देने वाले महेंद्र यादव ने सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा कि दो-दो बार विश्व बैंक से कर्ज लिए जाने के बाद भी आज तक सरकारी स्तर से कोसी वासियों का दर्द कम नहीं किया जा सका।

यह भी जानिये कि सरकार द्वारा कुसहा त्रासदी एवं पुनर्वास हेतु कोसी फ्लड रिकवरी प्रोजेक्ट नाम से 220 मिलियन अमेरिकन डॉलर का कर्ज पहली बार विश्व बैंक से लिया गया तथा दूसरी बार कोसी बेसिन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के नाम से 250 मिलियन अमेरिकी डॉलर का। बावजूद इसके आज भी कुसहा त्रासदी में मरे हुए लोगों के परिजन अपने हिस्से के अनुग्रह अनुदान राशि के लिए सरकारी कार्यालयों एवं बैंकों का चक्कर लगा रहे हैं। कितनों के हाथ में तब का दिया गया चेक भी फटने लगा है।

यह भी बता दें कि पुनर्वास हेतु 28,000 (अट्ठाईस हजार) रुपया में घर बनाने की योजना चली थी उसे भी अब बंद करा दिया गया जबकि पूर्ण क्षति एवं आंशिक क्षति वाले घरों की संख्या को जोड़ दें तो अभी भी 1,01,462 (लगभग  एक लाख) लोग बेघर हैं….।

संयोजक महेंद्र यादव, सुभाष चंद्र, तुर्वसु, वासीम, मुन्ना-रमन-मनोज, अजय-शंभू-माधव, संदीप-राजेश-रणधीर, सहित अन्य इप्टाकर्मियों ने आपदाग्रस्त कोसी की समस्याओं के दीर्घकालिक हल निकालने, पीड़ितों के बीच सहायता राशि वितरित करने एवं किसानों को फसल के समर्थन मूल्य दिलाने के साथ-साथ पलायन कर रहे मजदूरों के लिए बंद पड़े सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने हेतु सरकार से मांग की।

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बजरंग पूनिया ने भारत को दिलाया पहला गोल्ड

भारतीय रेसलर बजरंग पूनिया ने 18 वें एशियाई खेलों में भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलवाया। ये मेडल पुनिया ने जापान के रेसलर ताकातिनी दायची को हराकर जीता। हरियाणा के 24 वर्षीय इस लाल ने पुरुषों के 65 किलोग्राम भारवर्ग फ्रीस्टाइल स्पर्द्धा में ये मेडल जीता। जापानी पहलवान ने बजरंग को अच्छी टक्कर दी लेकिन उन्होंने फाइनल मुकाबला 11-8 से अपने नाम कर लिया। बजरंग की इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी। सबसे खास और दिल को छूने वाली बात यह कि पदक जीतने के बाद बजरंग ने ट्वीट किया कि “मैं अपना ये मेडल पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित करता हूं। नमन।”

गौरतलब है कि बजरंग ने इससे पहले अपने तीनों मुकाबले एकतरफा अंदाज में जीते हैं। उन्होंने सेमीफाइनल में मंगोलिया के बातचुलून को 10-0 से, क्वार्टर फाइनल में ताजिकिस्तान के फेजेव अब्दुल कासिम को 12-2 से और पहले मुकाबले में उज्बेकिस्तान के सिरोजिद्दीन खासानोव को 13-3 के बड़े अंतर से मात दी थी।

बता दें कि बजरंग ने चार महीने में दूसरी बार मल्टी नेशनल टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीता है। उन्होंने इससे पहले अप्रैल में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीता था। यही नहीं, उन्होंने चार साल पहले इंचियोन एशियन गेम्स और ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर मेडल (61 किग्रा.) अपने नाम किया था। इसके अलावे बजरंग 2013 में बुडापेस्ट वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल भी जीत चुके हैं।

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मधेपुरा ने अटल को यूँ कहा ‘अलविदा’…..!

मधेपुरा के सर्वश्रेष्ठ प्रतिष्ठान भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.अवध किशोर राय एवं प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली द्वारा दो और विश्वविद्यालयों- शिलांग विश्वविद्यालय में कुलपति रहे डॉ.ए.एन.राय एवं टी.एम.भागलपुर विश्वविद्यालय में कुलपति रहे डॉ.आर.एस.दुबे की उपस्थिति में आयोजित “अटल श्रद्धांजलि सभा” में विश्वविद्यालय सीनेट सदस्य डॉ.नरेश कुमार से लेकर सिंडिकेट सदस्यों सहित सभी विभागाध्यक्षों, पदाधिकारियों, विश्वविद्यालय कर्मियों पीआरओ डॉ.सुधांशु शेखर , पीए टू वीसी शंभू नारायण यादव सहित सभी बारी-बारी से अटल जी की तस्वीर पर पुष्पांजलि करते रहे और कुलपतियों द्वारा उद्गार व्यक्त करने के बाद 2 मिनट का मौन रखकर विश्वविद्यालय के सभी कार्यालयों को बंद कर दिया कुलपति के निर्देशानुसार कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार ने।

बता दें कि व्यापार संघ एवं केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट  संघ द्वारा “अटल शोक सभा” का आयोजन ‘जीवन सदन’ में किया गया तथा वहाँ भी 2 मिनट का मौन- मनीष सर्राफ, राजेश, संजय, प्रमोद अग्रवाल एवं सचिव रविंद्र प्रसाद यादव आदि ने रखा।

यह भी बता दें कि नगर परिषद के अन्य पार्षदों एवं जिला परिषद पार्षदों के अतिरिक्त वार्ड नंबर 14 के पूर्व वार्ड पार्षद ध्यानी यादव ने सपत्निक (रेखा यादव – वार्ड पार्षद )व बाल-बच्चे सहित दिनभर उपवास रखकर अटल जी को श्रद्धांजलि दी…।

यह भी जानिए कि जिले के तेरहो प्रखंडों में कहीं कैंडल जलाकर तो कहीं चित्र पर पुष्पांजलि करके अटल जी के चाहने वालों ने शोकोद्गार व्यक्त किया। जिले की सभी राजनीतिक पार्टियों के अध्यक्षों ने अटल जी को  अजातशत्रु कह कर श्रद्धांजलि दिया। हर ओर से यही आवाज आती रही कि देश में ऐसा नेता ना हुआ है और ना होगा जो विरोधी पार्टी के लोगों के दिलों पर भी अंत तक राज करता रहा। किसी ने अटल जी को जननेता कहा तो किसी ने कवि ! कोई पत्रकार कहा तो कोई कहीं बेहतरीन इंसान कहा। दलगत भावना से ऊपर उठकर लोगों ने अटल जी को दी श्रद्धांजलि…..  और करता रहा अश्रुपूरित नेत्रों से पुष्पांजलि !

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पंचतत्व में विलीन हुए अटल

भारतरत्न, कविहृदय जननेता, देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी शुक्रवार शाम पंचतत्व में विलीन हो गए। दिल्ली के स्मृति स्थल पर राष्ट्र ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। उनकी दत्तक पुत्री नमिता भट्टाचार्य ने उन्हें मुखाग्नि दी। उससे पहले नातिन निहारिका ने उनके पार्थिव शरीर पर से तिरंगा ग्रहण किया। बेटी, नातिन और परिवार के लोग ही नहीं स्मृति स्थल पर मौजूद ऐसा कोई नहीं था जिसकी आंखों में आंसू ना हो। अटल थे ही कुछ ऐसे। सियासत की दुनिया का उन्हें ‘अजातशत्रु’ कहा जाता था क्योंकि उन्होंने हमेशा दोस्त बनाए, दुश्मन उनका कोई नहीं था।

Leaders at Smriti-Sthal
Leaders at Smriti-Sthal

मुखाग्नि देने से पूर्व स्मृति स्थल पर तीनों सेनाओं की ओर से अटल जी को अंतिम सलामी दी गई। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वाजपेयी के पुराने साथी रहे लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, संघ प्रमुख मोहन भागवत, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और सपा नेता मुलायम सिंह यादव समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं सभी विपक्षी दलों के नेता अंतिम विदाई देने मौजूद रहे। पड़ोसी देशों की ओर से भूटान नरेश जिग्मे नामग्याल वांग्चुक, अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और वाजपेयी के मित्र रहे हामिद करजई भी श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे। बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका के विदेश मंत्री और पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने भी इस मौके पर उपस्थिति दर्ज की।

इससे पहले वाजपेयी की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। वाजपेयी की अंतिम यात्रा में भाजपा मुख्यालय से उनके पार्थिव शरीर को लेकर जा रहे वाहन के पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पैदल चल रहे थे। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, कई केंद्रीय मंत्री और विजय रूपाणी, शिवराज चौहान, योगी आदित्यनाथ और देवेंद्र फडणवीस समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी वाहन के पीछे चल रहे थे। अटल जी के अंतिम दर्शन के लिए 7 किलोमीटर लंबे मार्ग पर उमस भरी गर्मी के बावजूद हजारों हजार की संख्या में लोग उमड़े चले आ रहे थे। ‘अटल बिहारी अमर रहे’ जैसे नारे लगातार गूंजते रहे।

अटल जी का शरीर भले ही अब इस दुनिया में नहीं है पर उनके अटल विचार, सिद्धांत और नैतिक मूल्य हमेशा देशवासियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। अटल ने कविता के जरिए पहले ही अपने अंतिम सफर का जिक्र करते हुए कहा था, ‘मौत की उम्र क्या है? दो पल भी नहीं, जिंदगी सिलसिला, आज कल की नहीं। मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं, लौटकर आऊंगा, कूच से क्यों डरूं?’ अपनी ऐसी ही पंक्तियों, सम्मोहित कर देने वाले भाषणों और अनगिनत अवदानों की बदौलत युगों-युगों तक याद किए जाते रहेंगे हम सबके अटल जी। उन्हें हृदय की सम्पूर्ण श्रद्धा अर्पित करते हुए सादर नमन..!

‘मधेपुरा अबतक’ के लिए डॉ. ए. दीप’

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एक बार फिर तिरंगे संग तिरंगा हुआ मधेपुरा

मधेपुरा जिले में 72वें स्वतंत्रता दिवस को पूरे उत्साह के साथ समारोह पूर्वक मनाया गया। बता दें कि मधेपुरा में नवनिर्मित डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के नाम वाले पार्क में समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने 72वें स्वतंत्रता दिवस पर पहली बार  राष्ट्रीय ध्वजोत्तोलन करने के बाद उपस्थित स्कूली बच्चे-बच्चियों एवं बुजुर्गों के बीच अपने संक्षिप्त संबोधन में यही कहा कि सबसे पहले 1905 ई. में यह तिरंगा कलकत्ता के ग्रीन पार्क में पी.वेंकैया नामक व्यक्ति द्वारा फहराया गया था और 1906 ई. में भीकाजी कामा नामक एक साहसी पारसी महिला द्वारा जर्मनी में फहराया गया था।

For the first time on the occasion of 72nd Independence Day, Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri showing victory sign along with girl-students after National Flag hoisting at Dr.A.P.J.Abdul Kalam Park, Madhepura .
For the first time on the occasion of 72nd Independence Day, Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri showing victory sign along with girl-students after National Flag hoisting at Dr.A.P.J.Abdul Kalam Park, Madhepura .

बता दें कि डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क से सटे बी.एन.मंडल स्टेडियम में जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला (भाप्रसे) द्वारा झंडोत्तोलन किया गया।  वहीं बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय में विद्वान कुलपति डॉ. (प्रो.) अवध किशोर राय द्वारा, टीपी कॉलेज में प्रधानाचार्य डॉ.के.पी.यादव द्वारा एवं किरण पब्लिक स्कूल में निदेशक अमन प्रकाश द्वारा 72वां  स्वतंत्रता दिवस  पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। कुलपति ने अपने सारगर्भित संबोधन में ज्ञान की विस्तृत चर्चाएं करते हुए कहा कि आगे किसी विशेष अवसर पर विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे प्रत्येक विधा के वैसे छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा जो प्रदेश एवं देश के स्तर पर इस विश्वविद्यालय का नाम रोशन करेंगे।

अन्य वर्षो की भांति इस वर्ष भी समाजसेवी डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी ने समाजवादियों के रहवर मनीषी भूपेन्द्र नारायण मंडल के नामवाले भूपेन्द्र चौक पर डॉ.आलोक कुमार, डॉ.लल्लन प्रसाद अद्री, संतकुमार, आनंद सहित शांति मध्य विद्यालय की छात्राओं एवं विद्यालय प्रधान श्रीमती लता देवी की टीम के बीच राष्ट्रीय ध्वजोत्तोलन किया और कहा कि सैकड़ों वर्षो तक हमारे पुरखों ने कुर्बानियां दी तब हमें 15 अगस्त 1947 को आजादी मिली और हम आजाद भारत में तिरंगा लहराते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि रवींद्रनाथ टैगोर, महात्मा गांधी, भूपेन्द्र नारायण मंडल, डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम जैसे कुछ लोग तो ऋषि का जीवन जीते हुए अपना सब कुछ देश के लिए न्योछावर कर दिया……. बच्चों ! उनकी जय करो…… उनके आचरण को जीवन में उतारो….. तथा सूरज की तरह चमकने के लिए सूरज की तरह जलना सीखो।

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हम इस धरती को जीने योग्य कैसे बनाएं…..?- डॉ.मधेपुरी

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के नार्थ कैंपस में सायंस ब्लॉक के पीछे महावीर वाटिका शिलान्यास कार्यक्रम के उद्घाटनकर्ता विद्वान कुलपति डॉ.ए.के.राय, मुख्य अतिथि कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार, अध्यक्षता कर रहे डॉ.अरुण कुमार मिश्रा, विशिष्ट अतिथि डॉ.शिवनारायण यादव एवं बीएन मुस्टा के महासचिव, सीनेटर व कार्यक्रम संचालक डॉ.नरेश कुमार की उपस्थिति में मधेपुरा के कलाम कहे जाने वाले समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने आज का सबसे बड़ा वैश्विक सवाल खड़ा करते हुए यही कहा कि इस धरती को हम लोग जीने योग्य कैसे बनाएं….?

Honourable Vice-Chancellor Dr.Awadh Kishor Ray, Samajsevi Dr.Madhepuri, Registrar Colonel Neeraj Kumar, Principal Dr.S.N.Yadav, Convenor Dr.Naresh Kumar & others inaugurating the function of Mahavi Vatika Shilanayas Samaroh at North Campus BNMU Madhepura.
Honourable Vice-Chancellor Dr.Awadh Kishor Ray, Samajsevi Dr.Madhepuri, Registrar Colonel Neeraj Kumar, Principal Dr.S.N.Yadav, Convenor Dr.Naresh Kumar & others inaugurating the function of Mahavir Vatika Shilanayas Samaroh at North Campus BNMU Madhepura.

बता दे कि कुलपति डॉ.राय के संरक्षण एवं महासचिव डॉ.नरेश कुमार के संचालन में आयोजित “माय बर्थ- माय अर्थ” की भरपूर सराहना करते हुए डॉ.मधेपुरी ने कहा कि धरती को रहने योग्य बनाने के लिए प्रकृति-पर्यावरण को बचाना जरूरी है। माननीय कुलपति सहित अन्य दान दाताओं के पद चिन्हों का अनुसरण करते हुए डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मानव जीवन को लंबी आयु देने के लिए एक वृक्ष अपने जीवन में करोड़ों रुपए का ऑक्सीजन देता है। वैसे जीवनदाायी वृक्षों की सुरक्षा हेतु बनाए गए “वृक्ष सुरक्षा कोष” में डॉ.मधेपुरी नेे तक्षण ₹5000/- प्रदान किये।

सुलझे सोच के नेक इंसान मुख्य अतिथि कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार ने कहा कि आज वैश्विक विचार सामने आ रहा है कि सृष्टि को बचाने के लिए प्रकृति-पर्यावरण को बचाना नितांत आवश्यक है। कर्नल नीरज ने स्नातकोत्तर विभागों के शिक्षकों सहित सभी विभागाध्यक्षों को संबोधित करते हुए कहा कि हम में से प्रत्येक कम-से-कम 10 वृक्ष लगाएं और उसकी देखभाल भी करें। कुलसचिव नीरज द्वारा अपनी 7 बीघे जमीन पर पौधे लगाए जाने की बातों को सुनते ही हाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

यह भी जानिए कि अपने उद्घाटन भाषण में माननीय कुलपति डॉ.राय ने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार जिस तरह मधेपुरा राजनीति के क्षेत्र में प्रदेश और देश को राह दिखाने का काम किया है उसी तरह हमारे यहाँ की “माय बर्थ-माय अर्थ” की राह पर महामहिम कुलाधिपति सह राज्यपाल सतपाल मलिक द्वारा बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में “हर परिसर हरा परिसर” का अभियान चलाया जा रहा है जिसमें बीएनएमयू की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

व्यवहारिक पक्षों को उजागर करते हुए कुलपति डॉ.राय ने कहा कि वृक्ष जन्म से लेकर मृत्यु पर्यंत हमारा साथ देता है। वृक्ष के बिना हमारा जीना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने यहाँ एक “जैव विविधता केंद्र” स्थापित किए जाने की जरूरत बताते हुए कहा कि हमेशा सरकार की ओर देखना सही नहीं, बल्कि समाज की भागीदारी भी जरूरी है।

इस अवसर पर आर्ट्स-सायंस व कॉमर्स के विभागाध्यक्षों सहित शिक्षकों की उपस्थिति रही जिनमें प्रमुख रूप से मौजूद रहे- डॉ.निखिल प्रसाद झा, डॉ.एच.एल.एस. जौहरी, डॉ.सीताराम शर्मा, डॉ.अरुण कुमार, डॉ.रामचंद्र मंडल, डॉ.बैजनाथ शाह, डॉ.विमल सागर, डॉ.प्रज्ञा प्रसाद, डॉ.मोहित घोष, डॉ.सुधांशु शेखर, डॉ.रीता सिंह, डॉ.विमला कुमारी आदि। अंत में वनस्पति विज्ञान के एचओडी डॉ.बलराम सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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पार्टी का आधार बढ़ाने को अभियान छेड़ेगा जदयू व्यावसायिक प्रकोष्ठ

जदयू व्यावसायिक प्रकोष्ठ ने पटना स्थित पार्टी मुख्यालय में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया। प्रकोष्ठ के पटना महानगर, पटना ग्रामीण और बाढ़ इकाई द्वारा आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधानपार्षद सह प्रकोष्ठ के संयोजक श्री ललन सर्राफ थे, जबकि जदयू के प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमार आर्य तथा मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री अरविन्द कुमार निराला उर्फ सिन्दूरिया, कोषाध्यक्ष श्री नीलू मशकरा, महासचिव श्री गणेश कानू, श्री नगीना चौरसिया, श्रीमती बेबी मंडल, पटना ग्रामीण के जिलाध्यक्ष श्री माणिक लाल, पटना महानगर के प्रभारी श्री उपेन्द्र विभूति एवं श्री अमरदीप पप्पू, श्री रीतेश कुमार, श्री रणजीत गुप्ता, श्री राजेश गुप्ता, श्री मिथिलेश कुमार, मो. अली समेत तीनों जिला इकाई के सैकडों सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस मौके पर लगभग 250 लोगों ने जदयू की सदस्यता लेते हुए जदयू की नीतियों और दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के आदर्शों पर चलने की शपथ ली।
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में श्री ललन सर्राफ ने कहा कि जदयू के प्रति निष्ठा रखने वाले हर साथी को समझना होगा कि हमारी पार्टी और हमारे नेता कैसे औरों से अलग हैं। उन्होंने कहा कि गांधी, जेपी, लोहिया, अंबेडकर और कर्पूरी के विचारों को आज कोई मूर्त रूप दे रहा है तो वे श्री नीतीश कुमार हैं। उन्होंने पार्टी से जुड़ने वाले सभी नए सदस्यों का स्वागत करते हुए ‘बढ़ता बिहार, नीतीश कुमार’ का नारा भी बुलंद किया।

JDU Media Cell President Dr. Amardeep Adreesing the Meeting
JDU Media Cell President Dr. Amardeep addressing the Meeting.

डॉ. नवीन कुमार आर्य ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि श्री नीतीश कुमार जैसे नेता युगों में पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि वैसे साथियों को प्रकोष्ठ के संगठन की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए जो स्वयं को पूर्ण रूप से दल के प्रति समर्पित कर सकें।
मीडिया प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने विस्तार से दल की नीतियों और मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों की चर्चा की और वर्तमान समय में पार्टी के प्रचार-प्रसार के लिए मीडिया के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने प्रदेश, जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर तक संगठन को और मजबूत करने की बात कही। इस दौरान तय किया गया कि हर बूथ पर समर्पित साथियों की टोली तैयार की जाएगी जिससे 2019 और 2020 के चुनाव में व्यावसायिक प्रकोष्ठ बड़ी भूमिका निभा सके। इस दौरान श्री ललन सर्राफ ने कहा कि छोटे-बड़े विभिन्न व्यवसायों से जुड़े लोगों को जदयू से जोड़ने का ये सिलसिला अनवरत चलता रहेगा।

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मधेपुरा के शिक्षालयों में अब महापुरुषों की पुस्तकें होंगी- डीईओ उग्रेस

मधेपुरा के जिला शिक्षा पदाधिकारी उग्रेस प्रसाद मंडल ने मधेपुरा अबतक को बताया कि मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजनान्तर्गत सरकार ने मिडिल स्कूल को 10 हजार, हाई स्कूल को 25 हजार एवं कॉलेजों को 50 हजार रुपए दी जाने वाली पुस्तक की राशि तय कर दी है। इसके लिए नूतन सिंह MLC ने जिले के 64 स्कूल व कॉलेजों को पुस्तक की राशि आवंटित कर दी है।

बता दें कि शुक्रवार 10 अगस्त को डीईओ उग्रेस प्रसाद मंडल ने चिन्हित स्कूल व कॉलेज के शिक्षक, एचएम व प्रधान के साथ बैठक किया। बैठक में डीईओ ने सबों से पुस्तक से जुड़ी सारे संबंधित विषयों पर जानकारी ली तथा यहाँ तक जानना चाहा कि उनके स्कूल के छात्र किस तरह की पुस्तकों में रुचि रखते हैं। अंत में डीईओ ने कहा कि सरकार द्वारा तय निर्देशानुसार महान विभूतियों, महापुरुषों एवं परिवार कल्याण के अतिरिक्त पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पुस्तकों की आपूर्ति भी की जाएगी।

इसके लिए जिले के 30 मिडिल स्कूल एवं 20 हाई स्कूल के साथ-साथ 14 कॉलेजों का भी चयन किया गया है। बैठक द्वारा चयनित पुस्तकों की सूची जिला योजना विभाग को सौंप दी जायेगी। अंत में बैठक में उपस्थित माध्यमिक के डीपीओ नारद प्रसाद द्विवेदी, बीईओ डाॅ.यदुवंश यादव आदि के साथ-साथ शिक्षक पंकज कुमार, वरीय कार्यालय सहायक श्रीमती कंचन कुमारी व समीर कुमार की उपस्थिति में एमएलसी फंड से स्कूल-कॉलेजों को पुस्तक दी जाने वाली राशि आवंटित करने हेतु उपस्थित जनों ने एमएलसी नूतन सिंह को हृदय से साधुवाद ज्ञापित किया।

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बी.पी.मंडल को मिले भारतरत्न- डॉ.मधेपुरी

मंडल विचार मंच एवं भारत साहित्य संगम के तत्वावधान में 9 अगस्त को प्रो.श्यामल किशोर यादव की अध्यक्षता में संकल्प दिवस मनाया गया। इस मौके पर उपस्थित मंडल के लोगों ने एक स्वर से सामाजिक न्याय के पुरोधा सह सामाजिक वैज्ञानिक बी.पी.मंडल को भारतरत्न से सम्मानित किए जाने की मांग की।

इस अवसर पर समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने अपने संबोधन में भारतरत्न डॉ.कलाम एवं भारतरत्न मदर टेरेसा के बीच हुई चर्चाओं को विस्तार देते हुए डॉ.कलाम की वाणी को यूँ उद्धृत किया- हे ईश्वर ! अभी मदर को धरती पर रहने दो, क्योंकि जिसे धरती पर अपना घर नहीं…… मदर का हृदय उसका घर है।

आगे डॉ.मधेपुरी ने कहा कि बी.पी. मंडल का भी हृदय उतना ही विशाल रहा है तभी तो उन्होंने भारत के सभी धर्मों की 3743 जातियों में जो जहाँ सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े मिले उन्हें सूचीबद्ध कर विशेष अवसर (27%आरक्षण) देकर विकास की मुख्यधारा में लाने की अनुशंसा अपने रिपोर्ट में की। अस्तु बी.पी.मंडल को भारतरत्न अवश्य मिले।

जहाँ अपने संबोधन के अंत में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि संविधान के प्रावधानों में लुक-छिप कर संशोधन करना बिल्कुल गलत है। उन्होंने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट को संविधान में संशोधन का काम अपने ऊपर नहीं लेना चाहिए वहीं मंडल विचार के प्रो.श्यामल किशोर यादव एवं साहित्य संगम के संस्थापक डॉ.अमोल राय ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आरक्षित वर्ग की सीमा निर्धारित कानून को सरकार पूर्ववत बनाये रखने के लिए समुचित पहल करे।

मौके पर गुरुओं के गुरु रहे सुकवि सत्यनारायण पोद्दार ‘सत्य’ द्वारा रचित ग्रंथ “वज्रपात” का विमोचन साहित्यकारों- डॉ.मधेपुरी, प्रो.श्यामल किशोर, डॉ.अमोल राय, डॉ.इंद्र नारायण, डॉ.विनय कुमार चौधरी, सियाराम यादव मयंक, प्राचार्य डॉ.एस.पी.यादव द्वारा उनके सुपुत्र विश्वविद्यालय प्रोफेसर डॉ.समरेंद्र नारायण आर्य सहित अन्य पारिवारिक सदस्यों की उपस्थिति में किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित करने के बाद उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि द्वारा किया गया फिर स्थानीय गायक रोशन कुमार द्वारा गाये गये स्वागत गान एवं संगीतज्ञ गांधी कुमार द्वारा साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी के मंडल गीत बी.पी.वंदना की प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा। लगे हाथ सृजन दर्पण के अध्यक्ष ओमप्रकाश एवं सचिव बिकास कुमार के निर्देशन में “मंडल मसीहा की आवाज” लघु नाटक का मंचन भी किया गया। मौके पर प्रमंडलीय शिक्षक संघ के सचिव परमेश्वरी प्रसाद यादव, मोहन मंडल, स्वदेश कुमार, राजेश मेहता, संजीव मेहता. योगी जनक सहित अधिवक्ता हरेंद्र नारायण आर्य, अंजनी कुमार, विदुषी डॉ.रेखा आर्या, डॉ.शैलेंद्र, कुमारी नूतन, प्रभाकर पोद्दार, राजेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।

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