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क्या खत्म हो गया महागठबंधन ?

देश को नया विकल्प देने की बात करने वाला महागठबंधन क्या खत्म हो गया? जी हाँ, मायावती और ममता बनर्जी के अलग रास्ता अख्तियार करने के बाद लगता कुछ ऐसा ही है। तेजी से बदले घटनाक्रम में बसपा सुप्रीमो मायावती के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी मंगलवार को साफ कर दिया कि चुनाव में वे कांग्रेस से अलग हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी जंग न सिर्फ भाजपा की अगुआई वाले एनडीए से होगी, बल्कि कांग्रेस से भी होगी।

स्पष्ट है कि सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश और तीसरे बड़े राज्य पश्चिम बंगाल में संभावित सहयोगियों के रुख ने न सिर्फ महागठबंधन को खारिज कर दिया है बल्कि कांग्रेस के लिए दूसरे राज्यों में भी चुनौतियां बढ़ा दी हैं। खासकर बिहार में इसका असर दिख सकता है। इन सबसे भाजपा के खिलाफ विपक्ष का बड़ा धड़ा बनाने की कांग्रेस की मुहिम खतरे में पड़ती दिख रही है।

बता दें कि कुछ दिनों पहले कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश में 10 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया था। इसके पीछे सीधा संदेश था कि बसपा-सपा गठबंधन इन सीटों पर कांग्रेस की दावेदारी माने या फिर कांग्रेस की अलग चुनौती के लिए तैयार रहे। पर कांग्रेस का दांव उसी के गले पड़ गया। मायावती ने दो कदम आगे जाकर स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस के साथ किसी भी राज्य में कोई समझौता नहीं होगा। यही नहीं, बसपा-सपा गठबंधन ने मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में भी दावा ठोक दिया है। उधर पिछले एक साल से लगातार विपक्षी दलों की बैठक में शामिल हो रहीं और अपने मंच पर कांग्रेस समेत दूसरे दलों को आने के लिए बाध्य कर रहीं ममता बनर्जी ने बंगाल की सभी 42 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं।

रही बात बिहार की तो यहां भी आरजेडी-कांग्रेस के बीच सीटों का बंटवारा नहीं हो पाया है। बताया जा रहा है कि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सहयोगी दलों को साफ लहजे में बोल दिया है कि वे अपनी राजनीतिक हैसियत से ज्यादा न मांगे। यह बयान कांग्रेस के लिहाज से खासतौर पर अहम है क्योंकि पार्टी ने यहां अपने कद से बड़ा मुंह खोल रखा है।

अन्य राज्यों की बात करें तो तेलंगाना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से साथ मिलकर लड़े आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू का रुख भी अब बदला-बदला है। प्रदेश की जनता को वह बताते फिर रहे हैं कि कांग्रेस के साथ केंद्र की रणनीति अलग है, लेकिन राज्य विधानसभा चुनाव में उनका कांग्रेस के साथ कोई लेना-देना नहीं है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच समझौते को भी खारिज ही किया जा रहा है।

ऐसे में सवाल उठता है कि विपक्षी दलों का एक साझा घोषणापत्र तैयार करने की जो कवायद शुरू हुई थी अब उसका क्या होगा। ध्यान रहे कि अब तक विपक्षी दलों के जमावड़े में 21 दलों को गिना जाता था और इसमें बसपा, सपा, तृणमूल कांग्रेस, टीडीपी और आप भी शामिल हुआ करती थीं। इन दलों के बिना क्या महागठबंधन का कोई अस्तित्व रह जाएगा?

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सीट शेयरिंग में देरी के कारण लालू कांग्रेस से खफा

कांग्रेस की बढ़ी हुई महत्वाकांक्षा और नखरे से खफा आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने सीटों के तालमेल और आखिरी दौर की बातचीत के लिए उसे तीन-चार दिनों का अल्टीमेटम दिया है। लालू ने साफ कहा है कि सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस हवा में दावा न करे। क्षेत्रीय दलों का सम्मान करते हुए हैसियत के हिसाब से बात करे। आरजेडी सुप्रीमो ने अपना संदेश कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तक पहुंचा दिया है। उम्मीद है कि लालू के इस कड़े रुख के बाद आज अहमदाबाद में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में इस पर कोई निर्णय हो। इसमें भाग लेने बिहार कांग्रेस के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल भी गए हुए हैं। लालू को आश्वस्त किया गया है कि इसके बाद आरजेडी एवं अन्य सहयोगी दलों के साथ बैठकर बिहार के मसले को सुलझा लिया जाएगा।

बिहार में पहले चरण में चार सीटों के लिए 18 मार्च से पर्चे भरे जाने हैं। ऐसे में मौजूदा हालात को देखते हुए आरजेडी और कांग्रेस के लिए आने वाले दो-तीन दिन काफी महत्वपूर्ण हैं। बातचीत बनी तो ठीक, नहीं तो दूसरे विकल्पों पर भी दोनों दल बढ़ सकते हैं। दरअसल, महागठबंधन में सीट बंटवारे के मसले पर पिछले ढाई महीने से घटक दलों में लगातार बातचीत हो रही है, लेकिन अभी तक समाधान नहीं निकल सका है, जबकि रांची के रिम्स में इलाज करा रहे लालू ने स्वयं इसके लिए कई बार पहल की है। इधर तेजस्वी यादव भी दिल्ली के कई दौरे कर चुके हैं। प्रदेश के नेताओं से भी बात हो रही है। किंतु नतीजा आज भी वही है, जो ढाई महीने पहले था। अब जबकि चुनाव की घोषणा हो चुकी है, आरजेडी की बेसब्री समझी जा सकती है। इन परिस्थितियों में महागठबंधन के छोटे घटक दल भी लालू पर दबाव बढ़ा रहे हैं। उधर एनडीए में सीटों की हिस्सेदारी तय हो जाने के कारण भी लालू पर दबाव बढ़ रहा है।

राजनीति के जानकार बताते हैं कि आरजेडी की परेशानी और चिढ़ की असली वजह कांग्रेस के बॉरो प्लेयर हैं। कांग्रेस ने दूसरे दलों से ‘प्लेयर’ बुलाकर आरजेडी के मजबूत आधार वाली सीटों पर दावेदारी ठोक रखी है। ऐसी सीटों में दरभंगा, मुंगेर, जहानाबाद, मोतिहारी, शिवहर, मधेपुरा, पूर्णिया और नवादा प्रमुख रूप से शामिल हैं। आरजेडी अपनी इन परंपरागत सीटों से समझौता करने के मूड में नहीं है। हो यह रहा है कि बातचीत के टेबल पर कांग्रेस कीर्ति झा आजाद, राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, अनंत सिंह, अरुण कुमार, लवली आनंद, उदय सिंह उर्फ पप्पू सिंह समेत वैसे प्रत्याशियों की सूची थमा देती है, जिन्हें दूसरे दलों से टिकट देने के लिए बुलाया गया है। एक-दो अपवाद को छोड़ लालू इसके लिए बिल्कुल तैयार नहीं हो रहे।

बताया जा रहा है कि लालू ने कांग्रेस को बॉरो प्लेयर को साइड करके बात करने की सलाह दी है। इसके पीछे एक वजह यह भी है कि कांग्रेस की देखादेखी रालोसपा भी कुछ वैसी सीटों के लिए मचल रही है, जहां आरजेडी का बढिय़ा आधार है। ऐसी सीटों में मोतिहारी और उजियारपुर शामिल हैं।

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त्रिदिवसीय राजकीय सिंहेश्वर महोत्सव को नृत्य एवं गीत ने बनाया यादगार

महाशिवरात्रि के अवसर पर त्रिदिवसीय राजकीय सिंहेश्वर महोत्सव के अंतिम दिन लखनऊ घराने के पंडित बिरजू महाराज की शिष्या एवं बिहार सरकार के 35वीं बैच की प्रशासनिक पदाधिकारी तथा लोकायुक्त कार्यालय में सचिव के पद पर कार्यरत नीलम चौधरी को कथक नृत्य सहयोगी सुब्रतो पंडित सहित अर्धनारेश्वर कार्यक्रम के साथ मंच पर देखते ही नृत्य व गीत प्रेमी दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका भरपूर स्वागत किया। इस मंच पर लगातार कई गीतों पर नृत्य की प्रस्तुति देने वाली नीलम चौधरी बिहार की पहली महिला नृत्यांगना हैं जो खजुराहो महोत्सव में भी भाग ले चुकी है। श्रीमती चौधरी द्वारा आंखों से शब्दों को कहने की खास शैली पर मंत्रमुग्ध होने के फलस्वरूप बीएन मंडल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक, कुलसचिव व कुलानुशासक रह चुके डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं संगीतकार रोशन कुमार आदि ने उनसे ग्रीन रूम में मिलकर यहां के बच्चों को कथक की तालीम देने की चर्चा की तथा उनकी टीम में शामिल सुब्रत पंडित, शाहिद आलम, मो.सारिक, संदीप सरकार, संस्कृति सुमन व बिपाशा सेन की सराहना की।

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri discussing with famous Kathak dancer Neelam Choudhary regarding the prospect & promotion of Kathak Dance in Kosi Region after her performance in Singheshwar Mahotsav.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri discussing with famous Kathak dancer Neelam Choudhary regarding the prospect & promotion of Kathak Dance in Kosi Region after her performance at Singheshwar Mahotsav.

बता दें कि महोत्सव में जहाँ बॉलीवुड के नामचीन प्लेबैक सिंगर शब्बीर कुमार की एक झलक पाने के लिए युवा वर्ग दिवाने हो गये तथा दर्जनों गाने गाकर शब्बीर ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया वहीं स्थानीय कलाकारों में वकील वाका अपने साथियों के साथ रक्त चरित्र ग्रुप डांस का जलवा बिखेरने एवं तालियां बटोरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा।

जहाँ एक ओर स्थानीय ओंकार नाथ संगीत संस्थान मधेपुरा के सना यादव के साथियों ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को बांधे रखा वहीं दूसरी ओर ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल स्कूल सिंहेश्वर के बच्चों ने “जाट-जटिन” लोक नृत्य पर कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

यह भी बता दें कि जहाँ सृजन दर्पण मधेपुरा के अध्यक्ष-सचिव ओम प्रकाश एवं विकास कुमार की टीम के सत्यम-निखिल-सुमन, राखी-रूपा-पुष्पा आदि ने “शिव होली खेले मसाने में” नृत्य नाटिका की बेहतरीन प्रस्तुति दी वहीं असम के बिहू कलाकारों की बांसुरी की धुन एवं ढोलक की थाप ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

चलते-चलते यह भी कि जिले के स्थापित कलाकारों में संजीव कुमार, प्रो.अरुण कुमार बच्चन, रोशन कुमार, मुकेश कुमार, शशिप्रभा जायसवाल एवं शिवाली ने सुगम संगीत तथा डॉ.रवि रंजन ने जहां शानदार तबला वादन प्रस्तुत किया वहीं चंदा रानी ने एकल नृत्य की बेहतरीन प्रस्तुति दी।

जहाँ इस राजकीय महोत्सव की सारी व्यवस्था डीएम नवदीप शुक्ला एवं एसपी संजय कुमार व एसडीएम वृंदा लाल की देखरेख में पीआरओ सह NDC रजनीश कुमार राय ने की वहीं मंच संचालन सौरभ सिंह एवं मनीषा ने किया। सहयोगी बने रहे- डॉ.रवि रंजन, रौशन एवं स्काउट प्रशिक्षक जयकृष्ण यादव…… आदि।

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जेल से ही एमपी उम्मीदवार चुनेंगे लालू और सिंबल भी बाटेंगे

राजद के राज्य एवं केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक में सर्व सम्मति से यह निर्णय लिया गया कि सभी लोकसभा एवं डेहरी सीट पर होने वाले विधानसभा उपचुनाव में उम्मीदवारों के चयन से लेकर सिंबल बांटने का सारा काम राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ही करेंगे। साथ ही यह भी कि समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन की संभावनाओं को भी राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद ही अंतिम रूप देंगे। यह जानकारी राज्यसभा सदस्य व पार्टी प्रवक्ता प्रो.मनोज झा द्वारा मीडिया को दी गयी।

बता दें कि चारा घोटाले में सजायाफ्ता लालू अभी राँची के रिम्स अस्पताल में अपना इलाज करवा रहे हैं। लालू की गैरमौजूदगी में राबरी देवी की अध्यक्षता में शनिवार को 10, सर्कुलर रोड वाले सरकारी आवास पर हुई बैठक के बाद राजद के राष्ट्रीय महासचिव कमर आलम व प्रवक्ता मनोज झा ने बताया कि अलग-अलग राज्य इकाइयों के प्रस्तावों पर सम्यक विचार करते हुए संसदीय बोर्ड ने उक्त निर्णय लिया है।

यह भी बता दें कि जेल से बाहर नहीं निकलने की स्थिति में सभी राजद प्रत्याशियों को सिंबल देने का विधान राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ही करेंगे जबकि पार्टी के सिंबल पर हस्ताक्षर को लेकर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है। यूँ राजद की ओर से सुप्रीम कोर्ट से जमानत लेने की कोशिश की जा रही है। बैठक में प्रतिपक्ष नेता तेजस्वी यादव, अवध बिहारी चौधरी, जगदानंद सिंह, कांति सिंह, मीसा भारती, रामचंद्र पूर्वे, अब्दुलवारी सिद्धकी, शिवानंद तिवारी, मंगनी लाल मंडल, शिवचंद्र राम, आलोक मेहता, चंद्रिका राय आदि मौजूद थे।

चलते-चलते यह भी बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले में हुए शहीदों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए राजद ने इस बार होली नहीं मनाने का फैसला किया है। साथ ही यह भी कि बैठक में तेज प्रताप यादव ने शिरकत नहीं की….. यहाँ तक कि उनकी पत्नी ऐश्वर्या राय फिलहाल राबड़ी के आवास पर ही रह रही है और तेजप्रताप पिछले 4 महीने से अपनी माँ की आवास पर पैर नहीं रखा है….. अलग सरकारी आवास आवंटित कराकर रह रहे हैं।

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सिंहेश्वर महोत्सव का भव्य उद्घाटन

बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से सिंहेश्वर मवेशी हाट परिसर में त्रि-दिवसीय छठे सिंहेश्वर महोत्सव का भव्य उद्घाटन एससी-एसटी मंत्री डॉ.रमेश ऋषिदेव ने पूर्व मंत्री व विधायक नरेन्द्र नारायण यादव, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, सियाराम यादव, स्काउट एंड गाइड आयुक्त जयकृषण यादव, सिंहेश्वर प्रमुख चंद्रकला देवी आदि के साथ संयुक्त रुप से दीप प्रज्वलित कर किया।  इस अवसर पर डीएम नवदीप शुक्ला, एसपी संजय कुमार, जदयू के जिलाध्यक्ष प्रो.बिजेन्द्र नारायण यादव, ट्रस्ट सदस्य सत्यजीत यादव, प्रमुख प्रतिनिधि जय प्रकाश यादव आदि मंचासीन रहे।

उद्घाटन कर्ता मंत्री डॉ.रमेश ऋषिदेव ने अपने विस्तृत संबोधन में कहा कि विकास पुरुष नीतीश कुमार की घोषणा के पश्चात विगत 6 वर्षों से यह सिंहेश्वर महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रामायण मंचन के लिए पर्यटन मंत्री से राशि स्वीकृत करने हेतु अनुरोध किया गया था। जिलाप्रशासन के प्रयास से पर्यटन विभाग ने इसके लिए राशि स्वीकृत भी कर दी। रामायण मंचन 11 से 15 मार्च तक चलेगा। कल्याण मंत्री डॉ.रमेश ने कहा कि यह नगरी वंचितों के नाथ उस भोलेनाथ की है जिन्हें अपना घर नहीं है। फिर भी लोग जब भी बाबा को याद करते हैं तो उनका नेत्र जरूर खुलता है….. उनके बारे में जितना बोला जाय वह कम ही होगा।

इस अवसर पर ओंकार ग्रुप एवं किरण पब्लिक स्कूल के बच्चों ने स्वागत गान प्रस्तुत किया। लोक निवारण पदाधिकारी शिव कुमार शैव ने अतिथियों का स्वागत किया। पदाधिकारियों ने उद्घाटन कर्ता सहित सभी विशिष्ट अतिथियों को बुके-अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया। जहाँ धन्यवाद ज्ञापन किया एडीएम उपेंद्र कुमार ने वहीं अंत तक मंच संचालन किया ममता कुमारी एवं स्काउट प्रशिक्षक जयकृष्ण यादव ने।

सर्वप्रथम प्रमुख वक्ता के रूप में मधेपुरा के अभिभावक एवं भीष्म पितामह कहे जाने वाले डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी को संबोधित करने हेतु आवाज दी गई। डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि शिव तो स्वयं अर्धनारीश्वर है यानि आधा पुरुष और आधा महिला। शिव ने महिलाओं को बराबरी का अधिकार दिया है। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि सुखद संयोग है कि आज सिंहेश्वर महोत्सव के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस भी है। पहले इस दिवस का इंतजार इसलिए लोग करते थे कि कोई न कोई भारतीय महिला हवाई जहाज चलाती हुई दिखेगी परंतु आज की तारीख में भारत में विश्व का पहला देश है जहाँ सबसे अधिक महिला पायलट है। उन्होंने विश्व एवं भारतीय महिलाओं के शौर्य का विस्तृत वखान करते हुए मधेपुरा की अंतर्राष्ट्रीय जुडो कराटे खिलाड़ी सोनी राज, नेशनल टे.टे. खिलाड़ी रियांशी गुप्ता आदि की प्रतिभा का भरपूर बखान किया।

उद्घाटन समारोह को विस्तार से संबोधित करते हुए आलमनगर के लोकप्रिय विधायक एवं विभिन्न विभागों में मंत्री रहे नरेन्द्र नारायण यादव ने कहा कि हमारा देश अध्यात्मिक है और इसकी संस्कृति गंगा-जमुनी तहजीब से जुड़ी है जिसका मुकाबला संसार का कोई देश नहीं कर सकता | एक और अध्यक्षता कर रहे डीएम नवदीप शुक्ला ने जहाँ स्थानीय लोगों से अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए त्रि-दिवसीय महोत्सव में स्थानीय एवं बाहर से आनेवाले मैथिली ठाकुर, पल्लवी जोशी सहित बॉलीवुड के पार्श्व गायक शब्बीर कुमार सरीखे नामचीन कलाकारों की प्रस्तुति का शांतिपूर्ण आनंद लेने की बात कही वहीं दूसरी ओर एसपी संजय कुमार ने कहा कि मेला के दौरान अन्य जिलों से 50 पुलिस पदाधिकारियों के साथ-साथ 200 पुलिसकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है | स्थानीय युवा संगठन भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने में लगा है….. आप निर्भीक होकर महोत्सव एवं रामायण मंचन का आनंद लें |

मौके पर ट्रस्ट सचिव सह एसडीएम वृंदालाल, एसडीपीओ वशी अहमद, एनडीसी रजनीश कुमार सहित बीडीओ अजीत कुमार, सीओ के.के.सिंह के चुस्त-दुरुस्त प्रबंधन में जदयू जिलाध्यक्ष प्रो.बिजेन्द्र नारायण यादव, नेता द्वय सियाराम यादव-सत्यजीत यादव, प्रमुख प्रतिनिधि जय प्रकाश यादव, राजेश रंजन झा आदि ने भी महोत्सव के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया | मुख्य रूप से अशोक चौधरी, हरेन्द्र मंडल, दीपक यादव, सफीक आलम, मनोज दास, मोहन मिश्र, इम्तियाज आलम, रवि कुमार आदि मौजूद थे जिन्होंने इलाहाबाद से आये कलाकारों की महाआरती एवं पूर्वोत्तर के कलाकारों सहित इंडियन आयडल व सारेगामापा के सुरंजन सेन की अद्भुत प्रस्तुति का रसास्वादन किया और अंत तक सारे के सारे संगीत प्रेमी श्रोता डटे रहे |

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त्रि दिवसीय सिंहेश्वर महोत्सव में शब्बीर-पल्लवी-मैथिली की गूंजेगी सुर लहरियां

बिहार सरकार के युवा-संस्कृति व पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन के तत्वावधान में त्रिदिवसीय सिंहेश्वर महोत्सव का भव्य आयोजन मवेशी हाट परिसर में व्यापक तैयारी के साथ पूरी कर ली गयी है। पर्यटन विभाग ने महोत्सव के लिए  16.50 लाख की राशि आवंटित की है। यह  त्रिदिवसीय महोत्सव 8-9-10 मार्च को आयोजित किये जाने का सर्व सम्मत प्रस्ताव पूर्व में ही आयोजन समिति की बैठक में ली जा चुकी है।

बता दें कि त्रिदिवसीय सिंहेश्वर महोत्सव का उद्घाटन एससी-एसटी मंत्री डॉ.रमेश ऋषिदेव द्वारा 8 मार्च को किया जाएगा। उद्घाटन कार्यक्रम संपन्न होते ही शाम 4:00 बजे से इलाहाबाद के कलाकार देवाधिदेव महादेव की महाआरती एवं भव्य झांकी प्रस्तुत करेंगे। शाम 6:00 बजे से संध्या 7:00 बजे तक नार्थ-ईस्ट के कलाकार मनमोहक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के साथ स्टेज पर आएंगे। आगे 7:00 से 10:00 बजे रात्रि तक इंडियन आयडल के कलाकारों द्वारा मस्त-मस्त जलवे भी बिखेरे जाएंगे।

यह भी बता दें कि मार्च 9 की शाम में 4:00 बजे से 7:00 बजे तक स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति होंगी। आगे 7:00 बजे से रात 10:00 बजे तक सधी हुई सुर की मलिका मैथिली ठाकुर एवं पल्लवी जोशी अपनी गायकी से शिवभक्त श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन करेंगी।

अंतिम दिन यानि 10 मार्च को 4:00 बजे शाम से 7:00 बजे संध्या तक स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति के बाद कत्थक नृत्य की बेजोड़ प्रस्तुति नीलम चौधरी द्वारा रात्रि 8:00 बजे तक आप देखेंगे। आगे 8:00 बजे रात्रि से फिल्म नगरी मुंबई के नामचीन गायक शब्बीर कुमार की स्वर लहरियों से ऋष्य श्रृंग  की देवनगरी सिंहेश्वर स्थान की वादियाँ गुंजायमान होती रहेंगी और श्रोतागण झूमते रहेंगे।

डीएम नवदीप शुक्ला एवं आरक्षी अधीक्षक संजय कुमार की टीम द्वारा सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच एसडीएम सह सिंहेश्वर टेंपल ट्रस्ट के सचिव वृंदालाल और एसडीपीओ वशी अहमद ने शहर के सभी वर्गों के लोगों से निर्भीक होकर उत्सवी माहौल कायम रखने की अपील की है।

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और पप्पू ने तेजस्वी को ‘बंदर’ कह दिया!

जाप (जन अधिकार पार्टी) के संरक्षक और मधेपुरा से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने आरजेडी नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर न केवल तीखा बल्कि अमर्यादित तंज कसा है। उन्होंने बिना नाम लिए इशारों में उन्हें बंदर की संज्ञा दे दी है। उन्होंने कहा कि बिहार में महागठबंधन का नेतृत्‍व बंदर के हाथों में है। यही नहीं, उनकी राय में इसका नेतृत्व कांग्रेस को करना चाहिए। इसके साथ ही उन्‍होंने महागठबंधन में शामिल होने पर दो सीटों की अपनी मांग भी स्‍पष्‍ट कर दी।

गौरतलब है कि पप्‍पू यादव समय-समय पर आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को अपना नेता बताते रहे हैं, जबकि उनके घोषित और अब बहुत हद तक सर्वमान्य उत्तराधिकारी तेजस्‍वी से उन्हें सख्त परहेज है। उधर तेजस्वी भी पप्पू को महागठबंधन में शामिल किए जाने के पक्ष में नहीं हैं। बता दें कि चारा घोटाले में सजा काट रहे और अस्वस्थ लालू की अनुपस्थिति में तेजस्‍वी ही पार्टी का काम देख रहे हैं।

बहरहाल, बकौल पप्पू यादव बिहार में महागठबंधन का नेतृत्व कांग्रेस को करना चाहिए। उनकी मानें तो जिस प्रकार भाजपा ने बड़ा दिल दिखाते हुए महाराष्ट्र और बिहार में गठबंधन किया, उसी तरह का दिल कांग्रेस को दिखाना चाहिए। पप्पू ने यह भी बताया कि उन्होंने कांग्रेस को अपनी बात बता दी है। और हाँ, 2 सीटों के साथ महागठबंधन में अपनी जगह बनाने में जुटे पप्पू ने 2020 विधानसभा की योजना भी साझा की और कहा कि उनकी पार्टी 2020 का चुनाव विपक्ष के रूप में लड़ेगी।

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दौरम मधेपुरा स्टेशन का प्लेटफार्म न.- 01 मात्र 90 दिनों में होगा ऊँचा

सर्वाधिक कष्ट सहा बड़ी रेल लाईन बनने के बाद दौरम मधेपुरा स्टेशन पर यात्रियों ने। सोचिए तो सही अपनी बूढ़ी माँ को गोद में लेकर बेटा ट्रेन के डब्बे में नहीं चढ़ा पाया तो दूसरे दिन घर से कुर्सी लेकर आया….. कोई-कोई संपन्न परिवार के लोग तो पूर्णिया जाने के लिए अपनी गाड़ी से मधेपुरा से सहरसा जाकर उसी गाड़ी पर सवार होते और फिर मधेपुरा होकर ही गुजरते जिसे वे दो दिनों तक प्रयास करने के बावजूद भी शरीर वजनी होने के कारण नहीं चढ़ पाये थे।

बता दें कि 26 फरवरी से दौरम मधेपुरा स्टेशन के प्लेटफार्म को साढ़े तीन फीट ऊंचा करने का काम विधिवत रूप से प्रारंभ कर दिया गया है। रेलवे अधिकारी आई ओ डब्लू प्रकाश कुमार ने मधेपुरा अबतक को बताया कि दोनों ओर के प्लेटफार्म को ऊंचा करने के साथ-साथ प्लेटफार्म की लंबाई भी बढ़ाना है। बताया गया कि इस कार्य में लगभग साढ़े तीन करोड़ रुपये खर्च किए जायेंगे और 90 दिनों में बनकर तैयार हो जाएगा। यह भी कहा गया कि प्लेटफार्म की लंबाई लगभग दोगुनी करने की योजना है यानी प्लेटफार्म नंबर-1 वर्तमान में 395 मीटर है उसे बढ़ाकर लगभग 600 मीटर किया जायगा। फिलहाल प्लेट ढाला जा रहा है। लगे हाथ मिट्टी भरवा कर प्लेटफॉर्म ढलाई कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा।

आगे प्रकाश कुमार(IOW) ने यह भी कहा कि प्लेटफार्म ऊंचा करने के साथ ही उसके शेड की लंबाई भी बढ़ाई जा रही है। प्लेटफार्म नंबर एक की वर्तमान लंबाई 175 मीटर को बढ़ाकर 250 मीटर किया जाएगा तब यात्रियों को ट्रेन में सवार होने में सुविधा होगी और काफी सहूलियत भी होगी।

चलते-चलते यह भी बता दें कि दौरम मधेपुरा स्टेशन के इन कार्यो को पूरा करने का कार्य भारतीय रेलवे ने  “आसीत इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड” को आवंटित किया गया है। 26 फरवरी से कार्य एजेंसी ने प्लेटफार्म न.- एक को ऊंचा करने का काम भी प्रारंभ कर दिया है। कार्य को होते देख स्टेशन के आस-पास के लोग एवं यात्रियों में प्रसन्नता की लहर दौड़ने लगी है।

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महाशिवरात्रि पर संपूर्ण शिवलोक ही जिले की धरती पर उतर आया

महाशिवरात्रि के अवसर पर मधेपुरा जिले का कण-कण शिवमय हो गया। हर-हर महादेव के गगनभेदी स्वरों से आकाश गूंजता रहा। पड़ोसी देश नेपाल के अलावा पूर्वांचल, सीमांचल और मिथिलांचल के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के लोग भी एक दिन पहले ऋष्यश्रृंग की देवनगरी सिंहेश्वरस्थान पहुंच गये थे तथा कांवर लिए और लोग पहुंच रहे थे।

District Judge Manmohan Lal Sharan, SP Sanjay Singh, Trust Member Dr.Bhupendra Madhepuri and others attending inaugural ceremony of Singheshwar Mela.
District & Session Judge Manmohan Lal Sharan, SP Sanjay Kumar, Trust Member Dr.Bhupendra Madhepuri and others attending inaugural ceremony of Singheshwar Mela.

बता दें कि सरकारी घोषणा के अनुसार एक महीना तक चलने वाला यह मेला चार चरणों में- उद्घाटन, शाम में भोलेनाथ का व्याह, 8 से 10 मार्च तक सिंहेश्वर महोत्सव और 11 से 15 मार्च तक रामलीला कार्यक्रम में बाँटकर जाना जा सकता है। सर्वप्रथम धन्यवाद गेट पर जवाहर नवोदय एवं किरण पब्लिक स्कूल सहित स्काउट एंड गाईड के छात्रों द्वारा बाजे-गाजे व झंडे के साथ बेहतरीन प्रस्तुति के बीच जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश मनमोहन लाल शरण ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर उद्घाटन किया तथा डीआरडीए मंच पर जिला जज ने दीप प्रज्जवलित करने के बाद कहा कि सौभाग्य है हमारा कि इस पावन धरती पर आने का अवसर मिला। उन्होंने सिंहेश्वर की जमकर तारीफ की।

यह भी बता दें कि इस उद्घाटन समारोह में जिले के जांवाज एसपी संजय सिंह, एडीएम उपेन्द्र कुमार, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, बीडीओ अजीत कुमार, सीओ के.के.सिंह, एसडीपीओ वशी अहमद, थानाध्यक्ष एसके गुप्ता , पीआरओ रजनीश कुमार , प्रमुख चंद्रकला देवी व डॉ.शांति यादव आदि की उपस्थिति बनी रही।

इस अवसर पर ट्रस्ट के सदस्य एवं समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने सर्वप्रथम आयोजन में उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए देवाधिदेव महादेव एवं श्रृंगी ऋषि के हजारों वर्ष पूर्व के इतिहास से उन्हें अवगत कराया। डॉ.मधेपुरी ने शिव को समन्वयकारी बताते हुए डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम और निवर्तमान डीएम मो.सोहैल की भी चर्चा की। उन्होंने ट्रस्ट कार्यालय में एक पुस्तकालय आरंभ करने की मांग करते हुए अध्यक्ष सह सचिव एसडीएम वृंदालाल  से कहा कि उसमें वेद-पुराण व अन्य समस्त गवेषनात्मक धार्मिक ग्रंथों के अतिरिक्त स्थानीय साहित्यकार-इतिहासकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ सरीखे लेखक की सिंहेश्वर स्थान का संपूर्ण इतिहास एवं मंत्रद्रर्ष्टा ऋष्यश्रृंग….. आदि भी क्रय कर रखनी चाहिए। डॉ.मधेपुरी ने अंत में शौर्ययुक्त शहीदों को याद करते हुए वायुवीर अभिनंदन का अभिनंदन हर-हर महादेव के जयकारे के साथ सम्मिलित रूप से किया।

जहाँ जिले के एसपी संजय कुमार ने उपस्थित शिव भक्तों को 50 पुलिस पदाधिकारी तथा 200 पुलिस बल की तैनाती के साथ सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए यही कहा कि बाबा सिंहेश्वर नाथ अनादि काल से पूजनीय हैं एवं यहां के लोग सौभाग्यशाली हैं कि वे इस धरती के निवासी हैं वहीं एडीएम उपेंद्र कुमार झा ने स्थानीय श्रद्धालुओं से साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात इसलिए कही कि बाहर से आये लोग उनकी तारीफ करें और उन्होंने सिंहेश्वर महोत्सव 8 से 10 मार्च तक होने की जानकारी भी दी। आरम्भ में जहाँ नवोदय की छात्राओं ने स्वागत गान एवं अंत में धन्यवाद ज्ञापन ट्रस्ट के सचिव वृंदालाल ने किया वहीं मंच संचालन जिला कब्बडी संघ के सचिव अरुण कुमार ने किया।

मंचीय उद्घाटन के बाद डीजे, एसपी, एडीएम एवं डॉ.मधेपुरी आदि द्वारा दर्जनों स्टॉल का उद्घाटन फीता काटकर किया गया जिसमें स्काउट एंड गाईड के आयुक्त जय कृष्ण यादव की आपात कालीन प्रदर्शनी, कृषि प्रदर्शनी, उद्योग विभाग, नारियल विकास वोर्ड, रेडक्रास, प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी विश्वविद्यालय…… आदि प्रमुख हैं।

Singheshwar Mandir Trust Chairman - Secretary SDM Vrindalal, Trust Member Dr.Bhupendra Madhepuri and others attending Bararat of Lord Shiva on the occasion of Mahashivratri.
Singheshwar Mandir Trust Chairman – Secretary SDM Vrindalal, Trust Member Dr.Bhupendra Madhepuri and others attending Bararat of Lord Shiva on the occasion of Mahashivratri.

शाम 4:00 बजे से 8:00 बजे तक दुल्हा भोलेनाथ के रथ पर सजधज कर लोकनिया- सचिव वृंदालाल, सीओ के.के.सिंह, ट्रस्ट के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी , उपेन्द्र रजक, मनोज कुमार दास, सरोज सिंह एवं स्थानीय सदस्य अधिकारी-पदाधिकारी हजारों-हजार बारातीगण के साथ बाजे-गाजे बजाते हुए गौरीपुर पहुंचे। गौरीपुर के लोग अपने-अपने घरों पर दिवाली की तरह दीप जलाये और भोलेनाथ के दर्शन हेतु महिलाएं थाली में पान-अक्षत व दीप-अगरबत्ती जलाये हर दरवाजे पर खड़ी देखी गई। भोलेनाथ को गौरी के पास चार दिनों के लिए छोड़कर सभी बाराती मंदिर लौट आये।

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बीएनएमयू में पहली बार मनेगा भारतीय दार्शनिक दिवस

भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत संचालित भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद द्वारा बी.एन. मंडल विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर दर्शन शास्त्र विभाग का चयन किया गया है। विश्वविद्यालय को 20 हज़ार का अनुदान दिया गया है ताकि भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा आगामी 9 मई 2019 को शंकराचार्य जयंती के अवसर पर….. पहली बार मनायेगा भव्य भारतीय दार्शनिक दिवस। देश के 28 संस्थानों में बिहार से एक मात्र बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के पीजी दर्शन शास्त्र विभाग का चयन हुआ है।

बता दें कि जहाँ उक्त जानकारी दर्शनशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर सह विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ.सुधांशु शेखर ने दी वहीं आप यह भी जान लें कि जब से वर्तमान कुलपति प्रो.(डॉ.) ए.के.राय एवं प्रतिकुलपति डॉ.फारूक अली यहाँ आये हैं तब से प्रायः हर चीज पहली बार होने लगा है- रजत जयंती 2 वर्ष बाद ही सही लेकिन पहली बार फरवरी 2019 से फरवरी 2020 तक मनाने का निर्णय लिया गया……. 85 कारसेवकों की स्थाई नियुक्ति पहली बार……. छात्र संगठन का शांतिपूर्ण चुनाव पहली बार…… खुले आसमान के नीचे दीक्षांत समारोह का आयोजन पहली बार…… राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का नॉर्थ कैंपस में आयोजन पहली बार….. और आगामी 9 मई को मनाया जाएगा भारतीय दार्शनिक दिवस पहली बार…. आदि-आदि। पहली बार होने के लिए केवल रह गया है- वर्गों में भारी संख्या में उपस्थित छात्र-छात्राओं को मशगुल होकर पढ़ाते हुए शिक्षकों का दर्शन होना, जिसके लिए वीसी और प्रोवीसी की पूरी टीम नये-नये उपायों की तलाश में लगे हैं…… आगे कदम बढ़ा चुके हैं।

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