कल 8 जून से देश भर में जदयू का सदस्यता अभियान शुरू होने जा रहा है। पटना स्थित जदयू मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसकी शुरुआत करेंगे। पिछली बार जदयू ने 50 लाख सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा था। इस बार इस लक्ष्य में और इजाफा होने की संभावना है क्योंकि नीतीश कुमार के अध्यक्ष बनने के बाद जदयू ने कई राज्यों में अपनी उपस्थिति दर्ज की है और अब वह राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने की ओर अग्रसर है।
बहरहाल, 8 जून को राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार अपने बूथ के 25 वोटरों को जदयू का सदस्य बनाकर अभियान की विधिवत शुरुआत करेंगे। उनके साथ ही बिहार प्रदेश जदयू के अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह भी अपने बूथ के 25 वोटरों को सदस्यता प्रदान करेंगे। इस मौके पर विभिन्न प्रदेशों के जदयू अध्यक्ष भी उपस्थित रहेंगे। राज्य भर में व्यापक सदस्यता अभियान चलाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। पार्टी के सभी सांसद, विधायक, विधानपार्षद, राष्ट्रीय पदाधिकारी, राज्य पदाधिकारी, पार्टी एवं प्रकोष्ठों के जिला, प्रखंड, पंचायत तथा वार्ड प्रतिनिधि अपने-अपने बूथ पर 25 लोगों को सदस्यता दिलाकर खुद क्रियाशील सदस्य बनेंगे। जदयू के संविधान के मुताबिक पार्टी की सदस्यता तीन वर्षों के लिए होती है। पूर्व में 5 जून 2016 को वर्ष 2016-2019 के लिए सदस्यता दिलाई गई थी, जिसकी अवधि पूरी हो चुकी है।
गौरतलब है कि जदयू का यह सदस्यता अभियान 5 जुलाई तक चलेगा। उसके बाद पार्टी की प्राथमिक इकाई से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक चुनाव सम्पन्न कराने की प्रक्रिया शुरू होगी। 2020 में बिहार में होने जा रहे विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी इस अभियान में कोई कोर-कसर नहीं रखना चाहती। बिहार के साथ ही अन्य राज्यों में भी जदयू बड़ी संख्या में सदस्यों को जोड़ना चाहेगी ताकि नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर आदि राज्यों में हाल के दिनों में मिली सफलता के बाद राष्ट्रीय पार्टी का नजदीक दिख रहा दर्जा जल्दी मिल सके। बतातें चलें कि सदस्यता अभियान के ठीक अगले दिन 1, अणे मार्ग में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भी रखी गई है।
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पर्यावरण संरक्षण के लिए चारों ओर पौधरोपण, संकल्प व विचार गोष्ठी
वर्ष 1973 के 5 जून से यूएनओ द्वारा प्रतिवर्ष विश्व पर्यावरण दिवस (डब्लूईडी) मनाये जाने के प्रस्ताव को दुनिया के सभी देशों ने सिर आंखों पर उठा लिया और चारों ओर वृक्षारोपण का कार्यक्रम धूम मचाने लगा | कहीं-कहीं तो वृक्षों को काटकर औद्योगीकरण को बढ़ावा दिये जाने के विरुद्ध “चिपको आंदोलन” तक शुरू किया गया |
विश्वविद्यालय से लेकर महाविद्यालयों तक एवं प्रखंड मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक छात्रों व शिक्षकों के साथ-साथ अधिकारियों एवं पदाधिकारियों द्वारा वृक्षारोपण जमकर किया गया | स्कूल-कॉलेज के परिसर से लेकर मंदिर और मदरसे के परिसरों में पौधरोपण हर अवसर की तरह पर्यावरण दिवस पर भी किया गया | विश्व पर्यावरण दिवस पर वन विभाग व भिन्न-भिन्न संस्थाओं द्वारा मुफ्त में पौधे भी बांटे गये | एक ओर प्रांगण रंगमंच द्वारा जहाँ बीपी मंडल नगर भवन के परिसर में पौधरोपण किया गया वहीं दूसरी ओर श्रृंगी ऋषि सेवा मिशन द्वारा सिंहेश्वर में पौधारोपण किया गया |

यह भी बता दें कि मधेपुरा में बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.ए.के.राय की टीम ने इस अवसर पर जहाँ पुराने कैंपस में पौधरोपण किया वहीं न्यू कैंपस में “माय बर्थ माय अर्थ” के संयोजक सीनेटर डॉ.नरेश कुमार की टीम द्वारा “Beat Air Pollution” थीम पर उत्कृष्ट कार्यशाला का आयोजन किया गया- जिसके उद्घातनकर्ता वित्तपरामर्शी एससी दास, मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी के साथ-साथ सीसीए के अध्यक्ष डॉ.कामेश्वर कुमार, सोशल साइंस डीन डॉ.शिव मुनि यादव, पूर्व प्राचार्य डॉ.सुरेश प्रसाद यादव, डॉ.एच.एल.एस.जौहरी एवं खेल गुरु संत कुमार आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया | अतिथियों का स्वागत गमले के साथ पौधा देकर किया गया | सबों ने पौधरोपण को सर्ववश्रेष्ठ बताया |

जानिए कि जहाँ जिले के सभी प्रखंडों के पदाधिकारियों सहित पूर्व प्रखंड विकास पदाधिकारी दिवाकर कुमार ने नेहरू युवा केंद्र के बैनर तले आयोजित पर्यावरण दिवस के अवसर पर कहा कि पौधा लगाकर ही पर्यावरण को शुद्ध रखा जा सकता है वहीं सुदूर अवस्थित युवीके कॉलेज करम्मा में कुलपति, प्रभारी कुलसचिव व प्राचार्य के अतिरिक्त उदाकिशुनगंज के डीसीएलआर ललित कुमार सिंह आदि ने एक स्वर से यही कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के खतरे से दुनिया को बचाने के लिए पौधरोपण जरूरी है |
इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि केवल पौधरोपण से “बीट एयर पॉल्यूशन” पर विजय का परचम कदापि नहीं लहराया जा सकता….. इस थीम पर जीत हासिल करने के लिए धरती पर रहने वाले समस्त युवाओं को विशेष रूप से अपनी इच्छाओं पर लगाम लगाना होगा, क्योंकि आवश्यक आवश्यकताओं की पूर्ति तो हमें करनी ही होगी | उदाहरण देकर समझाते हुए डॉ.मधेपुरी ने कहा- चार भाइयों वाले परिवार में एक बाइक से गृह कार्य पूरा हो जाता है तो चारों को अलग-अलग बाइक लेने की इच्छा का परित्याग करना ही चाहिए……| यदि ऐसा हो जाता है तो ग्लोबल वार्मिंग रुकेगा और सूर्य से निकलने वाली हानिकारक किरणें ओजोन लेयर पार नहीं करेगी…… तब स्कीन कैंसर जैसी बीमारियों के कारण हमें जान नहीं गवानी पड़ेगी |
चलते-चलते यह भी बता दें कि डॉ.मधेपुरी ने भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम, देशरत्न डॉ.राजेंद्र प्रसाद और वृक्ष माता पद्मश्री सालुमारदा थिमक्का के पौधों के प्रति अगाध प्यार को विस्तार से उद्धृत करते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु हर किसी को चौकस एवं चौकन्ना रहने के लिए प्रेरित किया | शालिनी कुमारी ने मंच संचालन किया और सीसीएस के सचिव डॉ.नरेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया |
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जिले में आज ईद हर्षोल्लास के साथ मनाई गयी
आज रमजान के पवित्र महीने की समाप्ति पर ईद-उल-फितर के पावन अवसर पर जहाँ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व महामहिम राज्यपाल लालजी टंडन द्वारा बिहार वासियों को हार्दिक बधाई, शुभकामना व मुबारकबाद दिया गया वहीं जिला मुख्यालय मधेपुरा के मुस्लिम बच्चे-बूढ़े व नौजवानों के साथ मधेपुरा के डॉ.कलाम कहे जाने वाले समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी एक-दूसरे से गले मिलकर ईद मुबारक के साथ-साथ यह भी कहा कि ईद और होली आपसी सौहार्द व प्रेम का प्रतीक है | डॉ.मधेपुरी ने ईद को हर्षोल्लास के साथ इस तरह मनाने की चर्चा की ताकि भारत की “गंगा-जमुनी” संस्कृति में और अधिक निखार आये और लोग मधेपुरी की पंक्तियाँ सदैव गुनगुनाये –
होली ईद मनाओ मिलकर,
कभी रंग को भंग करो मत।
भारत की सुन्दरतम छवि को,
मधेपुरी बदरंग करो मत।।

यह भी बता दें कि जिला प्रशासन की ओर से चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था के दरमियान शहर के जामा मस्जिद के इमाम मो.मुस्तकीम की अगुवाई में स्थानीय ईदगाह में उपस्थित समस्त अकीदतमंदों ने ईद की नमाज अदा की | इमाम ने ईदगाह में सुबह की नमाज से पहले हर मुसलमान का फर्ज बताया कि वह बेकसों को दान(जकात) दें | इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी द्वारा बेसहारा लोगों को भी दान देते देखा गया तथा यह कहते सुना भी गया कि 1 महीने के रोजा से हमदर्दी, प्रेम-मोहब्बत, नैतिक पवित्रता एवं आचरण सौंदर्य का विकास होता है |
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छात्र जीवन में सीखी बातें आजीवन काम आती है- डॉ.मधेपुरी
पार्वती सायंस कॉलेज की एनएसएस इकाई-01 द्वारा जजहट-सबैला पंचायत के वार्ड न-10 के महादलित (ऋषिदेव) टोला वाले नवसृजित प्राथमिक विद्यालय में सात दिवसीय विशेष शिविर (2-8 जून तक) का आयोजन किया गया | शिविर में अधिक संख्या में छात्राओं की भागीदारी देखी गई जो ग्रामीण महिलाओं के बीच शिक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करेगी |
सात दिवसीय विशेष शिविर का उद्घाटन समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी सहित विश्व नशा उन्मूलन एवं कल्याण मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गंगा राम दास, प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रमंडलीय अध्यक्ष बैजनाथ यादव, समाजसेवी नेता अरविंद कुमार, खेलगुरु संत कुमार व एनएसएस पदाधिकारी डॉ.अभय कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया |
डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित महिलाओं को खासतौर पर अपने हक के लिए लड़ने की बातें कहीं- दु:खनी देवी के साहस को सलाम करते हुए उसका नाम सदा के लिए दु:खहरणी देवी रख दिया……. तथा सभी ग्रामीण महिलाओं द्वारा दु:खहरणी देवी के जयकारे भी लगवाये |
डॉ.मधेपुरी ने स्वच्छता, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के प्रति विस्तार से सबों को जागरुक किया तथा शिविर की ओर से उपस्थित सभी बच्चे-बच्चियों व नर-नारियों के बीच साबुन-सर्फ आदि भी बांटे और कहा कि विद्यार्थी जीवन में सीखी गई बातें ताजिंदगी काम आती है |
इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने भी अपने-अपने संबोधन में शराबबंदी, शिक्षा, स्वास्थ्य…. से लेकर खेलकूद के प्रति भी जागरूकता पैदा करने की बातें की | सबों ने माँ को बच्चों का प्रथम पाठशाला बताया और उन्हें प्रतिदिन स्कूल भेजने का संकल्प दिलाया | साथ ही यह भी हिदायत दी कि बच्चों को दुकान से ना तो बीड़ी खरीदकर लाने को कहें और ना ही खैनी आदि नशीली व जहरीली चीजें खरीदने भेजें | एनएसएस पदाधिकारी डॉ.अभय कुमार ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि समाज के निर्माण में एनएसएस की भूमिका अहम है |
आरम्भ में रणस्वी कुमारी एवं आरती कुमारी ने एक-एक गीत गाकर शिविर के कार्यक्रम का श्रीगणेश किया | अंत में मंगल ऋषिदेव ने धन्यवाद ज्ञापन किया |
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नीतीश कैबिनेट में आठ नए मंत्री शामिल
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार, 2 जून 2019 को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। पूर्वाह्न 11.30 बजे राजभवन में राज्यपाल लालजी टंडन ने आठ नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके उपरान्त उनके विभागों की भी घोषणा कर दी गई। कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी किय़ा गया। इस मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल किए गए सभी मंत्री जदयू के हैं, जबकि भाजपा ने अपने कोटे की जगह को बाद में भरने का फैसला किया। विदित हो कि लोकसभा चुनाव के बाद संसद पहुंचे मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, दिनेशचन्द्र यादव और पशुपति कुमार पारस ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार को तय माना जा रहा था।

बहरहाल, इस विस्तार में जदयू के जिन आठ नेताओं को नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल होने का मौका मिला, उनके नाम और विभाग इस प्रकार हैं: नरेन्द्र नारायण यादव (लघु जल संसाधन विभाग तथा विधि विभाग), श्याम रजक (उद्योग विभाग), अशोक चौधरी (भवन निर्माण विभाग), बीमा भारती (गन्ना विकास विभाग), रामसेवक सिंह कुशवाहा (समाज कल्याण विभाग), नीरज कुमार (सूचना व जनसंपर्क विभाग), लक्ष्मेश्वर राय (आपदा प्रबंधन विभाग) और संजय झा (जल संसाधन विभाग)। इनमें पांच विधायक और तीन विधानपार्षद हैं।
नए मंत्रियों को शामिल करने के अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी किया, उनके नाम और अब वे जिस विभाग का काम देखेंगे वे इस प्रकार हैं: जयकुमार सिंह (विज्ञान व प्रावैधिकी विभाग), महेश्वर हजारी (योजना व विकास विभाग), प्रमोद कुमार (कला-संस्कृति व युवा विभाग), बिनोद कुमार सिंह (पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग), कृष्ण कुमार ऋषि (पर्यटन विभाग) और ब्रज किशोर बिंद (खान व भूतत्व विभाग)।
केन्द्रीय मंत्रिमंडल में जदयू द्वारा सांकेतिक प्रतिनिधित्व अस्वीकार करने के तीन दिनों बाद बिहार के इस मंत्रिमंडल विस्तार के अलग राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं और इसे एनडीए में आए तथाकथित दरार का परिणाम बताया जा रहा है। इस संबंध में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि एनडीए में कहीं कोई दरार नहीं है। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भाजपा से बातचीत हो चुकी थी। भाजपा ने तय किया कि उनके कोटे का मंत्रिमंडल विस्तार आगे किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार की जरूरत इसलिए थी कि विधानमंडल का सत्र आने वाला है। सत्र के दौरान कम मंत्री रहने के कारण मुश्किल होती। मंत्रियों के अधिकांश पद जदयू कोटे के ही थे, इसलिए आठ मंत्री बनाए गए।
उधर भाजपा के वरिष्ठ नेता व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कोई विवाद नहीं है। मुख्यमंत्री ने भाजपा कोटे के मंत्रियों की रिक्तियां भरने की पेशकश की थी। लेकिन पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल इसे टाल दिया है। उन्होंने अपने ट्वीट में भी इसे दुहराया।
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विश्व तंबाकू निषेध दिवस का आयोजन किया गया जिले के कोने-कोने में
जिले में कहीं-कहीं कॉलेज के छात्रों को विश्व तंबाकू दिवस पर तंबाकू के विभिन्न उत्पादों के जरिये नशा न करने की शपथ दिलायी गयी तो कहीं स्कूली छात्राओं को दी गयी तंबाकू व अन्य नशा से होने वाले घातक रोगों की जानकारियाँ | कहीं इस दिवस विशेष पर कॉलेज छात्रों के बीच चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया तो कहीं छात्राओं को दिलाई गई शपथ पर जीवन भर अमल करने एवं भरोसेमंद कदम बढ़ाने हेतु संकल्प सभा का भी आयोजन किया गया | भारी संख्या में छात्र-छात्राओं ने जीवन भर इस संकल्प पर अमल करने का भरोसा दिलाया | जगह-जगह पर ‘एंटी ड्रग क्लब’ बनाकर विश्व तंबाकू निषेध दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए यह संदेश दिया गया कि “नशा त्यागो , खुशी अपनाओ”
बता दें कि जिला मुख्यालय के सदर अस्पताल सभागार में विश्व तंबाकू निषेध कार्यक्रम का उद्घाटन जहाँ सीएस डॉ.शैलेंद्र कुमार, डीएस डॉ.विपिन कुमार, बीबीडी डॉ.अशोक चौधरी, सीडीओ डॉ.एच.एन.प्रसाद, प्रबंधक नवनीत चंद्रा आदि ने संयुक्त रूप से किया वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता तंबाकू निषेध नोडल पदाधिकारी डॉ.आर.पी.रमन ने की | सबों ने विस्तार से तंबाकू के सेवन को शरीर के लिए सर्वाधिक खतरनाक बताया | अध्यक्ष ने कहा कि विश्व में हर पांच मृत्यु में एक मृत्यु का कारण तंबाकू बनता है |
यह भी कि स्थानीय पार्वती सायंस कॉलेज, कीर्ति नगर, मधेपुरा परिसर में जहाँ एन.एस.एस. पदाधिकारी डॉ.अभय कुमार द्वारा आयोजित इस तंबाकू निषेध दिवस समारोह का उद्घाटन संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया…….. बीएनएमयू के पूर्व परीक्षा नियंत्रक व समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने वहीं अध्यक्षता की विश्व नशा उन्मूलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संत गंगाराम दास ने |
डॉ.मधेपुरी ने काफी संख्या में उपस्थित एनएसएस छात्राओं को संबोधित करते हुए विस्तार से नशा के बारे में समझाते हुए यही कहा कि जहाँ तंबाकू का नशा विश्व में प्रतिवर्ष लगभग 60 लाख लोगों की मृत्यु का कारण बनता है वहीं जीवन को ऊंचाई देने एवं लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हर किसी के अंदर नशा (यानि जुनून) का होना भी तो आवश्यक है | डॉ.मधेपुरी ने बताया कि भारत में प्रतिवर्ष तंबाकू की लत से मरने वालों की संख्या 10 लाख से कहीं ज्यादा है | इस लत के शिकार यदि 48% पुरुष हैं तो 20% महिलाएं भी हैं | उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि शिक्षण संस्थानों के 100 गज के अंदर तंबाकू उत्पाद यानि गुटखा, बीड़ी, सिगरेट आदि बेचना दंडनीय अपराध है…… जिसका उल्लंघन करने पर ₹200 तक का जुर्माना भी किया जा सकता है |
जानिए कि जहाँ एनएसएस ऑफिसर डॉ.अभय कुमार, अर्थशास्त्री प्रो.सदानंद शर्मा एवं छात्र शांतनु यदुवंशी….. आरती-काजल आदि ने विस्तार से तंबाकू सेवन के अनेक दुष्परिणामों की चर्चाएं की वहीं अध्यक्षता कर रहे संत गंगाराम दास ने अपने विस्तृत संबोधन में यही कहा कि लोग भले ही कुछ दिनों के लिए इन नशीली उत्पादों का ले ले मजा ….. परंतु वे जानते नहीं कि कुछ दिनों में ही ये बन जाएगी जिंदगी भर की सजा ….. | अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो.जयप्रकाश यादव ने अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया तथा अध्यक्ष के निर्देशानुसार आयोजन समाप्ति की घोषणा भी की |
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समाज को नई दिशा देने वाले भूपेन्द्र बाबू की 45वीं पुण्यतिथि चारों ओर मनी
जहाँ गरीबों के हक की लड़ाई आजीवन लड़ने वाले स्वतंत्रता सेनानी व समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र नारायण मंडल की पुण्यतिथि उनके नाम वाले बीएन मंडल वाणिज्य महाविद्यालय, बालमुकुंद नगर, साहूगढ़ – मधेपुरा के प्राचार्य डॉ.के.एस.ओझा की अध्यक्षता में सभी प्राध्यापकों व कॉलेज कर्मियों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित करते हुए मनाई वहीं दूसरी ओर उस महामना भूपेन्द्र के नाम वाले बीएन मंडल विश्वविद्यालय परिसर स्थित उनकी प्रतिमा पर अधिकारियों, पदाधिकारियों व विश्वविद्यालय कर्मियों की उपस्थिति में प्रतिकुलपति प्रो.(डॉ.)फारूक अली ने उन्हें प्रेरणा का स्रोत कहते हुए माल्यार्पण व पुष्पांजलि किया |
यह भी बता दें कि जहाँ एक ओर उनके पैतृक गांव रानीपट्टी में उनकी प्रतिमा पर समस्त ग्रामीणों ने डॉ.रमन कुमार की अध्यक्षता में पुष्पांजलि अर्पित करते हुए भूपेन्द्र बाबू को समाजवाद का प्रमुख स्तम्भ बताया वहीं दूसरी ओर जिला मुख्यालय मधेपुरा में उनके नाम वाले भूपेन्द्र चौक स्थित प्रतिमा पर प्रो.श्यामल किशोर यादव की अध्यक्षता में विधायक व पूर्व मंत्री प्रो.चंद्रशेखर, प्रतिमा निर्माण समिति के संयोजक डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, वीमेन डिग्निटी फोरम की अध्यक्षा डॉ.शांति यादव, सिंडिकेट सदस्य डॉ.परमानन्द प्रसाद यादव, पूर्व प्राचार्य प्रो.सच्चीदानंद यादव, डॉ.सुरेश प्रसाद यादव , डॉ.इंद्र नारायण यादव, डॉ.अलोक कुमार, प्रमंडलीय उपाध्यक्ष परमेश्वर प्रसाद यादव सहित सभी दलों के युवाओं द्वारा माल्यार्पण व पुष्पांजलि किया गया | सबों ने मनीषी भूपेन्द्र नारायण मंडल के समाजवाद की जमकर चर्चा की | मौके पर श्री कृष्ण मंदिर में कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व प्रतिकुलपति डॉ.के.के.मंडल द्वारा किया गया | जहाँ सिंडिकेट सदस्य डॉ.जवाहर पासवान, जंतु विज्ञान के डॉ.अरुण कुमार , पूर्व एमएलसी विजय कुमार वर्मा, वर्तमान एमएलसी डॉ.एन.के.यादव सहित दर्जनों वक्ताओं ने अपना उद्गार व्यक्त किया……. डॉ.मधेपुरी ने डॉ.लोहिया को उद्धृत करते हुए समाज को नई दिशा देने वाले मनीषी भूपेंद्र मंडल के बाबत यही कहा-
“हे मधेपुरावासियों ! जानते हो मैं (डॉ.लोहिया) बार-बार मधेपुरा क्यों आता हूँ…… इसलिए कि मधेपुरा की धरती ने भूपेन्द्र नारायण मंडल सरीखे सच्चा हीरा को पैदा किया है जो भारतीय संसद में गरीबों….. पिछड़ों…. वंचितों…. अछूतों व अकलियतों की समस्याओं को निर्भीकतापूर्वक उठाता रहा है और आगे भी उठाता रहेगा |”
…..अपने महान व्यक्तित्व एवं उच्च विचारों के चलते देश के महापुरुषों में शामिल हुए भूपेन्द्र बाबू की पुण्यतिथि समारोह में धन्यवाद ज्ञापित किया भूपेन्द्र विचार मंच के सदस्य हर्षवर्धन सिंह राठौर ने |
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केन्द्र सरकार में जदयू की कारगर भूमिका चाहते हैं नीतीश
केन्द्र में नई सरकार के गठन से पूर्व जदयू की भूमिका और पार्टी की भावी रणनीति को लेकर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बहुत गंभीर हैं। इस संदर्भ में बुधवार को दिल्ली में के. कामराज लेन स्थित अपने सरकारी आवास पर उन्होंने जदयू के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की और उससे पूर्व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मिले।
माना जा रहा है कि नीतीश कुमार जदयू कोटे से कम से कम दो कैबिनेट मंत्री और एक राज्यमंत्री चाहते हैं। कैबिनेट मंत्री पद के लिए जहां राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह और बिहार सरकार में मंत्री रहे राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के नाम चर्चा में हैं, वहीं संतोष कुशवाहा और कहकशां परवीन को राज्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा है। वैसे राजनीतिक गलियारें में अलग-अलग स्रोतों से रामनाथ ठाकुर, दिनेशचंद्र यादव, चन्देश्वर चन्द्रवंशी और महाबली सिंह के नाम भी सामने आ रहे हैं।
बहरहाल, राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में केन्द्र के साथ-साथ अरुणाचल प्रदेश की सरकार में भी जदयू के शामिल होने की चर्चा हुई। बता दें कि सात विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज करके जदयू वहां दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है और इस बात की प्रबल संभावना है कि भाजपा के साथ पार्टी वहां भी सरकार में शामिल हो। इसके साथ ही बैठक में 5 जून से पार्टी के संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने और 9 जून को पटना में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक करने का निर्णय भी लिया गया।
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अब ग्राहक उसी टीवी चैनल के पैसे देंगे जिसे वे देखना चाहते हैं
वर्तमान में 27 करोड़ भारतीय परिवारों में से 17 करोड़ के पास टीवी है | इनमें से जहाँ 10 करोड़ के पास ‘केबल कनेक्शन’ है वहीं चार करोड़ भारतीय परिवार के लोग डीटीएच देखते हैं जबकि लगभग तीन करोड़ केबल ग्राहकों के पास डिजिटल का कनेक्शन है……. ये सूचनाएं आपको ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन द्वारा प्राप्त डाटा के आधार पर दिया जा रहा है |
बता दें कि समस्त टीवी दर्शकों यानी ग्राहकों को उन चैनलों के भी पैसे भुगतान करने पड़ते हैं जो वो देखना नहीं चाहते | अभी सारी ब्रॉडकास्टिंग कंपनियाँ अपने बुके में ‘फ्री’ और ‘पे’ दोनो तरह के चैनल रखती हैं | केबल ऑपरेटरों या डीटीएच वालों से भी पूरे बुके के पैसे लेती है….. तदनुसार ये ऑपरेटर भी ग्राहकों से उसी हिसाब से पैसे वसूलते हैं |
अब ग्राहकों के लिए खुशी की खबर है कि वे जो चैनल देखना चाहते हैं , सिर्फ उसी के पैसे देने पड़ेंगे | जल्द ही ग्राहकों को यह अधिकार मिलने वाला है | वर्तमान में ग्राहकों को ब्रॉडकास्टिंग कंपनी का पूरा बुके खरीदना पड़ता था जिसमें फ्री और पे दोनों चैनल होते हैं |
दरअसल में दूरसंचार नियामक ट्राई द्वारा इस बाबत आदेश जारी किया गया था, परंतु ब्रॉडकास्टिंग कंपनियाँ इस आदेश के खिलाफ थी जिस कारण स्टार इंडिया ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी | कोर्ट ने स्टार की याचिका खारिज कर दी | अब ट्राई के लिए आदेश पर अमल करवाने का रास्ता साफ हो गया …… इस बीच ट्राई द्वारा जारी आदेश के मुताबिक ब्रॉडकास्ट (यानी सोनी, स्टार आदि) को 60 दिनों के भीतर हर चैनल की अलग कीमत (MRP) घोषित करनी है | डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटरों को भी अपना-अपना रिटेल Price 180 दिनों में घोषित करने का निर्देश दिया गया है |
चलते-चलते बता दें कि इस फैसले से ऐसे चैनल जिनके दर्शक बहुत कम हैं वे बंद हो सकते हैं…… बड़े-बड़े ब्रॉडकास्टर अन्य छोटी-छोटी कंपनियों को अधिग्रहित भी कर सकती है….. यानि ब्रॉडकास्टिंग इंडस्ट्री की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी |
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डॉ.मधेपुरी की सभी कृतियों में सर्वोत्तम है रासबिहारी बाबू की जीवनी- डॉ.रवि
मधेपुरा जिला मुख्यालय वार्ड नं.-1 के डॉ.मधेपुरी मार्ग पर अवस्थित भारतीय जन लेखक संघ के केन्द्रीय कार्यालय में बीजेएलएस के राष्ट्रीय महासचिव महेंद्र नारायण पंकज की टीम द्वारा आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए डॉ.मधेपुरी द्वारा लिखित पुस्तक ‘रास बिहारी लाल मंडल: पराधीन भारत में स्वाधीन सोच’ के बाबत पूर्व सांसद व मंडल विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति रह चुके कोसी के प्रखर साहित्यकार डॉ.रमेंद्र कुमार यादव रवि ने यही कहा-
बिहार के महान स्वतंत्रता सेनानी, समाजवादी समाज-सुधारक नेता, कई भाषाओं के जानकार , प्रखर वक्ता तथा सामाजिक व बौद्धिक रूप से मधेपुरा ही नहीं बल्कि संपूर्ण बिहार व भारत की धरती को उर्वर बनाने वाले बाबू रास बिहारी लाल मंडल के कार्यकाल को भले ही एक शतक गुजर गया किंतु आज भी उनके सारे विचार समसामयिक हैं | डॉ.रवि ने युवाओं को संदेश देते हुए यही कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी उन्हें रास बिहारी बाबू की जीवनी का अध्ययन अवश्य करना चाहिए ताकि समाज में उनके आदर्शों का अनुपालन हो सके | उन्होंने कहा कि डॉ.मधेपुरी की अन्य सारी रचनाओं में यह सर्वोत्तम रचना है |
बता दें कि जहाँ उदाकिशुनगंज के लोकप्रिय डीसीएलआर ललित कुमार सिंह ने डॉ.मधेपुरी की लेखनी की सराहना करते हुए यही कहा कि हमें समाज के उत्थान के लिए अपनी लेखनी को जारी रखना चाहिए | वहीं रेडक्रॉस सहित कई महिला संगठनों की अध्यक्षा विदुषी डॉ.शान्ति यादव ने कहा कि 100 वर्ष पूर्व रास बिहारी लाल मंडल ने समाज की जिन कुरीतियों को समाप्त करने की आवाज बुलंद की थी | उसे अभी तक समाप्त नहीं किया जा सका है….. इसे समाप्त करने के लिए डॉ.मधेपुरी की तरह साहित्य की रचना आवश्यक है |
यह भी बता दें कि समारोह की अध्यक्षता डॉ.इन्द्र नारायण यादव ने की एवं मंच संचालन व अतिथियों के साथ-साथ बाहर से आये साहित्यकारों को भी अंगवस्त्रम से सम्मानित किया महासचिव महेंद्र नारायण पंकज ने | सहरसा-सुपौल एवं पूर्णिया से आए सारे साहित्यकारों सहित ज्योत्सना कुमारी ने डॉ.मधेपुरी लिखित पुस्तक की सराहना करते हुए रास बिहारी बाबू के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर जमकर प्रकाश डाला |
मौके पर डॉ.मधेपुरी, पूर्व कुलसचिव प्रो.सचिंद्र, पूर्व प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर यादव, यमुना प्रसाद बसाक, गोपाल चंद्र घोष, डॉ.राजेंद्र पोद्दार, शंभू शरण भारतीय, डॉ.सीताराम शर्मा , डॉ.जवाहर पासवान, डॉ.अरुण कुमार, डॉ.नरेंद्र प्रसाद यादव, उमेश पंडित, राकेश कुमार द्विजराज, शशिकांत शशि, सुधाकर, सुपौल से विश्वकर्मा जी, कामेश्वर राय आदि ने कहा कि समाज के उत्थान में बाबू रास बिहारी लाल मंडल की भूमिका सराहनीय रही है | ज्योत्सना कुमारी एवं शंभू शरण भारतीय की कविता सर्वाधिक तालियां बटोरी | अंत में धन्यवाद ज्ञापन मंच संचालक सचिव डॉ.गजेंद्र कुमार ने किया |
























