दक्षिण कोरिया की तकनीक और भारत की मैनुफैक्चरिंग ताकत

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन ने नोएडा के सेक्टर 81 में दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री का उद्घाटन किया। दक्षिण कोरिया की सुप्रसिद्ध सैमसंग कम्पनी नोएडा में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का विस्तार कर रही है। इसके लिए कंपनी ने 4915 करोड़ का निवेश किया है। उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत आज मैनुफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि दक्षिण कोरिया की तकनीक और भारत की मैनुफैक्चरिंग ताकत से दुनिया को मजबूत प्रॉडक्ट मिलेगा। साथ ही इससे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी गति मिलेगी।

गौरतलब है कि भारत में सैमसंग 2007 से मोबाइल बना रही है और वर्तमान में यह लगभग 670 लाख स्मार्टफोन बनाती है। अनुमान है कि अब इस नई यूनिट की शुरुआत के बाद यह संख्या दोगुनी हो सकती है। हमें यह भी जानना चाहिए कि चीन, दक्षिण कोरिया और अमेरिका को छोड़कर सैमसंग ने अगर भारत में यह यूनिट शुरू की है तो इसलिए कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मार्केट है और दुनियाभर के 10 फीसदी मोबाइल फोन यहां बिकते हैं। एक आंकड़े के मुताबिक 2017 में यहां लगभग 30 करोड़ मोबाइल यूजर थे जो इस साल के आखिरी तक 35 करोड़ हो सकते हैं। संभावना है कि 2022 तक भारत में 45 करोड़ मोबइल यूजर हो जाएंगे।

बता दें कि शुरू में सैमसंग अपने इस यूनिट में मोबाइल फोन बनाएगी, जबकि दूसरे चरण में फ्लैट पैनल टेलिविजन और रेफ्रिजरेटर बनाने की योजना है। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर 2016 में नोएडा अथॉरिटी ने कंपनी को करीब 25 एकड़ जमीन अलॉट की थी और प्रदेश व केंद्र सरकार के निर्देश पर नोएडा अथॉरिटी के सहयोग से कम समय में इतनी बड़ी यूनिट बनकर तैयार हो गई। विदेशी कंपनियों का हब बनाने के लिए नोएडा प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकता में है। कहने की जरूरत नहीं कि सैमसंग की ये विशाल यूनिट उसी की एक बानगी है।

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