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सहरसा के सपूत सुप्रभात बने गूगल इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट

सहरसा के आरएम कॉलेज में प्रभारी प्रधानाचार्य रहे प्रखर समाजशास्त्री, ओजस्वी वक्ता एवं अद्वितीय नेक इंसान प्रो.(डॉ.)विनय कुमार चौधरी के 21 वर्षीय सुपुत्र सुप्रभात वत्स हाल ही में अपनी प्रतिभा, लगन व मेहनत के बल पर गूगल इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट बने हैं।

बता दें कि कंप्यूटर साइंस की विभिन्न विधाओं में दक्षता प्राप्त सुप्रभात वत्स के वाइस प्रेसिडेंट बनने पर स्थानीय लोगों के साथ-साथ उनके परिवार, सगे-संबंधियों व शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। यह भी जानिए कि गुड़गांव स्थित गूगल इंडिया के कार्यालय में विगत अगस्त माह में योगदान देने के बाद से ही इनकी प्रतिभा को देखकर विदेशी तीन विश्वविद्यालय- ऑक्सफोर्ड, स्टैनफोर्ड व हावर्ड ने कंप्यूटर साइंस में ‘इंटीग्रेटेड कोर्स विद पीएचडी’ के लिए पूरी स्कॉलरशिप देने की भी घोषणा कर चुकी है। यह भी कि इस दौरान सम्मानजनक वेतन देने की भी घोषणा की है। क्योंकि, वे इससे पहले कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में भी काम के दौरान अपनी प्रतिभा का नजारा पेश कर चुके हैं।

जानिए कि अमेरिका से कंप्यूटर साइंस में दक्षता प्राप्त सुप्रभात वत्स की प्रारंभिक पढ़ाई सहरसा डीपीएस से हुई। कोलकाता के एडवांस यूनिवर्सिटी से बी टेक इन कंप्यूटर साइंस किये। सुप्रभात की पारिवारिक पृष्ठभूमि पढ़ाकू है। इनकी मां डॉ.कल्पना चौधरी, समाजशस्त्र में पीएचडी हैं। बड़ी बहन रिचा मैनेजमेंट करके फ्रांस की कंपनी ‘एटास’ में कार्यरत हैं। छोटी बहन भी इंडियन ओवरसीज बैंक में अधिकारी हैं। वे कहते हैं कि बिहार सरकार के वर्तमान युवा मामले के मंत्री डॉ.आलोक रंजन उनके ‘आइकोन’ रहे हैं।

अंत में यह भी कि दो दिन कबल सुप्रभात वत्स स्वयं मधेपुरा आकर अपने पिताश्री के अत्यंत करीबी समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी से आशीर्वाद ग्रहण करते हुए इतना ही बोले- “अंकल ! अपने देश में ही रह कर काम करना चाहता हूं। देश में काम करने से मुझे गर्व का अनुभव होता है और सुकून महसूस होता है।” यह जानने के बाद सुप्रभात को सदैव प्रोत्साहित करते रहने वाले डॉ.मधेपुरी ने इस प्रकार शुभकामनाएं व्यक्त की-

कोसी मिथिला का सुप्रभात,

यह विनयकल्प का प्यारा है ।

 है यही बिहारी ‘गूगल बॉय’

भारत का राज दुलारा है ।।

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संवेदनशील सीएम का सुंदर निर्णय

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में पहली से बारहवीं तक के सभी छात्र-छात्राओं के बीच साइकिल, पोशाक एवं छात्रवृत्ति योजना के तहत राशि भुगतान हेतु एक शर्त निर्धारित की जाती रही है। शर्त यही कि अप्रैल से सितंबर तक जिन बच्चों की वर्गों में 75% हाजिरी होती है उन्हें ही उक्त योजनाओं के तहत राशि देने का प्रावधान निर्धारित है।

बता दें कि कोरोना महामारी के कारण राज्यादेश के चलते स्कूल-कॉलेज व सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखा गया। फलस्वरूप सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में राज्य सरकार के कैबिनेट ने 1 साल (2021-22) के लिए 75% हाजिरी की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। ज्ञातव्य हो कि 75% हाजिरी की अनिवार्यता को केवल इस साल के लिए ही शिथिल किया गया है। इसी शर्त पर बजट में राशि का भी प्रबंध किया गया है।

जानिए कि कैबिनेट की मंजूरी मिलने से अब राशि बच्चों के खाते में भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सूबे के मुखिया की संवेदनशीलता पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए समाजसेवी-शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की साइकिल-पोशाक योजना को वैश्विक प्रसिद्धि प्राप्त करने की कामना की है।

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एक बिहारी सब पर भारी

चाहे यूपीएससी का टॉपर कटिहार का शुभम कुमार हो या देश के कुल महिला पुलिस से भी अधिक एक प्रदेश ‘बिहार’ को महिला पुलिस बल देने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हो- दोनों आज इस मुहावरे को सौ फ़ीसदी चरितार्थ करते हैं। तभी तो कल तक सीएम नीतीश कुमार की सराहना करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी ने आज अमेरिका से आईएएस टॉपर शुभम कुमार व अन्य को बधाइयां दी है।

भारत की सर्वाधिक प्रतिष्ठित यूपीएससी परीक्षा- 2020 में टॉपर बना है बिहार प्रदेश के कटिहार जिले का शुभम कुमार जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं कटिहार के विधायक सह उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद द्वारा जमकर हार्दिक बधाइयां एवं शुभकामनाएं दी जाती रही हैं।

बता दें कि एक बिहारी सब पर भारी ही नहीं, इस बार तो टॉप-10 में तीन-तीन बिहारियों ने अपनी जगह बना ली है। प्रथम रैंक पाया है कटिहार जिले का शुभम कुमार, सातवें रैंक पर हैं जमुई के प्रवीण कुमार और दसवें रैंक पर काबिज हुए हैं समस्तीपुर जिले के सत्यम।

अब बिहार पीछे नहीं रहेगा। शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी की हिम्मत को और बल मिलता रहेगा- यूपीएससी में 22वाँ रैंक लाने वाले मधेपुरा जिला के नीतेश कुमार, 45वाँ लाने वाले किशनगंज जिले के अनिल और 52वाँ रैंक लाने वाले पूर्णिया जिले के आशीष कुमार जैसों के रिजल्ट से तथा उनके बेहतर समाज निर्माण के संकल्पों से।

चलते-चलते यह भी कि “जो करेगा मधेपुरा को गौरवान्वित, उन्हें करेंगे डॉ.मधेपुरी सम्मानित” कार्यक्रम के तहत समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने घोषणा की है कि मधेपुरा जिले के नए आईएएस नीतेश कुमार को भी सम्मानित किया जाएगा। यह भी जानिए कि इस परीक्षा 761 सफल हुए जिनमें से सामान्य वर्ग में 263, ईडब्ल्यूएस में 86, ओबीसी में 229, एससी में 122 एवं एसटी में 61 चयनित हुए हैं।

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बिहारी मरीजों को अब अंग प्रत्यारोपण के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा- डॉ.मनीष मंडल

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान यानि आईजीआईएमएस पटना के अधीक्षक डॉ.मनीष कुमार मंडल ने कहा कि अब बिहार में भी अंग प्रत्यारोपण का कार्य संस्थान में शुरू हो गया है। बिहार के मरीजों को अब अंग प्रत्यारोपण के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अंग प्रत्यारोपण में सरकार द्वारा भी आर्थिक मदद दी जा रही है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति इसका लाभ लेकर अपनी बहुमूल्य जिंदगी बचा सकें।

बता दें कि अंग प्रत्यारोपण का मतलब होता है किसी शरीर से एक स्वस्थ एवं क्रियाशील अंग को निकाल कर उसे किसी दूसरे शरीर के क्षतिग्रस्त या विफल अंग की जगह लगाना। यह क्रियाशील अंग किसी जीवित या तत्काल मृत व्यक्तियों के शरीर से निकाला गया होना चाहिए। प्रत्यारोपित होने वाले अंगों में ह्रदय, किडनी, फेफरा, आंखें आदि शामिल हैं। पहला किडनी प्रत्यारोपण 50 वर्षीय एक महिला का किया गया और 14 दिनों तक निगरानी में रखकर सफलतापूर्वक उसे आईजीआईएमएस से छुट्टी दी गई। डॉ.मंडल ने कहा कि अब साल में 140 किडनी प्रत्यारोपित की जाएगी।

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खोज लिया ऐसा सफेद पेंट कि अब एयर कंडीशन की जरूरत नहीं रहेगी।

प्रोफेसर जिउलिन रूआन जो मैकेनिकल इंजीनियर हैं ने 7 वर्ष पहले ऊर्जा की बचत के बारे में सोचना शुरू किया था। इंजीनियर रूआन के मन में जलवायु परिवर्तन से लड़ने की बात भी आई थी। अंततः प्रोफेसर जिउलिन रूआन द्वारा एक सफेद पेंट की खोज की गई, जिसके इस्तेमाल के बाद एयर कंडीशन की जरूरत बिल्कुल नहीं रहेगी।

बता दें कि यह दुनिया का सर्वाधिक सफेद पेंट है। यूएस टुडे रिपोर्ट के अनुसार यह पेंट सस्ता भी है और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर भी। शोधकर्ताओं के अनुसार यह नया सफेद पेंट सूरज की रोशनी को छत एवं दीवारों पर पड़ने के बाद 98% तक को परावर्तित कर देता है जिससे घर की इमारतों में तापमान बहुत कम हो जाता है। तब एयर कंडीशन के बिना भी कोई व्यक्ति अपने घर में आसानी से रह सकता है। दुनिया में अब तक की सर्वाधिक सफेद रंग के रूप में खोजा गया यह सफेद पेंट गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में अपनी जगह बना ली है।

चलते-चलते यह भी कि यदि कोई इंसान इस सफेद पेंट का इस्तेमाल अपने छत के 1000 वर्ग फीट पर कराता है तो इससे वह 10 किलो वाट के एसी जितनी ठंडी प्राप्त कर सकेगा। इसका परीक्षण भी किया जा चुका है। परीक्षण बेहतर और शानदार रहा है।

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राज्य के 40 सर्वश्रेष्ठ शिल्पियों को सम्मानित किया उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने

कोरोना काल में बिहार म्यूजियम में अवस्थित उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान की ओर से राज्य के शिल्पकारों व कलाकारों के हौसले को कायम रखने के लिए 1 करोड़ 29 लाख रुपए दिए गए। इसकी सराहना करते हुए सूबे के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यह दुनिया का पहला ऐसा संस्थान है जो कलाकारों को इतना सम्मान देता रहा है। ये बातें संस्थान की ओर से राज्य पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कही।

मौके पर संस्थान के निदेशक अशोक सिन्हा, उद्योग विभाग के विशेष सचिव दिलीप कुमार, पद्मश्री बउवा देवी के साथ अन्य गणमान्य उपस्थित थे जिन्होंने कलाकारों के हौसले को बढ़ाया और कहा कि उद्यमिता व निर्माण के प्रतीक हैं भगवान विश्वकर्मा।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि जहां अब तक विजेताओं को राज्य पुरस्कार ₹22 हजार एवं राज्य मेधा पुरस्कार ₹11 हजार दी जाती थी वहीं अब क्रमशः 50 हजार एवं ₹25 हजार की राशि दी जा रही है।

यह भी बता दें कि राज्य के 40 सर्वश्रेष्ठ शिल्पियों एवं कलाकारों को उत्कृष्ट कलाकृतियों के लिए 20 को 50-50 हजार रुपए का राज्य पुरस्कार तथा 20 को 25-25 की राशि राज्य मेघा पुरस्कार के रूप में प्रदान की गई। कलाकारों को उनकी लगन और मेहनत से ही सम्मान मिलता है।

राज्य मेधा पुरस्कार जिन्हें मिला है वे हैं- मधुबनी पेंटिंग में संजीव कुमार झा, पूजा कुमारी, रजनी कुमारी, स्नेहा दास, रंजू देवी और परीक्षण पासवान। कशीदाकारी में मीना देवी एवं नीलम भारती। सुजनी कला में रिंकू देवी, सोनी कुमारी। टेराकोटा शिल्प में दिनेश पंडित एवं शिव शंकर पंडित। इसके अलावा कुमारी किरण (वेणु शिल्प),  जितेंद्र राय (सिक्की कला), सोनी कुमारी (टिकुली कला), उमेश ठाकुर (काष्ठ कला), रूपा कुमारी (जूट शिल्प), विभा श्रीवास्तव (क्रोशिया शिल्प), सुशील विश्वकर्मा (बुनाई शिल्प) और अनीता पांडे (भोजपुरी पेंटिंग)।

राज्य पुरस्कार जिन्हें मिला है वे हैं- मधुबनी पेंटिंग में नूतन बाला, नलिनी शाह, दिनेश पासवान, सुरेंद्र पासवान, अंजू देवी मिश्र, इंद्रकांत झा, रानी झा, ममता देवी, अमित कुमार झा, प्रियांशु कुमार एवं रोशन कुमार। इसके अलावे हेमा देवी (पेपरमेसी कला), पवन कुमार सागर (मंजूषा कला), सांत्वना सिंह (मेटल क्राफ्ट), राजेंद्र साह (लाह शिल्प), पप्पू कुमार (सिक्की कला), रूपेश कुमार (टेराकोटा शिल्प), खुशबू कुमारी (टिकुली कला) एवं गणेश प्रसाद (पाषण शिल्प)।

मौके पर कलाप्रेमी-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि जिस तरह भारतीय शिल्पकारों एवं कलाकारों की कला की विदेशों में मांग बढ़ने लगी है कि अब इन कलाओं में युवा पीढ़ी को आगे बढ़कर भारत को गौरवान्वित करना चाहिए।

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हेलमेट बिना पहने बाइक स्टार्ट ही नहीं होगी

“नो हेलमेट नो राइड” की अवधारणा पर तैयार किया गया है यह प्रयोग… यही कि बिना हेलमेट लगाए बाइक स्टार्ट ही नहीं होगी। इस डिवाइस पर मात्र ₹1000 का खर्च आता है।

बता दें कि भागलपुर कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (BCE)  के चार विद्यार्थियों ने मिलकर बाइक सवारों के लिए अनोखा डिवाइस तैयार किया है। अब हेलमेट का अनिवार्य प्रयोग बाइक सवारों की मजबूरी बनेगी। BCE के फाइनल ईयर के ये चारों छात्र हैं- राहुल चौधरी, निरंजन कुमार निराला, रौशन कुमार एवं रंजन कुमार। इन चारों छात्रों को गाइड किया है असिस्टेंट प्रो.(डॉ.)अमित कुमार सिंह ने।

यह भी जानिए कि बाइक में रिसीवर व हेलमेट में छोटे ट्रांसमीटर लगाए जाते हैं। जब चाभी डालकर बाइक को ऑन किया जाता है तब बाइक व हेलमेट एक दूसरे से रेडियो फ्रीक्वेंसी के माध्यम से जुड़ जाते हैं। इसके लिए बाइक को ऑन करना होगा।

बाद में हेलमेट को पहनकर इसके क्लिप को लगाते ही रेडियो फ्रीक्वेंसी से बाइक में लगे रिसीवर को संकेत मिलता है और रिले ऑन होते ही बाइक का इग्निशन सिस्टम ऑन हो जाता है। इस स्टार्टअप को तैयार करने में महज ₹1000 खर्च हुए। इसमें सात छोटे-छोटे सस्ते उपकरणों का प्रयोग हुआ है।

मौके पर उसी भागलपुर विश्वविद्यालय से पढ़े भौतिकी के लोकप्रिय प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि इसके प्रयोग से लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है। साथ ही चेकिंग के दौरान जो फाइन भरना पड़ता है वह भी नहीं लगेगा। पुलिस प्रशासन की परेशानियां भी समाप्त होगी। इस सिस्टम को बाइक कंपनियां भी व्यवहार में लाएं और सबका सहयोग हो तो लोग सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे। इस डिवाइस से पूरी मानव जाति का कल्याण होगा।

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जनता भरोसा करती है सूबे के सीएम नीतीश पर- उपेंद्र कुशवाहा

जदयू पार्लियामेंट्री बोर्ड के अध्यक्ष और सूबे बिहार के सर्वाधिक लोकप्रिय राजनेता उपेन्द्र कुशवाहा आए दिन “जनसंवाद यात्रा” के माध्यम से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा रहे हैं और यह भी बता रहे हैं कि जदयू को नंबर वन की पार्टी बनने से कोई रोक नहीं सकता।

मधेपुरा जिला जदयू अध्यक्ष मंजू देवी उर्फ गुड्डी देवी ने संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के जिले के मिनट-टू-मिनट कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारियाँ दी। स्थानीय भूपेन्द्र चौक पर मनीषी भूपेन्द्र नारायण मंडल की प्रतिमा पर भी संध्या 5:50 बजे पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा को माल्यार्पण करनी थी।

गाड़ियों के काफिले के साथ उपेंद्र कुशवाहा ससमय भूपेन्द्र प्रतिमा स्थल पर पहुंच गए जहां पूर्व से ही उसके निर्माता व जदयू के वरिष्ठ नेता प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी प्रतिमा मंडप पर मौजूद थे। मंडप पर जदयू के जिला अध्यक्ष गुड्डी देवी व अन्य की मौजूदगी में श्रद्धानवत होकर उन्होंने भूपेन्द्र बाबू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। तत्पश्चात डॉ.मधेपुरी ने पूर्व परिचित उपेंद्र कुशवाहा जी को अंगवस्त्रम एवं पराधीन भारत में स्वाधीन सोच वाले रासबिहारी लाल मंडल पर लिखी गई अपनी पुस्तक देकर सम्मानित किया। मौके पर कुशवाहा जी ने कहा- 2010 में जदयू जितनी मजबूत थी उतनी ही मजबूत फिर से करनी है… इसके लिए हम सभी मिलकर काम करेंगे। कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ होती है। कार्यकर्ता के साथ-साथ जनता भी भरोसा करती है सूबे के सीएम नीतीश कुमार पर। यही कारण है कि सीएम नीतीश मेें आम लोगों को पीएम मैटेरियल दृष्टिगोचर होने लगा है।

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सुपर थर्टी के आनंद कुमार को मिला स्वामी ब्रह्मानंद पुरस्कार

स्वामी ब्रह्मानंद मूल नाम शिवदयाल एक समाज सुधारक, परोपकारी, प्रखर स्वतंत्रता सेनानी एवं कुशल राजनेता भी रहे। उन्होंने बचपन से ही समाज में फैले हुए अंधविश्वास और अशिक्षा जैसी कुरीतियों का डटकर विरोध किया। वे आजाद भारत के पहले सन्यासी सांसद बने जो हमीरपुर यूपी से दो बार सांसद बनकर देश की राजनीति में विशेष योगदान देते रहे। स्वतंत्रता संग्राम में गांधी-नेहरू आदि के साथ काम किया और नमक सत्याग्रह में उन्हें 2 वर्ष का कारावास हुआ। उन्हें हमीरपुर, हरदोई एवं कानपुर के कारागृह में रखा गया। उन्होंने पैसा न छूने का प्रण आजीवन निभाया। ऐसे कर्मयोगी वीर पुरुष के नाम पर लोगों द्वारा “स्वामी ब्रह्मानंद पुरस्कार” का शुभारंभ वर्षों पूर्व किया गया।

बता दें कि कोरोना वायरस के चलते शिक्षा के हर महकमें को अवरोध का सामना करना पड़ा। सुपर थर्टी के संचालक गणितज्ञ आनंद कुमार द्वारा अब प्रतिभाओं को खोजने का सिलसिला शुरू किया गया है। आगामी मार्च 2022 में परीक्षा ली जाएगी। श्री कुमार ने कहा कि बुंदेलखंड के गरीब छात्र पढ़ना चाहते हैं। बच्चों की रुचि के कारण आकर्षित होकर वे दो दिन कबल यूपी के हमीरपुर जिले के राठ क्षेत्र में थे, महान गणितज्ञ आनंद कुमार को 2021 का स्वामी ब्रह्मानंद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

Prof.(Dr.)B.N.Yadav Madhepuri giving book "Small Aim is a Crime" to Mathematician Anand Kumar at BNMU Madhepura.
Prof.(Dr.)B.N.Yadav Madhepuri presenting book “Small Aim is a Crime” to Mathematician Anand Kumar at BNMU Madhepura.

यह भी जानिए कि बीएन मंडल विश्वविद्यालय में 3 वर्ष पूर्व पधारे सुपर थर्टी के सुपर गणितज्ञ आनंद कुमार को भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के संग लिखी गई पुस्तक “छोटा लक्ष एक अपराध है” देते हुए समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेंन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा था- आर्यभट्ट जैसा गणितज्ञ, गोरखनाथ जैसा अर्थशास्त्री और वशिष्ठ नारायण सिंह जैसा गणितज्ञ ज्ञानी के बाद सूबे बिहार की धरती पर यदि कोई गणितज्ञ गौरवान्वित करने जा रहा है तो उसका नाम है सुपर थर्टी का सुपर आनंद कुमार। उस कर्मवीर के मधेपुरा आगमन पर डॉ.मधेपुरी ने कहा था-

हरता हर पथ का अंधियारा, जल-जल कर दीपक की बाती।

रहता है नाम अमर उसका, जो दे जाता अनुपम थाती ।।

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कोरोना की तीसरी लहर आने की चिंता भारत को भी

फिलहाल भारत के केरल राज्य में कोविड-19 केस 21% से अधिक होने के चलते कुछ राज्यों में तीसरी लहर के आने की चर्चा होने लगी है। मुंबई के मेयर ने तो यहां तक कह दिया कि कोरोना की तीसरी लहर तो दहलीज तक आ चुकी है। उन्होंने गणपति पूजा को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी।

जानिए कि अमेरिका मे कोरोना बेकाबू होता जा रहा है। हाल-फिलहाल इजरायल पुनः कोरोना महामारी का केंद्र बनता जा रहा है। कोरोना से बचाव के लिए वहां बूस्टर डोज दिया जाने लगा है। क्योंकि जहां पिछले साल अमेरिकी मरीजों की औसत संख्या 1 सप्ताह में 39000 थी वहीं अभी सप्ताह में औसत 137270 यानि लगभग एक लाख अधिक हो गई है।

भारत सरकार टीकाकरण करने की पूरी व्यवस्था में लगी हुई है। भारतवासियों को अपना कर्तव्य निर्वहन करना है- “दो गज दूरी, मास्क है जरूरी”। बकौल समाजसेवी-शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी इसे प्रत्येक भारतवासी अपनी दिनचर्या में शामिल कर लें।

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