पृष्ठ : बिहार अबतक

कोरोना पॉजिटिव हुए वरिष्ठ राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह

बिहार के वरिष्ठ राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह कोरोना की चपेट में आ गए। राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व केंद्रीय मंत्री को छाती में दर्द, सर्दी-खांसी एवं सांस लेने में तकलीफ हो रही है।

बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सिंह पटना के एम्स में ज्योंही  भर्ती हुए कि डॉक्टरों की टीम ने कोरोना संक्रमण की आशंका, बताए गए शिकायतों के अनुसार सही मानते हुए उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया।

यह भी जानिए कि पटना एम्स में भर्ती रघुवंश प्रसाद सिंह की प्रारंभिक जांच सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव पाया गया है। एम्स के डॉक्टरों द्वारा घोषित रिपोर्ट पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि भी कर दी है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि एक दिन कबल रात्रि में आरजेडी नेता रघुवंश सिंह को पटना के एम्स में भर्ती कराया गया जब उन्हें सांस लेने में तकलीफ शुरू हुई। प्रथम जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि राजद नेता रघुवंश प्रसाद निमोनिया से भी पीड़ित है।

राजद के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह के कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आने की जानकारी मिलते ही पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने तुरंत चलभाष पर श्री सिंह से बातें की एवं हाल-चाल की जानकारी भी ली।

 

सम्बंधित खबरें


हमारे जवान मारते-मारते शहीद हुए, व्यर्थ नहीं जाएगा बलिदान- पीएम मोदी

चीन द्वारा लद्दाख जिले के गलवान घाटी में किए गए कायरता पूर्ण हमले में शहीद हुए 20 भारतीय जवानों के लिए प्रधानमंत्री ने देशवासियों से यही कहा-

“हमारे जवान चीनियों को मारते-मारते शहीद हुए हैं, उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। मैं देश को इस बात के लिए आश्वस्त करता हूं। हमारे लिए देश की एकता और अखंडता सर्वोपरि है। भारत शांति चाहता है, लेकिन माकूल जवाब देने का सामर्थ भी रखता है।”

बता दें कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सर्वाधिक मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कहा कि शहीद जवानों पर देश को गर्व है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि प्रधानमंत्री ने 130 करोड़ भारतवासियों से यही कहा कि भारत अपने स्वाभिमान एवं हर एक इंच जमीन की रक्षा करेगा। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा-

“गलवान घाटी में शहीद हुए भारतीय जवानों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं तथा जवानों के परिवार को भरोसा दिलाता हूं कि देश आपके साथ है….., स्थिति कुछ भी हो हर हाल में देश आपके साथ खड़ा है।”

सम्बंधित खबरें


प्रसिद्धि प्राप्त वाॅलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने मौत को गले क्यों लगाया ?

किसी व्यक्ति द्वारा ऊंचाई प्राप्त करने से लेकर नेम-फेम एवं तमाम खुशियों का अस्तित्व तभी तक है, जब तक सांसे चल रही हों। उस व्यक्ति का दम  ज्योंहि  निकला कि उसके लिए सब कुछ निरर्थक हो जाता है… अर्थहीन हो जाता है। फिर भी लोग पूरे होशो-हवास में जान जैसी चीज गवाँ क्यों देते हैं… जिसे वापस लौटाने का कोई जरिया नहीं रह जाता।

जानिए कि नेम-फेम की ऊंचाइयों के शीर्ष तक पहुंच चुका बॉलीवुड का वह एक्टर सुशांत सिंह राजपूत जब मौत को गले लगाया रहा होगा तो उनके अंदर क्या-क्या चल रहा होगा- केवल और केवल एक पैरलल यूनिवर्स यानि एक और दुनिया ! जहां इंसान मौत के अलावा कुछ सोचता ही नहीं….. बल्कि उसे खुद के फैसले पर सर्वाधिक गर्व होता है और एक बड़ा बदलाव भी हुआ होगा कि संपर्क में रहे लोगों के प्रति नफरत, गुस्सा या चिढ़ खत्म हो गई होगी तथा छोटे-बड़े सभी दुश्मनों को माफ कर दिया होगा और मरते हुए किसी प्रकार की नकारात्मकता को दिल में जगह नहीं देने की चाहत के साथ दुनिया को अलविदा कहा होगा।

बता दें कि 34 वर्षीय बेहद लोकप्रिय एवं क्रिकेट कप्तान एमएस धोनी का किरदार निभाने वाले बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून रविवार सुबह बांद्रा मुंबई वाले अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। सुशांत घर में अकेले रहते थे। जब सुशांत 16 साल के थे तभी उनकी मां चल बसी थी। सुशांत 6 महीने से डिप्रेशन में थे, परंतु टॉपर रहे सुशांत आत्महत्या कर लेंगे ऐसा किसी ने सोचा नहीं था। सुशांत का जन्म राजीव नगर पटना में हुआ था। ननिहाल खगरिया जिले में है। बिहार की माटी से जुड़ा रहा है सुशांत।

सुशांत को देश के प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्रियों से लेकर भारतरत्न सचिन तेंदुलकर और अक्षय कुमार सहित लाखों-लाख चाहने वालों ने श्रद्धांजलि दी। पूर्व सांसद पप्पू यादव सहित मधेपुरा के समाजसेवी-साहित्यकार डाॅ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने भी सीबीआई जांच की मांग की है।

 

सम्बंधित खबरें


विश्व रक्तदान दिवस- 2020

14 जून को विश्व रक्तदान दिवस या विश्व रक्तदाता दिवस यानि वर्ल्ड ब्लड डोनर डे मनाया जाता है। वर्ल्ड ब्लड डोनर डे का मुख्य उद्देश्य रक्तदान को बढ़ावा देना है।

बता दें कि संसार में पहली बार वर्ष 2004 के 14 जून को “विश्व रक्तदान दिवस” मनाया गया था। इसकी शुरुआत डब्ल्यूएचओ (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन) द्वारा पहली बार की गई थी।

जानिए कि डब्ल्यूएचओ को यह पता था कि ब्लड ग्रुप खोजने का श्रेय जिस नोबेल पुरस्कार विजेता कार्ल लैंडस्टेनर को जाता है उनका जन्मदिन है 14 जून। और यही कारण है कि डब्ल्यूएचओ द्वारा विश्व रक्तदान दिवस प्रतिवर्ष 14 जून को आयोजित किया जाने लगा, मनाया जाने लगा। यह भी जान लेना उचित होगा कि ब्लड ग्रुप की खोज के लिए कार्ल लैंडस्टेनर को 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

विश्व रक्तदाता दिवस- 2020 का थीम है- Safe Blood Save Lives यानि सुरक्षित रक्त, बचाए जीवन। दूसरा यह कि “रक्त दें और दुनिया को एक सेहतमंद जगह बनाएं”। यह भी कि रक्तदान वही व्यक्ति करें जो 18 वर्ष से अधिक और 50 वर्ष के बीच हो तथा उसका वजन 50 किलोग्राम से अधिक हो। रक्तदान करने से हार्ट अटैक का खतरा कम होता है।

मधेपुरा में समिधा ग्रुप, प्रांगण ग्रुप एवं सृजन दर्पण ग्रुप आदि के युवाओं द्वारा प्रतिवर्ष रक्तदान किया जाता है। इस वर्ष भी इन संगठनों के अतिरिक्त अन्य लोगों ने भी रक्तदान किया है।

 

सम्बंधित खबरें


“विश्व बाल श्रम निषेध दिवस” पूरी दुनिया हर साल 12 जून को मनाती है

विश्व बाल श्रम निषेध दिवस 12 जून को मनाए जाने का उद्देश्य क्या है ? अंतरराष्ट्रीय श्रम संघ द्वारा 2002 के 12 जून से इस दिन को मनाए जाने का उद्देश्य यही है कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से श्रम ना कराकर उन्हें शिक्षा दिलाने के लिए जागरूक करना है।

बता दें कि प्रतिवर्ष 12 जून के दिन इस विश्व दिवस पर बाल श्रमिकों की दुर्दशा को उजागर करने हेतु नियुक्ताओं, सरकारों, श्रमिक संगठनों सहित दुनिया भर के लाखों लोगों को जागरूक किया जाता है। ऐसा इसलिए कि इसे मिटाने या इसके खिलाफ लड़ने के तरीके खोजे जा सके।

यह भी जानिए कि चंद रुपयों के लिए कम उम्र के बच्चों को तस्करी एवं वेश्यावृत्ति जैसी अवैध गतिविधियों के लिए मजबूर किया जाता है। इसी वजह से आम लोगों को बाल श्रम की समस्या के बारे में जागरूक करने तथा उनकी मदद करने के लिए इस दिवस को विगत 18 वर्षों से मनाया जाता है।

इस वर्ष “विश्व बाल श्रम निषेध दिवस” की थीम “कोरोना वायरस के दौर में बच्चों को बचाना” है। बच्चों के द्वारा कराए गए बाल श्रम एवं चाइल्ड ट्रैफिकिंग पर काम करने वाले नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने भारतीय बच्चों के शोषण के सभी रूपों को समाप्त करने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार करने की दिशा में काम करना सरकार से लेकर सामाजिक संगठनों के लिए जरूरी बताया है।

 

सम्बंधित खबरें


सम्पन्न हुआ जदयू का छह दिवसीय वर्चुअल सम्मेलन

जदयू का छह दिवसीय वर्चुअल सम्मेलन शुक्रवार, 12 जून 2020 को सम्पन्न हो गया। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस दौरान 24 सत्रों में राज्य के सभी 38 जिलों के लगभग सवा लाख सक्रिय कार्यकर्ताओं से संवाद किया। सम्मेलन के आखिरी दिन उन्होंने कहा कि हमलोगों ने अपने हर कार्यकाल में पहले से ज्यादा काम किया। पहले पांच साल से ज्यादा दूसरे पांच साल में और दूसरे पांच साल से ज्यादा तीसरे पांच साल के साढ़े चार साल में काम हुए। उन्होंने कहा कि हम साधारण पृष्ठभूमि के आदमी हैं। सिर्फ सेवा के साथ विकास के काम में जुटे रहते हैं।
मुख्यमंत्री वर्चुअल सम्मेलन के आखिरी दिन मगध प्रमंडल के जिला से बूथ स्तर तक के सक्रिय नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तीन कृषि रोडमैप से बिहार में उत्पादन तेजी से बढ़ा है। हर घर बिजली पहुंचाने के बाद हर खेत तक पानी पहुंचाने पर काम कर रहा है। अगली बार मौका मिलने पर हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचा देंगे। उन्होंने कहा कि पिछले 15 वर्षों में शिक्षा, स्वास्थ्य, ढांचागत विकास, महिला सशक्तिकरण सहित हर क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से काम हुआ है। पार्टी के कार्यकर्ता अपना 90 प्रतिशत समय इन कामों के प्रचार में दें।
राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में दल के नेता आरसीपी सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में कानून का राज बंदूक की नोक पर नहीं, विकास के कार्यों द्वारा कायम किया है। विकास के जरिये बिहार के नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति कायम करना देश के लिए एक नजीर है। 15 साल पहले राज्य के विकास का जितना बजट था, आज अकेले शिक्षा का बजट उससे ज्यादा है।
लोकसभा में दल के नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार में विकास कार्यों की संस्कृति को पुनर्जीवित किया। उन्होंने ऐलान किया था कि हम बिजली की स्थिति में सुधार नहीं कर पाए तो वोट मांगने नहीं आएंगे और इसे करके दिखाया।
ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महात्मा बुद्ध के उपदेश – सर्वे भवन्तु सुखिन: सर्वे संतु निरामया: – को जमीन पर उतारा है। उन्होंने सेवा भाव के साथ राजनीति के उच्च मानदंडों को स्थापित किया है। मुख्यमंत्री ने न तो कभी विरोधी दल के नेता की तरह माल बनाने का काम किया है और न ही नफरत फैलाने वाला नारा दिया है।
भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी ने लालू-राबड़ी राज की चर्चा करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध की धरती और मगध प्रमंडल को पति-पत्नी के राज ने रक्तरंजित किया था। 15 साल पहले अल्पसंख्यकों के लिए बजट मात्र 3 करोड़ 45 लाख था, जो अब लगभग 600 करोड़ हो चुका है।
जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक सच्चे गांधीवादी की तरह हमेशा जनसंपर्क यात्राएं की हैं। अपनी 12 बहुचर्चित यात्राओं से उन्होंने लोगों से मिलकर संवाद करने को महत्व दिया।

सम्बंधित खबरें


कोविड-19 की मार- गरीब-अमीर सभी शिकार

कोरोना के मामले में दुनिया के देशों में भारत कुछ ही दिन पहले 10वें स्थान पर था, परंतु चंद दिनों में ही भारत तेजी से छलांग लगाकर चौथे स्थान पर पहुंच गया। अब भारत से ऊपर अमेरिका ब्राज़ील एवं रूस रह गया है।

बता दें कि कोविड-19 की ताजे रिपोर्ट के अनुसार भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 3 लाख के पास पहुंचने ही वाली है तथा मृतकों की संख्या भी 10 हजार को छूने को ही है। कोरोना किसी को छोड़ता नहीं…… क्या गरीब… क्या अमीर…  चाहे कोरोना वारियर्स ही क्यों ना हो, कोई इसके गिरफ्त से निकल नहीं पाता। बस वही सुरक्षित है जो घर में है… जो मास्क-साबुन-सैनिटाइजर का उपयोग करता है और घर में भी सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करता है।

कोरोना प्रभावित राज्यों की ओर नजर डालते ही महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, गुजरात आदि सामने से गुजरने लगता है। ये कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित राज्य हैं- जहाँ महाराष्ट्र में कोरोना पॉजिटिव की संख्या एक लाख पहुंचने वाली है तथा 3590 लोगों की मौत हो चुकी है।

यह भी जानिए कि राजस्थान, दिल्ली में भी कोरोना वायरस के मामले पिछले कुछ दिनों में तेजी से बढ़ी हैं। तो दिल्ली में सक्रिय मरीजों की कुल संख्या 20871 है परंतु वायरस ने 1050 लोगों की जान ले ली। वहीं तमिलनाडु में कोरोना के 38716 मरीज हैं जिसमें 349 लोगों की मौत भी हो चुकी है। अन्य राज्यों में गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश आदि में कोविड-19 के कहर से लोग भयभीत हैं

चलते-चलते यह भी कि बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या 6000 पार हो गई और पिछले 24 घंटे में 95 नये मरीज मिले। सर्वाधिक मरीज रोहतास, कटिहार, भागलपुर और मधुबनी जिले में मिले हैं। बिहार में अब तक कोरोना से 30 लोगों की जान गई है।

सम्बंधित खबरें


कोरोना के कारण बिहार में 2020 की हज यात्रा कैंसिल

सारी दुनिया में कोरोना के कहर ने आतंक मचा दिया है। भारत सहित पूरी दुनिया ही त्राहिमाम कर रही है। अमेरिका एवं इटली जैसे देश भी कोरोना के कोहराम के आगे घुटने टेक दिए हैं। कोरोना के चपेट में लाखों-लाख लोगों ने अपनी जान गँवाई हैं। बिहार मेंं भी कोरोना पॉजिटिव की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। अब तो मधेपुरा जिले में भी एक दिन 19 तो दूसरे दिन 16 कोरोना पॉजिटिव मिलने लगे हैं।

बता दें कि कोरोना के तांडव के कारण बिहार सरकार ने राज्य हज कमेटी के पदाधिकारियों से संवाद करने के फलस्वरूप ही यह निर्णय लिया कि बिहार में 2020 की हज यात्रा कैंसिल की जाती है। कार्यपालक पदाधिकारी राशिद हुसैन ने कहा-

हज यात्रा के लिए 2 सप्ताह शेष रह गए हैं और हज यात्रा को लेकर कोई तैयारी भी नहीं हुई है…. साथ ही यात्रा के संबंध में सऊदी अरब से कोई आदेश भी नहीं आया है।

यह भी बता दें कि हज यात्रा में सम्मिलित होने हेतु 4 हजार 8 सौ 59 लोगों ने आवेदन दिया था। कार्यपालक पदाधिकारी राशिद हुसैन के अनुसार लाॅक डाउन की वजह से यात्रा पर जाने वालों से पूरे पैसे नहीं लिए गए थे।

चलते-चलते यह भी जानिए कि बिहार सरकार द्वारा हज यात्रा स्थगित किए जाने की वजह से अब यात्रीगण आवेदन रद्द करने के लिए अर्जी दे रहे हैं। अभी तक हज की यात्रा पर जाने वाले लगभग डेढ़ सौ लोगों ने अपना आवेदन रद्द करा लिया है। राज्य की हज कमेटी सभी हज यात्रियों का पैसा वापस कर रही है।

सम्बंधित खबरें


दसवीं की परीक्षा में बिहार बोर्ड के टॉपर बने हिमांशु राज

बिहार बोर्ड की दसवीं परीक्षा के टॉपर बने रोहतास जिले के हिमांशु राज। पिताश्री के साथ सब्जी बेचने वाला हिमांशु किसी तरह 14 घंटे पढ़ाई के लिए निकालकर आखिर 96.2 फ़ीसदी अंक यानी (481 नंबर) हासिल कर बिहार बोर्ड 2020 का टॉपर बन ही गया।

हिमांशु ने कहा कि उसके पापा किसान हैं जो दूसरों के खेत पट्टे पर लेकर सब्जी की खेती करते हैं। हिमांशु अपने पिता की मदद करते हुए किसी तरह 14 घंटे पढ़ाई के लिए निकालकर बिहार टॉपर बना। वह सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहता है।

इस बार बिहार बोर्ड का रिजल्ट शिक्षा विभाग द्वारा जारी किया गया है। ज्ञातव्य हो कि इस वर्ष कुल 15 लाख 29 हजार 333 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जिसमें 12 लाख 4 हजार 30 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। गत वर्ष की तुलना में पास करने वालों की प्रतिशत इस वर्ष थोड़ा कम रहा यानि 100 में 80 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। दुर्गेश कुमार 96 फ़ीसदी अंक प्राप्त कर दूसरे स्थान पर रहा यानि सेकंड टाॅपर बना।

चलते-चलते यह भी बता दें कि इस वर्ष की बिहार बोर्ड परीक्षा में कुल 7 लाख 29 हजार 213 लड़के एवं 7 लाख 64 हजार 858 लड़कियां सम्मिलित हुई थी। इनमें उत्तीर्ण होने वालों की संख्या लगभग 12 लाख और प्रथम श्रेणी पाने वालों की संख्या 4 लाख 3 हजार 393 है। इस बार के परीक्षाफल में लड़कों ने अपना वर्चस्व बनाए रखा।

सम्बंधित खबरें


जदयू के वर्चुअल सम्मेलन का आगाज

रविवार, 07 जून को जदयू के चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी कार्यकर्ताओं से विपक्ष के दुष्प्रचार का तर्कों के साथ जोरदार तरीके से जवाब देने को कहा है। बता दें कि मुख्यमंत्री, जो जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी और मधुबनी के नेताओं से वीडियो-ऑडियो संवाद कर रहे थे। इसे वर्चुअल सम्मेलन का नाम दिया गया है। इस सम्मेलन में जदयू के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में दल के नेता आरसीपी सिंह, लोकसभा में दल के नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी एवं जल संसाधन मंत्री संजय झा मौजूद रहे।
जदयू के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि नई पीढ़ी के लोगों को राजद के शासनकाल के बारे में बताएं। युवा पीढ़ी के लोगों को पता चलना चाहिए कि वर्ष 2005 से पहले बिहार में किस तरह का शासन था और लोगों को क्या-क्या भुगतना पड़ता था। उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता आपदाग्रस्त लोगों को राहत पहुंचाना है। लेकिन विपक्ष के पास गाल बजाने के अलावे कोई काम नहीं बचा है। जिलों से लेकर बूथ स्तर तक हमारे कार्यकर्ता सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोगों को सरकार के कामकाज और जनहित में लिए गए फैसलों की जानकारी पहुंचा दें। बेवजह की बयानबाजी करने वाले खुद ही एक्सपोज हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परेशानी में पड़ा व्यक्ति उस समय की गई मदद को हमेशा याद रखता है। कोराना वायरस संक्रमण, लॉकडाउन और प्राकृतिक आपदाओं से परेशान लोगों को सरकार हरसंभव सहायता पहुंचा रही है। कोरोना संकट के दौरान लोगों के बीच राहत-बचाव पर 8538 करोड़ रुपए से अधिक खर्च हुए। क्वारंटाइन सेंटर में 14 दिन तक रखने के लिए एक व्यक्ति पर 5300 रुपए खर्च किए गए। लॉकडाउन के दौरान जैसे ही इजाजत मिली, हम दूसरे प्रदेशों में फंसे 21 लाख से अधिक अपने लोगों को वापस लेकर आए। अब उनके लिए रोजगार का इंतजाम किया जा रहा है। जनता हमारा काम देख रही है, विपक्ष को सही समय पर जवाब देगी।
चलते-चलते बता दें कि जदयू का वर्चुअल सम्मेलन 12 जून तक चलेगा और नीतीश कुमार बारी-बारी से सभी जिलों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से रूबरू होंगे।

सम्बंधित खबरें