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आज हुआ नीतीश सरकार के कैबिनेट का पहला विस्तार

नीतीश सरकार के कैबिनेट विस्तार को लेकर 1 दिन पूर्व से ही 22 नए मंत्रियों को प्रथम विस्तार में शपथ ग्रहण कराने की चर्चा जोर पर थी। परंतु, अंततः 9 मंत्री भाजपा के और 8 मंत्री जदयू के बने। आज दोपहर बाद इन 17 मंत्रियों को राजभवन में राज्यपाल फागू चौहान ने शपथ दिलाई।

शपथ समारोह में मुख्यमंत्री सहित सभी शीर्षस्थ नेता मौजूद थे। दिल्ली से सांसद व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी भी समारोह में सम्मिलित हुए।

बता दें कि जिन 17 मंत्रियों ने शपथ ली है वे हैं- 1.शाहनवाज हुसैन, 2.सम्राट चौधरी, 3.प्रमोद कुमार,  4.नीरज कुमार बबलू, 5.नारायण प्रसाद, 6.नितिन नवीन, 7.डॉ आलोक रंजन झा, 8.जनक राम, 9.श्रवन कुमार, 10.मदन साहनी, 11. सुभाष सिंह, 12.जयंत राज, 13.सुमित कुमार सिंह, 14.संजय कुमार झा, 15.लेसी सिंह, 16.सुनील कुमार, 17.जमां खान,

जहां इनमें अधिकांश ग्रेजुएट हैं तो कुछ पर अपराधिक मुकदमे भी चल रहे हैं, वहीं जेडीयू के मंत्री सुनील कुमार आईपीएस भी रह चुके हैं और बीजेपी के मंत्री आलोक रंजन झा पीएचडी हैं, 45 वर्षीय युवा हैं… कोसी में अच्छी पकड़ है… तभी तो पूर्व सांसद लवली आनंद को मात देकर कैबिनेट में प्रवेश पाए हैं।

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मधेपुरा के डॉ.मनीष कुमार मंडल को मिला ‘डॉ.ऑफ प्राईड अवार्ड’

मधेपुरा के लोकप्रिय एवं समाजसेवी-शिशु विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ.अरुण कुमार मंडल के सुपुत्र एवं पटना के आईजीआईएमएस के सुपरिटेंडेंट डॉ.मनीष कुमार मंडल को “डॉ. ऑफ प्राईड अवार्ड “दिए जाने पर मधेपुरा व उनके पैतृक गांव मुरहो के लोगों में खुशी व्याप्त है। प्रबुद्ध जनों सहित आम लोगों ने कहा कि ईमानदारी से जनसेवा करने का मिला अवार्ड डॉ.मंडल को।

बता दें कि डॉ.मंडल को उनकी ईमानदारी के साथ की गई जनसेवा व प्रशासनिक कार्यों के निष्पादन को देखते हुए भास्कर समूह ने डॉ. ऑफ प्राईड अवार्ड से सम्मानित किया है। आयोजित कार्यक्रम में यह अवार्ड डॉ.मंडल को विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा एवं सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के द्वारा संयुक्त रूप से दिया गया।

चलते-चलते यह भी बता दें कि पूर्वजों की जनसेवी सोच से ओतप्रोत डॉ.मनीष के दादाश्री जस्टिस राजेश्वर प्रसाद मंडल के दादाश्री हुआ करते थे प्रखर स्वतंत्रता सेनानी व समाज सुधारक बाबू रास बिहारी लाल मंडल जिनके कनिष्ठ पुत्र थे मंडल कमीशन के अध्यक्ष बी पी मंडल। अपने पूर्वजों की गरिमा को बनाए रखने वाले डॉ.मनीष को दिए गए इस अवार्ड के लिए समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने उस मिट्टी को बार-बार नमन किया जिसने डॉ.मनीष जैसे समर्पित जनसेवी सपूत को पैदा किया है।

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अब बिहार में रविवार को भी होगी जमीन की रजिस्ट्री

सूबे बिहार में सरकार के सभी निबंधन कार्यालय अब 31 मार्च 2021 तक रविवार को भी खुले रहेंगे। प्रत्येक रविवार को भी आम दिनों की तरह दस्तावेजों का निबंधन यानि जमीन, मकान या फ्लैट आदि की रजिस्ट्री होगी, खरीद-बिक्री होगी।

बता दें कि नीतीश सरकार के आदेशानुसार रविवार को काम करने वाले कर्मियों को बारी-बारी से दूसरे दिन अवकाश दिया जाएगा। अवकाश देने में अधिकारी यह ध्यान रखेंगे कि कार्यालय का काम प्रभावित नहीं हो।

जानिए कि कोरोना महामारी के कारण चार-पांच महीनों तक राज्य में निबंधन का काम बंद रहने से सरकारी राजस्व में कमी तो हुई ही, साथ ही लोगों को भी परेशानी हुई। सरकार ने इस साल निबंधन से साढ़े चार हजार करोड़ राजस्व प्राप्त करने का लक्ष्य तय किया था जिसकी भरपाई हेतु यह प्रयास व नायाब प्रयोग किया गया है।

अंत में यह भी कि सहायक निबंधन महानिरीक्षक एके झा ने इस आशय की जानकारी राज्य के सभी निबंधन कार्यालयों को भेज दी है- “आगामी 31 मार्च तक प्रत्येक रविवार को सभी जिले के निबंधन कार्यालय खुले रहेंगे।”

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यह कोसी अंचल गंगा-यमुनी तहजीब का शुरू से रहा है पोषक

मधेपुरा के खुदाई खिदमतगार मोहम्मद कुदरतुल्लाह काजमी (1895-1968) तत्कालीन सीरीज इंस्टिट्यूट के मेधावी छात्र थे, जहां शिवनंदन प्रसाद मंडल व बलदेव मिश्र जैसे उनके घनिष्ठ मित्र हुआ करते थे। इनकी सक्रियता 1942 के राष्ट्रीय आंदोलनों में देखते ही बनती थी। कुदरतुल्लाह साहब घर में और बाहर जनता के बीच मैथिली में बोलना अधिक पसंद करते थे। वे बिहार मैथिली महासंघ के वर्षों उपाध्यक्ष भी रहे थे और बिहार विधान परिषद के सदस्य भी।

और आज की तारीख में सहरसा के सीटानाबाद निवासी शिक्षक मुख्तार आलम को मैथिली भाषा सेवी सम्मान से सम्मानित करने की घोषणा सामाजिक सांस्कृतिक समिति मधुबनी ने की है। मोहम्मद मुख्तार आलम को मैथिली भाषा के उत्थान व जन जागृति के लिए किए गए अनेक महत्वपूर्ण कार्यों को देखते हुए 8 फरवरी (सोमवार) को मधुबनी में मैथिली सेवी सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। मैथिली शब्द लोक के संस्थापक व संचालक मुख्तार आलम इस संस्था के बैनर तले मैथिली के उन्नयन के लिए विभिन्न कार्यक्रम करते रहे हैं और अखिल भारतीय मिथिला संघ सरीखे कई विचार मंच द्वारा सम्मानित होते रहे हैं। यह कोसी अंचल गंगा-यमुनी तहजीब का शुरू से ही पोषक रहा है।

मुख्तार आलम को मैथिली सेवी सम्मान मिलने की घोषणा पर मधेपुरा के वरिष्ठ साहित्यकारों हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ, प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, अरविंद श्रीवास्तव आदि और सहरसा के डॉ.ललितेश मिश्र, डॉ.महेंद्र झा, डॉ.रामनरेश सिंह सहित अन्य व सुपौल के केदार कानन आदि ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई दी है।

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अब बिहार की चार लाख बेटियाँ हौसलों से छुएगी आसमान

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक के बाद एक नायाब बालिका कल्याण योजना या कन्या उत्थान योजना दे-देकर बिहार की सवा चार लाख बेटियों के हौसलों को आसमान तक ले जाने में लगे हुए हैं। मुख्यमंत्री ने पूर्व से दी जा रही सहायता राशि को अब दोगुनी कर दी है। अब इंटरमीडिएट पास करने वाली बेटियों को ₹25 हजार और स्नातक उत्तीर्ण को मिलेंगे ₹50 हजार की सहायता।

बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में में कन्या उत्थान योजना के अंतर्गत लड़कियों को उच्चतर शिक्षा के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया। जानिए कि 1 अप्रैल 2021 के बाद प्रकाशित रिजल्ट पर उक्त बढ़ी हुई सहायता राशि दी जाएगी।

यह भी याद रखें कि इस कन्या उत्थान योजना के अंतर्गत इंटरमीडिएट पास केवल अविवाहित लड़कियों को उच्चतर शिक्षा हेतु 25 हजार तथा स्नातक उत्तीर्ण अविवाहित व विवाहित दोनों कोटि की लड़कियों को 50 हजार की राशि एकमुश्त मिलेगी। अब तक इस योजना में इंटर पास को 10 हजार एवं  स्नातक पास को 25 हजार दिए जाते रहे हैं, जिसे अब 1 अप्रैल 2021 के बाद प्रकाशित होने वाले रिजल्ट पर सहायता राशि दोगुनी कर दी गई है।

समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के द्वारा बालिकाओं के लिए साइकिल-पोशाक योजना से लेकर बालिका उत्थान योजना तक के लिए कोटि-कोटि धन्यवाद दिया है और कहा है कि इस प्रकार की योजनाएं भविष्य में नारी सशक्तिकरण के लिए क्रांतिकारी साबित होंगी।

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मौसम अनुकूल खेती के लिए बिहार के 190 गांवों में लगेगी “खेत पाठशाला”

बिहार के 38 जिलों के पांच-पांच गांवों यानि कुल चयनित 190 गांवों में मौसम अनुकूल खेती के लिए जिले भर के किसान जुटेंगे, जहां पर कृषि विभाग द्वारा “खेत पाठशाला” लगाया जाएगा। कुल 623 एकड़ में वैज्ञानिकों की देख-रेख में खेती आरंभ कर दी गई है, जो 5 साल तक चलेगी।

बता दें कि इस खेत पाठशाला में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा “मौसम अनुकूल खेती” की नई तकनीक वाली थ्योरी पढ़ाई जाएगी और किसान लोग प्रैक्टिकल कर दिखाएंगे। इस पाठशाला का उद्देश्य है- मौसम में बदलाव के अनुसार जल्द से जल्द किसान खेती के पैटर्न को भी बदल लें।

चलते-चलते बता दें कि “खेत पाठशाला” के माध्यम से सरकार मौसम अनुकूल खेती को एक आंदोलन का रूप देना चाहती है, क्योंकि बाढ़ व सुखाड़ के कारण किसानों के सहायतार्थ सरकार को प्रतिवर्ष अरबों रुपए खर्च करने पड़ते हैं। नीतीश सरकार ने शीघ्रातिशीघ्र इस तकनीक को अमलीजामा पहनाने के लिए कृषि विभाग के पदाधिकारियों को निर्देश दिया है।

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बिहार में 6 से 8 तक की स्कूली कक्षाएं खुलेगी 8 फरवरी से

बिहार सरकार ने प्रदेश में कोरोना की स्थिति का जायजा लेते हुए यह तय किया है कि प्रदेश में 8 फरवरी से सभी सरकारी या निजी स्कूलों के 6 से 8 तक की कक्षाएं खुलेगी तो जरूर, परंतु प्रतिदिन प्रत्येक वर्ग में 50% बच्चे ही आएंगे।

बता दें कि जहां इस बार शत-प्रतिशत शिक्षकों को स्कूल आने की दी गई है छूट, वहीं बच्चों के स्कूल जाने के लिए अभिभावक की सहमति भी कर दी गई है जरूरी। कोरोना की नई गाइडलाइन 28 फरवरी तक प्रभावी रहेगी। मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में ये निर्णय लिए गए हैं।

चलते-चलते यह भी कि स्कूल कोरोना की गाइडलाइन का पालन करते हुए खोले जाएंगे और स्कूल बच्चों पर दबाव नहीं बनाएंगे। स्कूल खोलने के लिए ये शर्तें आवश्यक होंगी- 1. सरकारी स्कूल के बच्चों को दिए जाएंगे दो-दो मास्क। 2. सभी स्कूल मास्क और शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करेंगे। 3. एक बेंच पर दो से अधिक बच्चे नहीं बैठेंगे….. फरवरी के बाद आवश्यकतानुसार ढील दी जाएगी। फिलहाल महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को 10 मार्च से खोलने की योजना बनाई जा रही है।

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फरवरी से शुरू होगा गंगा पर फोर लेन पुल का निर्माण

राजधानी पटना के गायघाट और हाजीपुर के बीच गंगा पर महात्मा गांधी सेतु बना तो सही….. लोगों की सेवाएं भी की,  परंतु वाहनों की बढ़ती संख्या के चलते पुल की स्थिति बिगड़ती रही और अब आवश्यकतानुसार नीतीश सरकार ने उसी पुल के समानांतर एक फोरलेन पुल के निर्माण की घोषणा कर दी है। इस फोरलेन पुल का निर्माण कार्य फरवरी माह से शुरू हो जाएगा।

बता दें कि यह फोरलेन 14.5 किलोमीटर लंबा होगा और इस फोरलेन पुल के निर्माण पर 1794 करोड़ से अधिक रुपए खर्च होंगे। नीतीश सरकार के पथ निर्माण मंत्री मंगल पांडे ने गायघाट परियोजना स्थल पर निरीक्षण के बाद यह घोषणा की और यह भी कहा कि फोरलेन पुल को लेकर निविदा आदि की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि कार्यारंभ होने के बाद 42 महीने यानी साढ़े तीन वर्ष में पुल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

 

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शीतलहर से बिहार का जनजीवन बेहाल

संपूर्ण बिहार में शीतलहर से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के कारण लोगों के साथ-साथ पशु-पक्षियों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार धूप नहीं निकलने के कारण लोग घर से निकल नहीं पा रहे हैं।

बता दें कि उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही पर्वतीय इलाकों की ठंडी हवा के चलते मैदानी इलाकों में कपकपी की स्थिति कई दिनों से बरकरार है। लगातार भारी ठंड के कारण सूबे के 12 जिलों में भारी ठंड की को लेकर “अलर्ट” जारी कर दिया गया है। भागलपुर और पूर्णिया जिले में घने कोहरे के कारण सड़कों पर वाहनों को चलने में भी परेशानी होती है।

चलते-चलते यह भी जान लें कि पटना के अलावा सुपौल, सहरसा, अररिया, किशनगंज, गया, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय और नवादा आदि कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे आ गया है। सूबे के अंदर मौसम विभाग के अनुसार डेहरी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

 

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भारत को जूनियर खिलाड़ियों में ओलंपिक मेडल की उम्मीद

देश में जूनियर खिलाड़ियों द्वारा विभिन्न खेलों में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किए जा रहे हैं। 15 साल से कम उम्र के अनेक खिलाड़ी ऐसे हैं जिन्हें भविष्य का बड़ा स्टार माना जा रहा है। इन खिलाड़ियों ने फुटबॉल, टेनिस एवं शूटिंग सहित कई खेलों में अपना लोहा मनवा लिया है, जिनसे देश ओलंपिक मेडल जीतने की उम्मीद करने लगा है।

बता दें कि मात्र 9 साल का प्रीतम ब्रह्मा गुवाहाटी सिटी एफसी बेबी लीग में खेलते हुए सर्वाधिक कीमती खिलाड़ी चुने गए हैं। प्रीतम ने फुटबॉल में अपनी टीम की ओर से 18 गोल करने के साथ 16 गोल के लिए असिस्ट भी किए थे। तभी तो लेफ्ट विंगर प्रीतम को जर्मन फुटबॉलर ‘ओजिल’ ने उनकी कला-कौशल और काबिलियत के लिए जर्सी भेजी है। लिटिल चैंप्स के बड़े कमालों को लेकर भारत आने वाले ओलंपिक में पदक जीतने की भरपूर उम्मीद कर रहा है।

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