All posts by Admin

मधेपुरा एसएनपीएम स्कूल के आनंद विजय को मिला कोलकाता विज्ञान मेला में प्रथम स्थान

जनवरी माह के 14 से 18 तारीख तक पूर्वी क्षेत्र के 11 राज्यों के छात्र कोलकाता के बिरला एंड टेक्नोलॉजी म्यूजियम सभागार में आयोजित विज्ञान मेला में सम्मिलित हुए। पांच दिवसीय विज्ञान मेला में पूर्वी ग्यारहों राज्य के प्रतिभागियों ने अपने-अपने मॉडल के साथ अपनी प्रस्तुति दी थी।

बता दें कि सभी प्रतिभागियों में एक था मधेपुरा के शिवनंदन प्रसाद मंडल+2 विद्यालय का छात्र आनंद विजय। आनंद विजय 10वीं का छात्र है जो बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त कर कोलकाता पहुंचा था। कोलकाता में भी छात्र आनंद विजय ने विज्ञान मेला में प्रथम स्थान प्राप्त किया। विज्ञान में कुशलता प्राप्त छात्र आनंद को ₹4000 के चेक के साथ-साथ प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो आदि प्रदान किया गया। आनंद विजय को स्कूल के लिए शिल्ड भी प्रदान किया गया था।

यह भी बता दे कि आनंद के स्कूल के वास्ते दिए गए शिल्ड प्राचार्य डॉ.संतोष कुमार को प्रदान करते हुए गुरु चरणों में नमन किया। छात्र आनंद को सिक्योरिटी लॉक के अद्भुत मॉडल तैयार करने के वास्ते प्रथम स्थान प्राप्त हुआ और पुरस्कृत भी किया गया। वह अपने पिताश्री प्रो.अनिल कुमार के साथ भौतिकी के विद्वान प्रोफेसर डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी से उनके आवास वृंदावन जा-जाकर शुभाशीष लेते रहे और आगे बढ़ते रहे।

 

सम्बंधित खबरें


कबड्डी खिलाड़ी सुनीति सहित अन्य तीन राष्ट्रीय स्तर पर जिले को किया गौरवान्वित और हुए सम्मानित

हाल ही में असम के गुवाहाटी में अखिल भारतीय स्तर पर तृतीय खेलो इंडिया में कबड्डी में बिहार के बालक-बालिकाओं की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त कर बिहार को गौरवान्वित किया। उसी टीम में मधेपुरा की सुनीति ने सूबे बिहार सहित जिले को भी गौरवान्वित किया।

State Level Kabaddi Player is being encouraged by Dr.Madhepuri, ADM Upendra Kumar & SDM Vrindalal.
State Level Kabaddi Player is being encouraged by Dr.Madhepuri, ADM Upendra Kumar & SDM Vrindalal.

बता दें कि राष्ट्रीय स्तर पर जिले को गौरवान्वित करने वाले चारो खिलाड़ियों- सुनीति कुमारी, विनेश कुमार, रेजी कुमारी एवं रेखा कुमारी- को अंगवस्त्रमादि व मोमेंटो देकर सम्मानित किया अपर समाहर्ता उपेंद्र कुमार, अनुमंडलाधिकारी वृंदालाल, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, निदेशक किशोर कुमार, उपाधीक्षक शारीरिक शिक्षा एस एन झा आदि ने।

यह भी बता दें कि छत्तीसगढ़ में हुए 65वें राष्ट्रीय स्कूली कबड्डी प्रतियोगिता में बिहार की ओर से मधेपुरा के ही 3 खिलाड़ी विनेश-रेजी एवं रेखा को भी सम्मानित किया गया। इन्हें सम्मानित किया जिला कबड्डी संघ के अध्यक्ष जयकांत यादव, सचिव अरुण कुमार, हाॅली क्रास की प्राचार्या डॉ.वंदना कुमारी, माया विद्या निकेतन की डॉ.चंद्रिका यादव, अजीर बिहारी, बीआर ऑक्सफोर्ड के निदेशक मानव कुमार व आरआर ग्रीन फील्ड के निदेशक राजेश कुमार आदि।

इस अवसर पर एडीएम उपेंद्र कुमार ने कहा कि मधेपुरा की पहचान खेल के क्षेत्र में अद्वितीय है। हर क्षेत्र में यहां के खिलाड़ी आगे बढ़ रहे हैं। एसडीएम वृंदालाल ने खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि कबड्डी में बालिकाएं भी मधेपुरा का नाम रौशन करने में सबसे आगे है। इन्हें आगे बढ़ने हेतु प्रशासनिक स्तर से भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि जिस किसी क्षेत्र में मधेपुरा के नाम को कोई भी बालक या बालिका राष्ट्रीय या राज्य स्तर पर गौरवान्वित करते हैं उन्हें जिला प्रशासन द्वारा 26 जनवरी को सम्मानित किया जाए ताकि खिलाड़ियों व प्रतिभागियों का मनोबल और भी बढ़ सके। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि इस सम्मान कार्यक्रम के लिए निजी विद्यालय संघ के अध्यक्ष किशोर कुमार एवं जिला कबड्डी संघ के अध्यक्ष-सचिव धन्यवाद के पात्र हैं।

 

सम्बंधित खबरें


नेहरू युवा केंद्र द्वारा राष्ट्रीय युवा दिवस सप्ताह का समापन समारोह हुआ संपन्न

भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय विभाग के तहत देश के युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए नेहरू युवा केंद्र वर्षों से देश के सभी जिले में कार्यरत है। नेहरू युवा केंद्र मधेपुरा के बैनर तले 13 से 19 जनवरी तक स्वामी विवेकानंद को युवाओं का प्रतीक मानकर राष्ट्रीय युवा सप्ताह मनाया गया जिसका समापन 19 जनवरी को कोलते कंप्यूटर संस्थान में नेहरू युवा केंद्र के समन्वयक अजय कुमार गुप्ता की अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने अपने विस्तृत संबोधन द्वारा संस्थान के युवाओं सहित नेहरू युवा केंद्र से जुड़े युवजनों का भरपूर उत्साह वर्धन किया। डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने स्वामी विवेकानंद के शिकागो एवं जापान के भ्रमण को संदर्भित करते हुए तथा युवाओं के हितार्थ विस्तृत जानकारियां देते हुए कहा कि युवाओं को हमेशा सकारात्मक सोच से लैस होना चाहिए। लेडीज एंड जेंटलमेन की जगह स्वामी विवेकानंद की तरह ब्रदर्स एंड सिस्टर्स कह कर हर दिल में जगह बनानी चाहिए और वसुधैव कुटुंबकम के संदेश से दुनिया को अवगत कराना चाहिए। आगे डॉ.मधेपुरी ने स्वामी विवेकानंद को संदर्भित कर यही कहा कि विवेक और वैराग्य से युवजन अपने विषय की अभिलाषा से मुक्त हो सकते हैं लेकिन वासना निर्मूल नहीं हो सकती। परंतु डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम ने उनसे एक बार कहा था कि यदि तुम ऊंचे लक्ष्य पाने के लिए सारी ऊर्जा को वहां केंद्रित कर दो तो कुछ पल के लिए ही सही तुम वासना से भी मुक्त हो सकते हो…।

मौके पर विशिष्ट अतिथि प्रो.(डॉ.)संजय परमार, प्रभात कुमार ने भी अपने संबोधनों में युवाओं को खूब उत्साहित किया। अध्यक्षीय भाषण में समन्वयक अजय कुमार गुप्ता ने नेहरू युवा केंद्र के आगे होने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारियां दी तथा विगत वर्ष में विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान प्राप्त की गई उपलब्धियों के लिए साधुवाद दिया।

सम्बंधित खबरें


बिहार में बनी विश्व रिकॉर्ड से 15 गुना बड़ी मानव-श्रृंखला

बिहार ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। यह तीसरी बार है जब बिहार में मानव-श्रृंखला का आयोजन किया गया। पिछली बार की तरह इस बार भी बिहार ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा। जल-जीवन-हरियाली और नशामुक्ति के समर्थन एवं बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरोध में इस बार 5 करोड़ 16 लाख 71 हजार 389 बिहारवासियों ने 18,034 किलोमीटर लंबी मानव-श्रृंखला बनाई। इस श्रृंखला की भव्यता और विशालता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि बिहार की मानव-श्रृंखला 1155 किलोमीटर के विश्व रिकॉर्ड से 15 गुना बड़ी है। इस तरह बिहार ने अपना ही रिकॉर्ड और बेहतर करते हुए विश्व रिकॉर्ड को तीसरी बार तोड़ा।
बता दें कि इस ऐतिहासिक मानव-श्रृंखला का शुभारंभ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना के गांधी मैदान से गुब्बारा उड़ाकर किया। मानव-श्रृंखला के लिए हुए इस मुख्य आयोजन में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारुण रशीद सहित कई वरिष्ठ मंत्री, सांसद एवं आला अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर जलपुरुष एवं मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित श्री राजेन्द्र सिंह एवं यूएनआईपी के इंडिया कंट्री हेड अतुल बगई गांधी मैदान में विशेष तौर पर मौजूद रहे।
मानव-श्रृंखला को लेकर पूरे बिहार में उत्सव-सा माहौल रहा। हालांकि इसके लिए दिन के 11.30 से 12.00 बजे का समय निर्धारित था लेकिन उत्साह का आलम यह था कि लोग 10 बजे से ही कतार में लगने के लिए घरों से निकलने लगे। यहां तक कि बिहार के विभिन्न जेलो के 43445 कैदी भी जेलकर्मियों के साथ इस श्रृंखला में शामिल हुए। मानव-श्रृंखला की फोटोग्राफी के लिए 07 हैलीकॉप्टर और 100 से अधिक ड्रोन लगाए गए थे। इस श्रृंखला पर देश और दुनिया की नजरें टिकी थीं। इसके साथ ही दो प्रतिष्ठित रिकॉर्ड बुक – इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स तथा लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड्स – की टीमें भी इसे परखने के लिए बिहार में जमी थीं।
मानव-श्रृंखला के इस विराट आयोजन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहारवासियों को उनके अभूतपूर्व समर्थन के लिए “हृदय से धन्यवाद” देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन एवं अन्य सामाजिक सुधार के अभियानों के प्रति जागरुकता फैलाने में यह मानव-श्रृंखला मील का पत्थर साबित होगी। बिहार प्रदेश जदयू के अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ऐतिहासिक मानव-श्रृंखला बनाकर बिहार ने पूरे विश्व को संदेश दिया है। जदयू के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) आरसीपी सिंह ने कहा कि इस अभूतपूर्व मानव-श्रृंखला का आयोजन कर बिहारवासियों ने राज्य को नया गौरव दिया है।

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri along with senior citizens of Madhepura taking part in Jal-Jeevan-Hariyali Manav-Shrinkhala at Bhupendra Chowk, Madhepura.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri along with senior citizens of Madhepura taking part in Jal-Jeevan-Hariyali Manav-Shrinkhala at Bhupendra Chowk, Madhepura.

वहीं मधेपुरा के समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने मुख्यमंत्री को उनके जल-जीवन-हरियाली यात्रा के दौरान शुभकामना व्यक्त करते हुए यही कहा था कि आपका यह कार्यक्रम  एक दिन “वैश्विक क्रांति” का मार्ग प्रशस्त करेगा….. जैसा कि बिहार वासियों की  बढ़ती हुई सहभागिता से स्पष्ट नजर आने लगा है।‘मधेपुरा अबतक’ भी इस मौके पर बिहारवासियों को हार्दिक बधाई और साधुवाद देता है।

सम्बंधित खबरें


मनीषी भूपेन्द्र के जन्मदिन यानि 01 फरवरी को मनेगा विश्वविद्यालय का स्थापना दिवस भी……!

मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.(डॉ.)अवध किशोर राय की अध्यक्षता में आलाधिकारियों की एक बैठक हुई। बैठक में कुलपति डॉ.राय ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र नारायण मंडल के नाम पर हुई थी। कोसी व सीमांचल के पिछड़े इलाके में शिक्षा की रौशनी फैलाने में इसने अहम भूमिका निभाई है।

बता दें कि मंडल विश्वविद्यालय के 27 वर्ष हो गए हैं। गत वर्ष रजत जयंती समारोह आयोजित किया गया जिसका समापन आगामी एक फरवरी को ही होगा। कुल मिलाकर तीन आयोजनों का संगम होगा एक फरवरी को- पहला मनीषी भूपेन्द्र की 117वीं जयंती, दूसरा बीएनएमयू का 28वाँ स्थापना महोत्सव एवं तीसरा बीएनएमयू के रजत जयंती समारोह का समापन भी।

चौथा यह भी कि एक फरवरी को “मंडल विश्वविद्यालय : कल, आज और कल” पुस्तक प्रकाशित करने की योजना कमेटी ने बनाई है जिसमें विश्वविद्यालय के इतिहास, उसकी उपलब्धियाँ एवं कार्य योजनाओं से संबंधित सामग्री सहित आलेखों व चित्रों को स्थान दिया जाएगा। बीएनएमयू से जुड़े संस्मरण आदि भी प्रकाशित किए जाएंगे। इसके लिए 25 जनवरी तक सामग्रियां आमंत्रित की गई हैं। 1 फरवरी को पुस्तक का विमोचन होगा।

इन चारों आयोजनों के लिए चार कमेटियों का गठन किया गया है। संचालन समिति में होंगे- प्रतिकुलपति, कुलानुशासन, कुलसचिव, एफओ, विकास पदाधिकारी एवं स्टेट ऑफिसर। इवेंट मैनेजमेंट कमिटी में होंगे- डॉ.एमआई रहमान, डॉ.अबुल फजल एवं डॉ.नरेंद्र श्रीवास्तव। सांस्कृतिक कमेटी में होंगे- डॉ.बीएन विवेका, डॉ.रीता सिंह डाॅ.शंकर कुमार मिश्र एवं पृथ्वीराज यदुवंशी। भोजन समिति में होंगे- पीए टू कुलपति शंभू नारायण यादव, पीए टू कुलसचिव राजीव कुमार, राजेश कुमार, बबलू ठाकुर एवं विवेकानंद।

चलते-चलते यह भी कि बैठक में वित्तीय परामर्शी सुरेश चंद्र दास, परीक्षा नियंत्रक डॉ.नवीन कुमार, बीओ डॉ.एमएस पाठक एवं पीआरओ डॉ.सुधांशु शेखर आदि भी उपस्थित थे।

सम्बंधित खबरें


तुलसी पब्लिक स्कूल द्वारा आयोजित मानव श्रृंखला के पूर्वाभ्यास को संबोधित किया डॉ.मधेपुरी ने

सूबे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आह्वान पर समस्त बिहार में “जल-जीवन-हरियाली” की सुरक्षा के तहत दिनांक 19 जनवरी (रविवार) को 16 हजार किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बनाई जाएगी। इसे सफल करने हेतु दिनभर सरकारी एवं गैर-सरकारी स्कूलों में जा-जाकर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 70 वर्षों से इस देश में लोगों को पर्याप्त जल भी उपलब्ध नहीं हो पाया है। जल को बचाना जरूरी है। सवेरे उठकर ब्रश करते वक्त टेप खुला नहीं छोड़ना बच्चों ! दिन के अंत में तुलसी पब्लिक स्कूल के छात्रों के द्वारा किए जा रहे पूर्वाभ्यास में शामिल होकर डॉ.मधेपुरी ने कहा कि हरियाली की कमी के कारण पटना से लेकर दिल्ली तक के विभिन्न शहरों में पर्यावरण तेजी से प्रदूषित हो रहा है। सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है। यह मानव श्रृंखला लोगों को जन्मदिन, शादी के दिन तथा राष्ट्रीय उत्सव के दिन एक-एक वृक्षारोपण करने हेतु जागरूक करेगा।

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri talking to the School kids regarding the importance of Jal-Jeevan-Hariyali.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri talking to the School kids regarding the importance of Jal-Jeevan-Hariyali.

निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र ने कहा कि रविवार को 11:30 बजे से 12:00 बजे तक टीपीएस के सभी छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को माननीय मुख्यमंत्री द्वारा इस सर्वोत्कृष्ट आयोजन जल-जीवन-हरियाली की सफलता के लिए मानव श्रृंखला का हिस्सा बनना है।

अंत में डॉ.मधेपुरी ने टीपीएस के छात्रों को देर तक जल-जीवन-हरियाली के बाबत प्रश्नोत्तर के माध्यम से जागरूक किया। उन्होंने धरती को रहने योग्य बनाने हेतु विस्तार से चर्चा की।

सम्बंधित खबरें


शहीद चुल्हाय की शताब्दी जयंती समारोह उनके पैतृक गाँव मनहरा में धूमधाम से मनाया गया

मधेपुरा सदर में 23 वर्ष की उम्र में आजादी की खातिर अपना प्राण न्योछावर करने वाले शहीद चुल्हाय 15 जनवरी 1920 को मनहरा गाँव के एक किसान फूलचन्द के घर जन्म लिया था और 30 जनवरी 1943 को शहीद हो गया। सूबे के पूर्व आपदा प्रबंधन कैबिनेट मंत्री एवं वर्तमान मधेपुरा विधायक प्रो.चंद्रशेखर ने समारोह का उद्घाटन किया और श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि शहीद चुल्हाय हमारा गौरव है और हमें सदा गौरवान्वित करता रहेगा। सबों ने शहीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।

Chief Guest Dr.Bhupendra Madhepuri along with Dr.Naresh Kumar paying homage to Shahid Chulhai
Chief Guest Dr.Bhupendra Madhepuri along with Senator Dr.Naresh Kumar paying homage to Shahid Chulhai.

इस अवसर पर मुख्य अतिथि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि हम जब तक अपने अतीत को याद नहीं करेंगे तब तक हम ना तो अपने भविष्य को गढ़ सकते हैं और ना वर्तमान में एक कदम आगे बढ़ सकते हैं। डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव सरीखे शहीद चुल्हाय के ऋण से मुक्त होने के लिए उन्होंने विश्वविद्यालय में शहीद चुल्हाय उद्यान, डाक बंगला रोड का नाम शहीद चुल्हाय मार्ग तथा शहीद चुल्हाय जैसों को याद करने के लिए तत्कालीन डीएम मो. सोहैल से अनुरोध करके शहीद पार्क बनवाया। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि अपने अतीत एवं अपनी विरासत को याद करने के लिए उन्होंने रासबिहारी लाल मंडल, शिवनंदन प्रसाद मंडल एवं भूपेद्र नारायण मंडल पर सर्वप्रथम कलम उठाई और आने वाली पीढ़ी के लिए  उनकी जीवनी लिख डाली।

विशिष्ट अतिथि सीनेटर एवं बीएन मुस्टा के महासचिव प्रो.(डॉ.)नरेश कुमार ने कहा कि यहाँ शिक्षा जगत के विश्वकर्मा कीर्ति नारायण मंडल, प्रखर स्वतंत्रता सेनानी हुए कमलेश्वरी प्रसाद मंडल लेकिन कोसी अंचल को सर्वाधिक ऊँचाई दिया शहीद चुल्हाय ने। समारोह को संबोधित करते हुए मुखिया राजकिशोर यादव, शिक्षक राजेंद्र प्रसाद, डॉ.नरेश कुमार, प्रो.सुरेश कुमार, जगदीश प्रसाद, रामानंद कुमार, पूर्व मुखिया अरविंद कुमार आदि ने यही कहा कि आज हर आदमी की जुबान पर शहीद चुल्हाय का नाम है और सदा रहेगा।

समारोह की अध्यक्षता किया प्रो.जयकृष्ण यादव तथा मंच संचालन किया डॉ.नरेश कुमार ने। आरंभ में स्वागत गान प्रस्तुत किया ख्याति प्राप्त संगीतज्ञ संजीव कुमार की टीम ने। वे देर शाम तक शहीदों के सम्मान में एक से बढ़कर एक गीत गाते रहे और तालियां बटोरते रहे।

सम्बंधित खबरें


पुलवामा के सीआरपीएफ कैंप में शहीदों के आंगन की मिट्टी सदा महका करेगी

बेंगलुरु का एक शख्स है उमेश गोपीनाथ जाधव। उमेश जाधव एक संगीत शिक्षक है। बच्चों को संगीत सिखाने वाले गोपीनाथ जाधव अब पुलवामा के सीआरपीएफ कैंप में शहीदों के आंगन से मिट्टी ला-लाकर भारत का मानचित्र बनाएंगे। सभी शहीदों के परिवार वालों से मिलेंगे भी।

बता दें कि पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सभी जवानों के घर-आंगन की मिट्टी वहीं अपनी खुशबू बिखेरेगी जहां विगत 14 फरवरी 2019 को उनकी शहादत हुई थी। शहीदों के आंगन की मिट्टी इकट्ठा करने में लगे गोपीनाथ जाधव का 9 अप्रैल 2019 से ही सफर शुरू हो चुका है। वे 29 राज्यों सहित सात केंद्र शासित प्रदेशों में भी जाएंगे और देश की मिट्टी की अहमियत दुनिया के लोगों तक पहुंचाएंगे।

यह भी बता दें कि गोपीनाथ जाधव बेंगलुरु से केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, महाराष्ट्र होते हुए भोपाल से आगे निकलते रहे और चंद रोज कबल गोपीनाथ ने उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के गाँव हरपुर, टोला- बेलडीहा शहीद लाल पंकज त्रिपाठी के आंगन की मिट्टी एकत्र की। अब तक 23 राज्यों की 27 शहीदों के आंगन की मिट्टी एकत्र कर चुके हैं गोपीनाथ। शेष 13 शहीदों के आंगन की मिट्टी लाकर वह संगीत शिक्षक उमेश गोपीनाथ जाधव भारत की एकता और अखंडता का प्रतीक “मानचित्र” बनाकर पुलवामा के सीआरपीएफ कैंप को शहीदों की शहादत भरे सुगंध से भर देगा।

Pulwama Martyrs.
Pulwama Martyrs.

चलते-चलते बता दें कि पुलवामा हमले के बाद वहां सीआरपीएफ कैंप में जाकर उमेश ने कसम खाई थी कि इन चालीसो शहीदों के आंगन की मिट्टी लाने और उनके परिजनों से मिलने उनके घर पर जाएंगे….. पुलवामा में उनकी याद में स्मारक बनाएंगे। यह भी कि लगभग 50 हजार  किलोमीटर की यात्रा पूरी करने हेतु गोपीनाथ जाधव ने अलग-अलग गाड़ियों के पुर्जों को मिलाकर अपनी एक गाड़ी तैयार की और उस गाड़ी पर तिरंगा, सेना की वर्दी तथा देशभक्ति के मैसेज अंकित कराए।

पुनश्च उन्हीं दिनों अति संवेदनशील समाजसेवी- साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने तत्कालीन गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर यह निवेदन किया था कि उन चालीसों पुलवामा शहीदों के परिजनों के बैंक अकाउंट को पब्लिक किया जाए ताकि देश के संवेदनशील करोड़ों लोग एक-एक रुपए देंगे तो उन्हें बच्चों की पढ़ाई आदि के लिए हाथ नहीं फैलाना पड़े- के जवाब में गृह मंत्री ने यही लिखा- “आपकी भावना का कद्र करते हुए बैठक में इस पर गहन चिंतन-मंथन किया गया। बैंक अकाउंट को पब्लिक करने के खतरे को ध्यान में रखते हुए समिति आपको आश्वस्त करती है कि शहीदों के परिजनों को सरकार इतनी राशि दी है कि उन्हें अब हाथ फैलाने की नौबत नहीं आएगी।”

सम्बंधित खबरें


16,351 किलोमीटर लंबी होगी मानव-श्रृंखला

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ सभाकक्ष में जल-जीवन-हरियाली अभियान, शराबबंदी एवं नशामुक्ति के पक्ष में तथा बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खिलाफ 19 जनवरी 2020 को पूर्वाह्न 11.30 बजे से मध्याह्न 12 बजे तक बनने वाली मानव-श्रृंखला के निर्माण की तैयारियों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों में प्रमंडलीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक, जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक भी जुड़े हुए थे।
इस मौके पर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने मानव-श्रृंखला की तैयारियों के संबंध में एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। 19 जनवरी को कुल 16,351 किलोमीटर की अनुमानित लंबाई की मानव-श्रृंखला बनेगी, जिसमें 5,052 किलोमीटर मुख्य मार्ग की लंबाई होगी और 11,299 किलोमीटर उपमार्ग की लंबाई होगी। मानव-श्रृंखला में अनुमानित प्रतिभागियों की संख्या लगभग दो हजार व्यक्ति प्रति किलोमीटर की दर से 3 करोड़ 27 लाख संख्या होगी तथा प्रत्येक वार्ड में सौ लोगों के हिसाब से एक करोड़ लोगों की संख्या होगी यानि कुल 4 करोड़ 27 लाख लोगों के मानव-श्रृंखला में शामिल होने की संभावना है।
बता दें कि पटना में गांधी मैदान से मानव-श्रृंखला के प्रस्थान बिन्दु की तैयारी की गई है। गांधी मैदान से चारों दिशाओं में मानव-श्रृंखला का प्रस्थान होगा, जो एक-दूसरे से जुड़ते हुए राज्य के सभी जिले आपस में श्रृंखलाबद्ध होंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गांधी मैदान में ही मानव-श्रृंखला का हिस्सा बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि यह मानव-श्रृंखला लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरुकता को प्रदर्शित करेगी। जलवायु में हो रहे परिवर्तन के प्रति लोग अपनी सजगता दिखाने के लिए एकजुट होकर मानव-श्रृंखला बना रहे हैं। गरीब राज्य और इतनी घनी आबादी होने के बावजूद यहां मानव-श्रृंखला बनाना बड़ी बात है। यह मानव-श्रृंखला पर्यावरण के लिहाज से बहुत बड़ा रिकॉर्ड साबित होगा।
बैठक में शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, मुख्यमंत्री के परामर्शी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय सहित तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद थे।

सम्बंधित खबरें


मानव श्रृंखला की सफलता के लिए जागरूकता बैठक करने में लगे हैं डीएम नवदीप शुक्ला

19 जनवरी को मानव श्रृंखला की सफलता को लेकर पूरे जिले के सभी प्रखंडों में जल-जीवन-हरियाली के बाबत जागरूकता बैठक करने में जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला (आईएएस) की पूरी टीम लगी हुई है। एसडीएम मधेपुरा वृंदालाल एवं एसडीएम उदाकिशुनगंज एसजेड हसन भी जल -जीवन-हरियाली के लिए मानव श्रृंखला की सफलता हेतु दिन-रात एक करने में लगे हैं।

बता दें कि डीएम नवदीप शुक्ला प्राय: बैठक को संबोधित करते हुए सदा यही कहा करते कि समाज में फैली नशाखोरी, बाल विवाह एवं दहेज-प्रथा जैसी कुरीतियों के खिलाफ लड़ने के साथ-साथ जिले में जल-संचय और हरियाली लाने हेतु 19 जनवरी के मानव श्रृंखला को जन आंदोलन बनाने की आवश्यकता है। डीएम शुक्ला ने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ तथा जल-जीवन-हरियाली के पक्ष में जागरूकता फैलाने हेतु आगे आने के लिए विशेष रूप से युवाओं का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि युवा आगे आएंगे तभी स्वस्थ समाज का निर्माण होगा। डीएम ने बार-बार युवाओं से यही कहा कि जब आप 19 जनवरी को मानव श्रृंखला के लाइन में खड़े होंगे तो अपने मन को सकारात्मक कदम की ओर परिवर्तित करेंगे जिससे समाज और अधिक सुंदर बने।

चलते-चलते यह भी बता दें कि जहाँ एक ओर मधेपुरा और उदाकिशुनगंज के सभी प्रखंडों में मानव श्रृंखला की तैयारी के साथ-साथ कई प्रखंडों में मानव कड़ी का पूर्वाभ्यास भी शुरू कर दिया गया है वहीं दूसरी ओर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी स्कूली बच्चों के बीच जा-जाकर यही कहते हैं कि ग्लोबल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए जल-जीवन-हरियाली योजना का सफल क्रियान्वयन सर्वाधिक आवश्यक है।

 

सम्बंधित खबरें