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बिहार में लोकतंत्र के महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी आज बचे हुए 78 सीटों पर मतदान के साथ

देश और प्रदेश में लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए मतदान सर्वाधिक महत्वपूर्ण होता है। जानिए कि आज शनिवार 7 नवंबर को 15 जिलों के 74 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव सवेरे 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक और चार क्षेत्रों में 7:00 बजे सवेरे से 4:00 बजे शाम तक होंगे।

बता दें कि कोसी और सीमांचल के 7 जिलों के 37 सीटों पर आज अंतिम चरण के मतदान हो रहे हैं और 8 जिलों के 41 सीटों के अलावा बाल्मीकि नगर संसदीय क्षेत्र उपचुनाव के लिए भी आज वोटिंग हो रही है।

इस तीसरे यानि अंतिम चरण के चुनाव में मधेपुरा के डीएम, एसपी ने सुरक्षा की चुस्त-दुरुस्त एवं कड़ी व्यवस्था की है। जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों को 31 जोन, 4 सुपर जोन एवं 145 सेक्टर में बांटा गया है। आज 12 लाख 94 हजार 647 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। जिसमें पुरुष वोटर 6 लाख  72 हजार  436, महिला वोटर 6 लाख 20 हजार 953 और थर्ड जेंडर 39 हैं। दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 11 हजार 686 है। संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील बूथों पर विशेष दस्तों की निगरानी है।

जिलाधिकारी सह निर्वाचन पदाधिकारी नवदीप शुक्ला IAS ने कंट्रोल रूम के नंबरों के अलावा अन्य हेल्पलाइन नंबरों  के साथ-साथ सभी प्रेक्षकों व पर्यवेक्षकों के नंबर भी सार्वजनिक करवा दिया है ताकि मतदान के दरमियान किसी प्रकार की गड़बड़ी ना हो। 8 महिला बूथों पर सिर्फ महिला मतदानकर्मी एवं महिला पुलिस रहेंगी। अन्य बूथों पर नागा पुलिस, बिहार पुलिस सहित बीएसएफ के जवान भी लगाए गए हैं। मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदाता पहचान पत्र के अतिरिक्त 10 वैकल्पिक दस्तावेज भी सार्वजनिक रूप से बता दिए गए हैं। दिव्यांगों के लिए रैंप की विशेष व्यवस्था भी की गई है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि हर बूथ पर स्वास्थ्य कर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। मतदाताओं के थर्मल स्क्रीनिंग के लिए व्यवस्था है। कुल 13 लाख ग्लब्स भी मंगाए गए हैं। बूथ पर सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। सर्वाधिक मतदान कराने हेतु जिला प्रशासन ने पूरी ताकत लगा रखी है। सदर अस्पताल को हाई अलर्ट मोड पर रखने हेतु सिविल सर्जन डॉ. एससी श्रीवास्तव ने दिशा निर्देश जारी कर दिया है।

अंत में समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने मतदाताओं को जागरूक करते हुए यही कहा कि अपना मूल्यवान वोट अवश्य डालें… चूक गए तो फिर 5 साल बाद ही मिलेगा मौका। खुला रहेगा ईवीएम….. 6:00 बजे तक शाम…. चलिये, बढ़िये व कीजिये अपना-अपना मतदान।

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होम करने वालों के हाथ ना जलाएं बिहार की माताएं व बहनें- डॉ.मधेपुरी

जानिए कि बिहार के मतदाताओं के नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चिट्ठी आई है कि विकास के लिए नीतीश सरकार जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास में कमी ना आए, विकास की योजनाएं कहीं अटके नहीं, कहीं भटके नहीं- इसलिए नीतीश सरकार की सख्त जरूरत है। सभी जानते हैं कि जिस प्रधानमंत्री ने कश्मीर में 70 वर्ष बाद धारा 370 हटाने की हिम्मत की, जिसने पाक की सरहद में घुसकर आतंकियों को मौत की नींद सुलाया, जिसने चीन को जवाब में यही कहा कि भारत एटम बम दीपावली में पटाखा छोड़ने के लिए नहीं बनाया है और जिसने सभी समुदायों की माताएं व बहनों को एलपीजी गैस सिलेंडर मुहैया कराया है, उन्होंने ही यह पत्र आपको लिखा है। यह पत्र उस नीतीश सरकार के बारे में है जिन्होंने महिलाओं को 50% सीटें पंचायतीराज व नगरनिकायों में तथा 35% सीटें सरकारी नौकरियों में आरक्षित कर समाज को मजबूती प्रदान किया है।

बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण का रण सज गया है और चुनाव प्रचार भी थम गया है। कल 7 नवंबर को 7:00 बजे प्रातः से 6:00 बजे संध्या तक सभी दलों के प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद हो जाएगी। इस अंतिम चरण में विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी एवं एक दर्जन मंत्रियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। जिसमें बिहार को 24 घंटे बिजली देने वाले व बिहार सरकार की रीढ़ माने जाने वाले मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, नरेंद्र नारायण यादव एवं डॉ.रमेश ऋषिदेव सरीखे जदयू के आठ वरिष्ठ मंत्री एवं भाजपा के चार मंत्रीगण शामिल हैं।

जानिए कि प्रथम चरण में 71 सीटों के लिए 55.69% वोट पड़े थे, दूसरे चरण में 94 सीटों के लिए 55.70% वोट हुए, जिसमें बिहार की माता व बहनों ने पुरुष मतदाताओं को पछाड़ते हुए 6% अधिक मतदान किया। ये माताएं व बहनें मोदी-नीतीश सरकार के होम करने वाले हाथों को थामने का काम किया है।

यह भी जानिए कि जदयू के वरिष्ठ नेता व नीतीश कुमार के प्रबल समर्थक डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने तीसरे चरण के शेष 78 सीटों के मतदान के लिए बिहार की  माताओं व बहनों से विशेष रूप से अनुरोध किया है कि होम करने वाले नीतीश-मोदी के हाथों को किसी तरह की असावधानी व चूक  करके ना जलाएं बल्कि इस तीसरे चरण में वे पुरुष मतदाता से 10% अधिक मतदान करके नीतीश सरकार बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाएं ताकि आगे आने वाले विधानसभा व लोकसभा चुनाव में महिलाओं को 35% सीटें आरक्षित करने हेतु सीएम नीतीश कुमार आपकी वकालत पूरी ताकत के साथ कर सके।

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विद्यापति ने कृष्ण के कामी स्वरुप को चित्रित करने का दुस्साहस किया है- डॉ.मधेपुरी

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष व वरिष्ठ साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने महाकवि विद्यापति जयंती के अवसर पर विषय प्रवेश करते हुए कहा कि महाकवि विद्यापति भारतीय साहित्य की भक्ति परंपरा के प्रमुख स्तंभों में से एक एवं मैथिली भाषा के सर्वोपरि कवि के रूप में जाने जाते हैं। श्री शलभ ने कहा कि विद्यापति की रचनाएं संस्कृत, अवहट्ट एवं मैथिली तीनों में मिलती हैं। इन्हें वैष्णव एवं शैव भक्ति के सेतु के रूप में भी स्वीकारा गया है। साथ ही मिथिला के लोगों को ‘देसिल बयना सब जन मिट्ठा’ का सूत्र देकर विद्यापति ने उत्तरी बिहार में लोक भाषा की जनचेतना को जीवित करने का प्रयास किया है।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए सम्मेलन के संरक्षक साहित्यकार व पूर्व सांसद रर्मेंद्र कुमार यादव रवि ने कहा कि महाकवि अनेक भाषाओं के प्रकांड पंडित थे। कर्मकांड हो या धर्म, दर्शन हो या न्याय, सौंदर्यशास्त्र हो या भक्ति रचना, विरह व्यथा हो या अभिसार, राजा का कृतित्व गान हो या सामान्य जनता के लिए गया में पिंडदान- सभी क्षेत्रों में विद्यापति अपनी कालजई रचनाओं की बदौलत जाने जाते हैं। प्रो.मणि भूषण वर्मा ने कहा कि विद्यापति के श्रृंगारी कवि होने के कारण बिल्कुल स्पष्ट है कि वे राज्याश्रित कवि थे तथा उनके प्रत्येक पद पर राज्याश्रित कवि की छाप दिखाई देती है।

सम्मेलन के सचिव व साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने ऑनलाइन विचार व्यक्त करते हुए कहा कि 14वीं शताब्दी में ग्राम- बिस्पी, मधुबनी (बिहार) में जन्मे महाकवि विद्यापति ने संस्कृत अवहट्ट और मैथिली तीन भाषाओं में रचनाएं की। विद्यापति की कालजई रचनाएं हैं- कीर्ति लता, कीर्ति पताका, पदावली, लिखनावली आदि। पदावली में विद्यापति ने कृष्ण के जिस कामी स्वरूप को चित्रित किया है वैसा चित्रण करने का दुस्साहस कदाचित कोई भक्त कवि नहीं कर सकता। अंत में कवि डाॅ.अरविंद श्रीवास्तव ने ऑनलाइन धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि विद्यापति हिन्दी साहित्याकाश में आदिकाल के शलाका पुरुष रहे हैं।

 

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जिले के सभी बूथों पर स्वास्थ्यकर्मी रहेंगे तैनात- डीएम

बिहार विधानसभा आम चुनाव के निमित्त जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला (भाप्रसे) ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी निर्वाची पदाधिकारी, सभी कोषांग के नोडल पदाधिकारी व चिकित्सा पदाधिकारी एवं वरीय पदाधिकारी समेत सभी बीडीओ के संग बैठक की। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम शुक्ला ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कोरोना संक्रमित होने की हर आशंका को खत्म करने के लिए जिला प्रशासन हर दिन नया प्रयास कर रहा है।

बता दें कि बूथों पर कार्यरत मतदान अधिकारियों, कर्मियों एवं मतदाताओं द्वारा इस्तेमाल किए गए हैंड ग्लव्स आदि द्वारा कोरोना संक्रमण फैलने की समस्या को देखते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी शुक्ला के निर्देशानुसार सभी मतदान केंद्रों पर “डस्टबिन” रखे जाएंगे। साथ ही इन डस्टबिनों के भर जाने पर बीच-बीच में खाली करने के लिए प्रत्येक बूथ पर एक-एक स्वास्थ्यकर्मी भी नियुक्त किए गए हैं।

यह भी जानिए कि बिहार विधानसभा आम निर्वाचन को लेकर वाहन कोषांग के नोडल पदाधिकारी ने बताया- पीसीसीपी के लिए कुल 528 एवं पोलिंग पार्टी के लिए कुल 950 वाहनों की आवश्यकता है जिसे ससमय उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों के चुनाव भ्रमण के लिए एक सौ छोटी वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है जिन्हें, ससमय उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू है।

अंत में यह भी कि 10 नवंबर को टीपी कॉलेज में होने वाले मतगणना कार्य के लिए लगाए जाने वाले मतगणना सहायक, मतगणना पर्यवेक्षक एवं माइक्रो  प्रेक्षकों की प्रथम प्रशिक्षण भी स्थानीय केशव कन्या उच्च विद्यालय में 3 नवंबर (मंगलवार) को संपन्न कराई जा चुकी। इस तरह  चुनाव के दरमियान हर छोटी-बड़ी चीजों पर ध्यान देकर प्रत्येक बूथ पर मतदाताओं को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन के प्रति संवेदनशील-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने प्रसन्नता व्यक्त की है।

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बिहार विधानसभा के दूसरे चरण का महामुकाबला आज हुआ संपन्न

बिहार के दूसरे चरण में 17 जिलों की 94 सीटों पर आज मिला-जुलाकर शांतिपूर्ण मतदान संपन्न हुआ। सभी बूथों पर अर्धसैनिक बल तैनात होने के कारण सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए। आज इन 94 सीटों पर चुनावी महामुकाबला के बीच कुल 1463 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो गया।

बता दें कि आज के इस दूसरे चरण में कुल 2 करोड़ 86 लाख 11 हजार 164 मतदाताओं में औसत मतदान 54.05% हुए। कई केंद्रों पर ईवीएम मशीन खराब निकले और देर तक मतदाताओं को इंतजार करना पड़ा, वहीं कुछ बूथों पर मतदाता गए ही नहीं, जहां प्रशासन इंतजार करता रह गया। कई बूथों पर हंगामा हुआ लेकिन दुर्घटना नहीं हुई।

यह भी जानिए कि शहरी क्षेत्रों में प्रशासन एवं आयोग द्वारा इतनी सुविधाएं दी जाने के बाद भी मतदान प्रतिशत कम होना कोई चौंकाने वाला रिजल्ट दे सकता है। 8 निर्वाचन क्षेत्रों में सवेरे 7:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक मतदान हुआ जबकि शेष सभी क्षेत्रों में 6:00 बजे शाम तक।

चलते-चलते यह भी जानिए कि इस दूसरे चरण के चुनाव में 513 निर्दलीय भी ताल ठोक रहे हैं। इस चरण में कुल प्रत्याशियों में 10% महिलाएं यानि 146 महिलाएं मैदान में हैं। दीघा विधानसभा क्षेत्र में आधा दर्जन महिलाएं ताल ठोक रही हैं जबकि अन्य 30 क्षेत्रों में 1 से अधिक महिला उम्मीदवार अपने लिए वोट मांगती हुई देखी गई हैं। आज के मतदान में 3548 बूथों से लाइव वेबकास्टिंग भी की जाती रही।

 

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विधानसभा चुनाव को लेकर जिला प्रशासन पूर्णरूप से चुस्त व पारदर्शी

मधेपुरा जिलाधिकारी सह निर्वाची पदाधिकारी नवदीप शुक्ला(IAS) के हवाले से जिला सूचना व प्रसारण पदाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि टीपी कॉलेज परिसर स्थित वज्रगृह में ईवीएम सीलिंग का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि इस दौरान सभी प्रत्याशियों अथवा उनके प्रतिनिधियों को रहने को कहा गया है ताकि उनके सामने पारदर्शी तरीके से ईवीएम की सीलिंग की जा सके। मंगलवार तक सीलिंग कार्य पूरा हो जाने की बात कही गई है।

बता दें कि जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों मधेपुरा, सिंहेश्वर, बिहारीगंज और आलमनगर के 1896 बूथों पर कुल 7500 अर्धसैनिक बल के जवान तैनात किए जाएंगे। जिले के बूथों पर 156 सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की जाएगी। जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला ने कहा कि सभी विधानसभा क्षेत्रों में शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं भयमुक्त वातावरण में चुनाव कराने को लेकर जिला प्रशासन संकल्पित है। 10-12 बूथों पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट को लगाया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त मजिस्ट्रेट को सभी बूथों के मतदाताओं की सूची भी उपलब्ध करा दी गई है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि विधानसभा चुनाव के दौरान विभिन्न प्रकार की समस्याओं के निष्पादन हेतु डीएम शुक्ला के निर्देशानुसार जिले की आपदा प्रबंधन विभाग कार्यालय में चुनाव नियंत्रण कक्ष बनाया गया है जिसे 24 घंटे खुले रखने का आदेश है। 3 शिफ्टों में आधे दर्जन कर्मियों के साथ आधे दर्जन पदाधिकारियों की ड्यूटी दी गई है। अभी तक 16 शिकायतें दर्ज की गईं और उनके निष्पादन भी किए गए। कोई भी मतदाता किसी भी समय अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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बिहार विधानसभा चुनाव- 2020 के दूसरे चरण के लिए आज शाम से चुनाव प्रचार बंद

बिहार विधानसभा चुनाव-2020 के दूसरे चरण के 94 सीटों के लिए चुनाव प्रचार का शोर आज रविवार (1 नवंबर) की शाम को थम जाएगा यानि दूसरे चरण में 17 जिलों की 94 सीटों पर शोर थम जाएगा। इन सीटों पर कुल 1463 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं जो विभिन्न मान्यता प्राप्त या गैर मान्यता प्राप्त दलों से हैं। इस दूसरे चरण में कुल 513 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में अपना भाग्य आजमा रहे हैं।

बता दें कि मतदान का समय सुबह 7:00 से शाम 6:00 बजे तक निर्धारित है। परंतु, 8 निर्वाचन क्षेत्रों में सुबह 7:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक एवं शेष 86 निर्वाचन क्षेत्रों में सुबह 7:00 से शाम 6:00 बजे तक वोटिंग होगी। जानिए कि जिन चुनाव क्षेत्रों में 4:00 बजे तक मतदान होना है वहाँ  आज 4:00 बजे शाम तक और जिन क्षेत्रों में 6:00 बजे शाम तक वोटिंग होना है वहां शाम 6:00 बजे तक चुनाव प्रचार समाप्त हो जाएगा।

चलते-चलते यह भी बता दें कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व इन 94 सीटों के कुल प्रत्याशी सिर्फ व्यक्तिगत जनसंपर्क के माध्यम से ही वोट देने की अपील कर सकेंगे। किसी भी प्रकार की चुनावी सभा या नुक्कड़ सभा आदि पर रोक लग जाएगी। इस चरण में चार मंत्री नंदकिशोर यादव, राणा रणधीर सिंह, श्रवण कुमार और रामसेवक सिंह चुनाव मैदान में हैं। साथ ही विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मंजू वर्मा, अरुण सिंह सहित कई अन्य प्रमुख नेता भी चुनाव मैदान में अपना भाग्य आजमा रहे हैं।

 

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इंदिरा गांधी ने ही भारत के लिए सर्वप्रथम मिसाइल का सपना देखा था- डॉ.मधेपुरी

31 अक्टूबर 1984 को अंतिम सांस लेने वाली आयरन लेडी या अटल जी के मुख से दुर्गावतार कहलाने वाली प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने ही भारत के लिए सर्वप्रथम मिसाइल का सपना देखा था। दुनिया को अलविदा कहने से 1 वर्ष पूर्व यानि वर्ष 1983 में श्रीमती गांधी ने भारत के सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिक डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम से कहा था कि एक ऐसा मिसाइल बनाओ जो चीन तक पहुंच जाए यानि 5000 किलोमीटर तक का अचूक निशाना साध सके।

डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के अत्यंत करीबी रहे समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी बताते हैं कि जब तीन दशक बाद अग्नि-वी मिसाइल तैयार हुआ तब डॉ.कलाम ने कहा था-  “Credit goes to Smt. Indira Gandhi.”

डॉ.कलाम पर कई पुस्तकें लिखने वाले डॉ.मधेपुरी कहते हैं कि डॉ.कलाम के निर्देशन में बनाए गए अग्नि मिसाइल ने उस आयरन लेडी के सपने को पूरा किया, जिसकी एक बटन दबाते ही वह इंडियन टेरिटरी से सीधे बीजिंग और शंघाई तक पहुंच जाएगा। श्रीमती गांधी की चर्चा करते वक्त डॉ.कलाम ने उड़ीसा के सीएम बीजू पटनायक को भी श्रीमती गांधी की तरह विजनरी लीडर कहा था। वर्ष 1993 में अग्नि-वी मिसाइल के लॉन्चिंग स्टेशन निर्माण के बाबत समय लेकर जब उड़ीसा के सीएम के कार्यालय में  डॉ.कलाम पहुंचे तो देखते हैं कि पहले से ही संचिका सीएम के सामने है।

डॉ.मधेपुरी ने कहा कि उड़ीसा के मुख्यमंत्री बीजू पटनायक ने डॉ.कलाम का हाथ थामते हुए यही कहा था- “मैं व्हीलर आईलैंड सहित पांच आईलैंड डीआरडीओ को देने का मन इस शर्त के साथ बना लिया हूं कि चीन द्वारा भेजे गए आमंत्रण पर जब तक मैं चीन जाऊँ तब तक आपके द्वारा बनाया गया अग्नि मिसाइल भी चीन तक पहुंच जाए।”

आज दोनों विजनरी लीडर्स पीएम इंदिरा गांधी और सीएम बीजू पटनायक को सारा देश नमन करता है और उनके विजन को सैल्यूट करता है।

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बिहार चुनाव के महापर्व का प्रथम चरण शांतिपूर्ण तरीके से हुआ संपन्न

बिहार में प्रथम चरण के 71 विधानसभा सीटों पर औसत 53-54% मतदान हुआ। किसी-किसी मतदान केंद्र पर 50 से कम तो कहीं 60% के आसपास मतदान हुआ। विकलांगों के साथ-साथ अति वृद्धों ने भी बूथ पर जाकर ही वोट किए, जबकि उन्हें चुनाव आयोग द्वारा पोस्टल बैलट के माध्यम से मताधिकार करने की सुविधा दी गई है। कोरोना काल में इतना प्रतिशत मतदान होना मतदाताओं की जागरूकता तथा सुशासन के प्रति आस्था को दर्शाता है। आरंभ में, कोरोना काल में चुनाव कराना कुछ राजनीतिक दलों को गले से नीचे नहीं उतर रहा था।

बता दें कि जागरूक मतदातागण रोहतास में पुल के लिए आक्रोशित होकर मतदान करने नहीं आए। जमुई में ईवीएम मशीन खराब होने के कारण 4 घंटे तक वोट नहीं डाले गए। बूथ नंबर 125 एवं 230 पर ईवीएम मशीन में खराबी की रिपोर्ट दर्ज की गई। कहीं से कोई वारदात की रिपोर्ट नहीं मिली। मात्र एक जगह राजद एवं निर्दलीय कार्यकर्ताओं में झड़पें हुई और आधे दर्जन लोग घायल हुए।

जानिए कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी शांतिपूर्ण तरीके से हुआ मतदान यानि नक्सलियों के ‘गन-तंत्र’ पर भारी दिखा उत्साह भरा लोकतंत्र। तभी तो कोरोना की चुनौती के बीच जागरूक मतदाताओं ने बरसाया वोट।

चलते-चलते यह भी जान लें कि प्रथम चरण के मतदान के दरमियान 2400 बूथों से लाइव वेबकास्टिंग के जरिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और चुनाव आयोग- विधानसभा की तमाम गतिविधियों पर सीधी नजर रखे हुए थे। चुनाव के दौरान 71 सीटों को लेकर सभी प्रकार के कुल 2190 प्रेक्षकों की तैनाती की गई थी। साथ ही संवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर कुल 1708 वीडियो कैमरों का उपयोग किया गया था। प्रथम चरण के 16 जिलों में शांतिपूर्ण तरीके से मतदान संपन्न कराए जाने पर जिला प्रशासन के सभी आलाधिकारियों व पदाधिकारियों को मधेपुरा अबतक का साधुवाद।

 

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बिहार में 71 विधानसभा सीटों पर प्रथम चरण की वोटिंग शुरू

आज जिन 71 विधान सभा सीटों के लिए वोटिंग की जा रही है उनमें 2 करोड़ 14 लाख 5 हजार से अधिक मतदाताओं द्वारा 1066 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा। इनमें 114 महिलाएं चुनाव मैदान में हैं। प्रथम चरण में मतदाताओं की सुविधा के मद्देनजर 31 हजार 371 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक ईवीएम द्वारा मतदान संचालित होगा।

बता दें कि इन 71 सीटों पर इस तरह से ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मतदाताओं की भीड़ देखी जा रही है। चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों का पालन किया जा रहा है। कोरोना के चलते प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या घटाकर 1000 कर दी गई है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि नक्सली संगठनों ने चुनाव के बहिष्कार का आह्वान किया है जिसके चलते भागलपुर, नवगछिया के दियारा क्षेत्रों एवं बांका के नक्सली क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर से हवाई गश्ती की जा रही है। इन क्षेत्रों के 4 सीटों पर सुबह 7:00 से 3:00 अपराह्न तक 26 सीटों पर शाम 4:00 बजे तक और 5 सीटों पर शाम 5:00 बजे तक वोटिंग होगी।

अंत में जानिए कि प्रथम चरण में पटना जिले के 5 एवं भागलपुर के 2 सीटों के अलावा रोहतास, बक्सर, भोजपुर, नवादा…… जमुई, जहानाबाद आदि 14 जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में आज शाम 6:00 बजे तक दर्जनों विधायकों एवं बिहार सरकार के आठ दिग्गज मंत्रियों के भाग्य के फैसले ईवीएम में बंद हो जाएंगे।

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