All posts by Admin

संवेदनशील सीएम का सुंदर निर्णय

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में पहली से बारहवीं तक के सभी छात्र-छात्राओं के बीच साइकिल, पोशाक एवं छात्रवृत्ति योजना के तहत राशि भुगतान हेतु एक शर्त निर्धारित की जाती रही है। शर्त यही कि अप्रैल से सितंबर तक जिन बच्चों की वर्गों में 75% हाजिरी होती है उन्हें ही उक्त योजनाओं के तहत राशि देने का प्रावधान निर्धारित है।

बता दें कि कोरोना महामारी के कारण राज्यादेश के चलते स्कूल-कॉलेज व सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखा गया। फलस्वरूप सीएम नीतीश कुमार की अध्यक्षता में राज्य सरकार के कैबिनेट ने 1 साल (2021-22) के लिए 75% हाजिरी की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। ज्ञातव्य हो कि 75% हाजिरी की अनिवार्यता को केवल इस साल के लिए ही शिथिल किया गया है। इसी शर्त पर बजट में राशि का भी प्रबंध किया गया है।

जानिए कि कैबिनेट की मंजूरी मिलने से अब राशि बच्चों के खाते में भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। सूबे के मुखिया की संवेदनशीलता पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए समाजसेवी-शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की साइकिल-पोशाक योजना को वैश्विक प्रसिद्धि प्राप्त करने की कामना की है।

सम्बंधित खबरें


एक बिहारी सब पर भारी

चाहे यूपीएससी का टॉपर कटिहार का शुभम कुमार हो या देश के कुल महिला पुलिस से भी अधिक एक प्रदेश ‘बिहार’ को महिला पुलिस बल देने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हो- दोनों आज इस मुहावरे को सौ फ़ीसदी चरितार्थ करते हैं। तभी तो कल तक सीएम नीतीश कुमार की सराहना करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी ने आज अमेरिका से आईएएस टॉपर शुभम कुमार व अन्य को बधाइयां दी है।

भारत की सर्वाधिक प्रतिष्ठित यूपीएससी परीक्षा- 2020 में टॉपर बना है बिहार प्रदेश के कटिहार जिले का शुभम कुमार जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं कटिहार के विधायक सह उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद द्वारा जमकर हार्दिक बधाइयां एवं शुभकामनाएं दी जाती रही हैं।

बता दें कि एक बिहारी सब पर भारी ही नहीं, इस बार तो टॉप-10 में तीन-तीन बिहारियों ने अपनी जगह बना ली है। प्रथम रैंक पाया है कटिहार जिले का शुभम कुमार, सातवें रैंक पर हैं जमुई के प्रवीण कुमार और दसवें रैंक पर काबिज हुए हैं समस्तीपुर जिले के सत्यम।

अब बिहार पीछे नहीं रहेगा। शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी की हिम्मत को और बल मिलता रहेगा- यूपीएससी में 22वाँ रैंक लाने वाले मधेपुरा जिला के नीतेश कुमार, 45वाँ लाने वाले किशनगंज जिले के अनिल और 52वाँ रैंक लाने वाले पूर्णिया जिले के आशीष कुमार जैसों के रिजल्ट से तथा उनके बेहतर समाज निर्माण के संकल्पों से।

चलते-चलते यह भी कि “जो करेगा मधेपुरा को गौरवान्वित, उन्हें करेंगे डॉ.मधेपुरी सम्मानित” कार्यक्रम के तहत समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने घोषणा की है कि मधेपुरा जिले के नए आईएएस नीतेश कुमार को भी सम्मानित किया जाएगा। यह भी जानिए कि इस परीक्षा 761 सफल हुए जिनमें से सामान्य वर्ग में 263, ईडब्ल्यूएस में 86, ओबीसी में 229, एससी में 122 एवं एसटी में 61 चयनित हुए हैं।

सम्बंधित खबरें


बिहारी मरीजों को अब अंग प्रत्यारोपण के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा- डॉ.मनीष मंडल

इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान यानि आईजीआईएमएस पटना के अधीक्षक डॉ.मनीष कुमार मंडल ने कहा कि अब बिहार में भी अंग प्रत्यारोपण का कार्य संस्थान में शुरू हो गया है। बिहार के मरीजों को अब अंग प्रत्यारोपण के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अंग प्रत्यारोपण में सरकार द्वारा भी आर्थिक मदद दी जा रही है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति इसका लाभ लेकर अपनी बहुमूल्य जिंदगी बचा सकें।

बता दें कि अंग प्रत्यारोपण का मतलब होता है किसी शरीर से एक स्वस्थ एवं क्रियाशील अंग को निकाल कर उसे किसी दूसरे शरीर के क्षतिग्रस्त या विफल अंग की जगह लगाना। यह क्रियाशील अंग किसी जीवित या तत्काल मृत व्यक्तियों के शरीर से निकाला गया होना चाहिए। प्रत्यारोपित होने वाले अंगों में ह्रदय, किडनी, फेफरा, आंखें आदि शामिल हैं। पहला किडनी प्रत्यारोपण 50 वर्षीय एक महिला का किया गया और 14 दिनों तक निगरानी में रखकर सफलतापूर्वक उसे आईजीआईएमएस से छुट्टी दी गई। डॉ.मंडल ने कहा कि अब साल में 140 किडनी प्रत्यारोपित की जाएगी।

सम्बंधित खबरें


दिनकर की छवि राष्ट्रकवि के साथ-साथ जनकवि की भी बनी रहेगी- डॉ.मधेपुरी

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर आजादी के पूर्व विद्रोही और आजादी के बाद देशभक्ति से ओतप्रोत कवि बने रहे। जिनकी सभी कविताएं मन को आंदोलित करने की हुनर और ताकत रखती हैं। तभी तो दिनकर जी सदैव राष्ट्रकवि के साथ-साथ जन कवि भी बने रहे। यह इज्जत बहुत कम कवियों को नसीब होता है। ये बातें समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कौशिकी क्षेत्र हिंदी साहित्य सम्मेलन के परिसर में चल रहे तुलसी पब्लिक स्कूल द्वारा आयोजित राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर की 114वीं जयंती के अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में कही।

कार्यक्रम के आरंभ में मुख्य अतिथि डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, विशिष्ट अतिथि श्यामल कुमार सुमित्र और समारोह की अध्यक्षता कर रहे टीपीएस के प्राचार्य डॉ.हरिनंदन यादव सहित शिक्षकगण वरुण कुमार वर्मा, मनोज कुमार एवं शिक्षिकाएं रोजी कुमारी एवं रेणु कुमारी द्वारा राष्ट्रकवि दिनकर के तैल चित्र पर बारी-बारी से पुष्पांजलि की गई। छात्र-छात्राओं ने भी पुष्पांजलि की।

इस कार्यक्रम में कौशिकी के संरक्षक, संस्थापक कुुुलपति व सांसद रह चुके डॉ.आरके यादव रवि एवं स्थाई अध्यक्ष श्री हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ की स्मृति को नमन किया गया। साथ ही दो मिनट का मौन भी रखा गया। डॉ.मधेपुरी ने विस्तार से दोनों साहित्यकारों की रचनाओं से बच्चों को अवगत कराया।

इस अवसर पर टीपीएस के निदेशक एवं कौशिकी के उप सचिव श्यामल कुमार सुमित्र एवं प्राचार्य डॉ.हरिनंदन यादव ने भी विस्तार से राष्ट्रकवि दिनकर के कृतित्व की चर्चा की। स्कूल की दो छात्राएं सृष्टि कुमारी एवं सोनी कुमारी ने भी विचार व्यक्त किया। मौके पर शिवानी कुमारी, पूजा कुमारी सहित अन्य शिक्षिकाएं भी मौजूद थीं। धन्यवाद ज्ञापन शिक्षक वरूण कुमार वर्मा ने किया।

सम्बंधित खबरें


शहीद चुल्हाय मार्ग में “लोकल मैरिज ब्यूरो” का उद्घाटन किया विधायक प्रोफ़ेसर चंद्रशेखर ने

मधेपुरा मुख्यालय के शहीद चुल्हाय मार्ग (डाकबंगला रोड) में ‘लोकल मैरिज ब्यूरो’ का उद्घाटन स्थानीय विधायक, पूर्व आपदा निवारण मंत्री बिहार सरकार द्वारा फीता काटकर किया गया, जहां मुख्य अतिथि थे प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी (पूर्व परीक्षा नियंत्रक बीएनएमयू) एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व उपाध्यक्ष नगर परिषद रामकृष्ण यादव, डॉ.एनके निराला (पतंजलि जिला संयोजक भारत स्वाभिमान) एवं सुनील कुमार वार्ड- 20 के पार्षद प्रतिनिधि मौजूद थे। सबों ने इसकी सराहना की तथा उद्गार व्यक्त करते हुए इसे जनहित में लाभकारी बताया।

बता दें कि मैरिज ब्यूरो के संचालक श्री रमेश प्रसाद यादव जो बर्षों से ए टू जेड समस्याओं का निदान कर लोगों को सहूलियत पहुंचाते रहे हैं। वह किसी परिचय के मोहताज नहीं है। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रेणू यादव भी वर-वधु के बीच को-ऑर्डिनेटर का काम संभाल लेगी।

उद्घाटन के पश्चात उपस्थित नर-नारियों को संबोधित करते हुए विधायक प्रोफ़ेसर चंद्रशेखर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में विवाह एक महत्वपूर्ण कार्य है जिसे पूर्व में अगवा द्वारा ठीक किया जाता था। आजकल इस कालखंड में लोगों को समय नहीं है, इसलिए अब ‘मैरिज ब्यूरो’ की जरूरत महसूस की जाने लगी है। प्रत्येक अखबार के रविवारीय अंक में वर-वधू का विज्ञापन गरीब-मजदूर-किसान नहीं कर पाते। उनके लिए यह मैरिज ब्यूरो लाभदायक साबित होगा।

मुख्य अतिथि डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा भारत में 4 वेद, 18 पुराण और 16 संस्कारों में 15वें नंबर पर है विवाह संस्कार है। इस लोकल मैरिज ब्यूरो के माध्यम से लोगों को धोखा नहीं मिलेगा। इस मैरिज ब्यूरो द्वारा बिहार के ही वर-वधू की शादी कराई जाएगी। दूसरे राज्य के लड़के बिहार की लड़कियों को ब्याह कर ले जाते और बेच दिया करते। अब उस पर रोक लग जाएगी। दहेज पर भी अंकुश लगेगा।  इस अवसर पर पतंजलि के सदस्यों की उपस्थिति सराहनीय देखी गई।

 

सम्बंधित खबरें


रिटायर्ड आईएएस भगवानदास टेकरीवाल (पीएमजी) का डॉ.मधेपुरी के साथ शिक्षण संस्थानों में भ्रमण

पटना में चीफ पोस्ट मास्टर जनरल रह चुके सिंहेश्वर स्थान के रिटायर्ड आईएएस श्री भगवानदास टेकरीवाल, पत्नी श्रीमती पुष्पा टेकरीवाल, शिक्षाप्रेमी मनोहर लाल टेकरीवाल के पौत्र एवं द्वारिका लाल के सुपुत्र हैं। स्मरण करें कि मनोहर लाल के नाम सहरसा में कॉलेज और सहरसा, बैजनाथपुर व सिंहेश्वर आदि में हाईस्कूल है। वैसे शिक्षा प्रेमी परिवार के भगवान बाबू भारत सरकार के एडिशनल सेक्रेटरी भी रह चुके हैं।

बकौल भगवान बाबू जब डॉ.महावीर प्रसाद यादव मधेपुरा के सांसद हुआ करते थे तब महावीर बाबू के साथ आए डॉ.मधपुरी जी के अनुरोध पर मधेपुरा में खपरैल घर में चल रहे डाकघर को वर्तमान पक्का घर बनाने के लिए तत्कालीन केंद्रीय मंत्री श्री डूमर लाल बैठा द्वारा उद्घाटन कराया गया था। साथ ही इस इलाके में दर्जनों ग्रामीण पोस्ट ऑफिस भी खोले गए थे…।

Principal Dr.K.P.Yadav, Retired IAS Bhagwan Das Tekriwal, Educationist Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri, Dr.Arun Kumar and others at T.P.College Madhepura.
Principal Dr.K.P.Yadav, Retired IAS Bhagwan Das Tekriwal, Educationist Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri, Shishir Tekriwal, Arvind Pransukhka, Dr.Arun Kumar, Sabnam and Namita at T.P.College Madhepura.

कई वर्षों बाद भगवान बाबू के सिंहेश्वर आने की जानकारी मिलते ही समाजसेवी प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा अपने शिष्य प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार के साथ उनके घर जाकर उनसे शिक्षण संस्थानों के एक दिवसीय भ्रमण के लिए सहमति ली गई। भगवान बाबू अपने पुत्र शिशिर टेकरीवाल, पुत्र वधू नमिता, पुत्री शबनम और सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद प्राणसुखका के साथ बीएनएमयू (नॉर्थ कैंपस एवं साउथ कैंपस) भ्रमण करते हुए बीएनएमवी परिसर में प्रधानाचार्य प्रो.(डॉ.)पीएन पीयूष, डॉ.नवीन कुमार सिंह, डॉ.नारायण यादव आदि के साथ डॉ.महावीर प्रातिभ पीठ में बैठकर प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद उठाते रहे। बाद में टीपी कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो.(डॉ.)केपी यादव के स्वागत से अभिभूत होकर डॉ.महावीर बाबू के घर जल ग्रहण कर संतुष्ट हुए। चर्चा के क्रम में डॉ.मधेपुरी ओम शांति को समर्पित इंजीनियर शिव प्रसाद बाबू सहित हरि बाबू, विजय बाबू… ओंकार बाबू के सामाजिक कार्यों की चर्चा विस्तार से की।

अंत में सद्भाव एवं सम्मान के साथ टेकरीवाल परिवार को डॉ.मधेपुरी, डॉ.अरुण एवं उनकी धर्मपत्नी डॉ.नमिता और उनकी बहन श्यामा ने विदाई दी और इसी तरह पुनः आने का वचन भी लिया।

सम्बंधित खबरें


खोज लिया ऐसा सफेद पेंट कि अब एयर कंडीशन की जरूरत नहीं रहेगी।

प्रोफेसर जिउलिन रूआन जो मैकेनिकल इंजीनियर हैं ने 7 वर्ष पहले ऊर्जा की बचत के बारे में सोचना शुरू किया था। इंजीनियर रूआन के मन में जलवायु परिवर्तन से लड़ने की बात भी आई थी। अंततः प्रोफेसर जिउलिन रूआन द्वारा एक सफेद पेंट की खोज की गई, जिसके इस्तेमाल के बाद एयर कंडीशन की जरूरत बिल्कुल नहीं रहेगी।

बता दें कि यह दुनिया का सर्वाधिक सफेद पेंट है। यूएस टुडे रिपोर्ट के अनुसार यह पेंट सस्ता भी है और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर भी। शोधकर्ताओं के अनुसार यह नया सफेद पेंट सूरज की रोशनी को छत एवं दीवारों पर पड़ने के बाद 98% तक को परावर्तित कर देता है जिससे घर की इमारतों में तापमान बहुत कम हो जाता है। तब एयर कंडीशन के बिना भी कोई व्यक्ति अपने घर में आसानी से रह सकता है। दुनिया में अब तक की सर्वाधिक सफेद रंग के रूप में खोजा गया यह सफेद पेंट गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बुक में अपनी जगह बना ली है।

चलते-चलते यह भी कि यदि कोई इंसान इस सफेद पेंट का इस्तेमाल अपने छत के 1000 वर्ग फीट पर कराता है तो इससे वह 10 किलो वाट के एसी जितनी ठंडी प्राप्त कर सकेगा। इसका परीक्षण भी किया जा चुका है। परीक्षण बेहतर और शानदार रहा है।

सम्बंधित खबरें


शिक्षक शिवकुमार बाबू ताजिंदगी शिक्षण के प्रति सौ फ़ीसदी ईमानदार रहे- डॉ.मधेपुरी

शिक्षक शिवकुमार बाबू की 84वीं जयंती के अवसर पर भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो.(डॉ.)आरकेपी रमण, टीएमबी विश्वविद्यालय के पूर्व प्रति कुलपति डॉ.केके मंडल, समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ. अरुण कुमार, डॉ.आलोक कुमार, लोकप्रिय चिकित्सक डॉ.एके मंडल, सिंडिकेट मेंबर डॉ.जवाहर पासवान व डॉ.अजय कुमार आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया और अपने उद्घाटन भाषण में माननीय कुलपति ने अब्राहिम लिंकन जैसों को संदर्भित करते हुए कहा कि बच्चों में संस्कार का सृजन करना शिक्षक शिवकुमार बाबू के जीवन का मकसद था।

84th Birth Anniversary of Shivkumar Babu.
President Smt. Karuna Kumari Yadav, Secretary Prof.Reeta Kumari of SKY Memorial Trust and winners in the celebration of 84th Birth Anniversary of Shivkumar Babu.

समारोह की अध्यक्षता कर रहे कई महाविद्यालयों के प्राचार्य रहे प्रो.(डॉ.)केके मंडल ने कहा कि शिव कुमार बाबू स्वाधीन सोच के कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक रहे जिन्होंने कभी लोभ-लालच को अपने पास फटकने तक नहीं दिया। सीनेटर व बीएन मुस्टा के महासचिव प्रो.(डॉ.)नरेश कुमार सहित डॉ.शैलेंद्र कुमार, डॉ.ललन अद्री, डॉ.सुरेश भूषण, प्रो.नंदकिशोर, डॉ.संतोष कुमार, प्रो.विवेक कुमार, रघुनाथ यादव, प्रो.चंद्रशेखर कुमार सहित सभी अतिथियों द्वारा पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कल्याणकारी शिक्षक शिवकुमार बाबू के प्रति उद्गार प्रकट किया गया।

मुख्य अतिथि के रुप में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि शिव कुमार बाबू उच्च कोटि के अनुशासन प्रिय शिक्षक थे जिन्होंने छात्रों के अंदर शिक्षा की अलख जगाई। वे ताजिंदगी शिक्षण के प्रति सौ फ़ीसदी ईमानदार रहे। वे अंतिम सांस तक कर्तव्यनिष्ठ एवं समय निष्ट जीवन जीते रहे।

अंत में शिवकुमार प्रसाद यादव मेमोरियल ट्रस्ट के सचिव प्रो.रीता कुमारी ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए ट्रस्ट के अध्यक्षा करुणा कुमारी यादव द्वारा ‘जीके’ प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय, तृतीय आए पांच प्रतिभागियों को पुरस्कृत कराया। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत किया प्रो.मणिभूषण वर्मा ने और मंच संचालन किया डॉ.आलोक कुमार ने किया।

इस अवसर पर लेखक-कवि एवं शोध पत्रिका सहित दर्जनों पुस्तक के प्रकाशक व डी-लिट प्रो.(डॉ.)विनय कुमार चौधरी को अंगवस्त्रम व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सहयोगी कौशल कुमार, सुधा कुमारी, चंदा कुमारी, राजेश कुमार, प्रो.अरुण कुमार, डॉ.अमलेश कुमार आदि के साथ-साथ अतिथियों का धन्यवाद किया प्रो.नरेश ने।

सम्बंधित खबरें


मधेपुरा में विश्वकर्मा पूजा के दिन औजारों मशीनों आदि की पूजा करने का है विधान

विश्वकर्मा पूजा प्रत्येक वर्ष 17 सितंबर को मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन निर्माण के देवता विश्वकर्मा का जन्म हुआ था। वे देवताओं के लिए महलों एवं हथियारों का निर्माण किया करते थे। भगवान विश्वकर्मा के जन्मदिन को विश्वकर्मा पूजा, विश्वकर्मा दिवस या विश्वकर्मा जयंती के नाम से भी जाना जाता है।

जानिए कि विश्वकर्मा ने सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा जी के सातवें  धर्मपुत्र के रूप में जन्म लिया था, जिन्हें देवताओं का इंजीनियर और मशीनों का देवता भी कहा जाता है। विष्णु पुराण में विश्वकर्मा को देव बढ़ई कहा गया है।

मौके पर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास के लिए शिल्प ज्ञान जितना जरूरी है उतना ही जरूरी है मानव सभ्यता के विकास के लिए मशीन और औजार।

लोग बोलते हैं कि इसी मधेपुरा में कभी मैकेनिक जागेश्वर सिंह एवं उनके सभी पुत्रों गणेश, उमेश, महेश, सुरेश, दिनेश, नरेश मिलकर जमीन पर बिखरे हवाई जहाज को जोड़कर हवा में उड़ाने की क्षमता रखते थे। अब मुन्नी बाबू विश्वकर्मा की पूजा बर्षों से करते आ रहे हैं।

यह भी बता दें कि वर्तमान में कोसी के सर्वश्रेष्ठ टेंट हाउस संचालक राम प्रताप साह हलवाई का पौत्र उत्तम कुमार भी उधमिता व निर्माण के प्रतीक भगवान विश्वकर्मा की पूजा के विशेष अवसर पर शहर के गणमान्यों को आमंत्रित किया था। जिसमें शहर के शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, पीजी जंतु विज्ञान के विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार एवं मधेपुरा लायंस क्लब व व्यापार मंडल की रीढ़ माने जाने वाले सीए मनीष सर्राफ आदि को देखा गया। डाॅ. मधेपुरी ने रामप्रताप साह के कई संस्मरणों को संदर्भित करते हुए कहा कि मधेपुरा को गौरवान्वित करते रहे हैं रामप्रताप साह हलवाई। जिन्होंने राजगीर में बहुत बड़ा धर्मशाला निर्माण कराकर मधेपुरा को गौरवान्वित किया है। और मधेपुरा में भले ही कीमत लेकर ही सही अपनी जमीन पर दो माननीय सांसदों शरद यादव एवं पप्पू यादव को घर बसाने का अवसर तो दिया ही है। उन्होंने कहा कि रामप्रताप बाबू सही मायने में विश्वकर्मा के पुजारी रहे हैं और उन्हीं के पुण्य प्रताप से उनकी पौत्री रियांशी टेबल टेनिस में प्रसिद्धि प्राप्त कर रही है और मधेपुरा को गौरवान्वित कर रही है।

सम्बंधित खबरें


राज्य के 40 सर्वश्रेष्ठ शिल्पियों को सम्मानित किया उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने

कोरोना काल में बिहार म्यूजियम में अवस्थित उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान की ओर से राज्य के शिल्पकारों व कलाकारों के हौसले को कायम रखने के लिए 1 करोड़ 29 लाख रुपए दिए गए। इसकी सराहना करते हुए सूबे के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि यह दुनिया का पहला ऐसा संस्थान है जो कलाकारों को इतना सम्मान देता रहा है। ये बातें संस्थान की ओर से राज्य पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कही।

मौके पर संस्थान के निदेशक अशोक सिन्हा, उद्योग विभाग के विशेष सचिव दिलीप कुमार, पद्मश्री बउवा देवी के साथ अन्य गणमान्य उपस्थित थे जिन्होंने कलाकारों के हौसले को बढ़ाया और कहा कि उद्यमिता व निर्माण के प्रतीक हैं भगवान विश्वकर्मा।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा कि जहां अब तक विजेताओं को राज्य पुरस्कार ₹22 हजार एवं राज्य मेधा पुरस्कार ₹11 हजार दी जाती थी वहीं अब क्रमशः 50 हजार एवं ₹25 हजार की राशि दी जा रही है।

यह भी बता दें कि राज्य के 40 सर्वश्रेष्ठ शिल्पियों एवं कलाकारों को उत्कृष्ट कलाकृतियों के लिए 20 को 50-50 हजार रुपए का राज्य पुरस्कार तथा 20 को 25-25 की राशि राज्य मेघा पुरस्कार के रूप में प्रदान की गई। कलाकारों को उनकी लगन और मेहनत से ही सम्मान मिलता है।

राज्य मेधा पुरस्कार जिन्हें मिला है वे हैं- मधुबनी पेंटिंग में संजीव कुमार झा, पूजा कुमारी, रजनी कुमारी, स्नेहा दास, रंजू देवी और परीक्षण पासवान। कशीदाकारी में मीना देवी एवं नीलम भारती। सुजनी कला में रिंकू देवी, सोनी कुमारी। टेराकोटा शिल्प में दिनेश पंडित एवं शिव शंकर पंडित। इसके अलावा कुमारी किरण (वेणु शिल्प),  जितेंद्र राय (सिक्की कला), सोनी कुमारी (टिकुली कला), उमेश ठाकुर (काष्ठ कला), रूपा कुमारी (जूट शिल्प), विभा श्रीवास्तव (क्रोशिया शिल्प), सुशील विश्वकर्मा (बुनाई शिल्प) और अनीता पांडे (भोजपुरी पेंटिंग)।

राज्य पुरस्कार जिन्हें मिला है वे हैं- मधुबनी पेंटिंग में नूतन बाला, नलिनी शाह, दिनेश पासवान, सुरेंद्र पासवान, अंजू देवी मिश्र, इंद्रकांत झा, रानी झा, ममता देवी, अमित कुमार झा, प्रियांशु कुमार एवं रोशन कुमार। इसके अलावे हेमा देवी (पेपरमेसी कला), पवन कुमार सागर (मंजूषा कला), सांत्वना सिंह (मेटल क्राफ्ट), राजेंद्र साह (लाह शिल्प), पप्पू कुमार (सिक्की कला), रूपेश कुमार (टेराकोटा शिल्प), खुशबू कुमारी (टिकुली कला) एवं गणेश प्रसाद (पाषण शिल्प)।

मौके पर कलाप्रेमी-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि जिस तरह भारतीय शिल्पकारों एवं कलाकारों की कला की विदेशों में मांग बढ़ने लगी है कि अब इन कलाओं में युवा पीढ़ी को आगे बढ़कर भारत को गौरवान्वित करना चाहिए।

सम्बंधित खबरें