बिहार का बेटा शुभम कुमार सूबे के मुखिया इंजीनियर नीतीश कुमार से बुधवार को एक अणे मार्ग स्थित संकल्प सभागार में मुलाकात की। सीएम नीतीश ने शुभम द्वारा बिहार को गौरवान्वित करने पर बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
बता दें कि इस दौरान सभागार में बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पंचायती राज के निदेशक डॉ.रंजीत कुमार कुमार, बिहार विधान परिषद के सचिव विनोद कुमार, कर्मचारीगण सहित छात्र-छात्राएं भी मौजूद थे।
यह भी जानिए कि जब सभापति श्री सिंह कटिहार जिले के शुभम कुमार को बिहार विधान परिषद का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित कर रहे थे उस समय सभागार में शुभम के माता-पिता के साथ-साथ स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, पंचायती राज्य मंत्री सम्राट चौधरी आदि भी बधाई देने हेतु मौजूद थे।
कोलकाता में इस बार सार्वजनिक दुर्गा पूजा 4 महिला पुजारियों द्वारा करवाई जाएगी। यह फैसला कोलकाता साउथ क्लब द्वारा लिया गया है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। पहली बार 4 महिलाओं की टीम द्वारा यह नई परंपरा शुरू की जाएगी।
बता दें कि इन पुजारियों की अपनी अलग शैली है। पूजा के मंत्रों के साथ रविंद्र संगीत सरीखे विभिन्न शैलियों के गीत विशेष आकर्षण बने रहेंगे। इन चारों पुजारियों के नाम हैं- पौलोमी चक्रवर्ती, सेमंती बनर्जी, नंदिनी भौमिक एवं रूमा राय। इन चारों ने एक दशक से शहर में शादियां एवं गृह प्रवेश जैसे आयोजन करवाती रही हैं। अब पुजारी के तौर पर ये चारों सार्वजनिक दुर्गा पूजा करेंगी।
लोगों द्वारा इस बदलाव को स्वीकारा जा रहा है। तभी तो इस बार की थीम है- “देवी मां की पूजा माताओं द्वारा” कोलकाता से ही ऐसे बदलाव होते रहे हैं। सती प्रथा उन्मूलन का श्रीगणेश हो या फिर विधवा विवाह की शुरुआत… सारे बदलाव कोलकाता से ही आरंभ होता रहा है।
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे पिंक बॉल टेस्ट में शतक लगाकर इतिहास रच दिया है। मंधाना पिंक बॉल टेस्ट में शतक बनाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बन गई है।
बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र पिंक बॉल टेस्ट (डे एंड नाइट) मैच के दूसरे दिन खेल शुरू होने के बाद स्मृति मंधाना ने अपने स्कोर में 20 रन जोड़कर पिंक बॉल टेस्ट का पहला शतक बनाया। मंधाना ने 216 गेंदों पर 127 रन बनाकर इतिहास रच दिया। वे ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बन गई है तथा पिंक बॉल टेस्ट में शतक लगाने वाली दूसरी भारतीय क्रिकेटर। इससे पहले विराट कोहली ने बांग्लादेश के खिलाफ 2019 में खेले गए पिंक बॉल टेस्ट में 136 रन की शतकीय पारी खेली थी।
यह भी जानिए कि स्मृति मंधाना ने अपना शतक चौका लगाकर पूरा किया। यह विनिंग शॉट मंधाना ने ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाज एलिस पैरी की गेंद पर लगाया। मंधाना ने शतक पूरा किया 170 गेंदों पर और 127 रन बनाए 216 गेंदों पर। ऐसे सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना को इतिहास रचने के लिए भारतीय समस्त क्रिकेट प्रेमियों का सलाम है, कोटि-कोटि सलाम है।
आज 3 अक्टूबर (रविवार) को स्थानीय भूपेन्द्र कला भवन में कोसी क्षेत्रीय भूतपूर्व सैनिक कल्याण संघ की एक दिवसीय बैठक सूबेदार ब्रह्मानंद यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। सर्वप्रथम कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटनकर्ता लेफ्टिनेंट कर्नल रवि शंकर लाल, मुख्य अतिथि बीएन मंडल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलसचिव प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, विशिष्ट अतिथि मेजर अमित प्रियदर्शी एवं गार्जियन सूबेदार मेजर कीर्ति नारायण यादव आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सभी अतिथियों सहित सहरसा एवंंं सुपौल के अध्यक्ष प्रवीण झा व सुरेंद्र झा एवं प्रमंडलीय सचिव गोपाल मिश्र तथा वेद विष्णु कुमार आदि को अंगवस्त्रम व बुके देकर सम्मानित किया गया।
Shikshavid Dr.B N.Yadav Madhepuri addressing former Army Men at Bhupendra Kala Bhawan, Madhepura.
सर्वप्रथम मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी ने अपने विस्तृत संबोधन में यही कहा- “आप सभी सैनिक हैं? न तो पूर्व हैं और ना भूतपूर्व। आप सभी अभूतपूर्व हैं। आप कृष्ण सरीखे योद्धा हैं। जैसे श्री कृष्ण के माता-पिता छूटे, फिर नंद-यशोदा भी छूटे। मथुरा छूटा, गोकुल भी छूटा। सखा-मित्र सभी छूटे। जो नहीं छूटा वह थी कृष्ण के चेहरे की मुस्कान और उनकी सकारात्मक सोच। वैसे ही आप भी अपने सेवाकाल में घर-द्वार, माता-पिता, पत्नी-संतान सब छोड़कर एक हाथ में तिरंगा और दूसरे में बंदूक थामे रहे। देश की सरहदों की रक्षा करते रहे। सदा आप यही सोचते रहे कि मैं जब भी जन्म लूं, भारत हो वतन मेरा…… मेरी एक ही आरजू है कि तिरंगा हो कफन मेरा !”
उद्घाटनकर्ता लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ.रविशंकर ने संगठन की एकता पर जोर देते हुए कहा कि कोसी अंचल में इस संगठन के माध्यम से सैनिक स्कूल, सैनिक कैंटीन, सैनिक अस्पताल खोलने की मांग है। उन्होंने कहा कि ज्वलंत समस्याओं को स्थानीय प्रशासन की मदद से सुलझाएंगे।
अंत में मेजर अमित प्रियदर्शी ने विस्तार पूर्वक सैनिक संगठन के कार्यों एवं समस्याओं से निपटने के रास्तों पर चर्चाएं की और सैनिकों के प्रश्नों के बीच संतोषप्रद जवाब देते रहे। मंच संचालन सचिव गोपाल मिश्र एवं धन्यवाद ज्ञापन सूबेदार मेजर कीर्ति नारायण यादव ने की। बैठक में वीरांगनाएं श्रीमती अनमोल देवी, अंजना वर्मा, सुनीता देवी, पूजा कुमारी, संगीता कुमारी, प्रेमलता कुमारी सहित फौजी हरीवल्लभ यादव, अजय सिंह, राम लखन ठाकुर, देवन मुखिया, संजय ठाकुर आदि मौजूद थे।
भारत में 26 जनवरी, 15 अगस्त और 2 अक्टूबर को अविस्मरणीय तारीख मानी जाती है। 2 अक्टूबर महात्मा गांधी और जय जवान जय किसान के प्रणेता लाल बहादुर शास्त्री की जयंती समस्त भारत में मनाई जाती है। जिला प्रशासन द्वारा भी समाहरणालय स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व सर्व धर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया। शहर के समाजसेवियों डॉ.मधेपुर, मो.शौकत अली एवंp0 ध्यानी यादव द्वारा भी पूज्य बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि की गई।
Samajsevi-Shikshavid Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri offering floral tribute to Rashtrapita Mahatma Gandhi on the occasion of Mahatma Gandhi Jayanti.
बता दें कि शहीद चुल्हाय मार्ग स्थित डाक बंगला के अंतर्गत शांति के पुजारी पूज्य बापू की 153वीं जयंती उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि करने के बाद समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने मौजूद बच्चों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों से अवगत कराते हुए कहा-
बापू हमेशा यही कहा करते कि प्रत्येक व्यक्ति खुद में वह बदलाव लाए जो वह दुनिया में देखना चाहते हैं। वे यह भी कहते कि जिस चीज में कोई भी भारतीय यकीन करता हो परंतु उसे जीता नहीं हो वही तो बेईमानी है।
अंत में डॉ.मधेपुरी ने महात्मा गांधी को एक निष्काम कर्मयोगी एवं सच्चे अर्थों में युगपुरुष बताते हुए चंद नौनिहालों से यही कहा कि वे भारत के ही नहीं संपूर्ण मानव जाति के प्रेरणा स्रोत रहे हैं और सदैव रहेंगे। बच्चों ने बापू और शास्त्री जी के जयकारे भी लगाए।
इस वर्ष की यूपीएससी परीक्षा- 2020 में मधेपुरा जिले के पुरैनी प्रखंड के नितेश कुमार जैन ने पांचवी कोशिश में 22वाँ रैंक प्राप्त कर न केवल अपने पिता श्री आनंद जैन व माताश्री सुधा जैन बल्कि जिले सहित सूबे का भी नाम रोशन किया है।
सर्वप्रथम 2015 में नितेश यूपीएससी की परीक्षा में शामिल हुए परंतु प्रारंभिक परीक्षा में ही असफल हो गए। एक वर्ष 2016 में वह इंटरव्यू तक पहुंचे तो जरूर, परंतु असफल रहे। तीसरी बार तो 2017 की परीक्षा भी वह पास नहीं कर पाए। चौथी बार नितेश ने 2018 में कामयाबी हासिल की और 96वाँ रैंक प्राप्त कर वर्तमान में इनकम टैक्स कमिश्नर के पद पर कार्यरत हैं। बावजूद इसके नितेश पूरी लगन से आईएएस में ऊपर का रैंक पाने की तैयारी में जुटा रहा। उसी का परिणाम है कि पांचवी कोशिश में उसने 22वाँ रैंक प्राप्त कर स्वंय पदचिन्ह बना डाला है। साथ ही यूपीएससी की तैयारी करने वालों का पथ प्रदर्शक भी बन गया है।
बता दें कि जुलाई 2019 में मधेपुरा के जीवन सदन में बिहार मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष श्री विनोद तोदी एवं मधेपुरा के समाजसेवी-साहित्यिकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने मधेपुरा की बेटी खुशी प्राणसुखका को हरियाणा स्टेट सीबीएसई टॉपर होने एवं मधेपुरा का सपूत नितेश कुमार जैन के यूपीएससी- 2018 की परीक्षा में सफल होने के उपलक्ष में श्री दिनेश सर्राफ, गिरधर चांद एवं सुश्री श्वेता शारदा आदि की उपस्थिति में सम्मानित किया था। पुनः नितेश ने फिर से 2019 में भाग्य आजमाया, लेकिन 219वाँ रैंक आने पर वे जरा भी विचलित नहीं हुए।
जानिए कि नितेश की स्कूली शिक्षा स्थानीय वासुदेव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नया टोला में हुई जहां से 2008 में मैट्रिक पास कर कोलकाता सेेे इंटर एवं वहीं के सेंट जेवियर कॉलेज से बीकाॅम करने केेे बाद 2014 में सीए की परीक्षा पास की और फिर तब सेे यूपीएससी परीक्षा में जुट गए और पांचवी बार मेंं फतह करके ही दम लिया। नितेश का कहना हैै कि किताब का चयन ठीक ढंग से करें। उन्हें बार-बार पढ़ें। चिंतन करें। सफलता के लिए सेल्फ-स्टडी काफी मायने रखता है।
चलते-चलते यह भी कि प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने प्रतियोगी परीक्षाओं खासकर यूपीएससी-बीपीएससी की तैयारी करने वालों को नितेश सरीखे एक बड़े उदाहरण को सामने लाकर यह कहना चाहते हैं कि आदमी ठान ले तो कुछ भी मुश्किल नहीं। यह भी कि कभी विचलित नहीं होते बहादुर। जब भी किसी काम को अपने हाथ में लेते तो उसे सफल करने में अपना सब कुछ झोंक देते हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में मधेपुरा सदर प्रखंड के 17 पंचायतों में जिला परिषद के 2, मुखिया-सरपंच के 17-17, पंचायत समिति सदस्य के 22, वार्ड सदस्य 227 एवं पंच के 165 यानि कुल 450 पदों के लिए 61 फीसद मतदान हुआ।
बता दें कि उक्त चुनाव कार्य को संपन्न कराने में लगे थे 229 पुलिस पदाधिकारी, 219 सिपाही एवं होमगार्ड के 410 जवान। इसके अतिरिक्त जिले के सभी आलाधिकारीगण। मतदान के बाद देर रात तक टीपी कॉलेज मतगणना स्थल तक आता रहा इवीएम मशीन एवं बैलट बॉक्स।
मतगणना कार्य 01 एवं 02 अक्टूबर को टीपी कॉलेज में होगी।
वर्ष 1994 में जब बिहार के मुख्यमंत्री थे लालू प्रसाद तब बिहार में केवल 53 महिला पुलिस अधिकारी थीं अब 27 वर्षों के बाद जब सूबे के मुख्यमंत्री हैं नीतीश कुमार तो बिहार को पहली बार 615 महिला पुलिस अधिकारी मिली है।
बता दें कि सीएम नीतीश कुमार सदैव न्याय के साथ विकास और सशक्त महिला, सक्षम महिला केवल बोलते ही नहीं, बल्कि गंभीरता पूर्वक यह कहते कि महिलाओं की सुरक्षा सबसे जरूरी है। यह भी कि राज्य में कानून का राज कायम रखना मेरी प्राथमिकता है। तभी तो सभी थानों में महिला पुलिस पदाधिकारी का होना अनिवार्य कर दिया गया है।
Lady Police Officers in Bihar.
जानिए कि झारखंड अलग होने के बाद बिहार में ट्रेनिंग की व्यवस्था नहीं थी। राजगीर में बेहतर सुविधाओं के साथ पुलिस अकादमी का निर्माण किया गया। महिलाओं को नीतीश सरकार द्वारा 35% आरक्षण दिया गया। पहली खेप में इतनी संख्या में महिला पुलिस अधिकारी देख सीएम नीतीश कुमार ने भावविभोर होकर बस इतना ही कहा- “देश में सबसे ज्यादा महिला पुलिसकर्मी अपने बिहार में है।” सीएम ने यह भी कहा कि हम पुलिस के काम में हस्तक्षेप नहीं करते। ना किसी को बचाते हैं, ना फंसाते हैं। पुलिस भी यही करे। पुलिस का जो संवैधानिक दायित्व है वही करें।
चलते-चलते यह भी कि इन महिला पुलिस पदाधिकारियों के रूप में अन्य करतबों के अलावे चलती बुलेट मोटरसाइकिल पर 3 नॉट 3 राइफल थामे बेटियों को देख उनके भाव विभोर माता-पिता के अलावे समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी सहित मौजूद भीड़ की तालियों की गड़गड़ाहट का मनोभाव बस यही था- हमारी बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम है क्या ?
आज 28 सितंबर को भारतरत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर की 93वीं जन्म जयंती है। इस अवसर पर फिल्म इंडस्ट्री से लेकर भारत के विभिन्न क्षेत्रों के लोग जो लता जी से किसी न किसी रूप में उपकृत हुए हैं, वे उनके साथ किए गए काम के अनुभवों को साझा करने से बाज नहीं आते।
बता दें कि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने अपने वृंदावन निवास में कुछ बच्चों को बुलाकर स्वर कोकिला भारतरत्न लता मंगेशकर द्वारा विभिन्न भाषाओं में हजारों-हजार गाने की प्रस्तुतियों पर विस्तार से चर्चा की। डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से यह भी कहा कि लताजी अपने आप में गायकी का एक वृहत्तर स्कूल हैं। उनकी गायकी मील का पत्थर है। तभी तो आज भी लोग किसी की सुरीली आवाज को सुनकर यही कह उठता है कि यह तो लता मंगेशकर जैसी आवाज है। जिन्हें लता जी के साथ कभी गाने का मौका मिल गया वह गायक अपना सौभाग्य मानता है। जैसे लोगों की नजर में क्रिकेट का भगवान सचिन तेंदुलकर है, वैसे ही गायकी का भगवान है लता मंगेशकर।
अंत में डॉ.मधेपुरी ने बच्चों से कहा कि जब क्रिकेट के कप्तान कपिल देव ने विश्व कप जीता था तो बीसीसीआई के पास इतना पैसा नहीं था कि वह खिलाड़ियों को डिनर पर बुलाता, इनाम तो बहुत दूर की बात थी। वैसी विकट परिस्थिति में लता जी ने क्रिकेट प्रेमियों के अनुरोध पर दिल्ली के इंद्रप्रस्थ स्टेडियम में एक चैरिटीशो का आयोजन किया था। उन्हें सुनने के लिए इतने टिकट बिके कि बीसीसीआई निहाल हो गया। यह बात है अगस्त 1983 की।
जानिए कि तब से ही भारत में कहीं भी इंटरनेशनल क्रिकेट मैच होता है तो बीसीसीआई लता जी के लिए एक सीट हमेशा खाली (रिजर्व) रखता है, चाहे वह स्वर कोकिला भारतरत्न लता मंगेशकर मैच देखने जाएं या अंत तक नहीं आएं। लता जी के उस महादान के लिए बीसीसीआई 1983 से आज तक उन्हें यह महासम्मान देता चला आ रहा है।
सहरसा के आरएम कॉलेज में प्रभारी प्रधानाचार्य रहे प्रखर समाजशास्त्री, ओजस्वी वक्ता एवं अद्वितीय नेक इंसान प्रो.(डॉ.)विनय कुमार चौधरी के 21 वर्षीय सुपुत्र सुप्रभात वत्स हाल ही में अपनी प्रतिभा, लगन व मेहनत के बल पर गूगल इंडिया के वाइस प्रेसिडेंट बने हैं।
बता दें कि कंप्यूटर साइंस की विभिन्न विधाओं में दक्षता प्राप्त सुप्रभात वत्स के वाइस प्रेसिडेंट बनने पर स्थानीय लोगों के साथ-साथ उनके परिवार, सगे-संबंधियों व शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। यह भी जानिए कि गुड़गांव स्थित गूगल इंडिया के कार्यालय में विगत अगस्त माह में योगदान देने के बाद से ही इनकी प्रतिभा को देखकर विदेशी तीन विश्वविद्यालय- ऑक्सफोर्ड, स्टैनफोर्ड व हावर्ड ने कंप्यूटर साइंस में ‘इंटीग्रेटेड कोर्स विद पीएचडी’ के लिए पूरी स्कॉलरशिप देने की भी घोषणा कर चुकी है। यह भी कि इस दौरान सम्मानजनक वेतन देने की भी घोषणा की है। क्योंकि, वे इससे पहले कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में भी काम के दौरान अपनी प्रतिभा का नजारा पेश कर चुके हैं।
जानिए कि अमेरिका से कंप्यूटर साइंस में दक्षता प्राप्त सुप्रभात वत्स की प्रारंभिक पढ़ाई सहरसा डीपीएस से हुई। कोलकाता के एडवांस यूनिवर्सिटी से बी टेक इन कंप्यूटर साइंस किये। सुप्रभात की पारिवारिक पृष्ठभूमि पढ़ाकू है। इनकी मां डॉ.कल्पना चौधरी, समाजशस्त्र में पीएचडी हैं। बड़ी बहन रिचा मैनेजमेंट करके फ्रांस की कंपनी ‘एटास’ में कार्यरत हैं। छोटी बहन भी इंडियन ओवरसीज बैंक में अधिकारी हैं। वे कहते हैं कि बिहार सरकार के वर्तमान युवा मामले के मंत्री डॉ.आलोक रंजन उनके ‘आइकोन’ रहे हैं।
अंत में यह भी कि दो दिन कबल सुप्रभात वत्स स्वयं मधेपुरा आकर अपने पिताश्री के अत्यंत करीबी समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी से आशीर्वाद ग्रहण करते हुए इतना ही बोले- “अंकल ! अपने देश में ही रह कर काम करना चाहता हूं। देश में काम करने से मुझे गर्व का अनुभव होता है और सुकून महसूस होता है।” यह जानने के बाद सुप्रभात को सदैव प्रोत्साहित करते रहने वाले डॉ.मधेपुरी ने इस प्रकार शुभकामनाएं व्यक्त की-