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भव्य, करिश्माई और भारतीय सिनेमा की नई ऊँचाई : ‘बाहुबली’

भारतीय सिनेमा इतिहास की सबसे महंगी और बिना संदेह सबसे भव्य फिल्म बाहुबली आज दुनिया भर में बड़े परदे पर रिलीज कर दी गई। लगभग 200 करोड़ में बनी इस बहुभाषी और बहुप्रतीक्षित फिल्म को एक साथ 4000 थियेटरों में रिलीज किया गया है। इस पीरियड एक्शन-ड्रामा में प्रभास, राणा दग्गुबती, राम्या कृष्णा, अनुष्का शेट्टी और तमन्ना भाटिया की मुख्य भूमिका है। फिल्म के डायरेक्टर एसएस राजमौली हैं, जिनका ये ड्रीम प्रोजेक्ट था। तीन सालों में बनकर तैयार हुई इस फिल्म को दो पार्ट में रिलीज किया जाएगा। पहला पार्ट आज रिलीज होने के बाद दूसरा पार्ट सितंबर के अंत तक रिलीज होगा। राजमौली की पिछली फिल्मों ‘मगाधीरा’ और ‘ईगा (मक्खी)’ की तरह ये फिल्म भी भीड़ से कितनी अलग है इसे केवल देखकर महसूस किया जा सकता है।

फिल्म की कहानी हजारों साल पहले के एक काल्पनिक नगर माहेष्मती की है। यहाँ की राजमाता (राम्या कृष्णन) को फैसला करना है कि यहाँ का सिंहासन दो भाईयों में से किसको दे। इनमें एक भाई अमरेन्द्र बाहुबली (प्रभास) की राज्य के लोग पूजा करते हैं जबकि उसके उलट है उसका दूसरा भाई भल्लाल (राना दग्गुबती)। साजिशों के चलते राज भल्लाल को मिलता है और बाहुबली मारा जाता है । इन सबके बीच उसके बेटे को राजमाता बचा लेती है और वह उस नगर से दूर किसी और मां के हाथों पलता है। सालों बाद उसकी किस्मत उसे फिर से माहेष्मती लाती है जहाँ उसे अपने पिता की मौत का बदला लेकर सिंहासन हासिल करना है।

देखा जाय तो इस तरह की कहानी भारतीय सिनेमा के इतिहास में सैकड़ों मिल जाएंगी लेकिन इसकी जैसी प्रस्तुती बाहुबली में हुई है वह कल्पनीत है। विजुअल इफेक्ट्स यहाँ रोमांच और अनोखे अनुभव से भरा एक अलग संसार रच देते हैं और आप उसमें खो जाते हैं। इस फैंटेसी एक्शन फिल्म में कथानक और स्क्रिप्ट में खामियों के बावजूद जबरदस्त स्पेशल इफेक्ट्स और खासतौर पर युद्ध के दृश्यों का फिल्मांकन करिश्माई है।

अपनी भव्यता में ‘ग्लैडिएटर’ की याद दिलानेवाली बाहुबली से तकनीकी स्तर पर भारतीय सिनेमा को एक नई ऊँचाई मिली है, इसमें कोई संदेह नहीं। डायरेक्टर राजमौली ने जैसे हर फ्रेम में इतिहास रच दिया है और उस इतिहास को जीवंत कर देने में सिनेमैटोग्राफर के.के. सेंथिल कुमार ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी है। इस फिल्म की भव्यता में उनका योगदान कहीं से कम नहीं है।

दुनिया भर में बाहुबली को 5 भाषाओं – तमिल, तेलगु, मलयालम और हिन्दी के अलावा फ्रेंच में भी –रिलीज किया गया है। अमिताभ बच्चन समेत फिल्म जगत की जानी मानी हस्तियों और समीक्षकों ने फिल्म की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। टिकट की एडवांस बुकिंग की व्यवस्था फिल्म की रिलीज से पहले गड़बड़ा जाए, ऑनलाइन बुकिंग कराने वाले इतनी संख्या में हों कि कम्प्यूटर सर्वरों ने काम करना बंद कर दिया हो, सिनेमाघरों एवं मल्टीप्लेक्सों के बाहर लोगों की कतारें इतनी लम्बी हों कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़े – फिल्म की तरह उसे मिला रिस्पांस भी उतना ही भव्य है।

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बिहार चुनाव का सेमीफाइनल भाजपा के नाम

बिहार में चुनाव का सेमीफाइनल भाजपा ने जीत लिया। राज्य 24 सीटों पर हुए विधान परिषद चुनाव में भाजपा ने अकेले 12 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि एक सीट पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार की जीत हुई। महागठबंधन का आगे जो हो, कम-से-कम इस चुनाव में वो फेल रहा। जदयू को पांच सीटों पर सफलता मिली जबकि राजद महज तीन सीटों पर अपनी उपस्थिति बना सकी। वहीं कांग्रेस को एक सीट मिली तो एक सीट पर एनडीए के घटक दल एलजेपी ने जीत दर्ज की। पटना की सीट निर्दलीय रीतलाल यादव की झोली में गई।

भाजपा के 12 विजयी उम्मीदवार ये हैं – सच्चिदानंद राय (छपरा), राजन सिंह (औरंगाबाद), आदित्य नारायण (गोपालगंज), सुनील सिंह (दरभंगा), दिलीप जायसवाल (पूर्णिया), संतोष सिंह (सासाराम), हरीनारायण चौधरी (समस्तीपुर), सुमन महासेठ (मधुबनी), टुन्नाजी पांडेय (सिवान), रजनीश (बेगूसराय), बबलू गुप्ता (मोतीहारी) एवं अविनाश विद्यार्थी (मुंगेर)। जदयू के जीत दर्ज करने वाले 5 प्रत्याशी हैं – रीना देवी (नालंदा), दिनेश सिंह (मुजफ्फरपुर), मनोरमा देवी (गया), सलमान रागिव (नवादा) एवं मनोज यादव (भागलपुर)। राजद से चुने गए 3 उम्मीदवार हैं – सुबोध राय (हाजीपुर), राधाचरण (भोजपुर) तथा राधाचरण साह (आरा-बक्सर)। अन्य सफल प्रत्याशी हैं – पटना से निर्दलीय रीतलाल यादव, बेतिया से कांग्रेस के जीतन राम, कटिहार से भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी अशोक अग्रवाल और सहरसा से एलजेपी की नूतन सिंह।

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मोदी-शरीफ मुलाकात : हाथ नहीं, दिल मिले तो बात बने

रूस के शहर ऊफा में आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष नवाज शरीफ के बीच हुई बातचीत कई मायनों में सकारात्मक रही। नवाज शरीफ ने प्रधानमंत्री मोदी को 2016 में पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। अगले साल मोदी सार्क शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पाकिस्तान जाएंगे।

दोनों नेताओं के बीच बातचीत स्थानीय समयानुसार सुबह 9.20 बजे शुरू हुई जो लगभग डेढ़ घंटे तक चली। पहले ये मुलाकात केवल 45 मिनट के लिए रखी गई थी। इस दोतरफा बातचीत में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने मुंबई के 26/11 हमलों के आरोपियों के वॉयस सैंपल साझा करने पर सहमति जताई। इसके साथ ही आतंकवाद पर दोनों देशों के NSA बात करेंगे। बीएसएफ के डीजी और पाकिस्तान रेंजर्स के बीच भी बातचीत होगी। आज की इस मुलाकात में हाफिज सईद और लखवी पर भी बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के मछुआरों और उनकी नौकाओं को छोड़ने का निर्णय भी लिया।

वार्ता प्रतिनिधिमंडल में भारत की ओर से राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और विदेश सचिव एस. जयशंकर शामिल थे। पाकिस्तान की ओर से विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज सहित अन्य अधिकारी थे।

मोदी और शरीफ की इस मलाकात पर ना केवल भारत और पाकिस्तान बल्कि पूरी दुनिया की नज़रें टिकी थीं। वार्ता से पहले दोनों नेताओं ने गर्मजोशी के साथ हाथ मिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया, लेकिन बात तो तब बनेगी जब दिल भी इसी तरह मिलेंगे। मुलाकात से ठीक एक दिन पहले पाकिस्तानी सेना द्वारा उत्तरी कश्मीर के नौगाम सेक्टर (कुपवाड़ा) में संघर्ष विराम का उल्लंघन कर अग्रिम भारतीय चौकियों को निशाना बनाना जिसमें बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया, मन में संदेह का बीज छोड़ गया। जब भी भारत और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री आपस में मिलते हैं, लगता है रिश्तों में सुधार होगा लेकिन हर बार उम्मीदों पर पानी फिरता रहा है। आज की यह मुलाकात बुनियादी स्तर पर दोनों देशों के रिश्तों में कितना बदलाव ला पाएगी, यह तो समय ही बताएगा।

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सुकवि डॉ. वरुण सम्मानित

ख्याति प्राप्त कवि एवं समीक्षक डॉ. वरुण कुमार तिवारी के सम्मान में बी.एन.एम.यू. के पी.जी. हिन्दी विभागाद्यक्ष डॉ. विनय कुमार चौधरी की अद्यक्षता में एक काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ | डॉ.चौधरी ने आरम्भ में डॉ. तिवारी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला | उन्होंने कहा कि डॉ. तिवारी  कार्यित्त्री एवं भावयित्री प्रतिभा के धनी हैं |

डॉ. सिद्धेश्वर काश्यप ने कहा कि डॉ. वरुण आधुनिक एवं उत्तर-आधुनिक जीवन-बोध को यथार्थ के धरातल पर वाणी देने वाले रचनाकार हैं जिनकी चर्चित कृतियाँ हैं – अपने होने का अहसास, तीसरी दुनिया के लिए, कुछ दूर रेत पर चलकर इत्यादि |

इस अवसर पर डॉ. वरुण के एकल काव्य पाठ के बाद विभागाद्यक्ष डॉ. विनय कुमार चौधरी द्वारा मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया | काव्य गोष्ठी में उपस्थित थे- डॉ. नरेश कुमार, डॉ. फजल, डॉ. अलोक, आनंद कुमार, सुनील, सुमन, अंतरा, कल्पना, सुभाष, शंकर, राधा, पुष्पलता, संजीव, कृष्णा आदि | धन्यवाद ज्ञापन पी. यदुवंशी ने किया |

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हर घर दस्तक : ऊँचा होगा मस्तक

विगत दो दिन कबल बिहार विधान परिषद के चुनाव में मानसून की बौछार पर भारी पड़ा स्थानीय निकायों के वोटरों का उत्साह | इस लहर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का “हर घर दस्तक” ठंडा होने से पहले पुनः गर्म होने लगा है |

इस बीच “हर घर दस्तक” में जुटे कार्यकर्ताओं द्वारा, चाहे वे किसी भी गठबंधन के हों, समाज में व्याप्त अंधविश्वास को अब भी तो गाँव-घर छोड़ने के लिए मजबूर करें | सदियों से चली आ रही सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में यह जद यू का हर घर दस्तक कार्यक्रम इसी तरह चलता रहे तो सम्पूर्ण प्रदेश का कल्याण होगा | इस कार्यक्रम के बहाने अनेक राष्ट्रीय कार्यक्रमों को भी सफल करने में मदद मिलेगी – यथा घर-घर शौचालय की बात हो या डायन बताकर महिलाओं को गांवों में प्रताड़ित करने की बात अथवा निरक्षरता दूर करने से लेकर मृत्योपरांत कर्मकांडों एवं वृहत भोज त्याग कर प्रगतिशील सोच को बढ़ावा देने की बात |

इस तरह अंधविश्वास एवं रुढ़िवादी व्यवस्था को मिटाने के प्रयासों को देखकर गाँव की जनता वैसे गठबन्धन को अपना समर्थन तन-मन-धन से देने को तैयार हो जायेगा | चुनाव के समय कहने की जरुरत भी नहीं पड़ेगी |

घर-घर दस्तक के क्रम में यदि किसी निर्धन एवं मेधावी व लगनशील बच्चे दिख जय तो उसके लिए बेहतर अवसर प्रदान करने की व्यवस्था करने में पार्टी कर्मियों का एकजुट होकर प्रयासरत हो जाना ही माननीय मुख्यमंत्री के “हर घर दस्तक” कार्यक्रम की सफलता मानी जायेगी और बापू के गांवों का कल्याण | भारत गांवों का देश है और इस “हर घर दस्तक” कार्यक्रम से भारत मजबूत होगा |

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चुन…चुन…चुन : अच्छों को चुन  !!

देश के कुछ ही राज्यों में विधान परिषद हैं जिसमें बिहार भी एक है | जुलाई सात को बिहार विधान परिषद के स्थानीय निकाय कोटे की 24 सीटों के लिए सबसे अधिक 98% एवं सबसे कम 80% तक मतदान हुए | मतदान प्रतिशत सबसे अधिक नवादा और मुरलीगंज प्रखंड में तथा सबसे कम दरभंगा में रहा | मतदान सवेरे 8 बजे से संध्या 4 बजे तक हुआ | मतदान की समाप्ति के साथ ही 152 प्रत्याशियों का भाग्य मतपेटियों में बन्द हो गया | यह चुनाव होता है “प्रेफ़ेरेन्शिअल” | तभी तो इसमें ई.वी.एम. मशीन का उपयोग नहीं होता है | बिहार में पहली बार प्रत्याशियों के फोटोयुक्त बैलट पेपर का उपयोग किया गया तथा सभी बूथों पर विडीयोग्राफी करायी गयी | मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ | मतगणना 10 जुलाई को सवेरे 8 बजे से होगा |

मधेपुरा-सहरसा-सुपौल स्थानीय प्राधिकार निर्वाचन क्षेत्र के मधेपुरा जिले के कुल 2696 मतदाताओं में 2452 ने वोट डाले यानी 91% वोट डाले गये | सभी 13 प्रखंडों में मुरलीगंज में सबसे अधिक 98% तथा मधेपुरा सदर में सबसे कम 88% मतदान किये गये | मधेपुरा में विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा मत डालकर भी अंत तक डटे रहे और आलमनगर में मंत्री नरेंद्र नारायण यादव अपने मताधिकार का प्रयोग किया | एम.एल.सी. विजय वर्मा के साथ डॉ. मधेपुरी , निराला जी, डॉ. नीरज, नरेश पासवान, विजेंद्र प्र. यादव, मो. जुम्मन अन्त तक जमे रहे |

मतदान के दौरान पोलिंग बूथ पर माइक्रो आब्जर्वर , जोनल मजिस्ट्रेट, गस्ती दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की भी नियुक्ति की गयी थी | मधेपुरा के दोनों एस.डी.एम. संजय कु. निराला एवं मुकेश कु. साह , थानाद्यक्ष मनीष कुमार एवं आरसी उपाध्याय सहित अन्य अधिकारी बूथ की सम्पूर्ण गतिविधियों का जायजा मतपेटियों के सील होने तक लेते रहे |

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समाप्त हो मृत्युदंड : कलाम ने विधि आयोग को भेजी अपनी राय

मृत्युदंड समाप्त करने के बारे में विधि आयोग को भेजी गई अपनी राय में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा है कि हम सभी ईश्वर की कृति हैं और हमें किसी भी आधार पर किसी की जान लेने का हक नहीं है। उन्होंने इस सजा का स्पष्ट विरोध किया है। हालांकि विधि आयोग को अब तक मिली करीब 400 लोगों की राय में ज्यादातर लोग मृत्युदंड बनाए रखने के पक्ष में हैं। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के अलावा राय भेजने वाले विशिष्ट लोगों में डीएमके सांसद कनीमुई भी शामिल हैं।

बता दें कि विधि आयोग मृत्युदंड पर विचार कर रहा है। इसी संदर्भ में आयोग ने पिछले वर्ष परामर्श पत्र जारी कर लोगों से मृत्युदंड पर राय मांगी थी। भले ही अब तक मिली राय में ज्यादातर लोग इसे बनाए रखने के पक्ष में हों लेकिन पूर्व राष्ट्रपति का अपनी राय में मृत्युदंड का विरोध करना अलग महत्व रखता है। उन्होंने अपनी किताब टर्निंग प्वाइंट का हवाला देते हुए उन क्षणों का जिक्र किया है जब राष्ट्रपति के तौर पर उनके सामने मृत्युदंड की सजा पुष्टि के लिए आती थी। कलाम के अनुसार उनके लिए यह काम सबसे ज्यादा मुश्किल होता था। उनका कहना है कि जब उन्होंने मामलों को अपराध की गंभीरता तथा अपराधी के सामाजिक और आर्थिक पहलू के नजरिये से खंगाला तो पाया कि मृत्युदंड की पुष्टि के लिए आए लगभग सारे मामलों मे सामाजिक और आर्थिक पक्षपात था।

उम्मीद की जा सकती है कि कलाम के कद के विचारक व्यक्तित्व की इन टिप्पणियों और मृत्युदंड के स्पष्ट विरोध के बाद मृत्युदंड पर पुनर्विचार की सम्भावना बनेगी। ना केवल मानवीय आधार पर बल्कि जैसा कि पूर्व राष्ट्रपति ने संकेत किया है इसकी सजा पाए अपराधियों के सामाजिक और आर्थिक पहलुओं को भी ध्यान में रख इस अत्यंत संवेदनशील मुद्दे पर पूरी गम्भीरता से विचार किया जाना चाहिए।

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मधेपुरा के मिनी चम्बल से निकला आई.ए.एस.

प्रायः कीचड़ से ही कमल निकलता है और कोयले के बीच से हीरा | लेकिन मरुभूमि में गुलाब बहुत मुश्किल से खिलता है और मिलता है | मधेपुरा का मिनी चम्बल कहा जाने वाला टेंगराहा-सिकियाहा पंचायत के परती-पर्रांट मरुभूमि से जिस किसान दंपत्ति “शम्भु-संजू” ने एक गुलाब पैदा किया – उसी कमल का, उसी हीरा का और उसी गुलाब का नाम है- आदित्य आनन्द |

किसान पिताश्री श्री शम्भु प्र. यादव और गृहिणी ममतामयी माताश्री संजू देवी का यह गुलाब आज इस मरुभूमि में हर पल अपना सुगन्ध फैला रहा है तथा सौरभ बिखेर रहा है |

यू.पी.एस.सी. की 2014 की परीक्षा में 980वां रैंक हासिल करने वाला वह आदित्य बगल के रौता गाँव के “सौरभ शिशु शिक्षा निकेतन” से अपनी प्रारम्भिक शिक्षा शुरू की और अपनी लगन व मिहनत का सौरभ फैलाते हुए मुरलीगंज प्रखंड के बी.एल.उच्च वि. होते हुए टी.एन.बी.कालेज से स्नातक किया | इतिहास में एम.ए. कर इन्होंने अपनी मातृभाषा “मैथिलि” के साथ यू.पी.एस.सी. की ऊंचाई तक पहुंचे | फ़िलहाल वे आल इंडिया रेडियो में ऑफिसर हैं |

आई.ए.एस.आदित्य आनन्द की तमन्ना है कि इस टेंगराहा-सिकियाहा की बंजर भूमि में कृषि को सर्वाधिक बढ़ावा मिले | ग्रामीण प्रतिभा को ऊंचाई तक ले जाने के लिए एक अच्छी शिक्षा व्यवस्था कायम हो और जिसका श्री गणेश शीघ्र हो |

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क्या थम जाएगी चीन के आर्थिक सुधारों की रफ्तार..!

बीजिंग से प्राप्त खबरों के अनुसार चीन के शेयर बाजार में लगातार गिरावट जारी है। इससे ना केवल अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है बल्कि सरकार के आर्थिक सुधारों पर भी इसका असर पड़ सकता है। 12 जून से शंघाई कंपोजिट इंडेक्स में 29 फीसदी की गिरावट आई है। इससे निवेशकों की संपत्ति के मूल्य को तीन हजार अरब डॉलर (1,80,000 अरब रुपये से अधिक) का नुकसान हुआ है।

2013 में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की कमान संभालने के बाद प्रधानमंत्री ली कछ्यांग ने टेक्नोलॉजी स्टार्टअप की खातिर पूंजी बाजार को आकर्षक बनाया लेकिन शेयर बाजार ने जिस तरह का अप्रत्याशित बर्ताव किया है उससे ये उम्मीद ध्वस्त हो गई है कि शेयर बाजार नई कंपनियों (स्टार्टअप) के लिए फंड जुटाने के मामले में प्रभावी जरिया बन सकते हैं। चीन के शेयर बाजार नियामक ने बाजार में जोड़तोड़ की गतिविधियों की जांच शुरू कर दी है। अब यदि चीनी नीतिकारों को प्रधानमंत्री ली कछ्यांग की धीमी, मजबूत आर्थिक विकास की नई सामान्य वृद्धि की योजना पर फिर से गौर करने को मजबूर होना पड़ा तो यह उनके लिए एक बड़ा झटका होगा।

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मुसलमानों के लिए भी हो परिवार नियोजन की अनिवार्यता : शिवसेना

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में सोमवार को फिर एक विवादास्पद टिप्पणी आई कि मुसलमानों की बढ़ती जनसंख्या भाषाई, भौगोलिक और भावनात्मक असंतुलन का कारण बनेगी और इससे देश की एकता को भी खतरा है। साथ ही यह भी लिखा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुसलमानों से स्पष्ट रूप से कहना चाहिए कि वे देश के कानून का पालन करें और परिवार नियोजन की अनिवार्यता स्वीकार करें।

संपादकीय में लिखा गया है कि वर्ष 2001 से 2011 के बीच मुस्लिम आबादी करीब 24 फीसदी बढ़ी है और यह 2015 तक इसमें निश्चित रूप से पांच-दस फीसदी का और इजाफा हो गया है। इस समस्या के संदर्भ में यह सवाल भी उठाया गया कि प्रधानमंत्री ने आधी रात में भी दरवाजा खटखटाने पर मुसलमानों को उनके मुद्दों का समाधान करने का वादा किया है लेकिन क्या मुसलमान भी देश की मदद के लिए उसी तरह दौड़ेंगे? देश को लोकपाल से भी अधिक एक समान नागरिक संहिता की जरूरत है।

संपादकीय में बल देकर कहा गया कि मुसलमानों को जवाब देने के लिए हिंदुओं की आबादी बढ़ाना समस्या का समाधान नहीं है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को सभी धर्मो पर परिवार नियोजन सख्ती से लागू कराने के लिए सरकार पर दबाव डालना चाहिए।

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