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कौशिकी के अम्बिका सभागार में तुलसी जयन्ती का भव्य आयोजन

कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन संस्थान के अम्बिका सभागार में कोसी के वरिष्ठ साहित्यकार-इतिहासकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ की अध्यक्षता में तुलसी जयन्ती का भव्य आयोजन किया गया | इस अवसर पर मुख्य अतिथि रहे पूर्व सांसद, साहित्यकार एवं संस्थापक कुलपति डॉ. रमेंद्र कुमार यादव रवि, मुख्य वक्ता योगेंद्र प्राणसुखका, नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष तथा विशिष्ट अतिथि डॉ.के.के.मंडल प्रतिकुलपति |
आरम्भ में गोस्वामी तुलसीदास के तैल चित्र पर गणमान्यों के द्वारा पुष्पांजलि की गई | श्रद्धांजलि के चन्द शब्दों के साथ अध्यक्ष श्री शलभ ने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास के रामचरितमानस से जो शील, शक्ति और भक्ति की पवित्र धारा निकलती है उसके सभी प्रसंगों में राम के आदर्श और मर्यादा का प्रतिबिंब दृष्टिगोचर होता है |

Mukhya Vakta Mr.Yogendra Pransukhka addressing Tulsi Jayanti Samaroh at Ambika Sabhagar in presence of Kaushiki President Mr.Shalabh, Sanrakaskha Dr.Ravi and Secretary Dr.Madhepuri and audience too.
Mukhya Vakta Mr.Yogendra Pransukhka addressing Tulsi Jayanti Samaroh at Ambika Sabhagar in presence of Kaushiki President Mr.Shalabh, Sanrakaskha Dr.Ravi and Secretary Dr.Madhepuri and audience too.

संरक्षक एवं मुख्य अतिथि डॉ.रवि के शिष्य योगेन्द्र प्राणसुखका ने इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रुप में विस्तार से अनेक प्रमुख प्रसंगों के बाबत उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि तुलसीदास तो युगद्रष्टा थे ही, साथ ही उन्होंने रामचरित मानस में सभी सम्प्रदायों के प्रति समन्वयकारी दृष्टिकोण अपनाकर समाज को एकता के सूत्र में बांधने का अद्भुत प्रयास किया | उन्होंने तुलसी के मानस में ज्ञान और भक्ति, शील और सौंदर्य, सगुण और निर्गुण आदि के अद्भुत समन्वय की तथा अद्वितीय व्यक्तित्व एवं कृतित्व के प्रसंगानुसार भूरि-भूरि प्रशंसा की | प्रतिकुलपति रह चुके श्री मंडल ने सुन्दर कांड को रामचरितमानस का सर्वश्रेष्ठ कांड साबित किया तथा मणि भूषण वर्मा ने चन्द पंक्तियों का बेजोड़ विश्लेषण किया |
अंत में संस्थान के संरक्षक डॉ.रवि ने अपने शिष्य योगेन्द्र को आशीर्वचन देते हुए यही कहा कि तुलसी ने अपने साम्यवादी दृष्टिकोण तथा विराट व्यक्तित्व के कारण धर्म, दर्शन,समाज, साहित्य के साथ-साथ लोकनीति एवं राजनीति आदि में इतनी ऊँचाई को पा लिया जिन्हें शब्दों में बांध पाना असंभव नहीं तो कठिन जरुर है | उन्होंने यह भी कहा कि तुलसी के रामचरितमानस को समाज एवं मानवता की व्याख्या कहना सर्वाधिक उचित है |
यह भी बता दें कि सम्मेलन के सचिव डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने इस अवसर पर मुख्यवक्ता सह अध्यक्ष नगर व्यापार मंडल योगेंद्र प्राणसुखका उर्फ लड्डू बाबू को कलम, अंगवस्त्रम एवं पाग देकर सम्मानित किया और कहा कि तुलसी विश्व साहित्य का अमूल्य धरोहर है | डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि तुलसी मर रही मानवता व टूट रहे समाज के लिए संजीवनी है |
समारोह के दूसरे सत्र में डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप के संयोजकत्व में तथा सुकवि परमेश्वरी प्रसाद मंडल दिवाकर, सत्यनारायण पोद्दार सत्य एवं भगवान चन्द्र विनोद की पुण्य स्मृति में एक कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें सुकवि राकेश द्विजराज, कुमारी विजयालक्ष्मी, डॉ.आलोक डॉ.अरविंद, उल्लास मुखर्जी, संतोष सिन्हा, राजू भैया,डॉ. इन्द्र नारायण यादव, प्रो.मणिभूषण वर्मा, प्रो.ऐन.के. निराला, डॉ.अरुण कुमार फर्जी कवि, विकास कुमार, दशरथ प्रसाद सिंह आदि ने अपनी प्रतिनिधि कविताओं से दर्शकों को देर तक बांधे रखा | हास्य कवियों ने खूब हंसाया भी |
समारोह में साहित्यनुरागी रघुनाथ यादव, शिवजी साह, डॉ.हरिनंदन यादव, प्राण मोहन, उपेन्द्र प्रसाद यादव, पारो बाबू, वरुण कुमार वर्मा, मंजू कुमार सोरेन, आनंद कुमार आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे | तुलसी पब्लिक स्कूल के निदेशक एवं कौशिकी के उपसचिव श्यामल कुमार सुमित्र के स्वागत सत्कार एवं आतिथ्य के बाबत किसी तरह की कमी नहीं रहने दी गई | अन्त में सचिव ने धन्यवाद ज्ञापित किया |

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समाजसुधारक, राष्ट्रभक्त व शिक्षाशास्त्री रासबिहारी लाल मंडल से मधेपुरा गौरवान्वित !

रासबिहारी उच्च माध्यमिक विद्यालय के बैनर तले उसी के सभागार में राष्ट्रभक्त रासबिहारी जैसी शख्सियत की 98वी पुण्यतिथि समारोह पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनायी गयी जिसमें ‘आवाज़’ की भूमिका प्रशंसनीय रही |

समारोह के उदघाटनकर्ता बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर ने इस अवसर पर कहा कि रासबिहारी बाबू अपनी मिट्टी के लिए सदा संघर्ष करते रहे, शिक्षा के लिए आजीवन अलख जगाते रहे तथा स्वाधीनता आंदोलन में रवीन्द्र नाथ टैगोर, मो.मजहरुल हक एवं गोखले के साथ कार्य करते रहें | मंत्री ने कहा कि ऐसी शख्सियत की जीवनी को बच्चों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए |

यह भी बता दें कि जहां पुण्यतिथि समारोह को संबोधित करते हुए जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी एवं विद्यालय की प्रधानाचार्या रंजना कुमारी ने कहा कि रासबिहारी बाबू शिक्षा के उन्नयन हेतु किये गये कार्यों के लिए सदा याद किये जाते रहेंगे वहीं विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष वह समारोह की अध्यक्षता कर रहे डॉ.सुलेंद्र कुमार एवं विद्यालय के सदस्य रह चुके प्रो.प्रभाष चंद्र एवं डॉ.ए.के.मंडल ने पारिवारिक सदस्य होने के कारण कुछ रोचक पारिवारिक चर्चाएं की |

जहां एस.डी.एम. संजय कुमार निराला ने अपने संबोधन में कहा कि मधेपुरा की धरती ने समय-समय पर ऐसी विभूतियों को जन्म दिया जिन्होंने अपने समय का इतिहास रच डाला- जिनमें अव्वल थे रासबिहारी बाबू, वहीं प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर यादव, अवकाश प्राप्त शिक्षक राजेंद्र प्रसाद यादव एवं प्रभारी प्राचार्य डॉ.सुरेश भूषण ने उनके सामाजिक परिवर्तन की दिशा में किये गये कार्यो की चर्चाएं की |

अंतिम वक्ता के रूप में समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने संबोधित करते हुए कहा कि रासबिहारी बाबू ने अपने ननिहाल “रानीपट्टी” में नानाश्री के घर जन्म लिया था और काशी-वाराणसी की पुण्य भूमि पर अंतिम सांस ली थी | जनजीवन के कल्याण हेतु उन्होंने सारा जीवन लगा दिया | लोगों को दहेज नहीं लेने, फिजूलखर्ची पर रोक लगाने तथा केश-मुकदमों की जगह पंचायत के जरिये न्याय हासिल करने की सीख देते रहे | अंग्रेजों के दांत खट्टे करते रहे | “भारत माता का संदेश” पुस्तक लिखकर उन्होंने आजादी का बिगुल फूंका | वे आजीवन औरों के लिए जीते रहे | जो औरों के लिए जीता है वह कभी नहीं मरता | रासबिहारी बाबू भी कभी नहीं मरेंगे | डॉ.मधेपुरी ने सबों से आग्रह किया कि वे आज से कभी उनके नाम के आगे स्वर्गीय नहीं लिखेंगे और ना बोलेंगे |

यह भी बता दें कि समारोह का श्रीगणेश मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर, जिप अध्यक्षा, विद्यालय प्राचार्या तथा विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष आदि ने दीप प्रज्वलित कर किया | स्वागत गान संगीत शिक्षक उपेन्द्र प्रसाद यादव की टीम द्वारा प्रस्तुत किया गया | कबड्डी संघ के जिला सचिव अरुण कुमार की टीम को मेडल देकर तथा शहर में शांति व्यवस्था कायम रखने वाले विपीन कमांडो मोबाइल टीम के सदस्यों सहित जिला खेल प्रशिक्षक संत कुमार को मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर ने मोमेंटो-प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया |

इस अवसर पर रमेशचंद्र यादव, उपेंद्र प्रसाद यादव, चंद्रशेखर कुमार, मनमोहन यादव, बीरबल प्रसाद, रघुनाथ प्रसाद यादव, परमेश्वरी प्रसाद यादव आदि शहर के गणमान्य सहित छात्रों की अच्छी खासी उपस्थिति अंत तक रही | समापन भाषण के साथ प्राचार्या रंजना कुमारी ने सबों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया |

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मेडिकल पढ़ाई हेतु अपनी देह-दान करेंगे शिक्षक रमेश बाबू

समाजसुधारक व राष्ट्रभक्त रासबिहारी लाल मंडल के नाम वाले स्थानीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक रह चुके रमेश चन्द्र यादव उर्फ नागेन्द्र बाबू ने रासबिहारी बाबू के जीवन से सामाजिक सेवा की प्रेरणा पाकर एवं बंगाल के मुख्यमंत्री रहे ज्योति बसु के पदचिन्हों पर चलने का निर्णय लेकर ही मृत्यु के बाद अपना शव मधेपुरा के कर्पूरी मेडिकल कॉलेज अथवा भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के छात्रों की पढ़ाई के लिए दान देने का संकल्प लिया है |

ऐसा निर्णय लेने के पीछे रमेश बाबू की सोच से आम लोगों को अवगत कराने के लिए मधेपुरा अबतक को उन्होंने कहा कि चिकित्सा जगत के लिए मृत देह अमूल्य है | सिर्फ जनरल पढ़ाई लिखाई ही नहीं, आगे के शोध एवं जटिल ऑपरेशन में दिग्गज सर्जन्स के लिए भी यह देह रोशनी का काम कर कई जिन्दगियाँ बचाती हैं | भविष्य में भी देहदान ही बनाता रहेगा बेहतर डॉक्टर |

यह भी जानें कि उनके बड़े बेटे शिक्षक अशोक कुमार ने बताया कि उनका संपूर्ण परिवार पिताश्री के इस संकल्प को सम्मान के साथ सहमति प्रदान किया है | पुत्र अशोक ने यह भी कहा कि पिताश्री की मृत्यु के बाद या तो मधेपुरा के मेडिकल कालेज या भागलपुर मेडिकल कालेज के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई के लिए पिताश्री के शव को हस्तगत कराने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी |

बहरहाल शिक्षक रमेश चन्द्र यादव मधेपुरा नगर परिषद के वार्ड नंबर 14 के स्थाई निवासी हैं | हमेशा छात्रों के बीच लोकप्रिय रहे हैं तथा अंतर्कोष लुटाते रहे हैं | यूँ 2005 में ही सेवानिवृत्त होने के बावजूद आज भी छात्रों से घिरे रहते हैं |

यह भी जान लेना जरुरी है कि इस देह दान की बाबत रमेश बाबू ने बिहार के मुख्य सचिव, डीएम मधेपुरा तथा सिविल सर्जन मधेपुरा को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने हेतु आवेदन भी दिया है जिसमें उन्होंने यही भाव भरा है कि यदि उनकी मृत्यु के बाद मेडिकल छात्र-छात्राओं एवं शोधार्थियों के लिए उनकी देह का उपयोग हो तो सदैव उनकी आत्मा को महान दानवीर होने की अनुभूति होती रहेगी |

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राजयोग प्रशिक्षण केन्द्र मधेपुरा में मनी दादी प्रकाशमणी की 9वीं पुण्य-तिथि

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू के बैनर तले भारतीय संस्कृति एवं मानवीय मूल्यों को उजागर करने वाले तथा अनेक आध्यात्मिक रहस्यों को प्रकाश में लानेवाले इस कृष्णाष्टमी के दिन पुण्यात्मा दादी प्रकाशमणि की 9वीं स्मृति-दिवस को राजयोग प्रशिक्षण केंद्र, मधेपुरा द्वारा समारोह पूर्वक राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी की अध्यक्षता में मनाया गया |

इस अवसर पर मुख्य अतिथि समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने विशिष्ट अतिथियों- चैतन्य कुमार वर्मा, डॉ.गदाधर पांडेय. डॉ.अजय, अविनाश आशीष, डॉ.अभय कुमार, डॉ.एन.के.निराला, ओमप्रकाश सहित श्रेष्ठ व्यापारी दिनेश सर्राफ आदि की उपस्थिति में दीप प्रज्वलित कर दादी प्रकाशमणि की 9वी पुण्य-तिथि समारोह का उद्घाटन किया |

मौके पर श्रद्धा सिक्त भावनाओं के साथ श्रद्धालु नर-नारियों ने पुण्यात्मा दादी प्रकाशमणि के तैल-चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया और उनके आदर्शों को जीवन में शामिल करने का दृढ़ संकल्प भी लिया |

Dr.Madhepuri delivering speech
Dr.Madhepuri delivering Shradhanjali Speech at Rajyog Parikshan Kendra Madhepura .

यह भी बता दें कि इस उष्मीय संध्या में पसीने से भीगने के बावजूद भी आस्था एवं विश्वास से लबालब भरी आत्माएं सेवा केंद्र की संचालिका राजयोगिनी रंजू दीदी की निर्मल वाणी को ग्रहण करती रही | उन्होंने अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि त्याग और तपस्या की मूरत बनी दादी प्रकाशमणि द्वारा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय को संसार के पाचों महाद्वीपों में प्रकाशमय बनाकर पहुंचाने का काम किया गया | ऐसी अटूट, अटल एवं अथक सेवा के यू.एन.ओ.  द्वारा उन्हें 1985 में ही शांतिदूत पदक से सम्मानित किया गया |

इस अवसर पर मुख्यअतिथि डॉ.मधेपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि दादी प्रकाशमणि ममता, करुणा एवं मातृत्व शक्ति से इस कदर ओत-पोत रही कि हर श्रद्धालु नर-नारी द्वारा उन्हें स्मरण करते ही अपने अंदर नारी शक्ति की अनुभूति होने लगती है | डॉ.मधेपुरी ने कहा कि दुनिया में लोगों की चाहत क्या होती है ? प्रायः लोग यही चाहते हैं कि उन्हें शक्ति हो, विद्या हो और धन हो- जो आदिकाल से मातृशक्ति को ही उपलब्ध है | तभी तो दुर्गा-सरस्वती-लक्ष्मी की स्तुति…… या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रुपेण संसृता…… या फिर विद्या रूपेण संसृता…… अथवा लक्ष्मी रूपेण संसृता……. युग युग से चला आ रहा है | आपके सामने ताजा उदाहरण है- रियो ओलंपिक जहां भारत की दो बेटियों सिंधु एवं साक्षी ने हीं 125 करोड़ भारतवासियों की इज्जत बचाई जबकि हम सब मिलकर भी बेटियों की इज्जत नहीं बचा पाते हैं | आज बेटियों को बाजार से सब्जी भी लानी पड़ती है और ओलंपिक से मेडल भी | भारत की बेटी संतोष यादव को एवरेस्ट की चोटी पर भारतीय तिरंगा फहराने के लिए सारी शक्ति लगानी पड़ती है | कितनी विडंबना है कि तब भी समाज बेटियों को बोझ ही मानता आ रहा है |

अंत में सबों ने राधा-कृष्ण की जोड़ियों को मक्खन खिलाया और राजयोगिनी दीदी रंजू ने सबों को टीका लगाया | प्रसाद ग्रहण करने से पूर्व प्रजापिता को समर्पित किशोर ने सभी श्रद्धालुओं को धन्यवाद ज्ञापित किया |

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मधेपुरा जिला उत्साहपूर्वक मनाया बी.पी. मंडल राजकीय जयंती समारोह

25 अगस्त भारतीय इतिहास की महत्वपूर्ण तारीखों में शुमार होने लगा है | आज ही के दिन सोशल इंजीनियरिंग के वैज्ञानिक बी.पी.मंडल का जन्म काशी (उत्तर प्रदेश) की पवित्र धरती पर हुआ था | तब कौन जानता था कि यही बालक आगे चलकर मुरहो गांव के समाजसुधारक-क्रांतिवीर रासबिहारी लाल मंडल सरीखे योग्य पिता के योग्यतम पुत्र बनकर दुनिया में मुरहो-मधेपुरा को हर पल गौरवान्वित करता रहेगा |

मुरहो में आयोजित राजकीय जयंती समारोह-2016 के अवसर पर सर्वप्रथम समाधि स्थल पर माल्यार्पण के बाद बिहार सरकार के प्रतिनिधि मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर सहित उपस्थित जन प्रतिनिधियों पूर्व मंत्री व विधायक नरेंद्र नारायण यादव, विधायक प्रो.रमेश ऋषिदेव, विधायक निरंजन मेहता, पूर्व विधायक ओम बाबू, विजय कुमार वर्मा, जिप अध्यक्ष मंजू देवी सहित अन्य उपस्थित मान्यजनों का अभिनंदन करते हुए अध्यक्षता कर रहे जिलाधिकारी मो.सोहैल ने कहा कि पिछड़ों के लिए मक्का और मंदिर है मुरहो | साथ ही यह भी घोषणा की डायनेमिक डी.एम.  मो.सोहैल ने कि मधेपुरा के निर्माणाधीन इंडोर स्टेडियम का नाम- बी.पी. मंडल इंडोर स्टेडियम होगा तथा मुरहो में बी.पी. मंडल संग्रहालय बनेगा |

Minister Prof.Chandrashekhar , DM Md.Sohail, SP Vikas Kumar , Samajsevi Dr.Madhepuri , Prof.S.K. Yadav and others enjoying the performances of small kids at B.P.Mandal Townhall , Shahid Chulhai Marg , Madhepura
Minister Prof.Chandrashekhar , DM Md.Sohail, SP Vikas Kumar , Samajsevi Dr.Madhepuri , Prof.S.K. Yadav and others enjoying the performances of small kids at B.P.Mandal Townhall , Shahid Chulhai Marg , Madhepura

यह भी बता दें कि राजकीय जयंती समारोह की अध्यक्षता कर रहे डी.एम. मो.सोहैल ने मुरहो एवं आस-पास के गांव से आये हुए नर-नारियों का गर्मजोशी से अभिनंदन करते हुए समारोह में उपस्थित समाजसेवी डॉ.मधेपुरी को बी.पी. मंडल साहब के संबंध में विस्तार से बोलने के लिए आमंत्रित किया-

और हुआ भी वैसा ही…. डॉ.मधेपुरी ने तमाम अनछुए पहलुओं को विस्तार से उजागर करते हुए उपस्थित बच्चों से बस यही कहा- इस संसार में प्रतिदिन अनगिनत बच्चे जन्म लेते हैं, लेकिन कुछ ही बच्चे ऐसे होते हैं जो अपने साहस भरे सतकर्मों के चलते दुनियावालों को मजबूर करते हैं कि वे उसे याद करें कि वह बच्चा किस दिन जन्म ग्रहण किया था ? कहां जन्मा था ? और देश व समाज के लिए क्या-क्या किया था उसने ? और अंत में अपने संबोधन में डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित जनसमूह से यही कहा कि अगडे-पिछडे के भेद को मिटाने वाले मंडल एवं मंडेला का नाम विश्व में सदैव गूंजता रहेगा |

Small kids performing on the eve of Krishnastmi too at B.P.Mandal Townhall
Small kids performing on the eve of Krishnastmi  at B.P.Mandal Townhall

आगे राजकीय जयंती समारोह के अध्यक्ष के  निर्देशानुसार मंच संचालन किया स्काउट एंड गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव ने | श्री यादव ने आरंभ में सर्वधर्म प्रार्थना के बाद बिहार सरकार के प्रतिनिधि मंत्री प्रो.चंद्रशेखर सहित उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, पार्टी अध्यक्षों एवं मान्यजनों को उद्गार व्यक्त करने हेतु आमंत्रित किया | माननीय मंत्री प्रो.चंद्रशेखर सहित सभी मान्यजनों ने लगभग-लगभग यही भावनाएं व्यक्त की कि युवाओं को बी.पी. मंडल के पदचिंहों पर चलने की जरुरत है | साथ चलने पर ही वे सारे सपने साकार होंगे जिसे मंडल साहब ने देखा था, फिलहाल मंडल पूरी तरह लागू होना बाकी है |

यह भी जानें कि समारोह को डॉ.शांति यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.अरुण कुमार मंडल, प्रमोद प्रभाकर, सियाराम यादव, देव किशोर यादव आदि ने भी संबोधित किया तथा मंडल आयोग की रिपोर्ट हु-ब-हु लागू करने पर ही विकास को गति मिलने की बातें कही | मौके पर एस.पी. विकास कुमार, डी.डी.सी. मिथलेश कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला, सी.एस. डॉ.गदाधर पांडे, डी.आई.ओ. बद्री नारायण मंडल, डी.पी.आर.ओ.कयूम अंसारी, बी.डी.ओ. दिवाकर कुमार सहित प्रो.विजेंद्र नारायण यादव, तेज नारायण यादव, अशोक चौधरी, मो.शौकत अली, राजीव जोशी, डॉ.आलोक कुमार, कामरेड रमण आदि प्रमुख रूप से समारोह में शामिल थे | सवेरे जिले के सभी स्कूली बच्चों द्वारा प्रभात फेरी निकाली गई | फिर मेराथन रेस मधेपुरा बी.पी. मंडल चौक से मुरहो बी.पी.मंडल स्मारक तक | सभी प्रतिभागी को समारोह की ओर से गंजी पर “बी.पी.मंडल राजकीय जयंती समारोह 2016” अंकित करा कर दिया गया था | चतुर्दिक बी.पी. मंडल साहब का कटआउट लगाया गया था | मुरहो पीएचसी शिविर में 400 मरीजों की जाँच हुई |

अंत में धन्यवाद ज्ञापन जिला परिषद उपाध्यक्ष रघुनंदन दास ने किया | स्वागत-सत्कार डॉ.अरुण कुमार मंडल द्वारा किया गया |

शाम में मधेपुरा के बी.पी.मंडल नगर भवन में स्कूली बच्चों एवं स्थानीय कलाकारों द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम का उद्घाटन मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर, विधायक प्रो.रमेश ऋषिदेव, डॉ.मधेपुरी, जिलाधिकारी मो.सोहैल, एस.पी.विकास कुमार एवं एएसपी राजेश कुमार आदि द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया | साथ ही मंत्री महोदय द्वारा मैराथन विजेताओं को ट्रकसूट देकर पुरस्कृत किया गया |

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खेल के माध्यम से याद किए गये  बी.पी.मंडल

25 अगस्त को पटना-मधेपुरा-मुरहो में वर्षों से बी.पी.मंडल की राजकीय जयंती मनाई जाती रही है, परन्तु इस बार मधेपुरा के डायनेमिक डी.एम. मो.सोहैल की अध्यक्षता में 24 अगस्त को भी मधेपुरा के भिन्न-भिन्न स्थानों पर भिन्न-भिन्न खेलों व भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से  बी.पी.मंडल को याद करते हुए प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पुरुष एवं महिला खिलाड़ियों को मेडल, कप व शिल्ड देकर पुरस्कृत किया गया समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं जिला नजारत उपसमाहर्ता मुकेश कुमार द्वारा |

दोनों वर्गों के चैंपियन खिलाड़ियों को जिलाधिकारी मो.सोहैल द्वारा चैंपियन ट्रॉफी दिया गया | इस अवसर को जहां अखबार नबीसों ने कैमरों में कैद किया वहीं दर्शकों एवं खिलाड़ियों की तालियों की गूंज से बी.एन.मंडल स्टेडियम हिल गया | लड़कियों का इटालियन साइकिल रेस दर्शकों को खूब भाया जिसे पहली बार खेलगुरु संत कुमार एवं अरुण कुमार द्वारा बी.पी. मंडल जयंती पर आयोजित किया गया था |

The President of B.P.Mandal Rajkiya Jayanti cum DM Madhepura Md.Sohail along with Dr.Bhupendra Madhepuri giving prizes and encouraging the girl players at BN Mandal Stadium Madhepura on 24th August 2016
The President of B.P.Mandal Rajkiya Jayanti cum DM Madhepura Md.Sohail along with Dr.Bhupendra Madhepuri giving prizes and encouraging the girl players at BN Mandal Stadium Madhepura on 24th August 2016

यह भी बता दें कि इस बार मधेपुरा को जिलाधिकारी मो.सोहैल द्वारा 24 अगस्त को ही बी.पी. मंडलमय कर दिया गया | बी.एन.मंडल स्टेडियम व कला भवन से लेकर शहीद चुल्हाय मार्ग स्थित बी.पी. मंडल नगर भवन में भी खेल ही खेल- कहीं शतरंज तो कहीं टेबल टेनिस, कहीं लड़कियों का भोलीबाल तो कहीं लड़कों का | कहीं स्कूली लड़कियों की दौड़ तो कहीं भाषण प्रतियोगिता…… कहीं कोच प्रदीप श्रीवास्तव तो कहीं रेफरी अनिल राज…… कहीं संचालक संजीव कुमार तो कहीं मंच संचालक अरुण कुमार…… और खेल को समर्पित संत कुमार की नजर तो सब तरफ समान रूप से |

Dr.Bhupendra Madhepuri after giving prizes to winner Riyanshi-Hansraj & Runner Riya and Ankit along with T.T. Coach Pradeep Shrivastava
Dr.Bhupendra Madhepuri after giving prizes to winner Riyanshi-Harshraj & Runner Riya and Ankit along with T.T. Coach Pradeep Shrivastava

यह भी जानें कि जहां बी.पी.मंडल नगर भवन में टेबल टेनिस को समर्पित प्रदीप श्रीवास्तव की उपस्थिति में लड़कियों के सिंगल में विनर के रूप में रियांशी और रनर के रूप में रिया को तथा लड़कों के सिंगल के विनर हर्षराज एवं रनर अंकित को डॉ.मधेपुरी ने कप देकर पुरस्कृत किया वही बी.एन.मंडल स्टेडियम में संजीव कुमार की देखरेख में लड़कियों के शतरंज में विजेता बनी केशव कन्या की जयश्री को और दूसरे नंबर पर बनी रहने वाली जूही कुमारी (पी.एस.कॉलेज) को भी डॉ.मधेपुरी ने कप देकर हौसला बढ़ाया | सभी विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार से नवाजा गया |

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पी.जी. परीक्षाएं शुरु होंगी अगस्त के अंतिम सप्ताह में

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर 2015 के सभी विषयों की परीक्षाएं अगस्त 2016 के अंतिम सप्ताह में शुरू होने जा रही है |

यह  भी जान लें कि पी.जी. प्रीवियस-2015 एवं पी.जी. फाइनल-2015 की परीक्षाएं 29 अगस्त 2016 से आरम्भ होंगी जबकि पी.जी. सेमेस्टर की परीक्षाएं 26 अगस्त 2016 से ही आरम्भ होगी |

यहाँ यह भी बता दें कि विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग द्वारा केवल 2 केंद्रों पर ही परीक्षाएं ली जाएंगी | कोसी प्रमंडल के सभी पी.जी. छात्रों के लिए भूपेन्द्र नारायण मंडल वाणिज्य महाविद्यालय (बी.एन.एम.वी. सहुगढ़ मधेपुरा) को केंद्र बनाया गया है वहीं पूर्णिया प्रमंडल के सभी पी.जी. छात्रों के लिए एम.एल. कॉलेज, कसबा पूर्णिया को केंद्र बनाया गया है |

यह भी जान लें कि पी.जी. सेमेस्टर की परीक्षाएं भी 26 अगस्त से इन्हीं दोनों केंद्रों पर उसी अनुरूप आरंभ होगी यानी कोसी के परीक्षार्थी बी.एन.एम.वी. कालेज केंद्र पर और पूर्णिया प्रमंडल के परीक्षार्थी एम.एल. कालेज कसबा केंद्र पर परीक्षा देंगे |

विशेष जानकारी के लिए परीक्षा विभाग से संपर्क करेंगे |

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इंटर स्कूल स्पेलिंग बी. प्रतियोगिता में 100 प्रतिभागी हुए पुरस्कृत

पार्वती विज्ञान कॉलेज सभा कक्ष में स्पेलिंग बी. एसोसिएशन के बैनर तले तृतीय स्पेलिंग स्पर्धा में लगभग सौ सफल प्रतिभागियों को एसोसिएशन के संरक्षक व समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं अध्यक्ष सह कुलानुशासक डॉ.बी.एन.विवेका ने अपने संबोधन में जमकर प्रोत्साहित किया तथा पुरस्कार के रूप में मेडल-कप व प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित भी किया |

समारोह की अध्यक्षता कर रहे डॉ.विश्वनाथ विवेका, दमयंती-शत्रुघन एकेडमी के प्राचार्य अरुण कुमार सिंह तथा हॉली क्रास स्कूल के सचिव गजेंद्र कुमार को प्रिय शिष्य बताते हुए डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित प्रतिभागियों से भरे सभा-भवन में भारतरत्न डॉ.कलाम की चर्चा करते हुए बच्चों को खूब प्रोत्साहित किया | उन्होंने एसोसिएशन के सचिव सावंत कुमार रवि, कोषाध्यक्ष सोनीराज सहित संचालक मंडली के अन्य सभी सदस्यों को हृदय से साधुवाद दिया व सम्मानित किया |

Patron Dr.Bhupendra Madhepuri giving medal-momento and certificate to 'Naisa' from Little Bird School, Shahid Chulhai Marg, Madhepura.
Patron Dr.Bhupendra Madhepuri giving medal-momento and certificate to ‘Naisa’ from Little Bird School, Shahid Chulhai Marg, Madhepura.

यह भी बता दें कि कार्यक्रम को सहयोग देकर शानदार बनाने वाले राज इन्फोटेक के श्याम जी, एम.सी.ए. के अध्यक्ष प्रशांत कुमार, टी.भी.एस. के पुष्पेंद्र कुमार, सोनी पुस्तक के कुंदन जी., ऑटोजोन के मौनी सिंह एवं सैफ्टी जोन के सद्दाम साहब सहित विनोद कुमार,पत्रकार संजय परमार आदि को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सम्मानित किया संरक्षक डॉ.मधेपुरी एवं अध्यक्ष डॉ.विवेका आदि ने |

उद्घाटन भाषण में डॉ.मधेपुरी ने प्रतिभाओं को प्रेरित करनेवाले प्रसंगों की चर्चा करते हुए कहा कि बच्चों में प्रतियोगिता की भावना जगाना जरूरी है | उन्होंने भारत की बेटियाँ सिंधु एवं साक्षी सहित मधेपुरा की बेटियों सोनीराज-प्रियांशी-पायल की चर्चा करते हुए कहा कि आज बाजार से सब्जी लाने एवं ओलंपिक से मेडल लाने हेतु बेटियों को ही जाना पड़ता है |

यह भी जानें कि मधेपुरा के पूर्व एसपी कुमार आशीष (वर्तमान एसपी नालंदा) ने कन्फेरेंसिंग के जरिये समारोह में उपस्थित बच्चों एवं उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं दी, जिसमें तीस स्कूलों के बच्चों ने भाग लिया था | डी.एस एकेडमी के ‘प्रशान्त’ एवं लिटल वर्ड्स की ‘नायसा’ को सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार प्राप्त हुआ | उपस्थित सभी सहयोगियों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया….. और……

Chief Editor - Kosi Times , Advocate , Aakashvani and TV Channel Reporter and Social Activist - Dr.Devashish Bose is no more. He left the world leaving Old Mother Shaifalee Bose , Wife Sapna Bose and Daughter Mehul Bose.
Chief Editor – Kosi Times , Advocate , Aakashvani and TV Channel Reporter and Social Activist – Dr.Devashish Bose is no more. He left the world leaving Old Mother Shaifalee Bose , Wife Sapna Bose and Daughter Mehul Bose.

अंत में डॉ.मधेपुरी द्वारा अपने संघर्षशील पड़ोसी, आकाशवाणी संवाददाता, अधिवक्ता एवं कोसी टाइम्स के प्रधान संपादक डॉ.देवाशीष बोस के आकस्मिक निधन की जानकारी देते हुए समारोह में उपस्थित सभी जनों को उनकी आत्मा की शांति हेतु दो मिनट के मौन के लिए आग्रह किया गया और मिनट-दो-मिनट के संवेदनशील मौन के साथ सभा समाप्ति की घोषणा कर दी गई |

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अनोखे रक्षाबंधन का साक्षी बना मधेपुरा

कोई महामानव इस धरती पर शोर मचाकर नहीं आता। वो बड़ी खामोशी से अपना काम करता है और चला जाता है। उसके जाने के बाद मानव-जाति को ये एहसास होता है कि वो अपने समय और समाज की दशा और दिशा बदल कर गया है। कुछ ऐसा ही कहा जा सकता है इस धरती पर डेढ़ सौ वर्ष  पूर्व अवतरित होने वाले लेखराज खूबचन्द कृपलानी के बारे में। इस महामानव ने माउंटआबू में प्रजापिता ब्रह्माबाबा का रूप लेकर ‘प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय’ की स्थापना की। आज इस विश्वविद्यालय की शाखाएं दुनिया के 135 देशों में हैं और करोड़ों श्रद्धालुओं के मन और मस्तिष्क को ईश्वरीय ज्ञान और वरदान से सींच रही है।

मधेपुरा शाखा की ब्रह्माकुमारी रंजु दीदी उसी महामानव के कार्यों को विस्तार देने के निमित्त समर्पित हैं। इसी क्रम में रक्षाबंधन पर्व को अपने पुनीत उद्देश्य का माध्यम बनाते हुए उन्होंने ब्रह्मा बाबा में आस्था, श्रद्धा एवं विश्वास रखने वाले भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, उनका तिलक किया और ‘ओमशांति’ का उद्घोष करते हुए सबका मुँह मीठा किया।

Brahmakumari Ranju Didi tying Rakhi to Dr. Madhepuri .
Brahmakumari Ranju Didi tying Rakhi to Dr. Madhepuri .

बता दें कि इस अनोखे रक्षाबंधन के अवसर पर समाजसेवी साहित्यकार डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी, पूर्व प्राचार्य श्यामल किशोर यादव, घैलाढ़ प्रखंड के पूर्व प्रमुख विनयवर्द्धन उर्फ खोखा बाबू, सदर अस्पताल के सीएस डॉ. गदाधर पांडेय, प्रमुख व्यापारी दिनेश सर्राफ, सहयोगी ओम प्रकाश एवं दिनेश प्रसाद यादव आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

कार्यक्रम का श्रीगणेश दीप प्रज्वलित कर किया गया। फिर ब्रह्माकुमारी रंजु दीदी ने डॉ. मधेपुरी को तिलक कर उन्हें राखी बांधी और उनका मुँह मीठा किया। इस अनोखे पल ने मानो भाई-बहन के वैश्विक रिश्ते को अमरत्व प्रदान कर दिया हो। डॉ. मधेपुरी ने इस पल को स्वामी विवेकानंद से जोड़ते हुए कहा कि उस महापुरुष ने भी तो अमेरिका के अपने इतिहारृसप्रसिद्ध संबोधन की शुरुआत “लेडीज एंड जेंटलमैन” की जगह “ब्रदर्स एंड सिस्टर्स” से की थी। एक तरह से यह उन विचारों पर मुहर ही तो थी जिसकी नींव महामानव कृपलानी ने रखी थी।

अंत में “मधेपुरा अबतक” से बात करते हुए डॉ. मधेपुरी ने कहा कि अगर रक्षाबंधन को ऐसा ही विस्तार मिलता रहा तो ये धरती सचमुच रहने लायक बन जाएगी, जिसकी चिन्ता करते हुए महामानव डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम यहाँ से कूच कर गए थे।

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स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन

इंग्लिश स्टडी सेंटर एवं लाइफ साइंस क्लासेज द्वारा मधेपुरा कॉलेज के विशाल सभा भवन में प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार की अध्यक्षता में 70 वां स्वतंत्रता दिवस समारोह को सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए जानदार एवं शानदार बनाने की पुरजोर कोशिश की गईं |
इस अवसर पर उद्घाटनकर्ता के रुप में हिन्दी व अंग्रेजी साहित्य के मर्मज्ञ, बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि, पूर्व सांसद ने दोनों भाषाओं में विस्तार से प्रकाश डालते हुए आजादी एवं इंग्लिश स्टडी सेंटर की प्रशंसा की | उन्होंने शहीदों एवं सेनानियों की विस्तार से चर्चाएं की |
यह भी बता दें कि मुख्य अतिथि के रुप में बी.एन.एम.यू. के पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने आजादी के लिए अंग्रेजों द्वारा 15 अगस्त चुनने के बाबत कहा कि अंग्रेज चाहते थे कि 1948 में भारत को आजादी दी जाय लेकिन बापू के सत्य एवं अहिंसा ने अंग्रेजो को इस कदर मजबूर कर दिया कि ब्रिटिश सरकार ने मित्र देश जापान के द्वितीय समर्पण वर्षगांठ यानी 15 अगस्त 1947 को ही हमें आजाद कर दिया | ज्ञातव्य हो कि जापान ने 15 अगस्त 1945 को दक्षिण कोरिया को आजादी दी थी |
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि प्रो.श्यामल किशोर यादव प्रो.विज्ञानानंद सिंह एवं डॉ.आलोक कुमार, मो.मुस्ताक सहित निदेशक सत्य प्रकाश व ओम प्रकाश ने अपने संबोधन में इंग्लिश स्टडी सेंटर एवं साइंस क्लासेज की कामयाबी के साथ-साथ आजादी के जश्न की जमकर चर्चाएं की |
आरंभ में बच्चों ने अतिथियों को स्वागतगान से एवं बुके देकर सम्मानित किया और अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया | अंत में बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रमों द्वारा 70 वां स्वतंत्रता दिवस को यादगार बनाने की भरपूर चेष्टा की | गीत-संगीत एवं नाटक का निर्देशन विकास कुमार ने किया |

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