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मधेपुरा में अब इंग्लिश के साथ हिन्दी स्पेलिंग बी.चैंपियनशिप भी !

स्पेलिंग बी.चैंपियनशिप (Spelling Bee Championship) के बैनर तले आरंभ में केवल इंग्लिश में लेकिन अब (पूर्व में यहां के आरक्षी अधीक्षक रहे कुमार आशीष के विशेष आग्रह पर) हिन्दी में भी जिले के सभी स्कूलों के 1 से 10 वर्ग तक के 6 ग्रुपों- किडोस-1, किडोस-2, सब जूनियर (वर्ग 3 & 4), जूनियर (वर्ग 5 & 6), सीनियर (वर्ग 7 & 8) एवं सुपर सीनियर (वर्ग 9 & 10) के स्कूली बच्चों के बीच द्वितीय अंतर विद्यालय हिन्दी शब्द स्पर्धा दिसंबर माह में आयोजित किया गया था जिसमें 625 प्रतियोगी बच्चे शरीक हुए थे |

Dr.Madhepuri encouraging the kids in the final exam of Hindi Spelling Bee Championship 2016 at the campus of Samidha Groups , Madhepura
Dr.Madhepuri encouraging the kids in the final exam of Hindi Spelling Bee Championship 2016 at the campus of Samidha Groups , Madhepura.

बता दें कि आयोजन समिति के सचिव सावंत कुमार रवि, सोनी राज, अमित कुमार अंशु आदि ने दिनांक 8 जनवरी 2017 का स्थानीय समिधा ग्रुप ( Samidha Group ) के सभा भवन में 625 में से चयनित 60 प्रतियोगी बच्चे-बच्चियों की फाइनल लिखित व मौखिक परीक्षाएं ली | जांचोपरांत छहों ग्रुपों में से प्रत्येक ग्रुप के 10 में से 3- प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किये गये 18 प्रतिभागियों को विशेष रुप से पुरस्कृत किये जायेंगे तथा शेष 42 प्रतिभागियों को इस “हिन्दी स्पेलिंग बी.चैंपियनशिप” में सम्मिलित होने के उपलक्ष में आयोजित समारोह में “Participation Certificate” प्रदान किये जायेंगे |

Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri & Sawant Ravi amidst the Hindi Spelling Bee Kids at Samidha Groups Hall
Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri & Sawant Ravi amidst the Hindi Spelling Bee Kids at Samidha Groups Hall.

पुरस्कार वितरण समारोह के उद्घाटनकर्ता होंगे एसपी विकास कुमार (भारतीय पुलिस सेवा) एवं मुख्य अतिथि होंगे समाजसेवी व संरक्षक डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं अध्यक्षता करेंगे Bhupendra Narayan Mandal University (BNMU) के कुलानुशासक डॉ.विश्वनाथ विवेका | समय एवं तारीख की जानकारी कार्यालय कार्यकाल में दे दी जाय |

यह भी बता दें कि परीक्षा समाप्ति के बाद संस्थान के संरक्षक Dr.Madhepuri ने बच्चों के बीच आकर अपनी पुस्तक- “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” (Small Aim is a Crime) के कुछ उद्धरणों से उपस्थित बच्चों को रू-ब-रू कराते हुए अंत में गाँधीयन मिसाइल मेन (Missile Man of India) Dr.APJ Abdul Kalam के पूरे नाम की जानकारी दी तथा विभिन्न नामों के बीच रिश्तों-संबंधों के बारे में रोचक ढंग से पूछताछ भी की तथा यह कहते हुए हौसला अफजाई भी किया- सफलता के लिए कठिन परिश्रम करना पड़ता है, ऊंचाई पाने के लिए पढ़ना पड़ता है तथा सूरज की तरह चमकने के लिए सूरज की तरह जलना पड़ता है |

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मधेपुरा में त्रिदिवसीय भारत लोक रंग महोत्सव आयोजित

भारत सरकार के कला-संस्कृति विभाग के पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र कोलकाता द्वारा मधेपुरा में त्रिदिवसीय “भारत लोकरंग महोत्सव” का आयोजन शहीद चुल्हाय मार्ग स्थित बी.पी. मंडल टाउन हॉल में 4-6 जनवरी 2017 तक महेन्द्र कुमार एवं सुभाष चंद्र की पूरी टीम के सहयोग से किया गया |

यह भी बता दें कि जहाँ पटना में गुरु गोविंद सिंह के 350वें प्रकाश-पर्व पर पीएम नरेंद्र मोदी ने दिल खोलकर सीएम नीतीश कुमार की सराहना की वहीं मधेपुरा में एसपी विकास कुमार, डी.डी.सी मिथिलेश कुमार एवं समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी सहित श्यामल किशोर यादव, वार्ड पार्षद श्वेत कमल उर्फ़ बउवाजी ने दीप प्रज्वलित कर आयोजन का शुभारंभ किया तथा उड़ीसा, महाराष्ट्र एवं असम-बिहार आदि से आये संस्कृति प्रेमी पुरुष व महिला कलाकारों के प्रदर्शन की जमकर तारीफ की |

Artists from Rajasthan performing in Bharat Lok Rang Mahotasav at BP Mandal Nagar Bhavan, Madhepura
Artists from Rajasthan performing in Bharat Lok Rang Mahotasav at BP Mandal Nagar Bhavan, Madhepura

इस अवसर पर जहाँ डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार एवं आरक्षी अधीक्षक विकास कुमार ने भारतीय कला एवं संस्कृति को ऊंचाई देने एवं अक्षुण्ण रखने के लिए लोकरंग महोत्सव की आवश्यकता पर बल दिया वहीँ समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया |

Marathi Artis Performing Lavani Dance in Bharat Lok Rang Mahotasav at BP Mandal Town Hall, Shahid Chulhaye Marg , Madhepura.
Marathi Artis Performing Lavani Dance in Bharat Lok Rang Mahotasav at BP Mandal Town Hall, Shahid Chulhaye Marg , Madhepura.

जहाँ पहले दिन उड़ीसा के डॉ.बी.साहू ने मुगल तमाशा पर विस्तार से प्रकाश डाला वहीं दूसरे दिन महाराष्ट्र से मंचीय महारत प्राप्त देवानंद ने अपनी सजी-सजायी हुई टीम के साथ नृत्य की धड़कन से श्रोताओं में कंपन पैदा करने में सौ फीसदी कामयाबी हासिल की | पुरानी लोक गाथा पर आधारित ‘तमाशा’ की बेहतरीन एवं रंगीन प्रस्तुति कर खूब बाहवाही लूटी |

अंतिम दिन भी कला संस्कृति को समर्पित महेन्द्र कुमार एवं सुभाष चंद्र आदि ने असाम-बिहार के अंतर्राष्ट्रीय कला-संस्कृति से एक दूसरे को आपस में जोड़ते हुए कहा कि लघुनाटक, नृत्य, गीत-संगीत सहित विलुप्त हो रहे कला-संस्कृति को पुनर्जीवित एवं पुर्नर्स्थापिक करने में पूर्व क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र एवं उसके निदेशक डॉ.ओम प्रकाश भारती समर्पित होकर इस दिशा में काम कर रहे हैं |

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यूपी समेत पाँच राज्यों में चुनाव की रणभेरी, परिणाम 11 मार्च को

चुनाव आयोग ने पाँच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी है। उत्तर प्रदेश में 11 फरवरी से 4 मार्च के बीच कुल सात चरणों में चुनाव होंगे। पंजाब और गोवा में चुनाव की तारीख 4 फरवरी और उत्तराखंड में 15 फरवरी निश्चित की गई है, जबकि मणिपुर में दो चरणों में 4 और 8 मार्च को चुनाव होंगे। सभी राज्यों में मतों की गिनती 11 मार्च को होगी।

सबसे पहले बात राजनीतिक रूप से सर्वाधिक महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश की। उत्तर प्रदेश की 403 सीटों के लिए सात चरणों में चुनाव होंगे। 11 फरवरी को पश्चिमी यूपी के 15 जिलों की 73 सीटों पर मतदान होगा। दूसरे दौर में 15 फरवरी को उत्तराखंड से लगे जिलों की 67 सीटों पर चुनाव होंगे। तीसरे दौर में 12 जिलों की 69 सीटों पर 19 फरवरी को मतदान होगा। पुन: चौथे दौर में 12 जिलों की 35 सीटों पर चुनाव होंगे। पाँचवें चरण में 11 जिलों की 52 सीटों पर 27 फरवरी को चुनाव होंगे। छठे चरण में 7 जिलों की 49 सीटों पर 4 मार्च को मतदान होगा। सातवें और अंतिम चरण में पूर्वांचल के 7 जिलों की 40 सीटों पर 8 मार्च को चुनाव होंगे। वर्तमान में यूपी की 403 सीटों में 224 सपा, 80 बसपा, 47 भाजपा, 28 कांग्रेस, 14 निर्दलीय और 14 सीटें अन्य छोटे दलों के पास हैं।

पंजाब में 4 फरवरी को चुनाव होंगे। वहाँ कुल 117 सीटें हैं। वर्तमान में इनमें से 54 सीटें शिरोमणि अकाली दल, 12 भाजपा, 26 कांग्रेस और 6 निर्दलीय के पास हैं। गोवा की 40 सीटों के लिए भी 4 फरवरी को ही चुनाव होने हैं। वर्तमान में इन 40 सीटों में 21 भाजपा, 9 कांग्रेस, 5 निर्दलीय, 3 महाराष्ट्र गोमांतक पार्टी और 2 गोवा विकास पार्टी के पास हैं।

उत्तराखंड में 15 फरवरी को चुनाव होने हैं। वहाँ कुल 70 सीटें हैं। वर्तमान में इनमें 32 कांग्रेस, 31 भाजपा, 3 बसपा, 3 निर्दलीय और 1 सीट उत्तराखंड क्रांति दल के पास है। उधर मणिपुर की 60 विधानसभा सीटों में से 38 पर 4 मार्च को और शेष 2 सीटों पर 8 मार्च को चुनाव होंगे।

दिल्ली स्थित निर्वाचन आयोग में चुनाव कार्यक्रम का ऐलान करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त नसीम जैदी ने कहा कि इन चुनावों में पहली बार ईवीएम पर उम्मीदवारों के नामों के साथ उनकी तस्वीरें भी लगी होंगी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में उम्मीदवारों के खर्च की सीमा 28 लाख रखी गई है, जबकि मणिपुर और गोवा में यह सीमा 20 लाख की होगी। कहने की जरूरत नहीं कि चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही पाँचों राज्यों में आचार संहिता लागू हो गई है। अब केन्द्र या राज्य सरकार इन राज्यों के लिए किसी स्कीम आदि की घोषणा नहीं कर सकती।

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देश की तरक्की के लिए युवा आगे बढ़ें- डॉ. मधेपुरी

भाग-दौड़ भरी जिंदगी के गुजरे वर्षों में साहुगढ़ गांव के एक सेवानिवृत सैनिक दिलीप यादव देश की सेवा करते-करते अब सामाजिक सेवा भी नायाब तरीके से कर लिया करते हैं | विगत 3 वर्षों से जयपालपट्टी चौक पर राधाकृष्ण स्वीट्स कॉर्नर चलाने वाले सैनिक दिलीप यादव अपने आस-पास से दुकान पर आनेवाले युवाओं पर नजर रखते हैं | उनमें देश प्रेम एवं सामाजिक सद्भाव की भावनाओं को परखते हैं | आचरण, विचार एवं व्यवहार में स्वयं को सर्वश्रेष्ठ साबित करनेवाले एक युवा को प्रतिवर्ष समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी द्वारा सम्मानित करवाते हैं |

इस वर्ष भी जब लोग एक-दूसरे को नये वर्ष की शुभकामनाएं प्रेषित कर रहे होते हैं तभी सेवानिवृत्त सैनिक दिलीप यादव की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाजसेवी शिक्षाविद डॉ.मधेपुरी के कर कमलों द्वारा, सैनिक श्री यादव के मापदंडों पर खड़ा उतरनेवाले, युवाश्री कक्कू कुमार को पुरस्कृत किया जा रहा होता है |

इस अवसर पर शिक्षाविद प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.अरुण कुमार एवं वार्ड पार्षद ध्यानी यादव आदि की उपस्थिति में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि एक सैनिक द्वारा देश सेवा के बाद इस तरह समाजसेवा करते रहना निश्चय ही अनुकरणीय ही नहीं बल्कि सर्वाधिक प्रशंसनीय कार्य है | इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन करना शहर के लिए अच्छी बात है | उन्होंने कहा कि अपसंस्कृतिवाद की चपेट में आकर युवावर्ग भटकाव की स्थिति में आ गया है- जिससे समाज कमजोर होता जा रहा है | अंत में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि देश की तरक्की के लिए युवा वर्ग को आगे आना होगा |

यह भी कि प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.अरुण कुमार एवं लोकप्रिय वार्ड पार्षद ध्यानी यादव ने अपने संबोधनों में यही कहा कि उपयोगी होने के बावजूद मोबाइल एवं कंप्यूटर के गलत इस्तेमाल से युवावर्ग द्वारा देश की तरक्की के लिए मिलनेवाली शक्ति कमजोर पड़ रही है | सबों ने बेहतर कल के लिए इस तरह के कार्यक्रमों की सराहना की | मौके पर प्रो.हरेकृष्ण यादव, पारो यादव, आनंद अग्रवाल, सीताराम यादव, शंभू यादव, ललन यादव, गजेंद्र-अभिषेक-श्रवण, सिंटू, विक्की आदि की उपस्थिति में वार्ड नंबर 18 के एक युवा कुणाल राज को भी विशेषरूप से सम्मानित किया गया |

                        (साभार दैनिक जागरण)

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मेहनतकशों की पीड़ा को महसूसता रहा दुष्यन्त !

किसान संसद के अध्यक्ष आद्यानंद यादव एवं सचिव शंभू शरण भारतीय द्वारा गजलकार दुष्यंत कुमार की पुण्यतिथि समारोह डी.आर.डी.ए. के झल्लू बाबू सभागार में आयोजित किया गया जिसका शुभारंभ तो किया डीडीसी मिथिलेश कुमार ने परंतु मुख्य अतिथि के रुप में डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, रुपेश रूपक, शम्भू नाथ अरुणाभ, ध्रुव नारायण सिंह राई, डॉ.विश्वनाथ सर्राफ, अभिनंदन मंडल, सियाराम मयंक, ई.हरिश्चंद्र मंडल सहित सभी कवियों की कविताओं एवं गज़लों में दलितों शोषितों और मेहनतकश किसानों की आहत भावनाओं की स्पष्ट झलक अंत तक देखने को मिलती रही |

मौके पर जिला आदिवासी कला केंद्र के संस्थापक संजय कुमार सहित भित्ति चित्रकला को कागज एवं कैनवास पर करीने से अंकित करने की मुहिम में जुटे रेखा टुडू, अनीता मुर्मू, चांदमुनी मुर्मू, सुनिता हांसदा, सूरजमुनी सोरेन, खुशबू बास्की, सुनीता मरांडी, सुनीता हसदा एवं सुनीता बास्की की पेंटिंग की सराहना की गयी तथा डीडीसी मिथलेश कुमार द्वारा अंगवस्त्रम एवं नगद राशि भेंटकर उन्हें सम्मानित किया गया |

यह भी बता दें कि एस.सी.ई.आर.टी. के- कला समेकित अधिगम शिक्षण प्रणाली में जिला प्रतिनिधि सुजीत कुमार सिंह, औषधीय किसान रामदेव रमण सहित आनंद कुमार, उमेश कुमार, भारती कुमारी, डॉ.सुरेश भूषण, मधुमाला भारतीय, श्वेता शरण भारतीय, दीपशिखा भारतीय, गोलू कुमार, वशिष्ठ कुमार, सोनू कुमार सुमन सहित दर्जनों दर्शकों की उपस्थिति में जहां अभिनंदन मंडल और डॉ.विश्वनाथ सर्राफ के गीत-गजल तालियां बटोरती रहीं वहीं सचिव शंभू शरण भारतीय एवं उनके गुरु डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की गजलें सुधी श्रोताओं को गम्भीर चिंतन की गहराई में उतारती रही ।

काफी देर तक चले इस कार्यक्रम की अध्यक्षता जहां किसान संसद के अध्यक्ष आद्यानंद ने की, वहीं संचालन सचिव शंभू शरण भारतीय तथा धन्यवाद ज्ञापन रामदेव रमण ने किया |

 

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बी.एन. मंडल स्टेडियम में प्रदर्शनी व डिजनीलैंड मेला

जिला मुख्यालय स्थित बी.एन. मंडल स्टेडियम में विशाल प्रदर्शनी सह डिजनीलैंड मेला का उद्घाटन एएसपी राजेश कुमार एवं एसडीएम संजय कुमार निराला ने किया । डिजनीलैंड मेला 18 जनवरी तक आयोजित की जायेगी |डिजनीलैंड मेला सह हस्तशिल्प प्रदर्शनी में यूपी, महाराष्ट्र, त्रिपुरा, असम, राजस्थान, पश्चिम बंगाल के हैंडीक्राफ्ट के उत्पाद का स्टॉल लगाया गया है ।

यह भी बता दें कि सहारनपुर के हैंडीक्राफ्ट, असम का बम्बू हस्तशिल्प, यूपी के कारपेट व गलीचा, पश्चिम बंगाल के जूट के उत्पाद व आर्टिफिशियल ज्वेलरी, मुंबई के मशहूर अत्याधुनिक उत्पाद मेले का आकर्षण का केंद्र बिंदु होगा ।

इस आशय की जानकारी देते हुए मधेपुरा अबतक को डिजनीलैंड के प्रबंधक रंजीत साहा ने बताया कि मधेपुरा शहर में पहली बार इस तरह के मेले का आयोजन किया जा रहा है । इसमें देश के विभिन्न राज्यों के उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है ।

डिजनीलैंड मेला में खाने-पीने के विभिन्न प्रकार स्टॉल लगाए गए हैं । वही दो दर्जन से अधिक प्रकार के झूले भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगा । प्रदर्शनी सह डिजनीलैंड मेला के प्रबंधक ने बताया कि दिन के 2:00 बजे से रात के 8:00 बजे तक मेला का संचालन होगा ।

अंत में जहाँ एसडीएम संजय कुमार निराला ने दर्शकों से यही कहा कि मेला सामाजिक सद्भावना को बल देता है वहीँ एएसपी राजेश कुमार ने पूर्ण सुरक्षा की गारेंटी देते हुए कहा कि 8 बजे रात तक बेख़ौफ़ मेला में घूमिये-फिरिए और मनोरंजन कीजिये | उन्होंने कहा कि सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है |

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उठाओ कलम ! सरकलम हो रहा है……..!!

भारतीय जन लेखक संघ के बैनर तले राष्ट्रीय परिसंवाद सह कवि सम्मेलन का आयोजन टी.पी. कॉलेजिएट के प्रांगण में किया गया | स्कूली बच्चियों द्वारा दिल्ली से आये साहित्यकार प्रो.रतन लाल, प्रो.सूरज मंडल, मध्य प्रदेश भोपाल से प्रो.प्रतिमा यादव, सचिव श्री अवधेश सिंह, झारखंड से प्रो.विकास कुमार सहित बिहार के विभिन्न जिलों से पधारे नामचीन साहित्यानुरागियों के स्वागत में सुमधुर स्वर के साथ स्वागतगान प्रस्तुत किया गया | साथ ही जलेस के राष्ट्रीय महासचिव महेन्द्र नारायण पंकज व जिला सचिव गजेंद्र कुमार द्वारा आगत अतिथियों का अंगवस्त्रम-सम्मानपत्रम के साथ भावपूर्ण स्वागत-सत्कार किया गया | लगे हाथ सुकवि जयकांत ठाकुर ने सम्मेलन में पधारे सभी कलमजीवियों को अपने मार्मिक शब्दों एवं सर्वोत्कृष्ट भावों से लैस गीत- “उठाओ कलम ! सरकलम हो रहा है……!!” गाकर सर्द मौसम में भी गर्माहट पैदा कर दिया |

जहां उद्घाटनकर्ता के रूप में हिन्दू कॉलेज दिल्ली के प्रो.(डॉ.)रतन लाल ने संविधान एवं परंपराओं की चर्चाएं विस्तार से करते हुए अपने संबोधन में कहा कि मन में बैठे मनुवादी विचारों का दहन करना जरूरी है वहीं उन्होंने बुद्धिजीवी लेखकों के अंतर्मन में विरोध के तेवर होने की चर्चा करते हुए यह भी कहा कि इतिहास हमें नजरअंदाज करने का खेल खेल रहा है |

Dr.Shanti Yadav receiving Angabastram & Certificate by Dr.Pratima Yadav of Bhopal, Madhya Pradesh.
Dr.Shanti Yadav receiving Angabastram & Certificate by Dr.Pratima Yadav from Bhopal, Madhya Pradesh.

मुख्य अतिथि के रुप में मध्य प्रदेश (भोपाल) से आई विदुषी डॉ.प्रतिमा यादव ने जहां अपने सारगर्भित संबोधन में किस्से एवं कहानियों का उदाहरण देते हुए यही कहा कि धीरे-धीरे क्रांति यात्रा शव यात्रा में बदल जाती है वहीं डॉ.यादव ने संदेश स्वरूप यही कहा कि उच्च मानव की श्रेणी में आने की कोशिश निर्भीकतापूर्वक करनी चाहिए तथा मेहनत करके अपनी मुकाम हासिल करने का हौसला भी बनाये रखना चाहिए तभी मुख्यधारा से बिछड़े हुए साहित्यकारों की सृजनात्मक पहचान बन पायेगी |

जहां भाजलेस के राष्ट्रीय महासचिव महेन्द्र नारायण पंकज के समर्पण की सबों ने सराहना की वहीं श्री पंकज ने संगठन के उद्देश्यों की जानकारी सभी लेखनकर्मियों को विस्तार से दी |

Audience enjoying the performances of the function.
Audience enjoying the performances of the function.

यह भी बता दें कि जहां सचिव अवधेश सिंह, डॉ.शांति यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.सूरज मंडल, डॉ.विनय कुमार चौधरी सहित अन्य साहित्यसेवियों ने पिछड़े-आंदोलनों को प्रवाह देने के लिए साहित्य लेखन की चर्चा की और संकल्प लिया वहीं सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे डॉ.इन्द्र नारायण यादव व स्वागताध्यक्ष के रूप में विद्यालय प्रधान डॉ.सुरेश कुमार भूषण ने यही कहा कि भविष्य में साहित्यिक-लेखन को मजबूती प्रदान करने हेतु हमें जूझना होगा |

इस अवसर पर हरिश्चन्द्र मंडल, जयकांत ठाकुर, प्रो.दयानंद, डॉ.जगदीश नारायण प्रसाद, डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, डॉ.अविनाश कुमार आदि ने अपने विचार व्यक्त किये |

दूसरे सत्र में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन की अध्यक्षता डॉ.शांति यादव एवं संचालन प्रमोद कुमार सूरज ने किया | देर रात तक सुरेंद्र भारती, अलका वर्मा, अनुपम जी, संतोष सिन्हा, शंभू शरण भारती, राकेश कुमार द्विजराज एवं दूर-दूर से आये युवा कवियों ने भी अपनी मनभावन प्रस्तुति से श्रोताओं का मनोरंजन करते रहे |

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अब माता-पिता की जगह गुरु का नाम लिख सकेंगे साधु और संन्यासी

केन्द्र सरकार ने साधु और संन्यासियों को एक बड़ी राहत दी है। अपनी जड़ों से वंचित ये लोग पासपोर्ट की अर्जी दाखिल करते समय फॉर्म में अपने माता-पिता के नाम की जगह अपने धार्मिक गुरु का नाम लिख सकते हैं। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को पासपोर्ट संबंधी नए नियमों की घोषणा की जिसमें इन लोगों को यह राहत दी गई।

मंत्रालय ने यह घोषणा करते हुए कहा है कि संत और संन्यासी अपने माता-पिता की जगह अपने गुरु का नाम लिखकर पासपोर्ट की अर्जी दाखिल कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए उन्हें एक सार्वजनिक दस्तावेज दिखाना होगा। इन दस्तावेजों में मतदाता परिचय पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड आदि शामिल हैं, जिनमें उनमें गुरु का नाम उनके माता-पिता वाली जगह पर हो।

मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए नियम नई जीवन-शैली और पारिवारिक मान्यताओं को दर्शाने वाले हैं। उदाहरण के तौर पर मंत्रालय ने अर्जी देने वाले को माता-पिता में से किसी एक का नाम देने की भी इजाजत दे दी है। अभी तक माता-पिता दोनों का नाम दिया जाना अनिवार्य था।

नए नियमों की घोषणा करते हुए विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा कि साधु-संतों को लेकर दो मुद्दे थे। पहला सवाल उनके माता-पिता का था और दूसरा जन्मतिथि प्रमाण-पत्र का, जिसे उन्हें वैसे भी नए दस्तावेजों के तहत जमा करना होगा। मुख्य पासपोर्ट अधिकारी अरुण चटर्जी ने कहा कि यह इन लोगों की लंबे समय से लंबित मांग थी जिसे अब मंत्रालय ने मंजूर कर लिया है।

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पप्पू ने कहा पहले नीतीश लालू की संपत्ति की जांच कराएं

मधेपुरा के सांसद और जनअधिकार पार्टी के संरक्षक राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा है कि यदि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सही मायने में बेनामी संपत्ति को बाहर लाना चाहते हैं तो पहले आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार सहित अपनी पार्टी के विधायकों और सांसदों की संपत्ति की जांच कराएं। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो बेनामी संपत्ति के नाम पर उनका कुछ कहना लोगों की आँखों में धूल झोंकने के बराबर होगा। गौरतलब है कि पप्पू ने ये बातें रविवार को पटना में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में कही।

लालू-नीतीश पर निशाना साधने के साथ-साथ पप्पू ने भाजपा को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की कि भाजपा द्वारा विभिन्न जिलों में पार्टी कार्यालय खोले जाने के लिए खरीदी गई जमीन की जांच हो। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से तमाम राजनीतिक पार्टी को आरटीआई के दायरे में लाने के लिए कानून बनाने और राजनीतिक दलों के खातों की निगरानी की भी मांग की।

नोटबंदी के मुद्दे पर जनअधिकार पार्टी के संरक्षक ने कहा कि केन्द्र सरकार ने कालाधन के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर 500 और 1000 रुपये पर रोक लगाकर आम जनता की परेशानी बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि सरकार को नोटबंदी को लेकर हाईकोर्ट द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी के कारण उद्योग और व्यवसाय ठप्प पड़ गया और एक बड़ी आबादी बेरोजगार हो गई है। मधेपुरा के सांसद ने केन्द्र सरकार पर कैशलेस सोसाइटी बनाने के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया और कहा कि देश के कई अर्थशास्त्री ने नोटबंदी को अव्यावहारिक करार दिया है।

प्रेस कांफ्रेस में पप्पू ने घोषणा की कि उनकी पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर आगामी 20 दिसंबर को रेल चक्का जाम और 22 दिसंबर को सड़का जाम करेगी।

चलते-चलते पप्पू यादवजी से एक बात पूछे बिना नहीं रहा जा रहा कि आज जिस लालू की सम्पत्ति की जांच कराने वो नीतीश से कह रहे हैं, आज भी उसी लालू की पार्टी से वो संसद में हैं और हाल-हाल तक खुद को उनका ‘राजनीतिक वारिस’ बताते नहीं थक रहे थे। नैतिकता का तकाजा यह है कि वे पहले संसद की सदस्यता से इस्तीफा दें और उसके बाद लालू के लिए जो चाहे बोलें। और जहाँ तक बात भाजपा की है, लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा से उनकी ‘नजदीकियां’ और उसके शीर्ष नेताओं से उनकी ‘मुलाकातें’ कोई छिपी हुई बात नहीं है।

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क्या मोदी की नोटबंदी से देश को मिलेगी आर्थिक आजादी ?

8 नवम्बर 2016 से देश में 500 और 1000 के नोट पर जैसे ही मोदी सरकार द्वारा नोट ऑफ इंट्रोगेशन (?) लगायी गई, वैसे ही अखबार नबीसों द्वारा बुद्धिजीवियों, अर्थशास्त्रियों, व्यापारियों एवं शिक्षाशास्त्रियों की गोष्ठियां बुलाई जाने लगी- जिसमें लोगों द्वारा भोगी जा रही परेशानियों के बावजूद नोटबंदी के कारण “कालेधन” पर चोट और देश को मिलने वाली आर्थिक आजादी की चर्चाएं शुरु हो गई |

चन्द नेताओं को छोड़कर भारत के सवा सौ करोड़ लोग देश को आगे ले जाने के लिए परेशानियों की गठरियाँ माथे पर लिए और नोटबंदी की सराहना करते हुए एक दूसरे के पीछे सड़कों पर लाइन में खड़े दिखाई देने लगे |

यह भी बता दें कि 5 हफ्ते बीत जाने के बाद भी यह सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा | तभी तो स्थानीय पार्वती सायंस कॉलेज में- “नोटबंदी एक आर्थिक क्रान्ति” विषय पर नवगठित “उड़ान फाउंडेशन” के बैनर तले रविवार को एक परिचर्चा का आयोजन किया गया जिसका उद्घाटन अध्यक्ष डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, पी.एस. कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य सह संयोजक डॉ.रामचन्द्र प्रसाद मंडल एवं मुख्य अतिथि मंडल विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्री प्रो.प्रज्ञा प्रसाद ने सम्मिलितरुप से किया |

इस अवसर पर परिचर्चा में भाग लेते हुए सभी शिक्षाविदों ने नोटबंदी के पक्ष में अपना विचार व्यक्त किया | जहां प्रखर वक्ता डॉ.रामचन्द्र प्रसाद मंडल सहित प्रो.प्रज्ञा प्रसाद, वेदव्यास कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आलोक कुमार, चर्चित समाजशास्त्री डॉ.आलोक कुमार, पूर्व प्राचार्य सोनेलाल कामत आदि ने कहा कि नोटबंदी का निर्णय आतंकवाद एवं नक्सलवाद सरीखे अन्य चरमपंथी मानवता विरोधी ताकतों को कमजोर करनेवाला है वहीँ प्रखर साहित्यकार डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप, प्रो.मणि भूषण वर्मा एवं दशरथ प्रसाद सिंह सहित डा.मधुसूदन यादव, प्रो.ऋषिदेव अद्री, राहुल यादव, मो.राही आदि ने नोटबंदी को कालेधन पर अंकुश बताया |

यह भी जानिये कि ग्रामीण परिवेश से आये बड़गांव के चाणक्य मिश्र ने तो नायाब विचार व्यक्त करते हुए यही कहा कि दवाई की तरह यदि नोट पर भी एक्सपाइरी डेट (10 वर्ष का) अंकित कर दिया जाय तो नोट सदा गतिशील रहेगा बल्कि पूर्व जैसा ठहरा हुआ कालाधन बनकर कभी मुंह काला नहीं होने देगा |

अंत में अपने अध्यक्षीय संबोधन के आरम्भ में जहां डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने “उड़ान फाउंडेशन” के लिए यही कहा कि तेरी उड़ान में कभी विराम ना हो वहीँ नोटबंदी के बाबत डॉ.मधेपुरी ने कहा- जहां नोटबंदी नमो की राष्ट्रीय क्रांति है वहीँ शराबबंदी नीतीश की समाजिक क्रान्ति |

मौके पर उपेन्द्र रजक, मो.राही, एस.एस.भारती, गणेश कुमार, आनंद कुमार, प्रो.विश्वमोहन प्रसाद, नंदन कुमार आदि की उपस्थिति देर तक बनी रही | अंत में रुद्र नारायण यादव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ विचार गोष्ठी के समापन की घोषणा कर दी गई |

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