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मधेपुरा जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय को भी होगा अपना स्टेडियम 

मधेपुरा जिले में कुल 13 प्रखंड है | डायनेमिक डीएम मो.सोहैल द्वारा मधेपुरा अबतक को दी गई जानकारी के अनुसार “मुख्यमंत्री खेल विकास योजना” के अंतर्गत जिले के सभी 13 प्रखंडों के लिए स्टेडियम का प्रस्ताव कला, संस्कृति एवं युवा विभाग को भेजा गया था | परंतु, राज्य सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रथम चरण में जिले के 5 प्रखंडों- मधेपुरा, कुमारखंड, शंकरपुर, बिहारीगंज और आलमनगर में स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है | शेष 7 प्रखंडों में स्टेडियम निर्माण का कार्य अगले चरण में किया जायेगा |

डीएम मो.सोहैल ने बताया कि पुरैनी प्रखंड में दो स्टेडियम पहला वासुदेब उच्च विद्यालय नया टोला एवं दूसरा मध्य विद्यालय पुरैनी में निर्माण की स्वीकृति इसी योजना के अंतर्गत पूर्व में ही दी जा चुकी है जिसके निर्माण कार्य का श्रीगणेश भी किया जा चुका है | इलाके के खिलाड़ी बहुत खुश हैं |

बता दें कि मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के तहत वर्ष 2017-18 में राज्य स्तर पर कुल 24 स्टेडियम की स्वीकृति विभाग द्वारा दी गयी जिसमें मधेपुरा जिला को पांच स्टेडियम हेतु कुल 3 करोड़ 41 लाख 38 हज़ार500 रुपये की राशि स्वीकृत की गयी है | शेष 7 प्रखंडों में भी स्टेडियम निर्माण हेतु स्वीकृति की कार्यवाई तेजी से चल रही है |

यह भी जानिए कि जहाँ बिहारीगंज प्रखंड के राजकीय बुनियादी विद्यालय तुलसिया में बनने वाले फुटबॉल स्टेडियम के लिए 54 लाख 74 हज़ार 700 रुपये स्वीकृत किये गये हैं वहीं मधेपुरा, कुमारखंड, शंकरपुर और आलमनगर में बनने वाले 300 मीटर के प्रत्येक ट्रैकयुक्त स्टेडियम के लिए 68 लाख 27 हज़ार सात सौ रुपए स्वीकृत किए गये हैं | ये स्टेडियम बनेंगे- मधेपुरा के शिवनंदन प्रसाद मंडल उच्च विद्यालय में, कुमारखंड के देवनारायण उच्च विद्यालय, रानी पट्टी में, शंकरपुर के कारी अनंत उच्च विद्यालय में और आलमनगर के हाई स्कूल खापुड में |

जिले के खेल-प्रेमियों ने ग्रामीण इलाकों में खेल की गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु स्टेडियम निर्माण के लिए जिला प्रशासन के मुखिया डीएम मो.सोहैल को कोटि-कोटि साधुवाद दिया है |

चलते-चलते यह भी जान लें कि जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र-छात्राओं को खेलकूद हेतु मैदान व स्टेडियम की जरूरत तो है, परंतु उसे खाली जमीन ही नहीं है | सुनने में आया है कि बच्चे-बच्चियां खेलने के लिए बस में चढ़कर दूर कहीं किसी स्कूल के मैदान में यदाकदा जाया करते हैं | बता दें कि प्रखर स्वतंत्रता सेनानी एवं गांधी-विनोबा के पथानुगामी एवं सहयोगी कमलेश्वरी प्रसाद मंडल, जिनके द्वारा दान दी गई जमीन पर नवोदय विद्यालय हैं, के पौत्र एवं पूर्व मुखिया, सुखासन के श्री जनार्दन प्रसाद यादव सहित संवेदनशील ग्रामीणों ने समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से नवोदय के बगल में ही 3 बीघे जमीन देने की पेशकश की है | जिला प्रशासन एवं समाज सेवियों ने चाह लिया तो जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्र-छात्राओं को जल्द ही अपना स्टेडियम सहित खेल मैदान भी होगा |

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भारत के टॉप 10 ब्रांड में जियो और एसबीआई के साथ पतंजलि

योगगुरु बाबा रामदेव का ब्रांड पतंजलि भारत के टॉप 10 प्रभावशाली ब्रांड में शामिल हो गया है। ग्लोबल रिसर्च फर्म इप्सोस (IPSOS) ने भारतीय बाज़ार में 100 से अधिक ब्रांड का मूल्यांकन करने के बाद टॉप 20 ब्रांड की रैंकिंग जारी की है, जिसमें मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो और पब्लिक सैक्टर के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के साथ पतंजलि ने भी जगह बनाई है। सूची में सर्च इंजन गूगल पहले, माइक्रोसॉफ्ट दूसरे और सोशल नेटवर्किंग कंपनी फेसबुक तीसरे स्थान पर रही।

टॉप 10 ब्रांड में ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट और उसकी प्रतिस्पर्द्धी कंपनी अमेजॉन भी शामिल हैं। हालांकि फ्लिपकार्ट इस बार तीन पायदान गिरकर 10वें स्थान पर पहुंच गई है, जबकि अमेजॉन इंडिया ने अपने रैंक में सुधार करते हुए छठे स्थान पर कब्जा जमाया।

इप्सोस की इस सूची में शीर्ष पर जगह बनाने की क्या अहमियत है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ऐपल, स्नैपडील, कैडबरी, अमूल और डिटॉल जैसे दिग्गज ब्रांड टॉप 10 में अपनी जगह नहीं बना सके। हालांकि ये टॉप 20 में जरूर शामिल हैं। गौरतलब है कि रैंकिंग जारी करने से पहले इप्सोस सारे ब्रांड को क्वालिटी, अनुभव और वैल्यू के पैमाने पर जांचने के साथ ही बाज़ार पर उनके प्रभाव का भी बारीकी से आकलन करती है।

बहरहाल, देश के टॉप 10 ब्रांड में शामिल होने के बाद बाबा रामदेव अब कुछ नया करने जा रहे हैं। जी हां, एफएमसीजी सेक्टर में पतंजलि की स्वर्णिम सफलता के बाद उन्होंने चालीस हजार करोड़ रुपये वाले प्राइवेट सिक्योरिटी मार्केट में भी दस्तक दे दी है। गुरुवार को उन्होंने हरिद्वार में पराक्रम सुरक्षा प्राइवेट लिमिटेड नाम से प्राइवेट सिक्योरिटी फर्म की शुरुआत की। ‘पराक्रम सुरक्षा, आपकी रक्षा’ के नारे के साथ आई इस कंपनी का 2017 के आखिर तक देशभर में शाखाएं खोलने का लक्ष्य है।

चलते-चलते बता दें कि पतंजलि की स्थापना बाबा रामदेव ने साल 2006 में की थी। महज 11 साल में इसके ग्रोथ के जादुई सफर का अंदाजा आप पिछले वित्त वर्ष में हासिल किए गए इसके राजस्व से लगा सकते हैं, जो 10,561 करोड़ रुपये का था।

 

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झारखंड के सरकारी पाठ्यक्रम में शामिल की गई डॉ.मधेपुरी की पुस्तक……

झारखंड सरकार ने मधेपुरा के लेखक डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की पुस्तक “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” के सर्वाधिक अंश को सरकारी स्कूलों के लिए तैयार किये गये छठी कक्षा की हिन्दी किताब में डॉ.कलाम से संबंधित आलेख “प्रेरणा के बीज” के लिए चयनित किया है | इस कृत्य से डॉ.मधेपुरी सहित मधेपुरा और बिहार के समस्त साहित्कार समुदाय भी गौरवान्वित हुए हैं |

बता दें कि मधेपुरा के समाजसेवी-साहित्यकार एवं भौतिकी के विद्वान डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के संग बिताये गये सर्वाधिक प्रेरक क्षणों की उपलब्धियों को राष्ट्र निर्माण करनेवाले नौनिहालों के निमित्त “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” पुस्तक में पिरोने का काम किया तो सरकारी स्तर पर सबसे पहले झारखंड सरकार ने इस पुस्तक के सर्वाधिक अंशो को छठी कक्षा के बच्चों के लिए पाठ्यक्रम में डालकर पढ़ाना भी शुरू कर दिया | जानिये कि डॉ.मधेपुरी द्वारा इस प्रेरक पुस्तक सहित आधे दर्जन पुस्तकों की रचना हिन्दी में की गई है |

यह भी जानिये कि भारत के विभिन्न क्षेत्रों के बच्चों द्वारा चाचा कलाम से पूछे गये सवाल और भारतरत्न डॉ.कलाम द्वारा दिये गये जवाब का सारगर्भित संकलन है- यह पुस्तक “छोटा लक्ष्य एक अपराध है” | इस पुस्तक के अब तक सात संस्करण प्रकाशित हो चुके हैं |

बता दें कि लगभग एक दशक से भारत के सभी राज्यों के बड़े-बड़े स्टेशनों पर अवस्थित ए.एच.व्हीलर की दुकानों में यह पुस्तक निरंतर बिकती रही है और देती रही है डॉ.मधेपुरी को शोहरत के साथ-साथ उच्च कोटि की साहित्यिक पहचान भी | क्योंकि, प्रभात खबर अखबार को डॉ.मधेपुरी ने बताया कि इस पुस्तक के माध्यम से वे देश के विभिन्न हिस्सों के बुद्धिजीवियों एवं साहित्यकारों से वर्षों से जुड़े हैं जो प्रतिवर्ष उनके जन्मदिन पर बधाई देना प्रायः नहीं भूलते !

यूँ तो इस पुस्तक में एक से एक उमदा प्रश्न पूछे गये हैं और डॉ.कलाम द्वारा दिया गया जवाब भी हृदय को छू लेने वाला है | कोई एक प्रश्न, यह कि- आपको जिंदगी में सबसे अधिक दुख किस बात की है ? के जवाब में डॉ.कलाम ने यही कहा कि- जिस समय मुझे भारतरत्न जैसे सर्वोच्च सम्मान महामहिम राष्ट्रपति डॉ.के.आर.नारायणन द्वारा दिया जा रहा था उस समय मेरे माता, पिता और गुरुओं में से कोई नहीं थे…….| दूसरा एक प्रश्न- यह कि यदि ईश्वर आपको एक वरदान देना चाहें तो आप क्या मांगेंगे- का जवाब उन्होंने दिया- हे ईश्वर ! भारत को विकसित राष्ट्र बना दो……..!

साभार – प्रभात खबर

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सावन में शिवमय रहेगी बाबा नगरी- डीएम मो.सोहैल

देवाधिदेव महादेव की नगरी सिंहेश्वर स्थान में लगभग 150 वर्षों से शिवरात्रि मेला लगता है | इस बार पहली बार एक महीने के श्रावणी मेले का श्रीगणेश किया है मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहेल ने |

बता दें कि इसी वर्ष 2017 के शिवरात्रि मेला उद्घाटनकर्ता के रूप में मो.सोहैल ने दर्शकों को संबोधित करने से पूर्व भोलेनाथ की जयकारा लगाते हुए यही कहा था- “इस बार से बाबा की नगरी में 1 महीने का श्रावणी मेला लगेगा और सिंहेश्वर में सीमांचल से लेकर मिथिलांचल तक के श्रद्धालुओं एवं नेपाल के शिवभक्तों का सैलाब उमड़ेगा- भक्तिमय माहौल होगा और शिवमय होगी बाबा की नगरी……!”

यह भी जानिए कि सावन की शुरुआत इस बार सोमवार से हो रही है | न जाने कितने वर्षों के बाद इस बार सावन में पांच सोमवारी हो रहा है | यूँ सावन में रविवार एवं सोमवार को अत्यधिक तादाद में भक्तों की भीड़ जलाभिषेक करने को उमडती है | आवागमन की सुदृढ़ व्यवस्था हो तो प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या डेढ़ लाख तक पहुंच सकती है |

यह भी बता दें कि उमडने वाली भीड़ को देखते हुए एसपी विकास कुमार ने 300 पुलिस कर्मियों एवं 50 पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की है जिनके जिम्मे गर्भ गृह से लेकर शिवगंगा तक श्रद्धालुओं को कतारबद्ध करने और ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने का भार दिया गया है | रविवार-सोमवार को भारी वाहनों का बाजार क्षेत्र में आने-जाने पर रोक लगा दी गयी है | यहां तक कि ऑटो को भी बाजार क्षेत्र में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी गई है | ट्रैफिक नियंत्रण के लिए बैरियर का इस्तेमाल किया जाना तय है जहां पुलिस बल के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है |

अंत में यह भी जानिये कि चारों दिशा से बोल बम के जयकारे के साथ कांवरियों के जत्थों को गाजे-बाजे  सहित मस्ती में झूमते-गाते बाबा नगरी की ओर बढ़ते देखे जा रहे हैं | यह भी कि कांवरियों के ठहरने, आराम करने से लेकर तमाम भक्तों के लिए नींबू, गर्म पानी और भोजन के अलावे फल एवं फ्रूट-जूस के अतिरिक्त प्राथमिक उपचार की व्यवस्थाएं भी कई स्थानीय श्रद्धालुओं की संस्थाओं द्वारा की गई हैं | ये संस्थाएं एवं शिविर पूरे 1 माह तक चलेगा | चारों ओर चहल-पहल और उत्साह-उमंग के साथ शिव का जयघोष सुनाई देने लगा है |

हर तरफ जिला प्रशासन की पैनी नजर है | डीएम एवं एसपी ने ड्यूटी में कोताही बरतने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया है कि जो कोई निरीक्षण के दौरान ड्यूटी से गायब पायें जायेंगे उन्हें दंडित किया जायेगा |

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शिक्षकों को कौन देंगे राष्ट्रपति पुरस्कार- महामहिम श्री राम….. या श्रीमती मीरा….

संसार के कुछ देशों में शिक्षकों को विशेष सम्मान देने के लिए शिक्षक दिवस का आयोजन किया जाता है | कहीं छुट्टी रहती है तो कहीं कार्य करते हुए इसे मनाते हैं | भारत में विश्व गुरु डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन, जो उपराष्ट्रपति एवं राष्ट्रपति रह चुके हैं, के जन्मदिन 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है |

इस बार राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2016 के तहत बिहार के 6 जिले से आठ समर्पित शिक्षक-शिक्षिकाओं का चयन किया गया है जिन्हें शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में नव चयनित महामहिम राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जायेगा |

बता दें कि हमारे वर्तमान राष्ट्रपति महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल इसी माह के 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है | अब देखना है कि इस ब्रह्माण्ड में पुरुषों के प्रतीक श्री राम…. की मर्यादा की जीत होती है या फिर प्रकृति स्वरूपा श्रीमती मीरा……. के समर्पण व सेवा की | जो भी प्रथम नागरिक बनकर 25 जुलाई को उस रायसीना पहाड़ी के 400 एकड़ में फैले और 5 एकड़ भूमि पर निर्मित 345 कमरों वाले राष्ट्रपति भवन में प्रवेश करेंगे- उन्हीं के कर कमलों द्वारा इन कर्मयोगी शिक्षक-शिक्षिकाओं को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा |

अब जानिए कि जिन आठों बिहारी शिक्षकों को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जाना है उनमें तीन केवल पूर्णिया जिले से हैं | पुरस्कृत होने वाले शिक्षक हैं- (1)डॉ.सविता रंजन- सहायक शिक्षिका, प्लस टू ब्रजबिहारी स्मारक हाई स्कूल, पूर्णिया (2) डॉ.उत्तिमा केसरी, प्रभारी प्रधानाध्यापिका, मध्य विद्यालय, सदर प्रखंड मुख्यालय (पूर्व) पूर्णिया (3) श्री विजेन्द्र कुमार सिंह, प्रभारी प्रधानाध्यापक, आदर्श मध्य विद्यालय बरहरा कोठी, पूर्णिया (4) श्री नंदकिशोर सिंह, प्रधानाध्यापक, फिलिप हाई स्कूल, बरियारपुर, मुंगेर (5) श्री रामशंकर गिरि, प्रभारी प्रधानाध्यापक, राजकीय कृत विपिन मध्य विद्यालय, बेतिया (6) श्री हेमंत कुमार, सहायक शिक्षक, मध्य विद्यालय, मधुबनी (7) श्री ज्ञानवर्धन कंठ, प्राध्यापक, मध्य विद्यालय, डुमरा-सीतामढ़ी (8) श्री काशीनाथ त्रिपाठी, प्रभारी प्रधानाध्यापक, बलदेव अयोध्या अतिम प्रवेशिका +2 स्कूल, पूर्वी चंपारण |

अंत में बता दें कि इन आठों समर्पित शिक्षकों को शिक्षक दिवस के दिन राष्ट्रपति भवन में नवचयनित महामहिम के कर कमलों द्वारा पुरस्कार स्वरूप एक सिल्वर मेडल, ₹50,000 (पचास हजार) का चेक एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जायगा | इन आठों शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ-साथ राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत होनेवाले सभी शिक्षकों को मधेपुरा अबतक की अग्रिम बधाई !

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लालू पर फिर सीबीआई का छापा, राबड़ी-तेजस्वी से घंटों पूछताछ

बेहद बुरे दौर से गुजर रहे हैं इन दिनों आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार। बेनामी संपत्ति और रेलवे के होटल घोटाले मामले में उनकी और उनके परिवार की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सीबीआई ने शुक्रवार को उनसे जुड़े 12 ठिकानों पर छापे मारे और उनकी पत्नी व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और उनके छोटे बेटे व बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से घंटों सवाल किए। जबकि लालू चारा घोटाला मामले को लेकर अदालत में पेश होने के लिए रांची में हैं। इधर वायरल बुखार से पीड़ित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वास्थ्य कारणों से गुरुवार से ही राजगीर में हैं।

गौरतलब है कि सीबीआई ने भ्रष्टाचार के मामले में तलाशी के लिए शुक्रवार सुबह पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी के आवास पर छापा मारा। सूत्रों के मुताबिक 27 अधिकारियों की टीम ने राबड़ी और तेजस्वी से पूछताछ की। राबड़ी से 8 घंटे तक पूछताछ हुई। तेजस्वी से भी देर शाम तक पूछताछ होती रही। बताया जाता है कि तेजस्वी से पटना में बन रहे मॉल से संबंधित सवाल पूछे गए। ऐसा आरोप है कि लालू यादव ने रेल मंत्री रहते हुए बेनामी कंपनी के जरिए तीन एकड़ भूमि के रूप में रिश्वत लेने के बाद एक कंपनी को रेलवे के दो होटलों के रखरखाव का काम सौंपा। सीबीआई के एडिशनल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के मुताबिक 2004 से 2014 के बीच रची गई इस कथित साजिश के लिए लालू और अन्य आरोपियों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट, 1988 के तहत केस दर्ज किया गया है।

उधर छापेमारी की ख़बर के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजगीर में राज्य के आला अधिकारियों की बैठक बुलाई, जिसमें मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, गृह सचिव आमिर सुब्हानी और डीजीपी पीके ठाकुर शामिल हैं। एहतियातन पूरे बिहार के हाई अलर्ट कर दिया गया है। हंगामा करने वालों से सख्ती से निबटने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। भाजपा, आरजेडी, जेडीयू व कांग्रेस समेत सभी राजनीतिक दलों के प्रदेश कार्यालयों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

इन सारे घटनाक्रम के बीच लालू प्रसाद यादव ने कहा है कि वे किसी भी हाल में झुकने वाले नहीं हैं। उनका कहना है कि संबंधित मामले में उनके रेल मंत्री रहते हुए सब कुछ नियमों के तहत किया गया था। उन्होंने इन छापों को साजिश बताते हुए कहा कि हम मिट्टी में मिल जाएंगे लेकिन बीजेपी और मोदी सरकार को हटाकर ही दम लेंगे।

चलते-चलते बता दें कि राजनीति के गलियारों में सवाल उठने लगा है कि अब जबकि उपमुख्यमंत्री तेजस्वी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, ऐसे में क्या मुख्यमंत्री उन्हें अपने कैबिनेट से हटाएंगे? सूत्रों के मुताबिक, सारे घटनाक्रम पर महागठबंधन के वरीय नेताओं से विमर्श कर नीतीश अगर जल्दी ही कोई बड़ा फैसला लें तो कोई आश्चर्य की बात नहीं।

 

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आरजेडी स्थापना दिवस में लालू ने बताया भाजपा को हराने का फार्मूला

बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल ने धूमधाम से अपना 21वां स्थापना दिवस मनाया। पटना के वीरचंद पटेल पथ स्थित पार्टी कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने भाजपा पर जमकर हमला बोलते हुए उसे 2019 में हराने का ‘फार्मूला’ भी बताया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव, वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह, प्रदेश अध्यक्ष रामचन्द्र पूर्वे समेत पार्टी के अधिकांश मंत्री, सांसद और विधायक मौजूद रहे।

अपने संबोधन में लालू ने कहा कि देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात हैं। ऐसे में उन्होंने समान विचारधारा के लोगों को एक साथ आने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि “हर कोई अपनी विचारधारा के अनुरूप काम कर रहा है, चाहे वह मायावतीजी हों, अखिलेश हों, रॉबर्ट वाड्रा जी हों, प्रियंका गांधी जी हों, ममता दी हों या केजरीवाल हों, लालू यादव हों या उनका परिवार। बीजेपी हमें तोड़ना चाहती है, क्योंकि वह हमारी शक्ति के बारे में जानती है। और बीजेपी यह भी जानती है कि अगर सभी विपक्षी पार्टियां एक हो जाती हैं तो बीजेपी का 2019 में सरकार बनाने का सपना, सपना ही रह जाएगा।”

आरजेडी सुप्रीमो ने उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा के एक होने को 2019 में भाजपा का गेम ओवर करने का फार्मूला बताया। बकौल लालू, अगर यूपी में पूर्व सीएम अखिलेश यादव और बसपा सुप्रीमो मायावती एक हो जाते हैं तो बीजेपी के अगला चुनाव जीतने का कोई चांस नहीं होगा।

राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद पर सवाल उठाते हुए लालू ने कहा कि वे दलित नहीं हैं। वे कोली जाति से आते हैं और गुजरात में कोली जाति ओबीसी है। दरअसल वहां चुनाव है इसलिए उन्हें उम्मीदवार बनाया गया है, ताकि गुजरात में 18 प्रतिशत कोलियों का मत हासिल किया जा सके। लालू ने कहा कि वे सिद्धांत से समझौता नहीं करते हैं। अगर कांग्रेस भी एनडीए उम्मीदवार का समर्थन करती, इसके बावजूद वो उन्हें समर्थन नहीं करते।

इस मौके पर तेजस्वी ने सुशील मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग अखबार में बने रहने के लिए हम पर आरोप लगाते हैं। हमारी तीन पीढियां साजिश की शिकार हुई हैं। माता-पिता के बाद अब हमलोग और हमारी बहनों के बच्चे सीबीआई रेड देख रहे हैं। हम डरने वाले नहीं हैं। 27 अगस्त को पता चलेगा कि कौन बेईमान है। बता दें कि इसी दिन आरजेडी ने अपनी महत्वाकांक्षी ‘भाजपा भगाओ, देश बचाओ रैली’ आयोजित की है।

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डॉक्टर्स डे से बिहार का रिश्ता

आपके प्यारे मधेपुरा अबतक की आज दूसरी सालगिरह है। आज से भारत का जीएसटी युग शुरू हुआ। और आज ही है नेशनल डॉक्टर्स डे। आज की पीढ़ी शायद न जानती हो कि यह दिन जिस महान शख्सित की याद में मनाया जाता है वो बिहार के थे। जी हां, बिहार के उस सपूत का नाम है डॉ. विधानचंद्र राय। महान फिजिशियन भारतरत्न डॉ. राय का जन्म पटना के खचांची रोड में हुआ था। डॉ. राय पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री भी थे और उन्हें आधुनिक पश्चिम बंगाल का आर्किटेक्ट कहा जाता है। हमारी मिट्टी के इस लाल को हमारा नमन। धरती के भगवान कहे जाने वाले तमाम चिकित्सकों को हमारा अभिवादन। और हमारी दूसरी सालगिरह पर आप सबको हमारा प्रणाम।

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देश बिहार की बिजली कंपनी की राह अपनाएँ

जी हाँ ! इस बार की ईद ढेर सारी खुशियों की बहार लेकर आई है | ईद में पाक दिल से मांगी गई दुवाएँ भी कबूल होती है | इंसानियत का पैगाम है रमजान ! सबको मुबारक हो ईद !!

जहाँ बिहार सरकार की रीढ़ माने जाने वाले ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव द्वारा ईद के दिन 4133 मेगावाट बिजली आपूर्ति की उपलब्धि हासिल किये जाने के रिकॉर्ड के लिए बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी के सी.एम.डी. प्रत्यय अमृत के साथ-साथ साउथ एवं नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के एम.डी. द्वय क्रमशः आर.लक्ष्मण एवं एस.के.आर. पूडलकुट्टी को सम्मानित किया गया वहीं मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल ने ईद मिलन के साथ ही प्रेस को संबोधित करते हुए आम नागरिकों सहित सांसदों-विधायकों के साथ-साथ सभी कोटि के जनप्रतिनिधियों से यही अनुरोध किया –

“यदि विद्युतीकरण से वंचित किसी भी गांव की जानकारी आपको मिले तो उसे अविलंब उपलब्ध करायें ताकि वहाँ भी युद्धस्तर पर विद्युतीकरण करवाया जा सकेगा……….!”

बता दें कि 2005 में बिहार 500-600 मेगावाट पर था | पिछले वर्ष ईद के समय बिहार को 3337 मेगावाट बिजली मिली थी | इस बार ईद में 796 मेगावाट की बढ़ोतरी के साथ कुल 4133 मेगावाट बिजली आपूर्ति की उपलब्धि हासिल की गई जिसके लिए राज्य स्तरीय तीनों आलाधिकारियों को ऊर्जा मंत्री द्वारा अपने ही कार्यालय कक्ष में सहृदय होकर सम्मानित किया जाना सर्वथा प्रशंसनीय एवं अनुकरणीय माना जायेगा |

आगे ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने कहा कि राज्य में अब तक का यह सर्वाधिक बिजली आपूर्ति है | साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 5000 मेगावाट बिजली की आपूर्ति होगी |

The Dynamic DM Md.Sohail has placed Madhepura at the top in the eyes of Energy Department of the State and others too .
The Dynamic DM Md.Sohail has placed Madhepura at the top in the eyes of Energy Department of the State and others too .

और अब थोड़ा आगे चलिए……. और जानिए मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल के करिश्माई कारनामें- वर्ष 2015 के स्वतंत्रता दिवस पर प्रारम्भ “ग्रामीण ज्योति योजना” के तहत जिले के कुल 228 राजस्व गांवों के 829 टोलों में कुल 74800 बिजली पोल गडवाकर, 1758 किलोमीटर एल.टी.लाइन बिछवाकर, 65597 बी.पी.एल. परिवारों को डीएम मो.सोहैल के निर्देशानुसार विद्युत कनेक्शन प्रदान किया गया तथा 31 जुलाई तक शेष सभी बीपीएल परिवारों को भी विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने का निश्चय किया गया |

ध्यातव्य है कि सात निश्चय योजना के तहत 100 घर से अधिक के टोले में ही विद्युतीकरण किया जाना था, लेकिन ईद की खुशियां बांटने वाले डीएम मो.सोहैल द्वारा ऐसे सभी टोले में बिजली कनेक्शन करा दिया गया जहाँ सौ की जगह 20 घर भी मौजूद हैं |

यह भी बता दें कि डीएम द्वारा 90 हजार ए. पी.एल. परिवार की सूची विद्युत विभाग को उपलब्ध करा दी गई है जिन्हें 31 दिसंबर 2017 तक ऑन द स्पॉट विद्युत कनेक्शन प्रदान कर बिलिंग साइकिल प्रारंभ कर दिया जायेगा |

और इस तरह बिहार राज्य देश में एक बार फिर दूसरे राज्यों के लिए मॉडल बन गया है | तभी तो केंद्र सरकार ने सभी राज्यों से यही कहा है कि वह घाटे से उबरने के लिए बिहार की बिजली कंपनी की राह अपनाएँ…….!

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पासवान ने कहा, बिहार के भले के लिए एनडीए में आएं नीतीश

केन्द्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री व लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का समर्थन करने के लिए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा करते हुए उन्हें एनडीए में आने का न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के निर्णय का हम स्वागत करते हैं और उनसे आग्रह करते हैं कि दो नाव पर पांव नहीं रखें। जल्दी से एनडीए में आ जाएं। उनके आने से एनडीए भी मजबूत होगा, वे भी मजबूत होंगे और बिहार का भला हो जाएगा।

पासवान ने आगे कहा कि नीतीश महागठबंधन में असहज महसूस कर रहे हैं। हाल के दिनों में ऐसे कई मौके आए हैं जब उनकी असहजता सामने आई है। नोटबंदी पर साथ देने और कोविंद को समर्थन देने का उल्लेख करते हुए पासवान ने कहा कि ऐसे फैसलों से पता चलता है कि उनके और लालू के रास्ते अलग हैं। ऐसे में नीतीशजी को अब एनडीए में आ जाना चाहिए।

नीतीश की कल की टिप्पणी कि “विपक्षी दलों ने बिहार की बेटी (मीरा कुमार) को हारने के लिए उम्मीदवार बनाया” को सही ठहराते हुए पासवान ने कहा कि “नीतीशजी ने सही ही कहा है कि विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए मीरा कुमार को जानबूझकर चुना है, क्योंकि इसमें विपक्ष की हार निश्चित है। यूपीए के 10 वर्षों के शासनकाल में जब सत्ता कांग्रेस के हाथों में थी, तब उन्हें बिहार की बेटी की याद क्यों नहीं आई?” उन्होंने कहा कि इस बार भी जब रामनाथ कोविंद का नाम आया है तब मीरा कुमार का नाम इन लोगों ने आगे किया है।

बहरहाल, इस बीच नीतीश शनिवार को लालू द्वारा दी गई इफ्तार पार्टी में शामिल जरूर हुए, पर उनकी लाख कोशिशों के बावजूद कोविंद को समर्थन देने से पीछे नहीं हटे। बल्कि लालू की इफ्तार पार्टी से निकलने के बाद उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष ने जीत की बजाय हार की रणनीति बना ली है। अपने निर्णय का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार बिहार के राज्यपाल को सीधे राष्ट्रपति बनाया जा रहा है। साथ में यह भी कि कोविंद आरएसएस की पृष्ठभूमि के नहीं हैं। उन्होंने मोरारजी देसाई के साथ अपनी राजनीति की शुरुआत की थी। नीतीश ने यह भी दोहराया कि यह चुनाव राष्ट्रीय स्तर का है और हमारा गठबंधन बिहार में है। इससे सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. ए. दीप  

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