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फिर चुनाव आयोग पहुंचा जेडीयू का प्रतिनिधिमंडल

जेडीयू का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को चुनाव आयोग से मिला और शरद खेमे द्वारा दायर याचिका को जल्द खारिज करने का आग्रह किया। राज्यसभा में जेडीयू के नेता आरसीपी सिंह, प्रधान महासचिव केसी त्यागी, महासचिव संजय झा एवं बिहार सरकार में मंत्री ललन सिंह वाले इस प्रतिनिधिमंडल ने गुजरात चुनाव के मद्देनजर शरद खेमे की याचिका पर जल्द फैसला लेकर उसे खारिज करने का चुनाव आयोग से आग्रह किया। गौरतलब है कि शरद खेमे ने जदयू और उसके चुनाव चिह्न पर दावा करते हुए चुनाव आयोग में ज्ञापन सौंप रखा है।

प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि गुजरात में 9 नवंबर से नामांकन शुरू है और उससे पहले हमें पार्टी के प्रत्याशी तय करने हैं और उन्हें पार्टी सिंबल आवंटित करना है। जबकि शरद यादव केवल चुनाव आयोग का समय बर्बाद करना चाहते हैं।

बकौल प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग पहले ही स्पष्ट कर चुका है जेडीयू नीतीश कुमार की है। नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर राजगीर में आयोजित राष्ट्रीय परिषद की बैठक में मुहर लगी थी। उस बैठक में शरद यादव भी मौजूद थे। अब शरद यादव कुछ अलग ही दावा कर रहे हैं।

चलते-चलते बता दें कि इस बीच शरद खेमे द्वारा ज्ञापन के साथ दिए गए तीन सौ से अधिक शपथ पत्रों की जांच चुनाव आयोग ने शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक चुनाव आयोग ने 31 अक्टूबर तक इन शपथ पत्रों की मूल प्रति जमा करने कहा है।

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न्यूजीलैंड को हरा भारत ने जीती लगातार सातवीं वनडे सीरीज

कानपुर में खेले गए तीसरे और अंतिम एकदिवसीय मैच में रोहित शर्मा और विराट कोहली के धमाकेदार शतकों और दोनों के बीच रिकॉर्ड साझेदारी के बाद अंतिम ओवरों में गेंदबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत न्यूजीलैंड को 6 रन से हराकर भारत ने 2-1 से सीरीज अपने नाम कर ली। एकदिवसीय मैचों में यह भारतीय टीम की लगातार सातवीं सीरीज जीत है, जो कि उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यही नहीं, उसने न्यूजीलैंड के खिलाफ स्वदेश में द्विपक्षीय सीरीज कभी नहीं गंवाने का रिकॉर्ड भी बरकरार रखा।

अब मैच की बात थोड़े विस्तार से। भारत के 338 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की टीम सलामी बल्लेबाज कोलिन मुनरो (75), कप्तान केन विलियमसन (64) और टाम लैथम (65) के अर्द्धशतकों के बावजूद सात विकेट पर 331 रन ही बना सकी। अंतिम ओवरों में भारत की जीत के सूत्रधार रहे जसप्रीत बुमराह ने 47 रन देकर तीन विकेट चटकाए। यजुवेन्द्र चहल ने भी 47 रन देकर दो विकेट हासिल किए। जबकि भुवनेश्वर कुमार 92 रन लुटाकर एक विकेट ही ले पाए।

भारत ने इससे पहले रोहित शर्मा (147) और विराट कोहली (113) के बीच दूसरे विकेट की 230 रन की साझेदारी की बदौलत छह विकेट पर 337 रन बनाए जो कि ग्रीन पार्क पर बनाया गया सर्वाधिक स्कोर है। यह भी जानें कि शर्मा-कोहली की जोड़ी वनडे क्रिकेट में चार दोहरी शतकीय साझेदारी करने वाली दुनिया की पहली जोड़ी है। रोहित ने 138 गेंद का सामना करते हुए 18 चौके और दो छक्के जड़े जबकि कोहली ने 106 गेंद का सामना करते हुए नौ चौके और एक छक्का मारा। महेंद्र सिंह धोनी (25) और केदार जाधव (18) ने अंत में कुछ अच्छे शॉट खेले।

गौरतलब है कि अपनी पारी के दौरान 83 रन पूरे करते ही कोहली सबसे तेजी से 9000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे छठे भारतीय बल्लेबाज हैं। उन्होंने 194वीं पारी में यह उपलब्धि हासिल करते हुए साउथ अफ्रीका के एबी डिविलियर्स (205 पारी) का रिकॉर्ड तोड़ा। चलते-चलते बता दें कि इस पारी के दौरान ही कोहली 2017 में 2000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज भी बने।

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छठ महापर्व स्वच्छ एवं सुगंधमय बना देता है सम्पूर्ण बिहार को……..!

आस्था एवं विश्वास के इस महापर्व छठ में उत्साह व उमंग की ऊंचाई इतनी होती है कि श्रद्धापूर्ण माहौल में सम्पूर्ण बिहार स्वच्छ एवं सुगंधमय बन जाता है | नदी से लेकर नाले तक एवं पोखर से लेकर पनघट तक की सफाई हो जाती है |

बता दें कि चार दिवसीय इस महापर्व में जहाँ उगते सूरज से पहले ढलते सूरज को ही नमन किया जाता है, उसी तर्ज पर प्रशासन द्वारा भी दिल्ली-मुंबई-हरियाणा….. से गाँवों तक आने के लिए (पद्मश्री संतोष यादव (मुंगेर) , गीतकार राजशेखर (मधेपुरा) सहित अन्य आम लोगों  व  मजदूरों के वास्ते) विशेष ट्रेन की व्यवस्था जिस तरह छठ से पूर्व की गई थी उसी तरह उन्हें छठ के बाद पुनः कार्यस्थल तक पहूँचाने के लिए और अधिक सुविधाओं के साथ व्यस्था की जा रही है | भारतीय रेल के समस्तीपुर मंडल के सीनियर डीसीएम वीरेन्द्र कुमार के निर्देश पर छठ पर्व के बाद लौट रहे रेल यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सहरसा स्टेशन पर अतिरिक्त चार टिकट काउंटर खोलने के संबंध में पत्र भी जारी कर दिया गया है और तदनुरूप डीसीआई रमण झा टिकट काउंटर चालू करवाने में जुट गये हैं |

यह भी बता दें कि मुख्यमंत्री-आपदा प्रबंधन मंत्री से लेकर जिला प्रशासन की चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था के बावजूद राज्य में कुल 63 लोगों की मौत छठ पर्व के दौरान डूबने से हुई जिसमें मधेपुरा से एक के डूबने की पुष्टि की गई है, जबकि जिले में 192 घाटों पर डीएम मो.सोहैल, एसपी विकास कुमार और एसडीएम संजय कुमार निराला की टीम एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, मोटरबोट व गोताखोरों सहित अन्य सतर्कताओं के साथ तैनात दिखे | डीएम मो.सोहैल ने तो यहां तक हिदायत दे डाली थी कि अभिभावक अपने बच्चों के पाँकेट में पूरा पता लिखकर ‘कागज’ डाल दें ताकि भीड़ में खो जाने पर उसे उनके परिजनों को आसानी से हस्तगत करा दिये जायेंगे |

यह भी जानिए कि कर्मकांड की जटिलता से मुक्त………..  इस महापर्व छठ में समानता की सर्वाधिक विशालता नजर आती है- ना आडंबर, ना पैसे, ना स्टेटस………. और ना पूजा कराने के वास्ते पंडित-पुरोहित की जरूरत | मरिक जाति द्वारा तैयार सभी के सूप में वही अल्हुआ, सुथनी, मूली, गाजर, हल्दी-अदरक-ईख……..  नारियल-बद्दी-जायफल आदि | सभी अपने-अपने माथे पर दउरा उठाते हैं | घाट पर सभी व्रती होते हैं चाहे अपने निजी आवासीय परिसर वाले निर्मित घाटों पर वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का परिवार हो या पूर्व मुख्यमंत्री लालू-राबड़ी का या फिर मधेपुरा के समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी का ही परिवार क्यों ना हो | ऊर्जा के अनंत स्रोतवाले सूर्यदेव के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करना ही तो छठ महापर्व का सार है, जो हमारे अस्तित्व को कायम रखने में सहायक है |

बिहारी समाज देश से लेकर विदेश तक में जहाँ भी होते हैं- छठ की थाली में एकता का दीप जलाने के वास्ते ट्रेन या प्लेन से घर आने की कोशिश में जुटे रहते हैं………|

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छठ के अर्घ्य के मूल में हैं भगवान श्रीकृष्ण

आस्था का महापर्व है छठ। इस छठ से न जाने कितनी ही कथाएं जुड़ी हुई हैं। सच तो यह है कि कोई पर्व ‘महापर्व’ बनता ही तब है जब उससे हमारी, आपकी, गांव की, शहर की, पुराण की, इतिहास की अनगिनत स्मृतियां-अनुभूतियां कथाओं के रूप में जुड़ जाएं। आपको सुखद आश्चर्य होगा कि महापर्व छठ की एक कथा भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी हुई है और उस कथा का विशेष महत्व है क्योंकि वो हमारा परिचय उस बिन्दु से कराती है जहां सूर्य को अर्घ्य देने की पवित्र परिपाटी का उद्गम है। चलिए, आपको ले चलें बिहार के नालंदा जिला स्थित बड़गांव जहां स्वयं श्रीकृष्ण पधारे थे और जिनकी प्रेरणा से यहां भगवान सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा शुरू हुई थी।

बड़गांव वैदिक काल से ही सूर्योपासना का प्रमुख केन्द्र रहा है। यहां का सूर्यमंदिर दुनिया के 12 अर्कों में से एक है। ऐसी मान्यता है कि यहां छठ करने पर हर मुराद पूरी होती है। तत्कालीन मगध में छठ की महिमा इतनी उत्कर्ष पर थी कि युद्ध के लिए राजगीर आए भगवान कृष्ण ने भी बड़गांव पहुंच कर भगवान सूर्य की अराधना की थी। इसकी चर्चा सूर्य पुराण में भी है। आज भी हजारों श्रद्धालु चैत और कार्तिक माह में यहां छठ का व्रत करने आते हैं।

बहरहाल, यहां से आगे चलते हैं। ऐसी मान्यता है कि महर्षि दुर्वासा एक बार श्रीकृष्ण से मिलने द्वारिका गए थे। उस समय भगवान कृष्ण रुक्मिणी के साथ विहार कर रहे थे। उसी दौरान किसी बात पर श्रीकृष्ण के पौत्र राजा साम्ब को हंसी आ गई। महर्षि दुर्वासा ने उनकी हंसी को अपना उपहास समझ लिया और उन्हें कुष्ठ होने का श्राप दे दिया। श्रीकृष्ण ने इस कष्टदायी श्राप से मुक्ति के लिए अपने पौत्र को सूर्य की अराधना करने को कहा। तब राजा साम्ब ने 49 दिनों तक बर्राक (वर्तमान बड़गांव) में रहकर भगवान सूर्य की उपासना की। कहते हैं उन्होंने वहां स्थित एक गड्ढ़े के जल का सेवन किया और उसी से सूर्य को अर्घ्य दिया, जिससे वे रोग व श्राप से मुक्त हो सके। आगे चलकर राजा साम्ब ने अपने पितामह श्रीकृष्ण की आज्ञा से उस गड्ढे वाले स्थान की खुदाई करके तालाब का निर्माण कराया। इसमें स्नान करके आज भी कुष्ठ जैसे असाध्य रोग से लोगों को मुक्ति मिलती है।

आपको बता दें कि कालांतर में तालाब की खुदाई के दौरान भगवान सूर्य, कल्प विष्णु, लक्ष्मी, सरस्वती, आदित्य माता, जिन्हें छठी मैया भी कहते है, सहित नवग्रह देवता की प्रतिमाएं इस स्थान से निकलीं। तालाब के पास ही एक सूर्यमंदिर भी था, जिसके बारे में कहा जाता है कि उसकी स्थापना अपने पितामह के कहने पर राजा साम्ब ने ही कराई थी। आगे चलकर 1934 के भूकंप में यह मंदिर ध्वस्त हो गया। बाद में ग्रामीणों ने तालाब से कुछ दूर पर मंदिर का निर्माण कर सभी प्रतिमाओं को स्थापित किया।

‘मधेपुरा अबतक’ के लिए डॉ. ए. दीप

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सूर्योपासना का चार दिवसीय महाछठ पर्व शुरू………..!

मधेपुरा सहित जिले के सभी प्रखंडों के मुख्यालय से लेकर सुदूर गाँवों तक सभी समुदाय के लोग सप्ताह भर से इस लोक आस्था के छठ महापर्व को लेकर जहाँ जोर-शोर से घर से घाट तक की सफाई व सजावट करने में लगे नजर आते रहे वहीं प्रदेश के मंत्री-मुख्यमंत्री से लेकर जिला प्रशासन के आलाधिकारी डीएम मो.सोहैल, एसपी विकास कुमार, एसडीएम संजय कुमार निराला की पूरी टीम विधि व्यवस्था से लेकर आपात स्थिति से निपटने तक के लिए नदी में गोताखोरों तथा तटों पर दमकल सहित एंबुलेंसों तक की व्यवस्था में जुटे रहे | इस बार घाटों पर सादे लिवास में पुलिस तैनात की जा रही है विस्फोटक पदार्थों पर भी नजर रखी जा रही है |

बता दें कि जहाँ नदी में खतरे के निशान को चिन्हित कर रस्सी से घेरा जा रहा है वहीं प्रत्येक घाट पर रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है | यहाँ तक कि एंटी सबोटेज चेकिंग भी सुनिश्चित की गई है |

यह भी बता दें कि प्रशासन द्वारा छठ घाटों पर यदाकदा अगलगी की घटनाओं को रोकने के लिए इस वर्ष आतिशबाजी व पटाखे छोड़ने पर रोक लगा दी गई है | साथ ही मिलावटी खाद्य पदार्थों की सघन जांच एवं विधि संगत कार्रवाई करने हेतु निदेश भी दिया गया है |

छठ को लेकर सदर अस्पताल प्रशासन भी मुस्तैद है | सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पांडे द्वारा अस्पताल में चौबीसो घंटे इमरजेंसी वार्ड को तैनात रहने का आदेश जारी कर दिया गया है | जीवन रक्षक दवाइयाँ भी उपलब्ध करा ली गई है | प्रखंड स्तर पर भी चाक-चौबंद व्यवस्था पूरी कर ली गई है | थानाध्यक्षों द्वारा शांति समिति की बैठकें की जा चुकी हैं | यहाँ तक कि सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम-कचहरी के न्याय सचिव, पंचायत सचिव तथा राजस्व कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी कर्मचारी अपने-अपने पंचायत में छठ की शाम और सुबह में घाटों पर तैनात रहेंगे ताकि व्रतियों को कोई कठिनाई न हो | यदि कोई कमी नजर आये तो उसकी सूचना वरीय पदाधिकारी को तुरंत दें | शराबी या जुआरी कहीं भी नजर आये तो अविलम्ब उच्चाधिकारी को सूचित करें | डीएम मो.सोहैल ने कहा कि इस महाव्रत के दरमियान किसी भी कर्मचारी की लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जायेगी |

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मधेपुरा में चित्रगुप्त पूजा उल्लास पूर्वक मनाया गया

न केवल मधेपुरा जिला मुख्यालय के लक्ष्मीपुर मुहल्ला के सामुदायिक चित्रगुप्त भवन में बल्कि बिहारीगंज, बभनगामा, गमैल……. सिंहेश्वर सहित अन्य जगहों पर भी विभिन्न लिपियों के आविष्कारक भगवान चित्रगुप्त की पूजा-अर्चना सर्वाधिक श्रद्धाभाव से उन बच्चों एवं बड़ों द्वारा कलम और दावात रखकर मन्नतें माँगते हुए की गई जिनकी आजीविका का माध्यम मूलरूप से उनकी कलम ही होती है |

बता दें कि अंग्रेजी एवं हिन्दी साहित्य के कलमजीवी विद्वानद्वय वयोवृद्ध राय बसंत कुमार सिन्हा एवं हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने आनेवाली पीढ़ी को यह जानकारी दी-

“दीपावली के पाँच दिवसीय त्योहार का आखिरी दिन ‘यम द्वितीया’ के नाम से प्रचलित है | इस दिन भाई-बहन के प्रेम का पर्व ‘भैया दूज’ मनाने के साथ-साथ कलमजीवी कायस्थ समाज के लोग ब्रह्माजी के पुत्र भगवान चित्रगुप्त की प्रतिमा के समक्ष कलम-दावात रखकर उनकी पूजा करते हैं, मन्नतें मांगते हैं…..|”

मौके पर उपस्थित मधेपुरा के जांबाज एसपी विकास कुमार, डॉ.के.एन.दास, डॉ.अरविंद श्रीवास्तव सहित वार्ड पार्षद अशोक सिन्हा…… आदि ने विचार व्यक्त करते हुए इस बात की पुष्टि की-

“धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाभारत काल में भीष्म पितामह ने भी चित्रगुप्त भगवान की पूजा की थी, जिससे प्रसन्न होकर चित्रगुप्त ने भीष्म पितामह को ‘इच्छामृत्यु’ का वरदान दिया था…….|”

Madhepura Hindustan Bureau Chief Shri Saroj Kumar giving the award of excellence to Miss Anushka and Kajal from Shashi Sarojini Saharsa in Kathak and Jat-Jatin Dance respectively.
Madhepura Hindustan Bureau Chief Shri Saroj Kumar giving the award of excellence to Miss Anushka and Kajal from Shashi Sarojini Saharsa in Kathak and Jat-Jatin Dance respectively.

यह भी जानिए कि चित्रगुप्त पूजनोत्सव के मौके पर मधेपुरा चित्रांश समिति के बैनर तले सुकवि सूरज की सरस्वती वंदना के साथ अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में पधारे झारखंड से सुशील साहिल, सुपौल से अरविंद ठाकुर, सहरसा से स्वाति शाकंभरी, भागलपुर से फ़ैज़ रहमान फ़ैज़, रामनाथ शोधार्थी, समीर परिमल, अंजनी कुमार सुमन, रामावतार राही, संतोष सिन्हा आदि…… एवं बंदन ब्रदर्स द्वारा स्थापित शशि सरोजनी सांस्कृतिक रंगमंच के प्रभावी कलाकार द्वय काजल एवं अनुष्का ने देर रात तक दर्शकों की तालियां बटोरी |

अंत में कवि-शायर एवं शशि सरोजिनी के कलाकार द्वय को पूर्व मुख्य पार्षद डॉ.विशाल कुमार बबलू, उपाध्यक्ष अशोक यदुवंशी, पूर्व पार्षद ध्यानी यादव, गोपाल श्रीवास्तव, आशा श्रीवास्तव, लाला भूपेन्द्र, जनार्दन लाल दास, के.के.सिन्हा, प्रदीप श्रीवास्तव, निर्भय सिन्हा, नरेश सिन्हा……. आदि की उपस्थिति में संस्था की ओर से सम्मानित कर सहभोज सम्पन्नोपरांत सादर विदा किया गया |

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एल्सटॉम कंपनी ने लिया मधेपुरा के छह गाँवों को गोद

मधेपुरा विद्युत रेल इंजन कारखाना निर्माण में जुटा है फ्रांस की कंपनी एल्सटॉम | पहला रेल इंजन बनना चालू होने के साथ एल्सटॉम द्वारा आस-पास के 6 गाँवों- तुनियाही (उत्तरी-दक्षिणी), लक्ष्मीरामपुर (उत्तरी-दक्षिणी) एवं गणेश स्थान (वार्ड न० – 13 और 14) को गोद लिया गया है |

बता दें कि प्रोजेक्ट पदाधिकारी ऋषिकेष रंजन द्वारा मधेपुरा अबतक को यह जानकारी दी गई कि जहाँ इन गाँवों में नियमितरुप से 6 मोबाइल विकास केंद्रों में फिलहाल स्कूल नहीं जाने वाले 14 वर्ष से कम उम्र के 110 बच्चों को एल्सटॉम की ओर से NGO- प्रज्ञा’ द्वारा नियमित रूप से पढ़ाया जाता है वहीं डॉ.एम.के.झा के निर्देशन में पांच सदस्यों वाली मेडिकल टीम द्वारा गोद लिए गये गाँवों में नियमित रुप से जा-जाकर जरूरतमंद सभी मरीजों की मुफ्त जाँच की जाती है और मुफ्त दवा भी उपलब्ध कराई जाती है |

एल्सटॉम कंपनी के वरीय पदाधिकारी के.के.भार्गव ने भी बताया कि आने वाले दिनों में सामाजिक सरोकार के तहत कई और अन्य विकास के काम किए जायेंगे | तत्काल इन गाँवों के बेरोजगार युवाओं एवं महिलाओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया जा रहा है तथा सरकारी नौकरियों में निकलने वाली वैकेंसी के बारे में भी इन्हें जानकारी दी जा रही है | कंपनी इन्हें Job दिलाने की दिशा में हर संभव प्रयास करेगी |

इस अवसर पर मधेपुरा के शिक्षाविद-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने मधेपुरा विद्युत रेल इंजन फैक्ट्री सहित एल्सटॉम कंपनी के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों को दीपावली एवं छठ पूजा की शुभकामनाएं देते हुए यही कहा कि ‘एल्सटॉम’ एवं ‘प्रज्ञा’ द्वारा आस-पास के गोद लिए गये इन गाँवों से अशिक्षा और बेरोजगारी को दूर करने की जो मुहिम चलायी जा रही है वह निश्चिय ही ग्रासरूट पर किये जाने वाले कार्य हैं- जिनसे गाँवों का विकास होगा, क्योंकि अभी भी तो हमारा गाँव गरीब ही है | गाँधी-लोहिया-जयप्रकाश एवं भूपेन्द्र-भीम-कर्पूरी….. का भारत तो मूलरूप से गाँवों में ही बसता है |

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मधेपुरा में भारतरत्न डॉ.कलाम की 87वीं जयन्ती मनी

मधेपुरा के तुलसी पब्लिक स्कूल में गाँधीयन मिसाइल मैन कहलाने वाले भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की 87वीं जयन्ती समारोहपूर्वक मनाई गई | यह समारोह सर्वाधिक उत्साह, उमंग एवं सादगी के साथ शिक्षकों एवं छात्रों की उपस्थिति में मनाया गया |

सर्वप्रथम डॉ.कलाम की तस्वीर पर उद्घाटनकर्ता समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, मुख्य अतिथि श्यामल कुमार सुमित्र सहित शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने पुष्पांजलि की | फिर डॉ.कलाम के जीवनवृत्त पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए डॉ.मधेपुरी ने संबोधन के अंत में बच्चों से यही कहा-

“जो कुछ करने का संकल्प लो उसे जुनून एवं आत्मविश्वास के साथ पूरा करो | आत्मविश्वास तुम्हारे जीवन में अद्भुत चमत्कार ला सकता है……… केवल उसे अपने मन-प्राणों में निरंतर उतारने की कोशिश में लगे रहो |”

Dr.Madhepuri with kids and teachers with full of Spirit during the Missileman Dr.APJ Abdul Kalam's 87th Happy Birthday celebration at Tulsi Public School Madhepura.
Dr.Madhepuri with kids and teachers with full of Spirit during the Missileman Dr.APJ Abdul Kalam’s 87th Happy Birthday celebration at Tulsi Public School Madhepura.

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में तुलसी पब्लिक स्कूल के निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र ने कहा कि डॉ.कलाम दुनिया के पहले ऐसे राष्ट्रपति थे जिन्होंने राष्ट्रपति भवन में हो रहे अपने शपथ-ग्रहण समारोह में देश के सौ स्कूली बच्चे-बच्चियों को आमंत्रित किया था |

बता दें कि समारोह की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ.हरिनंदन प्रसाद यादव ने अपने संबोधन में डॉ.कलाम के अनुशासन प्रियता की चर्चा करते हुए स्कूल में उपस्थिति एवं अनुशासन को लेकर सर्वश्रेष्ठ छात्र के रूप में वर्ग-2 के मनदीप कुमार एवं छात्रा समूह में वर्ग 5 की आस्था कुमारी के नाम की घोषणा की | इन दोनों को उद्घाटनकर्ता डॉ.मधेपुरी के हाथों मोंमेंटो देकर पुरस्कृत किया गया |

यह भी जानिए कि “डॉ.कलाम के व्यक्तित्व एवं कृतित्व” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया था | शिक्षक द्वय वरुण कुमार वर्मा एवं नरेश कुमार के संरक्षण में लगभग एक दर्जन छात्र-छात्राओं यथा आस्था प्रिया, लक्ष्मी, निधि, छवि, आर्यन, प्रियांशु, अभिनव, नीरज…….. आदि ने हिन्दी व अंग्रेजी में भाषण दिया और तालियाँ भी बटोरी | पुरस्कार स्वरूप मिठाइयाँ व चाकलेट्स  का वितरण किया गया | समारोह को सफल बनाने में विभीषण कुमार, मनीषा कुमारी, माधुरी यादव, आशुतोष कुमार, आदित्य आदि की भूमिका महत्वपूर्ण रही | अंत में वरुण कुमार वर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन और अध्यक्ष के निर्देशानुसार कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की गयी |

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और राहुल ने ली मोदी की सही वक्त पर सही चुटकी

वैसे तो कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी प्रारंभ से प्रधानमंत्री मोदी नरेन्द्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी को लेकर आक्रामक रुख अपनाते रहे हैं, लेकिन ज्यादातर मौकों पर उनकी ‘टाइमिंग’ और ‘पंच’ सटीक नहीं रहे। पर इधर कुछ दिनों से उन्होंने जैसी परिपक्वता दिखाई है, वह वाकई काबिले तारीफ है। कहना गलत न होगा कि उन्होंने अब मौके पर चौका लगाना सीख लिया है। अब ताजा उदाहरण ही लीजिए। राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी पर चुटकी भरे अंदाज में हमला बोला है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पाकिस्तान के समर्थन में किए गए ट्वीट पर मोदी की चुटकी ली है। चलिए जानते हैं कि मामला क्या है?

दरअसल, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा एक अमेरिकी परिवार को हक्कानी नेटवर्क के चंगुल से छुड़ाने के बाद ट्रंप ने इस बाबत पाकिस्तान की तारीफ करते हुए ट्वीट किया था। ट्रंप के इस ट्वीट –  Starting to develop a much better relationship with Pakistan and its leaders. I want to thank them for their cooperation on many fronts. – के जवाब में राहुल ने ट्वीट करते हुए लिखा – जल्दी कीजिए मोदीजी, लगता है राष्ट्रपति ट्रंप को एक और झप्पी की जरूरत है (Modiji quick; Modiji, quick; looks like President Trump needs another hug)।

बता दें कि अमेरिका काफी समय से पाकिस्तान को आतंक का समर्थन करने के लिए फटकार लगाता रहा है। अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ते मतभेद को भारत की कूटनीतिक जीत के तौर पर भी देखा जा रहा था। इसी साल जून में पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात हुई थी, जिसमें उन्होंने भारत को अपना ‘सच्चा साथी’ बताया था। खबरें है कि अब भारत के अधिकारी इस बात का इंतजार कर रहे हैं पाक को लेकर अमेरिका की अगली प्रतिक्रिया क्या होगी? बहरहाल, राहुल ने सही समय पर सही निशाना तो साध लिया ही है।

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मधेपुरा के लोहियावादियों ने मनाई डॉ.लोहिया की 51वीं पुण्यतिथि

मधेपुरा के शिवनन्दन प्रसाद मंडल विधि महाविद्यालय के सभागार में विश्व के महान समाजवादी चिंतक डॉ.राम मनोहर लोहिया की 51वीं पुण्यतिथि जद(यू) के बैनर तले काफी उत्साह व उमंग के साथ मनाई गई | यह आयोजन देर शाम तक जद(यू) जिलाध्यक्ष प्रो.बिजेन्द्र नारायण यादव एवं जिला महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्षा श्रीमती मीना देवी की अध्यक्षता में संयुक्तरुप से गतिमान रहा |

बता दें कि जिले के सभी प्रखंडों से आई महिला सेल के सचिव व अध्यक्ष, विधि महाविद्यालय के कर्मियों सहित प्राचार्य प्रो.सत्यजीत यादव एवं जिले भर से आये लोहियावादियों ने डॉ.लोहिया के विशाल सिद्धांतवादी व्यक्तित्व की जमकर चर्चाएं की और हृदय से श्रद्धांजलि भी अर्पित की |

यह भी जानिए कि इस पुण्यतिथि समारोह के आरंभ में उद्घाटनकर्ता के रूप में पूर्व विधि मंत्री सह वर्तमान जनप्रिय विधायक नरेन्द्र नारायण यादव (आलमनगर), मुख्यवक्ता के रूप में समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी एवं जिला संगठन प्रभारी अमर कुमार चौधरी उर्फ़ भगवान चौधरी, नेत्री गुड्डी देवी, जिप सदस्या बुलबुल सिंह आदि सहित उपस्थित समस्त नर-नारियों द्वारा डॉ.लोहिया के तैल चित्र पर माल्यार्पण किया गया तथा पुष्पांजलि अर्पित की गई | साथ ही उपस्थित जनों को नीतीश सरकार के “बाल विवाह एवं दहेज” के विरुद्ध शपथ-ग्रहण भी कराया गया |

इस अवसर पर जहाँ उद्घाटनकर्ता नरेन्द्र नारायण यादव ने देर तक उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ.लोहिया राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काले-गोरे के बीच की खाई को पाटने के लिए संघर्ष करते रहे वहीं मुख्य वक्ता डॉ.मधेपुरी ने विस्तार से लोहिया के समाजवाद की बारीकियों को मनीषी भूपेन्द्र नारायण मंडल को संदर्भित करते हुए विभिन्न उदाहरणों के साथ सबों को मंत्रमुग्ध कर देर तक बाँधे रखा | जहां संगठन प्रभारी भगवान चौधरी ने डॉ.लोहिया को स्पष्टवादिता, निर्भीकता एवं सीधे-सपाट तर्कपूर्ण विचारों का पुंज कहा वहीं व्यवसायिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अशोक चौधरी एवं दलित  प्रकोष्ठ के अध्यक्ष नरेश पासवान ने बखूबी मंच संचालन किया और अंत में अल्पाहार के साथ धन्यवाद ज्ञापन करते हुए डॉ.नीलाकान्त ने समारोह के समाप्त होने की उद्घोषणा की |

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