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मधेपुरा की बेटी ‘ललिता’ बनेगी एक दिन पीटी उषा …..!

‘ललिता’ मधेपुरा की बेटी ! पूरा नाम सुमन भारती ‘ललिता’ ! अभावों का कुबेर है वह !  21 वर्षीय ललिता ने यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति के बूते कोई भी मंजिल पाई जा सकती है |

बता दें कि 1997 में जन्म ग्रहण करने वाली ललिता के सिर से 2000 आते-आते माता-पिता का साया उठ गया | उसके बाद ललिता के पालनहार बने नाना-नानी को भी 2008 में आई कुसहा त्रासदी ने छीन ली | और तब से ललिता की जिंदगी में शुरू हुए संघर्ष का दौर आज तक जारी है लेकिन उसके जुनून के सामने कोई टिक नहीं पाता है | छोटी सी उम्र में अनाथ होने के बावजूद ललिता के अंदर कभी जज्बे की कमी नहीं रही | तब से जख्मों पर मरहम लगा-लगाकर ट्रैक पर नंगे पाँव दौड़ लगाती रही ललिता | मधेपुरा की बेटी अब कोसी का ही नहीं बल्कि बिहार का भी नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन कर रही है |

यह भी जानिये कि मैराथन दौर में राष्ट्रीय स्तर पर 5 मेडल हासिल करने वाली ललिता राज्य स्तर पर 7 बार गोल्ड मेडलिस्ट रह चुकी है | राष्ट्रीय फलक पर कोसी का नाम रोशन करने के बाद ललिता का अगला लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतना है |

यह भी बता दें कि जहाँ 2013 में भारतीय रेल द्वारा आयोजित राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता एवं 2014 में ऑल इंडिया सोसाइटी की प्रतियोगिता में ललिता विनर व रनर रही वहीं 2015 के नेशनल एथलेटिक्स में प्रथम स्थान पाकर ललिता ने बिहार का नाम रोशन किया | फिर जहां 2016 में नेशनल मैराथन में गोल्ड मेडल जीतकर बिहार का परचम लहराया वहीं 2017 में पटना के गांधी मैदान में आयोजित मैराथन की विनर बनी और बंगाल में आयोजित नेशनल एथलेटिक्स की रनर रही |

ऐसी धाविका को मदद के रेस में सरकारी तंत्र भी रह जाता है पीछे, तभी तो रनिंग ट्रैक पर कमाल करने और धमाल मचाने के लिए नाइट गार्ड की नौकरी करनी पड़ती है ललिता को | फिलहाल मधेपुरा जिला के डंडारी गाँव में माता स्व. मीरा एवं पिता स्व. लक्ष्मी यादव के घर जन्मी अनाथ ललिता को उत्साहित एवं प्रोत्साहित करने के लिए गुरु सह कोच शंभू कुमार हैं जिसे ललिता अपने जीवन का आदर्श मानती है |

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तय होने लगे राज्यसभा उम्मीदवारों के नाम

23 मार्च को निर्धारित राज्यसभा चुनाव के नामांकन की तारीख – 12 मार्च – के निकट आते ही पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित करने शुरू कर दिए हैं। जैसा कि तयप्राय था, सत्तारूढ़ भाजपा ने वित्तमंत्री अरुण जेटली व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद समेत अपने सभी बड़े नेताओं को पुन: उच्च सदन भेजने की घोषणा कर दी है। उधर सपा ने अपने हिस्से की एक सीट पर एक बार फिर जया बच्चन को भेजने का मन बना लिया है, जबकि संख्याबल के हिसाब से जीतने की संभावना क्षीण होने के बावजूद बसपा ने भी अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले जेडीयू की बात करें तो पार्टी ने उम्मीदवारों को लेकर अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं।

भाजपा उम्मीदवारों की बात करें तो पार्टी ने उत्तर प्रदेश से वित्त मंत्री अरुण जेटली को उम्मीदवार बनाया है, जबकि मध्यप्रदेश की दो सीटों के लिए थावर चंद गहलोत और उर्जा मंत्री धर्मेद्र प्रधान के नाम का ऐलान किया गया है। गुजरात की बात करें तो वहां की दो सीटों के लिए मनसुख लाल मंडाविया और पुरुषोत्तम रुपाला को बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया है। हिमाचल प्रदेश से स्वास्थ मंत्री जेपी नड्डा को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया गया है। केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद को बिहार के रास्ते राज्यसभा भेजना तय हुआ है, तो वहीं राजस्थान से भूपेन्द्र यादव को उम्मीदवार बनाया गया है।

सपा की बात करें तो पार्टी ने यूपी से जया बच्चन को उम्मीदवार बनाया है। पहले चर्चा थी कि नरेश अग्रवाल को राज्यसभा का टिकट दिया जा सकता है। वहीं बसपा ने भीमराव अंबेडकर को अपना प्रत्याशी बनाया है। यहां कहा जा रहा था कि संभवत: पार्टी सुप्रीमो मायावती खुद को राज्यसभा भेजने की कोशिश कर सकती हैं। लेकिन कहा जा सकता है कि संख्याबल पर्याप्त ना होने से केवल अन्य पार्टियों के समर्थन के भरोसे उन्होंने ऐसा करना उचित नहीं समझा।

इधर बिहार से जेडीयू के राज्यसभा उम्मीदवारों की बात करें तो पार्टी ने अभी सस्पेंस बनाकर रखा हुआ है। वैसे राजनीति के जानकार बताते हैं कि दो में से एक सीट के लिए प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह का नाम तय है, जबकि दूसरी सीट के लिए हवा में कई नाम तैर रहे हैं।

बता दें कि चुनाव आयोग ने अलग-अलग राज्यों की 58 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की तारीख 23 मार्च रखी है। वहीं नामांकन की आखिरी तारीख 12 मार्च तय की गई है। 15 मार्च तक नामांकन वापस लिया जा सकता है। यह भी जानें कि उत्तर प्रदेश से 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होना है तो वहीं महाराष्ट्र और बिहार से 6-6 सदस्यों का चुनाव होना है। मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल से 5-5 तो ओडिशा, राजस्थान, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से 3-3 सीटों के लिए चुनाव होना है।

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106 दीपों की श्रृंखला प्रज्वलित कर मनेगा गौरवशाली बिहार दिवस- डीएम

डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (भा.प्र.से.) की अध्यक्षता में समाहरणालय सभा कक्ष में 5 मार्च को आयोजित बैठक में पदाधिकारियों एवं गणमान्यों द्वारा दो दिवसीय ‘बिहार दिवस’ को हर्षोल्लास के साथ समारोह पूर्वक मनाये जाने का निर्णय लिया गया |

बता दें कि जिले के सभी विद्यालयों के बच्चे-बच्चियों द्वारा 22 मार्च को प्रभात फेरी निकाली जायेगी जिसमें बिहार के गौरव को बढ़ाने वाले नारे लगाये जायेंगे | प्रभात फेरी में बच्चों के हाथ में तख्तियों पर बाल विवाह बन्दी, दहेज बन्दी, नशान्दी के साथ-साथ शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों सहित आधुनिक बिहार के विकास का गौरवगान भी किया जायेगा | हर आम व खास जन स्वच्छता अभियान के साथ-साथ वन विभाग से सहयोग लेकर अपने-अपने क्षेत्र में वृक्षारोपण भी करेंगे |

यह भी जानिये कि शाम में सरकारी भवनों को नीली रोशनी से सजाया जायेगा | साथ ही आमजन को भी जानकारी दी जा रही है कि वे अपने-अपने भवन पर भी 106 दीपों की श्रंखला प्रज्वलित कर बिहार की गरिमा को गौरवान्वित करें | गांव में चौपाल एवं शहर में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया जाय | प्रखंडस्तर से लेकर जिला स्तर तक दो दिवसीय विकास मेला, कृषि मेला, खेलकूद एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित करने का प्रस्ताव पारित किया गया | मेला में मनरेगा, जीविका……. आदि के अतिरिक्त सभी विभागों द्वारा स्टॉल लगाया जायेगा | खेलकूद प्रतियोगिता महिला एवं पुरुष दोनों वर्गों के लिए आयोजित किया जाएगा | ये सारे आयोजन कला संस्कृति एवं युवा निदेशालय के गाइड लाइन के आलोक में होगा |

दो दिनों के कार्यक्रमों को आकर्षक बनाने हेतु स्थानीय कलाकारों एवं बाहर के नामचीन कलाकारों द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुति किये जाने का निर्णय लिया गया | साथ ही कला स्थायी समिति के सदस्य मो.शौकत अली के प्रस्ताव मुशायरा व कवि सम्मेलन एवं डीआरडीए उद्यान में झल्लू बाबू की प्रतिमा की स्वीकृति के साथ-साथ स्थाई समिति के सदस्य व समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी के प्रस्ताव “जिला अतिथि गृह के पूरब वाले अनामित पार्क” का नाम महामहिम डॉ.कलाम पार्क और सामने वाले चिल्ड्रेन पार्क को शहीद चुल्हाय चिल्ड्रन पार्क “नामित करने के प्रस्ताव की सहमति के साथ जिलापदाधिकारी मो.सोहैल ने कहा कि शहीद पार्क होने से शहीद दिवस और कारगिल दिवस मनाने हेतु उपयुक्त स्थान हो जायेगा | साथ ही डॉ.मधेपुरी के प्रस्ताव- “जिले के जो क्रान्तिवीर आजादी के आंदोलन में शहीद हुए हैं और उद्यतन जो सैनिक देश की रक्षा के लिए शहीद हुए हैं उनका नाम शिलापट्ट पर अंकित हो”- को अध्यक्ष ने स्वीकृति देते हुए सक्षम पदाधिकारी को निर्माण करने हेतु निर्देश दिया और डॉ.मधेपुरी से शहीदों के नाम उपलब्ध कराने का अनुरोध किया |

कलाकारों के चयन हेतु डीडीसी मुकेश कुमार की अध्यक्षता में 9 सदस्यीय कमेटी गठित की गई | इस अवसर पर जिले के कप्तान विकास कुमार (आई.पी.एस.) एवं एसडीएम संजय कुमार निराला ने कहा कि समस्त कार्यक्रमों में सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था रहेगी | शांति व्यवस्था पर हरवक्त प्रशासन की नजर रहेगी |

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पाकिस्तान में सेनेटर बन ‘कृष्णा’ ने रचा इतिहास

एक हिन्दू-दलित महिला ने 98 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले पाकिस्तान में इतिहास रच दिया। जी हाँ, पाकिस्तान के सिंध प्रांत के थार की रहने वाली कृष्णा कुमारी कोलही नाम की यह 39 वर्षीया महिला सेनेटर बनने वाली पाकिस्तान की पहली हिन्दू-दलित महिला है। बिलावल भुट्टो जरदारी के नेतृत्व वाले पीपीपी (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी) की उम्मीदवार कृष्णा ने चुनाव में तालिबान से जुड़े एक मौलाना को हराया है। कृष्णा का सेनेट के लिए चुना जाना पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों के अधिकारों और महिलाओं के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।

गौरतलब है कि 1979 में एक गरीब परिवार में जन्मीं कृष्णा के पिता किसान थे। वो 9वीं क्लास की छात्रा थीं जब 16 साल की उम्र में ही उनकी शादी हो गई थी। हालांकि, शादी के बाद भी कृष्णा ने पढ़ाई जारी रखी और साल 2013 में उन्होंने सिंध यूनिवर्सिटी से समाजशास्त्र में मास्टर्स की डिग्री हासिल की।

स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार से आने वाली कृष्णा कुमारी कोलही अपने भाई के साथ ऐक्टिविस्ट के तौर पर पीपीपी में शामिल हुई थीं। उन्होंने थार में हाशिये पर जी रहे लोगों के अधिकारों की आवाज उठाई है। बहरहाल, चलने से पहले बता दें कि पाकिस्तान के अपदस्थ प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन सेनेट में सबसे अधिक सीटें हासिल कर संसद के उच्च सदन में सबसे बडी़ पार्टी बनकर उभरी है।

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मधेपुरा रेल फैक्ट्री से ट्रायल पर बाहर निकला पहला इंजन

मधेपुरा ग्रीन फील्ड रेल फक्ट्री में बना पहला AC विद्युत इंजन आखिर ट्रायल पर कारखाने से बाहर निकल ही गया | बता दें कि दौरम मधेपुरा स्टेशन के मुख्य रेल लाइन से कारखाना जानेवाला 2 किलोमीटर लंबी ट्रैक पर ट्रायल पर निकला पहला एससी विद्युत इंजन को देखने के लिए आसपास के नर-नारियों एवं बच्चे-बूढ़ों की भीड़ जुट गई जबकि 120 किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाला इंजन ट्रायल के समय मात्र 30 किलोमीटर की रफ्तार से ही दौड़ रहा था | ट्रायल के बाद इंजन पुन: रेल कारखाना लौट गया |

मधेपुरा रेल फैक्ट्री के डिप्टी चीफ इंजीनियर के.के.भार्गव ने ट्रायल को सफल बताते हुए मधेपुरा अबतक को बताया कि दो पार्ट में बटे इंजन को जोड़कर एक इंजन तैयार किया गया है | 12,000 हॉर्स पावर का एक एसी विद्युत इंजन तैयार किये जाने की जगह छह-छह हज़ार हार्स पावर के दो पार्ट को मिलाकर तैयार किया गया है | श्री भार्गव ने कहा कि इंजन चलाने के लिए चालक दोनों तरफ होते हैं, बीच में नहीं | उन्होंने यह भी कहा कि पहले जहाँ भारत में साढ़े तीन हजार टन वजन खींचने वाला इंजन बनता था वहीं मधेपुरा रेल फैक्ट्री में यह 6,000 टन वजन खींचने वाला इंजन बनकर ट्रायल पर निकला है |

यह भी जानिए कि ट्रायल पर निकले इस रेल इंजन की लंबाई लगभग 35 मीटर है जो दो पार्ट में बना है | अलग तरह का रेल इंजन चलता देखकर लोगों की भीड़ जुटना स्वाभाविक है | तभी तो दर्शक दनादन इस इंजन का अपने-अपने मोबाइल में तस्वीर कैद करने लगे |

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मधेपुरा के लाल दीपक प्रकाश किलकारी खेल अवार्ड से सम्मानित

मधेपुरा जिले के घैलाढ़ प्रखंड के परमानपुर गाँव का रहने वाला युवा है दीपक प्रकाश रंजन | रंजन बैडमिंटन को अपना जीवन समर्पित कर दिया है | दीपक लगभग 14 वर्षों से बैडमिंटन से जुड़ा है | वह बैडमिंटन में जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर के अनेक प्रतियोगिताओं में सहभागिता कर चुका है |

बता दें कि ग्रामीण क्षेत्र में जन्मा, पला व बढ़ा लड़का दीपक रंजन बिहार सीनियर बॉल बैडमिंटन टीम के सदस्य होने के साथ-साथ सब-जूनियर, जूनियर विद्यालय एवं महाविद्यालयों के खिलाडियों को अपने प्रशिक्षण के माध्यम से तरासने व आगे ले जाने में तल्लीन रहता रहा है |

यह भी जानिये कि हाल ही में किलकारी बिहार बाल भवन पटना द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पद्मश्री उषा किरण खान एवं संस्था किलकारी की निदेशिका ज्योति परिहार ने प्रशिक्षक दीपक प्रकाश रंजन को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित किया है |

यह भी बता दे कि दीपक प्रकाश अब तक कई राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के बैडमिंटन प्रतियोगिता में अपनी लोहा मनवा चुका है | वे बैडमिंटन के मंजे हुए प्रशिक्षक हैं | दीपक के माता-पिता अपने लाल के कारनामों पर बेहद प्रसन्न हैं | पुलिस विभाग में कार्यरत पिताश्री शिवकुमार यादव एवं वार्ड सदस्या माताश्री सुलोचना देवी भी अपने कार्यों के प्रति समर्पित रहने के कारण काफी लोकप्रिय बने हुए हैं |

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परम को भी प्रिय है होली का उत्सव

एक ओर कहीं होली को प्रेम व भाईचारे का त्यौहार तो कहीं उमंग के साथ खुशियां बांटने का पर्व कहकर संबोधित करते हुए विभिन्न संस्थाओं द्वारा बंद होने के दिन “होली मिलन समारोह” का आयोजन किया गया तो दूसरी ओर शहर के गणमान्यों के साथ जिले के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल (IAS) एवं एसपी विकास कुमार (IPS) की टीम के एसडीएम संजय कुमार निराला, एएसपी राजेश कुमार व थानाध्यक्ष आदि द्वारा झल्लूबाबू सभागार में “शराबियों पर नजर रखने” के साथ-साथ कहीं कोई अप्रिय घटना को लेकर “हुड़दंगियों की खैर नहीं”….. आदि पर विधि व्यवस्था को दुरुस्त रखने हेतु बैठक आयोजित किया गया | डीएम व एसपी ने सम्मिलितरूप से कहा कि प्रशासन की सख्त निगाहें हर वक्त, हर जगह है और रहेगी |

बता दें कि जहाँ विभिन्न विद्यालयों से लेकर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में शिक्षकों एवं छात्रों द्वारा बुराइयों को दूर करने, बैर भाव को भुलाने तथा आपसी भाईचारा का माहौल बनाने के लिए एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएँ दी जाती रहीं वहीं स्थानीय रासबिहारी विद्यालय परिसर में प्रातः 6:00 बजे “पुष्प योगा होली मिलन समारोह” का आयोजन किया गया जिसमें शहर के प्रखर समाजसेवी व साहित्यकार डॉ.भूपेंन्द्र नारायण मधेपुरी को मूर्खाधिराज चयनित कर टीका एवं टोपी पहनाई गयी |

Prof.Reeta Kumari, Mrs.Madhuri Sihna, Sushree Ruby Kumari & other members of Patanjali attending "Yoga Holi Milan Samaroh" at Rasbihari School Campus Madhepura.
Prof.Reeta Kumari, Mrs.Madhuri Sihna, Sushree Ruby Kumari & other members of Patanjali attending “Yoga Holi Milan Samaroh” at Rasbihari School Campus Madhepura.

इस अवसर पर बाबा रामदेव की “करो योग रहो निरोग” को जन-जन तक पहुंचाने में लगे रहनेवाले डॉ.अमोल राय, डॉ.एन.के.निराला, डॉ.नंदकिशोर, डॉ.देव कुमार, प्रो.रीता कुमारी, सुश्री रूबी कुमारी, पोस्ट मास्टर राजेश कुमार, गणेश कुमार, दीपक कुमार, प्राण मोहन यादव, माधुरी सिन्हा…….. रेखा गांगुली……. आदि मूर्खों के साथ-साथ सिविल सर्जन डॉ.गदाधर पाण्डेय, पूर्व प्राचार्य डॉ.सुरेश प्रसाद यादव, प्रमंडलीय सचिव परमेश्वरी प्रसाद यादव, सिंडीकेट सदस्य डॉ.अजय कुमार, डॉ.नरेश कुमार……. सरीखे वरिष्ठ मूर्खगण द्वारा उदगार व्यक्त किया गया |

अंत में पतंजलि द्वारा आयोजित “होली मिलन ” में मूर्खाधिराज डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने यही कहा-

होली हमें सीख व संदेश देती है कि हमारा जीवन आनंदमय होना चाहिए | आनंद में ऐसी दिव्यता होनी चाहिए जिससे हमारे अंत:करण में “उत्सव का भाव” पैदा होता रहे | ऐसा होने से हमारा जीवन और अंतर्मन स्वाभाविक रूप से रंगमय हो जाता है | कपड़ों को रंगने की जरूरत नहीं पड़ती है | तब महात्मा कबीर की वाणी सार्थक होने लगती है |

डॉ.मधेपुरी ने कहा कि आखिर कुछ तो है, जो सारे पर्वों से ऊपर है- होली | तभी तो देवाधिदेव महादेव ने भी खेला, माधव व राघव ने भी खेला, सुफियों ने भी खेला और प्रजापिता ब्रह्माबाबा के अनुयायियों ने भी खेला…… और आज बाबा रामदेव के अनुयायीवृंद एक साथ प्रसाद ग्रहणकर ‘रंग’ की जगह ‘पुष्प’ की होली खेल रहे हैं और हमेशा याद करते हैं-

होली ईद मनाओ मिलकर, कभी रंग को भंग करो मत |

भारत की सुंदरतम छवि को, मधेपुरी बदरंग करो मत ||

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मांझी ने आरजेडी तो चौधरी ने थामा जेडीयू का हाथ

लोकसभा चुनाव से पहले ‘राजनीतिक सुविधा’ के लिए दल और प्रतिबद्धता बदलने का सिलसिला शुरू हो गया है और शुरुआत बिहार से हुई है। जी हां, बिहार की राजनीति के लिए फरवरी का अंतिम दिन उथल-पुथल भरा रहा। एक ओर जहां बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और ‘हम’ (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने एनडीए का साथ छोड़ आरजेडी-कांग्रेस महागठबंधन का दामन थाम लिया है, वहीं पूर्व शिक्षामंत्री व बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अशोक चौधरी सहित कांग्रेस के चार विधानपार्षदों ने कांग्रेस छोड़ जेडीयू से जुड़ने की घोषणा की है।

ख़बरों के मुताबिक जीतन राम मांझी ने आरजेडी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव से उनके घर पर बुधवार को मुलाकात कर एनडीए छोड़ने और आरजेडी के साथ महागठबंधन का हिस्सा बनने की घोषणा की। घोषणा के बाद तेजस्वी ने कहा कि मांझी उनके माता-पिता के पुराने दोस्त रहे हैं और वे मांझी का स्वागत करते हैं।

गौरतलब है कि मांझी और एनडीए के बीच तल्खी लंबे समय से चली आ रही थी। हाल में जहानाबाद उपचुनाव में टिकट न मिलने के कारण मांझी की नाराजगी और बढ़ गई थी। इसी कारण उन्होंने चुनाव के लिए प्रचार न करने का फैसला लिया था। यह भी किसी से छिपा नहीं कि मांझी के रिश्ते बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ भी ‘मधुर’ नहीं रह गए थे।

उधर एक अन्य घटनाक्रम में बिहार कांग्रेस के चार विधानपार्षद अशोक चौधरी, दिलीप चौधरी, रामचंद्र भारती एवं तनवीर अख्तर ने कांग्रेस छोड़ जेडीयू के साथ जाने की घोषणा की। बता दें कि इन चारों को कांग्रेस ने सस्पेंड कर दिया था, जिसके बाद के इन चारों ने यह निर्णय लिया। बिहार काग्रेस और आरजेडी-कांग्रेस महागठबंधन के लिए यह एक बड़ा झटका है। वैसे देखा जाय तो ये नेता जिनकी अगुआई अशोक चौधरी कर रहे थे, कांग्रेस से पहले ही से असंतुष्ट चल रहे थे। अशोक चौधरी के बुधवार के ट्वीट से यह और भी स्पष्ट हो जाता है, जिसमें उन्होंने लिखा – “कई महीनों की मानसिक प्रताड़ना और लगातार मिल रहे अपमान के बाद आखिरकार आज मैंने कांग्रेस पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया।”

बहरहाल, बिहार की राजनीति के लिए ये दोनों ही घटनाक्रम बहुत मायने रखते हैं। हालांकि राजनीति के जानकार बताते हैं कि ये तो अभी महज शुरुआत है। आने वाले दिनों में एनडीए और यूपीए दोनों ही ओर से पालाबदल के कई दृश्य अभी सामने आने हैं। खैर, आने वाले दिनों में जो भी हो, बिहार की राजनीति इतने ही से काफी गरमा गई है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता।

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त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय में भाजपा की बढ़त !

एग्जिट पोल की मानें तो त्रिपुरा, नगालैंड और मेघालय में कमल खिलने की पूरी संभावना है। त्रिपुरा में जहां भाजपा 60 में से 35 सीटें जीतकर सीपीएम की 25 साल पुरानी सरकार को गिराती नजर आ रही है, वहीं नगालैंड और मेघालय में भी उसे बढ़त मिलती दिख रही है। गौरतलब है कि इन तीनों राज्यों में इस बार भारी मतदान हुआ था, जिसका फायदा संभवत: भाजपा को मिला है।

बहरहाल, सबसे पहले त्रिपुरा की बात। न्यूज एक्स के एग्जिट पोल के मुताबिक यहां पहली बार भाजपा, आईपीएफटी की मदद से सरकार बना सकती है। अनुमान है कि भाजपा और आईपीएफटी के गठजोड़ को 35 से 45 सीटें मिल सकती हैं। वहीं सीपीएम का आंकड़ा 50 सीटों से गिरकर 14-23 के बीच रह सकता है। एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में तो भाजपा को इससे कहीं ज्यादा 45-50 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि लेफ्ट को महज 9-10 सीटें मिलती नजर आ रही हैं। हालांकि सीवोटर के एग्जिट पोल में त्रिपुरा की तस्वीर इन दोनों एग्जिट पोल से अलग दिख रही है। इसके मुताबिक यहां भाजपा गठबंधन और लेफ्ट के बीच कांटे की टक्कर है। इस एग्जिट पोल में सीपीएम को 26 से 34 सीटें, भाजपा गठबंधन को 24 से 32 सीटें और कांग्रेस को 0 से 2 सीटें मिल सकती हैं।

नगालैंड की अगर बात करें तो यहां भी एग्जिट पोल में भाजपा को आगे बताया जा रहा है। यहां भाजपा ने नेफ्यू रियो की अगुवाई वाले एनडीपीपी के साथ गठबंधन किया है। न्यूज एक्स के एग्जिट पोल के मुताबिक भाजपा को सहयोगियों के साथ 27-32 सीटें मिल सकती हैं। इसके अलावा 60 सदस्यों वाली विधानसभा में एनपीएफ को 20-25 सीटें, जबकि कांग्रेस को 0-2 सीटें मिलने का अनुमान है।

मेघालय की जहां तक बात है तो यहां भी भाजपा फायदे में दिख रही है। एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में अनुमान है कि 60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा 30 सीटें जीत सकती है, वहीं कांग्रेस को केवल 20 सीटें मिलने जा रही हैं। दूसरी ओर न्यूज एक्स के एग्जिट पोल के मुताबिक मेघालय की तस्वीर कुछ अलग ही दिख रही है। इस एग्जिट पोल में कोनार्ड संगमा की अगुवाई वाली एनपीपी (नेशनल पीपुल्स पार्टी) को 23-27 सीटें दी गई हैं। जबकि कांग्रेस के हिस्से में 13-17 और भाजपा के खाते में 8-12 सीटें बताई गई हैं।

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घर प्रथम पाठशाला है और माँ से बड़ा कोई शिक्षक नहीं- डॉ.रवि

ज्ञानभूमि पर आयोजित स्कूली बच्चों के समारोह में उद्घाटनकर्ता के रूप में भू.ना.मंडल विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति व पूर्व सांसद डॉ.रमेंद्र कुमार यादव रवि, मुख्य अतिथि वर्तमान विद्वान कुलपति डॉ.अवध किशोर राय, पूर्व प्रतिकुलपति डॉ.के.के.मंडल, परीक्षा नियंत्रक रहे डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, प्राचार्य डॉ.पी.एन.यादव, डॉ.बी राणा, डॉ.वाई.पी.यादव आदि ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया |

उद्घाटन के उपरांत मंच पर बच्चों के मनभावन स्वागत कार्यक्रम की समाप्ति के बाद सर्वप्रथम डॉ.मधेपुरी ने अपने 2 मिनट के संबोधन में तुलसी का बिरबा लगाने वाले संस्थापक कुलपति डॉ.रवि एवं उसी विश्वविद्यालय को नित नई ऊर्जा के साथ आगे ले जानेवाले वर्तमान कुलपति डॉ.ए.के.राय को भी बिना विस्तार से संबोधित किये ही ज्ञानभूमि पर उपस्थित सभी बुद्धिजीवियों को 1353 ई. के इतिहास की जानकारी देते हुए यही कहा कि डॉ.राणा नर्सिंग होम से पूरब रह रहे सूफी संत दौराम शाह मुस्तकिम के कारण यह ज्ञान भूमि तब से ऐतिहासिक एवं धार्मिक रूप से जाग्रत है | उन्होंने कहा कि उसी सूफी संत का नाम देकर स्टेशन का नाम “दौराम मधेपुरा” रखा गया है | डॉ.मधेपुरी ने तब और अब के गुरु-शिष्यों के बीच बढ़ते जा रहे फासले पर खेद प्रकट करते हुए अपनी चंद पंक्तियाँ सुनाकर खूब तालियाँ बटोरी- शिक्षक समाज का सृजनहार……. रे रक्षक रहवर रखवाला……..!

Honourable Vice-Chancellor Dr.Awadh Kishor Rai addressing at Gyanbhumi Samaroh.
Honourable Vice-Chancellor Dr.Awadh Kishor Rai addressing at Gyanbhumi Samaroh.

बता दें कि समारोह के मुख्य अतिथि के रुप में वर्तमान विद्वान कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने संस्थापक कुलपति डॉ.रवि, प्रतिकुलपति रहे डॉ.के.के.मंडल व अन्य गणमान्यों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में शिक्षा का वही स्थान है जो स्थान शरीर में दिल का होता है | उन्होंने विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा मानव जीवन की ज्योति है जिसे निरन्तर जलाये रखने वाले लोग आज भी पूज्य हैं | डॉ.राय ने यह भी कहा कि जहाँ कहीं लोग नि:स्वार्थ भाव से शिक्षण संस्थान की स्थापना करते हैं वे पुण्य के भागी बनते हैं वहीं उन्होंने छात्रों के सर्वांगीन विकास यानि पठन-पाठन के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के खेलों, वाद-विवाद प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों आदि में भाग लेने की प्रेरणा देते हुए यहाँ तक कह डाला कि हम और डॉ.मधेपुरी एक ही साथ टी.एन.बी. में पढ़ते थे | वे दो क्लास आगे थे, लेकिन मधेपुरा आने के बाद से मैं हमेशा यही महसूसता रहा हूँ कि डॉ.मधेपुरी में समाहित है मधेपुरा……|

यह भी जानिये कि टी एम बी यू के पूर्व प्रतिकुलपति डॉ.के.के.मंडल ने अपने संबोधन में यही कहा कि शिक्षा दान करना सबसे पवित्र काम है | इसे व्यापार नहीं बनायें | शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाले कई विद्वानों के साथ-साथ चिकित्सीय सेवा के लिए डॉ.बी.राणा एवं उनके छोटे पुत्र (कनाडा में कार्यरत) डॉ.विक्रम राणा को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया |

The Founder Vice-Chancellor & Former MP Dr.R.K.Yadav Ravi giving blessings to all.....
The Founder Vice-Chancellor & Former MP Dr.R.K.Yadav Ravi giving blessings to all…..

अंत में उद्घाटनकर्ता प्रखर साहित्यकार डॉ.रवि ने वसंतोत्सव व होलीकोत्सव को साहित्यिक रंग में रंगते हुए यही कहा कि न तो माँ से बढ़कर कोई शिक्षक है और न घर से बढ़कर कोई पाठशाला | उन्होंने कहा कि जहाँ की माताएं सर्वाधिक शिक्षित होंगी उस राष्ट्र को विकसित होने से कोई रोक नहीं सकता | डॉ.रवि ने यूँ उद्घृत करते हुए कहा कि भगवान सभी जगह एक समय नहीं रह सकते इसलिए ईश्वर ने माँ को बनाया | माँ की गोद में सीखी गई भाषा ही मातृभाषा है……. माँ एवं मातृभाषा का कोई विकल्प नहीं है………|

कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार, डॉ.बी.राणा, प्रभारी प्राचार्य डॉ.परमानंद यादव, डॉ.अमोल राय, डॉ.विक्रम राणा, डॉ.अशोक श्रीवास्तव आदि ने भी संबोधित किया तथा अध्यक्षता की डॉ.उदय कृष्ण एवं मंच संचालन किया यू के इंटरनेशनल स्कूल के प्राचार्य व अन्य सहयोगी |

अन्त में सभी गणमान्यों द्वारा ‘ज्ञानरथ’ को हरी झंडी दिखाकर विदा किया गया | कार्यक्रम में मुख्यरूप से उपस्थित रहे सिंडिकेट सदस्य द्वय डॉ.जवाहर पासवान, डॉ.अजय कुमार, डॉ.अशोक कुमार अकेला सहित बच्चे-बच्चियाँ एवं उनके माता-पिता व अभिभावकगण आदि |

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