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कोहली ने छोड़ा सचिन को पीछे

कोहली ने स्वयं को और ‘विराट’ कर लिया है। जी हाँ, वे वनडे इतिहास में सबसे तेज 10 हजार रन पूरा करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। भारत-वेस्टइंडीज के बीच दूसरे वनडे मैच में उन्होंने ये शानदार रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। यही नहीं, मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने 259 पारियों में ये आंकड़ा छुआ था, जबकि कोहली को यहां पहुंचने के लिए महज 205 पारियों की ही जरूरत पड़ी।

गौरतलब है कि विराट कोहली ने 73 टेस्ट की 124 पारियों में 8 बार नाबाद रहते 6331 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 24 शतक, 19 अर्धशतक और 6 दोहरे शतक जड़े हैं। बात अगर 213 वनडे मैचों की करें, तो इसकी 205 पारियों में 36 बार नाबाद रहते हुए विराट 10,000 रन बना चुके हैं। एकदिवसीय मैचों में वे 36 शतक और 49 अर्द्धशतक लगा चुके हैं। वहीं टी20 में उन्होंने 62 मुकाबलों में 18 अर्द्धशतक की मदद से 2102 रन बनाए हैं। उधर भारतरत्न तेन्दुलकर की बात करें तो कुल 463 वनडे मैचों में उन्होंने 86.23 की स्ट्राइक के साथ 18,426 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 49 शतक समेत 96 अर्धशतक भी जमाए। बात अगर टेस्ट की करें तो 200 मैचों में उन्होंने 51 शतक और 68 अर्धशतक की मदद से 15,921 रन बनाए।

चलते-चलते बता दें कि कोहली से पहले विश्व के 12 बल्लेबाजों ने वनडे में 10,000 रन पूरे किए हैं। इनमें उनके और तेन्दुलकर (18,426 रन) के अलावे भारत के तीन और महान खिलाड़ी – सौरव गांगुली (11,363), राहुल द्रविड़ (10,889) और महेंद्र सिंह धोनी – (10,123) शामिल हैं। कुल मिलाकर, विराट कोहली का सिर्फ नाम ही विराट नहीं है। ये शख्स अपने नाम की तरह ‘विराट’ काम भी कर रहा है। रिकार्डों का अंबार लगा चुका ये नायाब खिलाड़ी वेस्टइंडीज के खिलाफ सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में भी सचिन को पीछे छोड़ चुका है।

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पुस्तक के रूप में आया नीतीश के संसदीय भाषणों का संकलन

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संसदीय भाषणों का संकलन मंगलवार को पुस्तक के रूप में जारी किया गया। बिहार विधान परिषद के उपभवन स्थित सभागार में आयोजित ‘नीतीश कुमार : संसद में विकास की बातें’ पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, बिहार विधान परिषद के उपसभापति हारूण रशीद, मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और श्रवण कुमार तथा जदयू के प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद बशिष्ठ नारायण सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय ने किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह नीतीश कुमार एक मजबूत नेता हैं। यह भी सराहनीय है कि बिहार के मुख्यमंत्री बनने से पहले महत्वपूर्ण केन्द्रीय मंत्रालयों की जिम्मेवारी संभालने के बावजूद उनकी ईमानदारी निष्कलंक है। उन्होंने कहा कि बहुत कम लोग हुए जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से बिना भटके ईमानदारी और संकल्प से इतिहास बनाया। नीतीश कुमार इसके जीवित उदाहरण हैं।

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार में हिम्मत है कि वे पंचायत चुनावों में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण देने और शराबबंदी जैसे असाधारण निर्णय ले सकें। मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने बड़ी लकीर खींच दी है, जिसकी बराबरी शायद अगले 20-25 वर्षों में भी कोई नहीं कर पाये। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने केवल मुख्यमंत्री के नाते ही उल्लेखनीय काम नहीं किया है, रेलमंत्री के तौर पर भी उन्होंने ‘बेंचमार्क’ स्थापित किया। आमतौर पर यह धारणा थी कि विकास कार्यों से वोट नहीं मिलता है, मगर नीतीश कुमार ने यह साबित कर दिया कि विकास से ही वोट मिलता है।

विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार 1985 में पहली बार जीतकर विधानसभा में आए और उसी समय से उनके भविष्य की संभावनाएं दृष्टिगोचर होने लगी थीं। वे आधुनिक बिहार के विश्वकर्मा हैं।

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि समाज और राजनीति को नीतीश कुमार जैसे विजनरी की जरूरत थी और समय ने इसे पूरा किया। उन्होंने राजनीति को संपदा और सत्ता का नहीं, सेवा का केन्द्र बनाया। उनके नेतृत्व में बिहार में नवनिर्माण का दौर चल रहा है।

गौरतलब है कि प्रभात प्रकाशन से आई इस पुस्तक का संपादन नरेंद्र पाठक ने किया है। पुस्तक में नीतीश कुमार द्वारा फरवरी 1990 से 24 अक्टूबर 2005 तक संसद में दिए गये भाषणों का संकलन है। पुस्तक में यह दर्शाया गया है कि एक सांसद के रूप में नीतीश कुमार ने जो बातें अपने भाषण के रूप में संसद में कही थीं, उन्हीं बातों को जब वह मुख्यमंत्री बने तो अपने शासन के एजेंडे में शामिल किया। बिजली, सड़क, लड़कियों की शिक्षा और सात निश्चय का एजेंडा — इन सभी बातों को एक सांसद के रूप में नीतीश लोकसभा में पहले ही रेखांकित कर चुके हैं। संसदीय यात्रा के क्रम में नीतीश कुमार सरकार और समाज से जुड़े मुद्दों को आम विमर्श के केंद्र में कैसे लाए और शासन में आने के बाद उन मुद्दों को जमीन पर उतारने में कैसे जुट गए, इसकी पूरी तस्वीर पुस्तक में देखी जा सकती है।

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मधेपुरा जिले के भटगामा में प्रथम राज्य स्तरीय महिला कबड्डी प्रतियोगिता

जगमग नगरों से दूर चौसा प्रखंड के भटगामा गाँव में मुखिया सुशील कुमार यादव (आलमनगर के प्रथम विधायक तनुक लाल यादव के सुपुत्र) एवं जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार के सहयोग से दो दिवसीय अंतर जिला महिला कबड्डी प्रतियोगिता का शानदार आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया |

दशहरे के इस अवसर पर राज्यसभा के माननीय सांसद प्रो.मनोज कुमार झा एवं भागलपुर लोकसभा क्षेत्र के माननीय सांसद बुलो मंडल द्वारा महिला खिलाड़ियों को उत्साहित एवं प्रोत्साहित किया गया | अपने संबोधन में प्रो.झा ने जहाँ यह कहा कि मेरे लिए प्रसन्नता की बात है- कोसी के सुदूर ग्रामीण इलाके में सिंथेटिक मैट पर महिला कबड्डी प्रतियोगिता आयोजित कर ग्रामीण महिला खिलाड़ियों को आज प्रोत्साहित किया जा रहा है वहीं एमपी बुलो मंडल ने कहा कि पुराने जमाने में मिट्टी पर खेले जाने वाले कबड्डी को आज मैट पर दुधिया रोशनी आयोजित कर ग्रामीण बेटियों को उत्साहित किया जा रहा है | दोनों सांसदों ने मुक्त कंठ से अध्यक्षता कर रहे सुशील यादव एवं कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार की सराहना की और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया |

बता दें कि ‘सवेरा ट्रॉफी’ के फाइनल में मधेपुरा की टीम ने खेल का बेहतर प्रदर्शन करते हुए विजेता कप पर कब्जा जमाया वहीं पूर्णिया की टीम उपविजेता रही | दोनों टीमों को विजेता एवं उप विजेता ट्रॉफी दिए जाने के बाद अध्यक्षीय संबोधन में मुखिया सुशील यादव ने कहा कि खेल से भाईचारे में वृद्धि होती है, सामाजिक समरसता कायम रहती है और समाज का विकास होता है | उन्होंने संकल्प के साथ यह घोषणा की कि आने वाले वर्षों में सवेरा ट्रॉफी की ओर से और बेहतर महिला कुश्ती एवं महिला कबड्डी का आयोजन किया जाएगा |

यह भी जानिए कि ‘सवेरा’ के अध्यक्ष विनोद आशीष ने घोषणा की कि विजेता टीम को 10,000/- नगद देकर एवं उपविजेता टीम को 7000/- नगद राशि से सम्मानित किया गया है तथा आगे और बेहतर करने की कोशिश की जाएगी | महिला खिलाड़ियों को भरपूर सम्मान दिया जाएगा |

कार्यक्रम में गणमान्यों की उपस्थित अंत तक देखी गई जिसमें प्रमुख रहे- डॉ.त्रिलोकी नाथ यादव, जनाब मो.खालिद, वीरेन्द्र झा, प्रफुल्ल चंद्र यादव, राम यादव, ब्रज भूषण कुमार, योगेश कुमार बंटी, कृत्यानंद यादव, विद्यानंद जयसवाल, विनय कुमार दीवाना, अशोक झा, सौरभ कुमार चौधरी आदि खेल के दरमियान निर्णायकों की भूमिका में देखे गये- अरुण कुमार, गौतम कुमार प्रीतम, मनीष कुमार, प्रवीण कुमार, रितेश रंजन, दीपक कुमार, राहुल कुमार, नीरज कुमार, सद्दाम हुसैन, अविनाश कुमार, मुकुल कुमार आदि |

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कोसी और मिथिलांचल के बीच 84 वर्षों से टूटा रेल संपर्क फिर से होगा चालू- सांसद पप्पू यादव

सहरसा जंक्शन से सरायगढ़ तथा सरायगढ़ से निर्मली-सकरी होते हुए मिथिलांचल को जोड़ने वाले रेल खंड के बचे कार्यों को अब युद्ध स्तर पर पूरा किया जाएगा। जानिए कि 84 वर्षों से कोसी एवं मिथिलांचल के बीच रेल संपर्क टूटा रहा…..।

बता दें कि कोसी-मिथिलांचल व सीमांचल की रेल समस्याओं पर सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और महाप्रबंधक एल.सी.त्रिवेदी के साथ डीआरएम आर.के.जैन की देर तक वार्ता हुई। सहरसा जंक्शन सहित दौरम मधेपुरा स्टेशन के विकास के बाबत पूर्व के प्रस्ताव की स्वीकृति की जानकारी खुद सांसद पप्पू यादव ने मधेपुरा अबतक को दी। इससे पूर्व सांसद को रेल महाप्रबंधक एल.सी.त्रिवेदी द्वारा अंगवस्त्रम तथा पौधा लगा हुआ गमला भेंट कर सम्मानित किया गया।

यह भी जान लें कि सहरसा से गढ़बरुआरी तक 16कि.मी. रेल लाइन का अमान परिवर्तन कार्य पूरा कर लिया गया है। इससे आगे सुपौल-सरायगढ़-सकरी से भी आगे तक के बचे कार्यों में तेजी लाई जा रही है। वर्ष 2019 के जून महीने से पहले सहरसा-सरायगढ़-निर्मली रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा।

यह भी बता दें कि सामरिक दृष्टि से बिहार में रक्सौल के बाद सहरसा रेलवे स्टेशन को महत्वपूर्ण माना गया है। अतः सहरसा रेलवे स्टेशन को कारु खिरहरि हाल्ट से पंचवटी के रास्ते रेल द्वारा अपनी जमीन पर नया ट्रैक बिछाया जाएगा ताकि पूरब (यानि मधेपुरा) की दिशा से आने वाली ट्रेनों को सहरसा पहुंचने पर इंजन को बदलने की समस्या ही समाप्त हो जाय क्योंकि पहले भी इसी रास्ते से ट्रेन मधेपुरा की ओर जाती और आती थी।

महाप्रबंधक एलसी त्रिवेदी के साथ हुई बैठक के बाद सांसद पप्पू यादव ने मधेपुरा अबतक को पुनः बताया कि बनमनखी-बिहारीगंज रेलखंड पर ट्रेन की आवाजाही मार्च 2019 से शुरू हो जाएगी और बनमनखी-बराहारा कोठी दिसंबर तक चालू हो जाएगा। अंत में मधेपुरा और सहरसा स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने की चर्चा के क्रम में उन्होंने कहा कि शहर के बंगाली बाजार में पूर्व से प्रस्तावित रेल ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए अब किसी टेंडर की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अब इस ओवर ब्रिज का निर्माण एनएचआई द्वारा ही किया जाएगा।

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दशहरे का दर्द ! रावण ने 60 को मार डाला !!

अमृतसर में दशहरे की शाम हुई एक बड़ी दुर्घटना के कारण दशहरे का उत्सव बड़े मातम में तब्दील हो गया। अमृतसर शहर से सटे जोड़ा फाटक के पास शाम क़रीब साढ़े छह बजे रावण दहन का कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें मुख्य अतिथि थीं पंजाब सरकार के पर्यटन मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की धर्मपत्नी नवजोत कौर सिद्धू। बताया जा रहा है कि जब रावण के पुतले को आग लगाई गई तो मंच से लोगों को पीछे हटने की अपील की गई।भीड़ बहुत ज्यादा थी लोग रेल ट्रैक पर खड़े होकर रावण वध का वीडियो अपने-अपने मोबाइल से बनाने में मशगूल थे।ज्ञातव्य हो कि ना तो आयोजकों की ओर से और ना ही रेल कर्मियों की ओर से ही लोगों को रेल ट्रैक पर खड़ा होने से मना किया गया। जबकि लगभग 5000 लोग रेलवे ट्रैक पर खड़े थे। तभी तेज़ रफ़्तार से  आती हुई जालंधर-अमृतसर डीएमयू ट्रेन ने रेलवे लाइन पर खड़े लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। मात्र 5 सेकेंड के बाद ट्रेन के गुजरते ही चारों तरफ लाशें ही लाशें बिखरी पड़ी थी। हृृृृदय विदारक दृृृष्य…..!!

दूसरी ओर महाविजयादशमी के पवित्र अवसर पर संपूर्ण देश में दुर्गा पूजनोत्सव को लेकर भव्य आयोजनों की धूम मची थी। चारों ओर बस यही आवाजें गूंज रही थी-

हे माँ दुर्गे भवानी। जन-जन और कण-कण का कल्याण करो…. हे कल्याणी !!

जानकारी मिलते ही सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इजरायल की यात्रा रद्द कर दी और हादसे की जाँच करने की घोषणा भी कर दी। साथ ही जहाँ मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक-परिवार को 5-5 लाख रुपये देने की घोषणा की वहीं प्रधानमंत्री ने प्रत्येक मृतक परिवार को 2-2 लाख देने की घोषणा की। सीएम ने घटना स्थल का मुआयना भी किया। अमृतसर रेल हादसे के बाबत एफ आई आर भी दर्ज किया गया। 4 हफ्ते में जांच रिपोर्ट भी मांगी गई। रेलवे द्वारा भी जाँच कराने की बात कही गई।

कुछ नेता लोग मृतक परिवार को सांत्वना देने के बजाय राजनीति करने में लगे हैं। कुछ इसे “हादसा” नहीं “हत्या” बता रहे हैं। कुछ 60 मृतकों के हत्यारे को तलाशने में लगे हैं….. लेकिन उन बच्चों का क्या होगा जो अनाथ हो गये…. उस परिवार का क्या होगा जिसमें कोई कमाने वाला नहीं बचा…..!!

अंत में यह भी कि इस हादसे में बिहार के 5 लोगों के मरने की पुष्टि की गई है जिनके नाम हैं- राजेश भगत (सलोना), चंद्रिका यादव (मुजौना), जितेंद्र दास एवं उनके दो वर्षीय पुत्र शिवम (ममलखा) तथा नीतीश महतो (घोसवारी)। इन बिहार निवासी पाँचो मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार द्वारा 2-2 लाख रुपये अनुदान राशि दिए जाने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनके परिजनों को अनुग्रह राशि के रूप में एक लाख मुख्यमंत्री राहत कोष से और एक लाख प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना से देने की बात कही है। यूं तो हादसे पर सबने अपना पल्ला झाड़ लिया, परंतु सीएम नीतीश कुमार ने इतना ही कहा कि सचेत रहने पर नहीं होती ऐसी घटना…..!

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कोसी-मिथिलांचल के दो देवी स्थानों को जोड़ेगा भारत का सबसे लंबा पुल

नीतीश सरकार के अनुभवी व ऊर्जावान ऊर्जा मंत्री एवं मधेपुरा जिले के प्रभारी मंत्री श्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने मधेपुरा अबतक को बताया कि भारत माला प्रोजेक्ट के अंतर्गत जिला मधुबनी के उच्चैठ दुर्गा स्थान से सहरसा जिला के महिषी तारा स्थान (भाया उमगाँव-परसरमा) तक दोनों देवी-स्थानों को शीघ्र ही NH-527A जोड़ेगा जिसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मंत्री श्री यादव ने बताया कि भू-अर्जन विभाग द्वारा 3A का प्रस्ताव भेज दिया गया है। सड़क के लिए जिले में लगभग 55 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जायेगा। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है।

प्रभारी मंत्री ने मधेपुरा अबतक से पुनः कहा कि उच्चैठ दुर्गा स्थान से महिषी तारा स्थान तक NH-527A पर सूबे बिहार का ही नहीं, बल्कि देश का सबसे लंबा पुल (10.2 कि.मी.) बनेगा जिसमें 204 पाये (Pillar) होंगे।उन्होंने बताया कि गाइड बांध व कटाव निरोधी कार्य सहित लगभग 1300करोड़ रुपए से तैयार होने वाले इस पुल में 50 मीटर लंबे 50 स्पैनौं का व्यवहार किया जायेगा। इस पुल की चौड़ाई 16 मीटर होगी तथा दोनों ओर डेढ़ मीटर चौड़ा फुटपाथ भी होगा।

ऊर्जा मंत्री श्री यादव ने कहा कि इस पुल के बन जाने से कोसी और मिथिलांचल की दूरी बहुत घट जायेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ मिथिला पेंटिंग के प्रचार-प्रसार की गति तेज होगी तथा कोसी के भूले-भटके इलाकों को भी NH का सुख प्राप्त होगा। यह पुल कोसी के विकास को नया आयाम देगा।

अंत में मंत्री विजेंद्र ने उपस्थित प्रबुद्ध जनों से यही कहकर विदा लिया कि दशहरे के मौके पर कोसी प्रमंडल को मिला एक सर्वोत्कृष्ट तोहफा और इसके साथ ही पुल निर्माण की प्रक्रिया को तीव्र गति से शुरू करने हेतु डीएम को मिला विभागीय पत्र।

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ऑनलाइन बिजली बिल भुगतान करने पर ढाई फ़ीसदी की छूट

जहाँ बिहार के एक करोड़ से अधिक बिजली उपभोक्ताओं में से 20 लाख बिहारी ऑनलाइन पेमेंट कर रहे हैं, जो 18.3% है और देश में 11वाँ पायदान पर स्थित है वहीं उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं द्वारा 14.2% भुगतान ऑनलाइन किया जाता है और देश में 14वाँ पायदान पर है…….. जबकि पश्चिम बंगाल 8% ऑनलाइन भुगतान कर 19वाँ पायदान पर खड़ा है…….. और की बात तो छोड़िए त्रिपुरा 4%, सिक्किम 3.8%, नागालैंड 1.9% और अरुणाचल प्रदेश 0% ऑनलाइन भुगतान कर रहा है | इसे देखकर यह कहावत सही लगता है- एक बिहारी सब पे भारी……|

बता दें कि बीते 1 वर्ष में बिहार में ऑनलाइन भुगतान करने वालों की संख्या में 6% की वृद्धि भी हुई है | ऐसा लगने लगा है कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय नई दिल्ली की ओर से जारी की गई रिपोर्ट में देश के 26 राज्यों में बिहार को दिये गये 11वाँ स्थान में और वृद्धि होगी और बिहार तेजी से नीतीश सरकार के ऊर्जावान ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव के नेतृत्व में शीर्ष स्थान को प्राप्त करेगा |

यह भी जानिए कि जहाँ बिहार के 67 शहरों में राजधानी पटना के अधिकतम 27.1%, मुंगेर के 25.5% तथा बक्सर के 23.5 फ़ीसदी लोग बिजली बिल का ऑनलाइन भुगतान कर रहे हैं वहीं बरौनी के 3.5 फ़ीसदी लोग, गोगरी जमालपुर के 3 फ़ीसदी और रिविलगंज के मात्र 0.5 फ़ीसदी लोग न्यूनतम बिजली बिल का ऑनलाइन भुगतान कर रहे हैं |

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देवीमय हो गया मधेपुरा, कोसी और बिहार

दुर्गा पूजा का पर्व हिन्दू देवी दुर्गा द्वारा बुराई के प्रतीक राक्षस ‘महिषासुर’ पर विजय प्राप्त करने के बाद से ही मनाया जाता रहा है | प्रायः सभी संप्रदायों के पर्व-त्यौहार बुराई पर भलाई की विजय के रूप में देखा और मनाया जाता है | यह पर्व बिहार, झारखंड, मणिपुर, त्रिपुरा, उड़ीसा एवं पश्चिम बंगाल में व्यापक रूप से उत्सवी माहौल के साथ मनाया जाता है | संपूर्ण वर्ष के सबसे बड़े उत्सव के रूप में मनाई जाती है- दुर्गा पूजा |

बता दें कि यह पर्व यू.पी., दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, आंध्र प्रदेश, कश्मीर, कर्नाटक और केरल में तो मनाया ही जाता  है, इसके अलावा नेपाल और बांग्लादेश में बड़े त्योहार के रूप में मनाया जाने लगा है | आजकल तो प्रवासी भारतीयों द्वारा दुर्गा पूजा अमेरिका से लेकर जर्मनी……. और फ्रांस से लेकर कुवैत तक में भी मनायी जाने लगी है |

नवरात्रा के अवसर पर मधेपुरा जिला मुख्यालय दुर्गा माता के जयकारे से गूंजने लगा है | दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है | या देवी सर्वभूतेषु……. आदि मंत्रों से पूजा के पंडाल तो गूंजते ही हैं साथ ही श्रद्धालुओं के घरों में भी दुर्गा सप्तशती का पाठ अहर्निश गुंजायमान होता रहता है | शारदीय नवरात्र को लेकर संपूर्ण वातावरण ही भक्तिमय बना रहता है |

आप जिले में जहाँ भी जाँय- शहर से लेकर गांव तक मां दुर्गा एवं देवी-देवताओं की प्रतिमाओं व पंडालों का आकर्षक स्वरूप देखेंगे…….. वह शक्ति स्वरूपा करती है सबकी मुरादें पूरी तथा अटूट आस्था-विश्वास रखने वाले श्रद्धालुओं पर बरसती है माता की कृपा कस्तूरी |

अब तो ग्रामीण क्षेत्रों में भी मैया जागरण तेजी से कदम बढ़ाता जा रहा है | आलमनगर, पुरैनी, नया नगर, किसुनगंज, बिहारीगंज, मुरलीगंज, शंकरपुर, सिंहेश्वर, मधेपुरा आदि जगहों पर श्रद्धालुओं द्वारा नवरात्रा के दौरान धूम-धाम से पूजा-अर्चना की जाती है | एक ओर जहाँ कुमारखंड प्रखंड के खुर्दा गाँव में चंद वर्षों से माननीय सांसद द्वय श्री राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव व श्रीमती रंजीत रंजन द्वारा दुर्गा पूजनोत्सव के दौरान ग्रामीण वातावरण को बॉलीवुड के कलाकारों के माध्यम से इंद्रधनुषी सतरंगों से सराबोर कर दिया जाता है वहीं दूसरी और किसुनगंज प्रखंड के चतरा गाँव में इसी वर्ष से लोकसभा व राज्यसभा के सांसद रह चुके प्रो.(डॉ.)आर.के.यादव रवि के पुत्र प्रो.(डॉ.)अमरदीप उत्साह पूर्वक दुर्गा पूजनोत्सव के अवसर पर मैया जागरण का भव्य आयोजन चोटी के कलाकारों द्वारा आरंभ करने जा रहे हैं | मालूम हो कि डॉ.अमरदीप बिहार प्रदेश जनता दल (यूनाइटेड) के मीडिया सेल के अध्यक्ष हैं |

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शिक्षक रहते हुए ताज़िन्दगी विद्यार्थी बने रहे कलाम- डॉ.मधेपुरी

मधेपुरा के डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क में भारतरत्न डॉ.कलाम की 88वीं जयंती समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी की अध्यक्षता में मनाई गई। इस अवसर पर मधेपुरा के कलाम कहे जाने वाले डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए यही कहा कि जिस गांधीयन मिसाइल मैन डॉ.कलाम ने विश्व में भारत को नई पहचान दिलाई वह भारत देश हमेशा अपने कलाम को सिर आंखों पर रखेगा। उन्होंने कलाम का बखान करते हुए कहा कि कलाम साहब बच्चों को देश का भविष्य मानते थे और हमेशा यही कहा करते कि बच्चे नैतिकवान होंगे तभी देश मजबूत होगा और देशवासियों द्वारा संपूर्ण समर्पण के साथ काम करने पर ही भारत विकसित राष्ट्र बन पायेगा….।डॉ.कलाम अंतिम सांस तक विद्यार्थी बने रहे।

Khel Guru Sant Kumar is being honoured by Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri at Dr.APJ Abdul Kalam Park Madhepura for his incredible contribution in Sports.
Khel Guru Sant Kumar is being honoured by Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri at Dr.APJ Abdul Kalam Park Madhepura for his incredible contribution in Sports.

कार्यक्रम में नगर परिषद के उपाध्यक्ष अशोक कुमार यदुवंशी, विकास योजना सदस्य सह पार्षद मो.इसरार अहमद एवं लोकप्रिय जनसेवी ध्यानी यादव, डाकपाल राजेश कुमार, पतंजलि के डॉ.एन.के.निराला, एसबीआई के लीड बैंक ऑफिसर संतोष कुमार झा, सुरेश प्रसाद यादव, डॉ.यशवंत कुमार, अमरेश कुमार, चंचल कुमार, आदित्य, रागिनी, रौनक,शालिनी सहित माताएं-बहनें आदि की उपस्थिति में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि जिस तरह डॉ.कलाम देश के लिए समर्पित रहे उसी तरह संत कुमार का जीवन खेल को समर्पित रहा…. तभी तो जहाँ डॉ.मधेपुरी ने संत कुमार को शाॅल-पाग-पुष्पादि से सम्मानित किया वहीं बालक आदित्य भी अपने खेलकूद गुरु के सम्मान में कुछ अर्पण करते देखे गये। इससे पहले सबों ने डॉ.कलाम की तस्वीर पर पुष्पांजलि की तथा उपस्थित बच्चों ने श्रद्धापूर्वक उन्हें नमन किया।

A Kid Aditya, grandson of Dr.Madhepuri paying honour to his Khel Guru Sant Kumar in presence of Social activist Dhyani Yadav, Vice-Chairman Ashok Kumar Yaduvanshi, Nagar Parshad Md.Israr Ahmad , Dr.N.K.Nirala & others at Dr.APJ Abdul Kalam Park, Madhepura.
A Kid Aditya, grandson of Dr.Madhepuri paying honour to his Khel Guru Sant Kumar in presence of Social activist Dhyani Yadav, Vice-Chairman Ashok Kumar Yaduvanshi, Nagar Parshad Md.Israr Ahmad , Dr.N.K.Nirala & others at Dr.APJ Abdul Kalam Park, Madhepura.

इस अवसर पर सृजन दर्पण के रंग कर्मियों द्वारा बिकास कुमार के निर्देशन में पर्यावरण पर आधारित नुक्कड़ नाटक “हरियाली बाबा” नाटक का मंचन किया गया जिस के पात्रों सत्यम-निखिल-सुमन, राहुल-सौरव-शिवम, सुशील-ललित-बाबुल व पवन आदि ने खूब तालियां बटोरी। पुनः हरियाली और कलाम के पर्यावरण प्रेम के बाबत बोलते हुए बार-बार भावुक होते रहे डॉ.मधेपुरी। अंत में उन्होंने कहा कि यदि इस वार्ड की पार्षद श्रीमती रेखा देवी एवं पार्षद पति पूर्व पार्षद ध्यानी यादव सहित नगर परिषद के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष-योजना सदस्य सहित जिला प्रशासन का सहयोग निवर्तमान डीएम मो.सोहैल की तरह मिलता रहे तो वह दिन दूर नहीं जब मधेपुरा वासियों के घर बाहर से आये अतिथियों को घर वाले गर्व से यह कह सकेंगे कि आज भर रुक जाइए…. कल कलाम पार्क घुमा दूंगा….. तब चले जाइएगा ।

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जहाँ साहित्य समाज का दर्पण है वहीं पत्रकारिता उसकी धड़कन !

प्रसिद्धि प्राप्त लेखक व उपन्यासकार मुंशी प्रेमचंद की पुण्यतिथि मनाने के क्रम में कुमारखंड प्रखंड के भतनी गाँव में भारतीय जन लेखक संघ का प्रथम अंचल सम्मेलन आयोजित किया गया। जन लेखक संघ के अंतर्राष्ट्रीय महासचिव श्री महेंद्र नारायण पंकज एवं कोलकाता से आये साहित्यकार कुशेश्वर के संचालन में आयोजित परिसंवाद एवं अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन के दौरान देश और विदेश के कवि साहित्यकार व विद्वानों ने भाग लिया।

Patron of BJLS Dr.Madhepuri & Rastriya Mahasachiv Mahendra Narayan Pankaj jointly giving Certificate & Momento to Kavi-Sahityakar Shri Kusheshwar from West Bengal.
Patron of BJLS Dr.Madhepuri & Rastriya Mahasachiv Mahendra Narayan Pankaj jointly giving Certificate & Momento to Kavi-Sahityakar Shri Kusheshwar from West Bengal.

बता दें कि जगमग नगरों से दूर, बहुत दूर राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक व साहित्यकार महेंद्र नारायण पंकज द्वारा अपने गाँव ‘भतनी’ में जहाँ भूटान से अंतरराष्ट्रीय जन लेखक संघ के उपाध्यक्ष श्री हर्ष बहादुर विश्वा, नेपाल से मधु पोखरेल, भवानी पोखरेल, एस.डी.विश्वकर्मा, खगेंद्र राई, पश्चिम बंगाल से डॉ.रंजीत, डॉ.बृजेश कुमार भारती, कवि कुशेश्वर एवं उत्तर प्रदेश से बीएचयू के प्रोफेसर (डॉ.)महेश प्रसाद अहिरवार सरीखे चोटी के कवियों व साहित्यकारों को आमंत्रित किया गया था वहीं परिसंवाद के दौरान दिए गए विषय पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए जिले के कवि-साहित्यकार व बुद्धिजीवी के रूप में प्रोफेसर (डॉ.)भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, डॉ.शांति यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.अलका वर्मा, डॉ.जवाहर पासवान, ई.हरिश्चंद्र मंडल आदि को भी बुलाया गया था। मौके पर पूर्व एमएलसी बलराम सिंह यादव ने कहा कि पत्रकारिता व साहित्य समाज का दर्पण ही नहीं बल्कि बदलाव का साधन भी है।

Samajsevi Sahityakar Prof.(Dr.)B.N.Madhepuri presenting Certificate of Honour & Momento to a famous Sahityakar Shri Chandra Kishor Jaiswal, a Literary giant of Bihar.
Samajsevi Sahityakar Prof.(Dr.)B.N.Madhepuri presenting Certificate of Honour & Momento to a famous Sahityakar Shri Chandra Kishor Jaiswal, a Literary giant of Bihar.

जानिए कि उद्घाटन भाषण में जहाँ बीएचयू से आए प्राचीन इतिहास के प्रो.महेश अहिरवार ने कहा कि डॉ.अंबेडकर ने जिस संविधान की रचना की और आरक्षण को सविस्तार समझाया उसी पर वर्तमान समय में आरक्षण विषय को लेकर भ्रांतियां फैलाई जा रही है। वहीं ख्याति प्राप्त साहित्यकार व मुख्य अतिथि चंद्र किशोर जायसवाल सहित डॉ.मधेपुरी, डॉ.शांति यादव, डॉ.इंद्र नारायण यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव एवं विदेश व दूसरे प्रांतों से आए प्रो.पंकज साहा, डॉ.रंजीत साहा, डॉ.ओम प्रकाश मौर्य सभी साहित्य कर्मियों ने मुंशी प्रेमचंद के साहित्य लेखन को देश के गरीब-मजदूर परिवार की दशा बताने वाला बताया।

अंत में अंतर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का संचालन कवि कुशेश्वर द्वारा की गई। समयाभाव के कारण कवियों को एक कविता सुनाकर ही संतोष करना पड़ा। शुभारंभ हरि नारायण यादव एवं सोनी-मनीषा के स्वागत गान एवं स्वागत भाषण से हुआ। सचिव गजेंद्र कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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