मधेपुरा के डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क में भारतरत्न डॉ.कलाम की 88वीं जयंती समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी की अध्यक्षता में मनाई गई। इस अवसर पर मधेपुरा के कलाम कहे जाने वाले डॉ.मधेपुरी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए यही कहा कि जिस गांधीयन मिसाइल मैन डॉ.कलाम ने विश्व में भारत को नई पहचान दिलाई वह भारत देश हमेशा अपने कलाम को सिर आंखों पर रखेगा। उन्होंने कलाम का बखान करते हुए कहा कि कलाम साहब बच्चों को देश का भविष्य मानते थे और हमेशा यही कहा करते कि बच्चे नैतिकवान होंगे तभी देश मजबूत होगा और देशवासियों द्वारा संपूर्ण समर्पण के साथ काम करने पर ही भारत विकसित राष्ट्र बन पायेगा….।डॉ.कलाम अंतिम सांस तक विद्यार्थी बने रहे।

कार्यक्रम में नगर परिषद के उपाध्यक्ष अशोक कुमार यदुवंशी, विकास योजना सदस्य सह पार्षद मो.इसरार अहमद एवं लोकप्रिय जनसेवी ध्यानी यादव, डाकपाल राजेश कुमार, पतंजलि के डॉ.एन.के.निराला, एसबीआई के लीड बैंक ऑफिसर संतोष कुमार झा, सुरेश प्रसाद यादव, डॉ.यशवंत कुमार, अमरेश कुमार, चंचल कुमार, आदित्य, रागिनी, रौनक,शालिनी सहित माताएं-बहनें आदि की उपस्थिति में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि जिस तरह डॉ.कलाम देश के लिए समर्पित रहे उसी तरह संत कुमार का जीवन खेल को समर्पित रहा…. तभी तो जहाँ डॉ.मधेपुरी ने संत कुमार को शाॅल-पाग-पुष्पादि से सम्मानित किया वहीं बालक आदित्य भी अपने खेलकूद गुरु के सम्मान में कुछ अर्पण करते देखे गये। इससे पहले सबों ने डॉ.कलाम की तस्वीर पर पुष्पांजलि की तथा उपस्थित बच्चों ने श्रद्धापूर्वक उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर सृजन दर्पण के रंग कर्मियों द्वारा बिकास कुमार के निर्देशन में पर्यावरण पर आधारित नुक्कड़ नाटक “हरियाली बाबा” नाटक का मंचन किया गया जिस के पात्रों सत्यम-निखिल-सुमन, राहुल-सौरव-शिवम, सुशील-ललित-बाबुल व पवन आदि ने खूब तालियां बटोरी। पुनः हरियाली और कलाम के पर्यावरण प्रेम के बाबत बोलते हुए बार-बार भावुक होते रहे डॉ.मधेपुरी। अंत में उन्होंने कहा कि यदि इस वार्ड की पार्षद श्रीमती रेखा देवी एवं पार्षद पति पूर्व पार्षद ध्यानी यादव सहित नगर परिषद के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष-योजना सदस्य सहित जिला प्रशासन का सहयोग निवर्तमान डीएम मो.सोहैल की तरह मिलता रहे तो वह दिन दूर नहीं जब मधेपुरा वासियों के घर बाहर से आये अतिथियों को घर वाले गर्व से यह कह सकेंगे कि आज भर रुक जाइए…. कल कलाम पार्क घुमा दूंगा….. तब चले जाइएगा ।


