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पाश्चात्य संस्कृति हमारी नई पीढ़ी पर हो रही है हावी- डॉ.मधेपुरी

सृजन दर्पण मधेपुरा की एक साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था है | सर्जन दर्पण अपना तीसरा स्थापना दिवस समारोह का आयोजन अपने प्रधान कार्यालय कृष्णापुरी, मधेपुरा (वार्ड न.- 4) के परिसर में किया |

इस अवसर पर समारोह का उद्घाटन बीएनएमयू के प्रति कुलपति डॉ.फारूक अली, मुख्य अतिथि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं विशिष्ट अतिथि शिक्षाप्रेमी प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार व योगाचार्य असंग स्वरूप सहित संस्थापक अध्यक्ष डॉ.ओम प्रकाश ओम व सचिव विकास कुमार रंगकर्मी की टीम द्वारा संयुक्त रुप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया | स्वागतगान सृजन दर्पण की गायिका पुष्पा कुमारी ने प्रस्तुत किया वहीं मंच संचालन उद्घोषिका मुन्नी कुमारी ने किया |

बता दें कि “भारतीय संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में नई पीढ़ी” विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उद्घाटनकर्ता डॉ.फारुख अली ने कहा कि संस्कृति जीवन को सरल और सुगम बनाती है | उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति अपनी शांति प्रियता के कारण विश्व के सर्वाधिक देशों को अपनी ओर आकर्षित करती रही है |

इस अवसर पर मधेपुरा के डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम कहे जाने वाले समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि नई पीढ़ी को अपने अतीत के प्रति सम्मान घटता जा रहा है, भारतीय युवा वर्ग भारतीयता से दूर होता जा रहा है तथा पाश्चात्य संस्कृति नई पीढ़ी पर हावी होती जा रही है | डॉ.मधेपुरी ने अपनी मंगलकारी सांस्कृतिक परंपराओं पर प्रकाश डालते हुए अपनी कविता “कैंची और सूई” सुनाकर नई पीढ़ी को संदेश दिया कि वे ताजिंदगी सूई की संस्कृति को अपने जीवन मूल्यों में शामिल कर लें | कैंची की संस्कृति तो समाज के लिए सदैव अमंगलकारी होती है, विघटनकारी होती है |

यह भी जानिए कि शिक्षा के प्रति समर्पित मधेपुरा कॉलेज के संस्थापक प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार ने जहाँ यह कहा कि समय व परिस्थिति बदलने पर हमारे आचार-विचार का बदलना स्वाभाविक है फिर भी हमें अपनी मंगलकारी सांस्कृतिक परंपरा “बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय” को कभी नहीं छोड़नी चाहिए वहीं योगाचार्य असंग स्वरूप ने कहा कि भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण देन है हमारी संयमित जीवन शैली जो विविधताओं में भी एकता कायम करती आ रही है |

तृतीय स्थापना दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए डॉ.ओम प्रकाश ओम ने 2 वर्षों के कालावधि में सृजन दर्पण के सचिव विकास कुमार के नेतृत्व में रंगकर्मी सत्यम-सौरभ-सागर-सुशील सहित राखी-प्रियंका-तनु प्रिया…. आदि के द्वारा जिले भर में पर्यावरण संरक्षण एवं राजकीय योजनाओं पर आधारित सामाजिक कुरीतियों को दूर करने संबंधी नुक्कड़ नाटक…. नृत्य नाटिका…. आदि पर विस्तार से चर्चा करते हुए यही कहा कि किसी भी देश की सभ्यता और संस्कृति वहां के भौगोलिक परिवेश से बनती है इसलिए बाह्य संस्कृति को अपनाने से पूर्व विचार-मंथन अवश्य करना चाहिए |

चलते-चलते बता दें कि रंगकर्मी राहुल-निखिल-गौरव, विकास सिंह- ब्रह्म प्रकाश- अमलेश-श्रवन व शिवानी आदि ने समारोह की सफलता में अपना बहुमूल्य योगदान दिया | अंत में धन्यवाद ज्ञापन सचिव सह रंगकर्मी-निदेशक विकास कुमार ने किया |

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मसूद अजहर: अब आगे क्या ?

पुलवामा हमले के 75 दिन बाद भारत को बड़ी कूटनीतिक कामयाबी मिली। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जैश-ए-मुहम्मद के सरगना आतंकी मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया। पिछले एक दशक से अजहर के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र की तरफ से प्रतिबंध घोषित करवाने मे जुटे भारत की कूटनीतिक कोशिशों को बुधवार को सफलता तब मिली जब चीन ने अपना वीटो हटाकर इसका समर्थन कर दिया। इस फैसले से पाकिस्तान पूरी दुनिया से अलग-थलग हो गया। निश्चित रूप से यह भारतीय कूटनीति और आतंकवाद के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की बड़ी जीत और दक्षिण एशिया में शांति के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

बहरहाल, संयुक्त राष्ट्र के इस फैसले के बाद अब आतंकी मसूद अजहर पर चौतरफा शिकंजा कसना शुरू हो जाएगा। अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित होने के बाद आतंकी मसूद अजहर की संपत्ति जिस किसी देश में होगी उसे संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश तत्काल प्रभाव से जब्त करने के लिए बाध्य होंगे। अब पाकिस्तान को भी मसूद अजहर के वित्तीय संसाधनों को सीज करना होगा। यही नहीं, अब मसूद अजहर की व्यक्तिगत और उसके द्वारा संचालित संस्था की हर संपत्ति को सीज किया जाएगा। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उसे किसी तरह की वित्तीय मदद न मिल सके।

बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित होने वाले व्यक्ति और उससे जुड़े हर तरह के संगठन की कड़ी निगरानी की जाती है और उनके बारे में संयुक्त राष्ट्र के तमाम देशों के साथ सूचनाएं भी साझा करनी पड़ती हैं। संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध के बाद मसूद अजहर के लिए किसी देश की यात्रा भी मुमकिन नहीं क्योंकि कोई देश किसी अंतर्राष्ट्रीय आतंकी को अपनी सीमा में दाखिल होने की अनुमति नहीं देता। यह भी जानें कि अब आतंकी मसूद अजहर हथियार भी नहीं खरीद पाएगा। अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित होने वाले शख्स को कोई भी देश हथियार मुहैया नहीं कराता।

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कानून बनने के बावजूद मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी नसीब नहीं- डॉ.मधेपुरी

1 मई यानि अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर प्रायः हर मजदूर अपने करीबियों को फोन से या व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर यही कहता है- हैप्पी लेबर डे ! उस दिन छुट्टी होती है….. सारे कार्यालय बंद रहते हैं….. परंतु, मजदूरों की छुट्टी कहाँ होती…. उन्हें तो काम पर जाना ही पड़ता है….. वरना बच्चे क्या खायेंगे ?

बता दें कि सरकार ने तो न्यूनतम मजदूरी का कानून बना दिया है…… परन्तु, दिल्ली-एनसीआर से लेकर…. धार्मिक स्थल सिंहेश्वर स्थान मंदिर न्यास समिति द्वारा भी दैनिक सफाई मजदूरों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी तक नहीं दी जाती है जिसके लिए समिति के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा बिहार सरकार के लेबर कमिश्नर श्री गोपाल मीणा (आईएएस) के कार्यालय से न्यूनतम मजदूरी चार्ट भी लाकर दिया जा चुका है।

Dr.Bhupendra Madhepuri, popularly known as Bhishma Pitamah of Madhepura giving honour to daily wages Labour Pappu Kumar on International Labour Day at his residence Vrindavan, Madhepura.
Dr.Bhupendra Madhepuri, popularly known as Bhishma Pitamah of Madhepura giving honour to daily wages Labour Pappu Kumar on International Labour Day at his residence Vrindavan, Madhepura.

यह भी बता दें कि इस मजदूर दिवस पर कुमारखंड प्रखंड के एक वसुधा केंद्र पर कई मजदूरों के पेंशन खाते खोलकर उन्हें पेंशन कार्ड भी दिया गया। उस केंद्र के संचालक रोहित कुमार रुपेश की अध्यक्षता में आयोजित उक्त कार्यक्रम में चितरंजन सिंह सरपंच ने इस योजना का शुभारंभ किया। साथ ही संचालक श्री रुपेश ने असंगठित क्षेत्र के ठेला चालक, रिक्शा चालक तथा घर-मकान बनाने वाले मजदूर आदि के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू किये गये प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन पेंशन योजना के बारे में विस्तार से लोगों को बताया।

यह भी जानिए कि जहाँ स्थानीय पार्वती सायंस कॉलेज परिसर में छात्र राजद संगठन के सदस्यों सहित डॉ.अरविंद यादव, ईशा असलम, सानू यादव…. आदि ने मजदूरों को चादर देकर सम्मानित किया वहीं दूसरी ओर जिला मजदूर व राजमिस्त्री समन्वयक संघ के सदस्यों ने अध्यक्ष सीताराम पंडित की अध्यक्षता में मजदूर दिवस मनाते हुए मजदूरों को जुल्म व अत्याचार से बचने के लिए एकजुट रहने का मंत्र दिया।

चलते-चलते यह भी बता दें कि मधेपुरा के भीष्म-पिता कहे जाने वाले डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर इतना ही कहा कि मजदूर हमारे देश को प्रगति के मार्ग पर गतिशील रखने के लिए अहर्निश प्रयत्नशील रहता है। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि जैसे मजदूर के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता वैसे ही सैनिकों के बिना देश सुरक्षित नहीं रह सकता। अंततः मजदूरों व सैनिकों की दशा एवं दिशा बदलने के लिए रहवरों को एकजुट होकर सोचना होगा। डॉ.मधेपुरी ने आज के दिन एक बिजली मिस्त्री पप्पू कुमार को अंगवस्त्रम एवं नगद राशि देकर इस अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस का हृदय से सम्मान किया।

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वेतन मात्र 70₹ और सुरक्षा पर खर्च 156 करोड़

कौन नहीं जानता है कि सोशल साइट फेसबुक सुप्रीमो मार्क जुकरबर्ग द्वारा वेतन के रूप में मात्र एक डालर (यानी लगभग 70 रूपये) ही लिए जाते हैं…. परन्तु 2018 में जुकरबर्ग की सुरक्षा पर कंपनी द्वारा 226 लाख डॉलर (यानी लगभग 156 करोड रुपए) खर्च किए गये।

लोगों के समक्ष इस तथ्य का खुलासा तब हुआ जब अमेरिकी सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन को इस प्रकार की जानकारी दी गई। जानकारी के रूप में कंपनी ने एक्सचेंज कमीशन को बताया कि उसने 31 दिसंबर 2018 तक जुकरबर्ग की सुरक्षा पर 226 लाख डॉलर खर्च किए हैं जिसमें मात्र दो करोड़ (यानी 200 लाख) डॉलर की राशि जुकरबर्ग और उनके परिवार को घर एवं दफ्तर में सुरक्षा मुहैया कराने के लिए खर्च की गई है तथा 26 लाख डॉलर की राशि निजी विमान से यात्रा कराने पर कंपनी द्वारा खर्च किए गये।

चलते-चलते यह बता दें कि अमेरिका में जुकरबर्ग के घर के सामने दिन हो या रात हमेशा हंसी हथियार-बंद सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। घर और ऑफिस में बुलेट प्रूफ शीशे लगाए गये हैं। उनके ऑफिस के नीचे किसी गाड़ी को पार्क करने की इजाजत नहीं दी गई है।  उनके घर और ऑफिस में आने वाले प्रत्येक अनजान व्यक्ति की पूरी जाँच की जाती है।

यह भी जान लें कि जुकरबर्ग के घर एवं ऑफिस के डेस्क के पास एक पैनिक बटन है जिसे दबाते ही सुरक्षाकर्मी द्रुत गति से कार्यारम्भ कर देते हैं तथा सारे के सारे सुरक्षा उपकरण विद्युत गति से सक्रिय हो जाते हैं।

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सावधान! बिहार में भी रहेगा ‘फानी’ का असर!!

बिहार में तूफान की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार दो मई से अगले तीन दिनों तक चक्रवाती तूफान ‘फानी’ का असर बिहार में भी रहेगा। बताया गया है कि बंगाल की खाड़ी से उठा यह तूफान गंगा के तटीय क्षेत्रों में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से प्रवेश करेगा और इसका असर दो से चार मई तक पूर्वी बिहार और गंगा के तटीय क्षेत्रों में रहेगा। वैसे मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ‘फानी’ का सबसे अधिक असर ओडिशा में होगा।

गौरतलब है कि ‘फानी’ के कारण कुछ जगहों पर तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश होने की आशंका है। इसके कारण पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया, फारबिसगंज, किशनगंज, अररिया और छपरा में तापमान में आठ डिग्री सेल्सियस तक कमी आएगी। अनुमान है कि इसका असर तूफान के बाद भी रहेगा और छह मई तक अधिकांश क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच सकता है। इस दौरान बिहार में बादल छाए रहने के कारण गर्मी से राहत मिलेगी। मई के प्रथम सप्ताह के बाद मौसम सामान्य हो जाने की संभावना है।

चलते-चलते बता दें कि चक्रवाती तूफान ‘फानी’ को लेकर पूरा देश पहले से ही अलर्ट है। किसी बड़े संकट से बचने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने ओडिशा में ‘यलो वार्निंग’ जारी की है। पुरी प्रशासन ने पर्यटकों को दो मई तक पुरी छोड़ने का निर्देश दिया है। वहां सरकारी डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। तूफान से निपटने के लिए भारतीय नौसेना ने भी अपनी कमर कस ली है।

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मुजफ्फरपुर में मोदी की हुंकार: विपक्ष चार चरण में ही चित्त

मंगलवार को मुजफ्फरपुर के पताही हवाई अड्डा मैदान में एनडीए की विजय संकल्प रैली का भव्य आयोजन हुआ जिसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी समेत एनडीए के कई बड़े नेता शामिल हुए। तेज धूप में भी भारी संख्या में लोगों की मौजूदगी निश्चित रूप से एनडीए के हौसले को बढ़ाने वाली थी। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री समेत तमाम नेताओं के संबोधन में इसकी स्पष्ट झलक दिखी भी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि चार चरणों के चुनाव के बाद विपक्षी दल चारों खाने चित्त हो चुके हैं। अब अगले चरणों में यह तय होना है कि विपक्ष की हार कितनी बड़ी होगी और एनडीए की जीत कितनी भव्य। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और राजद नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग जेल में हैं तो कुछ जेल के दरवाजे पर। जो बेल पर हैं और जो बेल के लिए कोर्ट-कचहरी का चक्कर लगा रहे हैं, वे एक मिनट भी केन्द्र में मजबूत सरकार को बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश में हिंसा फैलाने वाली हर ताकत को उखाड़ फेंकने का संकल्प भी दोहराया और भीड़ से पूछा – आतंकवाद को कौन खत्म कर सकता है? जवाब आया – मोदी। प्रधानमंत्री ने कहा कि चाहे देश के भीतर हो या सीमा के उस पार, आतंकवाद की फैक्ट्री जहां भी होगी, हम घर में घुसकर मारेंगे। किसी हाल में छोड़ेंगे नहीं।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री की तारीफ करते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी की सरकार ने देश का मान बढ़ाया है। आतंकवाद के बाद त्वरित कार्रवाई कर उन्होंने देश में ही नहीं विदेशों में भी भारत के नाम को शीर्ष पर रखा है। राज्य में हुए विकास में केन्द्र के योगदान की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र ने बिहार को सड़क और पुल-पुलिया बनाने के लिए पचास हजार करोड़ रुपए दिए हैं। अगर केन्द्र में फिर से एनडीए सरकार आती है तो बिहार के विकास को और गति मिलगी।
केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने इस मौके पर कहा कि कांग्रेस आतंकवाद के नाम पर मुसलमानों को डरा रही है। धर्म के नाम पर समाज में भ्रम फैलाया जा रहा है। मगर जनता कांग्रेस की चाल समझ चुकी है। कांग्रेस ने किसी भी धर्म और समाज के लिए कभी कुछ नहीं किया। मोदी सरकार ने पांच साल में देश की दिशा बदल दी है।
उधर उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि यह आरोप हास्यास्पद और गलत है कि लालू यादव को फंसाया गया है। सरकार ने नहीं, न्यायालय ने उन्हें भ्रष्टाचार का दोषी बताया है। एक नहीं कई बार सुप्रीम कोर्ट से भी उनकी बेल अर्जी खारिज हो चुकी है।
इस मौके पर सभी नेताओं ने मुजफ्फरपुर से भाजपा प्रत्याशी अजय निषाद, वैशाली से लोजपा प्रत्याशी वीणा देवी और सीतामढ़ी से जदयू उम्मीदवार सुनील कुमार पिन्टू को जिताने की अपील की।

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प्रत्येक विश्वविद्यालय पुस्तकालय विकास हेतु राज्य सरकार द्वारा निर्गत की गई 5 लाख राशि

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के केन्द्रीय पुस्तकालय विकास हेतु राज्य सरकार ने 5 लाख की राशि निर्गत कर दी है। साथ ही विश्वविद्यालय क्षेत्र के अंतर्गत सारे अंगीभूत कालेजों के लिए दो-दो लाख रूपये नैक कराने के मद्देनजर पुस्तकालय विकास हेतु निर्गत की गई है।

बता दें कि यह राशि विश्वविद्यालय एवं उसके अधीन सारे महाविद्यालयों को लाइब्रेरी मॉडिफिकेशन के लिए भेजी गई है। यदि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय द्वारा पुस्तक खरीद प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित कुलसचिव एवं कॉलेज के प्रधानाचार्यों पर विधि संगत कार्रवाई की जाएगी।

चलते-चलते यह भी बता दें कि राज्य सरकार एवं राज भवन की ओर से गठित समिति द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के प्रधान को इस आशय का पत्र प्रेषित किया जाय कि इस राशि से केवल और केवल पुस्तकें ही क्रय की जाय और शीघ्रातिशीघ्र उपयोगिता प्रमाण-पत्र संबंधित पदाधिकारियों को उपलब्ध करा दिया जाय। क्योंकि महामहिम राज्यपाल लालजी टंडन ने कहा है कि बिहार में उच्च शिक्षा के विकास में वित्तीय सहायता में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होगी, लेकिन जो विश्वविद्यालय या महाविद्यालय अपने दायित्वों को नहीं समझेंगे तथा विकास प्रयासों को आगे बढ़ाने में लापरवाही करेंगे, उनके विरुद्ध कार्यवाही भी होगी।

 

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अब मनचलों की खैर नहीं, दाँत खट्टे कर देंगी छात्राएँ

बिहार में विशेष रूप से छात्राओं के स्कूल आने-जाने के दौरान मनचलों द्वारा बढ़ रहे हमले एवं छेड़छाड़ की घटनाओं पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए प्रदेश मुख्यालय के पटना जिला प्रशासन द्वारा इस साल से उच्च माध्यमिक विद्यालयों की 9वीं एवं 10वीं वर्ग की छात्राओं को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दिलवाना आरंभ कर दिया गया है।

बता दें कि इस साल शुरू किये गए छात्राओं द्वारा इस सेल्फ डिफेंस कार्यक्रम के तहत पटना जिले के 120 माध्यमिक विद्यालयों की 4600 छात्राओं को ट्रेंड किया गया है। प्रशासन के कुछ उत्साहित एवं समर्पित अफसरों द्वारा इस कार्यक्रम को और अधिक विस्तार दिये जा रहे हैं।

यह भी जानिए कि छात्राओं को 46 मास्टर ट्रेनर्स द्वारा इस सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग में जूडो-कराटे व ताइक्वांडो आदि विधाओं की ट्रेनिंग दी जा रही है जिससे सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। ट्रेनिंग प्राप्त छात्राएं अब अपने स्कूल की दूसरी लड़कियों को सिखायेंगी। आधिकारिक जानकारी के अनुसार नए वित्तीय वर्ष में अलग से बजट स्वीकृत होते ही सेल्फ डिफेंस ट्रेनिंग का दूसरा शेड्यूल जारी कर दिया जाएगा। तब मनचलों की खैर नहीं रहेगी…. दाँत खट्टे कर देगी यह सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग प्राप्त छात्राएं।

मधेपुरा अबतक द्वारा समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से जूडो-कराटे के बाबत विशेष जानकारी हेतु पूछे जाने पर उन्होंने इतिहास को संदर्भित करते हुए कहा कि वर्ष 1932 में जापान ने चीन पर हमला कर कुछ क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया था। युद्ध में चीनी सैनिकों के हाथ से हथियार छूट जाने पर हाथ (यानी ‘कर’) से ही अपनी सुरक्षा करने की विधियों की ईज़ाद की गई जिसे ‘कराटे’ नाम दिया गया। तभी से उस ‘कराटे’ शब्द को चायनीज हैंड एवं जापानी भाषा में ‘Empty Hand’ कहा जाने लगा। संक्षेप में उसी निहत्थे युद्ध प्रणाली को कराटे कहा जाता है जिसे ओलंपिक खेल में शामिल किये जाने हेतु डाॅ.मधेपुरी का प्रयास जारी है। यदि इस प्रयास में डाॅ.मधेपुरी को सफलता मिली तो मधेपुरा की कराटे-क्वीन सोनीराज एक-न-एक दिन ओलंपिक मेडल जीतकर मधेपुरा की शान बनेगी एवं परचम लहरायेगी….।

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मधेपुरा में पाँच बूथों पर 100% मतदान जानिए कौन-कौन ?

मिथिलांचल और सीमांचल के बीच अवस्थित इस कोसी अंचल के मधेपुरा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे कुल 13 प्रत्याशियों में से तीन के बीच कांटे की टक्कर दिखाई दे रही है। ये तीनों हैं- एनडीए प्रत्याशी दिनेश चन्द्र यादव, महागठबंधन प्रत्याशी शरद यादव और जनधिकार पार्टी की ओर से राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव।

जहाँ एक ओर एनडीए की एकजुटता अटूट नजर आती है वहीं गठबंधन के शीर्ष नेतृत्व अब तक एक मंच पर भी साथ-साथ नहीं दिखे…… फिर भी गठबंधन के नेताओं को जातिगत समीकरण का वोट शत-प्रतिशत अपने ही पक्ष में नजर आ रहे हैं। गठबंधन वाले  छोट-भैया नेता भी कहीं ‘माय समीकरण’ तो कहीं ‘मुनिया समीकरण’ (मुस्लिम-निषाद-यादव) पर ताल ठोक रहे हैं।

और हाँ ! जदयू से निकलकर राजद में शामिल होने की मंशा लिए……. अटल मंत्रिमंडल में एनडीए के संयोजक व मंत्री रह चुके शरद यादव मधेपुरा लोकसभा सीट से वर्तमान में राजद-कांग्रेस गठबंधन का प्रत्याशी बनकर भाग्य आजमा रहे हैं। हद तो तब हो गई जब इस बार किसान के अनेक गाँव प्यासे हैं और एनएच-106 एवं एनएच-107 की स्थिति जर्जर है फिर भी यहाँ ‘पानी और सड़क’ चुनावी मुद्दा नहीं बन पाया…… उल्टे जातिगत समीकरण चतुर्दिक हावी होता दिख रहा है। कोई साख बचाने की तो कोई नाक बचाने की लड़ाई लड़नेे मेें मशगूल है।

बता दें कि मधेपुरा की सीट पर इस बार जज्बातों की जंग में त्रिकोणीय संघर्ष का पटाक्षेप 23 अप्रैल को होते-होते पुनः सुलगने लगा है…. जब यह बात खुलकर सामने आ गई कि पाँच बूथों पर 100% मतदान हुआ। और मधेपुरा संसदीय क्षेत्र के सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में अवस्थित 1940 मतदान केंद्रों में से 6 बूथों पर लगभग 90%……. 264 बूथों पर तकरीबन 80%…….. 840 मतदान केंद्रों पर लगभग 70%….. और 50 मतदान केंद्रों पर 40% से कम वोट डाले गये तथा …..।

चलते-चलते बता दें कि 100% मतदान वाले बूथों में 4 बूथ हैं आलमनगर विधानसभा के- बूथ संख्या 17 (नवटोल), बूथ संख्या- 144 (फोरसाही), बूथ संख्या- 223 (सुखाड़ घाट) व बूथ संख्या- 235 (गंगापुर) तथा बिहारीगंज विधान सभा के एक बूथ संख्या- 173 (रही वाँया भाग में) सौ फ़ीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया।

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इस बार भाजपा को मुस्लिमों का भारी समर्थन मिलेगा: राजनाथ सिंह

भाजपा के वरिष्ठ नेता व केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री राजनाथ सिंह की मानें तो पिछले चुनाव की तुलना में इस बार भाजपा को मुस्लिमों का भारी समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने डर का माहौल पैदा करने की असफल कोशिश की है, जबकि हम ‘सबका साथ सबका विकास’ के सिद्धांत पर चलते आए हैं।
राजनाथ सिंह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नेतृत्व किया है, उससे स्पष्ट है कि भाजपा दो-तिहाई बहुमत से सत्ता में लौटेगी। लोग चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का बेहतरीन शासन बना रहे।

भारत के गृहमंत्री ने नक्सलवाद के संदर्भ में कहा कि पहले जहां देश के 126 जिलों में नक्सली सक्रिय थे, वहीं अब वे सिमट कर छह से सात जिलों में रह गए हैं। देश में नक्सली हिंसा में भी कमी आई है। आने वाले दिनों में नक्सलवाद का पूरी तरह से सफाया हो जाएगा। राजनाथ सिंह ने कहा कि गृहमंत्री के तौर पर मैंने बहुत कुछ किया है। साल 1971 के बाद से हम इस समय बेहतर स्थिति में हैं। पूर्वोत्तर में उग्रवाद लगभग खत्म हो गया है।

गौरतलब है कि राजनाथ सिंह समाचार एजेंसी पीटीआई से बात कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने जम्म-कश्मीर की समस्या का दीर्घकालिक समाधान तलाशने की कोशिश की, लेकिन इच्छित परिणाम नहीं मिल पाया। अब समय आ गया है कि अनुच्छेद 370 और 35ए की समीक्षा हो। यह समझा जाए कि इन विशेष प्रावधानों से राज्य को क्या फायदा-नुकसान हुआ।

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