All posts by Admin

विश्व मुक्केबाजी में सुपर मॉम मैरीकॉम से बढ़कर कोई नहीं

सुपरमॉम मैरीकॉम ने विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है | सुपरमॉम ने भारत के लिए एक और पदक यानि आठवां पदक भी पक्का कर लिया है | भारत के लिए गुरुवार का दिन काफी शानदार रहा |

बता दें कि 36 वर्षीया 51 किग्रा वाली 3 बच्चों की माँ मैरीकॉम ने अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए महिला विश्व चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में एकतरफा अंदाज में कोलंबिया की वार्लेशिया विक्टोरिया को 5-0 से शिकस्त दी तथा कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किए | पदकों की संख्या के आधार पर यह मैरीकॉम पुरुष और महिला दोनों में सबसे सफल है |

यह भी जानिए कि जहाँ पुरुष वर्ग में क्यूबा के फेलिक्स सावोन ने सर्वाधिक 7 पदक ( छः स्वर्ण और एक रजत) जीते हैं….. वही मैरीकॉम के नाम अभी तक छह स्वर्ण और एक रजत पदक है…. लेकिन 51 किलोग्राम भार वाली सुपरमॉम पहली बार पदक जीतेगी |

यह भी बता दें कि भारतीय संसद की सदस्या एमसी मैरीकॉम का इसबार यह 8वाँ पदक होगा….. देखना यह है कि सुपरमॉम इस बार किस पदक पर कब्जा करती है | आज शनिवार को सेमीफाइनल में मैरीकॉम का सामना तुर्की के बुसेनाज काकिरोग्लू से होगा | यूरोपियन चैंपियनशिप एवं यूरोपियन गेम्स की मौजूदा गोल्ड मेडलिस्ट बुसेनाज काकिरोग्लू के सामने तीन बच्चों की माँ मैरीकॉम को ब्राँज पदक पर ही संतोष करना पड़ा | वैसे तो मैरीकॉम यह कहती रही कि मैं पदक पक्का कर बहुत खुश हूँ लेकिन फाइनल में पहुंचकर इसे और बेहतर बनाना चाहूंगी….. जो नहीं हुआ, फिर भी विश्व महिला मुक्केबाजी की सरताज तो बन ही गई सुपरमॉम मैरीकॉम- कुल 8 पदक अपने नाम करके |

सम्बंधित खबरें


भटगामा महोत्सव के अंतर जिला महिला कबड्डी में मधेपुरा सवेरा ट्राफी पर जमाया कब्जा

प्रखंड चौसा के भटगामा गाँव में आयोजित दो दिवसीय अंतर जिला महिला कबड्डी प्रतियोगिता एवं अंतर राज्य महिला कुश्ती प्रतियोगिता शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। महिला कबड्डी प्रतियोगिता का फाइनल मधेपुरा और भागलपुर के बीच खेला गया जिसमें मधेपुरा 20 अंक के मुकाबले 28 अंक प्राप्त कर सवेरा ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।

बता दें कि वहीं महिला कुश्ती प्रतियोगिता में 10 जोड़ी महिला पहलवानों ने जोर आजमाया। फाइनल में उत्तर प्रदेश की मनीषा विजेता और बिहार राज्य की प्रीतम उपविजेता रही। दोनों प्रतियोगिताओं में दर्शक इस कदर दीवाने थे कि कोई वृक्ष पर चढ़कर, तो कोई बांस पर लटक कर या फिर कुछ लोग दूर के छत पर चढ़कर महिला कबड्डी व कुश्ती का आनंद लेते रहे।

मधेपुरा जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार ने कहा कि भटगामा जैसे सुदूर देहात में दो दिवसीय प्रतियोगिता आयोजित करना- अध्यक्षता कर रहे भटगामा पंचायत के पूर्व मुखिया सुशील कुमार यादव एवं संयोजक विनोद आशीष के परिश्रम का ही फल है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यहाँ के दर्शकों ने यह साबित कर दिया कि उन्हें कबड्डी से कितना प्यार है।

मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद प्रो.मनोज झा ने कहा कि भटगामा के लोगों ने बेटियों का सम्मान जिस कदर बढ़ाया है वह काबिले तारीफ है। सचिव अरुण कुमार की तारीफ करते हुए सांसद प्रो.झा ने कहा कि मधेपुरा जिला कबड्डी संघ पूरे हिन्दुस्तान में एक अलग पहचान बनाया है। उन्होंने कबड्डी को आगे बढ़ाने में आवश्यकतानुसार सांसद निधि कोष से आवंटन देने की घोषणा की।

अध्यक्षीय संबोधन में सुशील कुमार यादव ने सभी जिले एवं राज्यों से आये खिलाड़ियों को सम्मान देते हुए निर्णायकों की भूमिका की भरपूर सराहना की। वरीय उपसमाहर्ता बिरजू दास एवं पुलिस निरीक्षक बीएन मेहता सहित सभी जिले से आये सचिवों व खेल प्रेमियों को उनके सहयोग के लिए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।

सम्बंधित खबरें


एक ओर माँ दुर्गा की विदाई और दूसरी ओर माँ सरस्वती का सम्मान

एक ओर संपूर्ण मधेपुरा जिले में जहाँ जय माँ दुर्गा के जयकारे के साथ परंपरानुरूप जगत जननी माँ दुर्गे को दी जा रही थी नम आँखों से विदाई, वहीं दूसरी ओर उदाकिशुनगंज अनुमंडल कार्यालय के सभागार में डीसीएलआर ललित कुमार सिंह द्वारा नि:शुल्क चलाये जा रहे 65वीं बीपीएससी परीक्षा की तैयारी वाले शैक्षणिक सत्र के समापन के साथ जगत जननी माँ सरस्वती के पुत्र-पुत्रियों को प्रोत्साहित करते हुए दी जा रही थी शुभकामनाओं के साथ विदाई |

बता दें कि सत्र समापन के अंतिम दिन छात्रों ने वर्ग विशेषज्ञों के सम्मान में समारोह आयोजित किया जिसमें सम्मान का शुभारंभ भूमि सुधार उप समाहर्ता श्री ललित कुमार सिंह से शुरू हुआ | तत्पश्चात मुख्य अतिथि सह मार्गदर्शक नवल किशोर कुमार, विशिष्ट अतिथि सजन देव कुमार सहित अमृता प्रीतम एवं अनीता को भी सम्मानित किया गया |

यह भी जानिए कि उदाकिशुनगंज के डीसीएलआर ललित कुमार सिंह गत वर्ष से ही नि:शुल्क बीपीएससी की तैयारी कक्षा चला रहे हैं | कक्षा प्रत्येक रविवार को 2 घंटे चलाया जाता है | साथ ही प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को नि:शुल्क मटेरियल भी उपलब्ध कराया जाता है यानि विषयवार स्टडी सामग्री मुहैया कराई जाती है  | विशेष रूप से मार्गदर्शन के साथ लगातार सैंपल टेस्ट का भी आयोजन वर्तमान बैच को कराया गया |

इस कार्यक्रम की तैयारी जहां एक और नि:शुल्क रही है वहीं पूर्व से ही डीएम नवदीप शुक्ला (IAS), मुकेश कुमार (तत्कालीन डीडीसी), राजस्व पदाधिकारी जयंत कुमार सहित प्रोबेशन पदाधिकारी स्नेहा गुप्ता व सहायक अभियंता जीवन गुप्ता के अलावा कई सफल व्यक्तियों द्वारा यहाँ अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन प्रदान किया जाता रहा है |

चलते-चलते यह भी बता दें कि आरंभ में भूमि उपसमाहर्ता ललित कुमार सिंह ने यह तैयारी वर्ग मधेपुरा से ही चलाने की चर्चा समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी से मिलकर की थी | फलस्वरूप डॉ.मधेपुरी ने इस बाबत टीपी कॉलेज के प्राचार्य डॉ.केपी यादव से प्रत्येक रविवार के लिए कमरा भी स्वीकृत करवा ली थी, परंतु एनएच-106 की दुर्दशा के कारण आने-जाने में लगभग 4 घंटे लगने की बात सोचकर अंततः डीसीएलआर ललित कुमार सिंह को उदाकिशुनगंज में ही (विवश होकर) इसका शुभारंभ किया जाना उचित लगा….. और अंतिम निर्णय भी वैसा ही हुआ |

सम्बंधित खबरें


अगले साल टोक्यो ओलंपिक में मोबाइल मस्जिद की होगी व्यवस्था

पहला एशियाई शहर होगा जापान की राजधानी टोक्यो जिसे दूसरी बार ओलंपिक खेल आयोजित करने का मौका पुनः 2020 में मिला है | इससे पहले टोक्यो में ओलंपिक खेल वर्ष 1964 में आयोजित किया गया था | हालांकि पूर्व में वर्ष 1940 में भी टोक्यो को यह अवसर मिला था परंतु दूसरे विश्व युद्ध की वजह से खेल रद्द हो गया था |

बता दें कि ओलंपिक खेल के दरमियान बाहर से आने वाले मुस्लिम खिलाड़ियों एवं दर्शकों को नमाज अता करने में परेशानी न हो…… इसके मद्देनजर इस बार के ओलंपिक खेल में टोक्यो में मोबाइल मस्जिदें शुरू की गई है |

यह भी जानिए कि टोक्यो की ‘स्पोर्ट्स एंड कल्चर इवेंट कंपनी’ द्वारा निर्मित इस मोबाइल मस्जिद में 50 लोग नमाज पढ़ सकेंगे | इसमें नमाजियों के हाथ धोने तथा नमाज पढ़ने के लिए बिछाने वाले मैट्स की भी व्यवस्था की गई है |

बकौल कंपनी बड़े ट्रकों को कन्वर्ट करने के बाद रिमोट कंट्रोल से चलने वाली मस्जिदें बनाई गई है | स्टेडियम के बाहर खड़ी की जाने वाली इस मस्जिद के पीछे का हिस्सा रिमोट कंट्रोल से ऊपर उठ जाता है और एक सीढ़ी निकल आती है……. साथ ही सामने एक गेट खुल जाता है | इसके अंदर साढ़े पाँच सौ स्क्वायर फीट का हॉल बन जाता है। इस हॉल में एक साथ 50 से ज्यादा लोग नमाज अता कर सकेंगे।

चलते-चलते यह भी बता दें कि टोक्यो में मात्र 4 मस्जिदें हैं जिससे बाहर से आने वाले मुस्लिमों को नमाज पढ़ने में हमेशा से दिक्कतें होती रही है | ऐसी मोबाइल मस्जिदें उन्हें राहत देंगी | ध्यातव्य है कि संपूर्ण जापान में लगभग 60 मस्जिदें हैं जिसमें पहली मस्जिद जापान के काबे शहर में 1935 में ही बनवाई गई थी और इंडोनेशिया के बाद मोबाइल मस्जिद का प्रयोग करने वाला दूसरा देश अब कदाचित जापान होगा |

सम्बंधित खबरें


डिप्टी कलेक्टरी छोड़कर बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं राकेश

डिप्टी कलेक्टर राकेश कुमार बक्सर जिले में पदस्थापित हैं। डिप्टी कलेक्टर की नौकरी में चयन होने से पहले राकेश कुमार तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय क्षेत्र अंतर्गत मुरारका कॉलेज सुल्तानगंज में भूगोल के शिक्षक रहे हैं। चंद वर्षों की पढ़ाई में ही उनके कई छात्र सुल्तानगंज से निकलकर जेएनयू दिल्ली विश्वविद्यालय एवं बीएचयू सरीखे शीर्षस्थ संस्थानों में जा चुके हैं। भला क्यों नहीं, राकेश कुमार भी तो जेएनयू के प्रतिभा संपन्न छात्रों में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने जेएनयू से ही भूगोल में स्नातकोत्तर की पढ़ाई की है।

राकेश ने यह बताया कि प्रशासनिक सेवा में आकर्षण तथा पारिवारिक दबाव के कारण ही उन्होंने कालेज शिक्षक की नौकरी छोड़कर डिप्टी कलेक्टरी में अपना योगदान दिया था। वर्तमान सरकारी सेवा में जाने से पूर्व राकेश ने टीएमबीयू के कुलसचिव को लियन पर बिना वेतन की छुट्टी हेतु आवेदन दिया था। उनकी छुट्टी विश्वविद्यालय द्वारा स्वीकृत हुई या नहीं इसकी विधिवत जानकारी लिए बिना वे चले गए….. उन्होंने अपनी सेवा से इस्तीफा नहीं दिया था।

बकौल राकेश अब उन्हें प्रशासनिक सेवा की नौकरी में मन नहीं लग रहा है। वे पुनः छात्रों को पढ़ाना चाहते हैं, बच्चों के बीच ज्ञान की रोशनी फैलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2008 तक कॉलेज में सेवा देने के बाद वे बक्सर चले गए थे। फिलहाल बक्सर जिले में उनका प्रशिक्षण चल रहा है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि मधेपुरा बीएनएमयू के स्थायी कुलपति तथा भागलपुर टीएमबीयू के प्रभारी कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने कहा कि राकेश कुमार द्वारा दिए गए आवेदन पर विचार किया जाएगा। सिंडिकेट से पारित कराकर यथोचित कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत कुलपति डॉ.राय ने कहा कि राकेश कुमार को प्रशासनिक सेवा की नौकरी से इस्तीफा देनी पड़ेगी।

 

सम्बंधित खबरें


जदयू अध्यक्ष पद पर दोबारा निर्विरोध निर्वाचित हुए नीतीश

जदयू के मौजूदा राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार 6 अक्टूबर 2019 को लगातार दूसरी बार निर्विरोध जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किए गए। जदयू के राष्ट्रीय चुनाव पदाधिकारी अनिल हेगड़े ने 7, जंतर मंतर स्थित जदयू के केन्द्रीय कार्यालय में उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की और उनके अध्यक्ष निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया, जिसे उनके प्रतिनिधि व बिहार विधान परिषद में पार्टी के मुख्य सचेतक संजय गांधी ने प्राप्त किया।

इस मौके पर जदयू के राष्ट्रीय महासचिव व बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय झा, राष्ट्रीय महासचिव अफाक अहमद, राष्ट्रीय सचिव राज सिंह मान, दिल्ली जदयू के अध्यक्ष दयानंद राय, युवा जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार, बिहार के राज्य निर्वाचन पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार सिंह समेत दर्जनों नेता व पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

गौरतलब है कि 4 अक्टूबर 2019 को नीतीश कुमार की ओर से उनके प्रतिनिधि संजय गांधी ने नामांकन दाखिल किया था। किसी और ने इस पद के लिए नामांकन नहीं किया। 6 अक्टूबर को 3 बजे तक नाम वापसी का समय निर्धारित था। समय सीमा समाप्त होते ही अनिल हेगड़े ने नीतीश कुमार के निर्विरोध चुने जाने की घोषणा कर दी। उन्होंने उनके दूसरे कार्यकाल में जदयू के और मजबूत होने और इसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलने की उम्मीद जताई।

बता दें कि शरद यादव का कार्यकाल समाप्त होने के बाद वर्ष 2016 में पहली बार नीतीश कुमार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। इस पद पर उनके पुन: निर्वाचित होने की विधिवत घोषणा 30 अक्टूबर 2019 को दिल्ली के रफी मार्ग स्थित मावलंकर हॉल में राष्ट्रीय परिषद की बैठक में होगी। उनका दूसरा कार्यकाल 2022 तक का होगा।

इस बीच नीतीश कुमार के लिए बधाईयों की झड़ी लग गई है। बिहार समेत देश भर से उनके लिए बधाईयां आ रही हैं, जिनमें बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी का शुभकामना-संदेश विशेष रूप से उल्लेखनीय है। मोदी ने उन्हें शुभकामना देते हुए लिखा है कि “उन्होंने (नीतीश कुमार ने) बिहार में न्याय के साथ विकास की राजनीति को नई ऊँचाई दी और आपदा की चुनौतियों को भी जनता की सेवा के अवसर में बदलने का हुनर साबित किया। नीतीश जी के दोबारा पार्टी के शीर्ष पद पर निर्विरोध चुने जाने से एनडीए मजबूत होगा।” कहने की जरूरत नहीं कि जदयू और भाजपा के रिश्तों में आजकल अक्सर दिख जाने वाली ‘तनातनी’ के बीच ये संदेश खासा मायने रखता है।

सम्बंधित खबरें


सिंहेश्वर मंदिर न्यास को जनहित में वृद्धाश्रम और आई हॉस्पिटल खोलना चाहिए- डॉ.मधेपुरी

सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति की एक बैठक मंदिर न्यास कार्यालय में न्यास समिति के सचिव सह एसडीएम वृंदा लाल की अध्यक्षता में हुई जिसमें वरीय सदस्य डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी सहित सदस्य सरोज सिंह, सत्यजीत यादव, कन्हैया ठाकुर एवं मुन्ना ठाकुर उपस्थित थे |

बता दें कि चर्चा के क्रम में एसडीएम सचिव वृंदालाल ने सदस्यों को जानकारी दी कि इस साल के 8 महीनों में सिंहेश्वर मंदिर की आय में 40 लाख से अधिक की बढ़ोतरी हुई है | उन्होंने न्यास कर्मियों द्वारा की गई हाट वसूली के बाबत स्पष्ट रूप से यही कहा कि धार्मिक न्यास पटना को 1 अप्रैल से 18 सितंबर तक की भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार मात्र मवेशी हाट से रिकॉर्ड 38 लाख 9 हज़ार 329 रूपये की आय हुई जबकि पिछले इसी 5 महीने 18 दिन में मवेशीहाट ठेकेदारी से मात्र 19 लाख 59 हज़ार 729 रुपए ही बनता था |

ट्रस्ट मेंबर डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने जब बताया कि स्थानीय सामाजिक संगठन द्वारा मंदिर परिसर की दुर्गा पूजा पर ₹1 लाख खर्च करने का प्रस्ताव दिया जा रहा है – तो इस प्रस्ताव को सचिव सहित सभी सदस्यों ने खारिज तब कर दिया जब स्थानीय सदस्यों द्वारा सिंहेश्वर मंदिर पूजा के नाम पर काटी जा रही फर्जी रसीद की चर्चा की गई | साथ ही ट्रस्ट के सदस्य सरोज सिंह के मंदिर के जर्जर लोहे की दानपेटी को स्टील की दानपेटी बनवाकर बदलने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई |

अंत में डॉ.भूपेन्द्र मधेपूरी द्वारा एक दर्जन कर्मचारियों को लंबे अरसे से वेतन नहीं मिलने के सवाल को उठाने पर सदस्यों द्वारा उन्हें 10 दिनों के अंदर भुगतान अवश्य कर दिया जाय पर सहमति बनी | साथ ही डॉ.मधेपुरी द्वारा दिए गए जनकल्याणकारी प्रस्तावों- वृद्धाश्रम एवं एक आई हॉस्पिटल ट्रस्ट द्वारा खोलना चाहिए पर अग्रेतर कार्रवाई हेतु सहमति बनी और 2 अक्टूबर से दैनिक मजदूरी में ₹14 प्रतिदिन नीतीश सरकार द्वारा की गई वृद्धि पर भी विचार करने की सहमति बनी |

सम्बंधित खबरें


अन्तर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर मधेपुरा बुनियाद केंद्र में हुआ भव्य कार्यक्रम

मधेपुरा के बुनियाद केंद्र में अन्तर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों का भव्य आयोजन केंद्र के शाखा प्रबंधक नूरी बेगम की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। सर्वप्रथम जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के डिप्टी डायरेक्टर मो.अजमल खुर्शीद, जिला कल्याण पदाधिकारी मो.कबीर, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, प्रखंड विकास पदाधिकारी आर्य गौतम, डीपीओ गिरीश कुमार, प्रमुख रेखा देवी, पीओ मनीष कुमार झा आदि अतिथियों के स्वागत के बाद सबों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित किया।

Inauguration of the function on the occasion of International Day of Older Persons at Buniyad Bhawan, Madhepura.
Inauguration of the function on the occasion of International Day of Older Persons at Buniyad Bhawan, Madhepura.

प्रबंधक नूरी बेगम ने बताया कि बुनियाद केंद्र से अब तक तीन हज़ार से अधिक नि:शक्त, वृद्ध एवं दिव्यांग जन सेवा ले चुके हैं। केंद्र में मौजूद आधुनिक मशीन और एक्सरसाइज के जरिए विभिन्न प्रकार की शारीरिक समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। यहां बढ़ती उम्र के साथ आने वाली समस्त समस्याओं का भी इलाज किया जा रहा है। आने वाले दिनों में यह केंद्र उनके लिए वरदान साबित होगा जिनकी सेवा के लिए इसकी बुनियाद डाली गई है।

बता दें कि उद्घाटन के बाद निदेशक मो.खुर्शीद तथा डीपीओ मो.कबीर ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए यही कहा कि यह बुनियाद केंद्र जरूरतमंदों की सेवा कर रहा है। उनके फायदे को लेकर चलचित्र का प्रसारण भी किया जा रहा है। सर्व-शिक्षा अभियान के डीपीओ गिरीश कुमार सहित अन्य मौजूद अतिथियों ने समाज में वृद्धजनों के सम्मान में हो रहे अभाव को रेखांकित करते हुए इस बुनियाद केंद्र के महत्व को उजागर किया।

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the people at Buniyad Bhawan, Madhepura.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the people at Buniyad Bhawan, Madhepura.

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मंडल विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक, कुलानुशासन एवं कुलसचिव आदि अनेक पदों पर कार्यरत रह चुके फिजिक्स के प्रोफेसर डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी वाणी, व्यवहार और आचरण से अपने घर के वृद्धजनों को संतुष्ट करते रहें…… हमेशा उन्हें खुश रखने की चेष्टा में लगे रहें। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि हमें नि:शक्त एवं दिव्यांगजनों की मदद तथा वृद्धजनों के सम्मान में बढ़-चढ़कर हिस्सेदारी निभानी चाहिए।

अंत में डॉ.मधेपुरी ने बुनियाद केन्द्र द्वारा लोगों के वास्ते मुफ्त में किए जा रहे ऐसे कार्यों- “ट्राई साइकिल वितरण, चलचित्र प्रसारण एवं नुक्कड़ नाटक” की जमकर सराहना की तथा शाखा प्रबंधक नूरी बेगम एवं तकनीशियन अमरेन्द्र कुमार अमर सहित उनकी टीम की भूरि-भूरि प्रशंसा भी की।

सम्बंधित खबरें


जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नीतीश कुमार ने किया नामांकन

जनता दल (यूनाइटेड) के सांगठनिक चुनाव के अंतिम चरण में शुक्रवार, 4 अक्टूबर को नई दिल्ली के 7, जंतर मंतर स्थित जदयू के केन्द्रीय कार्यालय में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नामांकन दाखिल किया गया। नीतीश कुमार की ओर से उनके प्रतिनिधि विधानपार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी ने जदयू के राष्ट्रीय निर्वाचन पदाधिकारी अनिल हेगड़े के समक्ष कुल चार सेटों में नामांकन दाखिल किया।
इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव अफाक अहमद खान, दिल्ली प्रदेश जदयू के अध्यक्ष दयानंद सिंह, युवा जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार एवं बिहार के राज्य निर्वाचन पदाधिकारी मृत्युंजय कुमार सिंह समेत दर्जनों नेता व पदाधिकारी मौजूद रहे।
ध्यातव्य है कि 4 अक्टूबर राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन का आखिरी दिन था। शनिवार 5 अक्टूबर का दिन स्क्रूटनी के लिए निर्धारित है, जबकि रविवार 6 अक्टूबर का दिन नाम वापसी के लिए तय है। राष्ट्रीय अध्यक्ष की विधिवत घोषणा राष्ट्रीय परिषद की बैठक में होगी। ज्ञात हो कि राष्ट्रीय परिषद की बैठक 19 एवं 20 अक्टूबर को राजगीर में होनी थी जिसे बिहार में हो रहे विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर स्थगित कर दिया गया है। अब राष्ट्रीय परिषद की बैठक 30 अक्टूबर को दिल्ली में होने की संभावना है।

सम्बंधित खबरें


बारिश की बूंदों के बीच गाँधीमय हुआ जिला मधेपुरा

महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती के अवसर पर मेरा शहर मेरे गांधी…… मेरा देश मेरे बापू…… से लेकर आज की तारीख में वह महात्मा वैश्विक कार्यकर्ता के रूप में स्वीकार्य किया जा रहा है… जिसका संपूर्ण जीवन मानवता के लिए एक अमूल्य संदेश है। दुनिया आज भी इनके विचारों को आत्मसात करने में लगी है।

जहाँ दक्षिण अफ्रीका, लाइबेरिया और फिलिस्तीन जैसे देशों की मुद्राओं पर गाँधीजी के चित्र अंकित हैं वहीं इटली के एक राजनीतिक दल के ध्वज पर गाँधी का चित्र विराजमान है और वहाँ की पाठ्य पुस्तकों में गाँधी के विचारों की विस्तृत जानकारी भी अंकित की गई है।

From L-R SP Sanjay Kumar, DM Navdeep Shukla, Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri,  Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi and others at Samarharnalaya Madhepura during Gandhi Jayanti Celebration.
From L-R SP Sanjay Kumar, DM Navdeep Shukla, Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri, Zila Parishad Adhyaksha Manju Devi and others at Samarharnalaya Madhepura during Gandhi Jayanti Celebration.

बता दें कि इस अवसर पर गाँव से लेकर प्रखंड तक और जिला से लेकर विश्वविद्यालय तक कहीं “गांधी और स्वच्छता” पर पेंटिंग प्रतियोगिता, तो कहीं गांधी के जीवन पर क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कहीं छात्रों ने गाँधी के वेश में मनमोहक झांकियाँ निकाली तो कहीं पर्यावरण, हरियाली, शुद्ध पानी व स्वच्छता पर वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। सारा जिला ही दिनभर गाँधीमय बना रहा जबकि बारिश की कहर से बिहार की राजधानी पटना ही विशेष रुप से त्रस्त है।

इस अवसर पर जहाँ एक ओर मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने कहा कि जब तक मानवता जिंदा है, गाँधी के विचारों को हम अपनी आत्मा से अलग नहीं कर सकते… और जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने कहा कि आज गाँधी दर्शन विश्व दर्शन बन गया है…… वहीं दूसरी ओर मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने हाॅली क्रॉस स्कूल द्वारा आयोजित तीन-तीन कार्यक्रमों- (गाँधी पर क्विज, पेंटिंग एवं दलितों की 25 बच्चियों की पढ़ाई) का प्राचार्या डॉ.वंदना कुमारी व सचिव गजेंद्र कुमार के साथ संयुक्त रूप से महात्मा गांधी की तस्वीर पर माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्जवलित कर शुभारंभ किया।

Dr.Madhepuri with Children, Teachers and Guardians making them understand the importance of Gandhi in our life .
Dr.Madhepuri with Children, Teachers and Guardians making them understand the importance of Gandhi in our life .

इस 150वीं जयंती पर मुख्य अतिथि डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कोसी प्रमंडल के तीनों जिले से आए सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों से यही कहा कि गाँधीजी हमेशा यही कहा करते कि- आदमी का सबसे बड़ा शत्रु है “डर”। लेकिन, गांधी जी को भी एक “डर” हमेशा लगा रहता…… और वह यह कि बस कहीं लोग उन्हें भी भगवान ना मान लें…। गाँधी अनुकरणीय बनना चाहते थे, पूजनीय नहीं।

डॉ.मधेपुरी ने विस्तृत व्याख्या करते हुए अंत में यही कहा कि आज भी देश में नई पीढ़ी के साथ गाँधी जीवित हैं यदि उन्हें गाँधी को समझना है तो खुद गाँधी बन कर देखना होगा तथा यह भी महसूसना होगा कि जिस समय मोबाइल नहीं था उस समय गाँधी जी ने संपूर्ण भारत को कैसे जोड़ कर रखा था। आज हर कोई गाँधी को केवल राजनीति में जिंदा रखना चाहता है….. देशभर में गाँधी को कोई भी अपने आचरण में जिंदा रखना क्यों नहीं चाहता…….?

अंत में मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी द्वारा क्विज में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय आये हाॅली क्रास के अमृतराज-ईशान, डीएस एकेडमी के काजल-कंचन एवं जवाहर नवोदय विद्यालय के रंजीता-पिंटू को….. तथा पेंटिंग में पहला, दूसरा एवं तीसरा स्थान प्राप्त साक्षी बिहारीगंज एवं हाॅली क्रास के छात्रों को मोमेंटो व सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया।

चलते-चलते यह भी बता दें कि जब हाॅली क्रास की प्राचार्या डॉ.वंदना कुमारी और सचिव गजेंद्र कुमार द्वारा 25 दलित बच्चियों को प्रतिदिन पढ़ाने की व्यवस्था के साथ स्कूल ड्रेस, कॉपी-पेंसिल-रबर आदि वितरित किया गया तो डॉ.मधेपुरी ने उत्साहित करते हुए उन बच्चियों से कहा कि मुझे यकीन है कि एक दिन तुम में से कोई पायलट बनोगी, कोई डॉक्टर बनेगी और कोई इंजीनियर……।।

 

सम्बंधित खबरें