बिहार में हुए उपचुनाव में एनडीए की अपेक्षा के अनुरूप परिणाम नहीं आए। उसे उम्मीद थी कि इस बार भी लोकसभा चुनाव जैसे परिणाम ही मिलेंगे, लेकिन स्पष्ट तौर पर इन चुनावों में बड़े नेता और बड़े नारों की जगह स्थानीय मुद्दे और समीकरण अधिक हावी रहे। विधानसभा की पांच सीटों में से जदयू ने चार सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन सफलता केवल नाथनगर में मिली। आरजेडी ने भी चार सीटों पर अपने उम्मीदवार दिए थे, जिनमें बेलहर और सिमरी बख्तियारपुर के रूप में दो सीटें जीतने में वह सफल रही। वहीं, एक-एक सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार करणजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह और हैदराबाद के सांसद ओवैसी की पार्टी एमआईएमआईएम के कमरूल होदा ने जीत हासिल की। उधर समस्तीपुर लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में लोजपा उम्मीदवार प्रिंस राज ने कांग्रेस के डॉ. अशोक कुमार को 1,02,090 वोटों से मात दी।
नाथनगर विधानसभा क्षेत्र में जदयू के लक्ष्मीकांत मंडल ने आरजेडी की राबिया खातून को 5131 वोट से हराया। वहीं, सिमरी बख्तियारपुर सीट से आरजेडी के जफर आलम ने जदयू के डॉ. अरुण कुमार को 15505 वोट से और बेलहर में आरजेडी के रामदेव यादव ने जदयू के लालधारी यादव को 19231 वोट से हराया। उधर दरौंदा में भाजपा के बागी उम्मीदवार करणजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह ने जदयू के अजय कुमार सिंह को 27279 वोट से शिकस्त दी, जबकि किशनगंज में एमआईएमआईएम के कमरूल होदा ने भाजपा की स्वीटी सिंह को 10204 वोट से मात दी। ओवैसी की पार्टी का बिहार में सीट हासिल करना बिहार में नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म दे सकता है।
बहरहाल, इन चुनावों में आए परिणाम भले ही एनडीए के अनुकूल न रहे हों, लेकिन बिहार में एनडीए के सर्वमान्य और सबसे बड़े चेहरे नीतीश कुमार के मनोबल पर कोई असर पड़ता नहीं दिखता। इन नतीजों के बाद उन्होंने कहा कि “जनता मालिक होती है। मैं पहले भी कह चुका हूँ। जब भी उपचुनाव में हम कम सीटों पर जीतते हैं तो चुनाव में ज्यादा सीटें जीतते हैं। यह पहले से होता रहा है। अगले चुनाव में हमारी बड़ी जीत होगी।”
नीतीश कुमार के आत्मविश्वास की दाद देनी होगी। लेकिन 2020 के लिए उन्हें अपनी रणनीति पर नए सिरे से काम करना होगा और बाकी दल भी उपचुनाव के नतीजों के आधार पर जोड़-तोड़ में लग चुके होंगे, इसमें कोई दो राय नहीं।
All posts by Admin
महाराष्ट्र की पहली नेत्रहीन महिला प्रांजल पाटिल बनी आईएएस
जब 2016 में प्रांजल ने यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में 773वीं रैंक हासिल की तो उन्हें भारतीय रेल सर्विस में नौकरी करने का प्रस्ताव मिला, परंतु दृष्टि बाधित होने पर उन्हें नौकरी नहीं मिला भारतीय रेल में |
बता दें कि प्रांजल रेल विभाग के इस निर्णय से बेहद निराश हुई, परंतु वह हार मानने की जगह दोबारा संघर्षपूर्ण प्रयास करने लगी | प्रांजल पुनः UPSC की परीक्षा की तैयारी में जुट गई | अपने लक्ष्य के साथ वह प्रांजल खड़ी रही और अड़़ी रही | इस बार वह 124वीं रैंक लेकर प्रशिक्षणोंपरांत एर्नाकुलम सहायक कलेक्टर के पद पर नियुक्त हुई |
केरल कैडर की प्रांजल पाटिल उपजिलाधिकारी के पदभार संभालते हुए घोषणा की कि वह एक ऐसी व्यवस्था स्थापित करना चाहती है जिसमें हर व्यक्ति को बिना भेदभाव के अवसर मिले | महाराष्ट्र के उल्लास नगर में जन्मी 28 वर्षीया प्रांजल ने एक वाक्य में अपना संदेश दुनिया को यूँ दिया-
बिना किसी विराम के और बिना किसी थकान के मैं चलती रही…..मैंने कभी हार नहीं मानी …. बल्कि यही महसूसती रही कि जो गहराई में उतरता है…. वही मोती पाता है |
अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को देती हुई आईएएस प्रांजल पाटिल ने यही कहा कि मुझे हरदम माता-पिता से प्रेरणाएं मिलती रही | उन्हीं की प्रेरणा से वह जेएनयू से अंतरराष्ट्रीय संबंध विषय से एमए करने के बाद एमफिल और पीएचडी की डिग्री प्राप्त की | यद्यपि प्रांजल मात्र 6 साल की उम्र में नेत्रहीन हो गई जब खेल-खेल में ही प्रांजल की एक आंख में पेंसिल लग गई | यह हादसा इतना गंभीर रूप ले लिया कि कुछ ही दिनों बाद प्रांजल की दोनों आंखों की रोशनी चली गई | अचानक उजाले से अंधेरे में चली गई इस दुनिया से जूझना…… अब प्रांजल के लिए नेत्रहीन पर्वतारोही कंचन गाबा की तरह सबसे बड़ी चुनौती बन गई है |
सम्बंधित खबरें
शिवानंद तिवारी: राजनीति से या आरजेडी से ‘छुट्टी’
भीतरी-बाहरी परेशानियों से एक साथ जूझ रही आरजेडी को मंगलवार को एक और झटका लगा। आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाने वाले पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने मंगलवार को राजनीति से ‘छुट्टी’ पर जाने की घोषणा कर दी। शिवानंद ने खुद को थका हुआ बताते हुए कहा कि अब थकान अनुभव कर रहा हूं और साथ ही स्पष्ट किया कि शरीर से ज्यादा मन की थकान है। उन्होंने संस्मरण लिखने की भी इच्छा जताई है।
बहरहाल, शिवानंद ने मंगलवार को अपने फेसबुक वॉल पर लिखा, ‘अब थकान अनुभव कर रहा हूं। शरीर से ज्यादा मन की थकान है। संस्मरण लिखना चाहता था, वह भी नहीं कर पा रहा हूं, इसलिए जो कर रहा हूं, उससे छुट्टी पाना चाहता हूं। संस्मरण लिखने का प्रयास करूंगा, लिख ही दूंगा, ऐसा भरोसा भी नहीं है लेकिन प्रयास करूंगा। इसलिए आरजेडी की ओर से जिस भूमिका का निर्वहन अब तक मैं कर रहा था, उससे छुट्टी ले रहा हूं।’
हालांकि, शिवानंद तिवारी ने आरजेडी छोड़ने से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि वे पार्टी नहीं छोड़ रहे, केवल राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहेंगे। लेकिन सूत्रों का कहना है कि शिवानंद तिवारी इन दिनों आरजेडी नेतृत्व से नाराज चल रहे हैं। पार्टी के कई फैसलों को लेकर उनसे पूछा तक नहीं गया और कई मौकों पर उनकी सलाह को नेतृत्व द्वारा नजरअंदाज किया गया, जिससे वे नाराज चल रहे हैं। बहरहाल, वे अपने निर्णय पर कायम रहेंगे या उनकी राजनीति कोई नया मोड़ लेगी, यह देखना दिलचस्प होगा।
सम्बंधित खबरें
हिन्दी साहित्य में भी लोकप्रिय हो रही है गज़ल- डॉ.मधेपुरी
कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अंबिका सभागार में सुकवि सियाराम यादव मयंक के एकल काव्य पाठ का आयोजन वरिष्ठ साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ की अध्यक्षता में किया गया। विषय प्रवेश करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि मयंक की गजलें हिन्दी गीति काव्य की एक महत्वपूर्ण विधा के रूप में हृदय के मनभावों को अभिव्यक्त करती हैं। पहले गजलों में कोमल भावों की अभिव्यक्ति मिलती थी, किन्तु अब मयंक सरीखे सचेतन गज़लकारों की गजलें श्रृंगार रस की अनुभूतियों की अपेक्षा जीवन के यथार्थ से जुड़कर अपनी व्यापकता से हमारी संवेदनाओं को स्पर्श करती हैं।
इस अवसर पर सम्मेलन के सचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने कहा कि गज़ल अरबी साहित्य की प्रसिद्ध काव्य विधा है जो बाद में फारसी, उर्दू और हिन्दी साहित्य में पर्याप्त लोकप्रिय हुई। डॉ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि हिन्दी के दुष्यंत कुमार सहित अनेक रचनाकारों ने इस विधा को अपनाया। इसी परंपरा में सुकवि मयंक का नाम आता है। अब तो मयंक की गजलें सामान्य श्रोताओं के सिर चढ़कर बोलने लगी है।
उद्गार व्यक्त करते हुए डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप, डॉ.विनय कुमार चौधरी, प्रो.सचिन्द्र, प्रो मणिभूषण वर्मा, रघुनाथ यादव आदि ने यही कहा कि गज़लें व्यक्ति चेतना, सामाजिक चेतना, राजनीतिक असमानता एवं जीवन के विविध आयामों को उकेरती हैं। गज़ल के चिंतन पक्ष को मौलिक ढंग से ऊंचाई देने में मयंक ने कामयाबी भी हासिल की है। सबों ने मयंक की कामयाबी की सराहना की।
मयंक ने अपनी लगभग बीस गजलों का सस्वर पाठ किया। हाल में ही प्रकाशित गज़ल की पुस्तक “मोहब्बत के चिराग” से भी उन्होंने अनेक गजलें तरन्नुम में सुना श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर खूब तालियाँ बटोरी। धन्यवाद ज्ञापन सचिव डॉ.मधेपुरी ने किया।
इस अवसर पर साहित्यानुरागी उल्लास मुखर्जी, शिवजी साह, डॉ.अशोक कुमार, फर्जी कवि डॉ.अरुण कुमार, डाक अध्यक्ष राजेश कुमार, डॉ.एन.के. निराला, नीरज कुमार, निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र, प्राचार्य डॉ.हरिनंदन यादव आदि ने संस्थापक युगल शास्त्री प्रेम की स्मृति में कविता पाठ किया।
सम्बंधित खबरें
बिहार में उपचुनाव के लिए प्रचार थमा, 21 अक्टूबर को होगा मतदान
बिहार में विधानसभा की पांच सीटों – सिमरी बख्तियारपुर, नाथनगर, बेलहर, दरौंदा और किशनगंज – तथा एक लोकसभा सीट समस्तीपुर के लिए उपचुनाव के प्रचार का शोर शनिवार शाम को थम गया। इसके बाद रविवार को उम्मीदवार घर-घर जाकर वोट मांगेंगे। इन सभी सीटों के लिए 21 अक्टूबर को मतदान होना है। चुनाव आयोग ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान के लिए सुरक्षा बलों का पुख्ता इंतजाम किया गया है। बता दें कि विधानसभा की इन पांच और लोकसभा की एक सीट के लिए कुल 51 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं और इन सभी सीटों के लिए कुल 3258 बूथों पर वोट डाले जाएंगे।
बिहार के इस उपचुनाव में एनडीए ने जहां इसी साल संपन्न हुए लोकसभा चुनावों की तरह एक बार फिर अपनी एकजुटता प्रदर्शित की है और पूरे उत्साह में दिख रहा है, वहीं महागठबंधन पिछले चुनावी सदमे से अभी तक पूरी तरह उबरा नहीं दिख रहा। 24 अक्टूबर को आने वाले परिणामों में 2020 के संकेत छिपे होंगे, इसमें कोई दो राय नहीं।
बहरहाल, इन उपचुनावों में नाथनगर से जदयू के प्रत्याशी लक्ष्मीकांत मंडल हैं। उनका मुकाबला राजद की राबिया खातून और पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी की पार्टी हम के अजय कुमार राय से है। वहीं, सिमरी बख्तियारपुर से जदयू के डॉ. अरुण कुमार उम्मीदवार हैं। उनका मुकाबला राजद के जफर आलम और महागठबंधन में रहे मुकेश सहनी की पार्टी वीआइपी के उम्मीदवार से है। बेलहर से जदयू के उम्मीदवार लालधारी यादव हैं। उनका मुकाबला राजद के रामदेव यादव से है। दरौंदा से जदयू के उम्मीदवार अजय सिंह हैं। उनका मुकाबला राजद के उमेश सिंह से है। वहीं, किशनगंज सीट पर भाजपा उम्मीदवार स्वीटी सिंह का मुकाबला कांग्रेस की शाइदा बानो से है। समस्तीपुर लोकसभा सीट पर एनडीए की ओर से लोजपा के प्रिंसराज चुनाव मैदान में हैं। उनका मुकाबला कांग्रेस के डॉ. अशोक कुमार से है।
चलते-चलते बता दें कि समस्तीपुर लोकसभा क्षेत्र के पांच विधानसभा क्षेत्रों में सुबह सात से शाम पांच बजे तक वोटिंग होगी, जबकि एक विधानसभा कुशेश्वरस्थान में सुबह सात से शाम चार बजे तक मतदान का समय तय किया गया है। वहीं, विधानसभा उपचुनाव वाले क्षेत्रों में किशनगंज, दरौंदा, नाथनगर में सुबह सात से शाम पांच बजे तक वोटिंग होगी, जबकि, सिमरी बख्तियारपुर और बेलहर में सुबह सात से शाम चार बजे तक मतदान का समय चुनाव आयोग तय किया है।
सम्बंधित खबरें
राज्य निःशक्तता आयुक्त डॉ.शिवाजी दिव्यांगों के लिए दिनभर रासबिहारी स्कूल के मैदान में जूझते रहे
मधेपुरा के रासबिहारी उच्च विद्यालय के मैदान में दिव्यांग जनों की असहज भीड़ को देखकर आयुक्त डॉ.शिवाजी ने सहजरूप से अंदाजा लगा लिया कि ऐसे लोगों की कितनी सारी परेशानियां अब भी अनसुलझी हैं जिन्हें सुलझाने में निःशक्तता आयुक्त दिनभर जूझते रहे | वे विगत 3 दिनों से विभिन्न प्रखंडों एवं सरकारी संस्थानों में बैठक का आयोजन कर लोगों को जागरूक करवाते रहे तथा स्वयं सबों को उत्साहित, प्रोत्साहित व जागरूक करते रहे |

बता दें कि अंतिम दिन जिलेभर से अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे दिव्यांगों के बीच राज्य निःशक्तता आयुक्त डॉ.शिवाजी कुमार, डीएम नवदीप शुक्ला एवं एसपी संजय कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया | मौके पर आयुक्त ने दिव्यांग जनों से यही कहा कि आप लोग घबराएं नहीं…… काम तबतक चलता रहेगा जबतक अंतिम व्यक्ति के मामले का निष्पादन नहीं हो जाता | डीएम व एसपी ने कहा कि यदि कोई आपके साथ अन्याय या दुर्व्यवहार करे तो आप तुरंत इसकी शिकायत करें |

यह भी बता दें कि दिव्यांग जनों की समस्याओं के निदान हेतु आयोजित नीतीश सरकार के इस चलंत अदालत में 56 काउंटरों पर 2569 दिव्यांगों का हुआ रजिस्ट्रेशन, जिसमें मात्र 1270 मामलों का किया गया निष्पादन | आयुक्त डॉ.शिवाजी कुमार ने बाद में यही कहा कि आज के बाद से आप सभी दिव्यांग जनों को किसी भी कारण से जिला मुख्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा | उन्होंने कहा कि सभी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी को सख्त हिदायत दी गई है कि आपकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर वही करें | यदि कोई भी पदाधिकारी आपको परेशान करे तो आप इसकी सूचना तुरंत वरीय अधिकारी के पास करें |
चलते-चलते यह भी बता दें कि राज्य निःशक्तता आयुक्त डीएम, एसपी, एसडीएम उपेंद्र कुमार, शैलेंद्र कुमार शैव, लीड बैंक मैनेजर रंजन कुमार झा सहित अन्य सभी के सहयोग के बावजूद शिविर स्थल पर दिव्यांगजनों की भारी भीड़ रहने के कारण दर्जनों दिव्यांग अपनी समस्याओं से संबंधित फॉर्म जमा नहीं कर पाये | इस बाबत मधेपुरा जिला परिषद अध्यक्ष मंजू देवी , उपाध्यक्ष रघुनंदन दास, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, डॉ.श्यामानंद गिरी, शंभू शरण भारतीय आदि दर्जनों लोगों ने प्रखंडवार शिविर आयोजित करने की मांग की |
सम्बंधित खबरें
बीपीएससी परीक्षा में कोसी के छात्र-छात्राओं के बेहतर प्रदर्शन होने से लोगों में उत्साह
बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा घोषित 63वीं संजुक्त सेवा परीक्षा में कोसी के मधेपुरा जिले में दो और सहरसा जिले से भी फिलहाल प्राप्त जानकारियों के आधार पर 2 प्रतिभागियों ने अनवरत संघर्ष कर खुद के लिए जगह बनाई है |
बता दें कि जानकारी के अनुसार मधेपुरा जिले से दो और सहरसा जिले से दो यानी कुल चार प्रतिभागियों ने अपने-अपने जिले का नाम रोशन किया है | मधेपुरा से चंद्रजीत प्रकाश (चौसा निवासी) 149वाँ रैंक प्राप्त कर सीओ (अंचलाधिकारी) के पद पर चयनित हुए | खाद-बीज विक्रेता जयप्रकाश मेहता व गृहिणी मीना देवी के सुपुत्र चंद्रजीत आरंभ में मनरेगा के तहत रोजगार सेवक के पद पर चलना शुरू किया था | 5 साल बाद वे माध्यमिक शिक्षक बने | फिर 7 वर्ष बाद 2019 की बीपीएससी परीक्षा में 149वाँ रैंक लाकर सीओ बने तीसरे प्रयास में सीओ बनने वाले वाला चंद्रजीत अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हैं |
यह भी बता दें कि मधेपुरा की बेटी अमृता कुमारी 208वाँ रैंक लाने पर रजिस्ट्रार बनीं | शिक्षक माता-पिता सरिता कुमारी व मिथिलेश यादव की सुपुत्री अमृता गुलजारबाग, वार्ड नंबर-20 मधेपुरा की निवासी है जो दूसरे प्रयास में सफल होकर रजिस्ट्रार बनी | माता-पिता के अलावे अमृता अपने पति बैंक अधिकारी राजकुमार को भी अपनी सफलता का श्रेय देती है |
सहरसा जिले से अजय कुमार 13वाँ रैंक हासिल कर बिहार प्रशासनिक सेवा में जगह बनाई है | वर्तमान में वे प्रथम प्रयास में BDO बने और इंस्पेक्टर बालकृष्ण यादव व वीणा देवी के सुपुत्र अजय कुमार दूसरे ही प्रयास में 13वाँ रैंक लाकर एसडीओ बनेंगे | वहीं सलखुआ के सितूआहा गांव की बेटी अनुभारती 326वाँ रैंक हासिल कर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी बनी | इन चारों ने साबित कर दिया कि दुनिया में कोशिश का कोई विकल्प नहीं |
सम्बंधित खबरें
एक दिन में सिंहेश्वर ट्रस्ट ने डाक से लगभग 60 लाख रु.जमा किया
सिंहेश्वर मंदिर ट्रस्ट द्वारा विभिन्न बंदोबस्ती के डाक को खोलकर अधिक बोली लगाने वाले को बंदोबस्ती दी गई | वह लिफाफा बंद डाक मधेपुरा एसडीएम सिंहेश्वर ट्रस्ट सचिव वृंदालाल की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें न्यास के सदस्य डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, मनीष सर्राफ, सरोज सिंह एवं संजीव कुमार ठाकुर के अतिरिक्त विधि व्यवस्था हेतु बीडीओ राजकुमार चौधरी, थानाध्यक्ष आरके मंडल आदि मौजूद थे |
बता दें कि आम सूचना के माध्यम से 16-10-2019 से 31-03-20 यानी साढ़े पाँच महीने के लिए (1) मवेशी हाट (2) गुदरी हाट (3) वाहन स्टैंड एवं (4) वाहन पूजा-न्योछावर के डाक हेतु आवेदन बंद लिफाफे में विधिवत घोषित सुरक्षित राशि से अधिक राशि भरकर निबंधित डाक द्वारा ट्रस्ट कार्यालय को 5 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक भेजने हेतु कहा गया था | जिसमें 9 प्रतिभागियों ने भाग लिया |
जानिए कि क्रमांक 1,2 एवं 3 के डाक हेतु कुल 9 प्रतिभागियों (i) सुमित सुमन (टिकुलिया) (ii) मनोज कुमार मनोरंजन (मधेपुरा) (iii) टीआर प्रशांत (मुरहो) (iv) विमल कुमार (मधेपुरा) (v) मुन्ना कुमार (लरहा भवानीपुर) (vi)मणिकांत (त्रिवेणीगंज) (vii) शिव आशीष आनंद (हसनपुर) (viii) रवेन कुमार (गौरीपुर-सिंहेश्वर) एवं (ix) सुभाष कुमार ठाकुर (गौरीपुर-पंडाटोला) ने विधिवत भाग लिया जिसमें 6 मवेशी हाट में, दो गुदरी हाट में एवं एक वाहन स्टैंड के लिए बंद लिफाफा डाला गया |
यह भी जानें की मवेशी हाट मिला मनोज कुमार मनोरंजन को सर्वाधिक 45,00100 रु. (पैतालिस लाख एक सौ) में, गुदरी हाट मिला सुभाष कुमार ठाकुर को तीन लाख इक्यावन हज़ार पाँच सौ एक रु. में तथा वाहन स्टैंड मिला मुन्ना कुमार को 11लाख 11 हज़ार 111 रुपए मात्र में जबकि वाहन पूजा न्योछावर के लिए डाक में किसी ने हिस्सा नहीं लिया यानी फिलहाल ट्रस्ट उसे अपने कर्मचारियों द्वारा वसूली करायेगा और बाद में बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के निर्देशानुसार विचार किया जाएगा | कुल तीनों डाक राशि हुआ 59,62,712 रु. यानी लगभग 60लाख रु. जिसे उसी दिन ट्रस्ट के खाते में पूरी सुरक्षा के साथ बैंक में जमा कर दिया गया |
सम्बंधित खबरें
जो कोई मधेपुरा को करेंगे गौरवान्वित, उन्हें डॉ.मधेपुरी करेंगे सम्मानित
आज 15 अक्टूबर (मंगलवार) को संपूर्ण भारतीय डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की 89वीं जयन्ती मधेपुरा के डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क में सर्वाधिक उत्साह के साथ डॉ.कलाम के करीबी रह चुके डॉ.मधेपुरी की अध्यक्षता में मनाई गई। इस अवसर पर पार्क में घूमने वाले बच्चे, नौजवान एवं वृद्ध पुरुष व महिलाएं सभी गांधीयन मिसाइल मैन की जयन्ती में उपस्थित थे। तुलसी पब्लिक स्कूल के शिक्षक वरुण कुमार के साथ छात्र-छात्राएं भी उपस्थित होकर उद्गार व्यक्त की। सृजन दर्पण के सचिव विकास कुमार की टीम का सहयोग भी सराहनीय रहा।

डॉ.कलाम बच्चों को देश का भविष्य मानते थे, तभी तो उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति के अपने शपथ ग्रहण समारोह में देश के विभिन्न कोणों से एक सौ बच्चे बच्चियों को आमंत्रित किया था। आज उनके जन्म जयन्ती के अवसर पर उनके नाम वाले मधेपुरा के डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम पार्क में आठवीं क्लास की नन्ही बच्ची शिवाली को संगीत के क्षेत्र में प्रथम स्थान प्राप्त कर मधेपुरा जिला का नाम रोशन करने के उपलक्ष में सम्मानित किया डाॅ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी एवं मधेपुरा के माननीय विधायक व पूर्व आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो.चंद्रशेखर ने अंगवस्त्रम-बुके आदि देकर।

बकौल डॉ.मधेपुरी मिसाइल मैन डॉ.कलाम ने अपने संपूर्ण कार्यकाल में मात्र 3 दिनों की छुट्टी ली थी इसलिए तुलसी पब्लिक स्कूल की वैसी बच्चियों एवं बच्चों को जो अपने-अपने वर्गों में कम से कम अनुपस्थित रहे…… उन्हें कलम व काॅपी देकर सम्मानित किया गया डॉ.मधेपुरी, पूर्व मंत्री प्रो.चंद्रशेखर, ध्यानी यादव लीड बैंक मैनेजर आर.के.झा, संतोष कुमार झा, डॉ.बी.एन.भारती, एडवोकेट उदयकांत, चंद्रकांत, कामेश्वर राय, मो.महताब, विकास कुमार, संजय कुमार दिनकर, सुरेंद्र मिश्र, रिंकू कुमार, निर्मल कुमार तिवारी… द्वारा और कलाम साहब के प्रति विस्तार से सबों ने उद्गार भी व्यक्त किया। डॉ.मधेपुरी ने उनकी जीवनी को संदर्भित करते हुए उपस्थित लोगों को ढेर सारे संदेश दिए। बच्चों के बीच मिठाइयाँ बांटी गई।
इस अवसर पर प्रेस के धीरेंद्र कुमार, मिराज अहमद, सुनीत साना, जावेद अख्तर, विकास कुमार… एवं नप के शब्बीर, राजकुमार, खन्नू आदि…. अंत तक सहयोगी बने रहे।
सम्बंधित खबरें
स्थायी सम्बन्धन हेतु मुख्यमंत्री से मिले एमएलसी डॉ.संजीव
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के संबद्ध माध्यमिक विद्यालयों तथा विघटित बिहार इंटरमीडिएट शिक्षा परिषद द्वारा प्रस्वीकृत/अनुशंसित व स्थापना अनुज्ञा कोटी के शिक्षण संस्थानों को समिति प्रशासन द्वारा अकस्मात असंबद्ध घोषित किये जाने से संपूर्ण सूबे के शिक्षाकर्मियों के बीच हाहाकार मच गया है |
बता दें कि इस आशय की जानकारी प्राप्त होते ही कोसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चयनित बिहार विधान परिषद सदस्य डॉ.संजीव कुमार सिंह ने तक्षण मुख्यमंत्री से मिलकर माध्यमिक विद्यालयों एवं इंटर कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मियों की स्थितियों व उनकी विकट परिस्थितियों से अवगत कराने की बात सोचनी शुरु कर दी | इस बीच डॉ.सिंह द्वारा मानव संसाधन विकास विभाग की संकल्प संख्या 538 दिनांक 19-5-2009 एवं संकल्प संख्या-381 दिनांक 09-03-2010 सहित आगे-पीछे के समस्त संकल्पों का गहन अध्ययन किया गया |
यह भी जानिए कि 10 अक्टूबर को ही 1:25 बजे अपराह्न में माननीय मुख्यमंत्री महोदय के आवास पर मिलकर उन्होंने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति प्रशासन द्वारा इंटर कॉलेज एवं माध्यमिक विद्यालय को असंबद्ध किए जाने के बाबत विस्तार से चर्चाएं की तथा विकास के प्रति निष्ठावान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से त्वरित हस्तक्षेप का आग्रह भी किया | मुख्यमंत्री ने एमएलसी डॉ.संजीव कुमार सिंह को आश्वस्त किया कि इन समस्याओं का समाधान निश्चित रूप से किया जाएगा | साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षक अपना अध्यापन कार्य पूर्ववत करते रहें | लंबित अनुदान भी अविलंब भेजे जाने का आदेश दिया गया है |
चलते-चलते यह भी बता दें की कोशी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी डॉ.संजीव कुमार सिंह द्वारा मुख्यमंत्री को 3 पृष्ठों का पत्र हस्तगत कराया गया जिसमें शिक्षण संस्थानों को स्थायी संबंधन प्रदान करने की दिशा में सकारात्मक कार्यवाई के साथ-साथ अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के विवादास्पद निर्णय/सूचना अविलंब वापस लेने हेतु यथोचित निर्देश देने की कृपा करने हेतु निवेदन भी किया गया है |

























