PM Modi with his Mother

क्या आपने प्रधानमंत्री मोदी को जन्मदिन की शुभकामना दी ?

आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का 67वां जन्मदिन है। अगर आप उनके आलोचक हैं तब भी इतना तो जरूर मानेंगे कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के इस प्रधानमंत्री ने बहुत कम समय में अपनी वैश्विक पहचान बनाई है और उनकी लोकप्रियता देश और दल की सीमा को लांघ चुकी है। बात जहां तक भारतीय जनता पार्टी की है, तो उसके लिए ये दिन किसी उत्सव से कम नहीं। लेकिन प्रधानमंत्री किसी दल का नहीं, पूरे देश का होता है और लीक से अलग हटकर काम करने की धुन में लगे इस शख्स पर 125 करोड़ भारतवासियों की अपेक्षाओं का भार है, इसलिए उन्हें हम सबकी ओर से जन्मदिवस की शुभकामना तो जरूर मिलनी चाहिए।

बहरहाल, फेसबुक और ट्विटर पर उनके लिए बधाईयों का अंबार लगा है। देश-विदेश की तमाम बड़ी हस्तियां उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दे रही हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ट्वीट कर उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए उनके स्वस्थ जीवन और दीर्घ आयु की कामना की। केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि मां भारती की सेवा के लिए प्रभु आपको निरोग और दीर्घायु प्रदान करें। वहीं बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने उन्हें ‘नये भारत का विश्वकर्मा’ कहते हुए अपनी शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री के जन्मदिन को भाजपा के नेतृत्व वाली सरकारें सेवा दिवस के तौर पर मना रही हैं और श्रमदान के साथ-साथ शौचालय निर्माण व स्वच्छता अभियान चलाए जा रहे हैं। बिहार में भी भाजपा कार्यकर्ता स्वच्छता अभियान चला रहे हैं। कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर झाड़ू लगाने उतरे अश्विनी कुमार चौबे , जिन्हें हाल ही में मोदी कैबिनेट में जगह मिली है, ने कहा कि महात्मा गांधी के बाद नरेन्द्र मोदी पहले ऐसे शख्स हैं जिन्होंने स्वच्छता के प्रति जन-जन को जागरुक करने का काम किया है।

बता दें कि अपने जन्मदिन पर अपने गृहराज्य पहुंच कर प्रधानमंत्री मोदी ने जहां अपनी मां का आशीर्वाद लिया, वहीं देश को एक बड़ा तोहफा भी दिया। आज उन्होंने नर्मदा नदी पर बना सरदार सरोवर बांध देश को समर्पित किया। यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा और भारत का सबसे बड़ा व ऊंचा बांध है, जिससे गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान को लाभ होगा। गौरतलब है कि 65 हजार करोड़ रुपये की लागत से बने इस बांध को बनने में 56 साल लगे हैं। 5 अप्रैल 1961 को तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इसका शिलान्यास किया था।

चलते-चलते

हमें नहीं भूलना चाहिए कि आज ही के दिन मधेपुरा को अपनी सेवा और संस्कार से सींचने वाले डॉ. (मेजर) उपेन्द्र नारायण मंडल की 92वीं जयंती भी है। पेशे से चिकित्सक, व्यक्तित्व से मेजर, व्यवहार से समाजसेवी और संस्कार से संत ‘मेजर साहब’ को मधेपुरा अबतक का शत्-शत् नमन!!

और अंत में आप सभी को विश्वकर्मा पूजा की ढेरों शुभकामनाएं!!!

‘मधेपुरा अबतक’ के लिए डॉ. ए. दीप           

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