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मुख्यमंत्री नीतीश ने केंद्रीय मंत्री रामविलास के निधन पर गहरी शोक-संवेदना व्यक्त की

भारतीय राजनीति के बड़े हस्ताक्षर, प्रखर वक्ता, कुशल प्रशासक, लोकप्रिय राजनेता, मजबूत संगठनकर्ता एवं अत्यंत मिलनसार व्यक्तित्व के धनी केंद्रीय उपभोक्ता, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान के निधन पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वे लोकसभा सदस्य के लिए पहली बार हाजीपुर से 1977 में चुने गए थे और उनकी जीत इतने अधिक मतों से हुई थी कि वह जीत वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हुई थी।

मुख्यमंत्री श्री कुमार ने केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान से अपनी आत्मीय संबंधों की चर्चा करते हुए कहा कि पासवान जी से हमारा बेहद पुराना रिश्ता था। केंद्रीय मंत्री एवं लोकप्रिय राजनेता रामविलास पासवान जी के निधन से मुझे व्यक्तिगत तौर पर काफी दुख पहुंचा है। उनका निधन भारतीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है।

सूबे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय मंत्री व लोकप्रिय राजनेता रामविलास पासवान की आत्मा को शांति तथा उनके परिजनों को दुख की घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।

इसके अलावा पटना से लेकर दिल्ली तक की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के आलाधिकारियों एवं राष्ट्रीय स्तर के राजनेताओं के साथ-साथ प्रधानमंत्री और महामहिम राष्ट्रपति द्वारा भी शोक संवेदनाएं व्यक्त की गई। मधेपुरा में 70 के दशक में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के वरिष्ठ लीडर समाजवादी मनीषी भूपेन्द्र नारायण मंडल के मधेपुरा निवास पर उनके अत्यंत करीबी समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी से पहली मुलाकात हुई थी तत्कालीन एस.एस.पी. विधायक रामविलास पासवान जी की, जिन्होंने मौसम वैज्ञानिक रामविलास जी के निधन को अपूरणीय क्षति कहा और शोकाकुल होकर उनकी आत्मा को शांति देने हेतु ईश्वर से प्रार्थना की।

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दिवंगत राजनेता रघुवंश प्रसाद सिंह के पुत्र सत्य प्रकाश सिंह जदयू में हुए शामिल

लोहिया-कर्पूरी की राह के राही एवं गरीबों के रहनुमा के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त राजनेता व केंद्रीय मंत्री रह चुके राजद के रघुवंश प्रसाद सिंह जब दिल्ली में जिंदगी व मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे, उसी बीच में रामा सिंह (पूर्व सांसद) के आरजेडी में शामिल किए जाने के विरोध में रघुवंश बाबू ने अंतिम समय में राजद से इस्तीफा दे दिया और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपने गृह जिला वैशाली के लिए पत्र लिखकर जनहित के लिए कुछ मांगे भी की।

बता दें कि जननायक कर्पूरी के जाने के बाद राजद का  एक स्तंभ बनकर पार्टी को आंधी-तूफान में भी किनारा लगाते रहे रघुवंश बाबू। दुनिया को अलविदा कहने के बाद रघुवंश बाबू के बेटे सत्य प्रकाश को तिरस्कृत कर रामा सिंह की पत्नी को राजद से विधानसभा का टिकट दिए जाने के बाद दिवंगत राज नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के बेटे सत्य प्रकाश सिंह ने जेडीयू में शामिल होने का मन बनाया और जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने उन्हें सदस्यता दिलाई और पार्टी में शामिल करवाया। सत्य प्रकाश को महामहिम राज्यपाल के कोटे से एमएलसी बनाए जाने की भी चर्चा राजनीतिक गलियारे में सुनाई देने लगी है।

चलते-चलते यह भी कि कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी सहित कई वरिष्ठ नेता की मौजूदगी में प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि यह अत्यंत खुशी का पल है। जीवन के अंतिम क्षणों में भी रघुवंश बाबू ने आम लोगों की ही चिंता की और जनहित के कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखा था।

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विश्व शिक्षक दिवस (5 अक्टूबर) से जुड़ी समस्याओं के निदान का लक्ष्य वर्ष 2030 तक

संसार में विश्व शिक्षक दिवस 5 अक्टूबर को मनाया जाता है। इसे अंतर्राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के रूप में मान्यता प्राप्त है। शिक्षकों की समस्याओं में सुधार लाने के उद्देश्य से इस दिवस को मनाने का निर्णय 1966 में यूनेस्को और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन दोनों मिला कर लिया था। परंतु, 1994 में यूनेस्को की सिफारिश पर लगभग 100 देशों के समर्थन के बाद से ही विश्व शिक्षक दिवस प्रतिवर्ष 5 अक्टूबर से मनाए जाने की शुरुआत हो गई।

बता दें कि इस दिन छात्र अपने शिक्षकों एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी विशेष योगदान के लिए सम्मानित करते हैं। प्रतिवर्ष 5 अक्टूबर को यूनिसेफ, यूएनडीपी एवं अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन आदि द्वारा संयुक्त रूप से “विश्व शिक्षक दिवस” कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियों को जानने एवं उससे जुड़ी समस्याओं को पहचानने हेतु वर्ष 2030 तक का लक्ष्य रखा है।

चलते-चलते यह भी जान लें कि प्रतिवर्ष विश्व शिक्षक दिवस का एक ‘थीम’ होता है। इस वर्ष 2020 में विश्व शिक्षक दिवस का थीम है- “टीचर्सः लीडिंग इन क्राइसिस रीइमेजिंग द फ्यूचर।” यह भी कि समाज को बेहतर बनाने में शिक्षक वह जरिया होता है जो शिष्य को उसकी मंजिल तक पहुंचाता है, परंतु आज गुरु-शिष्य के रिश्ते में दूरी आ गई है। समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने भी अपनी कविता में इस तरह का भाव व्यक्त किया है-

शिक्षक समाज का सृजनहार, रे रक्षक रहवर रखवाला

कल तक था विद्यादानी वह, धन लूट न घर भरने वाला

आज क्या हुआ गुरु को, क्यों व्यसनों का दास हो गया

गुरु-शिष्यों के बीच फासला, धरती से आकाश हो गया

 

 

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बिहार की राजधानी पटना में 207 कोरोना संक्रमित जबकि सूबे में कोरोना के 983 नए मरीज मिले

कई महीने बीत गए अब जाकर बिहार में कोरोना मरीजों की संख्या में गिरावट आई है। लगातार कोरोना संक्रमितों की संख्या 1000 के पार ही रहती रही और अब 4 अंक से नीचे उतरकर 3 अंकों में सर्वप्रथम देखने को मिला है।

बता दें कि बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से ताजा अपडेट जारी की गई है, जिसके अनुसार विगत 24 घंटे में कोरोना के 1000 से कम मामले यानि 983 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके साथ ही सूबे बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1 लाख 86 हजार 690 हो गई है

बिहार में विधानसभा चुनाव की तैयारी शीर्ष पर है और सूबे की राजधानी पटना में कोरोना का कहर थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। एक बार फिर से राजधानी पटना में कोरोना संक्रमितों की संख्या सर्वाधिक हो गई है यानि दो सौ के पार चली गई है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि सूबे के सभी जिलों में पूर्णिया के अलावे किसी जिले में अर्धशतक भी नहीं पार किया है। जहां पटना डबल सेंचुरी पार कर 207 संक्रमितों को ले आया है, वहीं पूर्णिया 51 और कोसी प्रमंडल के तीनों जिले- मधेपुरा 34, सहरसा 24 एवं सुपौल 38 पर ही सिमट गया है। ऐसा इसलिए हो रहा है कि चुनाव आयोग द्वारा दी गई चेतावनी के बाद भी लोग मास्क लगाने की अनिवार्यता को समझ नहीं पा रहे हैं।

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देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या 1 लाख के पार

भारत में कोरोना से मरने वालों की संख्या एक लाख पार कर गई है। सरकारी आंकड़े के अनुसार अब तक 1 लाख 305 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना कन्फर्म केस की संख्या 64 लाख 38 हजार से पार  हो चुकी है।

बता दें कि भारत में वर्तमान में 9 लाख 40 हजार से अधिक एक्टिव केस हैं। हाँ ! राहत की बात यह है कि भारत में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। सबसे ज्यादा  राहत की बात यह है कि ठीक होने वालों की संख्या अब तक 53 लाख 95 हजार हो गई है।

जानिए कि विश्व में सर्वाधिक तबाही कोरोना ने अमेरिका में मचाई है। अब अमेरिका के प्रथम पुरुष एवं प्रथम महिला यानि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एवं उनकी पत्नी मिलेनिया ट्रंप   कोरोना ग्रस्त होकर आइसोलेशन में है। दुनिया का सबसे ताकतवर देश अमेरिका कोरोना के सामने पस्त होता नजर आने लगा है। अमेरिका में अब तक 2 लाख 08 हजार 68 लोगों की मौतें कोरोना के कारण हो चुकी है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि विश्व में कोरोना-तबाही को लेकर अमेरिका एक नंबर भारत, दो नंबर पर और ब्राजील तीसरे नंबर पर है। अमेरिका का राष्ट्रपति ट्रंप, भारत का गृह मंत्री अमित शाह, ब्राजील का राष्ट्रपति बोल सोनारो, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन, ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स, रूस के प्रधानमंत्री मिखाइल मिशुतीन, बोलीविया के राष्ट्रपति….. आदि बड़े-बड़े दिग्गज नेतागण भी कोरोना की चपेट में आने से खुद को नहीं बचा पाए।

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विधान सभा चुनाव की तैयारियों में मधेपुरा, पटना वो दिल्ली में भी लगे हैं- डीएम, सीएम व पीएम

वर्ष 2020 में कोरोना महामारी की विकट परिस्थितियों के बीच निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार विधानसभा चुनाव कराया जाना है। इस चुनाव में मतदाताओं से लेकर मतदान पदाधिकारियों व आलाधिकारियों तक को काफी सतर्कता के साथ चुनाव संपन्न कराने की जिम्मेदारियां निभानी होगी।

बता दे कि सभी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन करने में लग गए हैं। मधेपुरा में विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियों की प्रक्रिया शुरू कर दी है- डीएम नवदीप शुक्ला (आईएएस), एवं एसपी योगेंद्र प्रसाद (आईपीएस) ने।

जहां स्थानीय केशव कन्या उच्च विद्यालय में 1400  पीठासीन पदाधिकारियों को 2  पालियों में प्रशिक्षण दिया गया, वहीं मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा में 1000 पीठासीन पदाधिकारियों तथा एस एन पी एम हाई स्कूल में द्वितीय मतदान पदाधिकारियों को उनके कार्यों एवं कर्तव्यों के पालन के बारे में प्रशिक्षण दिया गया।

इस कार्यक्रम को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी स्थापना सह प्रशिक्षण प्रभारी प्रशिक्षक कृष्ण नंदन सादा ने बखूबी संपन्न किया। तीनों केंद्रों पर 36 योग्य मास्टर ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम 30 सितंबर से 5 अक्टूबर तक चलेगा। कोविड-19 के कारण सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क  को अनिवार्य बताया गया। मास्टर ट्रेनर मनी शंकर कुमार, संजय कुमार दिनकर, सहित अन्य द्वारा पीठासीन पदाधिकारियों के कार्यों व दायित्वों के बारे में बताया गया। ईवीएम एवं वीवीपैट सील करने से लेकर कागजात तैयार करने हेतु विस्तार से प्रशिक्षित किया गया।

चलते-चलते यह भी जानिए कि चुनाव तैयारी को लेकर जहां पटना में निर्वाचन आयोग के सदस्यों द्वारा विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ बैठक की जा रही है, वहीं दिल्ली में एनडीए के घटक दलों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के निवास पर मीटिंग की जा रही है। चुनाव को संपन्न कराने हेतु नीचे से ऊपर तक सभी अपने-अपने दायित्वों के निर्वहन में लगे हुए हैं।

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बिहार में कोरोना से स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख सहित 10 लोगों की मौत

बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख डॉ.उमेश्वर प्रसाद वर्मा 67 वर्ष की उम्र में ही कोरोना की चपेट में आ गए और मौत को गले लगा लिए। डॉक्टर वर्मा सहित 10 कोरोना पीड़ितों का इलाज पटना के एम्स में चल रहा था। बिहार में कोरोना ने कई डॉक्टरों को इलाज करने के दरमियान अपनी चपेट में लेकर उन्हें मौत की नींद सुला चुका है।

बता दें कि 24 घंटे के अंदर पटना एम्स में इलाज हो रहे जिन 10 कोरोना संक्रमितों की मौत हुई उन 10 में से 4 पटना के ही निवासी थे। शेष 6 में दो भोजपुर, एक सारण, एक लखीसराय, एक सोनपुर और एक शेखपुरा जिले के कोरोना संक्रमित शामिल थे। निदेशक प्रमुख डॉक्टर वर्मा तो पटना फुलवारी स्थित मित्र मंडल कॉलोनी के ‘साकेत विहार’ में रह रहे थे।

यह भी जान लें कि कोरोना संक्रमण के कारण मौत को गले लगाने वालों में आरपीएस कॉलोनी के ललन प्रसाद, बाढ़ के पवन कुमार तथा मुगलपुरा-संपतचक के एहसान आलम सम्मिलित हैं। मंगलवार का पटना अपडेट- एक्टिव कोरोना मरीजों की संख्या 2145 है।। मंगलवार को कुल 170 संक्रमित मिले। केवल 12 कोरोना पॉजीटिव मरीज एम्स में भर्ती हुए और 10 डिस्चार्ज हुए। 10 की मौत हो गई।

 

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कोविड-19 को लेकर भारत दुनिया का दूसरा देश बन गया है

भारत में जब कोरोना संक्रमितों की संख्या प्रतिदिन 10 हजार के आस-पास थी और मरने वालों की संख्या 100 के आस-पास, तब भारत में सब कुछ बंद था… पूरा लाॅकडाउन था। परंतु, आज जब संक्रमितों की संख्या 1 लाख के लगभग है और मरने वालों की संख्या 1000 के आस-पास, तब सब कुछ खोल दिया गया है। विश्व में पहला स्थान पर अमेरिका है और अपना भारत कोरोना संक्रमण के बाबत 60 लाख मामले रिपोर्ट करने वाला दुनिया का दूसरा देश बन गया है।

बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक (रविवार की सुबह से सोमवार की सुबह तक) 24 घंटों में 82 हजार के पार कोरोना के नए मामले आए। इसके साथ ही भारत में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 61 लाख 45 हजार 291 हो गई है, जबकि इस दौरान 1 दिन में 1039 लोगों की मौत कोरोना वायरस के कारण हुई है। अब तक कुल 95 हजार 542 यानि लगभग एक लाख कोरोना संक्रमितों ने मौत को गले लगाया है।

चलते-चलते यह भी जान लें कि भारत में 50 लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस को मात देने में भी कामयाब हुए हैं। वर्तमान में यहाँ कोरोना के एक्टिव केसों की संख्या 9 लाख 62 हजार 640 है।

मौके पर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने खेद प्रकट करते हुए कहा कि जिन कोरोना-वरियर्स के सम्मान में देश ने पुष्प-वर्षा की, उन्हीं वारियर्स यानि डॉक्टर्स से लेकर हजारों-हजार किलोमीटर पैदल चलने वाले शहीद मजदूरों की सूची तक सरकार के पास उपलब्ध नहीं होने की चर्चा, आए दिन चारों ओर होने लगी है….. यह शर्मनाक बात है !!

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मधेपुरा में शहीद-ए-आजम भगत सिंह की 114वीं जयंती मनी

भारत में मार्च और अगस्त महीना को क्रांति के महीने के रूप में शुमार किया जाता है। खासकर 23 मार्च को विशेष रूप से याद किया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1931 को शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु को एक साथ फांसी दी गई थी। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सबसे अधिक चर्चित घटना के रूप में इसे याद किया जाता है।

बता दें कि ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत के लायलपुर जिले के बंगा गांव में 28 सितंबर 1907 को भगत सिंह का जन्म हुआ था। भगत सिंह के पिता सरदार किशन सिंह एवं चाचा अजीत सिंह व स्वर्ण सिंह सभी अंग्रेज के कट्टर विरोधी थे, जिसके चलते उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा था।

बकौल साहित्यकार डॉ म.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी यह जानिए कि जलियांवाला कांड में जनरल डायर की क्रूरता की जानकारी पाते ही किशोरवय के भगत सिंह लाहौर से अमृतसर पहुंच गए और निर्दोष भारतीयों के रक्त से भींगी मिट्टी को एक बोतल में ले देशवासियों के अपमान का बदला लेने को मचलने लगे। जनरल डायर की क्रूरता का बदला लेने के लिए भगत सिंह ने “हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी” नामक क्रांतिकारी दल का गठन किया, जिससे चंद्रशेखर आजाद सरीखे अन्य बहुत से क्रांतिकारी जुड़ते चले गए।

अंत में यह भी कहा डॉ.मधेपुरी ने कहा कि 17 नवंबर, 1928 को साइमन कमीशन के विरोध करने के दरमियान हुई लाला लाजपत राय की हत्या का बदला लेने के लिए भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव आदि ने लाहौर से सांडर्स की हत्या कर दी। जेल में रहते ही इन लोगों पर मुकदमा चला। 23 मार्च 1931 को इन तीनों को अपराधी कह कर फांसी पर लटका दिया गया। रात के अंधेरे में ही सतलज नदी के किनारे इनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया, परंतु ऐसे-ऐसे क्रांतिकारियों के बलिदान को सम्मान देने में देश समुचित उत्साह नहीं दिखा पा रहा है।

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राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश ने मंत्री अशोक चौधरी को बनाया जेडीयू का कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष

बिहार प्रदेश के 2020 आम चुनाव के पहले जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के जेडीयू अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह की बढ़ती उम्र और उनकी अस्वस्थता को देखते हुए पार्टी द्वारा वन एवं भवन निर्माण विभाग के मंत्री अशोक चौधरी को कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाने का यह फैसला लिया गया है।

बता दें कि मंत्री अशोक चौधरी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति को लेकर मुख्यमंत्री सह जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के साथ लगातार काम करते रहे हैं। जानिए कि मुख्यमंत्री आवास से लेकर जदयू के प्रदेश कार्यालय तक अशोक चौधरी सर्वाधिक सक्रिय भूमिका में नजर आते रहे हैं। तभी तो पार्टी ने उन्हें जदयू का कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बनाया है।

चलते-चलते यह भी याद कर लीजिए कि कांग्रेस से आने के बाद अशोक चौधरी को नीतीश सरकार में मंत्री बनाया गया। पुनः उन्हें यह नई जिम्मेदारी दी गई। जेडीयू में मंत्री अशोक चौधरी का कद लगातार बढ़ता ही जा रहा है। अशोक चौधरी जाने-माने दलित नेता हैं और दलित तबके के ऐसे नेता को पार्टी में ऐसी बड़ी जिम्मेदारी देने से आगामी चुनाव पर भी बेहतर असर पड़ने की उम्मीद की जाती है।

 

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