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सीएम नीतीश ने जमीन विवाद के निपटारे को लेकर डीएम से लेकर थानाध्यक्ष तक को दिया टास्क

सूबे के सभी वर्गों के परिवारों की भूमि समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहे हैं मुख्यमंत्री नीतीश। विगत वर्षों में मात्र ₹100 में पारिवारिक भूमि के आपसी बंटवारे का रजिस्ट्रेशन भूमि-विवाद को कम करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। वर्तमान नीतीश सरकार ने पुनः महसूसा है कि 60% से ज्यादा क्राइम भूमि-विवाद के कारण होता है। यूं तो 2005 से ही शुरू किए गए जनता के दरबार में मुख्यमंत्री’ कार्यक्रम के दौरान सीएम नीतीश कुमार ने प्रदेशवासियों की ज्यादातर समस्याएं जमीन विवाद से जुड़ी देख कर उन्हें तब से आज तक हर तरह से निपटाने में लगे हुए हैं।

जानिए कि सीएम नीतीश ने यही कहा है कि भूमि विवाद को कम करना ही हमारी सरकार का उद्देश्य है। सीएम ऐसे उपाय की तलाश में हैं कि जमीन के स्वामित्व में कोई गड़बड़ी नहीं रह सके। उन्होंने कहा कि समाज में शांति रहने से ही विकास का लाभ लोगों को मिल पाएगा। भूमि से संबंधित समस्याओं के समाधान से समाज में काफी शांति स्थापित होगी।

बता दें कि मुख्यमंत्री ने राज्य में जमीन संबंधी आपसी विवाद के निपटारे को प्राथमिकता देते हुए निर्देश जारी किया है- महीने में एक बार डीएम-एसपी, पखवाड़े में एक बार एसडीएम-एसडीपीओ तथा सप्ताह में 1 दिन सीओ-थानेदार निश्चित रूप से जनता की समस्याओं को निपटाने हेतु बैठक करें तथा जो गड़बड़ी करे उसपर कठोर कानूनी कार्रवाई करें।

चलते-चलते यह भी कि सीएम ने यह भी निर्देश दिया है कि जमीन के  वास्तविक कागजात अंचल कार्यालय में ही रखे जाएं, उनकी स्कैनिंग भी कराई जाय ताकि रिकॉर्ड पूरी तरह से सुरक्षित रहे तथा सीओ का आपदा के आवश्यक कार्यों को छोड़कर विभागीय कार्यो में ही सर्वाधिक उपयोग किया जाय। साथ ही लोक शिकायत निवारण कानून के अंतर्गत जमीन से संबंधित पेंडिंग पड़े कार्यो का तेजी से निपटारा करें। आलाधिकारी राजस्व विभाग से जुड़े सभी कर्मचारियों की बेहतर मॉनिटरिंग करें तथा भूमि संबंधी जन समस्याओं को दूर करने में लगें।

अंत में जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला (भाप्रसे) की टीम के आलाधिकारियों एडीएम उपेंद्र कुमार एवं एसडीएम नीरज कुमार आदि द्वारा अंचल कार्यालय को इमरजेंसी मॉनिटरिंग शुरू करने को लेकर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हृदय से साधुवाद दिया है। उनके प्रयास की भी भरपूर सराहना की है।

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चीन से फैले वैश्विक महामारी कोरोना के खात्मे की ब्रिटेन से हुई शुरुआत

दुनिया में कोरोना के खात्मे को लेकर पहला टीका 91 वर्ष की होने जा रही मार्गरेट कीनन को ब्रिटेन में मंगलवार को दिया गया। मारग्रेट कीनन को फाइजर-बायोएनटेक के टीके का यह पहला डोज था। कीनन यह टीका लगवाने वाली दुनिया की पहला व्यक्ति बन गई है। अब ब्रिटेन में कुछ ही दिनों में 8 लाख लोगों को यह वैक्सीन दी जाएगी।

यह भी बता दें कि पहला टीका मारग्रेट कीनन को दिए जाने के बाद कीनन ने कहा- ‘यह मेरे जन्मदिन से कुछ दिन पहले मिला बेहतरीन तोहफा है। अब मैं क्रिसमस और नए साल पर परिवार के साथ जश्नों में शामिल हो सकूंगी।’

जानिए कि ब्रिटेन सामूहिक टीके लगाने वाला विश्व का पहला देश बन गया है। प्रत्येक व्यक्ति को फाइजर के टीके का सिर्फ 0.3 एमएल वैक्सीन दी जा रही है। एक शीशी में 1.5 एमएल दवा होती है जो पांच लोगों को दी जाती है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि भारत में भी अगले 10 दिनों में वैक्सीन की मंजूरी मिल जाएगी। तीनों वैक्सीन कंपनियों के आवेदनों पर विषय विशेषज्ञ समिति बुधवार को विचार करेगी। सब ठीक रहा तो 20 दिसंबर तक भारत के पास तीन वैक्सीन के विकल्प होंगे। कुछ महीनों के बाद लोग राहत की सांस लेना शुरू करेंगे…… ऐसा आभास होने लगा है।

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केंद्रीय कृषि कानून के खिलाफ किसान संगठनों का आज भारत बंद

संसद के मानसून सत्र में मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों ने 12 दिनों से मोर्चा खोल रखा है। लगातार 12वें दिन तक आंदोलन पर डटे किसान नेताओं ने सोमवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यही कहा- मंगलवार (8 दिसंबर) को पूरा दिन पूरी तरह से शांतिपूर्ण बंद रहेगा। फिर भी केंद्र सरकार द्वारा राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्क रहने हेतु एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें कोरोना से बचाव को लेकर जो गाइडलाइन पहले जारी की गई है उसके पालन को लेकर भी मुस्तैद रहने को कहा गया है।

बता दें कि दिल्ली को चारों तरफ से किसानों ने घेर लिया है। दिल्ली को जोड़ने वाली एनएच पर बॉर्डर से 20 किलोमीटर मुरथल तक ट्रैक्टर-ट्रॉली की कतारें हैं। जहां कोरोना, कोहरा व ठंड के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा है वहीं खुले आसमान के नीचे इस ठंड में हजारों-हजार अन्नदाता किसान अडिग हैं। घर के अन्य से बना-बनाकर भोजन करते हैं अन्नदाता……. कहीं चाय बन रही है….. तो कहीं अलाव जल रहा है। कहीं लंगर की व्यवस्था है तो कहीं गायन-वादन चल रहा है। फिर भी किसानों ने एंबुलेंस एवं शादी वाली गाड़ियों को आने-जाने की छूट दी है।

यह भी जानिए कि किसानों के आंदोलन को समर्थन सहयोग एवं साथ दे रहे हैं- कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी, राजद, आम आदमी पार्टी, भाकपा, माकपा, माले, आरएसपी, फॉरवर्ड ब्लॉक, जाप, जीडीएसएफ सहित अन्य कई विपक्षी पार्टियां।

चलते-चलते यह भी जान लीजिए कि अन्नदाता किसान और केंद्र सरकार के कृषि मंत्री व आलाधिकारियों के साथ 5 दौर की बैठक के बावजूद भी नए कृषि कानून की वापसी पर बात नहीं बनी, परंतु किसान अपनी मांग पर अडिग हैं। इसलिए संपूर्ण भारत बंद की अपील की है।

 

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सूबे बिहार में अब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव, कदाचित 9 चरणों में

राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पंचायत चुनाव हेतु जिला पदाधिकारियों से मांगे गए प्रस्ताव के सिलसिले में राज्य में अधिकतम 9 चरणों में पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। आयोग द्वारा प्रत्येक जिले के जिलाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) से पूछा गया है कि उनके जिले में कितने चरणों में पंचायत चुनाव कराने की तैयारी की जाए।

बता दें कि सूबे बिहार के प्रत्येक जिला के डीएम-एसपी को अपने आलाधिकारियों के साथ इस बाबत बैठक कर चिंतन-मंथन करने के बाद संभावित चरणों का प्रस्ताव आयोग के पास भेजना है। आयोग द्वारा सभी डीएम से यही कहा गया है कि इस बाबत प्रखंडों का चरणवार विवरण 15 दिनों के अंदर उपलब्ध करा दें ताकि पंचायत चुनाव कराने का प्रस्ताव बिहार सरकार के विचारार्थ बिना देर किए भेजा जा सके।

जानिए कि सूबे बिहार में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव तथा ग्राम कचहरियों का आम निर्वाचन नए वर्ष 2021 के मार्च-अप्रैल-मई तक संपन्न कराने की संभावना है। पंचायत चुनाव में विधानसभा के चुनाव से अधिक मतदान केंद्र बनाए जाते हैं। तदनुरूप मतदान कर्मियों एवं सुरक्षाकर्मियों की अधिक आवश्यकता पड़ती है और इस हेतु अर्धसैनिक बलों के लिए सरकार को लिखा जाता है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला परिषद, पंचायत समिति, मुखिया, सरपंच, पंच व पंचायत सदस्यों आदि के करीब 2 लाख 58 हजार पदों पर चुनाव होना है। इसके लिए मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य आरंभ होने जा रहा है।

 

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बकौल डब्ल्यूएचओ कोरोना के अंत होने की उम्मीद शुरू

4 दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य प्रमुख ने यह घोषणा की कि कोरोना वायरस टीके के परीक्षणों के सकारात्मक परिणाम निकले हैं। फलस्वरूप, दुनिया अब कोरोना महामारी के अंत होने की उम्मीद कर सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि समृद्ध एवं शक्तिशाली देशों को दुनिया के गरीबों और वंचितों को टीके की भगदड़ में कुचलना नहीं चाहिए।

यह भी जानिए कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक  टेड्रोस अधानोम गेब्रेयेसिस ने आगाह किया है कि कोरोना वायरस को रोका जा सकता है, परंतु दुनिया को यह भी चेतावनी दी है कि आगे का रास्ता अभी अनिश्चितता से भरा है।

यह भी बता दें कि डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में यह भी कहा कि तत्काल टीके की बड़े पैमाने पर खरीद व वितरण के लिए 4.3 अरब डालर की जरूरत है और अगले वर्ष 2021 के लिए 23.9 अरब डॉलर की जरूरत होगी।

चलते-चलते यह भी कि डब्ल्यूएचओ के अतिरिक्त अमेरिका और इंडिया द्वारा कोरोना वैक्सीन जनवरी तक आने की उम्मीद की घोषणा सुनते ही लोग मास्क पहनना छोड़ने लगे। फलस्वरूप मधेपुरा सदर थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद सिंह की टीम द्वारा बिना मास्क के घूम रहे 40 लोगों को पकड़ लिया गया और प्रति व्यक्ति ₹50 की दर से 2300 ₹ बतौर जुर्माना वसूला गया।  मधेपुरा शहर के समाजसेवी डाॅ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने पुलिस पदाधिकारियों को कोरोना के प्रति लोगों को आगाह करने के लिए साधुवाद दिया है तथा लोगों से यह भी अपील की है कि अंत तक आप धैर्य बनाए रखें और मास्क तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी ईमानदारी से पालन करते रहें।

 

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कोहरे के कारण बिहार में होती है प्रतिवर्ष हजारों मौतें

कोहरे के कारण देश भर में ट्रेनों को कम से कम 1 घंटे से अधिक का विलंब होता है। जाड़े के मौसम के दस्तक देने के साथ ही ट्रेनों एवं विमानों का विलंब होना शुरू हो जाता है। इंडियन रेलवे द्वारा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने हेतु ट्रेनों में फाग सेफ्टी डिवाइसेज लगाया जाता है। रात 11:00 बजे से लेकर सुबह 7:00 बजे तक स्पेशल पेट्रोलिंग टीमें तैनात की जाती हैं।

बता दें कि कोहरे के कारण सूबे बिहार में सड़क दुर्घटनाओं में हजारों जानें अकारण चली जाती हैं। वर्ष 2019 में कोहरे के कारण प्रदेश में 1884 लोगों की मौतें हुई थी। इस आंकड़े को देखते हुए नीतीश सरकार के परिवहन विभाग ने  एडवाइजरी जारी की है।

जानिए कि इस एडवाइजरी के जरिए सड़क के किनारों के मकानों तथा आसपास के पेड़ों पर ऑब्जेक्टिव हजार्ड्स मार्कर तथा रिफ्लेक्टिव टेप सघन रूप से लगाए जाएंगे। साथ ही आईआरसी 35 मानकों के अनुरूप रोड पर लेन मार्किंग पर विशेष ध्यान दिए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त आईआरसी 67 के अनुरूप सड़क सुरक्षा चिन्ह लगे तथा पूर्व में लगे हुए सड़क सुरक्षा चिन्हों की दोबारा मरम्मत भी हो। खासकर पुल-पुलियों के आसपास क्रैश बैरियर एवं ऑब्जेक्टिव मार्कर का सघन काम हो।

यह भी कि सरकार के परिवहन सचिव द्वारा सभी जिला पदाधिकारी सह अध्यक्ष जिला सड़क सुरक्षा समिति को कोहरे के कारण हो रही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए अत्यावश्यक कार्रवाई हेतु निर्देश दिया गया है।

चलते-चलते यह भी कि आम लोगों को चेतावनी के तौर पर कोहरे के दौरान क्या न करने को कहा गया है- 1. कभी भी सड़क पर वाहन खड़ा न करें। 2. वाहन की रफ्तार तेज न रखें। 3. वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करें। 4.वाहन चलाते समय ड्राइवर से अनावश्यक बातें न करें। 5.संकरी पुलिया के आसपास ओवरटेक न करें। 6. नशा पान कर एवं क्षमता से ज्यादा समय तक वाहन न चलाएं तथा 7.कोहरे को लेकर सभी प्रकार के वाहनों में रिफ्लेक्टर की जांच हो।

 

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अब खत्म होगा वैश्विक महामारी कोरोना का आतंक

वैश्विक महामारी ‘कोरोना’ के आतंक से सर्वाधिक प्रभावित देश अमेरिका रहा है और उसके बाद भारत दूसरे स्थान पर रहा है। कठोर परिश्रम के बाद यह दोनों देश कोरोना वैक्सीन तैयार कर लिया है। अमेरिका इसी दिसंबर में टीकाकरण आरंभ करने जा रहा है और भारत में वैक्सीन इस्तेमाल के लिए आने वाले जनवरी माह में आपात मंजूरी मिल जाएगी।

बता दें कि अमेरिका के तीन पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, जॉर्ज डब्ल्यू बुश और बिल क्लिंटन कोरोना वैक्सीन पर लोगों के अविश्वास को खत्म करने के लिए आगे आए हैं। ये तीनों पूर्व राष्ट्रपति 15 दिसंबर 2020 को कैमरे के सामने लाइव टीका लेंगे ताकि अमेरिका के लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर जो अविश्वास पैदा हो गया है उसे खत्म किया जा सकेगा। ऐसा करने से वैक्सीन के सेफ्टी व इफेक्टिव होने का अच्छा मैसेज जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि 11 दिसंबर तक वैक्सीन को इमरजेंसी अप्रूवल मिल जाएगा।

चलते-चलते यह भी जानिए कि बकौल ऐम्स डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया, भारत में जनवरी तक वैक्सीन को इस्तेमाल के लिए आपात मंजूरी मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ वैक्सीन भारत में फाइनल स्टेज ट्रायल पर है और वह सुरक्षित भी है। जानकारी मिलते ही अब गांव-गांव में लोग जलाने लगेंगे आशा के दीप।

 

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4 दिसंबर को भारत में कोरोना वैक्सीन को लेकर होगी सर्वदलीय बैठक

कोरोना सरीखे महामारी को नियंत्रित करने में दुनिया भर के वैज्ञानिक और लैबोरेट्री लगे हैं। भारत में भी कोरोना वैक्सीन को लेकर तैयारियां जोरों पर है। भारत में तीन वैक्सिन निर्माता कंपनियों के विशेषज्ञों से हाल ही में प्रधानमंत्री ने संवाद भी किया है।

बता दें कि वे कंपनियां हैं-

1. पुणे की जिनोवा बायो फार्मास्यूटिकल लिमिटेड

2.हैदराबाद की बाॅयो लॉजिकल ई. लिमिटेड एवं

3. हैदराबाद की ही डॉक्टर रेड्डी लैबोरेट्रीज लिमिटेड।

संवाद से निकले निष्कर्ष से यह उम्मीद बनती है कि नये साल के शुरुआती तीन-चार महीने में सरकार देश के लोगों को कोरोना-वैक्सीन उपलब्ध करा पाएगी।

जानिए कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यहां तक कहा है कि आगामी जुलाई-अगस्त तक लगभग 25 से 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने का प्लान है, जिस दिशा में जोरों की तैयारियां  चल रही है। 4 दिसंबर यानि कल इस बाबत केंद्र सरकार एक सर्वदलीय बैठक करने जा रही है जिसमें प्रधानमंत्री कोरोना टीकाकरण को लेकर हो रही तैयारियों से देश को अवगत कराने हेतु चर्चा भी कर सकते हैं।

चलते-चलते यह भी बता दें कि संसद के दोनों सदनों के सभी पार्टियों के नेताओं को कल यानि शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे ऑनलाइन बैठक के लिए आमंत्रित भी किया जा चुका है। इस बैठक का समन्वय केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्रालय कर रहा है। कोरोना काल में कोरोना के हालात पर चर्चा करने के लिए दूसरी बार सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने हेतु संवेदनशील-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने प्रधानमंत्री की पूरी टीम को साधुवाद दिया है।

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डॉ.अजीत को डॉ.कलाम उत्कृष्टता पुरस्कार मिलने से मधेपुरा जिला ही नहीं, बिहार भी हुआ गौरवान्वित- डॉ.मधेपुरी

मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज सदर प्रखंड अंतर्गत मधुबन गांव के एक शिक्षक राज किशोर पंडित के पुत्र हैं डॉ.अजीत कुमार आजाद। डॉ.आजाद विगत कई वर्षों से चिकित्सा के क्षेत्र में हैदराबाद में कार्यरत हैं।

बता दें कि डॉ.अजीत को हैदराबाद के बेस्ट डॉक्टर एवं कोरोना काल में हैदराबाद के मरीजों की उत्कृष्ट सेवा करने के लिए सम्मानित किया गया है। डॉ.आजाद को डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम मेमोरियल एक्सेलेंस अवार्ड- 2020 के तहत डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम स्मारक उत्कृष्टता पुरस्कार दिया गया है। इस सम्मान समारोह का आयोजन वर्चुअल कार्यक्रम के तहत 25 नवंबर को ही किया गया है।

जानिए कि डॉ.अजीत को दिए गए इस सम्मान से मधेपुरा जिला ही नहीं बल्कि संपूर्ण बिहार गौरवान्वित हुआ है। डॉ.अजीत को मिला यह सम्मान बिहार के चिकित्सीय क्षेत्र में काम करने वाले सभी डाक्टरों व कर्मियों का सम्मान है। भला क्यों नहीं, डॉ.अजीत ने कोरोना काल में बिना 1 दिन भी छुट्टी लिए तथा बिना परिजनों की परवाह किए अपनी जान को जोखिम में डालकर हजारों कोविड-19 के मरीजों का इलाज कर उन्हें नई जिंदगी दी है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के अत्यंत करीबी रहे समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी सदा ही मधेपुरा को  गौरवान्वित करने वालों को सम्मानित करने में लगे रहते हैं। डॉ.अजीत ने भारतवासियों को यह संदेश दिया है- जब तक कोरोना के लिए वैक्सीन नहीं…. तब तक मास्क ही वैक्सीन है। मास्क लगभग 90% तक कोरोना वायरस को रोकता है….. चार सप्ताह तक यदि प्रत्येक व्यक्ति अहर्निश मास्क पहने तो कोरोना को पूरी तरह रोका जा सकता है। आप सभी इसमें सहयोग करें तो जल्द ही वह अवसर आ जाएगा जब डॉ.मधेपुरी कोरोना वारियर डॉ.अजीत कुमार आजाद को मधेपुरा जिला को गौरवान्वित करने के उपलक्ष में जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला (भाप्रसे) की उपस्थिति में सम्मानित कर पाएंगे।

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सूबे बिहार के निराश्रितों व बुजुर्गों के मुरझाए चेहरों पर मुस्कान लाने में देर न करें- डॉ.मधेपुरी

सूबे बिहार के 38 जिलों में से मात्र 5 जिले में ही वृद्धाश्रम चल रहा है। वे जिले हैं- पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया। राजधानी पटना में चल रहे वृद्धाश्रम मंगल विहार कॉलोनी में अवस्थित है जहां कुल 25 वृद्धिजन रह रहे हैं, जिनमें 17 महिलाएं हैं। फिलहाल 75 लोग वेटिंग लिस्ट में लटक रहे हैं।

बता दें कि राजधानी के इस वृद्धाश्रम में एक वृद्ध पर 1500 रुपए महीने में आवंटित किए जाते हैं यानि एक शाम के भोजन के लिए ₹25 व्यय किए जाते हैं। इसके अतिरिक्त कोई सुविधा नहीं बल्कि कार्यरत कर्मियों को तीन-चार वर्षों से मानदेय तक नहीं मिला है। कभी-कभी मामला लोकायुक्त तक पहुंच जाने के बाद राशि मिलती है। कभी-कभी बिजली बिल अधिक होने पर बिजली काट दी जाती है। सोचिए कि अंधेरे में बुजुर्गों को बुढ़ापा काटना कितना मुश्किल होता होगा। अब बिहार सरकार निराश्रितों, लाचारों एवं नि:संतान वृद्धजनों के लिए बुनियाद केंद्रों में 25 नए वृद्धाश्रम खोलने का मन बना रही है। राज्य के 90 बुनियाद केंद्रों को अपना आकर्षक भवन है। ये वृद्धाश्रम उन्हीं बुनियाद केंद्रों में संचालित होंगे। बुनियाद केंद्र के परिसर को ही आश्रम के रूप में तब्दील करने का निर्णय लिया गया है।

परंतु, लाचारों एवं निराश्रितों के प्रति अत्यंत संवेदनशील समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी का राज्य सरकार के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अनुरोध है कि बिहार में जितने भी बड़े-बड़े संपन्न मंदिर हैं, जिनकी आमदनी लाखों में नहीं बल्कि करोड़ों में है….. वहां के जिला प्रशासक व समिति से जनहित में एक आकर्षक वृद्धाश्रम चलाने की स्वीकृति/सहमति/आदेश/निदेश देकर सूबे के लाचारों एवं बुजुर्गों के मुरझाए चेहरों पर मुस्कान लाने में देर न करें।

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