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गरीब पिता भी बच्चों के लिए होते हैं सर्वाधिक अमीर-डाॅ.मधेपुरी

फादर्स डे यानी पितृ दिवस प्रति वर्ष जून महीने के तीसरे रविवार को 1910 ई. से ही मनाया जाता रहा है। यह दिन पिता के प्यार और त्याग के प्रति सम्मान प्रकट करने का दिन होता है। सर्व प्रथम वाशिंगटन में सोनारो स्मार्ट द्वारा पहला फादर्स डे समारोह मनाया गया था । राष्ट्रपति  निक्सन द्वारा इसे 1972  में ही राष्ट्रीय अवकाश घोषित कर दिया गया।

तब से दुनिया भर के लोग इस दिन को अपने पिता को धन्यवाद देने, सम्मान देने तथा दिवंगत पिता को श्रद्धा जंलि देने के अवसर के रूप में मनाते आ रहे हैं। इस दिन भारतीय बच्चे भी अपने पिता को उनका लोकप्रिय तोहफा देते हैं तथा परिवार में उन्हें खास महसूस कराने की कोशिश करते हैं ।

आज समाजसेवी-साहित्यकार डॉ. भूपेन्द्र  नारायण यादव मधेपुरी ने अपने दिवंगत पिता की स्मृति में पौधरोपण करने के बाद यही कहा कि गरीब पिता भी बच्चों के लिए सर्वाधिक अमीर होते हैं । उन्होंन कहा कि वे बच्चे नसीब वाले हैं जिनके सर पर पिता का हाथ है। माँ तो बच्चे को जन्म देती है और पालन-पोषण करती है, परन्तु पिता उन्हें चलना सिखाता है, संघर्षशील बनाता है और धूप-शीत से बचाता भी है। समस्याओं का समाधान करने में जो सबसे करीब होता है वही पिता होता है। बच्चों के लिए वही जमीन और वही आसमान होता है। पिता वही होता है जो अपने बच्चों की जिन्दगी सुधारने एवं सुखमय बनाने के लिए अपनी पूरी जिन्दगी खर्च कर देता है। तभी तो कोई जानदार बेटा यहाँ तक कह डाला है —

कयामत मेरा क्या बिगाड़ लेगा,
मेरा बाप जो मेरे साथ है।

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बिहार के 11 जिलों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट

सूबे बिहार के सर्वाधिक जिलों में भारी बारिश के कारण वहाँ की नदियों का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। मौसम विज्ञान विभाग द्वारा अगले दो दिनों के लिए भारी बारिश की आशंका को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। लगभग एक दर्जन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट एवं अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

बता दें कि मौसम विभाग द्वारा लोगों को खुले स्थान, मैदान व बगानों में नहीं रहने की अपील जारी की गयी है। क्योंकि, दर्जनों बच्चे व बुजुर्गों की मौत चन्द दिनों के अन्दर ही बारिश में हुए वज्रपात के कारण हो गई है।

चलते-चलते यह भी कि समाजसेवी डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि सरकारी विभागों द्वारा जारी किये गये सावधानियों को आम लोग मानने को तैयार नहीं होते चाहे परिणाम कितना भी घातक क्यों न हो। कोरोना प्रोटोकाॅल के नियमों– यथा मास्क पहनना, सोशल डिस्टेंसिंग एवं हाथ धोने जैसे साधारण सावधानियों को भी लोग नहीं मानते ,चाहे उन्हें प्राण से ही हाथ क्यों न धोना पड़े । ऐसा नहीं करने के कारण ही सरकार और प्रशासन को तीसरी लहर की तैयारी करने को लेकर विवश होना पड़ रहा है। डाॅ मधेपुरी ने बुजुर्ग लोगों से अपील  की –“आप घर में रहें, सुरक्षित  रहें ” ।

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एकल प्रयोग वाले प्लास्टिक के उपयोग पर अब पाँच वर्ष का जेल

जानिए कि नीतीश सरकार के केबिनेट द्वारा बिहार में एकल प्रयोग में आने वाले प्लास्टिक उत्पादों के प्रयोग पर रोक को मंजूरी देने के बाद वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह ने इस आशय की अधिसूचना जारी कर दी है। बता दें कि गजट प्रकाशन की तिथि से 180 दिनों यानि छह महीने बाद से यह प्रतिबन्ध प्रभावी हो जाएगा । तब एकल प्रयोग वाले प्लास्टिक या थर्मोकोल उत्पादों के प्रयोग करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई आरम्भ कर दी जाएगी।

जान लीजिए कि दण्ड के रूप में पाँच साल की सजा और एक लाख रुपये तक आर्थिक दण्ड का प्रावधान किया गया है। छह महीने का समय पुराने स्टाॅक खत्म करने तथा इसके विकल्प तैयार करने के लिए दिया गया है।

चलते-चलते यह भी कि समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने सरकार से अनुरोध किया है कि इस प्रकार के एकल प्रयोग करने वाले प्लास्टिक व थर्मोकोल निर्माता कम्पनी के लायसेंस को ही रद्द कर दिया जाय। ऐसा इसलिए कि न रहेगा बाँस और न बजेगी बाॅसुरी ।

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बिहार में खेल विवि स्थापित होने से मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण – नीतीश कुमार

बता दें कि खेल विश्वविद्यालय स्थापित होने की घोषणा के साथ सीएम नीतीश कुमार ने खेल विश्वविद्यालय अधिनियम 2021 के सम्बन्ध में कला संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री डॉ. आलोक रंजन झा सहित उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद, रेणु देवी, शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की । इस मुद्दे पर विमर्श करने में सभी आलाधिकारियों यथा प्रधान सचिव, मुख्यसचिव एवं कला संस्कृति की अपर सचिव वंदना किनी आदि जुड़े थे।
खेलों को प्रोत्साहित करने में लगे सूबे के मुखिया नीतीश कुमार के इस दृष्टिकोण की सराहना करते हुए समाजसेवी डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा : –
जिस बिहार में अंतरराष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम बन रहा हो तथा स्पोर्टस एकेडमी का निर्माण कराया जा रहा हो, वहाँ तो एक खेल विश्वविद्यालय का होना अत्यावश्यक है। सीएम के द्वारा लड़कियों के लिए 33%
सीटें आरक्षित कर उन्हें खेल की तरफ आकर्षित करने की मंशा को भी सबों ने सराहा।

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राज्य में 48 घंटे तक भारी बारिश का अलर्ट

सूबे बिहार में अगले 48 घंटे तक भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है । मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए आशंका जताई है कि उत्तर बिहार के जिलों और गंगा से सटे इलाके में भारी बारिश होगी । कहीं- कहीं तो अति–भारी बारिश होने की आशंका जताई है। भारी बारिश से नदियों के जल–स्तर में वृद्धि होने की बातें भी कही गई है।

समाजसेवी डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी ने लोगों से विनम्र अनुरोध किया है कि बारिश के साथ ही वज्रपात की भी आशंका रहती है। ऐसे समय में वृक्ष के नीचे कभी नहीं जाना चाहिए, क्योंकि घने और ऊँचाई वाल पेड़ों पर ठनका गिरने की संभावना सबसे अधिक रहती है। बारिश के समय लोहे वाले बिजली के खम्भे को छूना तथा लोहे की छड़ी एवं लोहे के डन्टेवाले छाते का इस्तेमाल करना कभी-कभी जान लेवा भी हो सकता है।

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बिहार के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों के भवनों पर लगेंगे सोलर प्लेट

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आलाधिकारियों को निदेश दिया है कि राज्य के कालेजों, पुराने सरकारी स्कूलों एवं नए बनाए गये इंस्टीट्यूट के भवनों पर भी सोलर प्लेट लगाएं।

जानिए कि सीएम ने उन्हें यह भी निर्देशित किया है कि सौर ऊर्जा के उपयोग, उसके उत्पादन तथा ऊर्जा की बचत हेतु भी आम लोगों को प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी काम करें । पौधरोपण के साथ-साथ उसके संरक्षण पर भी ध्यान देने को कहा है । फलस्वरुप वर्ष 2012 में हरियाली मिशन की स्थापना की गई , जिसके तहत 22 करोड़ पौधे लगाए गए ।जिसके चलते राज्य का हरित आवरण 15 प्रतिशत से अधिक हो गया है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि संवेदनाशील समाजसेवी डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि वर्ष 2000 में राज्य के बंटवारे के बाद बिहार का “हरित आवरण” मात्र 9 प्रतिशत रह गया था उसे बड़ी मशक्कत के बाद 15 प्रतिशति तक लाया गया है। डॉ. मधेपुरी ने कहा कि मुख्यमंत्री का “जल-जीवन और हरियाली ” योजना इसे निर्धारित लक्ष्य 17 प्रतिशत तक अवश्य ले जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री की सराहना की ।

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2739 मिडल स्कूलों में इसी सत्र से स्मार्ट क्लास

नई शिक्षा नीति के तहत सूबे बिहार में मौजूदा सत्र में ही 2739 मध्य विद्यालयों में स्मार्ट क्लासेज आरम्भ किए जाएगें।

बता दें कि इसी सत्र में ही बुनियादी साक्षरता एवं अंक ज्ञान को लेकर बच्चों के बीच नई गतिविधियाँ, भी आरम्भ होगी | जानिए कि इस नया एक्टिविटी को जमीन पर उतारने के लिए 330 करोड़ रूपए व्यय किए जायेंगे।

यह भी जानिए कि यह केन्द्र सरकार की योजना है जिसे बिहार के लिए स्वीकृत की गई है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में केन्द्र द्वारा बिहार को समग्र शिक्षा मद में केन्द्र ने 6652 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया है। केन्द्रीय शिक्षा सचिव अनिता करवाल ने कोरोना संकत व
के दौरान 58 हजार बच्चों के दाखिले को लेकर बिहार की तारीफ भी की थी!

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पूर्वी बिहार होकर 24 घंटों में सूबे बिहार में प्रवेश करेगा मानसून

ताउते और यास जैसे दो बड़े समुद्री तूफानों ने भगाई गर्मी । फल यह हुआ कि 31 साल मे पहली बार मई माह में लू नहीं चली और 44 साल में पहली बार मई माह में तापमान 34 डिग्री से ऊपर नहीं गया।

बता दें कि सूबे बिहार के पूर्वी हिस्से में स्थित अररिया, पूर्णिया, कटिहार, बांका होते हुए मानसून 24 घंटे में प्रदेश में प्रवेश कर जाएगा । इस दरमियान लगभग 185 एमएम बारिश होने का अनुमान है। जानिए कि इस दौरान पूर्व  दिशा की ओर से 24 से 34 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अनुमान है।

चलते-चलते यह भी जान लीजिए कि मानसून को आधे से ज्यादे भारत में सक्रिय होने में 8 दिन लगा है जबकि आम तौर पर इसे आधा देश कवर करने में दो हफ्ते लगते हैं। यह भी कि अब तक देश में 44.5 मि.मी. बारिश हो चुकी है जो सामान्य से 21%: ज्यादा है। अगले दो दिनों में मानसून उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में प्रवेश कर जाएगा ।

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अब लोगों को घर बैठे मिलेंगे – जमीन के दस्तावेज

सूबे बिहार के मुखिया नीतीश कुमार ने महसूसा है कि प्रदेश में जमीन को लेकर ही सर्वाधिक केश-मुकदमे,झगड़े व कलह व्याप्त हैं। इसे दूर करने के लिए उन्होंने सभी अंचलों में रिकार्ड रूम बनवा रहे हैं जहाँ खतियान ,नक्शा, रजिस्टर टू सहित राजस्व एवं जमीन सम्बन्धी 26 प्रकार के दस्तावेज डिजिटल फॉर्म में उपलब्ध रहेंगे ।

बता दें कि बिहार में कुल 534 अंचल कार्यालय हैं जिनमें 436 अंचलों में अबतक दो मंजिला रिकार्ड रूम का भवन तैयार हो गया है। साथ ही इन रिकार्ड रूम में रखे गये दस्तावेज लोगों को कैसे उपलब्ध कराए जाएंगे इससी व्यवस्था नियमावली में होगी,  जो अगले महीने तक तैयार हो जाएगी और तब लोग घर बैठे ही ऑनलाइन दस्तावेज निकाल सकेंगे ।

चलते- चलते यह भी जानिए कि राजस्व एवं भूमि  सुधार विभाग द्वारा अगले महीने तक सभी अंचलों में डाटा इंट्री ऑपरेटर का नियोजन बेल्ट्रॉन के माध्यम से कर  लिया जाएगा । ऐसे आधुनिक रिकार्ड रूम के नोडल अधिकारी बनाये जाएंगे उस जिले के अपर समाहर्ता को और पूरा काम सीसीटीवी कैमरे की नजर में सम्पन्न कराया जाएगा ।

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बीपीएससी 64वीं के फाइनल में कोसी का लाल विद्यासागर बना सकेण्ड टॉपर

बिहार लोक सेवा आयोग ने 64वीं  संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है जिसमें कुल 1454 छात्र सफल हुए हैं। ओमप्रकाश बने टॉपर और सकेण्ड टॉपर बने कोशी कमिश्नरी के सुपौल जिले के विद्यासागर।

बता दें कि इस परीक्षा में लगभग 5 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन भरा था। प्रारंभिक परीक्षा में लगभग 3 लाख  अभ्यर्थी शामिल हुए और लगभग 20 हजार  अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए। सभी प्रकार के लिखित व मौखिक एवं दस्तावेज सत्यापन आदि के बाद 1454 छात्र सफल घोषित किए गए।

यह भी बता दें कि सुपौल जिले के हरदी गांव की  गृहिणी माता पवित्री देवी एवं स्कूल शिक्षक हरिनंदन यादव के पुत्र हैं- विद्यासागर। जानिए कि बीपीएससी का सकेण्ड टाॅपर विद्यासागर 2020 में यूपीएससी में भी कम्पीट किया था। उसे इंडियन रेलवे सर्विस मिला था। वर्तमान में वह छुट्टी पर है। वह प्रतिदिन 8 घंटे पढ़ाई करता है। पूछे जाने पर विद्यासागर ने कहा कि बचपन से ही आम-आवाम की सेवा करने का जो सपना था वह साकार हुआ लगता है।

कोसी अंचल को गौरवान्वित करने वाले विद्यासागर को शुभकामनाएं देते हुए समाजसेवी-शिक्षाविद् डॉ. भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने सभी प्रतियोगियों से यही कहा-

कुछ किए बिना किसी की जय जयकार नहीं होती

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

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