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दुनिया के सौ से अधिक देशों में पहुंच गया डेल्टा वेरिएंट

भारत में सबसे पहले मिला कोरोना का डेल्टा वेरिएंट अब तक लगभग आधी दुनिया में यानि 100 से अधिक देशों में पहुंच चुका है।

बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने जारी अपडेट में कहा है कि डेल्टा वेरिएंट को डबल म्युटेंट भी कहा जाता है क्योंकि इसमें दो म्युटेंट होते हैं।

जानिए कि यह अल्फा वेरिएंट की तुलना में 55% अधिक पारगम्य है, जो शुरुआत में यूनाइटेड किंगडम में पाया गया था। वैश्विक स्तर पर यह प्रमुख तनाव बनता जा रहा है। हालांकि, अब तक इस वेरिएंट की पहचान करने की कैपेसिटी अत्यंत लिमिटेड है।

फिरभी अफ्रीका ने वेरिएंट के कई नए प्रकोपों कीसूचना दी है। पहली बार 2020 के अक्टूबर में यह पता चला था कि डेल्टा वेरिएंट में कई स्पाइक म्युटेशन है।

डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने अपील की है कि सितंबर तक दुनिया के प्रत्येक देश की कम से कम 10% आबादी टीकाकरण पूरा कर ले। उन्होंने महामारी को काबू करने एवं अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकने के लिए टीकाकरण को सर्वश्रेष्ठ उपाय बताया है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि प्रधानमंत्री मोदी ने ऐलान किया है कि भारत कोरोना वायरस से हर हाल में जीतेगा। पीएम ने इस साल स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट दोगुना कर दिया है। देश में एम्स की संख्या बढ़ाई जा रही है। देश विकास के नए आयाम भी हासिल करेगा। देशवासियों को चाहिए कि वे सदा “दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी” का पालन करें। उठते-बैठते हर समय पालन करें।

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सम्मान के साथ सभी भारतवासी मनाए ‘डॉक्टर्स डे’- डॉ.मधेपुरी

भारत में 1991 से हर वर्ष 1 जुलाई को ‘नेशनल डॉक्टर्स डे’ के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मकसद बेहतर स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करना तथा डॉक्टरों को उनके द्वारा की जाने वाली समर्पित सेवा के लिए शुभकामनाएं व्यक्त करना है।

बता दें कि जो डॉक्टर चौबीसों घंटे अपनी सेवा देकर मरीजों की रक्षा करने और जान बचाने में लगे रहते हैं वैसे डॉक्टरों को देश में इंसान के रुप में भगवान की तरह देखा जाता है। तभी तो ‘डॉक्टर्स डे’ भारत के चिकित्सकों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का दिन है, उनके महत्वपूर्ण योगदान को याद करने का दिन है।

यह भी जानिए कि अब सरकार द्वारा भी 1 जुलाई को देश के महान डॉक्टर भारतरत्न डॉ.विधान चन्द्र राय की पुण्य तिथि मनाई जाती है। डॉ.राय महान चिकित्सक ही नहीं बल्कि विद्यार्थी जीवन में वे उच्च कोटि के देशभक्त व स्वतंत्रता सेनानी भी रहे। शुरुआत में उन्हें लोग महात्मा गांधी और   नेहरू जी के डॉक्टर के रूप में जानते थे। गांधी जी के कहने पर उन्होंने राजनीति की ओर कदम बढ़ाया और पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री भी रहे। डॉ.राय जो कमाते थे…. सब गरीबों के बीच दान करते रहे।

आज भी डॉ.राय के पथ पर चलने वाले देश में कुछ डॉक्टर्स हैं जो गरीबों पर विशेष ख्याल रखते हैं। वैसे ही डाक्टरों में एक हैं मधेपुरा आईएमए के अध्यक्ष डॉ.मिथिलेश कुमार। मौके पर अति संवेदनशील समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने डॉ.मिथिलेश कुमार की गरीबों के प्रति संवेदना की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें गर्व है कि वे डॉ.मिथिलेश के गुरु रहे हैं। अंत में डॉ.मधेपुरी ने उन डाक्टरों के हौसले, त्याग और बलिदान को सलाम किया जो कोरोना संक्रमण से जूझ रहे मरीजों के इलाज के क्रम में बिना रुके,  बिना झुके तथा अविचलित रहकर कर दी अपनी जान तक न्योछावर …।

 

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केवल 10 सेकंड काफी है कोरोनावायरस वेरिएंट से संक्रमित होने के लिए

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के महामारी एवं संक्रमण रोग के विशेषज्ञ रमण गंगा खेड़कर ने कोरोनावायरस के डेल्टा प्लस को भी चिंता का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि डेल्टा वेरिएंट का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, क्योंकि यह वैरीअंट ऑफ कंसर्न है और डेल्टा प्लस को भी वैरीअंट ऑफ कंसर्न मानना होगा।

बता दें कि खेड़कर ने आगे यही कहा कि डेल्टा प्लस शरीर की एक कोशिका से दूसरी कोशिका में आसानी से जा सकता है। यदि डेल्टा प्लस हमारे मस्तिष्क में प्रवेश कर जाता है तो परिणाम कितने घातक होंगे उसकी केवल कल्पना ही की जा सकती है।

जानिए कि कोरोना के डेल्टा प्लस वेरिएंट से संक्रमित मरीज के साथ मात्र 10 सेकंड की नजदीकी भी आपको इसकी चपेट में ला सकती है। भारत में मिले इस डेल्टा वेरिएंट के पूर्व में दुनिया के 95 से अधिक देशों में बड़े पैमाने पर फैल जाने के कारण एक बार फिर से विश्व तालाबंदी की ओर बढ़ने लगा है।

चलते-चलते डेल्टा वेरिएंट के खिलाफ सावधानी की अपील के साथ ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य विभाग ने यह दावा किया है कि यह संक्रमण इंडोर शॉपिंग मॉल में एक-दूसरे के पीछे चलने वाले लोगों के बीच लगभग 10 सेकंड की नजदीकी पर ही तेजी से फैल जाता है। मौके पर समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने दुनिया के लोगों से विनम्र निवेदन करते हुए यही कहा है कि “दो गज दूरी, मास्क है जरूरी” को जीवन का कवच-कुंडल मानें।

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कोरोना के कारण दुनिया के कई देशों में आॅनलाइन शिक्षा का अनुभव खराब रहा

दुनिया के सर्वाधिक देशों में ऑनलाइन एजुकेशन का अनुभव खराब व अत्यंत निराशाजनक रहा है। दुनिया के जापान, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों में सौ के स्केल पर रिमोट लर्निंग के प्रभावी होने के अंक 33%, 46% और 49 % हैं तो भारत कहाँ होगा जहाँ शिक्षा पर रोज-रोज नये प्रयोग होते रहे हैं। जहां बच्चों को स्कूली शिक्षा की ओर आकर्षित करने के लिए मिडडे मील (मध्याह्न भोजन) योजना लागू की जाती है।

बता दें कि मैसाचुसेट्स टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट की टीचिंग सिस्टम्स लैब के जस्टिन रिच यही बताते हैं कि कोरोना के कारण अमेरिका के अधिकतर परिवारों के लिए ऑनलाइन पढ़ाई निराशाजनक रही।

यह भी जानिए कि कोरोना काल मे मार्च 2021 तक इंग्लैंड में प्राइमरी स्कूलों के छात्रों की पढ़ाई आॅनलाइन के चलते कई महीने पिछड़ गए । नीदरलैंड से यही जानकारी दी गई कि कोरोना काल के पहले छह महीनों में रिमोट लर्निंग के आठ सप्ताहों में बच्चों ने कुछ भी नया नहीं सीखा है। कम पढ़े-लिखे माता-पिता ने बच्चों की सीखने की क्षमता 50% तक ही रही । कुछ लोग मानते हैं कि ऑनलाइन लर्निंग से कुछ होशियार छात्रों को फायदा हुआ है।

चलते-चलते यह जानिए कि समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि जहाँ उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए ऑनलाइन लर्निंग बेहतर साबित होगा, वहीं बच्चों को गुरु के साथ रहने पर ही बेहतर शिक्षा मिलेगी।

 

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पेरिस में हो रहे आर्चरी वर्ल्ड कप में भारत को मिला तीन गोल्ड मेडल

पेरिस में चल रहे आर्चरी (तीरंदाजी) के वर्ल्ड कप स्टेज 3 टूर्नामेंट में भारत ने रविवार को 3 गोल्ड मेडल जीते । भारत के नाम अब तक 4 गोल्ड मेडल हो गये हैं।

बता दें कि दीपिका ने एक दिन में भारत को तीन गोल्ड मेडल दिलाए । दीपिका ने पहले पति अतनु दास के साथ मिलकर तीरंदाजी के मिक्स्ड इवेंट में गोल्ड पर निशाना साधा। साथ ही पति-पत्नी की जोड़ी ओलंपिक के लिए क्वालिफाई भी कर चुकी है तथा दोनों से प्रत्येक भारतीय टोकियो ओलंपिक में गोल्ड जीतने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

पुन: । दीपिका के नेतृत्व में भारतीय महिला टीम ने एक गोल्ड जीता। इस टीम में अंकिता  और कोमोलिका शामिल रही। टीम इवेंट में भारत ने मेक्सिको को पराजित कर गोल्ड जीता।

अंत में दीपिका ने व्यक्तिगत इवेंट में भी एक गोल्ड पर कब्जा कर लिया। इस बार दीपिका रूस की एलिना को शिकस्त दी। इस तरह एक दिन में ही तीन गोल्ड मेडल भारत के लिए जीतने वाली दीपिका से ओलम्पिक में भी ऐसे ही अद्भुत प्रदर्शन की उम्मीद हमें है।

चलते चलते यह भी जानिए कि एक दिन बाद यानि 30 जून को अतनु-दीपिका अपना प्रथम मैरिज एनिवर्सरी मगाएँगे और सभी भारतवासी यही कहेंगे—
“यह अतनु- दीपिका की जोड़ी एक दूसरे के लिए बनी है। ईश्वर इस जोड़ी को लम्बी आयु का वरदान दें।”

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मानव मस्तिष्क में प्रतिदिन 50 हजार से अधिक विचार आते हैं– डाॅ.मधेपुरी

मानव मस्तिष्क सर्वाधिक ऊर्जा का उपयोग करता है। मस्तिष्क ऊर्जा को विचारों मे बदलता है। यही कारण है कि विचारों में हमारी बहुत सारी ऊर्जा खर्च होती है।

बता दें कि विचार सकारात्मक होंगे तो ऊर्जा सकारात्मक रूप धारण कर लेती है अन्यथा नकारात्मक हो जाती है। नकारात्मक सोच के लिए मेहनत नहीं करनी पड़ती जबकि सकारात्मकता के लिए हर दिन कोशिश करनी पड़ती है।

जानिए कि भौतिक शास्त्री डाॅ. भूपेंद्र  नारायण यादव मधेपुरी ने बच्चों से यही कहा कि भौतिक विज्ञान के अनुसार संसार में केवल दो ही तत्व हैं – एक है ऊर्जा दूसरा है पदार्थ । इन्हीं की अन्तः किया से  यह संसार बना है । नेपोलियन ने भी कहा था विचार वस्तु बन जाता है। आइन्सटीन ने तो सिद्धान्त ही दे दिया है।

चलते-चलते यह भी कि ऊर्जा समस्त प्राणियों में विद्यमान है जो सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार की होती है। ये परस्पर दो विरोधी शक्तियां हैं। ब्रह्माण्ड इन दोनों के मिश्रण से बना है जिसका संतुलन बनाए रखना अति आवश्यक है। असंतुलन से ही शरीर मे रोग उत्पन्न हो जाता है। पॉजिटिव एनर्जी ज्यादा होने से शरीर में लाभदायक रसायनों का स्राव ज्यादा होने लगता है जिससे शरीर की इम्युनिटी बढ़ने लगती है । और तभी हम किटाणुओं एवं वायरसों से लड़कर उन्हें परास्त कर देते हैं।

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भारत अब डेल्टा प्लस वाले खतरे के घेरे में

भारत में अन्य कोरोना वायरसों से साठ प्रतिशत ज्यादा संक्रामक म्युटेंट  ‘ डेल्टा प्लस ‘ के लगभग 50 मामले पहचान लिए गए हैं। परन्तु, दवाओं से लेकर टीकों के साथ – साथ सतकर्ता के पैरामीटर्स के बारे में अभी भी वैज्ञानिक अंधेरे में है। इसका करण यही है कि डेल्टा प्लस बिलकुल नया म्युटेट है ।

जानिए कि इस नये म्युटेंट ‘डेल्टा प्लस’ के कारण ब्रिटेन एवं अमेरिका में तबाही चरम पर है। इसकी टेस्ट बहुत महंगी है। प्रति टेस्ट 10,000/- दस हजार रुपये लगते हैं। यही कारण है कि भारत में अब तक 40 हजार टेस्ट हो पाई है।

बता दें कि डेल्टा प्लस वायरस का कोई कारगर उपचार अब तक नहीं मिला है लिहाजा सामाजिक दूरी ही निदान बताया गया है। हाॅ ! इस दूरी के लिए पारामीटर्स क्या होंगे यह तय नहीं हो पाया है। क्योंकि पूर्व में वैज्ञानिक राय यही रही है कि नया म्युटेंट पहले वाले से कम घातक होता जाता है जो इस बार उल्टा हो रहा है। अब तो वैज्ञानिकों को यह भी सोचना और शोध कराना होगा कि कोरोना वायारस के लगातार बदलते स्वरूप पर रोक कैसे लगे  !

मौके पर समाजसेवी डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी ने सबों से यही विनम्र अनुरोध किया है कि तब तक सभी “दो गज की दूरी, मास्क है जरूरी ” को सख्ती से पालन करें और बार-बार हाथ धोते रहें जब तक प्रशासनिक स्तर पर और कोई दूसरा ऐलान नहीं हो ।

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संगठन में महिलाओं को एक तिहाई से अधिक सीटें देने वाली देश की पहली पार्टी बनेगी जदयू

बिहार में शक्ति संपन्न तीन राजनीतिक पार्टियां क्रियाशील हैं- भाजपा, राजद और जदयू। गुरुवार को जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने अपनी राज्य कमेटी का ऐलान किया है। संख्या बल के हिसाब से यह राजद से बड़ी और भाजपा के करीब सी है। भाजपा में 448 प्रदेश पदाधिकारी हैं वहीं राजद में 391 तथा जदयू में 411 होगी।

बता दें कि नारी सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए सीएम नीतीश कुमार ने प्रत्येक महकमे में 33% से अधिक सीटें महिलाओं को दी है। चाहे पंचायती राज हो, नौकरियां हों या डॉक्टरी व इंजीनियरिंग में एडमिशन ही क्यों ना हो। सहृदय होकर मातृशक्ति को अहमियत देते रहे हैं नीतीश कुमार।

बकौल शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी वह दिन दूर नहीं जब जदयू विधानसभा या प्रदेश के लोकसभा सीटों पर 33% महिला उम्मीदवारों को टिकट देकर देश में नारियों को सम्मान देने वाली प्रथम राजनीतिक पार्टी बनकर तालियां बटोरी और लोग नीतीश कुमार को नारी सशक्तिकरण का जादूगर कहने लगेंगे। मौके पर समाजसेवी शिक्षाविद डॉ. (प्रो.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि वे उसी शुभ दिन के इंतजार में हैं……!

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ब्रह्माकुमारी मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती की 56वीं पुण्यतिथि मनी

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के आदि पुरुष का लौकिक नाम ‘लेखराज कृपलानी’ और मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदंबा सरस्वती का लौकिक नाम ‘ओमराधे’ था। विश्व के 145 देशों में इसकी लगभग 10 हजार शाखाएं कार्यरत हैं जिनमें 10 लाख विद्यार्थी प्रतिदिन नैतिक व आध्यात्मिक शिक्षा ग्रहण करते हैं। ये दोनों इस विश्वविद्यालय की अलौकिक नींव की दिव्य ईंट माने जाते हैं। ओमराधे को श्रद्धालुगण ‘मामा’ भी कहते हैं।

मधेपुरा में गुरुवार (24 जून) को राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी रंजू दीदी की अध्यक्षता में मामा जगदंबा सरस्वती की 56वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। मामा की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए दीदी रंजू ने कहा कि विद्या मानव की समस्त बौद्धिक शक्तियों को अनुशासित करती है।

Samajsevi- Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing devotees at Brahmakumari Ishwariya Viswavidyalaya at Madhepura.
Samajsevi- Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing devotees at Brahmakumari Ishwariya Viswavidyalaya, Madhepura.

समारोह के उद्घाटनकर्ता समाजसेवी-शिक्षाविद डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने अपने उद्घाटन भाषण में राजा राममोहन राय को संदर्भित करते हुए कहा कि मातेश्वरी जगदंबा भी नारी जागरण के साथ-साथ नारी शिक्षा को लेकर उसी तरह प्रताड़ित होती रहीं जैसे सती प्रथा को लेकर राजा राममोहन राय। उपस्थित मातृशक्ति को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मां की वाणी में वह ताकत है जिसे भगवान स्वरूप डॉक्टर भी नहीं दे सकते। डॉ.मधेपुरी ने ढेर सारे उदाहरणों के साथ ब्रह्मा कुमारी रंजू दीदी, दुर्गा दीदी, वीणा-मौसम दीदी व अन्य को संदर्भित करते हुए विभिन्न प्रखंडों से आए हुए श्रद्धालुओं से कहा कि ब्रह्मा बाबा के इस केंद्र पर आकर आप अपनी देह को देवालय और घर को शिवालय बना लें, तभी आप सुखमय जीवन जी सकेंगे।

ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सफल सहयोगी विनय वर्धन उर्फ खोखा बाबू, बैजनाथ बाबू, विजय वर्धन, बीके सतीश, शिवनाथ आदि ने श्रद्धालुओं से आप बीती बातें शेयर करते हुए कहा कि रंजू दीदी के नेतृत्व में ब्रम्हाकुमारियों की टीम कारागृहों में जा-जाकर कैदियों के विचारों को सकारात्मक बनाकर समाज को लाभान्वित करने में सतत प्रयत्नशील रहती है।

Dr.Bhupendra Madhepuri, BK Ranju Didi and others paying homage to Mateshwari Jagadamba Saraswati.
Dr.Bhupendra Madhepuri, BK Ranju Didi and others paying homage to Mateshwari Jagadamba Saraswati.

कार्यक्रम के आरंभ में दीप प्रज्वलित कर श्रद्धालुओं के साथ डॉ.मधेपुरी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। फिर मातेश्वरी जगदंबा की तस्वीर पर राजयोगिनी रंजू दीदी और डाॅ.मधेपुरी ने माल्यार्पण किया और बारी-बारी से डॉ.एनके निराला, ललन मुखिया व ज्योतिष रानी जैसे सभी श्रद्धालुओं ने पुष्पांजलि अर्पित की। समापन के बाद श्रद्धायुक्त प्रसाद ग्रहण करके ही सबों ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी रंजू दीदी से घर जाने की स्वीकृति प्राप्त की।

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नीतीश सरकार अगले छह महीने में छह करोड़ लोगो को करायेगी टीकाकरण

कोरोना को पराजित करने को संकल्पित मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने टीकाकरण के महाभियान का शुभारम्भ करते हुए कहा कि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। विशेषज्ञों द्वारा तीसरी लहर की चर्चा की जा रही है। ऐसे में टीकाकरण ही बचाव है। सिर्फ एक टीका नहीं बल्कि टोके की दोनों डोज लेना “टीकाकरण” है।

बकौल मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य में प्रतिदिन छह हजार से अधिक केन्द्रों पर तीन लाख तीस हजार लोगों को टीका दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आबादी के लिहाज से यह राज्य देश में तीसरे जबकि कोरोना संक्रमण के मामले में 21वें नम्बर पर है। ऐसा इसलिए कि शुरू से ही काम हुआ है और लोगों को जागरूक किया गया है। कोरोना के बाबत केन्द्र के निर्णयों का राज्य द्वारा तेजी से क्रियान्वयन भी तो किया गया है।

चलते-चलते यह भी कि टीकाकरण को गति मिले इसके लिए कई बैंकों ने अपने ग्राहकों को एक डोज लेने के बाद ही फिक्सड डिपोजिट पर 0.3 प्रतिशत व्याज वृद्धि देने के एलान किया है। समाज सेवी डॉ. भूपेन्द्र ना. यादव मधेपुरी ने इस प्रकार के एलान हेतु यूको बैंक एवं सेन्ट्रेल बैंक औफ इंडिया को धन्यवाद किया है तथा अन्य बैंकों से भी इस दिशा मे अन्य लुभावने एलान हेतु अनुरोध किया है। ऐसा करने से जल्द ही कोरोगा मुक्त बिहार बनेगा।

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