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कमाल की कलाकारी

बेशक कोई भी कलाकारी संवेदना से सृजित होती है, लेकिन कलाकारी का भाव मन की गहराइयों से पैदा होते हैं। संसार में कोई समय गुजारने के लिए यह शौक पालता है तो कोई शोहरत पाने के लिए। इनसे जुदा कुछ चितेरे ऐसे भी होते हैं जो कुछ कर गुजरने के लिए कलाकारी के सेवक बन जाते हैं।

बता दें कि ऐसी ही कमाल की कलाकारी का प्रदर्शन जहां दिल्ली में अन्ना हजारे का शिष्य अरविंद केजरीवाल ने पुनः किया है, वहीं यूपी के बरौली-खरका निवासी 25 वर्षीय अवनीश अद्भुत कलाकारी की बानगी है। एक तरफ आईआईटियन अरविंद ने बिना किसी ट्रेनिंग के ही अभूतपूर्व व कमाल की राजनीतिक कलाकारी दिखाई वहीं दूसरी तरफ बिना किसी प्रशिक्षण के ही यूपी के अवनीश ने स्टेपल पिनों से स्वामी विवेकानंद का चित्र हू-ब-हू बना कर दिखाया है कमाल की कलाकारी।

Avnish stapler Pin Artist.

जानिए कि महज 5 दिनों में जहां 17 हज़ार 5 स्टेपल पिन का प्रयोग करते हुए स्वामी विवेकानंद के चित्र बनाकर अवनीश ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में स्थान बना लिया है वहीं दिल्ली में अरविंद ने अपने 5 वर्ष के शासनकाल में अभूतपूर्व प्रयोग के जरिए राजनीति के धुरंधरों को पटकनी देते हुए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी का रास्ता प्रशस्त करने हेतु कदम बढ़ा दिया है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि अवनीश ने भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के चित्र तैयार करने में 30 हजार 6 सौ 1 स्टेपल पिन व्यवहार में लाकर डॉ.कलाम का हू-ब-हू चित्र तैयार किया है। अवनीश भी अब अरविंद की तरह ही गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की तैयारी में लग गए हैं और सपनों को पंख लगाने के लिए सनलाइट आर्ट की मदद से लकड़ी पर मदर टेरेसा का चित्र उकेरने में दिन रात लगे रहते हैं।

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स्वामी रामदेव के योग प्रशिक्षक आचार्य रफीक बांट रहे योग का मर्म

आज हमारी सोच को संकीर्ण बनाने में लगी है… पाखंड में डूबी धर्म की व्याख्याएं। इन्हीं मान्यता प्राप्त संस्थाओं से ऊपर उठकर मानवतावाद का सिद्धांत प्रतिपादित किया था- स्वामी रामदेव ने। इस सिद्धांत के मूल में जाति, धर्म, समुदाय से ऊपर उठकर संपूर्ण मानवता के कल्याण की परिकल्पना है- ये बातें स्वामी रामदेव के योग प्रशिक्षक आचार्य रफीक खान की हैं जो पांच वक्त के नमाजी होने के बावजूद योगानुरागी नर-नारियों को समझा रहे हैं- योग करो, निरोग रहो के साथ-साथ योग के समस्त मर्मों को।

बता दें कि आचार्य रफीक एक शिक्षक हैं जो उड़ीसा के सुंदरगढ़ जिले के हिमगिर प्रखंड के प्राथमिक स्कूल में बच्चों को पढ़ाते हैं। शेष समय में वे समाज को सुशिक्षित करने हेतु योगगुरु की भूमिका का निर्वहन भी करते हैं। शिक्षक रफीक खान ने बिना किसी ब्रेक के योग एवं वैदिक दर्शन के प्रचार-प्रसार में अपना समस्त जीवन ही समर्पित कर दिया है। बकौल रफीक मंजिल तक पहुंचने से पहले रुकना उन्हें नहीं है।

यह भी जानिए कि आचार्य रफीक एक मुस्लिम होने के बावजूद गायत्री मंत्र से लेकर तमाम वैदिक मंत्रों का नियमित रूप से निष्ठा के साथ जाप करते हैं। ईश्वर-अल्लाह…. राम-रहीम दोनों के प्रति वे समान रूप से श्रद्धावनत रहते हैं। वे स्वस्थ रहने के लिए योग को जरूरी मानते हैं। वे सर्वधर्म सद्भाव का संदेश भी देते रहते हैं। वे कहते हैं कि मेरे लिए गायत्री मंत्र और नमाज दोनों इबादत है। वे वेद पाठ भी करते हैं और पांच वक्त का नमाज भी पढ़ते हैं। इसलिए लोग उन्हें आचार्य रफीक खान के नाम से पुकारा करते हैं। यही है भारत की माटी की असली खुशबू…।

 

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नीतीश राज में भी बच्चे अब… निजी स्कूल से नाम कटवा सरकारी में ले रहे दाखिला

पटना के निजी विद्यालयों से लगभग पांच हजार बच्चे नाम कटवा कर सरकारी स्कूलों में ले चुके हैं दाखिला। कुछ सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की विशेष सुविधाओं के साथ-साथ अन्य श्रेष्ठ गतिविधियों के कारण बच्चे एवं उनके अभिभावक दिन-प्रतिदिन आकर्षित हो रहे हैं। राज्य के कई सरकारी स्कूल तो अब हर मायने में निजी स्कूलों को टक्कर देने लगे हैं।

बता दें कि पिछले सत्र में राज्य भर में 20 हजार 565 बच्चों ने निजी स्कूलों से नाम कटवा कर सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया, जिसमें वर्ग एक से आठवीं तक के बच्चे शामिल हैं। यह भी जान लीजिए कि इसमें सिर्फ पटना जिले के 5 हजार से अधिक बच्चे शामिल हैं। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद की रपट के अनुसार ऐसे सरकारी स्कूलों ने अपने शैक्षणिक वातावरण को निजी स्कूलों की तरह विकसित किया है जिसमें ग्रामीण इलाकों के स्कूल ज्यादातर हैं।

यह भी जानिए कि नालंदा जिले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय पोखरपुर की व्यवस्था ऐसी सुधरी कि निजी स्कूलों से नाम कटवा कर बच्चे उसमें आने लगे और नामांकन कराने लगे। भला क्यों नहीं, इस स्कूल से प्रत्येक साल सिमुलतला, नवोदय विद्यालय व सैनिक स्कूलों के लिए आयोजित परीक्षाओं में बच्चे सफल होने लगे हैं। अब तक इन परीक्षाओं में सफल 64 बच्चों के नाम बोर्ड पर लिखे जा चुके हैं। यहां ड्रेस कोड के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया जा रहा है।

चलते-चलते बता दें कि गोपालगंज के उत्क्रमित विद्यालय में 715 बच्चे तथा पुनपुन के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में 800 बच्चे नामांकित हैं जबकि इन दोनों स्कूलों में गत वर्षों में क्रमशः 210-300 बच्चे नामांकित थे। विद्यालय प्रधान द्वारा भिन्न-भिन्न तरह की प्रतियोगिताएं व अन्य शैक्षणिक गतिविधियां शुरू किए जाने के कारण निजी स्कूलों के बच्चे सरकारी स्कूलों में नामांकन करा रहे हैं।

 

 

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सूबे के 17 लाख निबंधित मजदूरों को ढाई हजार रु. मिलेंगे कपड़ों के लिए

नीतीश सरकार ने सूबे बिहार के भवन निर्माण से जुड़े रजिस्टर्ड मजदूरों को अब हर साल कपड़ा के लिए 2500 ₹ देने का प्रस्ताव किया है। बिहारी भवन निर्माण मजदूरों को नीतीश सरकार इस प्रकार का एक नायाब तोहफा देने जा रही है। पूर्व से इन मजदूरों को इलाज हेतु श्रम संसाधन विभाग द्वारा सलाना ₹3000 दिए जा रहे हैं।

बता दें कि उपर्युक्त प्रस्तावित योजना की घोषणा श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा हाल ही में नियोजन भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में की गई है। बकौल श्रम संसाधन मंत्री भवन निर्माण कार्य से जुड़े रजिस्टर्ड मजदूरों की संख्या 10 लाख 25 हजार 148 है जिनके बैंक खाते में चिकित्सा हेतु 513 करोड रुपए अब तक हस्तांतरित किए जा चुके हैं।

जानिए कि श्रम संसाधन मंत्री श्री सिन्हा ने यह भी कहा कि इस चिकित्सीय राशि के लिए मजदूरों को कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ी। विभागीय निबंधन कराने के बाद ही सरकारी तंत्र द्वारा उनके खातों में कुल 513 करोड़ की राशि भेजी जा चुकी है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि चिकित्सा योजना के तर्ज पर ही रजिस्टर्ड मजदूरों को कपड़ा के लिए सालाना ₹2500 देने की योजना विभाग द्वारा बनाया गया है। श्रम संसाधन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की सहमति मिलते ही इस योजना की विधिवत शुरुआत कर दी जाएगी तथा राशि प्रत्येक मजदूर के खाते में जमा होने लगेगी।

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इंस्पेक्टर महावीर सिंह आंतिल की अविश्वसनीय विदाई

आज जब सरकारी महकमों में चारों ओर लूट-खसोट मची है और टूल पर बैठा चपरासी भी हल्की-फुल्की जानकारी देने के एवज में दीवाल पर टंगी तस्वीर दिखाते हुए यहां तक कह डालता है कि देख नहीं रहे… बापू क्या कह रहे हैं ?… यही कि 5 रुपए से कम  लिए तो इस लाठी से…. पीठ की हड्डी पिछाड़ देंगे। वैसे माहौल में भी कुछ ऐसे सरकारी सेवक हैं जिनकी विदाई भारतीय किसानों द्वारा की जाती है….. जिसे आज की तारीख में अविश्वसनीय विदाई मानी जाती है।

हरियाणा के सोनीपत शुगर मिल में कार्यरत इंस्पेक्टर महावीर सिंह आंतिल के अच्छे, सच्चे और ईमानदार व्यवहार के चलते उनकी सेवानिवृत्ति के दिन वाले “विदाई समारोह” को किसानों ने अविश्वसनीय बना दिया। आंतिल के इनकार करने के बावजूद किसानों ने कहा कि यह समाजिक प्रतीक व ईमानदार भाईचारे का सम्मान है… इसे हर हाल में स्वीकार करना होगा… महावीर बाबू !

किसानों के इस तरह इंस्पेक्टर आंतिल पर मेहरबान होने का कारण यही रहा कि वे गन्ना अधिकारी के रूप में किसानों को गन्ने की अच्छी वैरायटी के चयन से लेकर मिल में खरीद तक उनकी मदद पूरी ईमानदारी से किया करते। तभी तो 35 साल की नौकरी पूरी करने के बाद रिटायरमेंट के दिन आसपास के गांव के 500 से ज्यादा किसान, विधायक व अधिकारी मौजूद थे।

इस आंतिल विदाई समारोह पर किसानों ने उन्हें 15 लाख रुपए की एक कार, 2.5 लाख रुपए की एक बुलेट मोटरसाइकिल, नगद 10 लाख रुपए और एक बेहतरीन हुक्का देकर विदाई दी। शुगर मिल में सुपरवाइजरी के दरमियान कभी भी किसानों के काम के लिए समय की परवाह नहीं करने वाले इंस्पेक्टर आंतिल को विधायक मोहनलाल बड़ौली अपनी कार में बिठाकर उन्हें ससम्मान घर छोड़ने गए। ऐसी अद्भुत विदाई का अवसर… खुदा जाने फिर कब….. और किसे मिलेगा ?

 

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खाटू श्याम महोत्सव में रंगे मधेपुरावासी

विगत 13 वर्षों से खाटू श्याम महोत्सव को उत्साह पूर्वक मनाए जाने हेतु गठित समिति “मधेपुरा श्याम सखा संघ” के जिला अध्यक्ष आनंद प्राणसुखका के नेतृत्व में मनाया जाता है। इस बार चौदहवीं श्याम महोत्सव को लेकर बुधवार को सवेरे 9:00 बजे से सागर सेवा सदन (भूपेन्द्र चौक) से जीवन सदन तक खूबसूरत रथों पर सजी हुई राधा अपने श्याम के साथ…. और ध्वजा-पताका लिए श्रद्धालु नर-नारियों एवं बुद्धिजीवियों की “निशान यात्रा” निकलने वाली ही थी कि सागर सेवा सदन के निर्माता निरंजन प्राणसुखका ने सभी श्रद्धालुओं को रसपान करा कर विदा किया।

इस अवसर पर श्याम महोत्सव को लेकर शहर के मुख्य मार्ग से निकाली गई भव्य निशान शोभायात्रा में आगे रहे शहर के समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, विश्वनाथ प्राणसुखका व संजय सर्राफ सहित आभाष झा, दिलीप खंडेलवाल, रविंद्र यादव, आनंद प्राणसुखका, प्रमोद अग्रवाल, राजीव अग्रवाल, पशुपति सुल्तानिया, पप्पू सुल्तानिया, संजय सुल्तानिया, श्रवण प्राणसुखका, पलटू सर्राफ, सोमेश सर्राफ एवं मनीषा अग्रवाल, सरिता अग्रवाल, रेखा अग्रवाल, सपना सुल्तानिया, सहेली स्नेहा सुल्तानिया, सहित खाटू श्याम की तस्वीर वाली पीले रंग का निशान लिए सैकड़ों महिलाएं… जिन्हें रास्ते में रोक-रोक कर पानी… टॉफी… फ्रूटी आदि पिलाते और खिलाते रहे श्रद्धालुजन …  अंत में दो-तीन घंटे बाद जीवन सदन पहुंचने पर निशान यात्रा का समापन ‘प्रसाद’ पाने के बाद किया गया।

Khatu Shyam Mahotsav at Jeevan Sadan, Madhepura.
Khatu Shyam Mahotsav at Jeevan Sadan, Madhepura.

जीवन सदन में खाटू श्याम के सार्वजनिक भव्य मंच की अभूतपूर्व सजावट को देख चिकित्सक डॉ.एसएन यादव, डॉ.आरके पप्पू, डॉ.डीके गुप्ता, डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, हरि टेकरीवाल, मनीष सर्राफ, सुभाष साह, प्रदीप झा, देवेंद्र कुमार आदि चकित रह गए। कार्यक्रम रात्रि 8:00 बजे से सुबह 4:00 बजे तक चला। रात भर बेहतरीन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को बांधकर रखा… पूनम सुरेखा, सरिता ओझा, अजहर अली की सर्वश्रेष्ठ गीत-भजन और झांकियों में कोलकाता के स्टार डांस ग्रुप एवं गंगा म्यूजिकल ग्रुप इस महोत्सव में रात भर चार चांद लगाते रहे। अंत में श्याम सखा संघ के अध्यक्ष आनंद प्राणसुखका ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि कार्यक्रम को सफल बनाने में संघ के सभी सदस्यों का अहम योगदान है।

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विश्वविद्यालय स्तरीय खेल कुंभ 6 फरवरी से, आएंगे 14 विश्वविद्यालयों के एकलव्य

मेजबान विश्वविद्यालय टीएमबीयू सहित राज्य के 14 विश्वविद्यालयों के 2100 खिलाड़ीगण सबसे बड़ी खेलकूद प्रतियोगिता “एकलव्य” में भागलपुर में जुटेंगे। प्रतियोगिता भागलपुर विश्वविद्यालय द्वारा 6 से 9 फरवरी के बीच आयोजित की गई है। इस चार दिवसीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए राज्य भर के 13 विश्वविद्यालय के उन्नीस सौ से ज्यादा खिलाड़ी बुधवार की देर रात तक भागलपुर पहुंच जाएंगे। टूर्नामेंट की 14वीं टीम मेजबान टीएमबीयू है जिसके 150 खिलाड़ी खुद को एकलव्य साबित करने की जोर आजमाइश करेंगे। इससे पहले टीएमबीयू को 2009 में मेजबानी का मौका मिला था।

बता दें कि बिहार के महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति फागू चौहान इस एकलव्य महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। उनके मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम का शेडूल भी प्राप्त हो चुका है। इस उत्सव में भारत सरकार के राज्य मंत्री अश्विनी चौबे, सूबे के युवा, खेल एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार, शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा तथा प्रभारी मंत्री अशोक कुमार चौधरी के भी शामिल होने की संभावना है।

Players & Athletes from BNMU leaving for Bhagalpur.
Officers, Players & Athletes from BNMU leaving for Bhagalpur.

इधर मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय के खेल सचिव डॉ. अबुल फजल एवं उप सचिव डॉ.एसके मिश्र ने बताया कि 10 पदाधिकारियों सहित 150 सदस्यीय दल भागलपुर के लिए रवाना हो चुका है। आशा की जा रही है कि इस बार भी बीएनएमयू अच्छा प्रदर्शन करेगा और पदक जीतेगा। जहां गत वर्ष तरंग में 7 विधाओं में कुल 13 पदक प्राप्त किया था वहीं उसी वर्ष एकलव्य में टेबल टेनिस में प्रथम की थी रियांशी गुप्ता तथा फुटबॉल टीम तीसरा स्थान प्राप्त किया था। इस बार भी पूरी तैयारी है।

चलते-चलते बता दें कि मेजबान टीम के क्रीड़ा सचिव डॉ.सदानंद झा ने बताया कि उद्घाटन सत्र से लेकर पहले दिन के स्पोर्ट्स इवेंट की रूपरेखा पूरी तरह तैयार कर ली गई है। खिलाड़ियों एवं संग आए पदाधिकारियों के भोजन एवं ठहराव की व्यवस्था भी कर ली गई है।

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अंडर-19 वर्ल्ड क्रिकेट कप में भारत ने पाकिस्तान को 10 विकेट से हराकर 7वीं बार फाइनल में परचम लहराया

अंडर-19 वर्ल्ड कप में भारत ने लगातार चौथी बार पाकिस्तान को हराया है। फरवरी 4 को पोटचेफ्लसट्रूम में पाकिस्तान की टीम पहला सेमीफाइनल खेलते हुए 172 रन पर सिमट गई। भारत के तेज गेंदबाज सुशांत मिश्रा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए। कार्तिक त्यागी और रवि बिश्नोई ने दो-दो विकेट झटके।

बता दें कि अंडर-19 वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने इस पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 10 विकेट से हराया यानि भारतीय टीम के ओपनर यशस्वी जायसवाल और दिव्यांश सक्सेना की अटूट जोड़ी को तोड़ने में पाकिस्तान के गेंदबाजों को नाकों चने चबाना पड़ा, परंतु वे किसी को आउट नहीं कर पाए। दोनों ओपनर खेल जीतने तक खेलते रहे।

जानिए कि भारतीय टीम ने पाकिस्तान द्वारा दिए गए 173 रन के लक्ष्य बिना किसी विकेट के नुकसान के ही 35.2 ओवर में हासिल कर लिया। इस पहले सेमीफाइनल का प्लेयर ऑफ द मैच बने यशस्वी जायसवाल द्वारा 105 रन और दिव्यांश सक्सेना द्वारा 59 रन के साथ जीत दर्ज करते हुए भारत सातवीं बार अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में पहुंच गया। भारतीय टीम की यह पाक पर विकेटों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि 4 साल से भारतीय टीम वर्ल्ड कप में नहीं हारी है… यह लगातार 11वीं जीत है। मौजूदा वर्ल्डकप में यह टीम की लगातार पांचवीं जीत है। पिछले वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने एक भी मैच बिना गवाएं कुल 6 मैच जीतकर खिताब हासिल किया था।… आगे इस वर्ल्ड कप का दूसरा सेमीफाइनल 6 फरवरी को बांग्लादेश और न्यूजीलैंड के बीच होगा तथा इसके विजेता टीम की भिड़ंत 9 फरवरी को भारत के साथ होगी।

 

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दुनिया की पहली टीम बनी भारतीय क्रिकेट टीम, 5-0 से सीरीज जीतकर

भारतीय क्रिकेट टीम ने रविवार को खेले गए पांचवें और अंतिम टी-20 मैच में न्यूजीलैंड को 7 रन से शिकस्त देकर 5-0 से सीरीज जीत ली और दुनिया की पहली टीम बन गई। तुर्रा तो यह है कि भारतीय क्रिकेट टीम ने किवी सरजमीं पर पहली बार भी टी-20 सीरीज जीती है। इस तरह टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड का क्लीन स्वीप किया।

बता दें कि विगत दो मुकाबलों की तरह भारतीय क्रिकेट टीम ने पांचवें और अंतिम टी-20 मुकाबले में भी किवियों से जीत छीन ली। यह तब हुआ जब नियमित कप्तान विराट कोहली के चोटिल होने के कारण रोहित शर्मा ने कमान संभाली। हाँ, किवी कप्तान केन विलियम्स भी नहीं खेले।

फिर भी भारतीय क्रिकेट टीम ने माउंट मोनगानुई स्टेडियम में मेजबान न्यूजीलैंड टीम के अजेय रिकॉर्ड को तोड़ दिया। प्राय: इस स्टेडियम में जीत का रिकॉर्ड बनाने वाली न्यूजीलैंड टीम को भारतीय क्रिकेट टीम ने हार का स्वाद चखा दिया। दिलचस्प बात तो यह भी है कि इस मैदान पर टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने वाली भारतीय क्रिकेट टीम ने जीत हासिल की।

चलते-चलते यह भी बता दें कि बेहतरीन फार्म में चल रहे विकेटकीपर बल्लेबाज लोकेश राहुल ने सीरीज में सबसे अधिक 224 रन बनाए और मैन ऑफ द सीरीज बने। विकेटकीपिंग के दरमियान तीन कैच लपके और एक स्टंप भी किया…।

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डब्ल्यू.एच.ओ.ने किया चीन के कोरोना वायरस को वैश्विक आपदा घोषित

जब चीन में जन्मे कोरोना वायरस दुनिया के 21 देशों में अपना पैर फैला लिया तब इसके कहर को देखकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे वैश्विक आपदा घोषित किया। वैज्ञानिक तो यहां तक बोल गए कि लक्षण नहीं दिखने पर भी लोग कोरोना से हो सकते हैं संक्रमित…। यदि ऐसा हुआ तो चीन में फैले इस वायरस को काबू करना और भी कठिन होगा।

बता दें कि ताजे रिपोर्ट के अनुसार चीन में इस खतरनाक वायरस से मरने वालों की संख्या 213 हो गई है तथा लगभग 9699 लोगों में संक्रमण की पुष्टि भी की गई है। इस वायरस के खतरे के मद्देनजर चीन से भारतीय नागरिकों को वापस लाने के लिए भारतीय वायुयान का 423 सीटों वाला B-747 विमान शुक्रवार (यानि 31 जनवरी) को दिल्ली से 1 बजकर 20 मिनट पर वुहान हवाई-अड्डे के लिए रवाना हुआ जिसमें 5 डॉक्टर और एक पारा-मेडिकलकर्मी की टीम भी तैनात की गई। इस विमान द्वारा चीन के वुहान से लगभग 400 भारतीयों को भारत लाया जाएगा। आने वाले भारतीयों की जांच एवं देखभाल हेतु भारतीय सेना ने बड़ी तैयारी की है। आईटीबीपी ने दिल्ली में 600 बिस्तरों वाला अलग केंद्र तैयार किया है जहां डॉक्टरों की एक टीम तैयार रहेगी।

इसी दरमियान चीन के वुहान में एक व्यक्ति की सड़क पर चलते-चलते मौत हो जाने से सारी दुनिया कोरोना से कांप उठी। रूस समेत कई देशों ने चीन से लगी अपनी सीमा के कई हिस्सों को शील कर दिया है। कोरोना के खौफ के कारण एक करोड़ से ज्यादा आबादी वाली वुहान शहर खाली और वीरान हो गया है। सिनेमा हॉल, होटल एवं रेस्टोरेंट सभी खाली और सुनसान पड़े हैं। भयाक्रांत होकर कई देशों ने समेटने लगा है अपना बोरिया-बिस्तर। चीन खतरे में पड़ गया है आजकल। इसलिए तो चीन अब बोलने लगा है कि दुनिया के सभी देश जिम्मेदार ढंग से पेश आएं… कोई बढ़ा चढ़ाकर प्रतिक्रिया ना दें।

चलते-चलते यह भी जान ले कि जब तक कोरोना वायरस से लड़ने वाली और उसे समाप्त करने वाली सटीक दवा सामने नहीं आती है तब तक इस वायरस को पराजित करने के बाबत समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने संसार के सभी देशों के नर-नारियों से यही कहा कि सबसे पहले तो लोग अपने अंदर के भय के भूत को भगावें। संयमित जीवन के साथ-साथ शाकाहारी भोजन लें। मन के संकल्प शक्ति को ऊंचाई दें। मन को विकृत नहीं होने देने की सलाह देते हुए तत्काल दवाई के रूप में डॉ.मधेपुरी ने अपनी दो पंक्तियां आपके सेवार्थ प्रेषित की है-

पहले होता यह मन विकृत

तब तन को रोग पकड़ता है…।

 

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