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मधेपुरा डीईओ उग्रेश मंडल की सेवानिवृत्ति पर अविश्वसनीय विदाई

मधेपुरा के जिला शिक्षा पदाधिकारी उग्रेश प्रसाद मंडल विगत फरवरी 2020 में सेवानिवृत्त हुए। श्री मंडल के सेवानिवृत्त होने पर जिले के शिक्षकों, विद्यालय प्रधानों, प्रखंड के बीईओं, विभिन्न विद्यालयों के संगीत शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। विदाई समारोह के संपूर्ण कार्यक्रम में कलाकारों ने मधुर संगीत से वातावरण को मंत्रमुग्ध कर दिया। संगीत शिक्षिका शशि प्रभा की सुरीली आवाज पर समस्त शिक्षकों की तालियों की गूंज से रासबिहारी उच्च विद्यालय का मैदान गुंजायमान होता रहा।

इस विदाई की बेला में एसएसए के डीपीओ गिरीश कुमार, एमडीएम के डीपीओ केएन सादा एवं लेखा योजना के डीपीओ नारद प्रसाद द्विवेदी ने कहा कि डीईओ उग्रेश मंडल साहब का सभी के प्रति मित्रवत व्यवहार, विभाग के लिए उनके काम व योगदान के लिए हम लोग उन्हें सदा याद करेंगे। प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा से जुड़े अधिकारी व पदाधिकारी लाल बहादुर यादव, डॉ.अरूण कुमार यादव, कृष्ण कुमार यादव,  पूर्व प्राचार्या  डॉ.शांति यादव, पूर्व डीईओ शिव शंकर झा, पूर्व डीईओ दीप नारायण यादव, बीईओ डॉ.यदुवंश यादव, परमेश्वरी प्रसाद यादव, विजेंद्र प्रसाद यादव, जय कृष्ण यादव व अन्य गणमान्य ने विचार व्यक्त करते हुए उनके तीन वर्षों के कार्यकाल की सराहना की और यह भी कहा कि संभव है कि फूल के पौधों को सींचने में कुछ पत्तियां टूट गई हों तो उसे अनदेखी करना उचित ही होगा।

Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the farewell of DEO Yugresh Prasad Mandal at Madhepura.
Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the farewell of DEO Ugresh Prasad Mandal at Madhepura.

भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को संदर्भित करते हुए उनके करीबी शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने कहा कि आज हमारे सपनों को पंख लगा दिया उग्रेश मंडल साहब का यह विदाई समारोह। डॉ.मधेपुरी ने जब हरियाणा के सोनीपत के गन्ना इंस्पेक्टर महावीर सिंह आंतिल के 35 वर्षों की ईमानदार सेवा के बाद 500 किसानों द्वारा कार, मोटरसाइकिल, नगद और हुक्का देकर विदाई की बात सुनी तो अखबार में प्रकाशित समाचार पढ़कर सोचने और सपना देखने लगे डॉ.मधेपुरी- “काश ! मधेपुरा में भी किसी सरकारी पदाधिकारी की ईमानदारी से की गई सेवा के बाद सेवानिवृत्ति पर हरियाणवी तरीके से विदाई समारोह का आयोजन होता…… तो कितना अच्छा होता !”

आज का यह नजारा देखकर डाॅ.मधेपुरी के सपनों को तो पंख लग ही गया साथ ही डॉ. मधेपुरी ने इसे अविश्वसनीय विदाई समारोह बताया।  डीईओ उग्रेश प्रसाद मंडल ने अपनी धर्मपत्नी व अन्य संबंधियों की उपस्थिति में दिए गए सम्मान से अभिभूत होकर यही कहा-

” मधेपुरा ने मुझे जो सम्मान दिया है उसे मैं कभी भुला नहीं पाऊंगा….. सेवानिवृत्ति के बाद नए सिरे से अपने जीवन की शुरुआत करूंगा और शिक्षकवृंद से यही कहूंगा कि वे समाज में ज्ञान की रोशनी फैलाएं…… वंचितों के बच्चों पर विशेष ध्यान दें….. तथा पदाधिकारीगण सभी को साथ लेकर चलें।”

अंत में शशि प्रभा ने विदाई गीत की प्रस्तुति दी। जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार ने मंच संचालन किया। मौके पर प्रदीप पप्पू, समीर कुमार, संत कुमार, ध्यानी यादव, संजय सिंह, कंचन कुमारी, कुंदन सिंह, सज्जन कुमार, राजकिशोर यादव व अन्य मौजूद थे।

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माया विद्या निकेतन के बच्चों ने वैज्ञानिक प्रतिभा का दिया परिचय

मधेपुरा के शहीद चुल्हाय मार्ग स्थित माया विद्या निकेतन में विज्ञान दिवस के अवसर पर विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन जिस दिन किया गया उसके एक दिन बाद मुख्य कार्यक्रम का आयोजन नया नगर मदनपुर वाले विद्यालय परिसर में समारोह पूर्वक किया गया।

बता दें कि कार्यक्रम का उद्घाटन भौतिक विज्ञान के प्राध्यापक सह साहित्यकार व बीएनएमयू के कुलसचिव व परीक्षा नियंत्रक रहे प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, कबड्डी संघ के जिला सचिव अरुण कुमार, नेशनल इंस्पायर्ड अवार्ड एवं  साइंस एंड टेक्नोलॉजी अवार्ड विजेता आनंद विजय, डॉ.आलोक कुमार, किशोर कुमार व प्राचार्य चंद्रिका यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the Vigyan Diwas Function at Maya Vidya Niketan.
Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the Vigyan Diwas Function at Maya Vidya Niketan.

इस अवसर पर अतिथियों ने माया विद्या निकेतन के बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए मॉडलों को गहन रूप से देखा, परखा एवं उसकी उपयोगिता को महसूसा। जब बच्चों से ऑटोमेटिक रेलवे गेट, रिमोट कंट्रोल लॉकर…. न्यूमैरिक लिफ्ट आदि से जुड़े प्रश्न किए गए तो बच्चों ने बखूबी जवाब भी दिया जिसे अतिथियों ने खूब सराहा।

मुख्य अतिथि प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र मधेपुरी ने बच्चों से मिसाइल मैन डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की चर्चा करते हुए यही कहा कि आवश्यकता को पूरी करने के लिए ही आविष्कार होता है। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि विज्ञान विकास और बदलाव का पर्याय है। विज्ञान में महारत हासिल करने के लिए प्रयोगशाला में जाना ही पड़ेगा क्योंकि पानी में गए बिना कोई तैरना कैसे सीख लेगा ! मौके पर सभी अतिथियों सहित प्रो.अनिल कुमार विजय, चिरामणि प्रसाद यादव एवं प्राचार्य चंद्रिका यादव ने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभा को बाहर लाने का सर्वश्रेष्ठ मार्ग है।

इस अवसर पर युवा वैज्ञानिक आनंद विजय को बुके-अंगवस्त्रम् व चेक के साथ मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी एवं प्राचार्य चंद्रिका यादव ने सम्मानित किया। आरंभ में स्वागत गान संगीत शिक्षिका शशि प्रभा ने प्रस्तुत किया और मंच संचालन किया हर्षवर्धन सिंह राठौर ने। मौके पर जयनंदन यादव, मदन कुमार, कृष्ण कुमार, मंजू घोष आदि मौजूद थे।

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साइंस प्रोजेक्ट में आलमनगर के डीएवी को मिला पहला स्थान

उदाकिशुनगंज अनुमंडल स्थित राजनंदन कला भवन में जिला स्तरीय विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन डीसीएलआर ललित कुमार सिंह के नेतृत्व में विज्ञान दिवस के उपलक्ष में किया गया। सर्वप्रथम कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि सह मुख्य वक्ता बीएनएमयू के पूर्व कुलसचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, विशिष्ट अतिथि 2019 में नेशनल इंस्पायर्ड अवार्ड विजेता एवं 2020 में पूर्वी भारत साइंस एंड टेक्नोलॉजी अवार्ड विजेता आनंद विजय, प्रो.अनिल कुमार विजय, अनुमंडल पदाधिकारी एस जेड हसन, एसडीपीओ सीपी यादव, अनुमंडल लोक शिकायत पदाधिकारी रमेश चंद्र चौधरी, किशोर कुमार, अख्तर आलम व कार्यक्रम के प्रायोजक दीपू मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

Former University Professor of Physics cum Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri addressing Students in a Science Exhibition at Rajnandan Kala Bhawan, Alamnagar.
Former University Professor of Physics Dr.Bhupendra Madhepuri addressing in a Science Exhibition at Rajnandan Kala Bhawan, Alamnagar.

बता दें कि दीप प्रज्ज्वलित करने के बाद कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का अनीता सिंह एवं अदिति सिंह ने वैदिक रीति से स्वागत गान गाकर स्वागत किया। विज्ञान दिवस के अवसर पर जिले के सरकारी एवं निजी स्कूलों के बच्चों द्वारा क्विज, पेंटिंग एवं मॉडल निर्माण को अतिथियों ने परखा, देखा और उनकी प्रतिभा की सराहना की।

Audience during the Scientific Projects Exhibition at Rajnandan Kala Bhawan.
Audience during the Scientific Projects Exhibition at Rajnandan Kala Bhawan.

राजनंदन कला भवन में उपस्थित छात्रों, अभिभावकों एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि गांधीयन मिसाइल मैन एपीजे अब्दुल कलाम के सपनों के भारत की ओर देश बढ़ रहा है जिसका जीता-जागता उदाहरण इस विज्ञान प्रदर्शनी में दिख रहा है। डॉ.मधेपुरी ने शिक्षकों को विधायक-मंत्री, सांसद एवं प्रधानमंत्री से भी बड़ा राष्ट्र निर्माता बताया। एसडीएम एस जेड हसन सहित सभी अतिथियों ने बारी-बारी से बच्चों को संबोधित किया।

यह भी बता दें कि जहाँ साइंस प्रोजेक्ट में डीएवी आलमनगर प्रथम, नवभारत स्कूल ग्वालपाड़ा द्वितीय एवं तीसरे स्थान पर रहा रियल मॉडर्न पब्लिक स्कूल बिहारीगंज, वहीं पेंटिंग में सत्यम, अन्नू एवं अभिराम ने बाजी मारी तथा क्विज में अदिति सिंह प्रथम, आयुष कुमार व प्रिंस कुमार द्वितीय एवं विकास कुमार तृतीय पर पुरस्कृत किए गये।

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कोसी के केदार कानन को मिलेगा साहित्य अकादमी पुरस्कार, बधाइयों का तांता

सुपौल जिले के 61 वर्षीय केदार कानन को 2020 के साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। कोसी की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक चेतना के स्तंभ माने जाने वाले केदार कानन को साहित्य अकादमी पुरस्कार मिलने की घोषणा सुनते ही कोसी सहित समस्त मिथिलांचल के साहित्यकार गौरवान्वित महसूसने लगे हैं। उन्हें यह सम्मान हिन्दी के कवि केदारनाथ सिंह के काव्य संग्रह “अकाल में सारस” के मैथिली अनुवाद के लिए दिया जाएगा।

इस आशय की जानकारी मिलते ही जहां कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष सह कवि व दर्जनों पुस्तक के लेखक हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने बधाई देते हुए कहा कि केदार कानन के पिता रामकृष्ण झा किसुन साहित्यिक चेतना के अग्रदूत तो थे ही, साथ-साथ मैथिली नई कविता के जनक भी माने जाते रहे… कानन को अपने पिता से साहित्यिक चेतना विरासत में मिली है, वहीं सम्मेलन के सचिव प्रखर समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने हार्दिक बधाई प्रेषित करते हुए कहा कि कानन के काव्य संग्रह “आकार लैत शब्द” और “व्योम में शब्द” के अतिरिक्त अनुवाद की 10 किताबें प्रकाशित हैं। डॉ.मधेपुरी ने मैथिली में लिखी गई कई महत्वपूर्ण संस्मरण के लिए भी कानन को बधाई दी तथा यह भी कि कई पत्रिकाओं के संपादन के लिए भी उन्हें भरपूर सराहना मिली है। इसके अतिरिक्त हिन्दी, मैथिली के कवि, लेखक व इतिहासकारों ने भी उन्हें बधाई दी है जिनमें प्रमुख हैं- डॉ.शांति यादव, प्रो.मणि भूषण वर्मा, उल्लास मुखर्जी, कवि मुख्तार आलम,डॉ.अरविन्द श्रीवास्तव आदि।

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सुप्रीम कोर्ट कानून बनाकर रोक सकता है… राजनीति का अपराधीकरण

आजादी के 70 वर्ष बाद चुनावी राजनीति में बेशुमार धन-बल का इस्तेमाल एवं दागी जनप्रतिनिधियों की बढ़ती दखल… अब सर्वोच्च न्यायालय को भी चिंतन करने के लिए मजबूर कर रहा है। ऐसा लगता है कि इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट ने सख़्त रुख अख्तियार करने का निश्चय भी कर लिया है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने राजनीति को स्वच्छता प्रदान करने के लिए भारत के सभी राजनीतिक दलों सहित चुनाव आयोग को भी कई दिशा निर्देश दिए हैं। समाज शास्त्रियों एवं शिक्षाविदों का कहना है कि नए नियमों से राजनीति का अपराधीकरण कितना रुकेगा, यह तो राजनीतिक दलों की वैचारिक सुचिता पर निर्भर करेगा… तथा चुनाव आयोग की प्रभावी भूमिका से भी तय होगा।

जानिए कि 17वीं लोकसभा चुनाव- 2019 में खड़े 8049 उम्मीदवारों में से 7228 के शपथ-पत्र का विश्लेषण किए जाने के क्रम में पाया गया कि जहाँ 1500 उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की स्वयं घोषणा की थी वहीं 1070 ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों यथा हत्या, बलात्कार, अपहरण… आदि की बात स्वीकार की थी। तुर्रा तो यह है कि 50 से अधिक ने जहाँ 302 के तहत अपने खिलाफ हत्या का आरोप स्वीकारा, वहीं दर्जनों ने अपने खिलाफ दोष सिद्धि की बात भी स्वीकार की थी।

चलते-चलते बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के पास यह विशेष अधिकार है कि अगर किसी कानून में कोई कमी है या किसी बात पर कानून नहीं है या संसद उस तरफ ध्यान नहीं दे रही है और उससे जनहित को नुकसान हो रहा है, तो इन तीनों ही परिस्थितियों में वह नया कानून बना सकता है या मौजूदा कानून में कमियों को दूर कर सकता है।

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बांग्लादेश में जलमग्न होने पर बच्चों के घर तक पहुँच गए बोट स्कूल

बांग्लादेश के जिस भाग में 8 महीने तक स्कूलों में पानी भरा रहता है और बच्चे स्कूल जाकर पढ़ नहीं सकते… बल्कि स्कूल तक जा भी नहीं सकते तो स्कूल ही उन बच्चों के घर तक पहुंच जाया करता। फिलहाल तो स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि अब तक पाँच सौ ‘बोट स्कूल’ में लगभग 15 हज़ार बच्चे पढ़ रहे हैं।

बता दें कि जितनी भी बोट स्कूल हैं उनमें सौ फ़ीसदी शिक्षक केवल और केवल महिलाएं ही हुआ करती हैं। ऐसा इसलिए कि वे महिला शिक्षक बच्चों को संपूर्णता में देखभाल भी कर लेती है। नतीजा यह हुआ कि आज बांग्लादेश में 97% बच्चे स्कूल जाने लगे हैं और पढ़ने लगे हैं।

बता दें कि बांग्लादेश में 2012 से स्कूल बोट की शुरुआत हुई और अब तक लगभग 15 हजार  बच्चे इनमें पढ़ाई कर रहे हैं। सर्वाधिक उपलब्धि यह है कि 8 वर्ष में 80 हजार बच्चे इन बोट स्कूलों से पढ़ाई पूरी कर चुके हैं तथा अन्य दूसरे शहरों के स्कूल-कॉलेजों में आगे की पढ़ाई कर रहे हैं। जानिए कि इनमें से कई तो राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं पास कर एवं स्कॉलरशिप हासिल कर पढ़ाई कर रहे हैं। यह भी कि जो बच्चे दिन में स्कूल नहीं जा पाते, उन्हें रात के समय पढ़ाया जाता है।

चलते-चलते बता दें कि इन बोट स्कूलों में रोशनी के लिए सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाता है। उसी रोशनी में महिलाओं को कढ़ाई-सिलाई सिखा कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाता है।

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पुलिस सप्ताहोउत्सव के दरमियान पेंटिंग में प्रीति तो भाषण में शांतनु यदुवंशी शीर्ष पर

सूबे बिहार में पुलिस सप्ताह (22-27 फरवरी) मनाया जा रहा है। विभिन्न थाने में विविध कार्यक्रमों का आयोजन 3 दिनों से हो रहा है। चौथे दिन यानी 25 फरवरी को मधेपुरा के आरक्षी अधीक्षक संजय कुमार के निर्देश पर जिला मुख्यालय के दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल में पेंटिंग एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें लगभग 50 बच्चे बच्चियों ने भाग लिया।

Dr.Madhepuri along with Prithivi Raj Yaduvanshi and Kishor Kumar during painting competition on the occasion of Police Week at Madhepura.
Dr.Madhepuri along with Prithivi Raj Yaduvanshi and Kishor Kumar during painting competition on the occasion of Police Week at Madhepura.

बता दें कि जहां कार्यक्रम की अध्यक्षता सदर एसडीपीओ वसी अहमद ने की वहीं निर्णायक मंडल के सदस्य समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, डीएसपी वसी अहमद, थानाध्यक्ष एसपी सिंह, सार्जेंट मेजर जेके सिंह, रेड क्रॉस के अध्यक्ष डॉ.शांति यादव, सचिव आरके रमण, प्राइवेट स्कूल्स एसोसियेशन के अध्यक्ष किशोर कुमार एवं सार्जेंट महेश नारायण सिंह द्वारा गहराई व गंभीरता से पेंटिंग का अवलोकन किया गया। रिजल्ट सामने आया तो प्रथम आई प्रीति कुमारी, द्वितीय साक्षी सुमन, तृतीय प्रीति प्रिया और सांत्वना पुरस्कार प्रनीति प्रिया के नाम गया।

यह भी जानिए की डिबेट प्रतियोगिता में कुल 6 प्रतिभागियों ने भाग लिया जिन्हें पांच-पांच मिनट का समय दिया गया। सभी निर्णायकों द्वारा प्रदत अंकों का औसत निकालकर डीएसपी वसी अहमद ने घोषणा की कि डिबेट में प्रथम आए शांतनु यदुवंशी, द्वितीय आशीष कुमार मिश्रा एवं तृतीय स्वाति सुमन। एसडीपीओ वसी अहमद की अध्यक्षता में हो रहे इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम उन्होंने शिक्षाविद् डॉ.मधेपुरी को पुलिस पब्लिक रिलेशन पर विचार व्यक्त करने का अनुरोध किया ।

समाजसेवी-शिक्षाविद् डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने वर्षों पूर्व के थानाध्यक्ष नवीन शर्मा को संदर्भित करते हुए कहा कि उनके एक सवाल के जवाब में नवीन शर्मा सरीखे कड़े पुलिस पदाधिकारी का यही जवाब होता है-  “सर ! पुलिस को ट्रेनिंग दी जाती है कि जहां भी कार्य हेतु भेजे जाते हो तुम वहां के चोर-डकैत, शराबी- जुआड़ी की पहचान करने से पहले उस क्षेत्र के भले लोगों को पहचानो और हो सके तो उसकी भी सूची बना डालो।” डॉ.मधेपुरी ने विस्तार से पुलिस पब्लिक रिलेशंस के सकारात्म पहलुओंं की चर्चाा की और उन्हें जनहित में सर्वोत्तम बताया। बाद में डॉ.शांति यादव और पुलिस पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। धन्यवाद ज्ञापन सदर थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद सिंह ने किया।

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संत रविदास ने समाज को एक नई राह दिखाई- डॉ.मधेपुरी

संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 643वीं जयंती सोमवार को मधेपुरा के भूपेन्द्र स्मृति कला भवन में मनाई गई। इस जयंती समारोह के उद्घाटन कर्ता और सौर बाजार प्रखंड के पूर्व प्रमुख एवं प्रखर समाजसेवी योगेंद्र राम, मुख्य अतिथि समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी तथा अध्यक्षता कर रहे थे कमल दास, जो रविदास एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।

बता दें कि संत रविदास जयंती समारोह के आयोजन कर्ताओं- संरक्षक शिवकुमार राम, महासचिव नवीन कुमार राम, उपाध्यक्ष संतोष कुमार राम, प्रवक्ता हरीश चंद्र राम एवं संयोजक प्रो.ललन कुमार राम सहित अन्य गणमान्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर समारोह का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर उद्घाटन कर्ता योगेंद्र राम ने अपने संबोधन में कहा कि संत शिरोमणि रविदास ने समाज को प्रेम और मानवता की राह दिखाई। उन्होंने कहा कि संत रविदास द्वारा दिखाए गए रास्ते पर चलकर जीवन के उद्देश्य को प्राप्त किया जा सकता है।

Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the people on the occasion of Saint Ravi Das Jayanti at Bhupendra Kala Bhawan Madhepura.
Shikshavid Dr.Bhupendra Madhepuri addressing the people on the occasion of Saint Ravi Das Jayanti at Bhupendra Kala Bhawan Madhepura.

मुख्य अतिथि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने रविदास-कबीरदास के साथ-साथ मनीषी भूपेन्द्र एवं डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को संदर्भित करते हुए विस्तार से उदाहरण दे-देकर इन्हें सहज जीवन का धारक यानी संत करार दिया। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि इन संतों को धन के प्रति अनुराग नहीं था। इन्होंने समाज को नई-नई राहें दिखाई। धरती को जीने लायक कैसे बनाया जाए इस पर अपना सर्वस्व न्योछावर करते रहे। इनका मन सर्वाधिक स्वच्छ था… अतः हमें इनके जीवन का अनुसरण करना चाहिए। इसी कड़ी में सभी आयोजन कर्ताओं सहित प्रो.दयानंद, नरेश पासवान, अशोक चौधरी, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला,जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, पूर्व उपाध्यक्ष रामकृष्ण यादव, गणेश मानव, प्रमोद प्रभाकर, अखिलेश राम, प्रो.फुलेंद्र कुमार आदि ने विस्तारपूर्वक संतो के आचरण का वर्णन किया।

अंत में अध्यक्ष कमल दास ने विस्तार पूर्वक कहा कि संत रविदास ने सामाजिक एवं आध्यात्मिक संघर्ष किया था। संत रविदास ने दुनिया को यही संदेश दिया कि आदमी मन, वचन व कर्म से बड़ा होता है। कार्यक्रम लंबे समय तक चलने के कारण अध्यक्ष ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कार्यक्रम समाप्ति की घोषणा की।

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सिंहेश्वर मेला भी होगा सोनपुर की तरह विकसित- पर्यटन मंत्री

मवेशी हॉट मैदान में त्रिदिवसीय (23-24-25 फरवरी) सिंहेश्वर महोत्सव का आगाज किया नीतीश सरकार के पर्यटन मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि ने। मंत्री कृष्ण ऋषि ने कहा कि सिंहेश्वर को सोनपुर मेले की तरह बनाने के लिए मिलकर करना होगा सामूहिक प्रयास। पर्यटन मंत्री ने जिले के मंत्री द्वय नरेंद्र नारायण यादव एवं डॉ.रमेश ऋषिदेव सहित सिंहेश्वर के सांसद दिलेश्वर कामत एवं युवा ऊर्जावान डीएम नवदीप शुक्ला को विश्वास दिलाते हुए मंच से कहा-

“रुपए की चिंता ना करें, मेला व महोत्सव को सजाएं शिवगंगा के सौंदर्यीकरण को पर्यटकों को आकर्षित करने हेतु शीर्ष तक ले जाँय, इसकी ख्याति को सब मिलकर बढ़ाएं… सरकार आपके साथ हैं… जिलाधिकारी द्वारा एक रिपोर्ट तैयार कर पर्यटन विभाग को हस्तगत कराते ही पर्यटन विभाग इस दिशा में तुरंत काम शुरू करेगा।”

बता दें कि पर्यटन मंत्री के के ऋषि सहित सभी अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर सिंहेश्वर महोत्सव का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन समारोह में डीएम शुक्ला ने बुके, शॉल एवं स्मृति चिन्ह देकर अतिथियों का स्वागत किया।

यह भी जानिए कि इसी दरमियान इतिहासकार एवं साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ, समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, तबला वादक प्रो.योगेंद्र नारायण यादव सहित सियाराम यादव को डीएम द्वारा अंगवस्त्रम, बुके व स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया गया।

अपने संबोधन में जहां विधि मंत्री ने कहा कि हमारा देश ऋषि-मुनियों का देश है जहां अतिथियों को देवता माना जाता है वहीं स्थानीय SC-ST मंत्री ने लोगों से यही कहा कि वे श्रद्धालुओं की सेवा करें तो बाबा बेहतर फल देगा। सांसद श्री कामत ने कहा कि इस मेले को देखने के लिए लोग बहुत दूर से आते हैं।

समारोह का शुभारंभ एक छोटी बच्ची ऐश्वर्या द्वारा राष्ट्रीय गान की प्रस्तुति से की गई। संगीत शिक्षिका शशि प्रभा ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। एडीएम शिवकुमार शैव ने अतिथियों का स्वागत करते हुए शिव परिवार की चर्चा भी की जहां डीएम ने महोत्सव के स्तर को प्रतिवर्ष ऊपर उठता हुआ बताया वहीं एसपी संजय कुमार ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम का विश्वास दिलाया।

समारोह की सफलता में सहयोगी बने रहे- एसडीएम उपेंद्र उपेंद्र कुमार, एसडीएम वृंदा लाल, एसडीपीओ वसी अहमद, एनडीसी रजनीश कुमार, उप-समाहर्ता बिरजू दास, प्रमुख चंद्रकला देवी, जदयू जिलाध्यक्ष प्रो. विजेंद्र नारायण यादव, बीडीओ  राजकुमारी चौधरी, पप्पू झा, पंकज भगत, दीपक, बबलू, एम एम सिंह आदि। उद्घाटन समारोह के साथ ही स्थानीय कलाकारों राजीव रंजन उर्फ भोला जी, अरुण कुमार बच्चन, प्रो.रीता कुमारी आदि का बेहतरीन प्रदर्शन के साथ-साथ पूर्वोत्तर के कलाकारों ने ऐसी समा बांधी कि दर्शक अंत तक जमे रहे।

 

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“एक शाम शहीदों के नाम” कार्यक्रम में नीतीश कुमार ने की स्मारक बनाने की घोषणा

राजधानी पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हाॅल में शुक्रवार को आयोजित “एक शाम शहीदों के नाम” कार्यक्रम को संबोधित करने के दरमियान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की कि बिहार पुलिस के शहीद जवानों के सम्मानार्थ उनकी याद में ‘स्मारक’ का निर्माण किया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने भारतीय सेना में कार्यरत बिहार के सैनिक जो शहीद हुए अथवा राज्य पुलिस के शहीद जवानों के परिजनों को भी सम्मानित किया।

बता दें कि मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के आयोजकों को धन्यवाद देते हुए यही कहा कि शहीदों का परिवार हम सब का परिवार है। सीएम ने उन्हें पूरा सहयोग देने का संकल्प भी लिया और दर्शकों से उन परिवार वालों को सहयोग करने हेतु आह्वान भी किया। इतना ही नहीं, आगे उन्होंने आयोजकों से यह भी कहा कि इन शहीदी परिवारों को जब भी कोई जरूरत हुई तो इसकी जानकारी उन्हें भी जरूर दें।

इस आशय की जानकारी मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मधेपुरा के प्रखर समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 6 जून 2013 को मधेपुरा आने वाले थे। 1 जून 2013 को सीएम को लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए डॉ.मधेपुरी ने कहा कि उस पत्र में अंकित था…. बीएनएमयू के नॉर्थ कैंपस का नाम शहीद चुल्हाय नगर करने…. जो नहीं हो सका। अब इस धरती के शहीद को सम्मान देने का द्वार पुनः खुलता हुआ नजर आने लगा है।

इस शहीद सम्मान कार्यक्रम में सम्मानित विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारून रशीद, उद्योग मंत्री श्याम रजक, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे आदि गणमान्य की उपस्थिति में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शहीदों के परिजनों के साथ खड़े दिखे और शहीदों के नाम ‘स्मारक’ बनाने हेतु संकल्पित भी। यह भी जानिए कि यह शहीद स्मारक पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन के परिसर में पर्याप्त जगह होने पर वही बनेगा अन्यथा अन्य किसी उपयुक्त जगह की उपलब्धता पर आरंभ होगा निर्माण कार्य।

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