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मधेपुरा में बना दुनिया का सबसे शक्तिशाली विद्युत रेल इंजन WAG- 12

मधेपुरा विद्युत रेल इंजन फैक्ट्री का फ्रांस की एल्सटाॅम कंपनी व भारतीय रेल के संयुक्त सहयोग तथा तत्कालीन डायनामिक डीएम मोहम्मद सोहेल की तत्परता के चलते ही निर्धारित समय से पहले निर्माण कार्य पूरा हो गया। वर्ष 2016 (मई) में भूमि पूजन और वर्ष 2018 (अप्रैल) में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मधेपुरा रेल फैक्ट्री को राष्ट्र के समर्पित किया।

बता दें कि मधेपुरा में बनने वाला दुनिया का सबसे शक्तिशाली विद्युत रेल इंजन WAG – 12 यानि Wide-gauge Ac-traction Goods, 12000 हॉर्स पावर का  3-फेज विद्युत रेल इंजन है। इस इंजन का वजन 180 टन है जो 600 टन लोड लेकर 120 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम स्पीड से चल सकता है, जो एक ट्वीन इंजन है। जबकि अभी तक भारतीय मालवाहक ट्रेन के इंजन का औसत स्पीड 25 किलोमीटर प्रति घंटा तक ही सीमित है।

यह भी बता दें कि संसार में इस इंजन के टक्कर का कोई दूसरा इंजन अबतक नहीं बना है। मधेपुरा में निर्मित यह इंजन 6000 टन सामान ढोने की क्षमता रखता है। यही जानिए कि 600  ट्रक जितना सामान ढोएगा उतना यह इंजन अकेले ढो देगा।

चलते-चलते यह भी बता दें कि भारत में सर्वाधिक आमदनी का जरिया मालवाहक ट्रेन ही है। भारत सरकार ने माल ढोने के लिए दो डीएफसी (डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर) बनाया है जिस पर केवल माल गाड़ियां ही चलेंगी। इसमें एक है Eastern track जो लुधियाना से दानकुनी तक है और दूसरा Western track जो मुंबई से दादरी तक है। यह इंजन 2 किलोमीटर लंबी मालगाड़ी तक को भी खींच लेगा। मधेपुरा में बनने वाले इस इंजन में टॉयलेट भी है जबकि अब तक के किसी इंजन में टॉयलेट नहीं हुआ करता। मधेपुरा के समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी शुरू से इस प्रयास में लगे रहे हैं कि यहां से बनकर निकलने वाले इंजन पर “मधेपुरा” अंकित हो जिसके लिए रेल कारखाना के मुख्य प्रशासनिक पदाधिकारी आरके गुप्ता द्वारा “मधेपुरा” लिखे जाने के बाबत अखबार के माध्यम से जानकारी भी प्रेषित की जा चुकी है।

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बेकाबू हो रहा है बिहार में करोना

बिहार में कोरोना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। बिहार में फिलहाल 75 हजार के पार हुई कोरोना संक्रमितों की संख्या जबकि सभी जिलों से सर्वाधिक मामले मिले राजधानी मुख्यालय के पटना में। बिहार में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है तभी तो विगत 24 घंटे में 4000 नए मामले सामने आए और राज्य में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या अब बढ़कर 76 हजार हो गई है।

जानिए कि पहले भी कोरोना वारियर्स कई डॉक्टरों की मौत कोरोना के कारण ही पटने में इलाज के दरमियान हो चुकी है। आज बिहार के आम लोगों में शोक और दहशत तब फैलने लगी जब कटिहार सदर अस्पताल के एकमात्र सर्जन डॉ.डीएन पोद्दार ने कोरोना से 20 दिनों तक जंग जारी रखा और अंत में मौत को गले लगा लिया।

यही कि बेहतर इलाज हेतु 22 जुलाई को डॉ.पोद्दार को कटिहार से पटना रेफर किया गया था। कोरोना से लड़ते हुए शुक्रवार की सुबह यानी 7 अगस्त को उन्होंने मौत को गले लगा दुनिया को अलविदा कह दिया।

चलते-चलते यह भी जानिए कि देश भर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 21 लाख पहुंचने वाली है- जिसमें लगभग 15 लाख लोग ठीक हो चुके हैं यानि लगभग 6 लाख सक्रिय मामले हैं। देश में अब तक लगभग 43000 लोगों की मौत भी हो चुकी है- और इस हालात में मौत से बचाने की तैयारी के बजाय सरकार चुनाव की तैयारी में लगी है।

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बाल्य काल से ही कवींद्र रवींद्र को प्रकृति से अगाध प्रेम था- डॉ.मधेपुरी

कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन के तत्वावधान में वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा महाकवि रवींद्रनाथ टैगोर की 81वीं पुण्यतिथि मनाई गई। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने की और संचालन सम्मेलन के सचिव डॉ.भूपेंद्र नारायण यादव मधेपुरी ने किया।

विषय प्रवेश करते हुए अध्यक्ष श्री शलभ ने कहा कि कवींद्र रवींद्र बांग्ला साहित्य के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक चेतना में नई जान फूंकने वाले युगदृष्टा थे। वे एकमात्र कवि थे जिनकी दो रचनाएं दो देशों भारत के लिए “जन गण मन….” और बांग्लादेश के लिए “आमार सोनार बांग्ला….” प्रसिद्धि प्राप्त कर चुकी है। साहित्य की सभी विधाओं में उन्होंने रचना की।

अपने लाइव प्रसारण में बोलते हुए सम्मेलन के संरक्षक, मंडल विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति व पूर्व सांसद डॉ.आरके यादव रवि ने कहा कि टैगोर और गांधी के बीच राष्ट्रीयता और मानवता को लेकर हमेशा वैचारिक मतभेद रहा। जहां महात्मा गांधी पहले पायदान पर राष्ट्रवाद को रखते थे वहीं टैगोर मानवता को राष्ट्रवाद से अधिक महत्व देते थे। डॉ.रवि ने यह भी कहा कि कवींद्र रवींद्र मानवीय चेतना के सशक्त स्वर थे, हैं और रहेंगे भी।

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri paying homage to Ravindra Nath Tagor on 81st punyatithi at Vrindavan Madhepura.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri paying homage to Ravindra Nath Tagore on 81st Punyatithi at Vrindavan Madhepura.

संस्था के सचिव व समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कहा कि टैगोर कवि, कहानीकार, गीतकार, संगीतकार ही नहीं बल्कि उच्च कोटि के नाटककार, निबंधकार और चित्रकार भी थे। उन्हें बाल्यकाल से ही प्रकृति से अगाध प्रेम था। असाधारण सृजनशील रवींद्र नाथ को गीतांजलि के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। डॉ.मधेपुरी ने बच्चों के साथ अपने निवास (वृंदावन) पर टैगोर के तैल चित्र पर श्रद्धा पूर्वक पुष्पांजलि करते हुए यही कहा कि रवींद्र संगीत युग-युग तक बांग्ला साहित्य में सदैव ऊर्जा का संचार करता रहेगा।

प्रो.मणि भूषण वर्मा ने कहा कि उनके गीतों में आध्यात्मवाद के विभिन्न रूपों को बखूबी उकेरा गया है जिसे पढ़ने से उपनिषद की भावनाएं  परिलक्षित होती है। इस लाइव प्रसारण में डॉ.अरविंद श्रीवास्तव ने सम्मिलित हुए सभी साहित्यकारों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

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कोविड-19 से 7 लाख से अधिक लोगों की मौत अब तक हो चुकी है

विश्व स्तर पर कोविड-19 से अब तक 1 करोड़ 80 लाख लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं और 7 लाख से अधिक लोगों ने मौत को गले लगाया है।

भारत में प्रतिदिन कोरोना संक्रमण के 50 हजार से ज्यादे मामले आ रहे हैं। देश में अब तक लगभग 13 लाख  लोग कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। कल तक कोरोना वायरस के कुल पुस्ट मामले 19 लाख के आंकड़े पार कर चुके हैं तथा 40 हजार से अधिक लोग मौत के आगोश में सदा के लिए सो चुके हैं। गत 30 जुलाई से यह लगातार सातवां दिन है जब कोरोना संक्रमण के मामले प्रतिदिन 50,000 से ज्यादे आ रहे हैं।

बता दें कि बिहार में कोरोना मरीजों की कुल संख्या 68 हजार पार कर गई है। बिहार में गत 24 घंटों में कोरोना के कुल 3416 नए मरीज मिले हैं। कोरोना पॉजिटिव की सर्वाधिक संख्या जहां पटना में 603 है वहीं कटिहार में 234, पूर्वी चंपारण में 190, वैशाली में 163, समस्तीपुर में 139, मुजफ्फरपुर में 118, रोहतास में 106, नालंदा में 102, सहरसा में 101 और मधेपुरा में मात्र 44 मिले हैं। चारो और दहशत का माहौल है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि कोरोना संक्रमण ने देश की अर्थव्यवस्था को तो चौपट कर ही दिया है, ऊपर से पाकिस्तानी टीडी दल फसल को बर्बाद करके किसानों को भी बेदम कर दिया और बचा-खुचा जो था उसे आधे से अधिक भारत में बाढ़ आ कर बहा ले गई। संकट की ऐसी घड़ी में श्री राम भी अपने लिए घर नहीं बनाते, बल्कि अपनी सुविधाओं में कटौती कर प्रजा के हितार्थ अस्पताल, बांध, बैरेज आदि बनाने में लग जाते।

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अयोध्या में राम मंदिर निर्माण हेतु प्रधानमंत्री द्वारा भूमि पूजन

अयोध्या के राम मंदिर-बाबरी मस्जिद के बंद ताले को देश के युवा प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने ही सर्वप्रथम खोला था। नरेंद्र मोदी तो नौवाँ प्रधानमंत्री हुए जिन्होंने कानून के जरिए शांतिपूर्ण तरीके से श्री राम मंदिर निर्माण हेतु आज 5 अगस्त को अयोध्या में भूमि पूजन कर क्रांतिकारी इतिहास रच दिया है। इस बीच में अटल बिहारी बाजपेयी जैसे सर्वमान्य, जनप्रिय व संकल्प के धनी प्रधानमंत्री के कार्यकाल में उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के सोमनाथ से अयोध्या तक की राम-रथ-यात्रा संपूर्ण भारत को किस कदर आंदोलित किया था उसे बच्चा-बच्चा जानता है।

कोरोना के कहर से आज संपूर्ण संसार में कोहराम मचा हुआ है और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण हेतु भूमि पूजन को प्रधानमंत्री मोदी ने अपने लिए सौभाग्य की बात कहते हुए यही कहा- “सदियों का इंतजार खत्म हुआ। पूरा देश रोमांचित है। आज पूरा भारत भावुक है। आज सियाराम की गूंज पूरेे विश्व में है। टेन्ट के नीचे रहे  सियाराम अब भव्य मंदिर में रहेंगे। राम भारत की मर्यादा है। राम सबके हैं, राम सब में है। यह मंदिर राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा। राम का काम करने पर चैन मिलता है।”

जहां राहुल गांधी ने ट्वीट में लिखा है- मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम सर्वोत्तम मानवीय गुणों का स्वरुप है। राम प्रेम है, वे कभी घृणा में प्रकट नहीं हो सकते। राम करूणा है, वे कभी क्रूरता में प्रकट नहीं हो सकते और राम न्याय है, वे कभी अन्याय में प्रकट नहीं हो सकते- वहीं प्रियंका गांधी ने कहा कि ये भूमि पूजन व राम मंदिर निर्माण आदि सांस्कृतिक समागम, राष्ट्रीय एकता एवं विश्व बंधुत्व का कार्यक्रम बनना चाहिए।

भाकपा माले ने आज के दिन को काला दिवस करार दिया परंतु देश के लोग जो अयोध्या नहीं पहुंचे वे क्या कहते हैं ?

उनका कहना है कि जिन भाजपा वालों ने पुरुषोत्तम भगवान राम को टेंट से भव्य मंदिर में लाने की बात कही, आजादी के संघर्ष से इसकी तुलना की और यह भी कि राम का काम करने पर ही चैन मिलता है। जिन कांग्रेसियों ने भगवान राम के प्रेम, करुणा और न्याय की बात की और जिन कम्युनिस्टों ने आज के दिन को काला दिवस कहा-  क्या वे यही न्याय करते रहेंगे कि 35 वर्षों तक सर्विस करने वालों को पेंशन नहीं और दो दिन भी सेवक या प्रधान सेवक  के रूप में विधायक-सांसद रहने पर उनके परिजन सदा पेंशन के हकदार बने रहेंगे। वे अपने से अपना वेतन (चाहे कम्युनिस्ट ही क्यों ना हो) जब चाहें जितना चाहें बढ़ाते रहेंगे और सर्विस करने वाले राष्ट्र निर्माता नियमित या नियोजित शिक्षकों को समान काम के लिए समान वेतन और समान सुविधाओं से वंचित रखेंगे। राजा राम की तरह खुद के लिए शासक कुछ ना सोचें जो कुछ करें वह देश की जनता के लिए  न्यायपूर्वक  करें।

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UPSC- 2019 के फाइनल का टॉपर है प्रदीप सिंह

भारत का सर्वाधिक प्रतिष्ठित जॉब माना जाता है आईएएस व आईपीएस आदि। इसे पाने के लिए किसी भी विषय में ग्रेजुएशन करके यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) की प्रतियोगिता परीक्षा में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालों को चयनित किया जाता है।

बता दें कि इस बार UPSC-2019 सिविल सेवा का फाइनल रिजल्ट आज घोषित कर दिया गया है जिसमें कुल 829 प्रतियोगियों को चयनित किया गया है। इनमें जनरल केटेगरी के 304, ओबीसी के 251, एससी कोटा के 129, ST के 61 तथा EWS के 78 प्रतियोगी चयनित किए गए हैं। यह भी जानिए कि सिविल सर्विस UPSC-2019 की लिखित मुख्य परीक्षा सितंबर 2019 में हुई जिसमें कुल 2304 उम्मीदवार सफल हुए जिनके लिए फरवरी में एवं कोरोना के कारण शेष अगस्त (2020) में हुए इंटरव्यू के आधार पर 829 प्रतियोगियों को विभिन्न कोटियों से लिए गए।

इस UPSC-2019 परीक्षा के टाॅॅॅपर हरियाणा के प्रदीप सिंह सहित सफल टॉप 10 की सूची इस प्रकार है- (1.) प्रदीप सिंह (2.)जतिन किशोर (3.) प्रतिभा वर्मा (4.)हिमांशु जैन (5.)जयदेव सीएस (6.)विशाखा यादव (7.)गणेश कुमार भास्कर (8.)अभिषेक सर्राफ (9.) रवि जैन और (10.)संजीता महापात्रा ।

चलते-चलते यह भी बता दे कि रिजल्ट में किसी तरह की समस्या को लेकर प्रतियोगी अपना आवेदन 15 दिनों के अंदर ही दे सकते हैं। यदि इससे जुड़ा कोई प्रश्न पूछना हो तो वे UPSC कैंपस में जाकर किसी भी वर्किंग डेज को सुबह 10:00 से शाम 5:00 बजे तक जानकारी हासिल कर सकते हैं अन्यथा समयानुसार 011-2338 5271 नंबर पर फोन करके भी जानकारी हासिल की जा सकती है।

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दिल्ली-मुंबई आदि की अपेक्षा बिहार में कोरोना की स्थिति विस्फोटक

6वीं लॉकडाउन के दौरान भी बिहार में प्रतिदिन कोरोना के कहर के कारण हालात विस्फोटक होते जा रहे हैं। मंत्री, विधायक, सांसद से लेकर जिले के आलाधिकारियों के साथ-साथ बड़े-बड़े डॉक्टरों को भी कोरोना अपनी चपेट में लेते जा रहा है।

बता दें कि बिहार के एक और दिग्गज राजनीतिज्ञ कामरेड सत्यनारायण, जो विधायक भी रहे और सीपीआई के स्टेट सेक्रेटरी भी, की पटना एम्स में कोरोना-इलाज के दौरान रविवार की देर रात मृत्यु हो गई। लोग बोलते हैं कि उनके निधन से कम्युनिस्ट आंदोलन का एक युग धराशाई हो गया।

यह भी जानिए कि बिहार ही नहीं बल्कि संपूर्ण भारत में कोविड-19 का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। कोरोना का आतंक इस कदर बढ़ रहा है कि लोगों को घर में बंद होकर रहने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

जहां भारत में पिछले चौबीस घंटों में 55 हजार की संख्या पार किया कोरोना संक्रमितों ने वहीं बिहार की राजधानी पटना में ही ठीक उतने ही समय में कोरोना पॉजिटिवों की संख्या 500 के पार हो गई।

अब तक भारत में जहां कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 18 लाख और मरने वालों की कुल संख्या 38 हजार पार कर गई है वहीं बिहार में संक्रमितों का आंकड़ा 58 हजार के करीब हो गया है और मृतकों की संख्या 300 के पार। कोरोना के बाबत आज भारत के लिए लगातार पांचवां दिन है जब देश में संक्रमितों की संख्या प्रतिदिन 50 हजार से अधिक हो रही है।

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फ्रेंडशिप डे हर साल अगस्त के पहले रविवार को मनाता है भारत

दुनिया में जो कोई आपके अत्यंत करीबी हों जिसके लिए आप दिल की कलम में भरोसे की इंक डालकर उसकी समस्त यादों के बीते हुए लम्हों को बेहिचक बयां करने वाला “सब्जेक्ट” तैयार कर लेते हैं- लोग उसे ही दोस्त कहते हैं, यानि ‘दोस्त’ का मतलब ‘दो का अस्त हो जाना’। जब ऐसा हो जाए तो दुनिया उसे ही दोस्ती कहने लगती है।

बता दें कि हर किसी को माता-पिता के बाद यदि कोई अपना लगता है तो वह है दोस्त। वास्तव में दोस्ती दुनिया का सबसे खूबसूरत एहसास है और है संसार का सबसे बेहतरीन तोहफा ‘दोस्त’- जो हमारे दुख-दर्द का साथी होता है तथा जिंदगी को खुशनुमा बनाए रखता है।

वैसी ही दोस्ती को यादगार बनाने के लिए प्रत्येक वर्ष 30 जुलाई को दुनिया में इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है। हालांकि दुनिया के कई देश तो U.N.O. द्वारा निर्धारित इस तारीख से पहले या फिर बाद में भी मनाते हैं।

बता दें कि भारत इसे “फ्रेंडशिप डे” कह कर प्रतिवर्ष अगस्त महीना के पहले रविवार को यानि आज (2 अगस्त) के दिन ही मनाता है जबकि ओहियो में यह फ्रेंडशिप डे 9 अप्रैल को मनाया जाता है। इस दिन को दोस्तों के बीच उपहारों के आदान-प्रदान के साथ पर्यटन पर जाने की योजना के साथ मनाया जाता है। भारत में तो दोस्त एक-दूसरे को फूल देकर इस फ्रेंडशिप डे को मनाते हैं।

जानिए कि टीएनबी कॉलेज में पढ़ते हुए दो दोस्त डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी एवं डॉ.सर्वदानंद सिंह एसे ही दोस्त बने कि 66 वर्ष की उम्र में जब एक के हार्ट का बाईपास सर्जरी हुआ तो कुछ ही दिनों केे बाद दूसरे का भी बायपास सर्जरी हो गया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ही आज दोनों ने फ्रेंडशिप डे मनाते हुए यह चर्चा की- हर किसी को उसकी औलाद पूछती है वसीयत, लोग पूछते हैं हैसियत और मित्र ही है जो बाजार में या फोन पर मिले तो सबसे पहले यही पूछता है- बताओ अपनी ख़ैरियत ! बीबी-बच्चों की ख़ैरियत !!

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बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या 50 हजार के पार

अगस्त का महीना क्रांति का महीना सदा से रहा है। आज 2020 के अगस्त महीने की 1 तारीख है और कोरोना का कहर ऐसा कि संक्रमितों का आंकड़ा 50 हजार के पार हो गया है। बिहार में अब कोरोना से हालात विस्फोटक होते जा रहे हैं।

बता दें कि विगत 24 घंटे में 500 के पार कोरोना संक्रमित केवल पटना में मिले हैं। इसके साथ सूबे में संक्रमितों के मामले हो गए 3000 के पार जबकि मृतकों की संख्या बढ़कर हो गई 300 के पार।

बकौल स्वास्थ्य विभाग पटना सहित इन जिलों (गया-126,  मधुबनी-122, मुजफ्फरपुर-125, नालंदा-146, रोहतास-156 तथा वैशाली-123) में 100 के पार कोरोना संक्रमित नए मरीज मिले हैं। कई जिले तो अर्धशतक बनाकर बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या 51 हजार तक पहुंचा दी है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि पिछले 24 घंटे में 2000 कोरोना संक्रमित इलाज के बाद स्वस्थ हुए हैं। इस दरमियान कोरोना ग्रसित मरीजों के कुल 22 हजार के पार सैंपल की जांच की गई है जो एक रिकॉर्ड है। कोसी क्षेत्र के तीनों जिले भी और अर्धशतक और शतक बनाने में लगे हैं जहां मधेपुरा में 45, सहरसा में 54 और सुपौल में 80 नए  संक्रमितों की पहचान की गई है।

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कोरोना संकट मोचन के रूप में प्रत्यय अमृत (भाप्रसे) तीसरे स्वास्थ्य सचिव बने

भारत में कोरोना के कहर की परेशानियों से परेशान हैं लोग। कोरोना संक्रमण के मामले 15 लाख के पार जा चुके हैं। देश से लेकर प्रदेश में भी कोरोना संक्रमण के मामलों में दिनों-दिन तेजी होती जा रही है।

आज बिहार को एक साथ बाढ़ और कोरोना से संघर्ष करना पड़ रहा है। दोनों के लिए तैयारी करने में जुट गए हैं सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। सिंचाई एवं आपदा विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को भी चौबीसों घंटे अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है।

कोरोना के  दिशाहीन विस्फोट से निपटने के लिए नीतीश सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ऊर्जा विभाग को ऊंचाई प्रदान करने वाले प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत को स्वास्थ्य विभाग में प्रधान सचिव की जिम्मेदारी सौंपी है और मौजूदा प्रधान सचिव उदय सिंह कुमावत को योजना पार्षद के परामर्शदातृ समिति में पदस्थापित किया गया है। कोरोना संकट के बीच प्रत्यय अमृत तीसरे सीनियर आईएएस अधिकारी होंगे जिन्हें यह जिम्मेदारी संभालने हेतु विश्वास के साथ लाया गया है।

चलते-चलते यह भी जान लें कि बिहार मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने पत्र लिखकर सुबह के सीएम को कहा था की कुछ प्रशासनिक पदाधिकारियों का व्यवहार कोरोना काल में डॉक्टरों के प्रति उदासीन है जिसके तहत स्वास्थ्य सचिव के साथ अन्य अधिकारियों का भी स्थान परिवर्तन किया गया।

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