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महाराष्ट्र सरकार की नज़र में मदरसा स्कूल नहीं

महाराष्ट्र की भाजपा-शिवसेना सरकार ने एक विवादास्पद फैसला लेते हुए गुरुवार को मदरसों को स्कूल की श्रेणी में रखने से इन्कार कर दिया। राज्य के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री एकनाथ खडसे का तर्क है कि मदरसों में धार्मिक शिक्षा दी जाती है। यहाँ बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से वंचित रखा जाता है।

महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि अंग्रेजी, गणित और विज्ञान जैसे प्राथमिक शैक्षणिक विषय नहीं पढ़ानेवाले मदरसों को औपचारिक स्कूल नहीं माना जाएगा और इसमें पढ़नेवाले बच्चों को स्कूली शिक्षा के दायरे से बाहर माना जाएगा। सरकार 4 जुलाई से राज्य में सर्वे के जरिये ‘आउट ऑफ स्कूल’ बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ेगी। सरकार के अनुसार, मदरसे औपचारिक शिक्षा नहीं देते जबकि संविधान के अनुसार सभी बच्चों को औपचारिक शिक्षा का अधिकार है। दूसरी ओर पूर्व अल्पसंख्यक मंत्री नसीम खान कहना है कि राज्य सरकार ने अपने मंत्रियों विनोद तावड़े और पंकजा मुंडे के कथित घोटालों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए भावना भड़काने वाला यह फैसला लिया है।

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शरद यादव को जल्दी ही मिलेगी एम्स से छुट्टी

जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव अब खतरे से बाहर हैं और उनकी हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। शरद यादव एम्स में भरती हैं जहाँ उनके फेफड़ों में संक्रमण का इलाज चल रहा है। सीने में दर्द और अन्य परेशानियों की शिकायत करने के बाद उन्हें गत 22 जून को एम्स में भरती कराया गया था। उनके करीबी सूत्रों के अनुसार जल्दी ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलने की संभावना है। ‘मधेपुरा अबतक’ उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता है।

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जी, नमस्कार ! मैं नीतीश कुमार, क्या आप मेरे कामकाज से संतुष्ट हैं ?

बिहार में होने वाले विधान सभा चुनाव को देखते हुए जदयू ने गुरुवार को पूरे बिहार में जनता के दरवाजे ‘दस्तक’ देना शुरू कर दिया। जदयू के “हर घर दस्तक – घर घर दस्तक” कार्यक्रम के पहले दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद पटना सिटी जाकर 20 घरों में दस्तक दी। नीतीश ने अपने काम के आधार पर मतदाताओं से एक बार फिर मौका देने की अपील की। उन्होंने लोगों से अपनी सरकार के कामकाज के बारे में फीडबैक लिया और कामकाज को और बेहतर बनाने के सुझाव भी मांगे। उन्होंने सरकार की उपलब्धियां बताते हुए लोगों से कहा कि यदि वे संतुष्ट हैं तो उनको एक बार फिर मौका दे। मुख्यमंत्री पटना सिटी इलाके में लगभग ढाई घंटे रहे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहले उन्हें 10 घरों में ही दस्तक देना था लेकिन इस कार्यक्रम में लोगों का उत्साह देख उन्होंने 10 की जगह 20 घरों में दस्तक दी।

इससे पूर्व जदयू कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह की मौजूदगी में प्रशांत किशोर की टीम ने ‘दस्तक’ नाम से इस जनसम्पर्क अभियान को लॉन्च किया। जदयू की इस महासम्पर्क योजना की शुरुआत 10 हजार जगहों से हुई। एक महीने तक तीन चरणों में चलने वाले इस अनोखे प्रचार अभियान में पहले चरण के 10 दिनों में जदयू ने एक करोड़ घरों में दस्तक देने की योजना बनाई है। इस दौरान करीब तीन करोड़ मतदाताओं तक पहुँचा जा सकेगा।

मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के अलावा मंत्री, विधायक, विधान पार्षद और पार्टी के वर्तमान व पूर्व सांसदों ने भी 10-10 घरों में दस्तक देकर आमलोगों से फीडबैक लिया और उनके दुख-दर्द को सुना। लोगों को चुनाव के लिए खास तौर पर तैयार किए गए गीत “बिहार में बहार हो, नीतीश कुमार हो” की ऑडियो सीडी भी दी गई। इस सीडी को इसी दिन लॉन्च किया गया।

इस पूरे अभियान के दौरान जदयू के कार्यकर्ता 10-10 घर जाकर लोगों से मुलाकात करेंगे, उनके घर पर “आगे बढ़ता रहे बिहार, फिर एक बार नीतीश कुमार” लिखा स्टिकर चिपकाएंगे और फिर घरवाले की तस्वीर लेंगे। जदयू ने लोगों में राजनीतिक भावना जगाने व उन्हें जागरुक रखने के लिए रिंगटोन भी बनाया है। कहना ना होगा कि जदयू ने पूरी तैयारी के साथ चुनावी बिगुल फूंका है।

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राजकुमार अल वलीद बिन तलाल बना सदी का सबसे बड़ा दानी !

सऊदी अरब के राजकुमार अल वलीद बिन तलाल ने अपनी लगभग 2,00,000 करोड़ रूपये से ज्यादा की संपत्ति दान करने की घोषणा की है | बताया जाता है की साठ साल के राजकुमार अल वलीदबिन तलाल दुनिया के 34वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं |राजकुमार अल वलीद बिन तलाल नेएक बयान में कहा है कि परोपकार एक व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी है, जिसे उन्होंने तीन दशक पहले शुरू किया था |

राजकुमार अल वलीद के इस क़दम की सराहना करते हुए बिल गेट्स ने कहा कि यह दुनिया भर में परोपकार के काम में लगे लोगों को प्रेरणा देगा | राजकुमार अल वलीद ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि उनके इस क़दम से सांस्कृतिक समझ बढ़ाने, समुदायों के विकास, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के विकास, प्राकृतिक आपदा के समय तेज़ी से मदद पहुँचाने और दुनिया को और अधिक उदार बनाने में मदद मिलेगी.

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हेमा मालिनी सड़क दुर्घटना में हुईं घायल

अब से कुछ ही देर पहले हेमा मालिनी की मर्सिडीस दौसा (राजस्थान)के निकट एक आल्टो कार से टकरा गयी | ये हादसा तब हुआ जब हेमा जी आगरा से जयपुर जा रहीं थी | घटनास्थल पर एक बच्चे की मौत हो गयी और आल्टो में सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं | अभिनेत्री हेमा मालिनी को जयपुर के फोर्टिस हस्पताल में भर्ती किया गया है जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है |

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शुरू हुआ ‘डिजिटल इंडिया वीक’

बुधवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया वीक की भव्य शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश में बदलाव होकर रहेगा और इस बदलाव को समझने की जरूरत है। जो इस बदलाव को नहीं समझेगा वो दूर खड़ा दिखाई देगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब ई गवर्नेंस एम गवर्नेंस में बदल रहा है। एम गवर्नेंस का मतलब मोदी सरकार नहीं है बल्कि मोबाइल सरकार है। अपने 27 मिनट के प्रभावशाली भाषण में उन्होंने कई उदाहरणों के साथ बताया कि किस प्रकार यह हमारे लिए जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र की सत्ता संभालते ही कहा था कि डिजिटल तकनीक की मदद से न सिर्फ शासन को आसान बनाएंगे बल्कि इसके जरिए देर के हर इंसान की जिंदगी भी बेहतर बनाएंगे।

डिजिटल इंडिया देश भर में इलेक्ट्रॉनिक गवर्नेंस और यूनिवर्सल फोन कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए एक बड़े पैमाने पर तकनीक विस्तार देने का काम करेगा। इसका एक उद्देश्य ऐसी प्रौद्योगिकी का निर्माण करना होगा, जो देश के डिजिटल डिवाइड की खाई को पाट सके। दूरसंचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था और मोबाइल की गिरती हुईं कीमतों ने भारत को स्मार्टफोन का विश्व में एक बहुत बड़ा बाजार बना दिया है। अब प्रधानमंत्री चाहते है कि तकनीक के माध्यम से इस बाजार का उपयोग शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी किया जाए। श्री प्रसाद ने डिजिटल इंडिया वीक के दौरान अधिक से अधिक निवेश प्राप्त करने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इसके बाद हमारा ध्यान इस क्षेत्र में रोजगार प्रदान करने पर होगा। इसका उद्देश्य 2020 तक भारत को टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का है। इसके साथ ही वह 100 मिलियन रोजगार भी उत्पन्न किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मेक इन इंडिया के बिना डिजिटल इंडिया का सपना पूरा नहीं हो सकता।

डिजिटल इंडिया में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 2.5 लाख करोड़ का निवेश करने की घोषणा की। डिजिटल इंडिया को लेकर केन्द्र सरकार की तत्परता पर उनकी यह टिप्पणी महत्वपूर्ण थी कि वैसे इंडस्ट्रीज सरकार से ज्यादा तेजी से चलती हैं लेकिन यहां सरकार ज्यादा तेज चल रही है। कुमारमंगलम बिड़ला ने बताया कि उनकी कंपनी 44500 करोड़ रुपए आने वाले 5 वर्षों में निवेश करने वाली है। वहीं सायरस मिस्त्री ने इस मौके पर कहा कि टाटा ग्रुप ने इस साल 60000 आईटी प्रोफेशनल को नियुक्त किया है।

बताते चलें कि केन्द्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में कई राज्यों ने खासी दिलचस्पी दिखाई है। 10 राज्यों ने तो गांवों में हाईस्पीड ब्रॉडबैंड पहुँचाने के लिए लॉन्च की गई भारत नेट योजना का क्रियान्वयन तेज करने के लिए केन्द्र के भरोसे बैठने की जगह खुद इसे चलाने का फैसला किया है। इन राज्यों में तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात एवं महाराष्ट्र शामिल हैं।

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जिला कल्याण पदाधिकारी द्वारा महादलित विकास योजना प्रशिक्षण केन्द्र का उद्घाटन !

मधेपुरा के राज इन्फोटेक कंप्यूटर सेंटर में चाणक्या फाउंडेशन द्वारा बिहार महादलित विकास योजना के तहत लैब टेक्नीशियन ट्रेड के प्रशिक्षण केन्द्र का उद्घाटन जिला कल्याण पदाधिकारी मधेपुरा द्वारा किया गया | कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से महादलितों को काफी लाभ मिलेगा | इस प्रशिक्षण के जरिये छात्र अपने भविष्य को सवांर सकते हैं | बाद में चाणक्या फाउंडेशन के संचालक श्री कान्त ने कहा कि छात्रों को उत्क्रिस्ट प्रशिक्षण देना ही हमारा लक्ष्य है | निदेशक आर.के.राज ने छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना की |

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कार्यक्रम में मेघा राज , गुंजन कुमार, रोहित , असलम, भरत राम, प्रवीण, सपना कुमारी, अंकित, दीपक, सहित दर्जनों छात्र-छात्राओं मुख्य रूप से उपस्थित थे |

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निदेशक की निर्मम हत्या से मानवता हुई शर्मसार !

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह क्षेत्र नालंदा में डी.पी.एस. के निदेशक डी.पी.सिन्हा की निर्मम हत्या … सम्पूर्ण बिहार के लॉ एंड आर्डर की पोल खोलने लगी है | गिरती हुई विधि व्यवस्था का विरोध करते हुए मधेपुरा जिला प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन के संवेदनशील अद्यक्ष श्री किशोर कुमार ने भूपेन्द्र चौक से बी.पी.मंडल चौक तक कैंडल मार्च निकला |

मधेपुरा जिला प्राइवेट स्कूल संघ के संयोजक चिरामणि यादव एवं संघटन मंत्री अरविंद सिंह ने इस घटना की घोर निंदा की तथा सीबीआई से जांच कराने की मांग की | सबों को जानकारी होगी की इस संघ के अद्यक्ष श्री किशोर कुमार , जो स्थानीय दार्जीलिंग पब्लिक स्कूल , डॉ मधेपुरी मार्ग , वार्ड न.1 , के निदेशक हैं , ने कहा कि इस तरह की घटना से समाज तो कलंकित होता ही है , सरकार पर भी उंगलियाँ उठने लगती है |

कैंडल मार्च में निक्कुनीरज , रुपेश कुमार , विनय कुमार, अरविंद कुमार सिंह, अमरेन्द्र कुमार, श्यामल कुमार सुमित्र, मो.फौजी आदि निदेशकगण एवं ढेर सारे शिक्षकों ने भाग लिया |

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असली प्रमाण-पत्र 15 दिनों में

भूपेन्द्र ना. मंडल वि.वि. मधेपुरा के कुलपति डॉ. विनोद कुमार ने आर.टी.पी.एस. केन्द्र का उद्घाटन वि.वि. परिसर में किया जिस कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. कुमारेश सिंह , परीक्षा नियंत्रक नवीन कुमार, स्टेट ऑफिसर डॉ. शैलेन्द्र कुमार , प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार, नोडल ऑफिसर डॉ. अशोक , डॉ. अभय कुमार सहित वि.वि. के पदाधिकारी –कर्मचारीगण उपस्थित रहे |

अब छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को अंक-पत्रों एवं विभिन्न प्रकार के प्रमाण-पत्रों के लिए महीनों चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और न आने-जाने की परेशानियों को झेलनी पड़ेगी | मात्र 15 दिनों में सभी तरह के प्रमाण-पत्र मिलने का प्रावधान किया गया है | यदि निर्धारित समय के अन्दर प्रमाण-पत्र नहीं मिले तो छात्र प्रतिकुलपति के समक्ष अपील करेंगे और वहाँ समयानुसार प्रमाण-पत्र/अंक-पत्र उपलब्ध नहीं हो पावे तो कुलपति 21दिनों के अन्दर उस समस्या का समाधान अवश्य करेंगे | इस आर.टी.पी.एस.(राइट टू पब्लिक सर्विस) केन्द्र की उपयोगिता तो आने वाला समय ही बतायेगा कि स्थिति में किस हद तक सुधार हो पाता है या फिर स्थिति पूर्व की तरह ही यथावत बनी रहती है |

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एम.डी.एम. में अब तक सांप-बिच्छू ही नहीं मिला …!!

स्कूली बच्चों को पौष्टिक आहार प्रदान करने के लिए सरकार द्वारा चलाई गयी मध्यान भोजन योजना आजकल बच्चों की जान का दुश्मन बनता जा रहा है | यह वाकया किसी क्षेत्र विशेष या किसी खास स्कूल के मध्यान भोजन की नहीं | आये दिन बच्चों की थालियों में मरे हुए कीड़े-मकोड़े या चूहे अथवा मृत चिपकल्लियाँ तक बराबर पाए जाते हैं | बच्चे वही खाना खाते हैं और बीमार पड़ते हैं | कुछ मृत्यु को गले भी लगा लेते हैं – तब शुरु होता है हंगामा, रोडजाम ! और मौका पाकर रसोइये हो जाते हैं फरार | ऐसी ही घटना कल जिला मुख्यालय मधेपुरा के कन्या मध्य विद्यालय में घटी | छात्राओं की थालियों में मरे हुए कीड़े मिले और जोरदार हंगामा हुआ | रसोइये गायब हुए |

और उस घटना के बाद होता क्या है ? रसोइया बोलता है कि जैसा सामान सप्लाई होगा वैसा ही तो खाना मिलेगा | प्रधानाध्यापिका बोलती है कि कुछ छात्राओं की  माँ का इस रसोइये से मतभेद होने के कारण ही हंगामा करा दिया गया है | पूछताछ करने पर शिक्षा विभाग के जिला शिक्षा पदाधिकारी कहते हैं कि किसी ने तो लिखित शिकायत नहीं की है जिसपर दोषी के विर्रुध जांच के निमित्त कमिटी गठित की जा सके |

बच्चे तो देश का भविष्य हैं | फिर ऐसा क्यों नहीं होता की महामहिम राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री की तरह स्कूली बच्चों के मध्याह्न भोजन को भी या तो स्थानीय सरकारी डॉक्टर जाँच करे या फिर रसोइया , अध्यापक-प्रधानाध्यापक और शिक्षा विभाग के एक पदाधिकारी प्रतिदिन देश के भविष्य के निर्माता इन बच्चों के साथ बैठ कर भोजन करें – तो कदाचित् वर्तमान स्थिति में कुछ सुधार हो जा सकती है |

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