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डी.एम. मो. सोहैल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर किया एक दिवसीय चिन्तन शिविर का आयोजन

Madhepura  जिले के डायनेमिक जिला पदाधिकारी जनाव मो.सोहैल साहब के निदेशानुसार गुणवत्तापूर्ण प्रारम्भिक शिक्षा हेतु रविवार को बी.एन.मंडल स्टेडियम में जिले के तेरहो प्रखंड के सभी प्राथमिक, मध्य एवं नवसृजित स्कूलों के एच.एम. की बैठक आयोजित की गयी | इस एक दिवसीय चिंतन शिविर का मुख्यअतिथि कहिए, उद्घाटनकर्ता या सर्वेसर्वा सब कुछ डी.एम. मो.सोहैल थे और शिक्षा विभाग से जुड़े सारे पदाधिकारीगण |

इस चिन्तन शिविर में केवल एक ही शिक्षाविद् व जनसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी को मुख्यवक्ता के रूप में आमन्त्रित किया गया था जिन्होंने अपने लम्बे तकरीर में भारतरत्न डॉ.ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को जीवन्त कर दिया और प्रधानाध्यापकों को जगा-जगा कर खूब तालियाँ बटोरी |

शिविर में डी.एम. मो. सोहैल ने प्रारम्भिक शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने एवं विद्यालयों में शैक्षणिक वातावरण पुनर्स्थापित करने को लेकर एक दर्जन ठोस निर्देश देते हुए यह भी चेतावनी दी कि या तो शिक्षक निर्देशों का अक्षरश: पालन करें व अपनी कार्यशैली में सुधार लायें या फिर कठोर कारवाई के लिए मानसिक रूप से अपने को तैयार करने में लग जायें |

Interaction between DM and HM regarding the problems of the Schools .
Interaction between DM and HM regarding the problems of the Schools .

डी.एम. ने तन्मयतापूर्वक शिक्षकों की समस्याओं से रु-ब-रु होते हुए एक-एक का समाधान दिया और यह भी कहा कि समस्याएं कहाँ नहीं हैं | उन्हीं समस्याओं के बीच से ठोस रास्ता निकालना ही तो आपकी शैक्षणिक योग्यता की पहचान कराती है | उन्होंने खेद प्रकट करते हुए कहा कि हजार से अधिक शिक्षकों के पास स्कूल भवन निर्माण की राशि है किन्तु निर्माण कार्य अब तक अधुरा है | कई स्कूलों में घंटियाँ नहीं बजती | दस फीसदी एच.एम. को छोड़ शेष क्लास लेते ही नहीं |

डी.एम. मो. सोहैल ने शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि आप शिक्षक की गरीमा को वापस लायें | उन्होंने डॉ.मधेपुरी का नाम लेते हुए शिक्षकों को डॉ.कलाम एवं डॉ.मधेपुरी के बीच घटित संस्मरण की ओर इशारा करते हुए कहा कि शिक्षक का संसार में कितना सम्मान है- उसे सच्चा शिक्षक बनने के बाद ही आप महसूसेंगे |

DM Md.Sohail, Dr.Madhepuri and others standing in a Shapathgrahan Ceremony .
DM Md.Sohail, Dr.Madhepuri and others standing in a Shapathgrahan Ceremony .

भला क्यों नहीं, जब डॉ.मधेपुरी ने तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम से पहली बार पटना हवाई अड्डे पर (9 बजे रात, 30 दिसम्बर-2005) अपने मिलने की चर्चा की और यह कहा कि मेरे नाम के किनारे ‘शिक्षक’ लिखा देखते ही डॉ.कलाम खड़े होकर मेरा अभिवादन किये और लम्बे समय तक बैठे नहीं…… बल्कि यही बोले कि शिक्षक राष्ट्रनिर्माता होता है और उन्हें सम्मान दे रहा हूँ | यह सुनकर न जाने कितने प्रध्यानाध्यापकों की आँखें नम हो गई |

आरम्भ में शिविर का श्री गणेश करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी बद्री नारायण मंडल द्वारा एक-एक बुके देकर मुख्यअतिथि मो.सोहैल एवं मुख्यवक्ता डॉ.मधेपुरी का स्वागत किया गया | मंच संचालन जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं स्काउट गाइड के आयुक्त जयकृष्ण यादव ने संयुक्त रूप से किया | शिविर की सफलता के लिए शिक्षा विभाग के पदाधिकारीगण- सुरेन्द्र प्रसाद, शिवशंकर राय, चंद्र्शेखर राय, हरि झा, आदित्य प्रकाश एवं डॉ.यदुवंश सहित प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष वीरेन्द्र प्रसाद यादव आदि को सदैव मुस्तैद देखा गया |

All the Primary and Middle Schools HM attending Shapathgrahan Samaroh .
All the Primary and Middle Schools HM attending Shapathgrahan Samaroh .

अन्त में डी.एम. मो. सोहैल ने सभी प्रधानाध्यापकों को अपने शैक्षिक क्रियाकलापों के उन्नयन के बाबत शपथ दिलाई |

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चारो पहर हवा में घुल रहा जहर

भाई साब ! ठहरिये !! आप ही से कुछ कहना चाहता हूँ| आपने कभी यह जानने की कोशिश की है कि अपने बिहार राज्य की राजधानी ‘पटना’ तो वायु प्रदूषण के मामले में देश की राजधानी ‘नई दिल्ली’ के बाद दूसरे नंबर पर आ गया है ! अब तो पटनावासियों के साथ-साथ पटना आने-जाने वालों को भी प्रदूषण कम करने के उपायों पर गंभीरतापूर्वक चिंतन-मनन शुरू कर देना होगा |

प्रदूषणों से मुक्ति के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी प्रार्थना के वक्त ही प्रदूषण की भयावह स्थितियों से अवगत कराना होगा ताकि वे घर जाकर अपने माता-पिता एवं अभिभावकों से सारी बातें बोले और समाज को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने का माहौल हर घर में बनने लगे |

समस्त शिक्षकवृन्द अपने-अपने छात्रों को वायु प्रदूषण के बारे में बतायें कि दीपावली के बाद वायु प्रदूषण का विश्लेषण किये जाने पर पता चला कि पटना में जान लेवा प्रदूषित धुल-कण 400 माइक्रोन/घन मीटर तक पहूँच गया है जबकि वह 100 माइक्रोन/घन मीटर से ऊपर होना ही प्राणघातक माना जाता है |

सरकार दीपावली के अवसर पर मात्र यही अपील करके अपनी जवाबदेही का इतिश्री कर लेती है- बच्चों को पटाखों से दूर रखें ! सरकार गाँव से लेकर जिला स्तर तक बाल संरक्षण समिति बनाने को उत्सुक है परन्तु, पटाखे निर्माता कंपनियों के लायसेंस रद्द करना नहीं चाहती – जबकि चिकित्सकों के अनुसार वायु प्रदूषण से बच्चों के फेफड़ों में तेजी से संक्रमण हो रहा है | इसके साथ ही ब्रोंकाइटिस-अस्थामा जैसी बीमारियाँ, कान व नाक में कई प्रकार की खराबियों के साथ-साथ बच्चों के सुनने की शक्ति भी कमजोर पड़ने लगी है |

सड़कों पर अहर्निश धुआं उगलते सर्वाधिक वाहनों के बीच बच्चों का प्रतिदिन स्कूल आना-जाना और वैसे वाहनों के फिटनेस चेक करने के लिए परिवहन विभाग को फुर्सत का सर्वथा अभाव होना- भला बच्चों के फेफड़ों को खोखला नहीं तो क्या करेगा ?

भाई साहब ! क्या ये सब कुछ सरकार के भरोसे छोड़ देना उचित है ? जिस तरह महिलाएँ दवाब डालकर ‘शराबबंदी’ कराई उसी तरह सचेतन मर्दों को सरकार पर दवाब डालकर ‘पटाखेबन्दी’ के लिए कोशिश करनी होगी | स्वामी रामदेव महाराज को भी राष्ट्रनिर्माण के साथ स्वास्थ्यनिर्माण के लिए चर्चा आरम्भ करनी होगी | राष्ट्रीय समस्याओं से हम तभी निजात पा सकेंगे जब सारा राष्ट्र चारो पहर सजग रहेगा, लगा रहेगा और जगा रहेगा |

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आम जनों के स्वास्थ्य के लिए मुख्यमंत्री सहित अन्य अधिकारी व जिलापदाधिकारी भी चौकस

जहां एक ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव द्वारा हाल ही में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के क्रम में सूबे के मधेपुरा , पूर्णिया, समस्तीपुर, छपरा एवं बिहटा आदि स्थानों पर पाँच नये मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा के साथ-साथ अगले सत्र से पढ़ाई आरम्भ करने की कवायद भी शुरू की गयी वहीं दूसरी ओर मधेपुरा के डायनेमिक जिलापदाधिकारी मो.सोहैल द्वारा सदर अस्पताल मधेपुरा का औचक निरीक्षण आरम्भ कर विभिन्न वार्डों का जायजा लिया गया तथा दिए गये आवश्यक निर्देशों को पालन करने के लिए हिदायत भी की गयी |

जिलापदाधिकारी मो.सोहैल ने कई ख़ास मामले को गंभीरतापूर्वक लेते हुए उपस्थित चिकित्सकों के बीच यह कहते हुए नाराजगी जताई कि आई.सी.यू. भवन निर्माण को पांच वर्ष पूरा होने के बावजूद भी उसे शुरू नहीं किया जाना – जनमानस के स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नहीं तो क्या कहेंगे इसे ?

जिलापदाधिकारी मो.सोहैल ने प्रभारी सी.एस. से कहा कि तत्काल दो बेड को ही सुसज्जित कर आक्सीजन सिलेंडर के माध्यम से ही आई.सी.यू. शुरू करें | उन्होंने यह भी निदेश दिया कि आई.सी.यू. संचालन के लिए यदि एम.डी. डिग्रीधारी प्रशिक्षित डाक्टर का होना जरूरी है तो उसकी भी व्यवस्था तुरत कर ली जाय |

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पुनः बढ़ाई गयी एल.एल.बी. व प्री लॉ परीक्षा फार्म भरने की तिथि

भूपेन्द्र ना. मंडल वि.वि. के माननीय कुलपति डॉ. विनोद कुमार के निर्देश पर परीक्षा नियंत्रक डॉ.नवीन कुमार ने मधेपुरा अबतक  को बताया कि छात्र संगठन के शिष्टमंडल द्वारा परीक्षा प्रपत्र भरने की तिथि बढ़ाने की माँग पर पुनः एल.एल.बी. व प्री लॉ परीक्षा फॉर्म भरने की पूर्व निर्धारित तिथि को बढ़ा दी गई है |

अब एल.एल.बी. व प्री लॉ के छात्र बिना विलम्ब शुल्क के 04 जनवरी 2016 तक परीक्षा प्रपत्र भर सकते हैं, वहीं विलम्ब शुल्क के साथ 11 जनवरी 2016 तक इच्छुक छात्र परीक्षा फॉर्म भर सकेंगे |

ज्ञातव्य है कि छात्रहित में अवकाश के दिनों में भी फॉर्म जमा करने की सुविधा प्रदान की गयी है |

 

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बी.एन.एम.यू. के स्नातक तीनों पार्ट के फार्म भरने की तिथि घोषित

परीक्षा नियंत्रक डॉ.नवीन कुमार ने मधेपुरा अबतक  को बताया कि डिग्री पार्ट वन-2015 का परीक्षा-फार्म बिना विलम्ब शुल्क के 8 जनवरी 2016 तक भरा जाएगा तथा विलम्ब शुल्क के साथ 15 जनवरी 2016 तक |

डिग्री पार्ट टू का परीक्षा-फार्म बिना विलम्ब शुल्क के 4 फरवरी 2016 से 16 फरवरी 2016 तक तथा विलम्ब शुल्क के साथ 17 फरवरी 2016 से 23 फरवरी 2016 तक फार्म भरने की तिथि रखी गई है |

डिग्री पार्ट थर्ड का परीक्षा फार्म 18 जनवरी 2016 से 28 जनवरी 2016 तक तथा विलम्ब शुल्क के साथ 29 जनवरी 2016 से 3 फरवरी 2016 तक भरा जाएगा |

इसके साथ ही मेडिकल, लॉ, वोकेशनल कोर्सेस आदि की परीक्षाओं के फार्म भरने की तिथियाँ भी घोषित कर दी गयी हैं |

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हिन्दी के लिए कोई पागल ना बने, परन्तु अंग्रेजी को बनाये रखने की कोशिश भारतीय जनतंत्र के साथ विश्वासघात है

यहाँ के सामाजिक, शैक्षिक, एवं राजनीतिक क्षेत्र के आदि पुरुष रहे हैं- बाबू रासबिहारी लाल मंडल जिन्हें लोग हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू, फारसी, बंगला, नेपाली आदि भाषाओं के अच्छे व गहरे जानकार मानते रहे हैं | वहीं आजाद भारत के प्रथम विधि मंत्री रह चुके शिवनंदन प्रसाद मंडल हिन्दी, अंग्रेजी व संस्कृत के तथा प्रथम एम.एल.सी. मो.कुदरतुल्लाह काजमी इस धरती के हिन्दी, उर्दू एवं मैथिली के विद्वान माने जाते रहे | तभी तो मो.काजमी साहब 12 वर्षों तक बिहार राज्य हिन्दी प्रगति समिति के सक्रिय सदस्य रहे तथा वर्षों रहे थे- बिहार मैथिली महासंघ के उपाध्यक्ष भी |

समाजवादी चिन्तक एवं हिन्दी-अंग्रेजी के मर्मज्ञ भूपेन्द्र नारायण मंडल की विद्वता तो भारतीय संसद में अंग्रेजी के सम्बन्ध में हो रही चर्चा के दरमियान दिए गये वक्तव्य से आंकी जा सकती है- अध्यक्ष महोदय ! मैं हिन्दी के लिए पागल नहीं हूँ, परन्तु भारत में ‘अंग्रेजी’ को बनाये रखने की कोशिश भारतीय जनतंत्र के साथ विश्वासघात है |

Sanrakshak Dr. Madhepuri inspecting Spelling Bee Championship Exam at Parvati College Madhepura.
Sanrakshak Dr. Madhepuri inspecting Spelling Bee Championship Exam at Parvati College Madhepura.

उसी हिन्दी को प्रतिस्थापित करने के लिए ‘हिन्दी शब्द स्पर्धा’ का आयोजन क्यों किया जा रहा है- यह भी जानिये | गत वर्ष ‘स्पेलिंग बी.एसोसिएशन’  मधेपुरा द्वारा अंग्रेजी में चैंपियनशिप के पारितोषिक वितरण समारोह में आये एस.पी. आशीष कुमार ने संरक्षक डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी व अध्यक्ष डॉ.विश्वनाथ विवेका से हिन्दी में इसे आयोजित करने हेतु जिज्ञासा व्यक्त की थी | फलस्वरूप संरक्षक की सहमति से सचिव ने 20 दिसम्बर को एक दर्जन स्कूल के वर्ग 1 से 10 तक के लगभग 450 छात्र-छात्राओं की ‘हिन्दी शब्द प्रतिस्पर्धा परीक्षा’ पार्वती कॉलेज में आयोजित की जिसकी फाइनल परीक्षा 27 दिसम्बर को इसी कॉलेज में होगी |

इस ‘हिन्दी शब्द प्रतिस्पर्धा’ चैंपियनशिप में शहर के शिखर के स्कूल- हाली क्रास, किरण पब्लिक, जितेन्द्र पब्लिक, साउथ पॉइंट, डी.एस.एकेडेमी सहित अन्य विद्यालयों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसे संपन्न कराने में संरक्षक डॉ.मधेपुरी, सचिव सावंत रवि सहित सोनीराज, मो.शंहशाह, अमित, रजाउल, रवि कुमार, मनीष, राहुल, ऋतुराज, दीपक, मो.कैशर, मो.आतिफ आदि सक्रिय देखे गये |

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पर्यावरण जागरूकता के लिए आयोजित निबंध प्रतियोगिता में शामिल छात्र हुए पुरस्कृत

पर्यावरण शब्द तो है पुराना,फिर भी नये बच्चों को इसे जान लेना जरुरी है | पर्यावरण को “ परि + आवरण ” द्वारा समझा जा सकता है यानी ‘परि’ का अर्थ ‘चारो ओर’ तथा ‘आवरण’ का अर्थ ‘परिवेश’ |

इस तरह ‘पर्यावरण’ – “धरती सहित मानव, जीव-जन्तु, हवा-पानी, पेड़-पौधा आदि सम्पूर्ण परिवेश की विविध गतिविधियों के परिणाम आदि का समावेश ही तो है |” इसके साथ ही, आधुनिकता की दौड़ में, वैज्ञानिक उपलब्धियों को हासिल करने की होड़ में हम प्राकृतिक संतुलन को तेजी से बिगाड़ने में जो लग गये हैं – वही तो (पर्यावरण का) प्रदूषण है|

पर्यावरण जागरूकता के लिए जिला स्तरीय निबंध प्रतियोगिता का आयोजन मनोहर उच्च वि.सिंहेश्वर में किया गया जिसमें जिले के विभिन्न विद्यालयों के तीन दर्जन छात्र-छात्राओं ने भाग लिया | निबंध का विषय रखा गया – ‘पर्यावरण संरक्षण बनाम प्लास्टिक युग’|

सफल प्रतियोगियों में प्रथम स्थान पर रही – केशव कन्या उच्च विद्यालय,  मधेपुरा की छात्रा ‘ कृतिका ’, द्वितीय स्थान पर रहे – शिवनंदन प्र.मंडल उ.मा.वि. के छात्र मंदीप कुमार एवं तीसरे स्थान पर रासबिहारी उ.मा.वि. का छात्र सुशांत कुमार |

इन तीनों सफल प्रतिभागियों को वन प्रमंडल पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सिन्हा द्वारा पुरस्कार में – एक-एक प्रशस्ति-पत्र के साथ-साथ क्रमशः दो हजार, डेढ़ हजार एवं एक हजार नगद राशि देकर पुरस्कृत किया गया |

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भारतीय जन लेखक संघ, मधेपुरा इकाई द्वारा विरह-मिलन के प्रखर गीतकार सुबोध कुमार सुधाकर का किया गया सम्मान

भारतीय जन लेखक संघ द्वारा सुकवि ‘सुधाकर’ के लिए आयोजित सम्मान समारोह का उद्घाटन किया प्रो.दयानन्द और अध्यक्षता की भू.ना.मंडल वि.वि. के हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो.इन्द्र ना.यादव ने |

संघ के महासचिव महेन्द्र ना.पंकज, सचिव सुरेन्द्र भारती, पश्चिम बंगाल के आलोक सुन्दर सरकार, प्रो.सीताराम शर्मा, प्रो.नारायण कुमार, ई.हरिश्चन्द्र मंडल, प्रमोद कुमार सूरज, डॉ.विनय कुमार चौधरी आदि की सहभागिता से- “साहित्य में दलित एवं पिछड़ो के अस्तित्व” विषयक परिचर्चा पर गहराई से विमर्श हुआ |

Dr.Madhepuri felicitating Geetkaar Sudhakar Jee .
Dr.Madhepuri felicitating Geetkaar Sudhakar Jee .

साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कौशिकी के अद्यक्ष व सुधाकर जी के काव्य-गुरु हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ की चर्चा करते हुए सुकवि ‘सुधाकर’ को पुष्प गुच्छ अर्पित कर सम्मानित किया और परिचर्चा के विषयानुरूप स्वरचित ग्रन्थ- ‘इतिहास पुरुष शिवनंदन प्रसाद मंडल’ भेंट करते हुए परिचर्चा को सर्वाधिक गंभीर भी बना दिया | अन्त में डॉ.मधेपुरी ने कहा कि जब भी वे उत्तर दिशा की ओर नजर उठाते हैं तो हिमालय की तरह अडिग और स्थितप्रज्ञ होकर साहित्य सृजन करते हुए नजर आते हैं- तारानन्दन तरुण और सुबोध कुमार सुधाकर एवं हिमालय की सबसे ऊँची चोटी एवेरेस्ट पर भारतीय तिरंगा को फहराती हुई नजर आती है- देश की बेटी संतोष यादव |

 Audience attending the meeting of Bhartiya Jan Lekhak Sangh at Madhepura .
Audience attending the meeting of Bhartiya Jan Lekhak Sangh at Madhepura .

दूसरे सत्र में प्रखर गीतकार एवं क्षणदा के संपादक ‘सुधाकर’जी, जिन्होंने साहित्यिक सम्मान के रूप में राष्ट्रभाषा रत्न, साहित्य रत्न, काव्य प्रवीण तथा संपादकश्री आदि अर्जित किया है, के सम्मान में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें फर्जी हास्य कवि डॉ.अरुण कुमार, राकेश कुमार द्विजराज, धर्मेन्द्र कुमार आनन्द, प्रतिभा कुमारी, मो.अबरार आलम, उल्लास मुखर्जी, डॉ.नारायण, शम्भुनाथ अरुणाभ, संतोष सिन्हा, भूपेन्द्र यादव, डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.मधेपुरी आदि ने अपनी रचनाओं से ऐसा समां बंधा कि कार्यक्रम के दोनों सत्रों में सात घंटे कैसे निकल गये, किसी को पता भी नहीं चला |

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अगले गैंगरेप पर अगली कविता लिखने तक

[निर्भया कांड केवल एक दुर्घटना नहीं, अमानवीयता की पराकाष्ठा थी। 16 दिसम्बर 2012 को देश की राजधानी दिल्ली में छह नरपशुओं ने चलती बस में 23 वर्षीया निर्भया का गैंगरेप किया। बर्बरता की सारी हदें पार कर दी थीं उन दरिंदों ने। उन सबने असंख्य जख्म दिए निर्भया को। फिर भी जीना चाहती थी वो। तेरह दिनों तक मौत से लड़ती रही वो जब तक कि एक-एक कर उसके सारे अंगों ने काम करना बंद नहीं कर दिया। 29 दिसंबर 2012 को हमेशा के लिए सो गई निर्भया। लेकिन सोने से पहले सारे देश को झकझोर दिया था उसने। ऐसी कोई आँख ना थी जिसमें आँसू और आक्रोश ना हो।

आज उस नृशंस घटना के तीन साल हो गए। लेकिन क्या बदला..? कुछ भी तो नहीं। 2012 बीतने को था जब निर्भया कांड हुआ। उसके बाद के तीन सालों में क्या हुआ ये जानना चाहिए आपको। राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो के मुताबिक राजधानी दिल्ली में 2013 में दुष्कर्म के 1441, 2014 में 1813 और इस साल यानि 2015 में 31 अक्टबूर तक 1856 मामले दर्ज हुए। बात यहीं खत्म नहीं होती। इन मामलों में 46 प्रतिशत दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग हैं। कहाँ चली गई हमारी इंसानियत..? क्या कर रहा है हमारे देश का कानून..? क्यों इस कदर मर गया हमारी आँखों का पानी..? एक तरफ बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा और दूसरी तरफ हर रोज एक नई निर्भया..? क्या शर्म नहीं आनी चाहिए हमें..

जहाँ भी होगी निर्भया, आज भी बेचैन होगी। पेश है उस निर्भया को समर्पित उन्हीं दिनों लिखी गई डॉ. ए. दीप की बहुचर्चित कविता जिसका शीर्षक है अगले गैंगरेप पर अगली कविता लिखने तक]

कविता

अगले गैंगरेप पर अगली कविता लिखने तक

किसी ने तुम्हें वेदना कहा
किसी को तुम दामिनी दिखी
किसी ने निर्भया कहकर पुकारा
और तकनीकी शब्दावली में
गैंगरेप-पीड़िता थीं तुम…
जो भी नाम हो तुम्हारा
नमन करता हूँ तुम्हें
कि तुम जागी रहीं तब तक
जब तक बारी-बारी से
सो नहीं गए
तमाम अंग तुम्हारे।

आत्मा का आवरण ही नहीं
आत्मा भी लहूलुहान थी तुम्हारी
फिर भी
पूरे तेरह दिनों तक
तुम जीवित बैठी रहीं चिता पर
सोई नहीं
हमारे जागने से पहले।

मलाला का मलाल
अभी साल ही रहा था
कि जाना
छह-छह पशुओं ने मिलकर
बनाया तुम्हें शिकार
अपनी हवस का…
आज मैं लज्जित हूँ
अपने पुरुष होने पर
कि वे सारे पशु
पुरुष जाति के थे।

तुम निढ़ाल
नंगी पड़ी रहीं
सड़क के किनारे
पर कृष्ण के इस देश ने
देर कर दी
दो गज कपड़ा तक जुटाने में…
बस में उन पशुओं ने
जो तुम्हारे शरीर के साथ किया
वही दुष्कर्म करते रहे
तुम्हारे अस्तित्व के साथ
वहाँ से गुजरने वाले
न जाने कितने पिता, पुत्र, पति और भाई…
लज्जित हूँ
कि उन पशुओं के साथ-साथ
ये भी पुरुष जाति के थे।

यकीन मानो
उस दिन से आज तक
नजरें चुरा रहा हूँ
अपनी दो साल की बेटी से
और हो जाता हूँ कुंठित
जाकर पास पत्नी के
कि मैं
पुरुष जाति का हूँ।

तुम्हीं बताओ
अब कैसे करूँ पाठ
दुर्गा सप्तशती का
कैसे चढ़ाऊँ जल
पवित्र तुलसी को
कैसे दूँ बहन को
रक्षा का वचन
और कैसे दबाऊँ पैर
अपनी माँ के
कि मैं पुरुष जाति का हूँ।

लज्जित हूँ
कि पकड़े गए केवल वही छह
और बाहर हैं उनकी जाति के
बाकी हम सारे पशु।

लज्जित हूँ
कि हमारी सभ्यता के
हजारों साल होने को आए
पर हम अदद पशुता को भी
जीत नहीं पाए।

लज्जित हूँ
कि अब भी वीर्य बहता है
हमारे भीतर
और आदम की भूमिका
अब भी निभाएगा
आदमी ही।

लज्जित हूँ
कि तुम्हारे जगाने के बाद
जागकर ये कविता तो लिख दी…
अब शायद बैठ जाऊँगा
अगले गैंगरेप पर
अगली कविता लिखने तक।

डॉ. ए. दीप की कविता

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डॉ.मधेपुरी ने की प्रो.चन्द्रशेखर से मो.कुदरतुल्लाह के नाम पर सड़क के नामकरण की माँग

अमर स्वतंत्रता सेनानी, पूर्व एम.एल.सी. एवं प्रखर समाजसेवी मो.कुदरतुल्लाह काजमी की 48वीं पुण्यतिथि समारोह स्थानीय कुदरतुल्लाह यूनानी दवाखाना के प्रांगण में सम्मानपूर्वक आयोजित किया गया जिसके प्रेरक रहे हैं- डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं आयोजक मो.शौकत अली |

समारोह के उद्घाटन सत्र का श्री गणेश दीप प्रज्ज्वलित कर बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर व डॉ.मधेपुरी सहित राजद जिलाध्यक्ष मो.खालिद, वरीय नेता विजेन्द्र प्र.यादव, जिलापरिषद अद्यक्षा मंजू देवी ने किया |

Minister Prof.Chandrashekhar addressing the people in the campus of Kudratullah Unani Dawakhana, Madhepura .
Minister Prof.Chandrashekhar addressing the people in the campus of Kudratullah Unani Dawakhana, Madhepura .

माननीय मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर ने उस अजिम शख्सियत मो.कुदरतुल्लाह के सामाजिक योगदानों को रेखांकित करते हुए कहा कि आगे भी डॉ.मधेपुरी एवं शौकत अली जैसे समाजसेवी लोग उन्हें याद रखेंगे | मंत्री ने कहा कि समाज के वंचितों एवं बच्चों के लिए मधेपुरा में यूनानी दवाखाना तथा काजमी कन्या विद्यालय की स्थापना हेतु उन्होंने न केवल जमीन दान दी बल्कि आजादी खातिर यातनाएँ भी सही और जेल भी गये |

Chief Guest Dr.Madhepuri comparing Kudratullah with 1st Law Minister .
Chief Guest Dr.Madhepuri comparing Kudratullah with 1st Law Minister .

मुख्यअतिथि डॉ.मधेपुरी ने मधेपुरा के मंडल-त्रय गांधीवादी शिवनन्दन प्र.मंडल, समाजवादी भूपेन्द्र नारायण मंडल एवं सामाजिक न्याय के पुरोधा बी.पी.मंडल की चर्चा करते हुए कहा कि मो.कुदरतुल्लाह गांधीवादी शिवनन्दन प्र.मंडल के हमसफर थे | दोनों एक साथ पढ़े और आजादी की लड़ाई में संग-साथ रहकर जेल यात्रा पर भी गये | दोनों दो-दो टर्म एम.एल.ए. एवं एम.एल.सी. रहे | दोनों देश के लिए जीते रहे | देश की खातिर जीने वाला कभी मरता नहीं है |

डॉ.मधेपुरी ने सर्वप्रथम मंत्री महोदय को यह जानकारी दी कि बापू द्वारा ‘नशाबन्दी’ की घोषणा किये जाने पर कुदरतुल्लाह ने इसी सड़क पर अपने पिता की ताड़ी दूकान बंद करने हेतु धरना-प्रदर्शन किया था | फिर डॉ.मधेपुरी ने इसी रोड का नामकरण कुदरतुल्लाह मार्ग करने की माँग बिहार सरकार के मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर से की |

जहाँ विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद् अध्यक्षा मंजू देवी ने कुदरतुल्लाह के जीवन से बहुत कुछ सीखने की बातें कहीं वहीँ राजद जिलाध्यक मो.खालिद, वरीय नेता विजेन्द्र प्र.यादव ने उद्गार व्यक्त करते हुए काजमी साहब को प्रखर राष्ट्रवादी विचारक बताया | वैसे शिक्षा प्रेमी की पुण्य तिथि पर दस शिक्षकों को सम्मानित किये जाने की सराहना भी की |

People at Kudratullah Shraddhanjali Sabha .
People at Kudratullah Shraddhanjali Sabha .

अपने अध्यक्षीय भाषण में मो.शौकत अली ने उस यूनानी दवाखाने के सारे कचरे को हटाकर वहाँ आयुष चिकित्सालय की स्थापना की माँग की | मौके पर विद्वान डॉ.सैयाद परवेज आलम, मो.खतीबुर रहमान, मुर्तुजा अली, हाजी मनीरुद्दीन, अनवर जी आदि ने श्रधांजलि अर्पित की |

अंत में सेल-टैक्स एवं इनकम-टैक्स के वरीय अधिवक्ता जयनन्दन प्रसाद ने धन्यवाद् ज्ञापित किया |

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