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एक शादी ऐसी भी…….!

आयुष्मती किरण कुमारी के संग चिरंजीव सचिन कुमार सादा की शादी हुई विगत सप्ताह | मधेपुरा जिले के सिगिऔन गांव की बेटी किरण (सुपुत्री-पानो देवी व युगेश्वर ऋषिदेव) के साथ सुपौल जिले के कटैया गांव के बेटे सचिन कुमार सादा (सुपुत्र-दुलारी देवी व सूर्यनारायण सादा) का पाणिग्रहण आजू-बाजू के गांवों के सभी जाति-बिरादरी के नर-नारियों, बच्चे एवं बूढ़ों की उपस्थिति में सिगिऔन के रुकमा देवी ठाकुरबाडी मंदिर में संपन्न हुआ |

बता दें कि मंदिर के संस्थापक व पूर्व प्राचार्य सह कुलानुशासक (बी.एन.एम.यू.) डॉ.शिवनारायण यादव सरीखे इस शादी के सूत्रधार की देख-रेख में स्वागत संबंधी छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा गया । दो साधारण ऋषिदेव कुल की शादी इतनी संपन्नता के साथ होते देख समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने उपस्थित समाज को संदेश देने के क्रम में उस विशाल भीड़ को माईक के सहारे संबोधित करते हुए कहा-

कोसी अंचल के समाजवादी चिंतक द्वय मनीषी भूपेन्द्र नारायण मंडल एवं अंबिका दादा प्रायः मेरे समक्ष इस बात की चर्चा किया करते कि दलितों में खासकर ऋषिदेव (यानि मुशहर) अबतक जग क्यों नहीं रहा है, आगे बढ़ क्यों नहीं रहा है और पढ़ क्यों नहीं रहा है ? आज ये दोनों जन इस नजारे को ऊपर से देखकर शिवनारायण बाबू को शुभाशीष देते होंगे |

यह जानिए कि उपस्थित नर-नारियों एवं शिव परिवार के सदस्यों की खुशियों को देख-देख कर अभिभूत हुए डॉ.मधेपुरी ने डॉ.अरुण कुमार, डॉ.सुरेश प्रसाद यादव एवं मो.मिराज सहित उपस्थित जनसमूह के समक्ष यह खुलासा किया कि मैंने भी इस शादी में सहयोग करने की चर्चा की थी, परंतु बिना किसी से आर्थिक सहयोग स्वीकार किए डॉ.शिवनारायण ने अपनी पुत्री की शादी की तरह किरण की शादी में जो कुछ किया वह ग्रामीणों द्वारा स्मरण किया जाता रहेगा |

बता दें कि यह किरण डॉ.शिवनारायण यादव की धर्मपत्नी सत्यभामा देवी की सेवा सर्वाधिक मनोयोग से करती रही | जब सत्यभामा देवी कैंसर से पीड़ित हुई तो सिगिऔन से मधेपुरा, सहरसा-पटना और मुंबई तक किरण सेवारत रही | अंतिम सांस लेते समय सत्यभामा ने अपने पति डॉ.शिवनारायण बाबू से यही कहा कि जिस तरह अपनी बेटियों की शादी हुई थी उसी तरह किरण की भी शादी होगी तो मेरी आत्मा को शांति मिलेगी……….!

जानिए कि धर्मपत्नी सत्यभामा की बातों को निभाने और अंततः सच साबित करने में लगे डॉ.शिवनारायण यादव और मामाश्री डॉ.मधेपुरी भी उन्हें हर कदम पर सहयोग करने के लिए आश्वस्त करते रहे और उपस्थित वर-वधु के पक्ष के ऋषिदेवों को बारंबार यही कहते रहे- आप जगिए, आगे बढ़िए और बच्चों को पढ़ाइए व पढ़ने दीजिए….!

 

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मदर्स डे: कुछ अनुभूतियां

मां से छोटा
और ताकतवर
शब्द कोई और हो… तो बताना..!

गम को छिपाकर
वो कहां रखती है
गर तुम्हें मालूम हो… तो दिखाना..!

मौत के रास्ते हैं बहुत
ये मैंने, तुमने, सबने जाना
पर बात जब सृजन की हो
मां की कोख में ही होता है आना..!

मां अनपढ़ हो तब भी
गणित में बड़ी दिलदार होती है
दो रोटी मांग कर देखो
वो हरदम चार देती है..!

साल में एक दिन
मदर्स डे आता है
सब कहते हैं आज
मां का दिन है
कोई तो बतलाए
दिन कौन-सा मां के बिन है..!

ईश्वर ने सृष्टि को रचकर
उसे करीने से सजाया
पर हर बच्चे को पालने में
स्वयं को सक्षम नहीं पाया
तब हारकर उसने मां को बनाया..!

मां वो है
जो बच्चों के पथ में फूल बिछा
स्वयं कांटों पर चल लेती है
मां वो है
जो बच्चों के आज की खातिर
अपना सारा कल देती है..!

सोचो किस कदर वही मां
खून के आंसू रोती होगी
जब घर के बंटवारे में
छाती के टुकड़े ढोती होगी..!

धरा-आसमां बंट जाए सब
मां कब-कहां बंटती है
गोद इतनी विशाल उसकी
पूरी कायनात उसमें अंटती है..!

[डॉ. मधेपुरी की कविता]

 

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बेटे की शादी पर मिले और खूब मिले लालू-नीतीश

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप और पूर्व मंत्री चंद्रिका राय की बेटी ऐश्वर्या की शादी ने यह बात एक बार फिर स्पष्ट कर दी कि सियासत अपनी जगह है और व्यक्तिगत संबंध और भारतीय संस्कार अपनी जगह। यह बात खासकर यहां लालू और नीतीश के संदर्भ में है। इस हाई प्रोफाईल शादी में जुटे तो देश भर के कई दिग्गज थे लेकिन सबकी निगाहें टिकी थीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर। महागठबंधन टूटने के बाद पहली बार उन्हें और लालू प्रसाद यादव को एक साथ किसी मंच पर होना था। इस बीच इनके संबंधों में जिस तरह की कड़वाहट देखने को मिली थी और खासकर महागठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे तेजस्वी जिस तरह सोशल मीडिया पर हमलावर थे, उससे उत्सुकता और बढ़ गई थी। पर हुआ वही जो असल में होना चाहिए था।

नीतीश कुमार ना केवल तेजप्रताप की शादी में शामिल हुए, बल्कि पूरी आत्मीयता और सहजता के साथ वरमाला की पूरी रस्म के दौरान मंच पर ही मौजूद रहे। लालू ने भी गर्मजोशी दिखाने में कोई कसर ना छोड़ी। उन्होंने उठकर नीतीश का स्वागत किया और देर तक उनसे हाथ मिलाए रहे। यही नहीं, उनके सभी बच्चे बारी-बारी से चाचा नीतीश से मिले। जो नहीं मिले थे उन्हें राबड़ी ने बुला-बुला कर मिलाया। नीतीश और राबड़ी एक साथ एक सोफे पर बैठे थे, बिल्कुल देवर-भाभी की तरह। मीसा से लेकर तेजस्वी तक आए और मां और चाचा नीतीश के बीच बैठ कर तस्वीर खिंचवाई। बगल के सोफे पर लालू राज्यपाल सत्यपाल मलिक के साथ बैठे थे। अद्भुत दृश्य था ये।

बहरहाल, तेजप्रताप की शादी में देश के कई दलों के दिग्गज शामिल हुए। इन नेताओं में फारूक अब्दुल्लाह, अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल यादव, अजीत सिंह, शरद यादव, प्रफुल्ल पटेल, शत्रुघ्न सिन्हा, दिग्विजय सिंह, हेमंत सोरेन, सीताराम येचुरी एवं डी. राजा प्रमुख थे। इन नेताओं ने भले ही कोई सियासी बयान नहीं दिया, मगर समारोह में एकसाथ इनकी मौजूदगी बहुत कुछ कह गई।

इस बेहद खास शादी में बाबा रामदेव और रामजेठ मलानी ने भी उपस्थिति दर्ज की। बिहार के सभी प्रमुख नेता – रामविलास पासवान, जीतनराम मांझी, उपेन्द्र कुशवाहा आदि – मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी पोलैंड अपनी यात्रा के कारण समारोह में नहीं आ सके।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ आईं उनकी पत्नी डिंपल यादव ने इस मौके पर बड़ी अच्छी बात कही कि “दुख और सुख जीवन का हिस्सा हैं। आते-जाते रहेंगे। हम लालू परिवार की खुशियों में शामिल होने आए हैं।” देश भर के दिग्गजों और राज्य के कोने-कोने से आए बीस हजार से ज्यादा मेहमानों की मौजूदगी यही तो बता और जता रही थी।

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सचमुच लकी हैं लालू की बहू

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की होने वाली बहू उनके और उनके परिवार के लिए भाग्यशाली साबित हुई हैं। जी हाँ, तीन दिन के पैरोल पर बेटे तेजप्रताप की शादी में शामिल होने पटना आए आरजेडी सुप्रीमो को आज मेडिकल ग्राउंड पर झारखंड हाईकोर्ट से छह हफ्ते की जमानत भी मिल गई है। इससे उनके घर में होने जा रही शादी की खुशी में जैसे चार चांद लग गए हों। बता दें कि हाईकोर्ट ने यह जमानत उनके बेहतर इलाज के लिए दी है। अब वे जहां चाहें अपना इलाज करा सकेंगे। निश्चित तौर इससे ना केवल उनका परिवार बल्कि उनके तमाम चाहने वाले बेहद सुकून की सांस ले रहे होंगे।

बहरहाल, गौरतलब है कि शनिवार 12 मई को लालू के बड़े बेटे व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव की शादी पूर्व मुख्यमंत्री स्व. दारोगा राय की पोती व पूर्व मंत्री श्री चंद्रिका राय की बेटी ऐश्वर्या से होने जा रही है। शादी समारोह में शामिल होने को लेकर इससे पहले पूरा लालू परिवार उन्हें मिले महज तीन दिन के पैरोल से ही संतोष कर रहा था, ऐसे में छह हफ्ते की जमानत से होने वाली खुशी का अंदाजा लगाया जा सकता है। स्वाभाविक तौर पर इसे बहू के पैर पड़ने से पहले ही उसके शुभ लक्षण के तौर पर देखा जा रहा है।

वैसे बहू के पैर के लक्षण की बात करें तो इसे लोग घर के अन्य सदस्यों से जोड़ कर भी देख रहे हैं। ऐश्वर्या के आने से पहले घर के अन्य सदस्यों के मामले में खुशी ने दस्तक दी है। उदाहरण के तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री व लालू के छोटे बेटे तेजस्वी यादव को ही लें। अपने पिता की तरह तेजस्वी को भी कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। झारखंड हाईकोर्ट ने तेजस्वी यादव सहित चार नेताओं को जारी सीबीआई कोर्ट के नोटिस को खारिज कर दिया है। यह नोटिस बेतुका बयान के लिए जारी किया गया था, जिसके बाद सीबीआई कोर्ट के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट में याचिका डाली गई थी।

खुशियों का सिलसिला यहीं नहीं रुकता। यहां यह भी स्मरणीय है कि इससे पहले लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती और उनके पति को दिल्ली की सीबीआई कोर्ट से जमानत मिल गई थी। कोर्ट ने उन्हें बिना इजाजत के विदेश ना जाने की शर्त पर जमानत दी थी।

चलते-चलते बता दें कि योगगुरु बाबा रामदेव ने भी ऐश्वर्या को भाग्यशाली बताया है। उन्होंने तेजप्रताप की दुल्हन और उसके परिवारवालों से मुलाकात की थी और कहा था कि वो लालू परिवार के लिए लकी साबित होंगी।

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37वीं वर्षगांठ पर नई ऊंचाइयों को छू रहा मधेपुरा

जो मधेपुरा जिला बनने से पहले कठघरे का शहर था वही मधेपुरा ने आज 37वीं वर्षगांठ मनाते हुए राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली है | आज की तारीख में जहाँ मधेपुरा दो-दो एनएच के माध्यम से राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ गया है वहीं फ्रांस की एल्सटॉम कंपनी एवं भारतीय रेल के सहयोग से स्थापित विद्युत रेल इंजन फैक्ट्री के चलते अंतर्राष्ट्रीय क्षितिज पर पताका फहराने लगा है |

यह भी बता दें कि 9 मई को जिले के शंकरपुर, कुमारखंड, चौसा, आलमनगर, किसुनगंज, बिहारीगंज, मुरलीगंज सहित सभी तेरहों प्रखंडों में सुबह 7:00 बजे से विकास दौड़ तथा 7:30 बजे से प्रभात फेरी के आयोजन में प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च मध्य, उच्च माध्यमिक, मदरसा एवं निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और चौक-चौराहों से गुजरते हुए “आज क्या है- जिला स्थापना दिवस” के साथ-साथ “बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ” ………. आदि नारे लगाते रहे और हाथों में तख्तियों पर नशा, दहेज व बाल विवाह के विरुद्ध नारे लहराते रहे | दिनभर कहीं कबड्डी, बैडमिंटन तो कहीं चित्रकारी में बच्चे व्यस्त दिखे |

Lokarpan of "Coffee Table Book" by former Law Minister of Bihar & MLA Narendra Narayan Yadav , Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri , DEO Ugresh Pd. Mandal , R.N.Das (ZIP), Prof.SK Yadav , DDC Mukesh Kumar and others on the eve of 37th Anniversary of Madhepura District at B.N.Mandal Stadium, Madhepura.
Lokarpan of “Coffee Table Book” by former Law Minister of Bihar & MLA Narendra Narayan Yadav , Samajsevi Sahityakar Dr.Bhupendra Narayan Madhepuri , DEO Ugresh Pd. Mandal , R.N.Das (ZIP), Prof.SK Yadav , DDC Mukesh Kumar and others on the eve of 37th Anniversary of Madhepura District at B.N.Mandal Stadium, Madhepura.

यह भी जानिए कि जहाँ मुरलीगंज प्रखंड के प्रमुख एवं बीडीओ ने केक काटकर जिला का स्थापना दिवस मनाया वहीं टीपी कॉलेजिएट के प्राचार्य डॉ.सुरेश कुमार भूषण ने छात्र-छात्राओं के बीच “विकास की दौड़ में मधेपुरा” विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित कराकर जिला स्थापना दिवस मनाते हुए सुहानी, नेहा एवं मुस्कान को प्रथम द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया |

मधेपुरा में भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से भूपेन्द्र चौक, बी.पी.मंडल चौक होते हुए बी.एन.मंडल स्टेडियम तक पहुँचने वाले विकास दौड़ को जहाँ डीडीसी, डीईओ एवं खेल पदाधिकारी मुकेश कुमार ने हरी झंडी दिखायी वहीं बी.एन.मंडल स्टेडियम में डीडीसी, डीईओ एवं समाजसेवी डॉ.मधेपुरी ने प्रभात फेरी में सम्मिलित सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को हरी झंडी दिखा कर विदा किया |

शाम में स्टेडियम में पूर्व मंत्री एवं आलमनगर विधायक नरेन्द्र नारायण यादव, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, प्रो.श्यामल किशोर यादव सहित प्रभारी डीएम मुकेश कुमार, जिप उपाध्यक्ष रघुनंदन दास, स्काउट अंड गाइड आयुक्त जय कृष्ण यादव, प्रो.रीता कुमारी, डॉ.रविरंजन आदि ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर जिला स्थापना के रंगारंग कार्यक्रमों का उद्घाटन किया | पूर्व मंत्री विधायक नरेंद्र नारायण यादव ने सम्मिलित रूप से “कॉफ़ी टेबल बुक” का लोकार्पण करते हुए संक्षेप में बिहार सरकार की उपलब्धियों यथा रेल फैक्ट्री, मेडिकल व इंजीनियरिंग कॉलेज, एनएच आदि की संक्षिप्त चर्चा की तथा कलाकारों को प्रोत्साहित किया | कार्यक्रम का शुभारम्भ शशिप्रभा के बिहार गौरव गीत से किया गया |

A Short Natak based on Nashabandi "Vyasan Raj Ka Ant" directed by Bikas Kumar (Secretary Srijan Darpan) and participated by Rangkarmies Saurav, Nikhil , Rakhi, Rajnandini , Tanupriya, Prem Kumar, Suman Kumar & others on the 37th Anniversary of Zila Asthapna Diwas, B.N. Mandal Stadium , Madhepura.
A Short Natak based on Nashabandi “Vyasan Raj Ka Ant” directed by Bikas Kumar (Secretary Srijan Darpan) and participated by Rangkarmies Saurav, Nikhil , Rakhi, Rajnandini , Tanupriya, Prem Kumar, Suman Kumar & others on the 37th Anniversary of Zila Asthapna Diwas, B.N. Mandal Stadium , Madhepura.

इस अवसर पर मधेपुरा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले डॉ.मधेपुरी ने कहा कि 37 वर्ष पूर्व रासबिहारी स्कूल के ऐतिहासिक मैदान में  तात्कालीन मुख्यमंत्री डॉ.जगन्नाथ मिश्र, सामाजिक न्याय के पुरोधा बी.पी.मंडल, डॉ.के.के.मंडल, डॉ.महावीर प्रसाद यादव, डॉ.आर.के.यादव रवि जैसी हस्तियों के साथ मैं भी उस मंच पर था, क्योंकि मधेपुरा के बुद्धिजीवियों ने डॉ.महावीर बाबू को जिला स्थापना समारोह का संयोजक और मुझे सह-संयोजक बनाया था | बी.पी.मंडल साहब अध्यक्षता कर रहे थे और डॉ.मिश्र उद्घाटनकर्ता थे | तब मधेपुरा कटघरे का शहर था और आज रेल फैक्ट्री के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने जा रहा है |

देर रात तक स्कूली बच्चों के साथ-साथ बाहर से आये कलाकारों ने अपना बेस्ट परफॉर्मेंस प्रस्तुत किया | अंत में डॉ.मधेपुरी ने उद्घोषिका समीक्षा यदुवंशी के साथ-साथ सभी कलाकारों दर्शकों सहित जिला प्रशासन को भी धन्यवाद व साधुवाद ज्ञापित किया और समापन की घोषणा की |

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शरद यादव की राज्यसभा सीट पर शीघ्र होगा चुनाव !

जदयू के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को चुनाव आयोग से मिलकर शरद यादव की राज्यसभा सीट पर जल्द चुनाव कराने की अपील की। प्रतिनिधिमंडल में जदयू नेता केसी त्यागी, आरसीपी सिंह, ललन सिंह और संजय झा शामिल थे। माना जा रहा है कि शरद यादव की राज्यसभा सीट पर चुनाव आयोग शीघ्र चुनाव कराने का निर्णय ले सकता है।

जदयू नेता केसी त्यागी ने इस संदर्भ में कहा कि संविधान के मुताबिक छह महीने के भीतर रिक्त सीट पर चुनाव कराना जरूरी है और राज्यसभा के सभापति के फैसले के मद्देनजर शरद यादव की सीट को छह जून तक भरना जरूरी है। जदयू का तर्क है कि कोर्ट ने राज्यसभा के सभापति के फैसले को कोई स्थगन आदेश जारी नहीं किया है बल्कि राज्यसभा सदस्य के रुप में उन्हें दी जाने वाली सुविधाओं को बरकरार रखने की बात कही है।

वहीं, जदयू नेताओं की चुनाव आयोग से मुलाकात पर शरद यादव ने कहा कि कोर्ट-मुकदमों में हमारा दिमाग नहीं चलता है। यह कोर्ट को तय करना है कि राज्यसभा के सभापति का फैसला कितना जायज और नाजायज है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में मजा नहीं आता है। मैं पहले भी लोकसभा का चुनाव लड़ चुका हूं और फिर चुनाव लडूंगा। देशभर में विपक्ष को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश भी जारी है।

बता दें कि पार्टी लाइन से अलग कार्य करने व पार्टी विरोधी बयान देने के मुद्दे पर जदयू ने राज्यसभा के सभापति से शरद यादव की सदस्यता खत्म करने की अपील की थी और बाद में दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद शरद यादव की सदस्यता खत्म कर दी गई थी। उनकी सदस्यता खत्म होने के अब छह महीने पूरे होने वाले हैं, लिहाजा खाली सीट शीघ्र चुनाव हो जाना चाहिए। वैसे बताते चलें कि शरद यादव की सदस्यता मामले में 23 मई को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होने वाली है।

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स्वास्थ्य, समृद्धि एवं खुशी का खजाना खोलेंगे प्रो.ई.वी.गिरीश

प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के मधेपुरा शाखा द्वारा स्थानीय माहेश्वरी होटल के सभागार में संचालिका राजयोगिनी बी.के.रंजू देवी द्वारा चार दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया जिसमें सिंहेश्वर और सिमराही भी समाहित है |

बता दें कि जहाँ “Secret of Health, Wealth & Happiness” पर आयोजित समारोह के उद्घाटनकर्ता हैं मुंबई से आये ओजस्वी एवं प्रेरकवक्ता प्रो.ई.वी.गिरीश वहीं मुख्य अतिथि हैं समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी यानि जहां प्रो.गिरीश “आर्ट ऑफ पॉजिटिव थिंकिंग” के उत्कृष्ट प्रशिक्षक के रूप में जाने जाते हैं वहीं प्रो.(डॉ.) मधेपुरी सकारात्मक सोच के नेक इंसान के साथ-साथ महामहिम डॉ.कलाम के करीबी माने जाते हैं |

जानिए कि कार्यक्रम के उद्घाटनकर्ता प्रो.ई.वी.गिरीश, मुख्य अतिथि डॉ.मधेपुरी, बी.के.रंजू दीदी, बी.के.दीपक भाई एवं डॉ.गणेश सहित अन्य ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया |

समारोह को संबोधित किया प्रो.ई.वी.गिरीश, डॉ.मधेपुरी एवं वी.के.दीपक भाई ने | उद्घाटनकर्ता प्रो.गिरीश ने Health, Wealth & Happiness  की बारीकियों को विस्तार से विभिन्न उत्कृष्ट उदाहरणों के साथ, स्पष्ट रूप से समझाते हुए श्रद्धालु श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया | जहाँ बी.के.दीपक ने मन के तनाव को ही समस्त शारीरिक रोगों का कारण बताया वहीं डॉ.मधेपुरी ने डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को उद्धृत करते हुए कहा कि कलाम साब हमेशा नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ.ए.कैरॉल की पुस्तक “Man The Unknown” दुनिया के सभी डॉक्टरों को अपने साथ रखने की सलाह देते रहे, क्योंकि वह पुस्तक रोगी के तन के साथ-साथ उसके मन का इलाज करना भी सिखाता है | अंत में डॉ.मधेपुरी ने अपनी ‘मन’ कविता की दो पंक्तियां यूँ सुनाई-

पहले होता यह मन विकृत,

तब तन को रोग पकड़ता है |

समारोह में प्रमुख सुधीश्रोता के रूप में मौजूद रहे- प्रमुख व्यापारी दिनेश प्रसाद सर्राफ, विजय वर्धन उर्फ खोखा यादव (पूर्व प्रमुख), शिक्षक संघ के पूर्व सचिव रघुनाथ प्रसाद यादव, प्रो.अजय कुमार, प्राण मोहन प्रसाद, डॉ.कुशेश्वर प्रसाद यादव, डॉ.एन.के.निराला सहित सर्वाधिक नारी शक्ति व मंच संचालक बी.के.किशोर |

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डीएम मो.सोहैल मधेपुरा से मुजफ्फरपुर चले ट्रेन से…….!

नीतीश सरकार द्वारा 27 अप्रैल (शुक्रवार) की आधी-रात को प्रदेश के लगभग 4 दर्जन IAS व अन्य के किये गये फेरबदल से नौकरशाही में जहाँ एक ओर खलबली मच गई वहीं दूसरी ओर मधेपुरा के डायनेमिक डीएम मो.सोहैल 28 अप्रैल (शनिवार) को अपने कोर्ट में मुकदमों के बाबत कुछ सीनियर एडवोकेट्स की बहस सुनकर उठने से पहले भरे कोर्ट में कहते हैं कि अब आगे दूसरे डीएम साब आपको सुनेंगे, मेरा ट्रांसफर मुजफ्फरपुर हो गया है इंटरनेट से मुझे जानकारी मिल गई है |

बता दें कि 15 मिनट के अंदर ही डीडीसी मुकेश कुमार को चार्ज देकर तथा सामान ब्रीफ़केश में डाल मो.सोहैल सहरसा पहुँच जाते हैं और ट्रेन में बैठकर चल देते हैं- मुजफ्फरपुर को स्मार्टसिटी बनाने |

यह भी जानिये कि मधेपुरा जिले में अमन-शांति एवं विकास की गंगा बहाने वाले मो.सोहैल जान को जोखिम में डालकर बाढ़ में आलमनगर के नर-नारियों के बीच रातें बिताकर 24 घंटे के अंदर कोलकाता से प्लेन से प्लास्टिक-त्रिपाल व अन्य आवश्यक सामग्रियाँ मंगाकर बेपटरी हुए जनजीवन को जहाँ पटरी पर लाते हैं वहीं अकारण संप्रदायिक लपटों में जलने से पहले ही बिहारीगंज और फिर मुरलीगंज को भी बचाते हैं | जनजीवन के लिए जीते रहे, खुद के लिए नहीं |

ऐसे तो सेवाकाल में आना-जाना यानि स्थानांतरण लगा ही रहता है | परंतु, यह जानने की चेष्टा तो करें कि क्या प्रत्येक डीएम के लिए उसका जिला वैसे ही प्राण से प्यारा होता है जैसे मो.सोहैल के लिए तब मधेपुरा और अब मुजफ्फरपुर………… बिल्कुल अद्वितीय…..! अतुल्य……!! और अद्भूत…….!!!

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कोरी अफवाह है राहुल-अदिति की शादी की ख़बर

क्या पिछले एक-दो दिन में फेसबुक या व्हाट्सएप पर आपने भी ये ख़बर पढ़ी कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की शादी रायबरेली की कांग्रेस विधायक अदिति सिंह से होने जा रही है? अगर हाँ, तो आपको बता दें कि ये ख़बर कोरी अफवाह है! जी हाँ, इन सभी अफवाहों को किसी और ने नही, स्वयं अदिति सिंह ने ये कहते हुए नकारा कि राहुल गांधी उनके बड़े भाई जैसे हैं।

राहुल से होने वाली अपनी तथाकथित शादी का पुरजोर खंडन करते हुए अदिति सिंह ने कहा, ‘पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर जो अफवाह फैलाई जा रही है, उससे हैरान हूं। राहुल जी न सिर्फ हमारी पार्टी के अध्यक्ष हैं, बल्कि मेरे बड़े भाई जैसे हैं। मैं उनका बेहद सम्मान करती हूं। आप सब से निवेदन है कि शादी से संबंधित किसी अफवाह पर ध्यान न दें।’

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कुछ लोग दावा कर रहे थे कि जल्द ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और रायबरेली की कांग्रेस विधायक अदिति सिंह की शादी होने वाली है। यह दावा राहुल गांधी और अदिति सिंह की तस्वीरों के आधार पर किया जा रहा था, जिसमें राहुल गांधी, अदिति सिंह और उनके परिवार के कुछ लोग दिख रहे हैं। जल्द ही ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं और इन  तस्वीरों को लेकर कई दावे किए जाने लगे।

बहरहाल, मीडिया से बातचीत में अदिति सिंह ने यह आशंका भी जताई है कि इन अफवाहों के पीछे राजनीतिक साजिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सियासी तौर पर उन्हें कमजोर करना चाहते हैं और उन्हीं लोगों ने इस तरह की अफवाह फैलाई होगी। साथ ही अदिति ने साफ किया कि वह इन चीजों से डरने वाली नहीं है और अफवाहें उन्हें तोड़ नहीं सकती हैं।

चलते-चलते बता दें कि अदिति सिंह ने 90 हजार से अधिक मतों के अंतर के साथ अपना पहला चुनाव जीता है और वह ड्यूक यूनिवर्सिटी, यूएसए से मैनेजमेंट स्टडीज में मास्टर्स हैं। वह रायबरेली विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रह चुके अपने पिता अखिलेश की जगह लेने के लिए भारत लौट आईं। 29 वर्षीया विधायक को प्रियंका गांधी वाड्रा के करीबी सहयोगियों में से एक माना जाता है।

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अब राष्ट्रपति के वाहनों पर भी लगेंगे नम्बर प्लेट

सात दशकों से देश के राष्ट्रपति एवं राज्यपालों की गाड़ियों/कारों पर नंबर प्लेट की जगह चार सिंह वाले राजकीय प्रतीक (अशोक स्तंभ) लगे रहे जो अब नहीं रहेंगे | ऋषितुल्य जीवन जीने वाले राष्ट्रपति डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम ने तो ‘महामहिम’ को भी हटाने की इच्छा व्यक्त करते हुए………….. हम भारत के लोग यानी….We the people of India समूह में समा जाना चाहते थे |माला का एक फूल बनकर “कौन नीचे, कौन ऊपर” के भेद को मिटा देना चाहते थे |यहां यह बता देना अनुचित नहीं होगा कि समाजसेवी साहित्यकार व डॉ.कलाम के करीबी रहे डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी के प्रयास को यदि देश मान लिया होता और डॉ.कलाम को दोबारा राष्ट्रपति बना दिया होता तो ये सब कुछ होता ही, बल्कि 2020 तक भारत विकसित राष्ट्रों की पंक्ति में भी खड़ा हो जाता…..|

बता दें कि अब देश के शीर्ष संवैधानिक प्राधिकारियों यथा- महामहिम राष्ट्रपति-उपराष्ट्रपति, राज्यपाल-उपराज्यपाल समेत विदेश मंत्रालय के वीवीआईपी सचिवों के वाहनों (कारों) पर रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करते हुए नंबर प्लेट शीघ्र ही लगने लगेंगे |

यह भी जानिये कि एक गैर-सरकारी संगठन ‘न्याय भूमि’ के द्वारा दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने अपने हलफनामे में कार्यवाहक चीफ जस्टिस गीता मित्तल एवं न्यायमूर्ति सी.हरिशंकर की खंडपीठ से कहा कि संवैधानिक प्राधिकारियों एवं माननीयोँ की कारों का पंजीकरण कराने के लिए संबंधित प्राधिकरणों को पत्र लिखा जा चुका है |

बता दें कि सभी संबंधित प्राधिकरणों को पत्र देकर यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनके यहां इस्तेमाल में लाए जा रहे सभी वाहनों का पंजीकरण कराया जाए तथा नियमानुसार पंजीकरण नंबर प्रदर्शित किया जाए |

ज्ञातव्य हो कि केंद्र सरकार द्वारा कोर्ट में प्रतिनियुक्त वकील ने कोर्ट को विधिवत यह जानकारी दे दी है कि महामहिम उपराष्ट्रपति और उनकी धर्मपत्नी के इस्तेमाल वाली कारों सहित सचिवालय के सभी वाहनों पर रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करा लिया गया है | इस आशय का जवाब भी उपराष्ट्रपति कार्यालय से प्रेषित किया जा चुका है|

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