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सफल छात्रों के पेंटिंग्स को दौरम मधेपुरा स्टेशन पर डिस्प्ले किया जाएगा

प्रधानमंत्री के निदेश पर भारतीय रेल द्वारा महात्मा गांधी के जन्मोत्सव (2 अक्टूबर) को लेकर पूरे देश में स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा है। पूर्व मध्य रेल समस्तीपुर के तत्वावधान में सहायक मंडल वित्त अधिकारी आदित्य कुमार आनंद द्वारा मधेपुरा के 3 सर्वश्रेष्ठ विद्यालयों के छात्र-छात्राओं के बीच स्वच्छता विषय से संबंधित पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया।
बता दें कि इन तीनों स्कूलों में पेंटिंग कार्यक्रम आयोजित कराये जाने में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ.मधेपुरी ने रेल वित्त अधिकारी आदित्य कुमार आनंद (आईएएस) एवं हाॅली क्रॉस की प्राचार्या डॉ.बंदना कुमारी, सचिव गजेंद्र कुमार, माया विद्या निकेतन की प्राचार्य डॉ.चंद्रिका यादव व किरण पब्लिक स्कूल के निदेशक अमन प्रकाश के बीच सेतु का काम किया।
बता दें कि हॉली क्रॉस स्कूल में जहाँ समाजसेवी डॉ.मधेपुरी  ने खेद प्रकट करते हुए बच्चों से यही कहा कि पढ़े-लिखे लोग ही शहर में यत्र-तत्र गंदगी फैलाते हैं और अनपढ़ सफाई कर्मी सुबह-सवेरे उस गंदगी को साफ करने में लग जाते हैं जबकि पढ़े-लिखे लोग ही प्रायः बोला करते हैं- “स्वच्छता में ही ईश्वर का वास है।” वहीं डॉ.मधेपुरी ने कहा कि जब तक समस्त देशवासियों की इस काम में भागीदारी नहीं होगी तब तक ना तो देश स्वच्छ रहेगा और ना वहाँ के लोग स्वस्थ रह पायेंगे।
यह भी जानिए कि रेल की ओर से पर्यवेक्षक के रूप में पारसनाथ मिश्र, अवनीश कुमार सिंह एवं राघवेंद्र कुमार मौजूद रहे तथा तीनों स्कूलों के सफल छात्र-छात्राओं के पेंटिंग्स को रेलवे की ओर से पुरस्कृत भी किया गया। पुरस्कार प्रदान किये डॉ.मधेपुरी, सहायक रेल वित्त अधिकारी श्री आदित्य कुमार आनंद , प्रो.श्यामल किशोर यादव आदि ने।
चलते-चलते पूर्व मध्य रेल समस्तीपुर के सहायक मंडल वित्त अधिकारी आदित्य कुमार आनंद ने कहा कि स्वच्छता  पखवाड़ा पर आयोजित पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार पानेवाले छात्रों के पेंटिंग को दौराम मधेपुरा स्टेशन पर डिस्प्ले किया जाएगा।

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बिहार की बेटी श्रेयसी को मिलेगा अर्जुन पुरस्कार

बिहार के लिए गौरव का पल। ऑस्ट्रेलिया में हुए कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप की डबल ट्रैप शूटिंग स्पर्धा मे गोल्ड मेडल जीत कर बिहार का नाम रोशन करने वाली अंतर्राष्ट्रीय शूटर श्रेयसी सिंह को केन्द्र सरकार ने अर्जुन पुरस्कार देने की घोषणा की है। श्रेयसी को यह पुरस्कार 25 सितंबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद प्रदान करेंगे।

गौरतलब है कि श्रेयसी सिंह बिहार के जमुई जिले के गिद्धौर की रहनेवाली हैं। वो पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं बांका के पूर्व सांसद स्वर्गीय दिग्विजय सिंह तथा बांका की निवर्तमान सांसद पुतुल कुमारी की बेटी हैं। दिल्ली के हंसराज कॉलेज से स्नातक और तुगलकाबाद से शूटिंग का अंतर्राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण लेने वाली श्रेयसी सिंह का अगला लक्ष्य ओलंपिक है। वो अब ओलंपिक की शूटिंग स्पर्द्धा में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना चाहती हैं।

अर्जुन पुरस्कार के लिए श्रेयसी के चुने जाने पर पूरे बिहार में खुशी और गर्व का माहौल है। इस बेहद खास मौके पर श्रेयसी की मां व पूर्व सांसद पुतुल कुमारी ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि आज उसके पिता (स्व. दिग्विजय सिंह) हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन वे जहां कहीं भी हैं, उन्हें इस बात की खुशी होगी कि उनका सपना आज पूरा हुआ।

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डॉ.मधेपुरी सहरसा में शहीद भोला ठाकुर पथ बनाने को संकल्पित

क्या वर्ष 1942 में सहरसा रेलवे स्टेशन के पास अंग्रेजों की सेना को रोकने के लिए उमड़ पड़ी भीड़ के आंदोलनकारियों- जिनमें भोला ठाकुर (चैनपुर), केदारनाथ तिवारी (नरियार), कालेश्वर मंडल (बलहा) तथा पुलकित कामत एवं हरिकांत झा (बनगांव) शहीद हुए थे- ने कभी यह सोचा भी होगा कि आजादी खातिर उनके प्राण न्योछावर करने के बाद आजाद भारत में उनकी पत्नी व बच्चों को बीमारी की अवस्था में भी दवा तक नसीब नहीं होगी और उसी आजाद भारत के कुछ लोग हजारों-हजार करोड़ रुपये सर्वाधिक सहूलियत के साथ लेकर विदेशों में मौज-मस्ती व ऐश करते रहेंगे और भारत सरकार मुंह देखती रहेगी !

बता दें कि मीडिया के माध्यम से जब लोगों को आज की तारीख में यह जानकारी मिली कि सहरसा जिले के चैनपुर में शहीद भोला ठाकुर की पत्नी बेचनी देवी अभी भी जिंदा हैं तथा हृदय रोग से ग्रसित हैं……. इन्हें अपनी कोई संतान भी नहीं । हाँ ! बेरोजगार भातीज अजय ठाकुर अपनी पत्नी एवं दो बच्चों के साथ बूढ़ी माता बेचनी देवी को मिलने वाले पेंशन पर ही सपरिवार गुजर-बसर भी करता है तथा बारी-बारी से पति-पत्नी जग-जग कर वर्तमान बेईमान सरकारी तंत्र के बीच ईमानदारी से माता बेचनी देवी की सेवा में लगा भी रहता है।

मधेपुरा के डॉ.कलाम कहलाने वाले सर्वाधिक संवेदनशील साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने अपने निकटतम मित्र आर.एम. कॉलेज सहरसा के प्रभारी प्राचार्य डॉ.विनय कुमार चौधरी को साथ चलने की बात कही तथा जाड़े को दृष्टिपथ में रखते हुए कंबल, साडी- व साॅल आदि विभिन्न चीजों के साथ- पांच हज़ार की अल्प राशि लिए पहूँच गये चैनपुर और 2 घंटे तक ग्रामीणों के बीच चैनपुर की माताश्री से बातें की और अपनी “आजादी” कविता सुनाते रहे। चलते समय डॉ.मधेपुरी ने माता बेचनी देवी का आशीष प्राप्त कर बस इतना ही कहा- जब तक हम सबों की ये माताश्री धरती पर रहेंगी तब तक प्रत्येक महीने के प्रथम सप्ताह में वे (डॉ.मधेपुरी) ₹1000 का मनीऑर्डर भेजते रहेंगे……!! साथ ही उन्होंने यह भी कहा- शहीदों को हम भुला नहींं सकते, वो थेे तभी तो आज हम हैं। बता दें कि डॉ.मधेपुरी ने पहलेे भी शहीदोंं, स्वतंत्रता सेनानियों के नाम सार्वजनिक स्थलोंं का निर्माण करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है , जिनमें शहीद चुल्हाय मार्ग, शहीद चुल्हाय पार्क, डॉ. एपीजेे अब्दुल कलाम पार्क मधेपुरा, शहीद पार्क मधेपुरा, भूपेन्द्र नारायण मंडल वाणिज्य महाविद्यालय मधेपुरा, भूपेन्द्र चौक आदि प्रमुख हैं। इसके अलावे ₹10 लाख रुपये की जमीन महामहिम राज्यपाल के पदनाम रजिस्ट्री कर मधेपुरा वार्ड नंबर- 1 में दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल की ओर जाने वाला डॉ.मधेपुरी मार्ग भी…..।

चैनपुर गाँव के अधिकांश सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिकों सहित अंत तक अपनी उपस्थिति बनाये रखे- सुंदरकान्त ठाकुर उर्फ टुनटुन झा, सचिव ‘समाधान’, अजय कुमार ठाकुर, श्री कृष्ण झा, ब्रह्मदेव ठाकुर, जीतन मिश्र, राजेंद्र मिश्र, राजेंद्र ठाकुर, सुभाष चंद्र मिश्र, मंटू जी आदि।

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खिलाड़ियों के लिए हर राज्य में शुरू होंगी कई योजनाएं

जो हिमाचल प्रदेश पहले केवल एक लाख रूपये देता था खिलाड़ियों को वहीं अब ओलंपिक मेडल पाने वाले को मिलेंगे दो करोड़ की राशि यानी हिमाचल प्रदेश ने एशियाड के गोल्ड मेडलिस्ट की प्राइज मनी 200 गुना बढ़ाई है |

मध्य प्रदेश सरकार अब प्रत्येक साल 10 खिलाड़ियों को योग्यता के अनुसार नौकरी देगी | इस योजना को लागू करने हेतु बजट को बढ़ाकर 212 करोड़ किया गया है |

बता दें कि विभिन्न राज्यों में दी जाने वाली प्राइज मनी में ढेर सारी भिन्नताएं हैं | खिलाड़ियों से लेकर कोच तक सभी इस बारे में अपनी-अपनी बातें रखी हैं |

यह भी जानिए कि अब हिमाचल प्रदेश सहित पाँच राज्यों – हिमाचल, छत्तीसगढ़, पंजाब, झारखंड, दिल्ली में नई स्पोर्ट्स पॉलिसी की बातें कही गई हैं | यूँ कई राज्यों में खेल बजट कम होने के कारण बड़े बदलाव शीघ्र संभव नहीं है |

जानिए कि जहाँ हरियाणा की बजट 394 करोड़ है वहीं हिमाचल का बजट मात्र 24 करोड़ | तभी तो हरियाणा के खिलाड़ियों ने एशियाड में सबसे ज्यादा मेडल जीते हैं |

ज्यादा से ज्यादा मेडल जीतने के लिए खिलाड़ियों को खेलने की सुविधाएं, अच्छे अनुभवी कोच एवं प्राइज मनी में वृद्धि के साथ-साथ समाज एवं सरकार की सोच में समरूपता होनी चाहिए | देश का सम्मान और स्वाभिमान सर्वोपरि होना चाहिए |

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लालू, राबड़ी, तेजस्वी के खिलाफ समन

चारा घोटाला मामले में पहले से सजा काट रहे आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और भ्रष्टाचार के विभिन्न आरोपों को झेल रहे उनके परिवार की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं। सोमवार को नई दिल्‍ली के पटियाला हाउस कोर्ट में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका पर लालू, उनकी पत्‍नी व पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और छोटे बेटे व पूर्व उपमुख्यमंत्री तथा वर्तमान में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव सहित 14 आरोपितों की चार्जशीट पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस मामले में लालू, राबड़ी व तेजस्‍वी को समन जारी कर उन्‍हें आगामी छह अक्‍टूबर को हाजिर होने का आदेश दिया है।

बता दें कि आईआरसीटीसी होटल आवंटन घोटाला मामले में ईडी ने पटियाला हाउस कोर्ट में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्‍नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्‍वी यादव सहित कुल 14 लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में चार्जशीट दाखिल किया है। आरोपितों में लालू के बेहद करीबी रहे पूर्व मंत्री प्रेमचंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी सरला गुप्ता भी शामिल हैं। सोमवार को इस मामले में कोर्ट ने आरोपितों की हाजिरी सुनिश्चित करने के लिए समन जारी किया।

गौरतलब है कि आईआरसीटीसी होटल घोटाला मामले की जांच सीबीआई भी कर रही है। सीबीआई की ओर से दायर चार्जशीट पर पटियाला हाउस कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए लालू प्रसाद यादव की पत्‍नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्‍वी यादव को बुलाया था। उस मामले में राबड़ी व तेजस्वी को 31 अगस्त को जमानत मिल गई थी। अब इस घोटाला के मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रही ईडी के चार्जशीट पर क्‍या होता है, इस पर सबकी नजरें टिकी होंगी।

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चुनाव की चिन्ता हरगिज न करें कार्यकर्ता: नीतीश कुमार

लोकसभा चुनाव से पूर्व जदयू राज्य कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक 1, अणे मार्ग में सम्पन्न हुई। जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में हुई इस बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष श्री बशिष्ठ नारायण सिंह ने की। जदयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी, राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में दल के नेता आरसीपी सिंह, मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, पूर्व मंत्री नरेन्द्र सिंह समेत सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी, जदयू कोटे से मंत्रिमंडल के सभी सदस्य, विधानमंडल दल के सभी सदस्य, प्रदेश कार्यसमिति के सभी सदस्य तथा सभी जिलाध्यक्ष मौजूद रहे। इस मौके पर प्रसिद्ध चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने जदयू की सदस्यता ग्रहण की। राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने उन्हें पार्टी की सदस्यता प्रदान की।

सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि जदयू ‘कास्ट बेस्ड’ नहीं, ‘काम बेस्ड’ पार्टी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि आपको अपनी ताकत का अहसास रहना चाहिए। चुनाव की चिन्ता हरगिज ना करें। उन्होंने पूरे विश्वास के साथ कहा कि हमलोगों की ताकत लोकसभा में तो बढ़ेगी ही, विधानसभा में भी भारी बहुमत से हम वापस आएंगे। नीतीश कुमार ने पंचायत स्तर तक संगठन को मजबूत करने के लिए पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति कर उन्हें प्रशिक्षित करने, प्रकोष्ठों के बीच समन्वय स्थापित करने तथा जिला स्तर पर राजनैतिक सम्मेलन करने पर जोर दिया।

Press Conference after JDU Rajya Karyakarini Meeting.
Press Conference after JDU Rajya Karyakarini Meeting.

प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि लोहिया, चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर जो चाहते थे, वो सिर्फ नीतीश कुमार के नेतृत्व में और बिहार में हो रहा है। प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशों का अविलंब पालन होगा। उन्होंने छात्रों, युवाओं और महिलाओं की विशेष सहभागिता पर जोर दिया तथा पार्टी के सभी मंत्रियों से आग्रह किया कि वे अपने प्रभार वाले जिलों के अलावा पास के अन्य जिलों पर भी ध्यान दें। वहीं राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने कहा कि हाल के दिनों में रोड शो व अतिपिछड़ा सम्मेलन समेत पार्टी के हर कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं का अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि हमें वोट की चिन्ता किए बिना केवल अपने नेता और अपनी सरकार के कार्यों को जनता के बीच रख देना है।
कार्यकारिणी को मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह तथा पूर्व मंत्री नरेन्द्र सिंह ने भी संबोधित किया। कार्यकारिणी के सदस्यों ने अपना सुझाव शीर्ष नेतृत्व के समक्ष रखा। प्रशांत किशोर का कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने पार्टी में आगमन पर स्वागत किया।
कार्यकारिणी की बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह तथा राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने पार्टी मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस किया। इस दौरान प्रदेश महासचिव व मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमार आर्य एवं अनिल कुमार, जदयू मीडिया सेल के अध्यक्ष डॉ. अमरदीप, प्रवक्ता अरविन्द निषाद, प्रवक्ता अंजुम आरा, प्रवक्ता डॉ. सुहेली मेहता, प्रवक्ता डॉ. भारती मेहता, तथा प्रवक्ता श्वेता विश्वास मौजूद रहे।

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मधेपुरा में अखबार बेचकर कुलदीप ने कन्हैया को बनाया कंप्यूटर इंजीनियर

अभावों की जिंदगी जीने वाला हॉकर यानि अखबार घर-घर पहुंचाने वाला कुलदीप ने अपने एकमात्र पुत्र कृष्ण कुमार कन्हैया को दिल्ली में पढ़ाकर तथा कंप्यूटर इंजीनियर बनाकर एक मिसाल कायम कर दिया है। कुलदीप ने बेटी कोमल को अच्छी तालीम दिला कर प्राइवेट स्कूल की संचालिका ही नहीं बनाया बल्कि अखबार बेचकर ही उसने एक शिक्षक लड़का से बेटी कोमल की शादी धूमधाम के साथ किया। इस शादी में कुलदीप ने शहर के उन तमाम बुद्धिजीवियों को आमंत्रित किया था जिन्होंने अभावों के इस कुबेर कुलदीप को किसी-न-किसी रूप में हौसला बढ़ाया था…… उत्साहित एवं प्रोत्साहित किया था।

बता दें कि सहरसा जिले के सौर प्रखंड के काँप गांव में रहने वाला कुलदीप गरीबी की मार झेलने के दरमियान घर चलाने हेतु 1980 में मधेपुरा आकर अखबार बेचने का काम शुरू किया। आरंभ में कुलदीप ने मात्र 50 पेपर लेकर और पांव पैदल चलकर उसे घर-घर पहुंचाने लगा। फिर कुलदीप की मेहनत रंग लायी और साल लगते-लगते वह साइकिल पर सवार होकर लगभग 200 तक पेपर बेच लिया करता। फिलहाल वह बाईक पर सवार होकर 700 से अधिक पेपर की बिक्री करने लगा है।

यह भी जानिए कि निष्ठा पूर्वक अपने धंधे में लगे रहने वाले कुलदीप ने पेपर बेचकर ही मधेपुरा में अपनी जमीन खरीदकर मकान भी बना लिया है तथा अपने परिवार को सुखमय जीवन देकर वह दिनोंदिन शहर में चर्चित होता जा रहा है। शहर के प्रतिष्ठित लोग भिन्न-भिन्न अनुष्ठानों में कुलदीप को आमंत्रित करना नहीं भूलते हैं। भला क्यों नहीं कुलदीप ने तो अपनी पत्नी को भी उच्च शिक्षा देकर शिक्षिका जो बना लिया है। कुलदीप के घर में चतुर्दिक खुशियों का माहौल बरकरार है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि सर्वाधिक अनुभवी हॉकर कुलदीप यादव विगत कुछ वर्षों से जिले के अखबार बिक्रेताओं की कतिपय समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर रहा करते हैं। तभी तो हॉकरों ने उन्हें वर्षों से जिला हॉकरों संघ का अध्यक्ष बनाये रखा है।

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हिन्दी दिवस को आप कितना जानते हैं ?

आज दुनिया भर में भारत की पहचान जितनी अपनी सांस्कृतिक विविधताओं और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए है, उतना ही इसे हिन्दी के लिए भी पहचाना जाता है। किसी देश के राष्ट्राध्यक्ष भारत आएं और उन्हें भारत से निकटता प्रदर्शित करने के लिए कोई एक शब्द या वाक्य बोलना हो तो वो हिन्दी का होता है और दुनिया की बड़ी से बड़ी कंपनी के लिए भारत के बाजार में अपनी पैठ बनाने के लिए हिन्दी का सहारा लेना अनिवार्य-सा है। कारण स्पष्ट है कि हमारे देश में 77% लोग हिन्दी लिखते, पढ़ते, बोलते और समझते हैं।
भारत की अनेकता में एकता का स्वर हिन्दी के माध्यम से जैसे आज गूंजता है वैसे ही 1947 से पहले भी गूंजा करता था। यही कारण है कि 1946 में स्वतंत्र भारत के संविधान के लिए बनी समिति के सामने जब राष्ट्र की भाषा का सवाल खड़ा हुआ तब संविधान निर्माताओं के लिए हिन्दी ही सबसे बेहतर विकल्प थी। यह अलग बात है कि हिन्दी को सम्पूर्ण राष्ट्र की भाषा बनाए जाने को लेकर कुछ लोग विरोध में भी थे। इसलिए हिन्दी के साथ-साथ अंग्रेजी को भी राजभाषा का दर्जा दे दिया गया। खैर, जिस दिन देश को राजभाषा का दर्जा दिया गया था वो 14 सितंबर 1949 का था और इस दिन को हम आज हिन्दी दिवस के रूप में मनाते हैं।
गौरतलब है कि पहली बार राजभाषा घोषित किए जाने के 4 साल बाद यानि 14 सितंबर 1953 को हिन्दी दिवस मनाया गया था। देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने इस दिन के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए यह फैसला किया था। इस दिन विभिन्न सरकारी संस्थानों में हिन्दी को लेकर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। लेकिन यहां यह जानना दिलचस्प होगा कि भारत में जहां 14 सितंबर को हिन्दी दिवस मनाया जाता है वहीं दुनिया भर में हिन्दी दिवस मनाने की तारीख अलग है और वो तारीख है 10 जनवरी।
दरअसल, दुनिया भर में हिन्दी के प्रचार-प्रसार के लिए विश्व हिन्दी सम्मेलन का हर साल आयोजन किया जाता है। पहला विश्व हिन्दी सम्मेलन 10 जनवरी 1975 को नागपुर में आयोजित किया गया था जिसमें 30 देशों के 122 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। इस दिन के महत्व को ध्यान में रखते हुए 2006 में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने दुनिया भर में 10 जनवरी को विश्व हिन्दी दिवस मनाने की घोषणा की थी। इस दिन विदेशों में भारतीय दूतावास विशेष कार्यक्रम आयोजित करते हैं।

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16 सितंबर को जदयू राज्य कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य श्री बशिष्ठ नारायण सिंह ने 16 सितंबर को जदयू राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक बुलाई है, जिसमें मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहेंगे। पार्टी की यह महत्वपूर्ण बैठक सुबह 11 बजे से मुख्यमंत्री आवास, 1, अणे मार्ग में होगी। प्रदेश अध्यक्ष श्री बशिष्ठ नारायण सिंह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नीतीश कुमार, प्रधान महासचिव श्री केसी त्यागी, राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा में संसदीय दल के नेता श्री आरसीपी सिंह समेत बिहार के सभी राष्ट्रीय पदाधिकारी, प्रदेश के सभी पदाधिकारी, राज्य कार्यकारिणी के सभी सदस्य, विधानमंडल दल के सभी सदस्य तथा पार्टी के सभी जिलाध्यक्ष उपस्थित रहेंगे।

जदयू के सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में विशेष रूप से संगठन को मजबूती देने, पंचायत स्तर तक पार्टी को सुदृढ़ करने, सरकार द्वारा चलाए जा रहे सात निश्चय समेत अन्य विकास कार्यों का प्रचार-प्रसार करने तथा सामाजिक सरोकार से जुड़े अभियानों – शराबबंदी, दहेजबंदी, बालविवाह पर रोक एवं कन्या-सुरक्षा – की सफलता सुनिश्चित करने पर विचार किया जाएगा।

बता दें कि 16 सितंबर की बैठक से पूर्व 15 सितंबर को दिन के 3 बजे प्रदेश अध्यक्ष के आवास पर सभी प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें 16 तारीख की बैठक के बाकी एजेंडों पर विचार किया जाएगा। लोकसभा चुनाव में शीट शेयरिंग का मामला भी इनमें एक हो सकता है।

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अब कोसी के ही चालक चलायेंगे विद्युत इंजन लगी ट्रेनें

कोसी यानी सहरसा जंक्शन से अब विद्युत इंजन लगी ट्रेनों को छपरा, दरभंगा, पटना….. आदि स्टेशनों तक ले जाने के लिए समस्तीपुर एवं दरभंगा के प्रशिक्षित चालकों को यहाँ ड्यूटी पर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि सहरसा के ही छह लोको पायलट- के.के.यादव, कमलेश्वरी दास, उमेश प्रसाद मंडल, कल्याण पीहू, अभिषेक कुमार, राहुल कुमार सिंह एवं एक लोको इंस्पेक्टर जे.के.सिंह को हाल ही में मुगलसराय रेल इलेक्ट्रिक ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट से प्रशिक्षित करा लिया गया है। मुख्य क्रू नियंत्रक अशोक कुमार के अनुसार कुल सात- जिनमें छह लोको पायलट एवं एक लोको इंस्पेक्टर विद्युत इंजन लगी ट्रेनों को चलाने का प्रशिक्षण लेकर सहरसा लौट चुके हैं।

बता दें कि आए दिन समस्तीपुर-दरभंगा के चालकों को यहाँ ड्यूटी पर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अब सहरसा के ही प्रशिक्षित लोको पायलट विद्युत इंजन लगी ट्रेन लेकर मधेपुरा होते हुए पूर्णिया-कटिहार… और आगे….. एवं पटना-दरभंगा और आगे जाएंगे और आएंगे। जानिए कि चंद रोज कबल भी तो मुख्य लोको इंस्पेक्टर एस.सी.झा एवं लोको पायलट मनीष कुमार को मुगलसराय ट्रेनिंग हेतु भेजा गया है।

मुख्य क्रू नियंत्रक ने मधेपुरा अबतक को बताया कि समस्तीपुर एवं दरभंगा से लाए गए 6 लोको पायलटों को अपने पैतृक स्थान पर जल्द ही वापस भेज दिये जायेंगे- जिनमें से रंजन कुमार सिन्हा, मोहम्मद कमरुद्दीन एवं बैजनाथ राय को समस्तीपुर और बी.के.पंडित, राजेंद्र कामती एवं दया शंकर राय को दरभंगा वापस भेजा जाएगा।

यह भी जानिए कि कुछ अन्य ट्रेनों के अतिरिक्त सहरसा-राजेंद्रनगर टर्मिनल के बीच चल रही इंटरसिटी एक्सप्रेस में लगी डीजल इंजन की जगह विद्युत इंजन चलेगी तो प्रतिदिन लगभग 50 हज़ार लीटर डीजल की बचत होगी।

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