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अब जापान की बुलेट ट्रेनें भी मिथिला पेंटिंग्स से शीघ्र सजेंगी

प्रसिद्ध मिथिला पेंटिंग मधुबनी की चहारदीवारी को लांघकर….. भारतीय सरहद को पार करते हुए अंतरराष्ट्रीय आकाश में उड़ान भरने लगी है। एक समय था जब मधुबनी पेंटिंग से मधुबनी स्टेशन को ही सजा-सजाकर दर्शनीय बनाया गया था। बाद में संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के डब्बों पर बनी मधुबनी की मिथिला पेंटिंग्स दिल्ली के लोगों सहित विदेशियों को भी भाने लगा…. और अब तो जापान की बुलेट ट्रेनें भी मिथिला पेंटिंग से जल्द ही सजने जा रही हैं।

बता दें कि जापान से इस संबंध में भारतीय रेल मंत्रालय को सूचना आई है। जापान सरकार ने भारतीय रेल मंत्रालय से मधुबनी पेंटिंग्स के कलाकारों की टीम भेजने का आग्रह भी किया है। रेल मंत्रालय ने कलाकारों को भेजने की कवायद भी शुरू कर दी है। समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम आर.के.जैन द्वारा इस आशय की जानकारी दी गई कि प्रसिद्धि प्राप्त मिथिला पेंटिंग अब किसी परिचय की मोहताज नहीं है। तभी तो पेंटिंगें जापानी बुलेट ट्रेनों की भी शोभा बढ़ायेंगी।

यह भी बता दें कि भारतीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि पहली बार समस्तीपुर मंडल ने “बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस” को मिथिला पेंटिंग्स से सजाकर वाहवाही बटोरी थी। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्रसंघ ने भी इसे सराहा था तथा ट्रेनों में उकेरी गई ‘मिथिला पेंटिंग्स’ से सर्वाधिक विदेशी प्रभावित हैं।

यह भी जानिए कि जापान इस धरती पर ऐसा देश है जहाँ “मिथिला म्यूजियम” भी है। इस म्यूजियम को बनाने का श्रेय जापान के महान संगीतकार टोकियो हासेगावा को जाता है। जापान-भारत सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने वाली संस्था के यशस्वी प्रतिनिधि हैं- हासेगावा !

चलते-चलते यह कि जापान ने मिथिला पेंटिंग की खूबसूरती देखकर इस कला से जुड़े चित्रकारों की विभिन्न टीमों को भेजने का अनुरोध भारतीय रेल मंत्रालय से किया है।

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मधेपुरा सदर अस्पताल को सर्वाधिक आवश्यकता किन चीजों की है ?

मधेपुरा सदर अस्पताल में असैनिक शल्य चिकित्सक-सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ.शैलेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को अपराहन 3:00 बजे से पीसी एंड पीएनडीटी के तहत गठित 9 सदस्यीय सलाहकार समिति की बैठक सिविल सर्जन कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित की गयी जिसमें लगभग सभी सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की। सलाहकार समिति की प्रथम बैठक थी जिसमें सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी एवं महिलाओं के बीच लोकप्रिय उर्मिला अग्रवाल सहित चिकित्सक सदस्य डॉ.सच्चिदानंद यादव, डॉ.विपिन कुमार गुप्ता , डॉ.दिनेश प्रसाद गुप्ता, डॉ.रंजना कुमारी सहित जीपी अब्दुल कलाम एडवोकेट व जिला जन संपर्क पदाधिकारी उपस्थित हुए। सर्वप्रथम उपस्थित सदस्यों का परिचय किया गया।

आगे अल्ट्रासाउंड निबंधन हेतु सदस्यों के समक्ष कार्यालय के वरिष्ठ चिकित्सीय कर्मी दीपक कुमार द्वारा दो आवेदन उपस्थापित किया गया- (1) सदर अस्पताल मधेपुरा की ओर से एवं (2) यूनिक अल्ट्रासाउंड सेंटर, कारू-किन्नू काम्पलैक्स , भूपेन्द्र चौक, मधेपुरा। सदस्यों द्वारा विहित शर्तों की जांच की गई और एक रेडियोलॉजिस्ट एवं 25,000 निबंधन शुल्क जमा होने के साथ संतुष्ट होने पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यूनिक अल्ट्रासाउंड सेंटर का निबंधन किया जा सकता है।

बता दें कि इस अवसर पर समाजसेवी सदस्य डॉ.मधेपुरी द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब में यह जानकारी दी गई कि जिला भर में पूर्व से कुल 33 अल्ट्रासाउंड निबंधित हो चुका है जिसमें लगभग 25 क्रियाशील है। ये दोनों स्थापित होने से मरीजों को सुविधाएं मिलेंगी।

चलते-चलते यह कि डॉ.मधेपुरी द्वारा यह जिज्ञासा किये जाने पर कि मधेपुरा सदर अस्पताल को सर्वाधिक आवश्यकता किन चीजों की है के जवाब में जानकारी दी गई कि एक्स-रे मशीन की सख्त जरूरत है। साथ ही यह भी कहा गया कि ब्लड बैंक तो क्रियाशील है परंतु आईसीयू निवर्तमान जिलाधिकारी मो.सोहैल द्वारा चालू किया गया था, परन्तु कालांतर में विशेषज्ञों के नहीं होने के कारण बंद पड़ा है। सभी सदस्यों ने एक साथ यही कहा कि इस ओर जिला प्रशासन का ध्यान भी आकृष्ट किया जाना अपेक्षित होगा।

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प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए शॉर्टकट के चक्कर में न पड़ें – डीएम

मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज अनुमंडल में दौरे पर आए डीएम नवदीप शुक्ला (भा.प्र.से.) ने अनुमंडल सभाकक्ष में भूमि सुधार उपसमाहर्ता (डीसीएलआर) ललित कुमार सिंह (बि.प्र.से.) द्वारा संचालित निशुल्क बीपीएससी छात्रों के तैयारी क्लासेज में रविवार को पहुंचे और तैयारी क्लासेस का निरीक्षण भी किया। डीएम ने छात्रों को सफलता के कई मंत्र भी दिये।

बता दें कि इस दौरान प्रतियोगी छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए डीएम शुक्ला ने यही कहा कि परीक्षा में सफलता के लिए किसी को कभी भी शॉर्टकट के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने छात्रों से कहा कि शॉर्टकट के रास्ते मंजिल नहीं मिल सकती है। सफलता के लिए 5-6 घंटे कड़ी मेहनत और लगन की जरूरत पड़ती है।

DM Navdeep Shukla along with SDM & DCLR answering the questions in BPSC Preparetary Class Room at Kishunganj Subdivisional Head quarter on Sunday.
DM Navdeep Shukla along with SDM & DCLR answering the questions in BPSC Preparatory Class Room at Kishunganj Subdivisional Head quarter on Sunday.

यह भी जानिए कि मधेपुरा के ऊर्जावान जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने प्रतियोगी छात्र-छात्राओं को सलाह दी कि एक बार लक्ष्य का निर्धारण कर लेने के बाद जहाँ अभिमन्यु की तरह उसके भेदन के लिए लगन और जुनून के साथ मेहनत का होना आवश्यक है वहीं बिना घबराये पूर्ण एकाग्रता के साथ अर्जुन की तरह दृष्टि सदैव लक्ष्य पर रखते हुए पूर्ण मनोयोग के साथ डटे रहना तथा बिना थके-हारे विश्वास पूर्वक जुटे रहना अति आवश्यक है।

इस दरमियान छात्रों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि ऐसा विषय चुनें जिसे आप अपने शब्दों में आसानी से व्यक्त कर सकें। डीएम ने सफलता पाने हेतु लिखने की क्षमता को बढ़ाने पर विशेष बल देने को कहा।

चलते-चलते बता दें कि जहाँ डीएम शुक्ला ने उदाकिशुनगंज के डीसीएलआर ललित कुमार सिंह द्वारा सप्ताह में 2 दिन 2 घंटे बीपीएससी छात्रों के लिए किशुनगंज अनुमंडल मुख्यालय में शुरू किये गये मुफ्त वर्ग संचालन की सराहना की उसे ही जिला मुख्यालय में चलाने हेतु पूर्व में समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी ने टीपी कॉलेज के प्राचार्य से वर्ग संचालन हेतु सहमति भी ले ली थी , परंतु NH-106 की स्थिति जर्जर होने के चलते घंटों व्यर्थ समय बर्बाद करना डीसीएलआर को गले से नीचे नहीं उतर सका…..। मौके पर एसडीएम एस जेड हसन, शिक्षक प्रशांत गोस्वामी , नवल किशोर आदि उपस्थित थे।

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चतुर्थ हिन्दी स्पेलिंग बी चैंपियनशिप का पुरस्कार वितरण समारोह

बीते वर्षो की भांति इस वर्ष भी राज मैनेजमेंट के बैनर तले चतुर्थ अंतर विद्यालय हिन्दी शब्द स्पर्धा का पुरस्कार वितरण समारोह टीपी कॉलेज मधेपुरा के B.Ed हॉल में 3 फरवरी 2019 (रविवार) को संपन्न हुआ। समारोह में टी.पी. कॉलेज के प्राचार्य डॉ.के.पी.यादव मुख्य अतिथि, समाजसेवी-साहित्यकार व संरक्षक डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी मुख्य वक्ता एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में बैंक ऑफ इंडिया के प्रबंधक देवशरण कुमार, संजय परमार, संदीप शांडिल्य, सोनी राज आदि मौजूद थे।

बता दें कि इस हिन्दी शब्द स्पर्धा में कुल 700 छात्रों ने अपनी भागीदारी दी। छह कोटियों के….. प्रत्येक कोटि में टॉप 10 छात्रों को यानि कुल 60 छात्रों को संरक्षक, अध्यक्ष एवं विशिष्ट अतिथिगण द्वारा पुरस्कृत किया गया। आयोजन सचिव सावंत कुमार रवि ने बताया कि 6 जनवरी को प्रारंभिक परीक्षा एवं 13 जनवरी 2019 को फाइनल परीक्षा आयोजित की गई थी। उन्होंने बताया कि 42 छात्रों को सांत्वना पुरस्कार भी दिया गया।

District icon of 2019 Lok Sabha Election Miss Soni Raj receiving Momento by Sanrakshak Dr.Bhupendra Madhepuri, Principal Dr.A.K.Yadav, Sanjay Parmar, Branch Manager Dev Sharan Kumar, Sandeep Shandilya & others at 4th Spelling Bee Championship prize distribution ceremony TP College Madhepura.
District icon of 2019 Lok Sabha Election Miss Soni Raj receiving Momento by Sanrakshak Dr.Bhupendra Madhepuri, Principal Dr.K.P.Yadav, Prof. Sanjay Parmar, Branch Manager Dev Sharan Kumar, Sandeep Shandilya & others at 4th Spelling Bee Championship Prize Distribution Ceremony TP College Madhepura.

स्पेलिंग बी चैंपियनशिप के संरक्षक डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने जहाँ मुख्य वक्ता की भूमिका में शिक्षा और शिक्षक की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि ये दोनों समाज की सारी समस्याओं के समाधान में निरंतर आगे रहे हैं वहीं आयोजन की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ.के.पी.यादव ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रतियोगिता से छात्रों को हिन्दी के शब्दों को शुद्ध-शुद्ध लिखने एवं उच्चारण करने में लाभ मिलता है।

Dr.Madhepuri encouraging Md.Aatif with a momento.
Dr.Madhepuri encouraging Md.Aatif with a momento.

यह भी जानिए कि इस प्रतियोगिता का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार जहां ब्राइट एंजेल्स स्कूल की सिमरन को दिया गया वहीं सर्वाधिक प्रतिभागियों के साथ सम्मिलित होने वाले स्कूल के रूप में ब्राइट एंजेल्स स्कूल के निदेशक निक्कू नीरज को भी पुरस्कृत किया गया। जहाँ सीनियर कोटि में ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल के अभिजीत प्रथम रहे वहीं अन्य कोटियों में ग्रीन वैली स्कूल के राम कृष्णा व वेल्डन फ्यूचर की सृष्टि एक नंबर पर रही।

इस अवसर पर कुंदन कुमार, सुमन कुमार, अमित कुमार, अंशु , आतिफ , कार्तिक आदि कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु अंत तक उपस्थित रहे।

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बीएनएमयू के कॉलेजों के शिक्षक द्रुत गति से हो रहे सेवानिवृत्त

भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा की अंगीभूत इकाई राजेन्द्र मिश्र महाविद्यालय सहरसा के 6 शिक्षकों की सेवानिवृत्ति के उपरांत विदाई समारोह का आयोजन महाविद्यालय शिक्षक संघ द्वारा दिनांक 30 जनवरी 2019 को किया गया। समारोह की अध्यक्षता प्रधानाचार्य मेजर डॉ.अनिल कांत मिश्र ने की। सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों में डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.शैलेंद्र झा, डॉ.राजेंद्र प्रसाद यादव, डॉ.राधेश्वर झा, डॉ.सुशील कुमार सिंह एवं डॉ.सरबरे इस्लाम के नाम उल्लेखनीय हैं। संघ की ओर से पुष्पगुच्छ, शाॅल, डायरी, कलम, वस्त्र एवं गीता ग्रंथ सभी शिक्षकों को भेंट स्वरूप प्रदान किए गए। अधिषद् सदस्य डॉ.अरुण कुमार खाँ एवं डॉ.शैलेश्वर प्रसाद ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का परिचय दिया तथा स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं दी।  संघ के अध्यक्ष डॉ.अक्षयवट ठाकुर ने महाविद्यालय की स्वस्थ परंपरा एवं उसकी विशिष्टता में उक्त शिक्षकों के अवदान की चर्चा की।

अपने उद्बबोधन में प्राचार्य डॉ.मिश्र ने डॉ.विनय कुमार चौधरी को अनुशासन, ज्ञान, शिक्षा, प्रशासनिक क्षमता, सहजता एवं लोक व्यवहार के प्रतिनिधि पुरुष की संज्ञा देते हुए कहा कि डॉ.चौधरी ने अपने 37 वर्षों की शैक्षिक सेवा में अनेकानेक अप्रतिम योगदान दिए। महाविद्यालय के बरसर (अर्थपाल), एनएसएस पदाधिकारी, आइ.क्यू.ए.सी. (नैक) के सचिव, सांस्कृतिक परिषद के समन्वयक आदि के क्षेत्र में उनके अवदान के कारण ही महाविद्यालय इतनी ऊंचाई प्राप्त कर सका। यूजीसी द्वारा संपोषित तीन-तीन राष्ट्रीय सेमिनारों का आयोजन, एनटीएम मैसूर सम्पोषित अनेक कार्यशालाओं का आयोजन, स्कील मैनेजमेंट संबंधी संगोष्ठी में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व, इग्नू द्वारा बेस्ट काउंसलर की प्रमाण-उपलब्धता आदि ने महाविद्यालय को गौरव प्रदान किया।

यह भी बता दें कि डॉ.विनय कुमार चौधरी ने पांच मौलिक ग्रंथों की रचना की, तीन ग्रंथों के अनुवाद का मूल्यांकन (रिव्यू) किया, 4 शोध छात्र-छात्राओं का सफल मार्गदर्शन किया, अनेकानेक सेमिनारों में अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए तथा व्याख्यान दिए। डॉ.चौधरी के प्रयास का ही परिणाम था कि महाविद्यालय को नैक से मान्यता मिली तथा महाविद्यालय को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ घोषित किया गया। पिछले वर्ष 2018 में डॉ.चौधरी “साहित्य अकादमी- भारत सरकार पुरस्कार” के जुुुुरी (निर्णायक) नियुक्त किए गए थे। ऐसे व्यक्ति के बिछुड़ने से दुख ही नहीं सदमा जैसा लगता है, परंतु सेवाशर्त की परिणिति भी तो यही है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय में विकास पदाधिकारी, परीक्षा नियंत्रक, कुलानुशासन एवं कुलसचिव आदि पदों पर रह चुके प्रोफेसर (डॉ.) भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने दूरभाष पर डॉ.चौधरी को कर्मयोगी एवं उद्धात्त चेतना का मानव मानते हुए दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं दी। भू ना मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा के कुलपति प्रो. (डॉ.)अवध किशोर राय ने भी अपनी शुभकामना दूरभाष पर दी तथा 5 फरवरी 2019 तक सेवान्त लाभ भुगतान का आश्वासन दिया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो.आशुतोष कुमार झा सचिव ने किया।

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गुप्तेश्वर पांडेय होंगे बिहार के नए डीजीपी

बिहार सरकार ने राज्य के नए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के नाम की घोषणा कर दी है। भारतीय पुलिस सेवा के 1987 बैच के अधिकारी गुप्तेश्वर पांडेय को बिहार का नया डीजीपी बनाया गया है। बिहार के गृह विभाग ने गुरुवार को इसकी अधिसूचना जारी की है। गौरतलब है कि राज्य के वर्तमान डीजीपी केएस द्विवेदी गुरुवार को ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

सरकार से नई जिम्मेदारी मिलने के बाद गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि अपराध पर नियंत्रण उनकी पहली प्राथमिकता होगी। सभी से सहयोग की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि कोई भी शख्स अकेले कुछ नहीं कर सकता। आगे उन्होंने कहा, सरकार ने मुझे बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। हम सभी सिपाही से लेकर अधिकारी तक मिलकर सरकार की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने पुलिसकर्मियों को लोगों के बीच जाने की जरूरत पर बल दिया। बिहार के नए डीजीपी ने कहा, ‘सभी पुलिसकर्मियों को लोगों के बीच जाकर उनसे मिलकर उनकी परेशानियों को जानने का प्रयास करना चाहिए।’

गुप्तेश्वर पांडेय को बिहार में विशेष और स्मार्ट पुलिसिंग के लिए जाना जाता है। इससे पहले वे राज्य के कई महत्वपूर्ण पदों पर अपना योगदान दे चुके हैं। संवेदनशील और सामाजिक पुलिस अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बना चुके पांडेय बिहार में शराबबंदी के बाद शराब से होने वाले नुकसान को लेकर भी बड़ा अभियान चला चुके हैं।

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मनीषी भूपेन्द्र हैं समाजवादियों के प्रेरणास्रोत- डॉ.मधेपुरी

समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र नारायण मंडल की 116वीं जयन्ती आज मधेपुरा भूपेन्द्र चौक पर प्रातः 8:00 बजे डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी की अध्यक्षता में उत्साहपूर्वक मनाई गई। सवेरे से तुलसी पब्लिक स्कूल, ज्ञानदीप निकेतन, शांति आदर्श एवं अधिकलाल मध्य विद्यालय आदि के बच्चों द्वारा समाजवादी भूपेन्द्र की जयन्ती के बाबत प्रभात फेरी निकाली गई। नारे लगाये गये….. सैकड़ों तख्तियों पर उनकी तस्वीरें लहराई दिखी।

भूपेन्द्र चौक पर आयोजित जयंती समारोह के उद्घाटनकर्ता माननीय कुलपति डॉ.अवध किशोर राय द्वारा प्रतिमा पर प्रथम माल्यार्पण किया गया। अपने संबोधन में कुलपति ने शिक्षण व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका यही सपना है- छात्र और शिक्षक वर्ग में पढ़ते एवं पढ़ाते हुए दिखे। उन्होंने विश्वविद्यालय में किये गये सकारात्मक कार्यों का उल्लेख किया और शहर के गणमान्यों-साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ, पूर्व कुलसचिव शचीन्द्र, डॉ.आलोक कुमार, मो.शौकत अली……. आदि को अवगत कराते हुए हर क्षण विश्वविद्यालय को ऊंचाई देने हेतु प्रयासरत रहने का वचन दोहराया।

मुख्य अतिथि हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ जैसे इतिहासकार ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में मधेपुरा के योगदान की विस्तृत चर्चा की। श्री शलभ ने कहा कि भूपेन्द्र बाबू ने यहां समाजवाद का जो मंत्र दिया वह दीर्घकाल तक यहाँ के लोगों को प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने डॉ.मधेपुरी रचित “बूंद-बूंद सच एक सागर का” की जमकर चर्चा की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने कुलपति महोदय को शाल व बुके आदि से सम्मानित किया तथा इस अवसर पर उनके हाथों 3 निर्धन को कंबल और सभी स्कूलों के प्रधान को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अंत में डॉ.मधेपुरी ने भूपेन्द्र नारायण मंडल के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें मसीहा, फरिश्ता तथा अछूतों का अग्रदूत कहकर संबोधित किया। आवागमन बाधित होते देख अध्यक्ष ने वक्ताओं को समय नहीं दे पाने के लिए क्षमा प्रार्थी बन हाथ जोड़ लिया।

Dr.Bhupendra Madhepuri addressing University officers, teachers and students at BN Mandal South Campus on the occasion of 116th birth anniversary of Great Socialist Leader B.N.Mandal.
Dr.Bhupendra Madhepuri addressing University officers, teachers and students at BN Mandal South Campus on the occasion of 116th birth anniversary of Great Socialist Leader B.N.Mandal.

इस बार भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय में कुलपति ने शानदार समारोह आयोजित करने के लिए कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार को बधाई देते हुए कहा कि समाजवादी सोच वाले भूपेन्द्र बाबू के इस विश्वविद्यालय में जिन 85 कारसेवकों को 25 वर्षों से किसी ने नहीं देखा था उसे देखने की प्रेरणा उन्हें उसी प्रतिमा से मिली। कुलपति ने कहा कि महान लोगों की प्रतिमा प्रेरणास्रोत होती है।

समारोह को प्रतिकुलपति डॉ.फारुख अली, डॉ.शिवमुनि यादव, शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ.अशोक कुमार, कर्मचारी संघ के सचिव डॉ.राजेश्वर राय आदि ने संबोधित किया। देर से पहुंचे डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने बस इतना ही कहा कि जब भी उस मनीषी भूपेन्द्र के बारे में वे बोलने और लिखने बैठते हैं तो उन्हें अपनी लघुता का अहसास होने लगता है जबकि वे उस समाजवादी नेता के साथ गांव-गांव बैलगाड़ी से और शहर-शहर रेल गाड़ी से घूमते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिनके बारे में डॉ.लोहिया मधेपुरा वासियों से एक महती जनसभा में बोल रहे थे-

हे मधेपुरा के लोगो ! जानते हो…… मैं बार-बार मधेपुरा क्यों आता हूँ, क्योंकि मधेपुरा की धरती ने भूपेन्द्र नारायण मंडल जैसे सपूत को पैदा किया है जो गरीबों की समस्याओं को निर्भीकतापूर्वक पार्लियामेंट में उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।

अंत में कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार ने भूपेन्द्र नारायण मंडल के समाजवाद को सलाम किया और उसे जीने के लिए सबों से अनुरोध किया। धन्यवाद ज्ञापन किया विकास पदाधिकारी डॉ.ललन प्रसाद अद्री ने और मंच संचालन किया पृथ्वीराज यदुवंशी ने।

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राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के विचारों से लबालब हुआ मधेपुरा

अहिंसक संघर्ष के जरिये देश को आजाद कराने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की पुण्यतिथि जिले के सभी प्रखंडों से लेकर मुख्यालयों में उत्साह पूर्वक मनाई गई…..। सवेरे से चतुर्दिक यही गीत गूंजते हुए सुनाई देता रहा- हम लाये हैं तूफान से किश्ती निकाल के…. इस देश को रखना मेरे बच्चों संभाल के….

Dr.Bhupendra Madhepuri paying floral tribute to Mahatma Gandhi & Shahid Chulhai at Shahid Chulhai Road situated Dakbunglow.
Dr.Bhupendra Madhepuri paying floral tribute to Mahatma Gandhi & Shahid Chulhai at Shahid Chulhai Road situated Dakbunglow.

बता दें कि सर्वप्रथम डीएम नवदीप शुक्ला, जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती मंजू देवी, उपाध्यक्ष अधिवक्ता रघुनंदन दास, समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, डॉ.नरेश कुमार सीनेटर आदि ने शहीद चुल्हाय मार्ग पर अवस्थित जिला परिषद के परिसर में बापू की प्रतिमा पर एवं 30 जनवरी को ही शहीद हुए चुल्हाय यादव के तैल चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि किया। लगे हाथ समाहरणालय मधेपुरा के परिसर में निवर्तमान डीएम मो.सोहैल के कार्यकाल में निर्मित बापू की प्रतिमा पर वर्तमान डीएम नवदीप शुक्ला , एसडीएम वृंदा लाल , वरीय डिप्टी कलक्टर अल्लामा मुख्तार और समाजसेवी डॉ.मधेपुरी, जिप अध्यक्ष मंजू देवी, मो.शौकत अली आदि ने माल्यार्पण किया।

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri, DM Navdeep Shukla Zila Parishad Adhyaksha Smt.Manju Devi and others at Samaharnalaya Madhepura.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri, DM Navdeep Shukla Zila Parishad Adhyaksha Smt.Manju Devi and others at Samaharnalaya Madhepura.

बता दें कि मौके पर सर्वधर्म  प्रार्थना का भी आयोजन किया गया। स्काउट एंड गाइड के जयकृष्ण प्रसाद यादव द्वारा प्रार्थना संचालन किया गया। हिन्दू, मुस्लिम, ईसाई और सिख धर्म के धार्मिक उपदेशक आचार्य तेज नारायण यादव, मो.सलाउद्दीन, कुंदन कुमार पिंटू एवं गुरिंदरजीत सिंह ने भाग लिया।

DM Navdeep Shukla paying tribute to Rashtrapita Mahatma Gandhi on Shahid Diwas at Samaharnalaya Madhepura .
DM Navdeep Shukla paying tribute to Rashtrapita Mahatma Gandhi on Shahid Diwas at Samaharnalaya Madhepura .

आजादी की बात जब भी उठती है तो पहले महात्मा गाँधी का नाम आता है- यह बात कहकर डीएम नवदीप शुक्ला द्वारा उपस्थित जनों के बीच दो संकल्पों को निष्ठापूर्वक दोहराया गया – जिसमें एक कुष्ठ रोग एवं दूसरा नशा से संबंधित है। नशा वही है जो आदमी के शरीर एवं आत्मा दोनों को जर्जर कर देती है। जिला व्यवहार न्यायालय मधेपुरा के जजों एवं न्यायालय कर्मियों द्वारा भी बापू की तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित की गई।

कुलपति डॉ.अवध किशोर राय द्वारा बीएनएमयू के साउथ कैंपस में सामान्य शाखा एवं परीक्षा विभाग के बीच वाले पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया और माल्यार्पण भी। मौके पर प्रतिकुलपति, कुलसचिव, पीआरओ, डीन एवं संपदा पदाधिकारी आदि द्वारा पुष्पांजलि की गई। इस अवसर पर प्रतिमा के अनावरण के बाद कुलपति डॉ.राय ने कहा कि आज भी गांधीवाद की प्रासंगिकता है…. तभी तो दुनिया के युवा आज गांधी के विचारों की ओर आकर्षित हो रहे हैं। गांधी सर्वधर्म समभाव के हिमायती थे….. गाँधी के विचार हमेशा जीवित रहेंगे।

चलते-चलते यह भी बता दें कि दूर देहातों में इस बार फिल्म दिखाकर लोगों को गांधीवादी बनने के लिए जागरुक किया गया….. क्योंकि गाँधी के बताए रास्ते पर चलकर ही देश में शांति और उन्नति को ऊँचाई मिलेगी।

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एसएनपीएम +2 विद्यालय में सेमिनार समापन समारोह संपन्न

मधेपुरा के शिवनंदन प्रसाद मंडल उच्च माध्यमिक विद्यालय में जिले के सभी प्रखंडों के सैकड़ों अप्रशिक्षित शिक्षकों को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) द्वारा संचालित डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (D.El.Ed) का प्रशिक्षण 1 वर्ष से ज्यादे समय से चलते हुए आज सेवाकालीन प्रशिक्षण का भव्य समापन प्राचार्य संतोष कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर परिचर्चा हेतु दो विषयों का चयन किया गया- (1) राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा यानि NCF-2005 जिसे नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क-2005 के नाम से प्रसिद्धि प्राप्त हो चुका है। (2) आधी आबादी के लिए- नारी शिक्षा का महत्व।

इस अवसर पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जनार्दन प्रसाद निराला के अतिरिक्त प्रशिक्षुओं एवं शिक्षकों ने परिचर्चा में जमकर भागीदारी निभाई। महिला प्रशिक्षण में महिला शिक्षा के महत्व पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। आरम्भ में आगत अतिथियों का स्वागत शाल एवं बुके देकर किया गया। इससे पूर्व अतिथियों ने सम्मिलित रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का श्रीगणेश किया।

बता दें कि मुख्य वक्ता के रूप में मुख्य अतिथि समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने अपने संबोधन में शिक्षा और शिक्षक के महत्व की जानकारियां देने हेतु लॉर्ड एडेनबरो द्वारा द्वारकानाथ टैगोर से कही गई बातों की चर्चा की। जब एडेनबरो ने पूछा कि यदि हिन्दुस्तान के लोग शिक्षित हो जायें तो हमलोग यहां 3 महीना भी ठहर सकेंगे ? इस प्रश्न का जवाब रविंद्र नाथ टैगोर के दादा श्री द्वारका नाथ टैगोर ने यही कह कर दिया….. कि 3 हफ्ता भी नहीं। डॉ.मधेपुरी ने विदेशों में शिक्षकों की गरिमा की ऊंचाइयों का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका में शिक्षकों और वैज्ञानिकों को ही वीआईपी कहा जाता है। महिला शिक्षा के महत्व की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज की तारीख में संसार में सबसे अधिक महिला पायलट भारत में ही है।

अंत में सारे प्रशिक्षुओं को सर्टिफिकेट का वितरण किया गया। डॉ.मधेपुरी, प्राचार्य संतोष कुमार, पूर्व प्राचार्य मो.शकील अहमद सहित शिक्षक वृंद-शिवनारायण पंडित, कुमारी मीना मधुलिका, मंजू कुमारी , रमेश कुमार रमण, आकाश कुमार, विकास कुमार, अमृता कुमारी, सुधा कुमारी, आशुतोष आशीष, आनंद रंजन….. और मंच संचालक डॉ.अमलेश कुमार।

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जॉर्ज फर्नांडिस: बुझ गया भारतीय राजनीति का बेजोड़ सितारा

भारतीय राजनीति के सार्वकालिक महान शख्सियतों में शुमार जॉर्ज फर्नांडिस नहीं रहे। भारत के पूर्व रक्षामंत्री, प्रख्यात समाजवादी नेता, प्रखर वक्ता एवं समता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष जॉर्ज साहब के निधन से राजनीतिक चेतना से सम्पन्न हर व्यक्ति शोकाकुल है चाहे उसकी प्रतिबद्धता किसी भी दल के लिए क्यों न हो। बात जहाँ तक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की है तो उनके लिए यह व्यक्तिगत क्षति है। जॉर्ज साहब को श्रद्धांजलि देते हुए उनका गला रूंध गया और वे रो पड़े। पटना स्थित जदयू मुख्यालय में आयोजित शोकसभा में उनके साथ पूरा जदयू परिवार मर्माहत दिखा। शोकसभा के बाद जॉर्ज साहब को श्रद्धांजलि देने व उनके अंतिम संस्कार में भाग लेने नीतीश कुमार तत्काल दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
जॉर्ज साहब के निधन की खबर मिलते हुए जदयू के पटना में उपस्थित तमाम नेता, पदाधिकारी व कार्यकर्ता पार्टी मुख्यालय में जुटने लगे। यहां आयोजित शोकसभा में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, प्रदेश अध्यक्ष बशिष्ठ नारायण सिंह, विधानसभा अध्यक्ष विजय चौधऱी, ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जयकुमार सिंह, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री मदन सहनी, गन्ना उद्योग मंत्री खुर्शीद आलम, विधानपार्षद व पूर्व शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी, विधानपार्षद प्रो. रामवचन राय, संजय गांधी, ललन सर्राफ, राष्ट्रीय सचिव रविन्द्र सिंह, प्रदेश महासचिव व मुख्यालय प्रभारी डॉ. नवीन कुमार आर्य, अनिल कुमार, मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह, जदयू मीडिया सेल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप समेत बड़ी संख्या में पार्टी के नेतागण एवं कार्यकर्तागण मौजूद रहे।
शोकसभा के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जॉर्ज साहब के निधन से हम सभी मर्माहत हैं। उनका जो योगदान इस देश की राजनीति में रहा है और जो कुछ भी उन्होंने समाज के लिए किया है वह सदैव याद रखा जाएगा। सिद्धांत के प्रति, समाजवादी विचारधारा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सदैव रही। संसद में या रक्षा, रेल आदि मंत्रालयों में भी उनकी भूमिका भुलायी नहीं जा सकती। मुख्यमंत्री ने कहा कि जॉर्ज साहब हमलोगों के न सिर्फ नेता थे बल्कि वे अभिवावक भी थे। 1994 में उन्हीं के नेतृत्व में नई पार्टी बनी। उनके नेतृत्व और मार्गदर्शन में जो कुछ भी सीखने का अवसर मिला और आज जो कुछ भी लोगों की सेवा करने की कोशिश करते हैं इसमें उनका ही योगदान रहा है। मैं उनके चरणों में श्रद्धा-सुमन अर्पित करता हूँ।
जॉर्ज साहब के निधन पर दिल्ली स्थित जदयू के राष्ट्रीय कार्यालय में भी शोकसभा का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में दल के नेता आरसीपी सिंह, सांसद रामनाथ ठाकुर, सांसद कहकशां परवीन, राष्ट्रीय महासचिव संजय झा समेत कई राष्ट्रीय पदाधिकारी, दिल्ली के प्रदेश पदाधिकारी व कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, आरसीपी सिंह व अन्य नेतागण दिल्ली के पंचशील पार्क स्थित स्व. जॉर्ज फर्नांडिस जी के आवास पर भी गए और उनके पार्थिव शरीर के दर्शन कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनकी पत्नी व परिजनों से मिले। प्राप्त जानकारी के मुताबिक जॉर्ज साहब के पुत्र अमेरिका में रहते हैं। अंतिम संस्कार के लिए उनकी प्रतीक्षा की जा रही है। चलते-चलते बता दें कि जॉर्ज साहब के निधन पर बिहार में दो दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है।

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