बिहार विधानसभा में सोमवार को विपक्ष के भारी हंगामे के बीच सवर्ण आरक्षण बिल पारित हो गया। बिल के पास होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इस बिल को सर्वसम्मति से पारित होना चाहिए था, लेकिन विपक्ष को हंगामा करने के अलावा कुछ सूझता नहीं। विपक्ष का काम है हंगामा करना। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि रांची से मिले आदेश के बाद राजद हंगामा मचा रहा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि केन्द्र द्वारा सवर्ण आरक्षण का ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। अब हमलोग कानून बनाकर राज्य की सेवाओं में इसे लागू कर रहे हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व से जारी 50% आरक्षण पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। ये अतिरिक्त आरक्षण है।
बिहार विधानसभा ने सोमवार को ही 2021 में जाति आधारित जनगणना कराए जाने और विश्वविद्यालयों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा लागू लागू की गई रोस्टर प्रणाली को समाप्त करते हुए पूर्ववत विश्वविद्यालय स्तरीय रोस्टर के आधार पर नियुक्ति करने से संबंधित प्रस्ताव को ध्वनि मत से पारित किया। संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार द्वारा पेश उक्त दोनों प्रस्ताव के पारित होने के बाद अब उन्हें केन्द्र को भेजा जाएगा।
पुलवामा आतंकी हमले में हुए भारत माता के सभी 44 शहीद सपूतों के सजदे में झुके संपूर्ण देश के आक्रोश में होने के बावजूद भी जहाँ पीएम नरेन्द्र मोदी ने उन बहादुर सैनिकों और उन्हें जन्म देने वाली माताओं को सलाम करते हुए यही कहा- “आज उन शहीदों के परिवार के साथ संपूर्ण देश खड़ा है….” वहीं इस हमले में सीआरपीएफ के जवान बिहार निवासी हवलदार संजय कुमार सिन्हा एवं सिपाही रतन कुमार ठाकुर द्वारा देश की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वालों के परिजनों को बिहार सरकार की ओर से सीएम नीतीश कुमार ने 36-36 लाख रुपए देने की घोषणा की है।
बता दें कि शहीदों की विदाई में उमड़ा जनसैलाब ! पूरा देश एकजुट ! आतंक पर वार के लिए सभी दल तैयार ! सारा देश सीआरपीएफ जवानों की शहादत से दु:खी और कुछ भी कर गुजरने को तैयार…. !!
Dr. Bhupendra Madhepuri .
दु:ख की इस घड़ी में यह भी जान लें कि संवेदनशील समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उद्घोषणा- “शहीदों के परिजनों के साथ आज सारा देश खड़ा है” पर मधेपुरा अबतक से गंभीरतापूर्वक चर्चा की और इसके माध्यम से देश के गृहमंत्री एवं रक्षामंत्री से उन्होंने विनम्र अनुरोध किया है कि वे पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सभी शहीदों के परिजनों के बैंक खाते का नंबर देश के करोड़ों-करोड़ संवेदनशील देशवासियों की जानकारी में दें ताकि भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम सरीखे करोड़ों संवेदनशील भारतीय 44 शहीदों के परिजनों के खाते में 1-1 रूपये डाल सकें तो करोड़ों रुपये हो जाएंगे….. उन्हें बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से लेकर शादी-विवाह या अन्य जरूरतों के लिए कभी विवश नहीं होना पड़ेगा…… और तभी सही मायने में दुनिया को “शहीदों के परिजनों के साथ संपूर्ण भारत खड़ा” दिखेगा।
पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवानों के पार्थिव शरीर शुक्रवार को श्रीनगर से दिल्ली लाए गए। इस दौरान पालम एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और तीनों सेना के प्रमुखों के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान केन्द्रीय राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने इस दौरान हाथ जोड़कर शहीदों के शवों की परिक्रमा भी की। परिक्रमा का ये क्षण बड़ा ही भावुक कर देने वाला था। पूरा देश उस समय मानो परिक्रमारत था।
Home Minister Rajnath Singh carrying coffin of slain CRPF Soldier killed in Pulwama Attack.
बहरहाल, खबर है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी केन्द्रीय मंत्रियों और भाजपा शासित राज्यों के मंत्रियों को निर्देश दिया है वे अपने राज्यों के शहीदों के अंतिम संस्कार में हिस्सा लें और उनके परिवारों की हर संभव मदद करें। इससे पहले शहीद जवानों को गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़गाम में श्रद्धांजलि दी थी। उन्होंने शहीद के शव को कंधा भी दिया। यह एक तरह से सवा सौ करोड़ भारतीयों की भावना की अभिव्यक्ति थी।
बता दें कि केन्द्र सरकार ने शनिवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। यह बैठक केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे से संसद की लाइब्रेरी में होगी। माना जा रहा है कि सरकार सभी राजनीतिक दलों को हमले के बारे में पूरी जानकारी देगी और आगे की रणनीति पर भी चर्चा की जा सकती है। प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्यॉरिटी (सीसीएस) की बैठक में सर्वदलीय बैठक बुलाने का फैसला लिया गया था।
सूत्रों की मानें तो मोदी सरकार इस हमले के बाद उठाए जाने वाले किसी भी कदम से पहले विपक्षी दलों को भी विश्वास में लेना चाहती है। इसके अलावा यह संदेश देने की भी कोशिश की जाएगी कि संकट की इस घड़ी में सभी पार्टियां साथ हैं। सरकार की कोशिश है कि विपक्ष को विश्वास में लेने के बाद कोई भी कदम उठाना आसान होगा। वैसे चलते-चलते बता दें कि केन्द्र में सरकार की सहयोगी पार्टी शिवसेना इस मुद्दे पर संसद का संयुक्त सत्र बुलाने की मांग कर चुकी है।
गुरुवार को जदयू मीडिया सेल मुख्यालय में आयोजित मीडिया सेल प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने मीडिया सेल कार्यालय एवं विभिन्न गतिविधियों के प्रभारी तथा प्रमंडल प्रभारियों की घोषणा की। इसके साथ ही शेष बचे 214 प्रखंड संयोजकों की दूसरी सूची और 64 सेक्टर संयोजकों की सूची भी जारी कर दी गई।
जदयू मीडिया सेल द्वारा जारी सूची के अनुसार मुख्यालय का प्रभार धनंजय शर्मा को दिया गया है, जबकि प्रभात रंजन झा को संगठन प्रभारी बनाया गया है। कार्यक्रम प्रभारी का दायित्व राजीव रंजन पटेल एवं जनसंपर्क प्रभारी का दायित्व यादव उमेश कुमार को दिया गया है। इसी तरह प्रवीण तिवारी को विधि प्रभारी, डॉ. धीरज सिन्हा एवं सागरिका चौधरी को संवाद प्रभारी, विनीता स्टेफी एवं प्रिंस श्रीवास्तव को सूचना प्रभारी, संतोष अशर, धीरज सिंह राठौड़, पिंकी भारती को सोशल नेटवर्क प्रभारी तथा डॉ. सुभाष चन्द्रशेखर, प्रभात कुमार आर्य एवं देवयानी दूबे को समन्वय प्रभारी बनाया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमरदीप ने बिहार के सभी 9 प्रमंडलों के लिए भी प्रभारियों की घोषणा कर दी, जिनके नाम इस प्रकार हैं: संतोष चौधरी (पटना), अभय विश्वास भट्ट (मगध), मिथिलेश निराला (सारण), अनितेश कुमार (भागलपुर), सैयद नजम (मुंगेर), अनुपम कुमार (तिरहुत), नबीस कुमार नवेन्दु (दरभंगा), कैप कुमार (कोसी) एवं अप्पू पटेल (पूर्णिया)।
बैठक के बाद डॉ. अमरदीप ने कहा कि अब बिहार के सभी 534 प्रखंडों एवं शहरी क्षेत्रों के सेक्टर में मीडिया सेल के साथी मौजूद हैं। प्रदेश कार्यसमिति और तकनीकी समिति के सभी साथी पहले ही पूरी मुस्तैदी से अपने-अपने काम को अंजाम दे रहे हैं। आगामी लोकसभा चुनाव में अपनी भूमिका निभाने और शीर्ष नेतृत्व की अपेक्षा पर सदैव खरा उतरने के लिए जदयू मीडिया सेल प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आगामी 3 मार्च को पटना के गांधी मैदान में एनडीए की रैली आहूत है, जिसे ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बनाने के लिए जदयू मीडिया सेल की पूरी टीम दिन-रात जुटी हुई है।
बिहार के लिए बड़ी ख़बर। पटना मेट्रो को मंजूरी मिल गई। केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने इस परियोजना को हरी झंडी दे दी है। बुधवार को हुई केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक में इस पर सहमति बनने के बाद तत्काल स्वीकृति की मुहर लगा दी गई। 17 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका शिलान्यास करेंगे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसके लिए ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी। वहीं, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को इसके लिए बधाई दी है।
गौरतलब है कि पटना मेट्रो पर 13365.77 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जबकि 31.39 किमी लाइन तैयार होगी। इस परियोजना पर बिहार में 2016 में काम शुरू हो गया था। इसी महीने 6 फरवरी को केन्द्रीय प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड ने पटना मेट्रो प्रोजेक्ट पर अपनी मुहर लगाई थी। इसके पूर्व बिहार कैबिनेट ने 26 सितंबर को इस परियोजना को अपनी हरी झंडी दी थी। जिसके बाद बुधवार को इसे केन्द्रीय कैबिनेट के ध्यानार्थ लाया गया।
नगर विकास विभाग की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक इस योजना पर खर्च होने वाली राशि का बीस प्रतिशत हिस्सा केन्द्र और बीस प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। शेष 60 प्रतिशत राशि का प्रबंध पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को करना होगा। बता दें कि योजना के पहले फेज में दो कॉरिडोर बनाए जाएंगे। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर और नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की लंबाई 16.94 किमी होगी। जबकि नार्थ-साउथ कॉरिडोर की लंबाई 14.45 किमी। जहाँ तक स्टेशनों की बात है, ईस्ट-वेस्ट रूट में दानापुर, रूपसपुर, सगुना मोड़, राजा बाजार, गोल्फ क्लब, चिडिय़ाखाना, रूकुनपुरा, विकास भवन, विद्युत भवन, जंक्शन, मीठापुर बस स्टैंड आदि मेट्रो स्टेशन होंगे, जबकि नार्थ-साउथ रूट में पटना जंक्शन, पटना जंक्शन, आकाशवाणी, गांधी मैदान, पीएमसीएच, पीयू, प्रेमचंद्र रंगशाला, राजेन्द्र नगर टर्मिनल, एनएमसीएच, कुम्हरार, गांधी सेतु जीरोमाइल, आईएसबीटी आदि मेट्रो स्टेशन होंगे।
बहरहाल, कहने की जरूरत नहीं कि पटना मेट्रो के प्रस्ताव को केन्द्र की मंजूरी मिलने से इस काम में अब तेजी आएगी। उम्मीद है कि पटना मेट्रो योजना अगले पांच साल में जमीन पर उतार दी जाएगी। बिहार के विकास का यह सचमुच नया अध्याय है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को साधुवाद और बधाई।
विकसित बिहार के लिए जितना शिक्षित होना जरूरी है उससे भी अधिक जरूरी है विभिन्न खेलों में सर्वोत्तम खिलाड़ियों का होना। यूँ तो खेल लगभग सभी बच्चों द्वारा पसन्द किए जाते हैं, चाहे वे लड़की हो या लड़का। और हाँ, खेल बच्चों के शारीरिक, मानसिक, मनोवैज्ञानिक और बौद्धिक स्वास्थ्य के साथ गहराई से जुड़ा हुआ भी तो है।
मधेपुरा के पार्वती विज्ञान महाविद्यालय कीर्ति नगर के वर्ष 2018-19 की सर्वोत्तम खिलाड़ी रही है रियांशी गुप्ता। बी.एन.मंडल विश्वविद्यालय के क्रीड़ा विभाग की ओर से पार्वती साइंस कॉलेज में पढ़ रही बीए प्रथम वर्ष की छात्रा रियांशी गुप्ता को सर्वोत्तम खिलाड़ी के रूप में सीनेट सदस्य मनोनीत किया गया है।
इस बाबत विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के सचिव डॉ.मो.अबुल फजल द्वारा मीडिया को यह जानकारी दी गई कि हाल ही में रियांशी ने आर.एम.कॉलेज सहरसा में आयोजित इंटर कॉलेज टेबल टेनिस प्रतियोगिता में महिला वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया और फिर मगध विश्वविद्यालय बोधगया में आयोजित इंटर यूनिवर्सिटी एकलव्य प्रतियोगिता में भी रियांशी ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर बीएनएमयू को गौरवान्वित किया।
Newly appointed Senate Member (BNMU) Riyanshi Gupta (Middle) along with Sports Secretary Dr.Md.Abul Fazal, Coach Pradeep Shrivastav and others.
बता दें कि विश्वविद्यालय खेल विभाग द्वारा इस वर्ष सीनेट सदस्य के रूप में इनके नाम की अनुशंसा की गई थी, जिसे कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने स्वीकृति प्रदान की। प्रभारी कुलसचिव डॉ.कपिल देव प्रसाद ने 1 वर्ष के लिए छात्रा रियांशी गुप्ता के सीनेट सदस्य मनोनीत किये जाने की अधिसूचना जारी की।
सीनेट सदस्य बनने पर रियांशी को कुलपति डॉ.ए.के.राय, प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली, कुलसचिव कर्नल नीरज कुमार, पूर्व कुलाशासक व कुलसचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, खेल सचिव मो.अबुल फजल, पीआरओ डॉ.सुधांशु शेखर सहित शहर के गणमान्यों ने भी बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।
जानिए कि शहर के ख्यात राम प्रताप साह हलवाई के पौत्र उत्तम कुमार साह व पौत्रवधू पूनम देवी की पुत्री रियांशी गुप्ता टेबल टेनिस में दर्जनों बार नेशनल खेल चुकी है और अनेक पुरस्कार भी जीत चुकी है। बिहार सरकार ने टेबल टेनिस में रियांशी की क्षमता को देखकर उसे खेल सम्मान से सम्मानित भी किया है।
चलते-चलते यह भी बता दें कि कोच प्रदीप श्रीवास्तव के निर्देशन में रियांशी ने टेबल टेनिस की शुरुआत की और आज प्रदेश और देश में अपनी अलग पहचान बना चुकी है। मधेपुरा टे.टे. एसोसिएशन के संरक्षक डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने रियांशी की प्रतिभा को देखते हुए उसके पिता से बाहर के सर्वश्रेष्ठ कोच से ट्रेनिंग दिलाने की चर्चा यह कहते हुए की कि अर्थ के अभाव में वे भी सहयोग करेंगे।
राजधानी पटना के नव निर्मित सेंट्रल हॉल में पहली बार विधान मंडल के संयुक्त सत्र को महामहिम राज्यपाल लालजी टंडन ने सोमवार (11 फरवरी, 2019) को बजट-सत्र के पहले दिन संबोधित किया | महामहिम राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में राज्य सरकार के सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किये गये प्रयासों, उपलब्धियों एवं लक्ष्यों की विस्तृत चर्चाएं की | उन्होंने कहा कि राज्य की नीतीश सरकार न्याय के साथ विकास को लेकर चलने के लिए कृत संकल्पित है |
बता दें कि महामहिम राज्यपाल लालजी टंडन ने सदन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुशील मोदी, विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, विधान परिषद के अध्यक्ष मो.हारून रशीद, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव सहित सारे मंत्रियों, विपक्ष के नेता व सभी दल के विधायकों व परिषद सदस्यों के बीच सरकार की उपलब्धियों की विस्तृत चर्चा करते हुए संक्षेप में यही कहा- (1) पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट अंतिम चरण में हैं (2) लगभग साढ़े पांच लाख ‘कुशल युवा कार्यक्रम’ के तहत प्रशिक्षण पा चुके (3) साढ़े 21 लाख घरों में ‘हरघर नल जल’ योजना का जल पहुंच गया और (4) साढ़े अठारह लाख घरों को पक्की गली-नाली से जोड़ा जा चुका है |
यह भी बता दें कि महामहिम राज्यपाल 11:30 बजे अपराह्न में सेंट्रल हॉल पहुंचे और 11:47 बजे अभिभाषण समाप्ति के साथ ‘भारत माता की जय’ के नारे लगे और विदा हुए |
चलते-चलते यह भी जान लीजिए कि उप-मुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सुशील मोदी ने संयुक्त सदनों के सदस्यों को बिहार की तेरहवीं आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश करते हुए यह जानकारी दी कि देश से भी तेज है बिहार के विकास की दर…….| वित्त मंत्री ने कहा कि 2017-18 का आर्थिक सर्वेक्षण बताता है कि जहाँ राष्ट्रीय औसत 7 फ़ीसदी रहा वहीं बिहार के विकास की दर 9.9 से बढ़कर 11.9 प्रतिशत हुई |
यह भी बता दें कि 2019 के चुनावी वर्ष होने के कारण विधानमंडल का वार्षिक बजट सत्र अल्पावधि का है | 15 फरवरी को लेखानुदान पर वाद-विवाद के साथ मतदान के बाद सत्र-समापन होगा |
मधेपुरा जिले के प्राय: सभी प्राइवेट एवं सरकारी स्कूलों से लेकर छोटे-बड़े चौक-चौराहों पर भी युवा क्लबों व संगठनों द्वारा सरस्वती वंदना के जयकारे से गुंजायमान होता रहा माहौल। भिन्न-भिन्न परिधानों से सजाई गई माँ शारदे की प्रतिमा के समक्ष पूजनोत्सव के दरमियान हो रहे मंत्रोच्चार से भक्तिमय होता रहा इलाका।
Dr.Madhepuri, Dr.Naresh Kumar, Dr.Siddheshwar Kashyap, Prof.Shyamal Kishor Yadav and Director Dr.Chandrika Yadav at Science Exhibition organised by Maya Vidya Niketan.
बता दें कि चतुर्दिक धूमधाम से एवं विधि-विधान से संपन्न हुई माँ शारदे की पूजा ! छात्र-छात्राओं में चारों ओर दिखा जबरदस्त उत्साह व उमंग ! भक्तिपूर्ण माहौल में लोगों ने पूजा-पंडाल में अर्पित की पुष्पांजलि ! बसंत पंचमी के मौके पर माँ शारदे के समक्ष बच्चों ने लिया पढ़ने-लिखने का संकल्प !
Dr.Bhupendra Madhepuri observing the creativity of students at Maya Vidya Niketan Madhepura.
यह भी जानिए कि जहाँ शहर के माया विद्या निकेतन के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान प्रदर्शनी में दिखाये अपने प्रयोग के कई नमूने वहीं इसी बसंत पंचमी के मौके पर शहर के जितेंद्र पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा भी साइंस एग्जीबिसन लगाया गया।
Dr.Bhupendra Madhepuri receiving Special Guest of Honour from the director of Maya Vidya Niketan Dr.Chandrika Yadav.
बता दें कि जिला मुख्यालय के शहीद चुल्हाय मार्ग एवं नया नगर (मदनपुर) स्थित माया विद्या निकेतन के दोनों परिसर में सरस्वती पूजनोत्सव के साथ-साथ विभिन्न वर्गों के भिन्न-भिन्न ग्रुपों में विज्ञान प्रदर्शनी का रोचक प्रदर्शन किया गया। विज्ञान प्रदर्शनी के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने वैज्ञानिक सुविधाओं से लैस गाँव, विद्युत रेल इंजन कारखाने के प्रभाव, रोबोट का परिचालन, वाई-फाई की उपयोगिता सहित कई अन्य आधुनिक प्रयोगों को प्रस्तुत किया। मौके पर उपस्थित अतिथियों समाजसेवी-साहित्यकार सह फिजिक्स के प्रोफेसर डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, पूर्व प्राचार्य प्रो.श्यामल किशोर यादव, बीएनमुस्टा के महासचिव, केमिस्ट्री के प्रोफेसर व सीनेटर डॉ.नरेश कुमार, ख्यातिप्राप्त साहित्यकार डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप को स्मृति चिह्न से सम्मानित करते हुए विद्यालय निदेशिका डॉ.चन्द्रिका यादव सहित सभी अतिथियों ने विज्ञान प्रदर्शनी की प्रशंसा की तथा बाल प्रतिभाओं की जमकर तारीफ भी की।
Renowned Professor of Physics Dr.Madhepuri addressing students & teachers at Science Exhibition organised by Maya Vidya Niketan.
इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने सरस्वती पूजनोत्सव के महत्व को विस्तार से बताते हुए एवं भारतरत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम से हुई बातों को उद्धृत करते हुए विज्ञान प्रदर्शनी में मौजूद बच्चों से यही कहा कि विश्व में पहला वैज्ञानिक कोई-न-कोई बच्चा ही रहा होगा। उन्होंने बच्चों से यह भी कहा कि पहला मिसाइल मैन कलाम नहीं बल्कि हैदर अली का बेटा टीपू सुल्तान था। मंच संचालन राष्ट्रीय वक्ता हर्षवर्धन सिंह राठौर ने किया।
बंगला खाली नहीं करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट की फटकार खाने के बाद आखिरकार आरजेडी नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव को शनिवार को कहना पड़ा कि वह इस आदेश का सम्मान करेंगे और बंगला खाली करेंगे।
गौरतलब है कि तेजस्वी ने उपमुख्यमंत्री के लिए निर्धारित सरकारी बंगला खाली करने के पटना हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सर्वोच्च अदालत ने तेजस्वी की यह अर्जी खारिज कर दी थी और उन्हें विपक्ष के नेता के लिए आवंटित आवास में जाने का आदेश दिया था। यही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय की दो पीठों से अर्जी खारिज होने के बाद भी अपना मुकदमा शीर्ष अदालत तक लाने के कारण उन पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
बहरहाल, तेजस्वी जहां एक ओर सर्वोच्च अदालत से माफी मांग रहे हैं वहीं दूसरी ओर बंगला आवंटन को लेकर राज्य सरकार पर द्वेषपूर्ण व भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप भी लगा रहे हैं और इसके खिलाफ ‘लोकतांत्रिक’ संघर्ष जारी रखने की बात कह रहे हैं। कोर्ट के इतने स्पष्ट आदेश आने, आदेश ही नहीं फटकार लगाने और उसके उपरांत माफी तक मांग चुकने के बाद तेजस्वी के आरोपों का खोखलापन स्वत: उजागर हो जाता है, फिर भी वे इस मुद्दे के राजनीतिकरण से बाज नहीं आ रहे।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने तेजस्वी को 5, देशरत्न मार्ग का बंगला खाली करने को कहा था ताकि उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी वहां रह सकें। जुलाई 2017 में नीतीश कुमार के महागठबंधन से अलग होने के बाद तेजस्वी उपमुख्यमंत्री की कुर्सी गंवा बैठे थे।
पटना के सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में आयोजित तीन दिवसीय 47वाँ नेशनल डेयरी इंडस्ट्री कॉन्फ्रेंस-2019 का उद्घाटन बिहार के विकास प्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी एवं पशु-मत्स्य संसाधन मंत्री पशुपति कुमार पारस आदि उपस्थित थे।
बता दें कि उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसान गोबर के साथ-साथ गो-मूत्र का इस्तेमाल ऑर्गेनिक खेती में करें तो पर्यावरण संरक्षण के साथ उत्पादन भी बढ़ेगा। उन्होंने इंडियन डेयरी एसोसिएशन के समक्ष यह प्रस्ताव रखा कि इस संगठन के पूर्वी क्षेत्र का मुख्यालय बिहार में खुले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में 30 डिसमिल जमीन पर किसानों को मिलने वाली सब्सिडी की राशि अब 6000 से बढ़ाकर 8000 कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि 22 हज़ार 7 सौ दुग्ध समितियों से लगभग 12 लाख लोग जुड़े हैं जिसमें महिलाएं मात्र ढाई लाख हैं। अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़ने की चर्चा करते हुए सीएम ने कहा कि सरकार की मंशा है कि बिहार दूध उत्पादन में जल्द से जल्द देश के टॉप 3 राज्यों में शामिल हो। इसके लिए बिहार में उन्होंने पशु विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना और पशु विज्ञान केंद्र बनाने की घोषणा की।
यह भी बता दें कि उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कहा कि पटना में जब डेयरी प्रोजेक्ट बना तब वर्ष 2005 में जहां कम्फोड द्वारा 4 लाख लीटर दूध प्रतिदिन सप्लाई किया जाता था वहीं यह बढ़कर 20 लाख लीटर हो गया है। मौके पर पशु एवं मत्स्य संसाधन मंत्री पशुपति कुमार पारस ने बिहार सरकार से मांग की कि सुधा स्टाल के आवंटन में आरक्षण लागू हो।
चलते-चलते यह भी बता दें कि जहाँ अमेरिकन नोबेल पुरस्कार विजेता जोसेफ इंस्टुंग्लेट ने बिहारी किसानों द्वारा की जा रही जैविक खेती को देखकर कहा कि बिहार के किसान कृषि वैज्ञानिकों से ज्यादा समझदार हैं वहीं सीएम नीतीश कुमार ने डेयरी क्षेत्र में बेहतर काम करने वालों को भिन्न-भिन्न अवार्ड से सम्मानित किया। अंत में सीएम अपनी टीम के साथ डेयरी से संबंधित लगाई गई प्रदर्शनी का भी परिभ्रमण किया….. और देख-देखकर सबों ने प्रसन्नता जाहिर की।