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गांधी विचार समागम और जल-जीवन-हरियाली अभियान का शुभारंभ

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को पटना के ज्ञान भवन में शिक्षा विभाग, बिहार सरकार द्वारा गांधी जी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘गांधी विचार समागम’ का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया और जल-जीवन-हरियाली अभियान का रिमोट के माध्यम से शुभारंभ किया। गौरतलब है कि ‘गांधी विचार समागम’ में विभिन्न विषयों पर गांधी जी के विचारों पर विभिन्न विद्वान वक्ताओं द्वारा 11 सत्रों में 2 से 3 अक्टूबर तक चर्चा होगी।

इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यदि 10 से 15 प्रतिशत नई पीढ़ी के लोगों में गांधी जी के विचारों के प्रति आकर्षण पैदा हो जाए तो समाज और देश बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने पर्यावरण के प्रति अपने विचार में कहा था कि पृथ्वी सबकी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है, लालच को नहीं। हमलोगों ने हर घर तक बिजली पहुंचाई है लेकिन लोग उसका सदुपयोग करें, दुरुपयोग नहीं। हर घर नल का जल वर्ष 2020 तक सभी जगह पहुंच जाएगा। आधी जगहों पर यह योजना पूर्ण हो चुकी है। पेयजल के दुरुपयोग से बचना होगा ताकि जल संरक्षण हो सके।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण कभी सूखे की स्थिति, कभी अधिक वर्षापात की स्थिति बन रही है। हाल ही में 3-4 दिनों तक तेज वर्षा हुई जिसके कारण कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति बनी। हमलोगों ने आज ‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान की शुरुआत की है। जल-जीवन-हरियाली का मतलब है जल है, हरियाली है तभी जीवन है, चाहे जीवन मनुष्य का हो या पशु-पक्षी का। 26 अक्टूबर से प्रत्येक पंचायत से इस अभियान के अंतर्गत कोई न कोई कार्यक्रम की शुरुआत की जाएगी। यह अभियान अगले 3 वर्षों तक चलेगा और राज्य सरकार इस पर अपने बजट से 24 हजार करोड़ रुपए खर्च करेगी।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बापू ने सात सामाजिक पापों की चर्चा की है। सभी सरकारी भवनों में सात सामाजिक पापों को इस तरह से अंकित कराना चाहिए कि वे नष्ट न हों। अगर इन बातों का प्रभाव 5 से 10 प्रतिशत लोगों के मन पर भी पड़ेगा तो देश और दुनिया बदल जाएगी। गांधी जी के विचारों के प्रति हमलोग समर्पित हैं और पूर्ण दृढ़ता के साथ इसके लिए काम कर रहे हैं। पर्यावरण के प्रति उनके संदेशों को अपनाते हुए जल-जीवन-हरियाली अभियान की आज शुरुआत की गयी है। उन्होंने कहा कि गांधी विचार समागम का जो आयोजन किया गया है और उसमें चर्चा के बाद नई बातें सामने आएंगी उससे समाज को लाभ होगा। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने गांधी जी के जीवन-वृत्त पर आधारित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

कार्यक्रम को उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. सुदर्शन रेड्डी, आईटीएम विश्वविद्यालय, ग्वालियर के कुलाधिपति श्री रमाशंकर सिंह एवं मुख्यमंत्री के परामर्शी श्री अंजनी कुमार सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री विजय कुमार चैधरी, शिक्षा मंत्री श्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, जल संसाधन मंत्री श्री संजय झा, मुख्य सचिव श्री दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव शिक्षा श्री आरके महाजन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, पर्यावरणविद् डॉ. वंदना शिवा, आईटीएम विश्वविद्यालय, ग्वालियर के पत्रकारिता विभाग के प्रोफेसर श्री जयंत सिंह तोमर सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए गांधीवादी विचारक, सामाजिक कार्यकर्ता, वरीय पदाधिकारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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आरएम कॉलेज सहरसा के प्रोफेसर स्विट्जरलैंड में देंगे व्याख्यान

राजेन्द्र मिश्र महाविद्यालय, सहरसा में भौतिकी के विभागाध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार खाँ को “आइंस्टीइन लेक्चर एट यूनिवर्सिटी आॅफ वर्न स्विट्जरलैंड” में 7-9 अक्टूबर तक त्रि-दिवसीय व्याख्यानमाला में अपना लेक्चर देने हेतु जाने की स्वीकृति भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.अवध किशोर राय ने दी है। डॉ.खाँ के व्याख्यान का मुख्य विषय है- क्रिप्टोग्राफिक लेंस

बता दें कि इसके लिए स्विट्जरलैंड के University of Bern द्वारा डॉ.खाँ को व्याख्यानमाला में शामिल होने का निमंत्रण भी मिला है तथा बीएन मंडल विश्वविद्यालय से उन्हें सहमति भी प्राप्त हो चुकी है। डॉ.खाँ व्याख्यानमाला में शामिल होने के लिए आज यानी 1 अक्टूबर को ही रवाना होंगे।

यह भी जान लें कि मंडल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ ए.के.राय के निर्देशानुसार कुलसचिव डॉ.कपिल देव प्रसाद ने स्विट्जरलैंड में आयोजित व्याख्यानमाला एवं यूरोपीय देशों फ्रांस,जर्मनी, इटली व आस्ट्रिया के शैक्षणिक भ्रमण की अनुमति एवं अवकाश की स्वीकृति प्रदान करते हुए 3 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2019 तक मुख्यालय एवं भारत से बाहर रहने की अनुमति प्रदान कर दी है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि सहरसा जिले के वनगाँव निवासी एवं बीएन मंडल विश्वविद्यालय के सीनेटर प्रो.(डॉ.)अरुण कुमार खाँ स्विट्ज़रलैंड में व्याख्यानमाला हेतु आमंत्रण की जानकारी मिलते ही उनके गाँव एवं महाविद्यालय में खुशी की लहर दौड़ गई। साथ ही मंडल विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक, कुलानुशासक व कुलसचिव रह चुके भौतिकी के प्रोफेसर डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने उनके प्रति उत्तरोत्तर आगे बढ़ने की सहृदय होकर शुभकामनाएं व्यक्त की।

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जिले को जो करेगा गौरवान्वित, वह होगा सम्मानित- डॉ.मधेपुरी

कटिहार जिले के संगीत प्रेमियों एवं साहित्यानुरागियों द्वारा ऑनलाइन संगीतकारों की प्रतिभा को यूट्यूब के माध्यम से ढूंढ निकाला गया। फाइनल राउंड के 18 कलाकारों में मधेपुरा जिले के रौशन कुमार ने द्वितीय स्थान तथा शिवाली ने ऑनलाइन लाइक्स में प्रथम स्थान प्राप्त कर मधेपुरा जिले का नाम रोशन किया।

Emerging Singer of Kosi Region Shivali is being honoured & encouraged by Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri along with Zila Kabaddi Sangh President Jayakant Yadav, Secretary Arun Kumar and others at B.N.Mandal Indoor Stadium, Madhepura.
Emerging Singer of Kosi Region Shivali is being honoured & encouraged by Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri along with Zila Kabaddi Sangh President Jayakant Yadav, Secretary Arun Kumar and others at B.P.Mandal Indoor Stadium, Madhepura.

बता दें कि इस उपलब्धि पर जिला कबड्डी संघ के बैनर तले बी.पी.मंडल इंडोर स्टेडियम में मधेपुरा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी ने अंगवस्त्रम, माला-बुके व स्मृति चिन्ह देकर रौशन कुमार एवं शिवाली को सम्मानित किया। डॉ.मधेपुरी ने जिले का नाम रोशन करने वाले सभी प्रतियोगियों के प्रति हृदय से शुभकामनाएं व्यक्त की।

Emerging Singer of Kosi Region Raushan Kumar is being honoured & encouraged by Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri along with Zila Kabaddi Sangh President Jayakant Yadav, Secretary Arun Kumar, Principal Dr.Bhushan and Pradeep Kumar Shrivastava at B.N.Mandal Indoor Stadium, Madhepura.
Emerging Singer of Kosi Region Raushan Kumar is being honoured & encouraged by Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri along with Zila Kabaddi Sangh President Jayakant Yadav, Secretary Arun Kumar, Principal Dr.Bhushan and Pradeep Kumar Shrivastava at B.P.Mandal Indoor Stadium, Madhepura.

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने जिला कबड्डी संघ के अध्यक्ष जयकांत यादव, सचिव सह स्वागताध्यक्ष अरुण कुमार सहित कॉलेजिएट स्कूल के प्राचार्य डॉ.सुरेश कुमार भूषण, इप्टा के सुभाष चंद्रा, जिला टेबल टेनिस के सचिव प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, रेफरी बोर्ड के चेयरमैन मनीष कुमार एवं राष्ट्रीय स्तर के प्रतिभावान खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता हासिल करने के लिए युवाओं में लक्ष्य, क्षमता तथा आत्मविश्वास का होना जरूरी है। डाॅ.मधेपुरी ने यह भी कहा कि युवा एवं नवोदित संगीतकार सतत् अभ्यास के जरिए अपनी क्षमताओं का अनंत गुना विस्तार तो कर ही सकते हैं, साथ ही माता-पिता सहित अपने जिला, प्रदेश व देश का भी नाम रोशन कर सकते हैं। कुछ कर दिखाने के लिए मौसम की नहीं बल्कि जिद्दी व संकल्पी मन की जरूरत होती है।

यह भी बता दें कि अध्यक्ष जयकांत, प्राचार्य डॉ.भूषण एवं इप्टा के सुभाष चंद्रा ने कहा कि संगीत क्षेत्रीय श्रेष्ठ कलाकारों को सम्मानित कर कबड्डी संघ ने सही मायने में एक अलग पहचान बनाई है… एक नई मिसाल कायम की है। मौके पर शिवाली के पिताश्री संजय कुमार, रितेश रंजन, आनंद कुमार, सुमित-संतोष, रुपेश-आशुतोष आदि मौजूद थे। अंत में सचिव अरुण कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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पर्यावरण सुरक्षा हेतु मेघालय के डीसी 10 कि.मी. पैदल जाकर प्रति सप्ताह 20 किलो सब्जी लाते हैं

जहां अमेरिका के पूर्व प्रेसिडेंट बराक ओबामा पर्यावरण की सुरक्षा हेतु आजकल साईकिल से सब्जी खरीदने बाजार जाते हैं वहीं मेघालय के आईएएस ऑफिसर राम सिंह हर हफ्ते रविवार को 10 किलोमीटर पैदल जाकर सब्जियां लाते हैं। पर्यावरण की रक्षा के लिए चारो ओर जागरूकता फैलाई जा रही है…  दुनिया एकजुट होने लगी है। वैश्विक आयोजन के रूप में दुनिया के सैकड़ों देशों ने कार फ्री डे उत्सव के रूप में हाल ही में मनाया है।

बता दें कि मेघालय की वेस्ट गारो हिल्स में कार्यरत आईएएस अफसर (डीसी) राम सिंह का कहना है कि इसके पीछे उनका मकसद है- स्थानीय किसानों की मदद करना और प्लास्टिक का इस्तेमाल न कर सेहत व पर्यावरण के संरक्षण हेतु सब को संदेश देने की कोशिश करना।

यह भी बता दें कि इस मिशन में उनका परिवार भी सहयोग कर रहा है। पत्नी भी साथ देती है तथा मां की पीठ पर उनकी नन्ही बेटी भी। वह नन्ही गुड़िया इसी उम्र से पहाड़ी पगडंडियों के उतार-चढ़ाव को महसूसने लगती है।

चलते-चलते यह संदेश कि इस मिशन में ना प्लास्टिक का उपयोग, ना वाहन का प्रदूषण, ना ट्रैफिक जाम… साथ-साथ मॉर्निंग वॉक भी। यह पहल दूसरे अफसरों को भी पसंद आने लगी है मधेपुरा अतकब के पाठक इसे पसंद करेंगे…।

 

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चाहे दीप कोई जलाए….. लेकिन हर घर में शिक्षा का दीप जले- डॉ.मधेपुरी

स्थानीय किरण पब्लिक स्कूल के संस्थापक जयप्रकाश यादव की प्रतिमा के अनावरणकर्ता प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष समायल अहमद ने आयोजित भव्य समारोह को संबोधित करते हुए सभी अभिभावकों से यही कहा कि अगर आप बच्चों में सकारात्मक ऊर्जा देंगे तो स्कूल भी आपके बच्चों को अतिरिक्त ऊर्जा भर कर बेहतर भविष्य देगा। श्री अहमद ने कहा कि सकारात्मक सोच वाले छात्र हर क्षेत्र में सफल होते हैं। सकारात्मक सोच वाले बच्चे ही अपने माता-पिता व गुरुजनों का भरपूर सम्मान करते हैं।

Kiran Public School.
Pratima Anawaran Function Kiran Public School.

बता दें कि मुख्य अतिथि के रुप में बीएन मंडल विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ.फारुख अली ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि हर चीज में गलती ढूंढने से बेहतर होगा कि कमी में सुधार कैसे हो…. उस पर विचार होना चाहिए। प्रोवीसी ने कहा कि शिक्षा का दीप जयप्रकाश बाबू ने जिस तरह जलाया उसकी चमक बरकरार रखना आज सबसे कड़ी चुनौती है।

Dr.Madhepuri addressing students, teachers & guardians during the function at Kiran Public School,Madhepura.
Dr.Madhepuri addressing students, teachers & guardians during the function at Kiran Public School,Madhepura.

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने जयप्रकाश बाबू के योगदान की चर्चा करते हुए निदेशक अमन प्रकाश से यही कहा- बेटा बने सरताज पिता का उस बेटे की जय हो। ये बातें सुनते ही बच्चों की तालियों से सारा परिसर गूंज उठा। डॉ. मधेपुरी ने भारत रत्न डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से सीख लेने की विस्तृत चर्चा करते हुए बच्चों से यही कहा कि सूरज की तरह चमकने के लिए पहले सूरज की तरह जलना पड़ता है।

आरंभ में बच्चों की स्वागत गान एवं किशोर जी द्वारा जयप्रकाश बाबू की जीवनी की प्रस्तुतीकरण अतिथियों को आकर्षित कर लिया। जयप्रकाश बाबू के सुपुत्र एवं विद्यालय के निदेशक अमन प्रकाश ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि एक छोटे से घर में शुरू होने वाला शिक्षण संस्थान आज तीन अलग-अलग स्थानों पर संचालित हो रहा है।

मौके पर जिलाध्यक्ष किशोर कुमार, संघ प्रवक्ता मानव कुमार सिंह, प्रांतीय सचिव एके अरविंद, संयोजक अबू जफर, विद्यालय प्रभारी मुकेश कुमार झा आदि ने अपने विचार व्यक्त किये।

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चिराग 28 नवंबर को संभालेंगे लोजपा की कमान

रामविलास पासवान लोक जनशक्ति पार्टी की कमान अपने बेटे चिराग पासवान को सौंपने जा रहे हैं। यह तो खैर पहले से तयप्राय था कि चिराग ही उनके उत्तराधिकारी होंगे, लेकिन अपने सक्रिय रहते ही रामविलास पार्टी की जिम्मेवारी विधिवत चिराग को सौंप देंगे, यह तय नहीं था। पर लोजपा सुप्रीमो ने सबको चौंकाते हुए बाकायदा इसके लिए दिन भी घोषित कर दिया है। जी हाँ, आगामी 28 नवंबर को लोजपा के स्थापना दिवस पर रामविलास पासवान बेटे चिराग पासवान को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेवारी सौंप देंगे। फिलहाल उन्‍हें बिहार लोजपा के प्रभारी अध्‍यक्ष का दायित्व सौंपा गया है।

बता दें कि चिराग को प्रदेश का प्रभारी अध्यक्ष बनाने से पूर्व तेजी से चले घटनाक्रम में बिहार लोजपा के अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। पारस ने प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर हाल ही में पार्टी की सभी कमेटियों को भंग कर दिया था और तय यह हुआ था कि दशहरा के बाद पार्टी की नई कमेटी का गठन किया जाएगा और बड़े स्तर पर सदस्यता अभियान भी आरंभ होगा। ध्यातव्य है कि पारस लोजपा के स्थापना काल से ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष थे और संगठन का जिम्मा संभालते रहे थे। अब उन्हें दलित सेना का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। रामचंद्र पासवान के निधन के बाद से यह पद खाली था।

बहरहाल, लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामविलास पासवान ने चिराग को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की घोषणा करते हुए कहा कि इसके पीछे यह उद्देश्य है कि युवा पीढ़ी को जितनी जल्दी हो सके पार्टी चलाने का जिम्मा सौंप दिया जाए। गौरतलब है कि चिराग ही लोजपा संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं।

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पर्यावरण की रक्षा के लिए दुनिया एकजुट होने लगी है

लंदन में बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए माताओं ने पर्यावरण की सुरक्षा के उद्देश्य से प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। फलस्वरूप दुनिया के लगभग 100 देशों ने कार फ्री डे उत्सव के रूप में मनाया। लगभग 200 सड़कों पर ट्रैफिक बंद रहा। जर्मनी और फ्रांस में लोग साइकिल पर दिखे तथा पुर्तगाल में सड़कों पर मैराथन रेस का आयोजन किया गया। कहीं-कहीं सड़कों पर योग की कक्षाएं भी आयोजित की गई।

बता दें कि वर्ष 1973 में कार फ्री डे की पहल तब हुई थी जब तेल पर संकट छाया था। परंतु वर्ष 2000 में यह वैश्विक आयोजन का रूप लेने लगा। वर्ल्ड कार फ्री नेटवर्क द्वारा इसकी शुरुआत की गई। आयोजकों का दावा है कि लगभग 1500 शहर इस साल से जुड़ चुके हैं। यूं तो रविवार यानी (22 सितंबर कार फ्री डे) को दुनिया के 100 से ज्यादा देशों के 1500 से ज्यादा शहरों में गाड़ियां चलना बंद रही…. लोग सड़कों पर लंच लेते व आराम करते नजर आए। कहीं-कहीं तो लोग सड़कों पर योग करते भी देखे गए।

यह भी बता देना उचित होगा कि लंदन में यह सबसे बड़ा कार फ्री डे माना गया क्योंकि वहां 200 से ज्यादा रास्तों पर ट्रैफिक पूरी तरह बंद रहा। सेंट्रल लंदन में भी वाहन बंद रहे। वहां के मेयर सादिक खान दिनभर साइकिल से पूरे शहर में घूमते नजर आए। टावरब्रिज पर “योग सेशन” रखा गया था। शॉपिंग सेंटर पर लोगों द्वारा पैदल चलकर खरीदारी करते देखा गया।

चलते-चलते यह भी बता दें कि फ्रांस की राजधानी पेरिस में चौथी बार कार फ्री डे का आयोजन हुआ। हाँ, कहीं-कहीं बुजुर्गों के लिए मोबिलिटी स्कूटर की छूट दी गई। बर्लीन में बुजुर्ग महिलाएं साइकिल को फूल और बैलून से सजाकर निकली। और तो और….. इसके अलावे भारत, चीन, जापान, इराक आदि में भी बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए।

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पटना में होगा देश का पहला और एकमात्र डॉल्फिन रिसर्च सेंटर

देश का पहला और एकमात्र डॉल्फिन रिसर्च सेंटर पटना में बनने जा रहा है। 71 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर के भवन निर्माण का शिलान्यास मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 5 अक्टूबर 2019 को विश्व डॉल्फिन दिवस पर करेंगे।

गौरतलब है कि केन्द्र सरकार की तरफ से रिसर्च सेंटर के निर्माण के लिए वर्ष 2013 में ही 29 करोड़ रुपये आ गए थे लेकिन भूमि संबंधी विवाद के कारण भवन का शिलान्यास नहीं हो पा रहा था। यह विवाद अब समाप्त हो गया है। इस रिसर्च सेंटर के लिए पटना विश्वविद्यालय की ओर से पटना लॉ कॉलेज के पास गंगा तट पर दो एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है, जिस पर निर्माण कार्य शुरू होगा। कहने की जरूरत नहीं कि रिसर्च सेंटर बन जाने से यहां देश-विदेश के विशेषज्ञ शोध करने के लिए आएंगे। पटना विश्वविद्यालय के छात्रों को भी डॉल्फिन पर शोध करने का मौका मिलेगा।

ध्यातव्य है कि 5 अक्टूबर 2009 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गांगेय डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया था। डॉल्फिन को जलीय जीव घोषित कराने का श्रेय पटना विवि के प्रोफेसर डॉ. आरके सिन्हा को जाता है। इसके लिए राजेंद्र सहनी नामक मछुआरे और उनकी टोली को भी श्रेय जाता है, जिन्होंने डॉल्फिन के रहन-सहन और खान-पान के विषय में काफी बातें उजागर की थीं। यह भी जानें कि डॉल्फिन पर देश में पहली पीएचडी डॉ. गोपाल शर्मा के नाम है। डॉ. शर्मा फिलहाल भारतीय प्राणी सर्वेक्षण के बिहार प्रभारी एवं वरीय वैज्ञानिक हैं।

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जोशीला पंगा द्वारा आयोजित ग्रामीण कबड्डी लीग का उद्घाटन किया डॉ.मधेपुरी ने

मधेपुरा जिला मुख्यालय के रासबिहारी उच्च माध्यमिक विद्यालय के ऐतिहासिक मैदान में डे एण्ड नाइट क्रिकेट की तरह रविवार की रात में ग्रामीण कबड्डी लीग का भव्य उद्घाटन बीएन मंडल विश्वविद्यालय के पूर्व परीक्षा नियंत्रक डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने किया। इस अवसर पर उद्घाटनकर्ता डॉ.मधेपुरी, मुख्य अतिथि मधेपुरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ.अशोक कुमार, विशिष्ट अतिथि विश्वविद्यालय क्रीड़ा उप सचिव डॉ.शंकर मिश्र एवं अन्य गणमान्य द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

Udghatankarta Dr.Bhupendra Madhepuri encroaching Players.
Udghatankarta Dr.Bhupendra Madhepuri encroaching Players.

बता दें कि जिले में कबड्डी का लाइफ-लाइन माने जाने वाले सचिव अरुण कुमार के निर्देशन में छात्राओं के स्वागत गान के अतिरिक्त प्रिया सिंह के नृत्य मिश्रित स्वागत गीत सबों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लायंस क्लब के अध्यक्ष डॉ.सच्चिदानंद यादव, स्काउट एंड गाइड के प्रशिक्षण आयुक्त जयकृष्ण यादव, वार्ड पार्षद दंपत्ति रेखा देवी व ध्यानी यादव, प्राचार्य डॉ.सुरेश कुमार भूषण, अमित आनंद, शिक्षा रत्न डॉ.मानव कुमार सिंह, मोहम्मद शब्बू आदि खेल प्रेमियों की उपस्थिति में उद्घाटनकर्ता डाॅ.मधेपुरी द्वारा नारियल फोड़ने एवं अगरबत्ती जलाने की परंपराओं को पूरा करने के साथ उद्घाटन मैच के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया गया।

Dr.Madhepuri addressing Players, Organisers & Spectators.
Dr.Madhepuri addressing Players, Organisers & Spectators.

इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने खेल की महत्वता पर प्रकाश डालते हुए यही कहा कि खेल कोई भी हो वह देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने में अपना अमूल्य योगदान देता है। उन्होंने यह भी कहा कि जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार हमेशा नई ऊर्जा के साथ कबड्डी प्रतियोगिता कराने में अद्भुत लगन और मेहनत के साथ लगे रहते हैं।

डॉ.अशोक कुमार एवं डॉ.शंकर मिश्र ने मौके पर कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं लगातार आयोजित कर बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभाओं को निखारने के फलस्वरूप मधेपुरा जिला कबड्डी खेल के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना ली है। उन्होंने प्रबंधक कुलदीप शर्मा एवं प्रतियोगिता प्रभारी अजीत चौधरी की लगन व मेहनत की सराहना की ।

चलते-चलते यह भी बता दें कि जहां उद्घाटन मैच में दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल में 32 अंक और शार्क इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल ने 18 अंक प्राप्त किया वहीं रेफरी मनीष कुमार, प्रवीण कुमार, गुलशन कुमार, राहुल कुमार, नीरज कुमार, गौरी कुमार एवं सुमित कुमार ने मनोयोग से खेल संपन्न कराया।

 

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वृंदावन हॉस्पिटल द्वारा गोद ली गई सोनी राज को उनकी उपलब्धि पर डॉ.मधेपुरी ने किया उत्साहित

वृंदावन हॉस्पिटल के संचालक द्वय चिकित्सक डॉ.बरुण कुमार एवं डॉ.रश्मी भारती ने कराटे क्वीन सोनी राज को 10 वर्ष पूर्व गोद ली थी और हर तरह की निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं आज तक लगातार उपलब्ध कराई जा रही है। कराटे खिलाड़ी के रूप में वह इंडोनेशिया, मलेशिया, श्रीलंका व सिंगापुर आदि देशों में कई प्रकार की चैंपियनशिप में मेडल जीतकर मधेपुरा को गौरवान्वित करती रही है।

ग्रेटर नोएडा के शहीद वीएस पथिक इंडोर स्टेडियम में चार दिवसीय (12-15 सितंबर) “एशियन सैम्बो चैंपियनशिप” के 48 किलोग्राम भार वर्ग के प्रतिस्पर्धा में विश्व के 25 देशों के खिलाड़ियों से संघर्ष करते हुए मधेपुरा की बेटी सोनी राज ने भारत के लिए कांस्य पदक जीतकर देश को एक मुकाम दिलाया है तथा वृंदावन हॉस्पिटल को गौरवान्वित किया है। इसलिए सोनी राज की उपलब्धि पर वृंदावन हॉस्पिटल द्वारा मिठाइयां बांटी जा रही है।

इस अवसर पर वृंदावन हॉस्पिटल के संरक्षक डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने भारत के लिए कांस्य पदक जीतने वाली सोनी राज एवं भारतीय सैम्बो टीम मैनेजर सामंत कुमार रवि की हौसला अफजाई करते हुए यही कहा-

सफलता का स्वाद हर कोई पाना चाहता है और इसे पाने के लिए हर आदमी पूरी मेहनत भी करता है। परंतु, सफलता उसे ही मिलती है जो हर परिस्थिति में अपने लक्ष्य पर टिका रहता है… यूं ही कोई चैंपियन नहीं बन जाता… चैंपियन बनने के लिए बहुत कुछ न्योछावर करना पड़ता है।

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