विगत पन्द्रह वर्षों से निरन्तर यानी अबाध गति से अनुशासनप्रिय एवं निष्ठावान शिक्षक-पिता एवं प्रधानाचार्य ‘शिवकुमार’ की दो बेटियाँ प्रो.रीता एवं अध्यापिका रीना, उनकी स्मृति को तरोताजा बनाये रखने के लिए शहर के बुद्धिजीविओं एवं उनके योग्य शिष्यों को 16 फरवरी को सदैव आमंत्रित करती रही हैं | गुरु के तैल चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि के साथ-साथ ‘गुरु का प्रसाद’ पाने का अवसर भी प्रदान करती रही है |
गुरु की महिमा जितनी है उससे कहीं आगे हैं ये दोनों गुरु बहना ! गुरु ने बेटे-बेटी में अंतर नहीं माना तो ये दोनों बेटियाँ भी बहुत बेटों से आगे बढ़-चढ़कर अपने पिताश्री को उनके किये गये विशिष्ट कर्मों में जिन्दा रखने का जी भर कर प्रयास करती रही हैं | गुरु शिवकुमार की अनेक कहानियाँ प्रसिद्धि प्राप्त कर चुकी हैं जिनमें उनके कठोर अनुसाशन, समय निष्ठ्ता और कर्तव्यबोध की झलक मिलती हैं | इनकी ही तरह निष्ठावान शिक्षक को ये बेटियाँ प्रतिवर्ष सम्मानित भी करती हैं | बच्चों में क्विज़ कॉम्पीटिशन, पेंटिंग, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित कर पुरस्कार के माध्यम से प्रोत्साहित भी करती है |
गुरु स्मृति में आयोजित इस संध्या भजन में श्रधांजलि/पुष्पांजलि करने वालों में प्रमुखता से उपस्थित डॉ.विनय कुमार चौधरी, डॉ.आलोक कुमार, बी.एन.एम.यू.– पी.जी. भौतिकी के डॉ.अशोक कुमार, डॉ.नरेश कुमार, साहित्यकार दशरथ प्र. सिंह, प्रो.चन्द्रशेखर, प्रो.राजकुमार आदि ने कहा– माँ की छांव और पिता का स्वाभिमान होती हैं बेटियाँ ! शुभकामनाएँ और दुआएँ होती हैं बेटियाँ |
विगत चन्द महीनों से श्रीपुर-चकला गाँव में भारत सरकार द्वारा विद्युत् रेल इंजन फैक्ट्री के निर्माण के लिए किये गये भू-अर्जन के मुआवजा भुगतान को लेकर जिला कलक्टर मो.सोहैल सहित भू-अर्जन विभाग के पदाधिकारी व कर्मचारीगण व्यस्त रहे |
और अब बारी है मधेपुरा के वार्ड न.-1 में पुलिस लाइन के लिए किये गये भू-अर्जन के बाबत भू-स्वामियों को मुआवजा देने की | विकास कार्यों में गहरी अभिरुचि रखनेवाले जिला कलक्टर मो.सोहैल के निदेश पर पुलिस लाइन के लिए भू-अर्जन के बाबत मुआवजा वितरण को लेकर संत अवध बिहारी इंटर कॉलेज, पथराहा के निकट त्रि-दिवसीय (17-18 एवं 19 फरवरी तक) शिविर लगाया जायेगा- जहाँ पर भू-अर्जन विभाग के कर्मचारी एवं पदाधिकारी भी मौजूद रहेंगे |
जिला प्रशासन द्वारा निदेश जारी किया गया है कि सम्बन्धित भू-स्वामी वांछित कागजातों के साथ शिविर में उपस्थित होकर अपनी-अपनी जमीन के बाबत निर्धारित मुआवजा प्राप्त कर विकास के कार्यों में गति प्रदान करने हेतु आवश्यक श्रम करें |
डॉ.शांति यादव जहाँ प्रदेश स्तर पर नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में एक स्थापित नाम है वहीं राष्ट्रीय स्तर पर प्रख्यात शिक्षाविद, कवयित्री एवं लेखिका के रूप में शुमार की जाती है | इसके अलावे संस्कृति व स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी डॉ.यादव कई संस्थाओं से जुड़कर समाज सेवा में संलग्न रही हैं | स्त्री-विमर्श एवं सामाजिक-विमर्श पर इनके द्वारा कई महत्वपूर्ण पुस्तकों की रचनाएं भी की गई हैं |
मधेपुरा जिला शिक्षक संघ की अध्यक्षा एवं शिवनंदन प्रसाद मंडल प्लस टू विद्यालय में प्राचार्य रह चुकी उसी डॉ.शांति यादव को भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रयालय द्वारा- जिला महिला सम्मान 2014 के लिए चयनित किया गया था, परन्तु प्रमाण-पत्र देने में अकारण विलम्ब हो गया |
मधेपुरा के डायनेमिक जिला पदाधिकारी मो.सोहैल ने शांति यादव को ‘जिला महिला सम्मान 2014’का प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया और उन्होंने यह भी कहा कि डॉ.शांति यादव को बुनियादी स्तर पर महिला सशक्तिकरण के बाबत उनके नि:स्वार्थ असाधारण कार्यों के लिए जिला महिला सम्मान-2014 से सम्मानित किया जा रहा है |
शहर में कुछ स्कूल तो ऐसे हैं जो रात-दिन छात्रों को ऊँचाई प्रदान करने में लगे रहते हैं- जिसे कोई ऊँगली पर गिनने लगेगा तो प्राय: यहीं से शुरू करेगा- हॉली क्रॉस, किरण पब्लिक, माया विद्या निकेतन, वेलडन फ्यूचर, दार्जीलिंग पब्लिक, तुलसी पब्लिक, साउथ पॉइंट, ज्ञानदीप, जीतेन्द्र पब्लिक………आदि, आदि, परन्तु किरण पब्लिक स्कूल के प्रबंध निदेशक अमन प्रकाश को इस नव वर्ष में पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से आई.आई.टी. दिल्ली में इंस्पायरिंग बेस्ट टीचर अवार्ड से सम्मानित किया गया जिसे शहर के शिक्षाविदों एवं बुद्धिजीवियों द्वारा मधेपुरा के लिए ही नहीं बल्कि सम्पूर्ण कोसी अंचल के लिए गौरव की बात कही जा रही है |
मधेपुरा अबतक को मौके पर अमन प्रकाश ने कहा कि इससे पूर्व किरण पब्लिक स्कूल की निदेशिका किरण प्रकाश को वर्ष 2014 में शिक्षक दिवस के अवसर पर मुख्य न्यायमूर्ति पी.एन.भगवती एवं पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त जी.वी.जी.कृष्णनमूर्ति द्वारा “शिक्षकश्री” सम्मान से सम्मानित किया गया था |
इस अवसर पर किरण पब्लिक स्कूल के समस्त शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं में खुशियाँ व्याप्त हैं और सबों ने स्कूल में एक सम्मान समारोह आयोजित कर उप-प्राचार्य किशोर कुमार ठाकुर की अध्यक्षता में प्रबन्ध निदेशक अमन प्रकाश को स्मारिका-गुलदस्ता से सम्मानित किया |
सामाजिक न्याय के पुरोधा, मंडल कमीशन के अध्यक्ष, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके बी.पी.मंडल के पौत्र हैं निखिल मंडल, मधेपुरा के विधायक रह चुके मणीन्द्र कुमार मंडल उर्फ़ ओम बाबू के सुपुत्र हैं निखिल एवं आलमनगर के अनेकों बार विधायक रहे व वर्षों विभिन्न विभागों में बिहार सरकार के मंत्री रह चुके नरेन्द्र नारायण यादव के दामाद निखिल मंडल को जनता दल (यूनाईटेड)के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह द्वारा जदयू प्रदेश प्रवक्ता मनोनीत किये जाने तथा मधेपुरा जिला जदयू अध्यक्ष के रूप में संतोषप्रद कार्यों एवं कार्यकर्ताओं में अपनी विशिष्ठ पहचान बनानेवाले सियाराम यादव को उक्त पद पर दोबारा मनोनीत किये जाने पर जिला जदयू कार्यकर्ताओं में ख़ुशी की लहर दौड़ गयी |
जिले के सभी प्रखंड अध्यक्षों एवं विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्ष-सचिवों द्वारा बधाइयाँ दी जा रही है | जदयू के सभी वरीय/कनीय कार्यकर्ताओं के अतिरिक्त महागठबंधन के अन्य दलों के कार्यकर्ताओं द्वारा भी खुशियाँ जताई जा रही हैं | सभी ओर से इसके लिए जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हार्दिक बधाइयाँ दी जा रही है |
बधाई देने वालों तथा हर्ष व्यक्त करने वालों में प्रखंड जदयू अध्यक्ष शैलेन्द्र यादव, प्रखंड युवा अध्यक्ष अमित कुमार, मुखिया-मो.मोबीन, मो.मुस्ताक, प्रखंड अध्यक्ष राजीव यादव, राजद के प्रदेश महासचिव बाबा दिनेश मिश्र, युवा प्रखंड अध्यक्ष प्रभात रंजन, राजद प्रखंड अध्यक्ष रूद्र ना.यादव, पवन केडिया, विकाश झा, बिनोद काम्बली, सुनील सिंह राठोर, विजय सिंह राठोर, डॉ.विजेन्द्र कुमार, नरेश पासवान, कमल राम, क्रान्ति यादव, मानेश्वर मेहतर, विकाश झा, मधुलता देवी, मीना देवी, रीना देवी, रानी सहित मो.जुबेर, मो.जहीर आदि शामिल |
धबौली की माटी का वह बेटा समीर किशोरावस्था में ही क्रिकेट के बॉल को ग्रीन पार्क की हवा में लहराने वाला ऐसा बेजोड़ प्रतिभावान खिलाड़ी निकला जिसने कई अवसर पर हारे हुए खेल को जीत कर दिखाया और गाँव के छोटे-बड़े सबके दिल पर राज करने लगा | परन्तु, असमय में ही माता आभा की ममता एवं पिताश्री सुशील के शील व संस्कार से आँखे चुराकर दुनिया के बाउंड्री के पार चला गया | अचानक जाते वक्त उस हवा (समीर) को तो कोई रोक नहीं सका, परन्तु धबौली की संवेदनशील माटी के सचेतन लोगों एवं शिवदत्त महराज के बहादुर बेटों ने समीर को पुनः बुलाकर आरम्भ कर दिया-
Sameer will remain alive in his deeds !
“समीर मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट”– जिसके उद्घाटनकर्ता डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने हृदय से अपने कर्मठ शिष्य इन्द्रभूषण सिंह उर्फ़ इन्दु बाबू जिला पार्षद सहरसा, छात्रनेता श्रीकान्त राय, मुखिया रामशंकर सिंह, प्राणमोहन सिंह, जानकीशरण सिंह, सुधीर सिंह, पूर्व मुखिया-बैद्यनाथ सिंह, राणा रंधीर, विजय कुमार सिंह, गौतम इन्फोटेक के निदेशक अमित गौतम, रणजीत सिंह, निरंजन सिंह, जवाहर सिंह, एच.एम.ब्रजमोहन सिंह सहित अध्यक्ष आयोजन समिति ललित सिंह, चंद्रभानु सिंह एवं मिडियाकर्मी संजय परमार, अंजन सिंह, महादेव, राजेश आदि को साधुवाद दिया, अभिनन्दन किया और इस माटी को बार-बार नमन किया |
आयोजन समिति एवं इनफोटेक के अमित गौतम की ओर से उद्घाटनकर्ता डॉ.मधेपुरी एवं मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सहरसा प्रभात खबर ब्युरो चीफ दीपांकर को पुष्पगुच्छ के साथ गिफ्ट सहित शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया | लगे हाथ उपस्थित खिलाड़ियों एवं दर्शकों की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए डॉ.मधेपुरी ने कहा कि खेल सदा से सामाजिक समरसता एवं सामाजिक सौहार्द बनाये रखने में अग्रणी रहा है | उन्होंने खेल की महत्ता पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि जब कुछ तथाकथित लोगों द्वारा समाज में विद्वेष फैलाया जाता है तब खिलाड़ी ही खेल के माध्यम से विद्वेष को मिटाकर भाईचारे का माहौल कायम करते हैं | इस खेल में निर्णायक भूमिका निभाने वाले अम्बुज सिंह, रमणजीत सिंह, प्रकाश बुलबुल, प्रशांत प्रीतम, श्रीराम, सानुराज आदि की डॉ.मधेपुरी ने हृदय से सराहना की |
Dr.Madhepuri and Mr.Deepankar elevating Organisers and Players at Green Park, Dhabauli .
डॉ.मधेपुरी ने इस धरती के उन लोगों को बार-बार नमन किया जिनके कारण धबौली की महिमामयी विरासत आज भी जीवित है | भारतरत्न डॉ.कलाम को याद करते हुए उन्होंने युवाओं के बीच डॉ.कलाम का खूबसूरत सन्देश परोसा- ये आँखें दुनिया को दोबारा नहीं देख पाएगी, इसलिए तुम्हारे अन्दर जो बेहतरीन है उसे दुनिया को देकर जाना—— यह आयोजन समाज को एक नयी दिशा प्रदान करेगी |
मुख्यअतिथि दीपांकर ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाले लोगों ने धबौली में समीर की याद में खेल का आयोजन कर एक अच्छी परम्परा कायम की है | उन्होंने खिलाड़ियों को अनुशासनप्रिय होने की अपील की | मधेपुरा एवं धबौली के बीच होने वाले समीर क्रिकेट मेमोरियल के T-20 फाइनल मैच का श्रीगणेश झंडा फहराकर उद्घाटनकर्ता व अतिथियों द्वारा किया गया |
मास्टर बैंड के द्वारा राष्ट्रीय धुन के साथ दोनों टीम के सभी खिलाड़ियों एवं गणमान्य मैदान के चारो ओर ध्वज को सलामी देते हुए टॉस के लिए मैदान के मध्य में एकत्र हुए जहाँ डॉ.मधेपुरी द्वारा टॉस उछाला गया | धबौली टीम के कप्तान सोना सुधीर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी किया लेकिन मधेपुरा के गेंदबाजों के सामने 20 ओवर में 162 रन बना पाये जबकि मधेपुरा की टीम के कप्तान रोहन ने सूझ-बूझ से खेला और 13 ओवर 2 गेंद पर ही जीत दर्ज कर ली | मैन आफ द मैच का खिताब मधेपुरा के अभिनव को मिला | मैन आफ द सीरीज एवं सर्वश्रेस्ठ बल्लेवाज का खिताब धबौली टीम के विनीत को एवं सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षण सोना सुधीर को मिला |
Former MLA Kishore Kumar Munna, SDM Md.Jahangir Alam, H.M Braj Mohan Singh LalBaba along with players and audience celebrating the memories of Sameer at Green Park Dhabauli.
खेल के समापन के साथ विजेता एवं उपविजेता टीम को पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना एवं सहरसा एस.डी.एम. मो.जहाँगीर आलम द्वारा अम्पायरों एवं समस्त खेल प्रेमियों के बीच कप और मेडल प्रदान किया गया | ग्रीनपार्क में दिनभर उत्सवी माहौल बना रहा | प्रो. संजय परमार ने मंच संचालन करते हुए खूब तालियाँ बटोरी |
समाजवाद को ताजिन्दगी ओढ़ने-पहनने व बिछाने वाले मनीषी भूपेन्द्र नारायण मंडल की राजकीय जयन्ती पटना में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव द्वारा, मधेपुरा के भूपेन्द्र चौक पर डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी की अध्यक्षता में बिहार सरकार के आपदा प्रबन्धन मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर द्वारा तथा उनके पैतृक गाँव रानीपट्टी में प्रो.श्यामल किशोर यादव की अध्यक्षता में समस्त जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों द्वारा और अन्त में बी.एन.मंडल वि.वि. के ऑडिटोरियम में सम्पदा पदाधिकारी डॉ.शैलेन्द्र कुमार की अध्यक्षता में संस्थापक कुलपति डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि द्वारा अनेक शिक्षाशास्त्रियों- पूर्व कुलपति डॉ.जयकृष्ण प्र.यादव, पूर्व प्रतिकुलपति डॉ.के.के.मंडल, प्रतिकुलपति डॉ.जे.पी.एन.झा, अभिषद सदस्य विद्यानन्द यादव, डॉ.परमानंद यादव सहित समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी एवं शिक्षक संघ के महासचिव डॉ.अशोक कुमार की उपस्थिति में दिनभर उत्सवी माहौल में मनायी गई |
Honourable Minister Prof.Chandrashekhar along with Dr.Madhepuri and Teachers, Students with Social Activists celebrating Bhupendra Jayanti at Bhupendra Chauk, Madhepura .
सर्वप्रथम भूपेन्द्र चौक पर गाजे-बाजे एवं ढ़ोल-नगाड़े के साथ आये दर्जनों सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों के बच्चे जिसमें दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल के निदेशक किशोर कुमार, तुलसी पब्लिक स्कूल के श्यामल कुमार सुमित्र, ज्ञानदीप निकेतन के निदेशक चिरामणि यादव, यू.के.इंटरनेशनल सहित अन्य स्कूली बच्चों के बीच मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर एवं डॉ.मधेपुरी ने सर्वप्रथम उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और मंत्री प्रो.चन्द्रशेखर ने कहा कि हमलोग भूपेन्द्र बाबू के विशाल चारित्रिक गुणों में से एक भी गुण को अपना लें तो समाज का भारी कल्याण होगा | वहीं डॉ.मधेपुरी ने कहा कि जो खुद के लिए जीता है वह मर जाता है, जो औरों के लिए जीता है वह कभी नहीं मरता ! भूपेन्द्र बाबू सदा औरों के लिए जीते रहे- वे कभी नहीं मरेंगे, सदा अमर रहेंगे——!! श्रद्धांजलि देने वालों में उनके परिवार के सदस्यों सहित दशरथ प्र.सिंह, इन्द्र ना.प्रधान, परमेश्वरी प्र.यादव, सचिन्द्र महतो, प्रो.विजेन्द्र ना.यादव, तेज ना.यादव, प्रो.एन.के.निराला, डॉ.अरुण कुमार, संतोष कुमार प्राणसुखका, योगेन्द्र महतो आदि प्रमुख थे |
Leading Schools of Madhepura Participating in Bhupendra Jayanti at Bhupendra Chauk, Madhepura .
वहीं वि.वि.ऑडिटोरियम में भूपेन्द्र जयंती समारोह सह वि.वि.स्थापना दिवस का उद्घाटन करते हुए संस्थापक कुलपति डॉ.रवि ने कहा कि भूपेन्द्र बाबू सरीखे लोग कभी-कभी अवतरित होते हैं, उनका प्रादुर्भाव होता है—- उन्होंने भूपेन्द्र बाबू के समाजवाद पर विस्तार से चर्चा करते हुए लोगों से उनके आदर्शों के अनुरूप काम करने की बातें कही |
Honourable Founder Vice-Chancellor Dr.R.K.Ravi and Dr.J.k.Yadav (ex-V.C) along with Pro.vice-chancellors and Syndicate Members—– Celebrating Bhupendra Jayanti at B.N.Mandal University Auditorium, Madhepura .
पूर्व कुलपति डॉ.जयकृष्ण प्रसाद यादव ने कहा कि वि.वि. के सबसे बड़े पर्व पर भी ऐसी उदासीनता इसके कार्य दक्षता पर सवाल खड़ा करता है | प्रतिकुलपति डॉ.जे.पी.एन.झा ने भूपेन्द्र बाबू के आचरण को अपने-अपने मन में उतारने को ही सच्ची श्रद्धांजलि कही |
जहाँ पूर्व प्रतिकुलपति डॉ.के.के.मंडल, अभिषद सदस्य विद्यानंद यादव, प्रो.परमानंद यादव, शिक्षक संघ के महासचिव डॉ.अशोक कुमार आदि ने विस्तार से भूपेन्द्र बाबू के आचरण को उजागर करते हुए वि.वि. की वर्तमान स्थिति पर आक्रोश व्यक्त किया वहीं डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने वि.वि. स्थापना दिवस के बाबत खुलासा करते हुए कहा कि 1991 के 4 फरवरी को ही भूपेन्द्र चौक वाले उनकी प्रतिमा का उद्घाटन करने आये थे राष्ट्रीय नेता शरद-लालू-नीतीश | तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के द्वारा यह कहने पर कि प्रतिमा मंडप तो सुन्दर बना है परन्तु मूर्ति का साइज़ बहुत छोटा है- के जवाब में डॉ.मधेपुरी ने कहा- आप चाहेंगे तो साइज़ तुरंत बढ़ जाएगा सर ! मधेपुरा के लोग बहुत दिनों से वि.वि. के लिए संघर्ष कर रहे हैं…… आज ही घोषणा कर दीजिए ना सर !!…….. और संध्या पांच बजे उस प्रतिमा से प्रेरित होकर रासबिहारी विद्यालय के ऐतिहासिक मैदान में घोषणा कर दी मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने | इसके अतिरिक्त डॉ.मधेपुरी ने कई संस्मरणों के सहारे उनके व्यक्तित्व एवं चरित्र की ऊँचाइयों को सामने लाया |
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए डॉ.ललितेश मिश्रा, डॉ.राम भजन मंडल, रघुनाथ यादव आदि अन्य बुद्धिजीवियों ने कहा कि समाजवादी चिंतक भूपेन्द्र बाबू के आदर्शों से हम दूर होते जा रहे हैं | मौके पर वित्तीय सलाहकार सी.आर.डीगवाल, वित्त पदाधिकारी हरिकेश नारायण सिंह, डॉ.इन्द्र ना.यादव, डॉ.अब्दुल लतीफ़, डॉ.सिद्धेश्वर काश्यप, डॉ.हीराकांत मंडल, डॉ.प्रज्ञा प्रसाद, डॉ.कुशेश्वर यादव, डॉ.रामेश्वर प्रसाद, डॉ.आलोक कुमार, मनोज भटनागर, डॉ.बैद्यनाथ साह, सचिव अखिलेश्वर नारायण आदि ने पुष्पांजलि-श्रद्धांजलि दिया |
प्रभारी कुलसचिव प्रो.विश्वनाथ विवेका ने अतिथियों का स्वागत किया, प्रो.दयानन्द ने मंच संचालन एवं डॉ.आर.के.पी.रमण ने धन्यवाद ज्ञापन किया |
बापू की शहादत के बाद स्थानीय स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा डाक बंगला परिसर में स्थापित बापू की प्रतिमा के समक्ष जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी की अध्यक्षता में डी.एम. मो.सोहैल, एस.पी. कुमार आशीष, डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार, एस.डी.एम. संजय कुमार निराला सहित डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी, प्रो.श्यामल किशोर यादव, प्रो.शचीन्द्र, नरेश पासवान, जिला प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष किशोर कुमार, स्काउट के जिला प्रशिक्षण आयुक्त जयकृष्ण यादव सहित इप्टा के डॉ.नरेश कुमार, बंटी, सुभाष चंद्रा, सुनीत साना, शनिउल्लाह, शशिभूषण आदि ने सर्वप्रथम दो मिनट का मौन रखा | शशिप्रभा एवं तनुजा द्वारा बापू के प्रिय भजन- बैष्णव जनतें……. का गायन एवं स्कूली बच्चों की उपस्थिति में सुधिजनों द्वारा बापू की प्रतिमा पर पुष्पांजलि किया गया |
उदगार व्यक्त करते हुए डायनेमिक डी.एम. मो. सोहैल एवं एस.पी. आशीष कुमार ने बापू के सत्य-अहिंसा को बेमिसाल बताते हुए ऐसे अवसर पर विचार गोष्ठी के आयोजन पर बल दिया तथा गाँधी के विचार को आज भी प्रासांगिक बताया | डॉ.मधेपुरी ने शहीद चुल्हाय की शहादत को भी याद किया |
From Left to Right – Prof. S.K. Yadav , Dr.Madhepuri, Adyaksha Manju Devi, D.M. Md. Sohail, S.P. Kumar Ashish, SDM Sanjay Kumar Nirala, DDC Mithilesh Kumar and others observing two minutes silence at Shahid Chulhay Marg Ghandhi Park Madhepura
इस अवसर पर मधेपुरा अबतक द्वारा डॉ.मधेपुरी से यह पूछे जाने पर कि जब बापू पर बिरला मन्दिर में 30 जनवरी को प्रार्थना के समय तीन गोलियाँ दागी गयी तो उनके तीनों बन्दर कहाँ गये, किधर गये ? – के जवाब में उन्होंने कहा कि पहली गोली की आवाज सुनकर जो बन्दर कान मूंदे हुए था- वह संसद की ओर भागा और सरकार में सम्मिलित हो गया | तबसे भारत की सरकार बहरी हो गयी | दूसरा आँखें बन्द वाला बन्दर सुप्रीम कोर्ट जाकर कानून को अँधा बना दिया | और तीसरा मुँह मूंदे हुए यमुना पार कर भारत के गाँवों में बस गया- जो भारत की गूंगी जनता बन गयी | बापू उन्हीं बेजुबान ग्रामीणों की आवाज बनने की जवाबदेही हम सबों के कन्धों पर सौंप कर सुकून के साथ- हे राम ! कहकर संसार को अलविदा कह गये |
नववर्ष का उत्सवी माहौल… गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या… और नन्हे-मुन्ने बच्चों का रंगारंग कार्यक्रम। अवसर है ‘ज्ञानभूमि’ मधेपुरा में यू.के. इन्टरनेशनल स्कूल के वार्षिकोत्सव का। समारोह का उद्घाटन मंडल वि.वि. के संस्थापक कुलपति व पूर्व सांसद डॉ. रमेन्द्र कुमार यादव रवि द्वारा समाजसेवी-साहित्यकार डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी एवं मंडल वि.वि. के सिंडिकेट सदस्य द्वय डॉ. परमानंद यादव व डॉ. जवाहर पासवान की गरिमामय उपस्थिति में दीप प्रजज्वलित कर सम्मिलित रूप से किया गया।
अपने उद्घाटन भाषण में डॉ. रवि ने कहा कि इस स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा विभिन्न विधाओं में किए गए प्रदर्शनों को देख ऐसा लगता है जैसे इस ‘ज्ञानभूमि’ पर बच्चों में ज्ञान का अद्भुत ‘उदय’ हो रहा है और यह इसके संस्थापक डॉ. उदय कृष्ण की लगन, मेहनत और समर्पण का फल है। मंडल वि.वि. के संस्थापक कुलपति ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि ये मेरे लिए बड़ा भावुक क्षण है। इस समारोह में बोलते हुए ऐसा लग रहा जैसे मैं किसी ‘दीक्षांत समारोह’ में बोल रहा हूँ। डॉ. रवि ने अपने प्रदर्शन से मन मोह लेने वाले बाल कलाकारों के गुरु ‘वाहा सर’ से अभिभूत होकर उन्हें पाँच हजार रुपये की सम्मान राशि भी दी।
समारोह को सम्बोधित करते हुए डॉ. मधेपुरी ने कहा कि अतीत को जाने बिना ना तो हम अपने भविष्य को गढ़ सकते हैं और ना वर्तमान में आगे बढ़ सकते हैं। डॉ. मधेपुरी ने इस ‘ज्ञानभूमि’ को सूफी संत दौरम शाह का ‘सिद्ध पीठ’ कहा और बताया कि इन्हीं ‘दौरम’ के नाम पर मधेपुरा रेलवे स्टेशन का नाम ‘दौरम मधेपुरा’ रखा गया।
सिंडिकेट सदस्य द्वय डॉ. परमानंद यादव एवं डॉ. जवाहर पासवान ने समारोह को सम्बोधित करते हुए संस्थापक डॉ. उदय कृष्ण द्वारा स्थापित इस स्कूल को दिन दूनी रात चौगुनी उन्नति करने की शुभकामनाएं दीं और कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए अभिवावक बेहिचक अपने बच्चों का नामांकन यहाँ कराएं।
उक्त कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने मनभावन कार्यक्रमों की जैसे झड़ी लगा दी। मंच संचालक ने भी खूब तालियां बटोरीं। समारोह के आरम्भ में अतिथियों का स्वागत तथा अन्त में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. उदय कृष्ण ने किया।
परतंत्र भारत के स्वतंत्र विचारक राजा राममोहन राय ताजिन्दगी एक साथ दो लड़ाईयाँ लड़ते रहे | पहली अंग्रेजों के खिलाफ ‘आजादी की लड़ाई’ और दूसरी बाल-विवाह, सती-प्रथा, कर्मकाण्ड, पर्दा-प्रथा आदि के खिलाफ वाली लड़ाई |
परन्तु, अभी भी समाज में कुंडली मारकर बैठे ऐसे कर्मकांडों का पूर्ण परित्याग कर डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी सरीखे राजा राममोहन राय के अवशेष अवतार द्वारा अपने माता-पिता के देहावसान पर भोज के नाम पर होनेवाले खर्च को बन्द करके समाज का कोपभाजन बनना स्वीकार किया गया और 1998 से अब तक बिना किसी भेद-भाव के समाज के निर्धन लोगों के बीच टी.एन.बी.ट्रस्ट के बैनर तले अत्यंत गरीब बच्चों की पढाई में सहयोग करते रहने एवं ठंड से बचाव के लिए निर्धन नर-नारियों के बीच कपड़े बांटते रहने की व्यवस्थाएं की जाती रहीं |
मधेपुरा अबतक द्वारा इस संदर्भ में डॉ.मधेपुरी से जब चर्चा की गयी तो उन्होंने कहा कि जब पूर्व लोक अभियोजक शिवनेश्वरी प्रसाद, बिहार विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा आदि जैसे समाजसेवी इस कार्यक्रम की चतुर्दिक चर्चा करते हों- और मधेपुरा के ख्यातिप्राप्त शिव मिस्ठान भंडार के मालिक अर्जुन साह सरीखे सक्षम लोग इस कार्यक्रम का अनुसरण करते हों- तो सुखद अनुभूति का अहसास होना स्वाभाविक हो जाता है |
Dr.Bhupendra Madhepuri with his Wife Renu Choudhary distributing blankets at Singheshwar Temple Trust Campus .
27 जनवरी को डॉ.मधेपुरी एवं उनकी धर्मपत्नी रेणु चौधरी द्वारा सिंहेश्वर टेम्पुल ट्रस्ट में कार्यरत निर्धन चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों के बीच भीषण ठंढ में कम्बल बांटा गया | डॉ.मधेपुरी ने कहा कि इस कार्यक्रम से उन्हें सर्वाधिक सुकून मिलता है क्योंकि अंधविश्वास मिटाए बिना समाज का कल्याण संभव नहीं |