Rishi Sarraf from Madhepura cracked IIT 2019

मधेपुरा में मेधा की कमी नहीं

मधेपुरा में ना तो मेधा की कमी रही है और ना ही समाज सेवा में अपना बहुत कुछ न्योछावर करने वालों की कमी | यहाँ एक ओर जहाँ पटना उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति के रूप में जस्टिस आरपी मंडल, जस्टिस एससी मुखर्जी व जस्टिस के.के.मंडल ने मधेपुरा का परचम लहराया है वहीं चिकित्सा के क्षेत्र में सर्जन डॉ.अमरेंद्र कुमार यादव, डॉ.मनीष मंडल व डॉ.अरविंद सर्राफ आदि ने आमजन की सेवा में बहुत कुछ न्योछावर किया है |

बता दें कि 1981 ई. में तत्कालीन मुख्यमंत्री (बिहार) डॉ.जगन्नाथ मिश्र द्वारा मधेपुरा को जिला बनाये जाने के बाद सर्वप्रथम जिस जीवन सर्राफ के नाम वाले ‘जीवन सदन’ की दो कोठरियों में मधेपुरा के जिला कार्यालय का प्रथम डीएम श्री एसपी सेठ द्वारा कार्यारंभ किया गया था उसी जीवन सर्राफ के पौत्र शिवप्रसाद सर्राफ के घर में उनके पुत्र आनंद सर्राफ के प्रतिभावान बेटे ऋषि सर्राफ द्वारा समस्त भारत के लिए आयोजित किये गये JEE Advance परीक्षा में प्रशंसनीय रैंक हासिल कर मधेपुरा जिला को पुनः गौरवान्वित किया गया है |

यह भी जान लें कि जिला मुख्यालय मधेपुरा नगर परिषद के वार्ड न.-20 के स्थाई निवासी पिता आनंद सर्राफ व माता श्वेता सर्राफ के प्रतिभावान पुत्र ऋषि सर्राफ ने 2019 की इंजीनियरिंग की सर्वाधिक प्रतिष्ठित परीक्षा JEE में उत्कृष्ट रैंक 89 वाँ रैंक हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है तथा पढ़नेवाले छात्रों का हौसला अफजाई किया है | ऋषि की सफलता पर संपूर्ण मधेपुरा मंत्रमुग्ध है | प्रतिभा को सम्मान देने वाले विद्वत जन ऋषि के दादा-दादी एवं माता-पिता के अलावे उसी वंश के जनसेवी एमएलसी ललन सर्राफ को भी बधाई दे रहे हैं |

चलते-चलते यह भी बता दें कि स्थानीय हॉली क्रॉस स्कूल मधेपुरा में ऋषि ने प्रारंभिक पढ़ाई पूरी कर दसवीं कक्षा की पढ़ाई DPS सिलिगुड़ी से पूरी की तथा आगे की पढ़ाई ऋषि ने हैदराबाद से की | ऋषि बचपन से ही इंजीनियर बन कर समाज में अपनी अलग पहचान बनाने की तमन्ना पाल रहा था जिसे आज उसने पंख लगा दिया है |

 

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