नगर पालिका चुनाव पर रोक को लेकर राज्य सरकार हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ जाएगी सुप्रीम कोर्ट

सूबे बिहार में मेयर, डिप्टी मेयर, मुख्य पार्षद, उप मुख्य पार्षद और वार्ड पार्षद के चुनाव पर हाईकोर्ट ने ट्रिपल जांच के बिना इबीसी आरक्षण के फार्मूले को नहीं माना। फलस्वरूप राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा नगर पालिका चुनाव पर रोक लगा दिया गया। इस पर सूबे की सरकार चुनाव कराने के फैसले को सही मानते हुए हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य निर्वाचन आयोग एवं राज्य सरकार के पास दो ही विकल्प हैं-

1. पहला यह कि जिन सीटों पर पिछड़ा वर्ग को आरक्षण दिया गया है उन सभी सीटों को सामान्य सीट करते हुए फिर से नोटिफिकेशन जारी कर चुनाव की अगली तारीख जारी करें।

2. दूसरा यह कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट जाए।

हां ! राज्य सरकार अन्य पिछड़े वर्ग को आरक्षण देने के लिए पिछड़ा वर्ग कमिटी गठित कर सकती है जो यह देखेगी कि आबादी के अनुरूप किस जाति को कितना प्रतिनिधित्व मिला है।

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