मधेपुरा में सत्य-अहिंसा के पुजारी पूज्य बापू की 153वीं जयंती मनी

भारत में 26 जनवरी, 15 अगस्त और 2 अक्टूबर को अविस्मरणीय तारीख मानी जाती है। 2 अक्टूबर महात्मा गांधी और जय जवान जय किसान के प्रणेता लाल बहादुर शास्त्री की जयंती समस्त भारत में मनाई जाती है। जिला प्रशासन द्वारा भी समाहरणालय स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण व सर्व धर्म प्रार्थना का आयोजन किया गया। शहर के समाजसेवियों डॉ.मधेपुर, मो.शौकत अली एवंp0 ध्यानी यादव द्वारा भी पूज्य बापू की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि की गई।

Samajsevi-Shikshavid Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri offering floral tribute to Rashtrapita Mahatma Gandhi on the occasion of Mahatma Gandhi Jayanti.
Samajsevi-Shikshavid Dr.Bhupendra Narayan Yadav Madhepuri offering floral tribute to Rashtrapita Mahatma Gandhi on the occasion of Mahatma Gandhi Jayanti.

बता दें कि शहीद चुल्हाय मार्ग स्थित डाक बंगला के अंतर्गत शांति के पुजारी पूज्य बापू की 153वीं  जयंती उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि करने के बाद समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने मौजूद बच्चों को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों से अवगत कराते हुए कहा-

बापू हमेशा यही कहा करते कि प्रत्येक व्यक्ति खुद में वह बदलाव लाए जो वह दुनिया में देखना चाहते हैं। वे यह भी कहते कि जिस चीज में कोई भी भारतीय यकीन करता हो परंतु उसे जीता नहीं हो वही तो बेईमानी है।

अंत में डॉ.मधेपुरी ने महात्मा गांधी को एक निष्काम कर्मयोगी एवं सच्चे अर्थों में युगपुरुष बताते हुए चंद नौनिहालों से यही कहा कि वे भारत के ही नहीं संपूर्ण मानव जाति के प्रेरणा स्रोत रहे हैं और सदैव रहेंगे। बच्चों ने बापू और शास्त्री जी के जयकारे भी लगाए।

सम्बंधित खबरें