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भारतीय क्रिकेट के लिए 19 दिसंबर काला शनिवार साबित हुआ

14 जून 1924 को दक्षिण अफ्रीका की टीम इंग्लैंड के खिलाफ पोर्ट एलिजाबेथ में टेस्ट मैच खेलते हुए एक पारी में मात्र 30 रन पर सिमट गई थी, जिसमें कोई भी खिलाड़ी दो अंकों में रन नहीं बना पाए थे। आज 96 वर्षों के बाद विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय टीम एडिलेड में खेले जा रहे डे एंड नाइट टेस्ट मैच के तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध पहली बार 36 रन पर ऑल आउट हो गई, जिसमें सबसे अधिक स्कोर मयंक अग्रवाल का रहा, जिन्होंने कुल 9 रन बनाए। कप्तान विराट कोहली सहित कोई भी भारतीय बल्लेबाज 2 अंकों में रन नहीं बना पाए। नौ धुरंधर सिर्फ 27 रन बनाकर ढेर हुए। तीन खिलाड़ी तो खाता भी नहीं खोल पाए, वे खाली हाथ पवेलियन लौट गए।

बता दें कि भारतीय क्रिकेट के लिए शनिवार का दिन भले ही शर्मसार करने वाला काला दिन रहा, परंतु अमिताभ बच्चन के कौन बनेगा करोड़पति के लिए लाख-करोड़ वाला प्रश्न बनकर दुनिया के सामने जरूर आएगा। ऐसी हार की जिम्मेदारी लेते हुए कप्तान विराट बोले……  दर्द बयां करने को शब्द नहीं !

गुलाबी गेंद से ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज हेजलवुड ने 5 एवं कमिंस ने 4 विकेट चटकाकर भारतीय बल्लेबाजी की धज्जियां उड़ा दी। टेस्ट इतिहास में भारतीय क्रिकेट टीम का यह सबसे न्यूनतम स्कोर है। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने गेंदबाजी का शानदार नमूना दिखाते हुए मेहमानों को तबाह कर दिया। भारतीय स्कोर बोर्ड में 4,2,0,9,0,4,4,0,8,4 और 1 निजी स्कोर किसी भी भारतीय प्रशंसक को निराश और हताश करने के लिए काफी है।

चलते-चलते यह भी कि कप्तान कोहली विशेष काम से भारत लौट रहे हैं। उप-कप्तान रहाणे अब भारतीय टीम के कप्तान होंगे। मोहम्मद शमी की कलाई में चोट है। वे स्कैन के लिए अस्पताल गए हैं। देखिए  अनिश्चितताओं के इस खेल में आगे क्या होता है ?

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डॉ.मधेपुरी 30 वर्षों से याद दिलाते आ रहे हैं कि सदन में पिंजरे बनवाए जाएं

आये दिन देश के लगभग सभी राज्यों की विधान सभाओं, परिषदों तथा संसद के दोनों सदनों में भी सत्ता और विपक्षी दलों के सदस्यों के बीच जूते-चप्पल फेंकने से लेकर माइक तोड़ोउवल, कुर्सी फेंकउअल….. और महिला विधायिका की साड़ी सदन के अंदर खींचना भी लाखों लोगों के जनप्रतिनिधि के लिए अब शर्मनाक बातों के घेरे में नहीं आते देखने के बाद प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने 30 वर्ष पूर्व से ही प्रत्येक सदन में सदस्यों की सीट के चारों ओर पिंजरे बनवाए जाने की मांग तब शुरू की थी जब तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष की नेता सुश्री जयललिता की साड़ी एक मंत्री जी द्वारा खींचे जाने के बाद भारतीय संस्कृति को शर्मसार करने वाली ये बातें उन्होंने कही थी- “…आगे वह विधानसभा में तभी प्रवेश करेगी जब उनका शील अक्षुण्ण रहने की पूर्ण गारंटी सरकार देगी।”

जानिए कि दो दिन कबल यानि मंगलवार को कर्नाटक विधान परिषद में सत्ता और विपक्ष के सदस्यों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई…. अराजकता की ऐसी स्थिति उत्पन्न हो गई कि सदन में ही उप-सभापति एसएल गौड़ा को कुर्सी से खींच कर फर्श पर पटक दिया, जिन्हें मार्शल द्वारा उठाते हुए टीवी पर दुनिया के लोगों ने देखा। भला क्यों नहीं, जिन सदनों में आधे से अधिक सदस्य वैसे होते हैं जिन पर लूट, अपहरण….. मर्डर तक के केस चल रहे हैं…. जो बाहुबली कहे जाने पर गर्व महसूस करते हैं, वैसों ही के कारण पार्लियामेंट महीनों चल नहीं पाते और देशवासियों के टैक्स के करोड़ों-करोड़ रूपए बेमतलब बर्बाद होते रहते हैं। सारी परंपराएं तेजी से टूटती जा रही हैं। एक साथ होने वाला लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव का क्रम टूटा और करोड़ों रुपए का अतिरिक्त भार जनता पर पड़ा। क्या यही रहेगी हमारी संसदीय परंपरा?

बकौल समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.मधेपुरी,  संसदीय परंपरा के निर्वहन के लिए, महिला सदस्यों सहित अन्य सदस्यों की हिफाजत तथा विकास को गति देने के लिए प्रत्येक सदन में सदस्यों की सीट पर कुर्सी के चारों तरफ लोहे के पिंजरे बनें। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सदस्यों को उसमें बंद हो जाना पड़े। पिंजरे में ऑटोमेटिक लॉक हो जिसका रिमोट स्पीकर के पास दिया जाए। सदस्य पिंजरे के अंदर से ही विचार व्यक्त करें……।

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जानिए दिल्ली में किसान आंदोलन के 19वें दिन क्या हुआ ?

केंद्र सरकार द्वारा नई कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर कड़कड़ाती ठंड और घने कोहरे के बीच दिल्ली की तमाम सीमाओं पर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान 18 दिनों से डटे हुए हैं। राजस्थान से भी बड़ी संख्या में दिल्ली आ रहे किसानों को हरियाणा बॉर्डर पर पुलिस ने रोक तो दिया है, परंतु किसान नेताओं ने कहा कि मांगें पूरी होने तक हमारा प्रदर्शन हर हाल में जारी रहेगा। हमने कदम बढ़ा दिया है तो फिर लौटने वाले नहीं है।

बता दें कि सभी किसान यूनियनों के प्रमुख आज सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक भूख हड़ताल पर रहेंगे। इस बीच किसानों के समर्थन में विरोधी पार्टी के नेताओं द्वारा बयान पर बयान दिये जा रहा है। अनेक सेलिब्रिटीज ने सम्मान वापस करने वाले बयान भी दिए हैं। किसानों के समर्थन में पंजाब के डीआईजी (कारा) एलएस जाखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

एक  ओर जहां दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने किसानों के समर्थन में आज दिनभर उपवास रखने की घोषणा कर दी है, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री के घर केंद्रीय कृषि मंत्री सहित पंजाब के भाजपा नेताओं के साथ बैठक की दौड़ चल रही है। यह भी कहा जा रहा है कि किसानों के लिए होगा  शॉपिंग मॉल एवं स्मार्ट मंडियां जहां किसानों को एक ही छत के नीचे  रियायती दर पर  सभी सुविधाएं मिल जाएंगी।

जानिए कि इन गतिविधियों के बीच भारतीय किसानों के शीर्ष नेतृत्वों ने क्या कहा- “तीनों कृषि कानूनों को रद्द करना ही हमारी एकमात्र मांग है….. कुछ कॉस्मेटिक संशोधनों से यह कानून किसान हितेषी नहीं बनेंगे।”

 

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सदा याद रहेगा 13 दिसंबर जिस दिन आतंकियों ने सेशन में रहते हुए पार्लियामेंट को किया था घायल

तारीख 13 दिसंबर 2001 और समय दिन के 11:28 हो रहे थे। स्थल था भारत का संसद भवन परिसर। पार्लियामेंट सेशन में था। पक्ष-विपक्ष के बीच हंगामे को लेकर दोनों सदनों की कार्यवाही 40 मिनट के लिए स्थगित की जा चुकी थी। इसी दरमियान कायराना हमले के तहत पाकिस्तानी पांच आतंकियों द्वारा संसद भवन के मुख्य द्वार पर गोलियों की तड़तड़ाहट ने सिर्फ संसद के अंदर फंसे सांसदों को ही नहीं बल्कि पूरे देश को ही झकझोर कर रख दिया था। लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर पर आतंकियों ने अचानक आत्मघाती हमला कर दिया था।

19 साल पहले 45 मिनट तक चले इस हमले में आठ सुरक्षाकर्मियों एवं एक माली की जान चली गई थी। परंतु, भारत माता के इन वीर जवानों ने अपनी जान को मुट्ठी में लेकर पहले सदन के सभी दरवाजों को बंद कर देश के रहनुमाओं की जान बचाई और फिर सभी अंतिम सांस तक लड़ते हुए एक-एक कर सभी पांच आतंकियों को मार गिराया था।

बता दें कि जिन शहीद सुरक्षाकर्मियों ने हमारी संसद की रक्षा करते हुए अपनी जान गवांई उनके बलिदान एवं बहादुरी को याद करते हुए देश के महामहिम राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री एवं रक्षा मंत्री….. आदि कहते हैं कि यह देश उन वीर सपूतों का हमेशा  कर्जदार रहेगा तथा हम हमेशा उनके आभारी रहेंगे।

चलते-चलते यह भी जानिए कि मधेपुरा के संवेदनशील साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी द्वारा भारत के महामहिम राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से यह अनुरोध किया जा रहा है कि जिस तरह से बिहार की राजधानी पटना में विधानसभा भवन के सामने 7 शहीदों की स्मृति में सप्तमूर्ति बनाई गई है, वैसी ही मूर्तियां संसद भवन के सामने इन शहीदों की भी बनाई जाए ताकि समस्त देश उनके बलिदान एवं बहादुरी से सदैव प्रेरित होता रहे। बच्चे और बड़े सभी उन मूर्तियों के साथ फोटो लेकर गौरवान्वित होता रहे।

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चीन से फैले वैश्विक महामारी कोरोना के खात्मे की ब्रिटेन से हुई शुरुआत

दुनिया में कोरोना के खात्मे को लेकर पहला टीका 91 वर्ष की होने जा रही मार्गरेट कीनन को ब्रिटेन में मंगलवार को दिया गया। मारग्रेट कीनन को फाइजर-बायोएनटेक के टीके का यह पहला डोज था। कीनन यह टीका लगवाने वाली दुनिया की पहला व्यक्ति बन गई है। अब ब्रिटेन में कुछ ही दिनों में 8 लाख लोगों को यह वैक्सीन दी जाएगी।

यह भी बता दें कि पहला टीका मारग्रेट कीनन को दिए जाने के बाद कीनन ने कहा- ‘यह मेरे जन्मदिन से कुछ दिन पहले मिला बेहतरीन तोहफा है। अब मैं क्रिसमस और नए साल पर परिवार के साथ जश्नों में शामिल हो सकूंगी।’

जानिए कि ब्रिटेन सामूहिक टीके लगाने वाला विश्व का पहला देश बन गया है। प्रत्येक व्यक्ति को फाइजर के टीके का सिर्फ 0.3 एमएल वैक्सीन दी जा रही है। एक शीशी में 1.5 एमएल दवा होती है जो पांच लोगों को दी जाती है।

चलते-चलते यह भी जानिए कि भारत में भी अगले 10 दिनों में वैक्सीन की मंजूरी मिल जाएगी। तीनों वैक्सीन कंपनियों के आवेदनों पर विषय विशेषज्ञ समिति बुधवार को विचार करेगी। सब ठीक रहा तो 20 दिसंबर तक भारत के पास तीन वैक्सीन के विकल्प होंगे। कुछ महीनों के बाद लोग राहत की सांस लेना शुरू करेंगे…… ऐसा आभास होने लगा है।

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केंद्रीय कृषि कानून के खिलाफ किसान संगठनों का आज भारत बंद

संसद के मानसून सत्र में मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों ने 12 दिनों से मोर्चा खोल रखा है। लगातार 12वें दिन तक आंदोलन पर डटे किसान नेताओं ने सोमवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यही कहा- मंगलवार (8 दिसंबर) को पूरा दिन पूरी तरह से शांतिपूर्ण बंद रहेगा। फिर भी केंद्र सरकार द्वारा राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को सतर्क रहने हेतु एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें कोरोना से बचाव को लेकर जो गाइडलाइन पहले जारी की गई है उसके पालन को लेकर भी मुस्तैद रहने को कहा गया है।

बता दें कि दिल्ली को चारों तरफ से किसानों ने घेर लिया है। दिल्ली को जोड़ने वाली एनएच पर बॉर्डर से 20 किलोमीटर मुरथल तक ट्रैक्टर-ट्रॉली की कतारें हैं। जहां कोरोना, कोहरा व ठंड के कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा है वहीं खुले आसमान के नीचे इस ठंड में हजारों-हजार अन्नदाता किसान अडिग हैं। घर के अन्य से बना-बनाकर भोजन करते हैं अन्नदाता……. कहीं चाय बन रही है….. तो कहीं अलाव जल रहा है। कहीं लंगर की व्यवस्था है तो कहीं गायन-वादन चल रहा है। फिर भी किसानों ने एंबुलेंस एवं शादी वाली गाड़ियों को आने-जाने की छूट दी है।

यह भी जानिए कि किसानों के आंदोलन को समर्थन सहयोग एवं साथ दे रहे हैं- कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, एनसीपी, राजद, आम आदमी पार्टी, भाकपा, माकपा, माले, आरएसपी, फॉरवर्ड ब्लॉक, जाप, जीडीएसएफ सहित अन्य कई विपक्षी पार्टियां।

चलते-चलते यह भी जान लीजिए कि अन्नदाता किसान और केंद्र सरकार के कृषि मंत्री व आलाधिकारियों के साथ 5 दौर की बैठक के बावजूद भी नए कृषि कानून की वापसी पर बात नहीं बनी, परंतु किसान अपनी मांग पर अडिग हैं। इसलिए संपूर्ण भारत बंद की अपील की है।

 

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बकौल डब्ल्यूएचओ कोरोना के अंत होने की उम्मीद शुरू

4 दिसंबर को संयुक्त राष्ट्र के स्वास्थ्य प्रमुख ने यह घोषणा की कि कोरोना वायरस टीके के परीक्षणों के सकारात्मक परिणाम निकले हैं। फलस्वरूप, दुनिया अब कोरोना महामारी के अंत होने की उम्मीद कर सकती है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि समृद्ध एवं शक्तिशाली देशों को दुनिया के गरीबों और वंचितों को टीके की भगदड़ में कुचलना नहीं चाहिए।

यह भी जानिए कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक  टेड्रोस अधानोम गेब्रेयेसिस ने आगाह किया है कि कोरोना वायरस को रोका जा सकता है, परंतु दुनिया को यह भी चेतावनी दी है कि आगे का रास्ता अभी अनिश्चितता से भरा है।

यह भी बता दें कि डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में यह भी कहा कि तत्काल टीके की बड़े पैमाने पर खरीद व वितरण के लिए 4.3 अरब डालर की जरूरत है और अगले वर्ष 2021 के लिए 23.9 अरब डॉलर की जरूरत होगी।

चलते-चलते यह भी कि डब्ल्यूएचओ के अतिरिक्त अमेरिका और इंडिया द्वारा कोरोना वैक्सीन जनवरी तक आने की उम्मीद की घोषणा सुनते ही लोग मास्क पहनना छोड़ने लगे। फलस्वरूप मधेपुरा सदर थानाध्यक्ष सुरेश प्रसाद सिंह की टीम द्वारा बिना मास्क के घूम रहे 40 लोगों को पकड़ लिया गया और प्रति व्यक्ति ₹50 की दर से 2300 ₹ बतौर जुर्माना वसूला गया।  मधेपुरा शहर के समाजसेवी डाॅ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने पुलिस पदाधिकारियों को कोरोना के प्रति लोगों को आगाह करने के लिए साधुवाद दिया है तथा लोगों से यह भी अपील की है कि अंत तक आप धैर्य बनाए रखें और मास्क तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी ईमानदारी से पालन करते रहें।

 

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अब खत्म होगा वैश्विक महामारी कोरोना का आतंक

वैश्विक महामारी ‘कोरोना’ के आतंक से सर्वाधिक प्रभावित देश अमेरिका रहा है और उसके बाद भारत दूसरे स्थान पर रहा है। कठोर परिश्रम के बाद यह दोनों देश कोरोना वैक्सीन तैयार कर लिया है। अमेरिका इसी दिसंबर में टीकाकरण आरंभ करने जा रहा है और भारत में वैक्सीन इस्तेमाल के लिए आने वाले जनवरी माह में आपात मंजूरी मिल जाएगी।

बता दें कि अमेरिका के तीन पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, जॉर्ज डब्ल्यू बुश और बिल क्लिंटन कोरोना वैक्सीन पर लोगों के अविश्वास को खत्म करने के लिए आगे आए हैं। ये तीनों पूर्व राष्ट्रपति 15 दिसंबर 2020 को कैमरे के सामने लाइव टीका लेंगे ताकि अमेरिका के लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर जो अविश्वास पैदा हो गया है उसे खत्म किया जा सकेगा। ऐसा करने से वैक्सीन के सेफ्टी व इफेक्टिव होने का अच्छा मैसेज जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि 11 दिसंबर तक वैक्सीन को इमरजेंसी अप्रूवल मिल जाएगा।

चलते-चलते यह भी जानिए कि बकौल ऐम्स डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया, भारत में जनवरी तक वैक्सीन को इस्तेमाल के लिए आपात मंजूरी मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ वैक्सीन भारत में फाइनल स्टेज ट्रायल पर है और वह सुरक्षित भी है। जानकारी मिलते ही अब गांव-गांव में लोग जलाने लगेंगे आशा के दीप।

 

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4 दिसंबर को भारत में कोरोना वैक्सीन को लेकर होगी सर्वदलीय बैठक

कोरोना सरीखे महामारी को नियंत्रित करने में दुनिया भर के वैज्ञानिक और लैबोरेट्री लगे हैं। भारत में भी कोरोना वैक्सीन को लेकर तैयारियां जोरों पर है। भारत में तीन वैक्सिन निर्माता कंपनियों के विशेषज्ञों से हाल ही में प्रधानमंत्री ने संवाद भी किया है।

बता दें कि वे कंपनियां हैं-

1. पुणे की जिनोवा बायो फार्मास्यूटिकल लिमिटेड

2.हैदराबाद की बाॅयो लॉजिकल ई. लिमिटेड एवं

3. हैदराबाद की ही डॉक्टर रेड्डी लैबोरेट्रीज लिमिटेड।

संवाद से निकले निष्कर्ष से यह उम्मीद बनती है कि नये साल के शुरुआती तीन-चार महीने में सरकार देश के लोगों को कोरोना-वैक्सीन उपलब्ध करा पाएगी।

जानिए कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यहां तक कहा है कि आगामी जुलाई-अगस्त तक लगभग 25 से 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने का प्लान है, जिस दिशा में जोरों की तैयारियां  चल रही है। 4 दिसंबर यानि कल इस बाबत केंद्र सरकार एक सर्वदलीय बैठक करने जा रही है जिसमें प्रधानमंत्री कोरोना टीकाकरण को लेकर हो रही तैयारियों से देश को अवगत कराने हेतु चर्चा भी कर सकते हैं।

चलते-चलते यह भी बता दें कि संसद के दोनों सदनों के सभी पार्टियों के नेताओं को कल यानि शुक्रवार को सुबह 10:30 बजे ऑनलाइन बैठक के लिए आमंत्रित भी किया जा चुका है। इस बैठक का समन्वय केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्रालय कर रहा है। कोरोना काल में कोरोना के हालात पर चर्चा करने के लिए दूसरी बार सर्वदलीय बैठक बुलाए जाने हेतु संवेदनशील-समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने प्रधानमंत्री की पूरी टीम को साधुवाद दिया है।

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डॉ.अजीत को डॉ.कलाम उत्कृष्टता पुरस्कार मिलने से मधेपुरा जिला ही नहीं, बिहार भी हुआ गौरवान्वित- डॉ.मधेपुरी

मधेपुरा जिले के उदाकिशुनगंज सदर प्रखंड अंतर्गत मधुबन गांव के एक शिक्षक राज किशोर पंडित के पुत्र हैं डॉ.अजीत कुमार आजाद। डॉ.आजाद विगत कई वर्षों से चिकित्सा के क्षेत्र में हैदराबाद में कार्यरत हैं।

बता दें कि डॉ.अजीत को हैदराबाद के बेस्ट डॉक्टर एवं कोरोना काल में हैदराबाद के मरीजों की उत्कृष्ट सेवा करने के लिए सम्मानित किया गया है। डॉ.आजाद को डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम मेमोरियल एक्सेलेंस अवार्ड- 2020 के तहत डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम स्मारक उत्कृष्टता पुरस्कार दिया गया है। इस सम्मान समारोह का आयोजन वर्चुअल कार्यक्रम के तहत 25 नवंबर को ही किया गया है।

जानिए कि डॉ.अजीत को दिए गए इस सम्मान से मधेपुरा जिला ही नहीं बल्कि संपूर्ण बिहार गौरवान्वित हुआ है। डॉ.अजीत को मिला यह सम्मान बिहार के चिकित्सीय क्षेत्र में काम करने वाले सभी डाक्टरों व कर्मियों का सम्मान है। भला क्यों नहीं, डॉ.अजीत ने कोरोना काल में बिना 1 दिन भी छुट्टी लिए तथा बिना परिजनों की परवाह किए अपनी जान को जोखिम में डालकर हजारों कोविड-19 के मरीजों का इलाज कर उन्हें नई जिंदगी दी है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम के अत्यंत करीबी रहे समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी सदा ही मधेपुरा को  गौरवान्वित करने वालों को सम्मानित करने में लगे रहते हैं। डॉ.अजीत ने भारतवासियों को यह संदेश दिया है- जब तक कोरोना के लिए वैक्सीन नहीं…. तब तक मास्क ही वैक्सीन है। मास्क लगभग 90% तक कोरोना वायरस को रोकता है….. चार सप्ताह तक यदि प्रत्येक व्यक्ति अहर्निश मास्क पहने तो कोरोना को पूरी तरह रोका जा सकता है। आप सभी इसमें सहयोग करें तो जल्द ही वह अवसर आ जाएगा जब डॉ.मधेपुरी कोरोना वारियर डॉ.अजीत कुमार आजाद को मधेपुरा जिला को गौरवान्वित करने के उपलक्ष में जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला (भाप्रसे) की उपस्थिति में सम्मानित कर पाएंगे।

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