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भारत में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या हुई 94 लाख के पार

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजे आंकड़े के अनुसार देश में कोरोना संक्रमिततों  की संख्या बढ़कर हो गई है 94 लाख 31 हजार तथा मरने वालों की संख्या अब तक 1 लाख 37 हजार 140 हो गई है।

बता दें कि अब तक पूरे देश में 88 लाख 47 हजार कोरोना संक्रमित लोगों ने कोरोना को मात देकर ठीक हो चुके हैं। जानिए कि पिछले 24 घंटे में कुल 45 हजार 333 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक हुए हैं।

यह भी जानिए कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के अनुसार देश में 29 नवंबर तक कोरोना वायरस के लिए कुल 14 करोड़ सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं। पिछले 24 घंटे में कोरोना से देश में 496 मरीज की मौत हो चुकी है। इनमें लगभग 71 फ़ीसदी मामले 8 राज्यों व केंद्र शासित राज्यों जिनमें दिल्ली, महाराष्ट्र, बंगाल, हरियाणा, पंजाब, केरल, यूपी और राजस्थान शामिल हैं। दिल्ली में जहां 89 मरीजों की मौतें हुई है वहीं महाराष्ट्र में 88 की। नवंबर महीने में प्रतिदिन कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या 600 पार नहीं कर पाई है जबकि पूरे देश में अब तक मृतकों की संख्या 1 लाख 36 हजार 696 हो गई है।

चलते-चलते बिहार में भी कोरोना की स्थिति जान लीजिए। रविवार को बिहार में 606 नये कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है और इलाज के दौरान 6 की मौत हो गई। इसके साथ ही सूबे बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2 लाख 35 हजार 159 एवं मृतकों की संख्या बढ़कर 1259 हो गई है। बिहार में अब तक 1 करोड़ 45 लाख 47 हजार 988 सैंपल की कोरोना जाँच पूरी की जा चुकी है।

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भारतीय संविधान की जब भी चर्चा होगी, मधेपुरा सदा याद आता रहेगा- डॉ.मधेपुरी

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद दिल्ली में कांस्टीट्यूएंट असेंबली यानि भारतीय संविधान सभा की बैठक बुलाई गई, जिसमें मधेपुरा जिले के चतरा-ग्राम निवासी कमलेश्वरी प्रसाद यादव भी संविधान सभा के सदस्य के रूप में उपस्थित थे। तीन विषयों में एमए ‘यादव जी’ विधायक बनकर समाजसेवी बने। अनेक विद्यालयों व महाविद्यालयों के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले यादवजी संविधान सभा के सदस्य चुने गए और अपनी विद्वता व अनुभव से संविधान निर्माण वाली बहस में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते रहे।

जानिए कि सर्वाधिक वरिष्ठ सदस्य होने के चलते डॉ.सच्चिदानंद सिन्हा को प्रोटेम अध्यक्ष बनाया गया था, जिनकी अध्यक्षता में डॉ.राजेंद्र प्रसाद स्थाई अध्यक्ष चुने गए तथा भीमराव अंबेडकर को ड्राफ्टिंग कमिटी का अध्यक्ष बनाया गया।  भारतीय संविधान के निर्माण में कुल 2 वर्ष 11 महीना 18 दिन लगे। 26 नवंबर 1949 को बनकर तैयार हो गया था- भारत का संविधान।  भारतीय संविधान में एकता, अखंडता और आम लोगों के अधिकारों… का विस्तृत वर्णन है।

कुछ समय बाद डॉ.सच्चिदानंद सिन्हा पटना में बीमार चल रहे होते हैं। प्रथम अध्यक्ष होने के नाते संविधान की मूल प्रति पर उनका भी हस्ताक्षर होना अनिवार्य था। बीमारी के कारण उनका दिल्ली पहुंचना संभव नहीं था। जब यह सुना गया कि भारतीय संविधान की मूल प्रति ट्रेन से पटना आ रहा है तो कल्पना कीजिए वहां कैसा कुतूहल रहा होगा। जिस समय रोग-शैय्या पर डॉ.सच्चिदानंद सिन्हा 13 जनवरी 1950 को भारत के नए संविधान पर हस्ताक्षर कर रहे थे तो वहां पर विशिष्ट लोगों में से एक थे- मधेपुरा जिले के प्रखर स्वतंत्रता सेनानी व बिहार के प्रथम विधि मंत्री शिवनंदन प्रसाद मंडल।

अंत में यह भी कि टीपी कॉलेज मधेपुरा के संस्थापक प्राचार्य रतन चंद व उनकी धर्मपत्नी गार्गी चंद के निकटतम संबंधी व संस्कृत के उद्भट विद्वान  डॉ.मंगलदेव शास्त्री भारत के संविधान को संस्कृत में अनुवाद कर महामहिम राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत भी हुए हैं।  बकौल, समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी, उपर्युक्त तथ्यों के साथ-साथ उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संविधान की जब कभी चर्चाएं होंगी तो मधेपुरा सदा याद आता रहेगा और मधेपुरा के लोग सदैव गौरवान्वित होते रहेंगे।

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कोरोना को लेकर दिसंबर- 2020 के लिए दिशा-निर्देश

भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने पुनः तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर माह दिसंबर-2020 के लिए राज्यों के वास्ते दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों में राज्यों से कोरोना के कहर की रोकथाम के उपायों का कड़ाई से पालन करने, कांट्रेक्ट ट्रेसिंग, टैस्टिंग एवं भीड़ को नियंत्रित करने को कहा गया है।

बता दें कि इस दिशा-निर्देश में राज्यों को रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू करने तथा खेल, मनोरंजन, धार्मिक एवं सामाजिक समारोहों में लोगों की उपस्थिति को 200 से कम रखने का अधिकार प्रदान किया गया है। परंतु, लॉकडाउन लगाने के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी लेनी होगी जैसे पूर्व में ली जाती थी। जानिए कि यह दिशानिर्देश 1 दिसंबर से 31 दिसंबर तक के लिए फिलहाल लागू किया गया है

यह भी बता दें कि कंटेंनमेंट जोन के अंदर केवल आवश्यक सेवाओं की ही इजाजत होगी जबकि कंटेंनमेंट जोन के बाहर सभी तरह की छूटें जो वर्तमान में दी जा रही हैं, वही दी जाती रहेंगी। बताया गया है कि 2 गज की दूरी और मास्क पहनना अभी भी है जरूरी।

चलते-चलते जानिए कि भारत सरकार ने दिसंबर माह के लिए सतर्कता, निगरानी, रोकथाम एवं सावधानी को लेकर दिशा-निर्देश जारी करते हुए यही कहा है कि निर्देश का मुख्य उद्देश्य कोविड-19 के खिलाफ मुकाबले में मिली कामयाबी को कायम रखना है। इस हेतु स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। कई राज्यों ने तो रात्रिकालीन कर्फ्यू लगाना आरंभ कर दिया है। पंजाब में भी 10:00 बजे रात्रि से 5:00 बजे सुबह तक रात्रिकालीन कर्फ्यू 1 दिसंबर से लगाया जाएगा। नियम तोड़ने वालों को ₹1000 का दंड चुकाने होंगे।

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बिहार में पहली बार भाजपा स्पीकर विजय को विजय श्री

17वीं बिहार विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव बुधवार को विधानसभा के विस्तारित भवन के सेंट्रल हॉल में भारी हंगामे और शोर-शराबे के बीच प्रोटेम स्पीकर जीतन राम मांझी ने संपन्न कराया। वोटिंग के आधार पर स्थाई विधानसभा अध्यक्ष के रूप में एनडीए के उम्मीदवार एवं भाजपा के विधायक विजय कुमार सिन्हा के नाम की घोषणा श्री मांझी ने की। यह सुखद संयोग कहिए कि बिहार विधानसभा के निवर्तमान अध्यक्ष व जदयू विधायक एवं वर्तमान संसदीय कार्य मंत्री का नाम भी विजय कुमार…. ही है।

बता दें कि महागठबंधन प्रत्याशी राजद नेता अवध बिहारी चौधरी को 114 मत पड़े वहीं एनडीए प्रत्याशी विजय कुमार सिन्हा के पक्ष में 126 मत पड़े। 2 सदस्य अनुपस्थित रहे और एक वोटिंग में शामिल नहीं हुए। इस चुनाव में नया इतिहास भी रचा गया है। पहली बार 51 साल बाद अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ और तुर्रा तो यह है कि प्रोटेम स्पीकर को महज आधे घंटे के अंदर दो बार वोटिंग की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ी। पहली बार एनडीए प्रत्याशी विजय कुमार सिन्हा के पक्ष में 127 वोट पड़े वहीं दूसरी बार में 126 वोट ही मिले।

जानिए कि पाँच  दशक बाद पहली बार बिहार विधान सभा अध्यक्ष पद के लिए मत विभाजन में जीत के बाद नवनिर्वाचित एनडीए प्रत्याशी विजय कुमार सिन्हा को अध्यक्ष के पद पर आसीन करने हेतु मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव आसन तक ले गए। विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आसन तक चलने के लिए आमंत्रित किया। भाजपा सदस्य विजय कुमार सिन्हा के अध्यक्षीय आसन पर बैठते ही भाजपा सदस्यों ने भारत माता की जय कारे लगाने लगे।

चलते-चलते यह भी बता दें कि सीएम, अशोक चौधरी व मुकेश साहनी (मंत्री द्वय) के सदन में मौजूद रहने को लेकर तेजस्वी की सेना ने हंगामा खड़ा कर दिया। प्रोटेम स्पीकर श्री मांझी ने कहा कि सीएम सदन के नेता हैं, उन्हें सदन में रहने का अधिकार है भले ही वे इस सदन के सदस्य नहीं है। और दो अन्य सदस्य मंत्री की हैसियत से सदन में बैठने के अधिकारी हैं।

अंत में आसन ग्रहण करने के बाद नवनिर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सभी सदस्यों को साथ लेकर चलूंगा। सदस्यों की अपेक्षाओं पर खड़ा उतरने का प्रयास करूंगा। जन समस्याओं को दूर करने तथा उनके बेहतर कल के लिए हमेशा कुछ बेहतर करते रहने का सतत प्रयास करता रहूंगा।

 

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सूबे बिहार में कोरोना को लेकर पुनः 10 दिनों का हाई अलर्ट

बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने जहां सभी जिलों के डीएम-एसपी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोविड-19 को लेकर जारी निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है, वहीं स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के प्राचार्यों एवं अधीक्षक सहित सिविल सर्जनों व प्रभारी चिकित्सकों के साथ बैठक कर अगले 10 दिनों तक कोरोना से बचाव कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतने की हिदायत दी है तथा सबों को हर तरह से मुस्तैद रहने की हिदायत भी दी है।

बता दें कि नीतीश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री द्वारा सभी जिलों के सिविल सर्जनों से कोरोना मरीजों की जांच व इलाज को लेकर उपलब्ध सुविधाओं व डाक्टरों एवं कर्मियों की उपलब्धता आदि की जानकारियां भी मांगी गई है। कोविड केयर सेंटर एवं सूबे के सारे मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में जांच व इलाज की सुविधाओं को सक्रिय किया गया है। सभी पीएचसी सेंटरों में  एंटीजन टेस्ट एवं अस्पतालों में आरटीपीसीआर टेस्ट बढ़ाने को लेकर कार्यवाही करने हेतु निर्देश जारी किए गए हैं।

यह भी जानिए कि मुख्य सचिव ने सभी जिलों के बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों एवं माॅल व बाजारों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने तथा मास्क लगाने हेतु हिदायत भी दी है। लोगों की आवाजाही वाले स्थानों पर शिविर लगाकर जांच करने का निर्देश भी दिया गया है।

चलते-चलते यह भी बता दें कि दीवाली और छठ महापर्व के दौरान बिहार आने वालों एवं वापस दूसरे प्रदेशों की ओर लौटने वालों की कोरोना जांच किए जाने का निर्देश जारी किया गया है।

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बिहार विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों ने 5 भाषाओं में शपथ ली

17वीं बिहार विधानसभा चुनाव में 243 नवनिर्वाचित विधायकों में से शपथ ग्रहण करने वाले सदस्यों की संख्या 174 रही, जिन्होंने पहले सत्र के पहले दिन 5 भाषाओं में तैयार शपथ-पत्र के अनुसार शपथ ली।

बता दें कि शपथ लेने वाले कुल 174 सदस्यों में सबसे अधिक 144 विधायकों ने हिन्दी में शपथ ली, इसके अलावा मैथिली में 15, उर्दू में 6, संस्कृत में 5 तथा अंग्रेजी में 4 सदस्यों ने शपथ ली।

प्रोटेम अध्यक्ष जीतन राम मांझी की अध्यक्षता में शपथ ग्रहण समारोह चल रहा था। चौंकाने वाली बात तो तब हुई जब डॉ.शकील अहमद खान ने संस्कृत में शपथ ली। संस्कृत में शपथ लेने वाले शेष 4 सदस्य हैं- मिथिलेश कुमार, रत्नेश सादा, संजय कुमार सिंह एवं वीरेंद्र कुमार सिंह। जिन 4 सदस्यों ने अंग्रेजी में शपथ ली, वे हैं- महबूब आलम, युसूफ सलाउद्दीन, चेतन आनंद एवं सिद्धार्थ सौरभ।

बता दें कि उर्दू में शपथ ग्रहण करने वाले 6 सदस्य हैं- मोहम्मद अंजार नईम, शाहनवाज, सउद आजम, इज़हार अली, अख्तरुल इमान एवं सैयद रुकनुद्दीन अहमद। मैथिली में जिन विधायकों ने शपथ ली, वे हैं- मंत्री रामप्रीत पासवान, सुधांशु शेखर, विनोद नारायण झा, अरुण शंकर प्रसाद, हरी भूषण ठाकुर, समीर कुमार महासेठ, नीतीश मिश्रा, चंद्रहास चौपाल, आलोक रंजन, स्वर्णा सिंह, विनय कुमार चौधरी, मिश्री लाल यादव, संजय सरावगी, रामचंद्र प्रसाद और मुरारी मोहन झा ।

यह भी जानिए कि हिन्दी में उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद एवं रेणु देवी, विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव,… सहित शेष 140 सदस्यों  व मंत्रियों ने शपथ ली।

 

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भगवान विष्णु के आठवें अवतार हैं श्री कृष्ण

बरसों तक गोपाष्टमी के दिन नंद महाराज द्वारा गायों और श्रीकृष्ण के लिए एक समारोह किया जाता रहा था। भगवान श्री कृष्ण के साथ-साथ गौ पूजा देशभर में धूमधाम से मनाई जाती है। इस बार कोरोना के कहर के कारण लोग समारोह में सम्मिलित होने के बजाय घर में ही गोपाष्टमी मना कर संतोष करते नजर आ रहे हैं। समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने अपने ‘वृंदावन’ निवास पर ही ऑनलाइन गोपाष्टमी मनाया।

बता दें कि इस अवसर पर डॉ.मधेपुरी ने बताया कि बलराम एवं कृष्ण द्वारा गायों को पहली बार चराने के लिए ले जाने का दिन गोपाष्टमी के नाम से जाना जाता है। गोपाष्टमी दीपावली के दौरान आने वाला प्रसिद्ध त्योहार गोवर्धन पूजा के सात दिन बाद मनाया जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि भगवान विष्णुु के आठवें अवतार माने जाने वाले श्री कृष्ण का नाम कृष्ण कैसे पड़ा ?  डॉ.मधेपुरी ने कहा कि  आचार्य गर्ग ने नंंद-यशोदा केेेे लाडले का नामकरण  कंस के भय से गौशाला में जाकर किया और भी बोल उठे कि आपके इस बेटे के कई नाम होंगे….. जैसे-जैसे कर्म करते जाएंगे वैसे-वैसे नाम होते जाएंगे। तत्काल इसके सांवले रंग के कारण इसका नाम कृष्ण होगा…… लोग इसे कान्हा, कन्हैया, किशन आदि नामों से भी पुकारेगा।

आगे डॉ.मधेपुरी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए यही कहा कि कृष्ण बचपन में गायों व ग्वालों की रक्षा में लगे रहे। कृष्ण जब आठ दिनों तक गोवर्धन पर्वत के नीचे गाय व ग्वालों को रखे थे तब इंद्र को झुकना पड़ा था। जहां श्री कृष्ण अपने बाल सखाओं से यही कहा करते कि गौ सबकी माता है वहीं डॉ.मधेपुरी लोगों से कहते हैं कि गौ, गंगा और गायत्री का भारत में आदिकाल से ही सम्मान होता रहा है क्योंकि माता के बाद मानवता की सेवा के लिए गाय का दूध ही सर्वसुलभ है। पंचगव्य के रूप में प्राप्त गाय का गोबर कीटाणुओं का नाशक ही नहीं बल्कि विषैले विकिरणों का शोषक व मानवता का पोषक भी है। हिरोशिमा-नागासाकी में बम के विषैले विकिरणों से मुक्ति पाने के लिए आज भी जापान के लोग घर-आंगन को गाय के गोबर से लिपते हैं।  गोमूत्र से कई प्रकार केे रोग दूर होते हैं।

 

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छठ व्रतियों ने कोरोना संक्रमण दूर करने की मांगी दुआएं

कोरोना संक्रमण के बावजूद सैकड़ों छठ घाटों पर श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ ! कोरोना के खौफ पर भारी पड़ी छठी मैया के प्रति आस्था ! जिले भर में आस्था के साथ उमंग भरे माहौल में महापर्व छठ का समापन तो हो गया, परंतु जिले के 13 प्रखंडों में शनिवार को सवेरे उत्सव भरे माहौल में सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पण करते समय व्रतियों ने छठी मैया से कोरोना संक्रमण दूर भगाने की दुआएं मांगी।

बता दें कि सैकड़ों छठ घाटों पर  गूंजते रहे छठी मैया के गीत। घाटों के अलावे पूरा क्षेत्र ही छठ-गीतों से गूंजता रहा। किसी का मुंह मास्क से ढका नजर नहीं आया, लेकिन हर किसी के जुबान पर छठी मैया के गीत मौजूद…। घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण कोरोना को लेकर सरकारी आदेश बेअसर और पुलिस प्रशासन बेबस। कहां मास्क और कहां सैनिटाइजर ? जबकि चतुर्दिक कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की आशंका गहराती जा रही है।

जानिए कि भारत में 17 सितंबर को 98 हजार नए मामले आए थे और घटते हुए 17 नवंबर को 30 हजार कोरोना संक्रमित पाए गए जबकि 21 नवंबर (शनिवार) को बीते 24 घंटे में लगभग 50 हज़ार नए मामले सामने आ गए…. जिसे देखते हुए कई राज्यों में लाॅकडाउन जैसी पाबंदियां लौटने लगी हैं। जहां गुजरात के अहमदाबाद में कोरोना के कारण हालात बिगड़ते देख 20 नवंबर (शुक्रवार) की रात 9:00 बजे से 23 नवंबर (सोमवार) के सुबह 6:00 बजे तक के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है, वहीं सूरत, राजकोट व वड़ोदरा शहर में केवल रात का कर्फ्यू लगाया गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने भी 5 जिलों में रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया है। भला क्यों नहीं, सिविल सेवा के तीन दर्जन ट्रेनिंग ले रहे अफसर भी तो कोरोना के गिरफ्त में आ गए हैं।

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वे आए भी नहीं कि लौटाए भी गए

शिक्षा विभाग में प्रवेश करते ही शिक्षा सचिव द्वारा स्वागत में शिक्षा मंत्री को दिए गए पुष्पगुच्छ के पुष्प अभी मुरझाए भी नहीं थे कि विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव द्वारा ये बातें जोर से उछाली गई कि शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं और अनेक संगीन मामले भी चल रहे हैं।

इस तरह से मेवालाल चौधरी को शिक्षा मंत्री बनाए जाने पर विरोध जताए जाने पर जीरो टॉलरेंस वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूछताछ करने के बाद तुरंत इस्तीफा देने को कहा। परंतु  शिक्षा मंत्री मेवा लाल ने सीएम नीतीश कुमार को अपना इस्तीफा सौंप दिया।

जानिए कि 16 नवंबर को जिस महामहिम राज्यपाल फागू चौहान ने राजभवन में मेवालाल चौधरी को शपथ ग्रहण कराया था उसी राजभवन में 19 नवंबर को मेवा की सेवा समापन हेतु अनुरोध करते हुए इस्तीफा भी भेज दिया नीतीश कुमार ने।

यह भी जानिए कि जहां मेवालाल के इस्तीफे पर राजद विधायक व पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप ने विरोधी दल के नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की तारीफ करते हुए अपने ट्वीट में लिखा है- “जियो मेरे खिलाड़ी, पहले बाॅल में ही मजबूत विकेट को पवेलियन भेज दिया।”

वहीं समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.)भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी से इस संदर्भ में पूछे जाने पर साहित्यिक लहजे में बस इतना ही कहा-

मेवा की महफिल भी गई, उनके कदरदां भी गए।

वे आए भी नहीं कि लौटाए भी गए।।

 

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सूबे बिहार को और आगे ले जाने का प्रयास सतत् रहेगा जारी- नीतीश कुमार

सातवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री बने नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल के मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा करने के बाद यही कहा कि हम लोग अपने कर्तव्य को पूरी गंभीरता से निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकर्ताओं से मिलना भी हमारा काम है। किसी को निराश नहीं होना चाहिए।

बता दें कि नई सरकार में नौ को पहली बार और दो को दूसरी बार मंत्री पद मिला है जिसमें उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद बिहार सरकार में पहली बार ही वित्त मंत्री बने हैं तथा प्रथम महिला उपमुख्यमंत्री रेणु देवी दूसरी बार सरकार में शामिल हुई हैं।

जानिए कि जहाँ नीतीश सरकार में शामिल 14 मंत्रियों में से 11 नए चेहरे को दी गई 26 विभागों की जिम्मेदारी, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को इस 17वीं विधानसभा के पहले सत्र के लिए प्रोटेम स्पीकर बनाया गया है। सभी नवनिर्वाचित विधायकों को 23 एवं 24 नवंबर को प्रोटेम स्पीकर श्री माँझी द्वारा शपथ दिलाई जाएगी। विधानसभा अध्यक्ष के विधिवत चुनाव होने तक श्री माँझी प्रोटेम स्पीकर के रूप में सदन का संचालन करते रहेंगे।

यह भी जान लेना जरूरी है कि जदयू के मंत्रियों का कुल विभागीय बजट 107348 करोड़ रुपये है जो भाजपा के मंत्रियों के विभागीय बजट से 43830 करोड़ रुपये से ज्यादे हैं और उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री तार किशोर ने सूबे के लोगों को सरकार के विकास की प्राथमिकता बताते हुए यही कहा कि सात निश्चय योजना पार्ट- 2 को सरजमीं पर उतारकर बिहार के साथ-साथ भारत को आत्मनिर्भर बनाने के उपायों को धरातल पर उतारा जाएगा।

चलते-चलते यह भी कि जदयू के वरिष्ठ नेता एवं समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने नीतीश कुमार द्वारा कैबिनेट मंत्रियों के विभागों के बंटवारे पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि बिहार को रोशन करने वाले ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव को पुनः ऊर्जा मंत्रालय देने, कुलपति रहे मेवालाल चौधरी को शिक्षा मंत्री बनाए जाने, विधानसभा अध्यक्ष रहे विजय कुमार चौधरी को बापू के गांव के विकास का मंत्री बनाए जाने के साथ-साथ जदयू कार्यकारी अध्यक्ष अशोक चौधरी को पुनः भवन निर्माण दिए जाने के साथ अपने पास गृह और डिप्टी सीएम को खजाने का जिम्मा देने पर कोटि-कोटि साधुवाद दिया है।

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