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बसपा ने बढ़ाया बिहार का चुनावी तापमान, जारी की 49 उम्मीदवारों की पहली सूची

रविवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए 49 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी। बिहार के अन्य दल जहां गठबंधन, तालमेल और सीटों के बंटवारे में उलझे हुए हैं वहीं बसपा ने उम्मीदवारों की सूची जारी करने में तेजी दिखाई और बिहार का चुनावी तापमान और बढ़ा दिया। इस पहली सूची में 11 मुस्लिम उम्मीदवार हैं। पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित व सवर्ण बिरादरी को भी साथ लेकर चलने की कोशिश की गई है।

जारी की गई सूची के अनुसार बसपा के 49 प्रत्याशी इस प्रकार हैं – भरत बिंद (भभुआ), मंजू सिंह (नवीनगर), दिनेश्वर यादव (सासाराम), प्रमोद कुमार सिंह उर्फ पप्पू सिंह (रामगढ़), सुरेश यादव (राघोपुर),

पूनम राय (अमनौर), डॉ. सुनीता कुमारी सिंह (हाजीपुर), अजीत कुमार सिंह (बांका), सत्यनारायण राम (वनमनखी), अजीत कुमार कुशवाहा (कसबा), रामपदारथ यादव (मटिहानी), त्रिभुवन रविदास (फुलवारी सुरक्षित), सुरेश मुखिया (कल्याणपुर), सरोज राजभर (बक्सर), राजकुमार राम (मसौढ़ी), राजपति देवी (मनेर), पृथ्वीराज हेम्ब्रम (चकाई), अशोक महतो (पूर्णिया), विद्यानंद मंडल (कदवा), शैलेश कुशवाहा (नौतन), आनंद कुमार महतो (मुजफ्फरपुर), फूलदेव सहनी (पारू), नजमुलदोहा (वरुराज), डॉ. संतोष कुशवाहा (मधुबन), शमीम अहमद (करगहर), हीरालाल (हिसुआ), राजरतन यादव (नवादा), रामकृपाल पासवान (पातेपुर), मो. अलाउद्दीन (रफीगंज), राजेश त्यागी (मांझी), कौशल सिंह (औरंगाबाद), डॉ. रामराज भारती (मोहनियां), शिवकुमार सिंह (बेलहर), रामसागर हाजरा (महनार), अलख निरंजन पाल (पाली), शबाना परवीन (परिहार), परवल आलम (रघुनाथपुर), राजेन्द्र सिंह (नोखा), रविन्द्र राम (चेनारी सुरक्षित), जयसिंह प्रसाद (गोपालगंज), इम्तियाज अहमद (हथुआ), अल्ताफ अहमद (वाल्मिकीनगर), मो. कामरान अजीज (बगहा), नेयाज अहमद (बरौली), सीताराम गुप्ता (मोतीहारी), मो. जमां खां (चैनपुर), लालजी राम (बक्सर) तथा डॉ. नौशाद आलम (नरकटियागंज)।

बसपा के प्रदेश अध्यक्ष भरत बिंद ने सूची जारी करते हुए कहा कि प्रत्याशियों की यह सूची पार्टी के सभी जिम्मेदार लोगों, विधानसभा व जिला समिति की अनुशंसा तथा पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के निर्देर्शों के अनुरूप है। बहरहाल, अब देखना ये है कि उम्मीदवारों की घोषणा करने में बसपा की पहल के बाद बाकी दलों में कैसी सुगबुगाहट होती है और अगली सूची किस दल की आती है।

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बिहार बंद में पप्पू यादव ने झोंकी ताकत, समर्थकों के साथ गिरफ्तार

सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के नेतृत्व में जन अधिकार पार्टी का बिहार बंद राज्य के कई हिस्सों में असरदार दिख रहा है। इस बंद का आह्वान पटना विश्वविद्यालय के छात्रावास में रहने वाले छात्र श्याम नारायण उर्फ सीकू राज की मौत व राज्य में बिगड़ती विधि व्यवस्था के खिलाफ किया गया था। बता दें कि सीकू राज की मौत किशनगंज पुलिस की पिटाई के कारण हुई थी।

बंद के दौरान हंगामा व तोड़फोड़ को देखते हुए सैकड़ों बंद समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है। जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव को भी पटना के डाकबंगला चौराहे पर धरना देते हुए गिरफ्तार कर लिया गया है। बंद को जीतन राम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी अवामी मोर्चा समेत कई अन्य विपक्षी दलों का समर्थन प्राप्त है लेकिन सड़कों पर जन अधिकार पार्टी व युवा शक्ति के कार्यकर्ता ही दिख रहे हैं।

आज सबसे पहले पप्पू यादव पटना के राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन पहुंचे, जहां उनके समर्थकों ने रेल ट्रैक जाम कर दिया। इसके बाद वे पटना के डाक बंगला चौराहे पर पहुंचे। उनके समर्थकों ने वहां भी सड़क जाम कर दिया। पटना के पंडारक स्थित लेमुआबाद, बाढ़ के गुलाबबाग चौक, नौबतपुर व मनेर में भी बंद का असर दिख रहा है। आरा में स्टेशन रोड पर भी बंद समर्थकों ने हंगामा किया। पप्पू यादव के प्रभाव वाले कोशी के इलाके की बात करें तो मधेपुरा में बंद समर्थकों ने रेल रोकी। सहरसा, खगडि़या व पूर्णिया में भी बंद का असर है। कटिहार में शहीद चौक पर टायर जलाकर बंद समर्थकों ने सङक जाम कर दिया। भागलपुर में भी ट्रेंनें रोकी गईं और कई गाडि़यों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। हालांकि बंद को लेकर प्रशासन द्वारा सुरक्षा के इंतजाम भी देखने को मिले हैं।

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बिहार चुनाव का सेमीफाइनल भाजपा के नाम

बिहार में चुनाव का सेमीफाइनल भाजपा ने जीत लिया। राज्य 24 सीटों पर हुए विधान परिषद चुनाव में भाजपा ने अकेले 12 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि एक सीट पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार की जीत हुई। महागठबंधन का आगे जो हो, कम-से-कम इस चुनाव में वो फेल रहा। जदयू को पांच सीटों पर सफलता मिली जबकि राजद महज तीन सीटों पर अपनी उपस्थिति बना सकी। वहीं कांग्रेस को एक सीट मिली तो एक सीट पर एनडीए के घटक दल एलजेपी ने जीत दर्ज की। पटना की सीट निर्दलीय रीतलाल यादव की झोली में गई।

भाजपा के 12 विजयी उम्मीदवार ये हैं – सच्चिदानंद राय (छपरा), राजन सिंह (औरंगाबाद), आदित्य नारायण (गोपालगंज), सुनील सिंह (दरभंगा), दिलीप जायसवाल (पूर्णिया), संतोष सिंह (सासाराम), हरीनारायण चौधरी (समस्तीपुर), सुमन महासेठ (मधुबनी), टुन्नाजी पांडेय (सिवान), रजनीश (बेगूसराय), बबलू गुप्ता (मोतीहारी) एवं अविनाश विद्यार्थी (मुंगेर)। जदयू के जीत दर्ज करने वाले 5 प्रत्याशी हैं – रीना देवी (नालंदा), दिनेश सिंह (मुजफ्फरपुर), मनोरमा देवी (गया), सलमान रागिव (नवादा) एवं मनोज यादव (भागलपुर)। राजद से चुने गए 3 उम्मीदवार हैं – सुबोध राय (हाजीपुर), राधाचरण (भोजपुर) तथा राधाचरण साह (आरा-बक्सर)। अन्य सफल प्रत्याशी हैं – पटना से निर्दलीय रीतलाल यादव, बेतिया से कांग्रेस के जीतन राम, कटिहार से भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी अशोक अग्रवाल और सहरसा से एलजेपी की नूतन सिंह।

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बिहार पर मानसून कुछ ज्यादा मेहरबान, जन-जीवन अस्त-व्यस्त

मानसून बिहार पर कुछ ज्यादा मेहरबान है और सम्भावना है कि अगले दो दिनों तक यह सक्रिय रहेगा। राजधानी पटना सहित अगल-बगल के जिलों में लगातार तीसरे दिन रुक-रुक कर तेज बारिश होती रही। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे पूरे बिहार में बारिश होती रहेगी। दक्षिण-पूर्व और उत्तर-पश्चिम के जिलों में भारी वर्षा की आशंका जताई गई है।

मानसून के इस कदर मेहरबान होने से पूरे राज्य में जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में हो रही वृद्धि को लेकर बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कल राजधानी पटना में सिंचाई भवन स्थित सभागार में विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में श्री चौधरी ने संबंधित अधिकारियों को राज्य के तटबंधों और नहरों की सतत निगरानी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बाढ़ आने की स्थिति में प्रभावित क्षेत्र में किसी भी सामग्री की कोई कमी नहीं होनी चाहिए।

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बिहार के सरकारी दफ्तर एक जनवरी से होंगे ऑनलाइन

बिहार के सरकारी दफ्तर एक जनवरी 2016 से कम्प्यूटर युग का हिस्सा हो जाएंगे। एक जनवरी के बाद सभी संचिकाएं ऑनलाइन बढ़ेंगी। छुट्टी का आवेदन भी ऑनलाइन ही देना होगा। सूचना प्रावैधिकी विभाग तथा बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन ने इसके लिए ई-ऑफिस प्रोजेक्ट बनाया है। इस प्रोजेक्ट के लिए एनआईसी से सॉफ्टवेयर लाइसेंस लिया जा रहा है। इस सॉफ्टवेयर का शुल्क डेढ़ करोड़ है जो एनआईसी को इसी महीने दे दिया जाएगा। सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग के सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने कहा कि छह माह तक विभागवार प्रशिक्षण चलेगा। विधान सभा चुनाव के बाद एक जनवरी से राज्य मुख्यालय से लेकर प्रखंड स्तर तक के समस्त कार्यालयों को ई-ऑफिस सेवा से जोड़ दिया जाएगा।

उपरोक्त प्रोजेक्ट के प्रभावी हो जाने पर फाइलों का इंतजार अतीत की बात हो जाएगी। फाइलें ऑनलाइन ही स्वीकृत-अस्वीकृत होंगी। फाइलों का लोकेशन हर वक्त उच्च अधिकारियों की नज़र में होगा। सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार की सम्भावना भी ना के बराबर हो जाएगी। बिहार में पिछले डेढ़ साल से इस प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा था और अब यह मूर्त रूप लेने जा रहा है। बिहार सरकार इसके लिए बधाई की पात्र है।

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बिहार के सुहर्ष को यूपीएससी 2014 में पांचवां स्थान, लड़कों में टॉपर

शनिवार को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा घोषित किए गए सिविल सेवा परीक्षा 2014 के परिणाम में समस्तीपुर के सुहर्ष ने पांचवां स्थान लाकर बिहार का सिर ऊँचा किया है। वे लड़कों में टॉपर हैं। शीर्ष चार स्थानों पर लड़कियों ने बाजी मारी। दिल्ली की शारीरिक रूप से निशक्त आइआरएस अधिकारी इरा सिंघल ने पहला स्थान हासिल किया। टॉप 100 में बिहार के सात होनहार हैं। कुल सफल उम्मीदवारों में बिहार के 83 उम्मीदवारों को सफलता मिली है।

सुहर्ष भगत ने आईआईटी मुंबई से केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। 2011 में उनका भारतीय लेखा सेवा में चयन हुआ था। 2012 में उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और उन्हें भारतीय सूचना सेवा के लिए चुना गया। 2013 में उन्हें आईआरएस मिला और वर्तमान में वे नागपुर में आयकर अधिकारी हैं। सुहर्ष का कहना है कि मैंने पहली दो बार सफलता हासिल करने के बाद भी नौकरी ज्वाइन नहीं की। तीसरी बार में आईआरएस बना तो ज्वाइन कर लिया। लेकिन मैं ज्यादा दिन इस नौकरी को करने वाला नहीं था। यही वजह है कि लगातार प्रयास करता रहा और परिणाम आपके सामने है। जब आप किसी चीज की चाहत रखते हैं तो असफलता के बाद भी उसके लिए प्रयास करते रहना चाहिए।

समस्तीपुर शहर के बहादुरपुर मोहल्ला स्थित वार्ड 27 निवासी डॉ. फुलेन्द्र भगत के दो बेटों में सुहर्ष बड़े हैं। पिता डॉ. फुलेन्द्र भगत पेशे से चिकित्सक हैं और मनोविज्ञान से एमए माँ यहाँ के पेपर मिल कैम्पस में ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल चलाती हैं। सुहर्ष की शुरुआती पढ़ाई शहर के निजी स्कूल ग्रीनलैंड में हुई थी। दसवीं तक की पढ़ाई आर.के. मिशन, देवघर में हुई। वर्ष 2003 में सुहर्ष का दाखिला दिल्ली के डीपीएस, आर.के. पुरम में हुआ और 2010 में आईआईटी, मुंबई के लिए सेलेक्शन हुआ।

बहरहाल, यूपीएससी के अनुसार विभिन्न केन्द्रीय सरकारी सेवाओं में नियुक्ति के लिए कुल 1,236 सफल उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। इनमें 590 सामान्य, 354 अन्य पिछड़ा वर्ग, 194 अनुसूचित जाति और 98 अनुसूचित जनजाति के हैं। सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से कुल 1,364 पद भरे जाएंगे। 254 अन्य उम्मीदवार प्रतीक्षा सूची में हैं।

बताते चलें कि टॉप 100 में शामिल बिहार के सात उम्मीदवारों में अन्य छह उम्मीदवार हैं – आयुष प्रसाद (रैंक 24), नेहा कुमारी (रैंक 26), हर्ष सिंह (रैंक 52), अनन्या झा (रैंक 57), राजू मिश्रा (रैंक 65) और रोहन कुमार झा (रैंक 95)।

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जी, नमस्कार ! मैं नीतीश कुमार, क्या आप मेरे कामकाज से संतुष्ट हैं ?

बिहार में होने वाले विधान सभा चुनाव को देखते हुए जदयू ने गुरुवार को पूरे बिहार में जनता के दरवाजे ‘दस्तक’ देना शुरू कर दिया। जदयू के “हर घर दस्तक – घर घर दस्तक” कार्यक्रम के पहले दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद पटना सिटी जाकर 20 घरों में दस्तक दी। नीतीश ने अपने काम के आधार पर मतदाताओं से एक बार फिर मौका देने की अपील की। उन्होंने लोगों से अपनी सरकार के कामकाज के बारे में फीडबैक लिया और कामकाज को और बेहतर बनाने के सुझाव भी मांगे। उन्होंने सरकार की उपलब्धियां बताते हुए लोगों से कहा कि यदि वे संतुष्ट हैं तो उनको एक बार फिर मौका दे। मुख्यमंत्री पटना सिटी इलाके में लगभग ढाई घंटे रहे। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहले उन्हें 10 घरों में ही दस्तक देना था लेकिन इस कार्यक्रम में लोगों का उत्साह देख उन्होंने 10 की जगह 20 घरों में दस्तक दी।

इससे पूर्व जदयू कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह की मौजूदगी में प्रशांत किशोर की टीम ने ‘दस्तक’ नाम से इस जनसम्पर्क अभियान को लॉन्च किया। जदयू की इस महासम्पर्क योजना की शुरुआत 10 हजार जगहों से हुई। एक महीने तक तीन चरणों में चलने वाले इस अनोखे प्रचार अभियान में पहले चरण के 10 दिनों में जदयू ने एक करोड़ घरों में दस्तक देने की योजना बनाई है। इस दौरान करीब तीन करोड़ मतदाताओं तक पहुँचा जा सकेगा।

मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के अलावा मंत्री, विधायक, विधान पार्षद और पार्टी के वर्तमान व पूर्व सांसदों ने भी 10-10 घरों में दस्तक देकर आमलोगों से फीडबैक लिया और उनके दुख-दर्द को सुना। लोगों को चुनाव के लिए खास तौर पर तैयार किए गए गीत “बिहार में बहार हो, नीतीश कुमार हो” की ऑडियो सीडी भी दी गई। इस सीडी को इसी दिन लॉन्च किया गया।

इस पूरे अभियान के दौरान जदयू के कार्यकर्ता 10-10 घर जाकर लोगों से मुलाकात करेंगे, उनके घर पर “आगे बढ़ता रहे बिहार, फिर एक बार नीतीश कुमार” लिखा स्टिकर चिपकाएंगे और फिर घरवाले की तस्वीर लेंगे। जदयू ने लोगों में राजनीतिक भावना जगाने व उन्हें जागरुक रखने के लिए रिंगटोन भी बनाया है। कहना ना होगा कि जदयू ने पूरी तैयारी के साथ चुनावी बिगुल फूंका है।

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बिहार सरकार देगी स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश को बढ़ावा

स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वालों के लिए बिहार सरकार की ओर से खुशखबरी है। निजी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने वाले उद्यमियों को राज्य सरकार प्रोत्साहित करेगी। मुख्यमंत्री सचिवालय संवाद कक्ष में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि स्पेशिएलिटी, सुपर स्पेशिएलिटी, मल्टी स्पेशिएलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज अस्पताल खोलने वाले उद्यमियों को बैंक से टर्म लोन मिलेगा। उन्होंने बताया कि उन पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए सरकारी सहायता लोन इंट्रेस्ट सब्सिडी के रूप में दी जाएगी। उनको राज्य सरकार की उद्योग प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत उद्योगों को मिलने वाली सुविधाएं भी दी जाएंगी। ऐसे अस्पतालों में निर्धारित सीमा क्षमता तक बीपीएल, गरीब एवं अन्य प्राथमिकता वाले मरीजों को रियायत दरों पर इलाज की सुविधा दी जाएगी।

राज्य सरकार की नई स्वास्थ्य निवेश नीति का मकसद राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार तथा विश्वस्तरीय तकनीक और सर्वोत्तम आधारभूत संरचना के साथ स्वास्थ्य सेवा की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके तहत सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी इन्कलुडिंग रेनल ट्रांसप्लांटेशन, इंडोक्रीनोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी, जीआई सर्जरी, लीवर ट्रांसप्लांटेशन, अंकोलॉजी (सर्जरी, केमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी) के साथ गाइनेकोलॉजी, नेत्र और आर्थोपेडिक को भी जोड़ा जाएगा। स्वास्थ्य सचिव आनंद किशोर ने बताया कि बियाडा जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और मरीजों के लिहाज से अन्य कठिनाइयों को देखते हुए वहां पर स्पेशलिटी, सुपर स्पेशलिटी, मल्टी स्पेशलिटी और मेडिकल कॉलेज की स्थापना नहीं की जाएगी। औद्योगिक क्षेत्र में अस्पताल खेालना वैसे भी नियमों के खिलाफ है।

उपरोक्त बैठक में स्वास्थ्य मंत्री रामधनी सिंह, वित्त मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, उद्योग मंत्री श्याम रजक, विकास आयुक्त एसके नेगी, प्रधान सचिव आपदा प्रबंधन ब्यासजी, प्रधान सचिव स्वास्थ्य ब्रजेश मेहरोत्रा आदि उपस्थित थे।

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बिहार से पुनः हरित क्रान्ति का श्री गणेश

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान की ऑनलाइन आधारशिला रखी जिसके माध्यम से बिहार , झारखण्ड , ओड़िसा , पश्चिम बंगाल , असम आदि अन्य भारत के पूर्वी इलाकों की मिट्टी के साथ-साथ वहां का वातावरण भी दूसरी हरित क्रान्ति के लिए सर्वथा अनुकूल है | प्रधानमंत्री का पूरा ध्यान इस क्षेत्र को विकसित करने पर केन्द्रित है | इस इलाके में बंद पड़े यूरिया कारखानों को पुनः चालू करने के साथ-साथ किसानों को सभी प्रकार के खाद एवं कृषि के अत्याधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जायेंगे | मिट्टी के गुण-दोष को जानने के लिए किसान को स्वायल हेल्थ कार्ड मिलेगा | कृषि सिंचाई योजना का काम पूरा किया जायेगा | नहर द्वारा हर खेत में पानी पहुँचाया जायेगा |अच्छे किस्म के बीज , बिजली एवं पानी उपलब्ध कराये जाने का संकल्प भी लिया गया जो पूर्वी भारत में कृषि के क्षेत्र में नये युग का आरम्भ करेगा  |

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बिहार : योग और राजनीति का रोग

विश्व योग दिवस पर पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में योग अभ्यास का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। 35 मिनट तक चले कार्यक्रम में पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नंदकिशोर यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मंगल पांडेय और सीपी ठाकुर सहित अन्य भाजपा नेता भी स्टेडियम में मौजूद रहे। भाजपा सांसद और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा योग समारोह से नदारद थे।

बहरहाल प्रणवगान और प्रार्थना से योग अभ्यास की शुरुआत हुई। इस दौरान शिथिलिकरण के अभ्यास में कटी चालन, घुटना संचालन, प्राणासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्द्धचक्रासन, त्रिकासन, भद्रासन, अर्द्धउष्ट्रासन, शशकासन, मकरासन, सेतु बंधासन, पवन मुक्तासन, शवासन, कपालभारती, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, ध्यान और अंत में संकल्प पाठ और शांति पाठ के बाद योग समारोह समाप्त हो गया। इस दौरान सूर्य नमस्कार का अभ्यास नहीं कराया गया। ध्यातव्य है कि मुस्लिम समुदाय ने इसका विरोध किया था।

योग अभ्यास समाप्त होने के बाद अमित शाह ने कहा कि आज भारत विश्व रिकॉर्ड का हिस्सा बनने जा रहा है। भारतीय संस्कृति के धरोहर और इस विचार को अब पूरी दुनिया ने स्वीकारा है। यूएनओ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे 175 देशों ने स्वीकार किया। संपूर्ण विश्व में 21 जून को योग दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। अमित शाह ने कहा कि योगाचार्यों के मंथन के बाद इस दिन को विश्व दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। आज का दिन सबसे लंबा होता है। सूरज से हमें आज के दिन सबसे अधिक ऊर्जा मिलती है, इसलिए इस दिन को विश्व योग दिवस के रूप में मनाने की सहमति बनी। भाजपा अध्यक्ष ने कहा व्यक्ति को जोड़ने वाला योग अब क्रिया को जोड़ेगा। हालांकि इस अवसर पर शाह ने योग क्रिया नहीं की। उपस्थित भीड़ ने उन्हें योग करने को कहा भी लेकिन उन्होंने योग नहीं किया।

इस अवसर पर स्टेडियम में करीब 15 हजार लोग मौजूद थे। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। पूरे स्टेडियम और आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम किया गया था।

जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने योग दिवस के आयोजन को प्रतिष्ठा का विषय बना लिया था और इसके लिए उन्होंने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी वहीं दूसरी तरफ इस मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों और नेताओं के बड़े दिलचस्प बयान सुनने को मिल रहे हैं। योग दिवस पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि भाजपा शरीर का योग कर रही है, लेकिन वे राजनीत का योग कर रहे हैं। शरद यादव रविवार को पटना में लालू प्रसाद से बातचीत के बाद पत्रकारों से मुखातिब थे। योग दिवस पर हो रहे कार्यक्रमों पर उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं का शरीर योग करने लायक स्थिति में नहीं है।

योग को लेकर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने अपने अंदाज में कहा कि फूली तोंद वाले योग का नाटक कर रहे हैं। उन्होंने आज 22 मिनट के दरम्यान एक के बाद एक सात ट्वीट किए। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि मैं योग का विरोधी नहीं, पर लोगों को बेवकूफ बनाने के पाखंड का धुर विरोधी हूं। उन गरीबों और कामगार वर्गों को योग की जरुरत नहीं, जो मेहनत की रोटी खाते है। जो सुख प्राप्ति का जीवन जी रहा है, पूंजीपतियों को गरीबों का खून चुसवा रहा है, किसानों की जमीन निगल रहा है, वह योग करेगा और करवाएगा।

इससे पूर्व जदयू ने बिहार में विधान परिषद् चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग से योग दिवस कार्यक्रम पर रोक की मांग की थी। पार्टी का तर्क था कि चुनाव के दौरान भाजपा अध्यक्ष समेत विभिन्न केन्द्रीय मंत्रियों का जमावड़ा आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है।

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