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श्री कृष्ण मंदिर में शिक्षक दिवस एवं जन्माष्टमी साथ-साथ संपन्न

यह एक अदभुत संयोग है कि शिक्षक दिवस और जन्माष्टमी साथ-साथ | यह दोनों महोत्सव श्री कृष्ण मंदिर में आज संपन्न हो रहा है | संसार की जितनी भी माताएं हैं चाहे वो हिन्दू-मुस्लिम, सिक्ख-ईसाई, जैन-पारसी किसी भी धर्म को मानने वाली हो- वह माँ दस मास तक अपना रुधिर पिलाकर तथा जीवन का अंश खिलाकर बच्चे को जन्म देती है, पालती व बड़ा करती है | फिर गुरु उन बच्चों को पसीना बहा-बहाकर संस्कारित करता है, आगे बढाता है और ऊंचाई प्रदान करता है – ये बातें डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी ने नव निर्माणाधीन विशाल श्री कृष्ण मंदिर में शिक्षकों एवं श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कही |

Devotees, Students and Teachers celebrating Shri Krishna Janmashatmi and Teachers' Day collectively at under-construction site of Sri Krishna Mandir Madhepura .
Devotees, Students and Teachers celebrating Shri Krishna Janmashatmi and Teachers’ Day collectively at under-construction site of Sri Krishna Mandir Madhepura .

डॉ.मधेपुरी ने गुरु-शिष्य परम्परा की सर्वश्रेष्ठ जोड़ी के रूप में कृष्ण के ज्ञान और अर्जुन के कर्म को सर्वोत्कृष्ट कहा | साथ ही विक्रमशीला, नालंदा विश्वविद्यालयों की चर्चा की और अपने गुरु जलधर झा जलदेव को याद करते हुए कहा- “सीख-सीख कर गये विदेशी अपने घर में, फैली भारत की विद्याएँ दुनियाँ भर में ” ! आजाद भारत में तीन ऐसे महान शिक्षक हुए- जो कालान्तर में भारत के राष्ट्रपति भी बने, लेकिन शिक्षक रहते हुए वे “भारतरत्न” से सम्मानित हुए | उस त्रिमूर्ति डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन, डॉ.जाकिर हुसैन, डॉ.ए.पी.जे.अब्दुल कलाम को स्मरण करते हुए डॉ.मधेपुरी ने कहा कि 5 सितम्बर 1888 को जन्मे राधाकृष्णन के जन्म दिन को भारत में 5 सितम्बर 1958से “शिक्षक दिवस” के रूप में मनाया जाने लगा | आरम्भ में डॉ.जाकिर हुसैन जामिया मिलिया के शिक्षक और डॉ.कलाम अन्ना वि.वि. के शिक्षक रहे | डॉ.कलाम तो राष्ट्रपति की जगह खुद को शिक्षक कहलाना ही सर्वाधिक पसंद करते रहे |

वहीँ प्राचार्य डॉ.सुरेश प्रसाद यादव ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ.राधाकृष्णन विदेशों में भी गीता का ज्ञान लोगों में बांटते रहे और भारतीय दर्शन का पताका लहराते रहे | उन्होंने सबों से अनुरोध किया कि इस मंदिर को पूरा करने में अपना सहयोग दें | अद्यक्ष परमेश्वरी प्रसाद यादव, अजय कुमार आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये | कार्यक्रम में मुख्यरूप से उपस्थित रहे- प्रो.सच्चीदानंद, कमलेश्वर प्रसाद यादव, अमरेन्द्र प्रसाद यादव, राकेश कुमार, विशेश्वर यादव, दिनेश प्रसाद यादव आदि | एक सप्ताह से व्यास गद्दी के प्रवचनकर्ता श्री श्री 108 श्री राजेंद्र महाराज की सबों ने सराहना की |

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ओ कृष्ण..! ओ कन्हैया..!!

नोट : डॉ. रवि की यह कविता 1994 में प्रकाशित उनके चर्चित काव्य-संग्रह ओ समय !’ से ली गई है। कृष्ण के बहाने इस कविता में आज के समय, समाज और सियासत पर बड़ी महत्वपूर्ण टिप्पणी की है कवि ने।

 डॉ. रवि  : पूरा नाम डॉ. रमेन्द्र कुमार यादव रवि। जन्म  : 3 जनवरी 1943 को मधेपुरा जिला के चतरा गाँव में। कुल बारह पुस्तकें प्रकाशित। भारत के लगभग तमाम प्रतिष्ठित पुस्तकालयों के साथ-साथ संसार के एक सौ दस देशों में रचनाएं मौजूद। विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य तथा भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के संस्थापक कुलपति रहे। साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में लगातार सक्रिय।

ओ कृष्ण ..!

ओ कन्हैया ..!!

ओ काले ..!!!

सुना है तुम

बार-बार

हर बार

घुप्प अंधेरे में ही

जन्म लेते हो !

 

हम जो नाशवान हैं

एक बार जन्म लेते हैं

पाप और पुण्यों के बीच

मथित, पीड़ित

अपरिभाषित ही

दम तोड़ देते हैं।

 

सुना है

राहें पनाली

रेतीली थीं

हाथ को हाथ

नहीं सूझता था

ऐसी अंधियारी थी।

 

ओ कन्हैया ..!

विगत कष्टों

हिंसाओं

के दौर में

अधर्म

अनीति

और

अन्याय से बचाने

तुम अवतरित हुए।

इतनी बार

सृष्टि ने

तुम्हें जना

फिर क्यों

ओ काले..!

यह कुत्सा है

कुबास है

कड़वाहट है..?

 

तेरे जन्मकाल में

हाथ को हाथ

नहीं दिखता था

अब तो

श्वेत भी निशा है

स्नेह भी शनि है

और

दिव्यदृष्टि से

अन्तर

चर्म चक्षु से बाहर

शायद

तब दिखता हो –

अब तो आंखें ही नहीं रहीं

विवेक बिक गया

यह भारत

यह माता

अब

बांझ और बोझिल है

नहीं तो

इतनी बार

जन्म लेने पर भी

यह घुप्प अंधेरा क्यों ..?

 

ओ कृष्ण ..!

ओ कर्ता.. !!

ओ अष्टकारक ..!!!

क्यों यह अरिष्ट है

क्यों यह अष्टग्रह

शस्य श्यामला धरती

क्यों आज उदास

स्याह और सर्द है ..?

निशीथ की आजादी

जन्म तेरा निशीथ का

सीलन से भरा समाज

यह स्याह सियासती जंग

इन सर्द जिजीविषाओं से

नासमझ समझौतों को

क्या

तेरा सुदर्शन

चीर नहीं सकता ..?

लील नहीं सकता ..?

[मधेपुरा अबतक के लिए डॉ. रवि से साभार]

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मेडिकल छात्रों की एम.एस./एम. डी./ डिप्लोमा परीक्षा की तिथि बढ़ी

यूं तो बिहार के भू.ना.मंडल वि.वि. में लगभग आधे दर्जन मेडिकल कॉलेज कार्यरत होने ही वाले हैं जिसमें वि.वि. मुख्यालय का कर्पूरी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल लगभग एक हज़ार करोड़ की राशि से बन रहा है, जिसका निर्माण कार्य प्रगति पर है |

बहरहाल बी.एन.एम.यू. के अंतर्गत पूर्व से चल रहे दोनों मेडिकल कॉलेजों – एम.जी.एम. मेडिकल कॉलेज, करतार नगर, किशनगंज एवं कटिहार मेडिकल कॉलेज, कटिहार के पोस्ट ग्रेजुएट क्लास की एम.एस. / एम.डी. एवं डिप्लोमा – 2014 (सकेण्ड) तथा 2015 (फर्स्ट) की सैधान्तिक परीक्षा तिथि जो 07 सितम्बर से पूर्णिया कॉलेज, पूर्णिया केंद्र पर घोषित कार्यक्रमों के अनुसार होनी थी – उसे निदेशानुसार स्थगित कर दी गयी और अब ये परीक्षाएं 28 सितम्बर से पुनः पूर्व निर्धारित केंद्र एवं समय पर होगी | सम्बंधित कॉलेजों एवं परीक्षा केंद्र को कार्यक्रम की सूचना ससमय दे दी जाएगी |

परीक्षा नियंत्रक डॉ. नवीन कुमार ने मधेपुरा अबतक को बताया कि कुलपति के निदेशानुसार बिहार के महामहिम राज्यपाल का पूर्णिया में 06 सितम्बर को होने वाले कार्यक्रम के मद्देनज़र उपर्युक्त परीक्षा की तिथि बढाकर 28 सितम्बर कर दी गई है | डॉ. कुमार ने यह भी बताया कि छुटे हुए छात्रों को 19 सितम्बर तक परीक्षा फॉर्म भरने की निदेशानुसार स्वीकृति भी दी जाती है |

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आई.ए.एस. में सफल आदित्य हुए सम्मानित

कुमारखंड प्रखंड के सिकियाहा गाँव के साधारण किसान दम्पति शम्भू प्रसाद व संजू देवी के सुपुत्र आदित्य आनन्द ने आई.ए.एस. की परीक्षा में सफल होकर जिले का नाम रोशन किया | तुलसी पब्लिक स्कूल द्वारा झल्लू बाबू सभागार में आनन्द के लिए एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया जिसमें उनके प्रारम्भिक शिक्षक भोला शर्मा उपस्थित थे | भोला शर्मा सरीखे गुरु के गुरु डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी द्वारा आदित्य आनन्द को सम्मानित किया गया |

Students attending felicitation function at Jhallu Babu Sabhagar, Madhepura.
Students attending felicitation function at Jhallu Babu Sabhagar, Madhepura.

सभागार में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में बैठने वाले छात्रों एवं शिक्षकों की भीड़ थी | सम्मान समारोह का उद्घाटन करते हुए सशक्त व विकासोन्मुखी जिला पदाधिकारी मो.सोहैल ने कहा कि नियमित व ईमानदार अध्ययन से ही छात्रों को सफलता मिलती है | उन्होंने यह भी कहा कि जिले में प्रतिभावान छात्र-छात्राओं की कमी नहीं है, केवल जरुरत है सबको मिलकर कदाचार पर अंकुश लगाने की | इस अवसर पर डी.डी.सी. मिथिलेश कुमार भी उपस्थित थे |

वहीँ डॉ. मधेपुरी ने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं गणमान्यों से यही कहा कि जिला पदाधिकारी कदाचार मुक्त परीक्षा के लिए तथा आरक्षी अधीक्षक अपराध मुक्त मधेपुरा के लिए संकल्पित हैं | उन्होंने यह भी कहा कि छात्र नकल छोड़कर पढाई करें तथा जिला प्रशासन को सहयोग करें तो निश्चय ही सफलता उनके कदम चूमेगी | केवल इतना ही ख्याल रहे कि आपकी उड़ान में कभी विराम न हो, बाधाएँ तो आती ही रहेंगी |

इस अवसर पर प्रो.श्यामल किशोर यादव व डॉ.आलोक कुमार ने भी छात्रों को संबोधित किया | आदित्य ने घंटों छात्रों को पढाई के गूढ़ बताये, उनके प्रश्नों के जवाब दिए तथा समस्याओं के समाधान दिए | आनन्द-विकास सरीखे सहयोगियों के बीच तुलसी पब्लिक स्कूल के निदेशक श्यामल कुमार सुमित्र ने धन्यवाद ज्ञापित किया |

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प्रथम प्रमुख कपिलदेव बाबू की प्रतिमा का अनावरण सम्पन्न

1975 से 2001 तक मधेपुरा प्रखंड के प्रथम प्रमुख रहे स्मृतिशेष कपिलदेव प्रसाद मंडल की प्रतिमा का अनावरण प्रखंड कार्यालय परिसर में बुधवार को राष्ट्रीय नेता शरद यादव द्वारा किया गया | इस अवसर पर पूर्व सांसद डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि, विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला, आई.एम.ए. के अद्यक्ष डॉ.मिथिलेश कुमार सहित शहर के गणमान्यों एवं ग्रामीण किसान-मजदूर-नौजवानों की अच्छी खासी उपस्थिति रही |

प्रतिमा अनावरण के बाद राष्ट्रीय अद्यक्ष जदयू शरद यादव ने अपने संबोधन में कहा कि जब तक पंचायती राज का विकास नहीं होगा तब तक भारतीय लोकतंत्र सफल नहीं होगा | पूर्व सांसद डॉ.रवि ने कहा कि आजीवन समाजवादी राह के राही बने रहे कपिलदेव बाबू |

कपिलदेव बाबू को अभिभावक मानने वाले विजय कुमार वर्मा ने कहा कि वे सामाजिक संतुलन कायम रखने में आजीवन निर्भीकता का परिचय देते रहे | पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला ने कहा कि बाढ़ के दिनों में वे खुद कुदाल लेकर ग्रामीणों के साथ नदी का रुख मोड़ने का काम करते रहे |

सभा की अद्यक्षता शिवनारायण और मंच का संचालन मुखिया रामचन्द्र दास ने किया | निर्धन ग्रामीण महिलाओं के बीच साड़ियाँ बाँटने की व्यवस्था उनके पुत्र त्रय यशवंत, बलवंत एवं मनीष ने किया जिसे शरद यादव द्वारा बांटी गई |

मौके पर डॉ. डी.के.सिंह, डॉ.अरुण कुमार, प्रो.विजेंद्र नारायण यादव, के.बी.क्रांति, मदन सिंह, अमलेश कुमार, गुड्डी देवी, अशोक चौधरी, महेंद्र पटेल, एवं जदयू ज़िलाद्यक्ष सियाराम यादव आदि उपस्थित थे |

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रासबिहारी लाल मंडल की पुण्य तिथि मनाई गयी

स्थानीय राजकीयकृत रासबिहारी उच्च माध्यमिक विद्यालय में अमर स्वतंत्रता सेनानी बाबू रासबिहारी लाल मंडल की 97 वीं पुण्य तिथि सादगीपूर्वक मनाई गई | मुख्य अतिथि के रूप में विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने छात्रों एवं गणमान्यों को संबोधित करते हुए कहा कि देश के स्वतंत्रता आन्दोलन में महती भूमिका निभाने वाले रासबिहारी लाल मंडल समतामूलक समाज के निर्माता थे | आज़ादी के लिए लड़नेवाले आन्दोलनकारियों को उन्होंने नेतृत्व प्रदान किया और फिरंगियों के दांत खट्टे कर दिये |

Students attending Death Anniversary Meets at Ras Bihari Uchh Vidalaya
Students attending Death Anniversary Meets at Ras Bihari Uchh Vidalaya

डॉ. भूपेन्द्र मधेपुरी ने अपने संबोधन में कहा कि रासबिहारी बाबू  हिन्दी, उर्दू, बंगला, फारसी, अंग्रेजी एवं संस्कृत आदि कई भाषाओं के विद्वान थे | उन दिनों जब मीडिया आज की तरह सशक्त नहीं थी तक उनके मुरहो निवास पर हिन्दी, अंग्रेजी, उर्दू एवं बंगला का समाचार पत्र नियमित रूप से आता था |

डॉ. मधेपुरी ने अन्य बातों की चर्चा करते हुए जोर देकर यह भी कहा कि यदि समाजसुधारक रासबिहारी न हुए होते तो यादव समुदाय आज शूद्रों की कोटि में ही रह गया होता | उन्होंने ही कृषि एवं दुग्ध-उत्पादन को व्यापार बताकर गोप समुदाय को शुद्र से वैश्य बनाने की पुरजोर कोशिश की थी – जबकि आज की तारीख़ में उच्चकोटि के लोग भी शूद्र व दलित बनने के जुगाड़ में लगे दिखते हैं |

अपने संबोधन में डॉ.ऐ.के. मंडल, प्रतिकुलपति डॉ.के.के. मंडल, प्राचार्य श्यामल किशोर यादव एवं विद्वान प्रो. प्रभाष चंद्रा ने उनकी निर्भीकता और ईमानदारी की चर्चाएँ की | कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या रंजना कुमारी तथा मंच संचालन प्राध्यापक राजेन्द्र प्र. यादव ने किया | इस अवसर पर डॉ. आलोक कुमार, प्राण मोहन यादव, डॉ. श्याम सुन्दर यादव, नवीन कुमार, गोपाल आदि मुख्यरूप से मौजूद थे |

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बी.पी.मंडल को भी मिले भारतरत्न – डॉ. मधेपुरी

सामाजिक न्याय के पुरोधा बी.पी.मंडल के राजकीय जयन्ती समारोह- 2015 की अद्यक्षता कर रहे थे मधेपुरा के जिला पदाधिकारी मो.सोहैल | बिहार सरकार के प्रतिनिधि के रूप में उपस्थित केबिनेट मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव और विशेष रूप से उपस्थित राष्ट्रीय नेता शरद यादव सहित विधायक द्वय प्रो.चंद्रशेखर, प्रो.रमेश ऋषिदेव, पार्षद विजय वर्मा, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्र. निराला एवं मणिन्द्र कुमार मंडल आदि गणमान्यों से डॉ.मधेपुरी ने उद्गार व्यक्त करने के क्रम में कहा कि विगत वर्षों में विश्व में केवल दो ही नाम होठों पर गूंजते रहे – एक मंडल और दूसरा मंडेला |

मंडेला को तो भारतरत्न से सम्मानित कर दिया गया लेकिन मंडल को भारतरत्न अबतक नहीं दिया गया है जिसके लिए डॉ.मधेपुरी द्वारा विगत कई वर्षों से लगातार आवाज उठाई जा रही है |

इस बार भी डॉ.मधेपुरी ने राष्ट्रीय अद्यक्ष जदयू शरद यादव, मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव आदि के समक्ष मंच से कहा कि मंडल आयोग के अद्यक्ष बी.पी.मंडल 01 वर्ष 8 महीना 22 दिनों तक घड़ी की सूई की तरह बिना रुके व बिना विश्राम किये कश्मीर से कन्याकुमारी तक और गुजरात से बंगाल की खाड़ी तक चलते रहे तथा भिन्न-भिन्न संस्थानों में जा-जाकर उन्होंने सभी धर्मों एवं सभी वर्णों के 3743 जातियों के सामाजिक व शैक्षिक रूप से पिछड़े लोगों को रेखांकित किया और उन्हें आरक्षण दिए जाने के लिए सिफारिशें की | सम्पूर्ण भारत के लिए ऐसी सम्यक दृष्टि रखने वाले बी.पी. मंडल को भारतरत्न दिए जाने की मांग बिलकुल जायज है |

यूँ तो डॉ.मधेपुरी समाजवादी चिन्तक राम मनोहर लोहिया, भूपेन्द्र नारायण मंडल व कर्पूरी ठाकुर सहित होमी जहाँगीर भाभा को भी भारतरत्न दिए जाने के लिए आवाज उठाते रहे हैं |

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बी.पी.मंडल की राजकीय जयन्ती मनाई गई

अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग आयोग-2 यानी मंडल आयोग के अद्यक्ष व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बी.पी.मंडल यानी विन्धेश्वरी प्रसाद मंडल एक ऐसा नाम है जो मधेपुरा की समाजवादी धरती के सम्मान को शिखर तक पहुंचा दिया | उसी सामाजिक न्याय के पुरोधा बी.पी.मंडल के मंडल कमीशन की रिपोर्ट को वी.पी.सिंह के प्रधानमंत्रित्व काल में संसद के पटल पर रखवाने, बहस कराने और उसे लागू कराने में जदयू के राष्ट्रीय अद्यक्ष शरद यादव ने कितनी कुर्वानियाँ दी यह सुनकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो जाते हैं |

25 अगस्त 1992 को मंडल के समाधि-स्थल से मंडल रथ पर सवार होकर यही शरद लगभग तीन महीने तक बिना रुके, बिना थके और बिना झुके- देश के छोटे-बड़े किसी-किसी शहर में छिटपुट वारदातों को झेलते हुए 07 नवम्बर 1992 को दिल्ली पहुँचकर सबों को मंडल आरक्षण का गूढ़ तत्व समझाते हैं | रास्ते से लेकर घर तक उन्हें कितनी यातनाएं सहनी पड़ी यह किसी से छिपी नहीं है | आरक्षण की आग में यह शरद केवल झुलसकर ही निकल गया यही क्या कम है | उनके शरीर का पोर-पोर तोड़ दिया गया – ये सारी बातें डॉ.मधेपुरी ने मुरहो में आयोजित बी.पी.मंडल राजकीय जयन्ती समारोह में मंडल मसीहा शरद यादव के बाबत कही |

डॉ. मधेपुरी ने यह भी कहा – “भारत में प्रतिदिन लाखों बच्चे जन्म ग्रहण करते हैं, लेकिन कुछ ही बच्चे ऐसे होते हैं जो अपने पौरुष-पुरुषार्थ एवं संकल्प व् ईमानदारी की बदौलत कुछ ऐसा कर गुजरते हैं कि लोग यह जानने को उत्सुक हो जाते हैं कि वह बच्चा कहाँ जन्म लिया और बड़ा होकर समाज और देश को क्या दिया ? ऐसे ही बच्चों में एक हुए – बी.पी.मंडल जिनका नाम लेते ही श्रद्धा से सिर झुक जाता है | कालान्तर में वही मंडल रिपोर्ट तैयार करने में 01 वर्ष 08 महीना 22 दिनों तक घड़ी की सुई की तरह चलते रहे, कभी रुके नहीं | कश्मीर से कन्याकुमारी और राजस्थान से बंगाल की खाड़ी तक घूम-घूम कर उन्होंने सभी धर्मों एवं सभी वर्णो के 3743 जातियों को रेखांकित किया जो सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े थे | उन्हें विशेष अवसर दिए जाने की सिफारिश कर 31 दिसम्बर 1980 को तत्कालीन महामहिम राष्ट्रपति नीलम संजीव रेड्डी के समक्ष समर्पित कर मधेपुरा आ गये |”

नगरपालिका के तत्कालीन वाईसचेयरमेन डॉ. मधेपुरी द्वारा अद्यक्ष की अनुपस्थिति में भव्य नागरिक अभिनन्दन समारोह की अद्यक्षता करने से सकुचाने पर बी.पी.मंडल ने उनसे यही कहा था – “जब मैं आनरेरी मजिस्ट्रेट हुआ करता था तो एक बार म्युनिसिपल एक्ट पढने का मौका मिला, जिसमें लिखा है- Even in the temporary absence of the chairman, vice-chairman is entitled to discharge all the duties of the chairman .” तभी डॉ. मधेपुरी ने उस बी.पी.मंडल-अभिनन्दन समारोह की अद्यक्षता की |

इस समारोह के अद्यक्ष जिला पदाधिकारी मो.सोहैल ने बिहार सरकार के प्रतिनिधि मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव, राष्ट्रीय अद्यक्ष जदयू शरद यादव सहित विधायक, पार्षद एवं गण्यमान्य का स्वागत किया | सबों ने मंडल जी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया | सर्व धर्म प्रार्थना की गई |

Mandal Maseeha Sharad Yadav Addressing Mandal Jayanti Samaroh
Mandal Maseeha Sharad Yadav Addressing Mandal Jayanti Samaroh

मंडल मसीहा शरद यादव ने अपनी कबीर वाणी का उद्घोष करते हुए कहा कि आगे जो कोई सिविल सर्विसेज में चुनकर जिला का नाम रोशन करेगा उसे यहाँ बुलाकर सम्मानित करना ही मंडल की सच्ची श्रद्धांजलि होगी | परीक्षा में नक़ल बन्द करो तभी देश और समाज आगे बढेगा वरना शरद यादव को यहाँ बुलाने का क्या फायदा !

बिहार सरकार के भूमि सुधार व विधि मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव, विधायक रमेश ऋषिदेव, प्रो.चंद्रशेखर, विधान पार्षद विजय कुमार वर्मा, पूर्व विधायक मणीन्द्र कुमार मंडल, परमेश्वरी प्र.निराला, डॉ.ए.के.मंडल, पूर्व मुखिया सुभाष चन्द्र यादव, प्रो.श्यामल किशोर यादव, डॉ.आलोक कुमार, मुखिया नीलम देवी आदि ने बी.पी.मंडल के विशाल व्यक्तित्व की चर्चा की और गागर में सागर भरने का प्रयास किया |

People attending B.P.Mandal Jayanti Samaroh
People attending B.P.Mandal Jayanti Samaroh

अंत में अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार निराला द्वारा पुलिस कप्तान कुमार आशीष सहित जिला एवं अनुमंडल के सभी उपस्थित पदाधिकारियों एवं समाजसेवियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए सभा समाप्ति की घोषणा की गई |

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शरद यादव मधेपुरा पहुँचे

जदयू के राष्ट्रीय अद्यक्ष शरद यादव रविवार की शाम में मधेपुरा पहुँचे | स्वाभिमान रैली की तैयारी को लेकर वे 27 अगस्त तक कोसी के भ्रमण पर रहेंगे | सोमवार को सहरसा में और मंगलवार को मधेपुरा में रहेंगे शरद यादव | बी.पी.मंडल की राजकीय जयन्ती समारोह में भाग लेने वे मुरहो जायेंगे | बुधवार को सुपौल जिला का दौरा करेंगे |

इस दौरान कई लंबित योजनाओं का शिलान्यास करेंगे और कुछ जो पूरी हो चुकी है उसका उद्घाटन भी करेंगे | वे इस इलाके में 27 अगस्त तक रहकर 30 अगस्त को पटना गाँधी मैदान में होने वाली महागठबंधन की महारैली में सर्वाधिक भागीदारी सुनिश्चित करेंगे |

मंडल मसीहा शरद यादव को अपने मधेपुरा  निवास से निकलकर मुरहो मंडल जयन्ती में दस मिनट बिलम्ब से पहुँचने का कारण यह हुआ कि वित्तरहित शिक्षकों ने उनके मेन गेट को जाम कर दिया था |

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कौशिकी ने मनाई गोस्वामी तुलसी दास की जयन्ती

कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन संस्थान के अम्बिका सभागार में तुलसी जयन्ती का एक दिवसीय समारोह आयोजित किया गया, जिसकी अद्यक्षता तिलका मांझी वि.वि. में प्रतिकुलपति रह चुके डॉ.के.के.मंडल ने किया | डॉ.मंडल ने अपने अद्यक्षीय भाषण में तुलसीकृत रामायण के सुन्दरकाण्ड को सुन्दरकाण्ड क्यों कहा जाता है – की सारगर्भित व्याख्या कर सुधि श्रोताओं का मन मोह लिया |

इस अवसर पर समारोह का उद्घाटन करते हुए भू.ना.मंडल वि.वि. के संस्थापक कुलपति व पूर्व सांसद तथा दर्जनों पुस्तक के रचनाकार साहित्यकार डॉ.रमेन्द्र कुमार यादव रवि ने तुलसीकृत रामचरितमानस सहित विनय पत्रिका, कवितावली, दोहावली व अन्य ग्रंथों की पंक्तियों को करीने से उद्धृत करते हुए उपस्थित साहित्यनुरागियों एवं स्कूली बच्चों के बीच तथ्यों को इस तरह परोसा कि लगा जैसे तुलसी दास आज भी प्रासंगिक हैं | डॉ.रवि ने रामचरितमानस को समाजशास्त्र, राजनीतिशास्त्र तथा मनोविज्ञान सहित जीवन दर्शन का भंडार सिद्ध करते हुए दर्शकों के बीच देर तक जैसे अमृत वर्षाते रहे और तालियाँ बटोरते रहे |

Tulsi Das Jayanti at Madhepura
Tulsi Das Jayanti at Madhepura

सम्मेलन के सचिव डॉ.मधेपुरी ने तुलसी साहित्य के सहारे भौतिकी में “दर्पण” की परिभाषा समझाने के अदभुत इल्म से श्रोताओं को हैरत में डाल दिया | डॉ. मधेपुरी द्वारा स्कूली बच्चों के बीच “तुलसी आज भी प्रासंगिक है” विषय पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित कराया गया, जिसमें चयनित तीन प्रतिभागियों आस्था प्रिया, अदिति परमार एवं आर्चि परमार को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार के रूप में रामचरितमानस, विनय पत्रिका आदि क्रमशः उद्घाटनकर्ता, अद्यक्ष एवं सचिव द्वारा दिया गया | इस अवसर पर विचार व्यक्त करने वालों में प्रमुख हैं – माध्यमिक शिक्षक संघ के महासचिव रहे रघुनाथ यादव, अवकाशप्राप्त शिक्षक प्राण मोहन यादव एवं सियाराम यादव मयंक आदि |

द्वितीय सत्र में कवि गोष्ठी का संचालन उपसचिव उल्लास मुख़र्जी द्वारा किया गया | देर शाम तक चले गोष्ठी में अपनी प्रतिनिधि कविताओं के साथ सस्वर पाठ किया- सुकवि सियाराम यादव मयंक ने | साथ ही राजू भैया, उल्लाष मुखर्जी, डॉ.मधेपुरी, राकेश कुमार द्विजराज आदि ने भी कविताओं का पाठ किया | अन्त में उपसचिव उल्लाष मुखर्जी ने धन्यवाद ज्ञापन किया |

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