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राजद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लालू के निर्वाचन पर मुहर

राष्‍ट्रीय जनता दल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लालू प्रसाद यादव के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष के रूप में निर्वाचन पर मुहर लग गई। मंगलवार को राजद की नवगठित राष्ट्रीय परिषद की बैठक में इसकी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी। इसके साथ ही पार्टी का खुला अधिवेशन भी होगा। सोमवार को कार्यकारिणी की बैठक में आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के नारों और संघर्ष की रणनीति तय की गई और एक स्वर से तेजस्वी को मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया गया।

गौरतलब है कि सोमवार को राजद राष्‍ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में कई प्रदेशों के नेता आए, लेकिन राबड़ी देवी और मीसा भारती की अनुपस्थिति खटक रही थी। लालू प्रसाद यादव के समधी चंद्रिका राय और सांसद मनोज झा भी नहीं थे। बैठक में जहां लालू के छोटे बेटे तेजस्‍वी काफी सक्रिय दिखे, वहीं उनके बड़े बेटे तेजप्रताप काफी देर बाद पहुंचे। कुछ दिनों पहले अवकाश लेने की घोषणा करने वाले शिवानंद तिवारी की सक्रियता सबकी निगाहों में रही।

बहरहाल, सोमवार को हुई बैठक में आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के नारे और संघर्ष की रणनीति पर विचार किया गया। अपराध, महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर केन्द्र-राज्य सरकारों के खिलाफ पार्टी की व्यूह रचना हो चुकी है। नई रणनीति के तहत आरजेडी को अब सवर्णों से भी परहेज नहीं है। मंगलवार को पटना के बापू भवन में आयोजित खुला अधिवेशन के दौरान मैदान की ओर प्रस्थान के लिए बिगुल बज जाएगा।

सोमवार की बैठक में कुल दस प्रस्तावों पर मुहर लगी। राजनीतिक प्रस्ताव चितरंजन गगन ने रखा जिसका समर्थन शिवानंद तिवारी और रामचंद्र पूर्वे ने किया। आर्थिक प्रस्ताव आलोक मेहता ने रखा जिसका समर्थन अब्दुलबारी सिद्दीकी और उदयनारायण चौधरी ने किया। शिक्षा संबंधी प्रस्ताव चन्द्रशेखर ने, विदेश नीति का प्रस्ताव अन्नु चाको ने, एससी-एसटी संबंधी प्रस्ताव सुरेश पासवान ने, अल्पसंख्यक संबंधी प्रस्ताव तनवीर हरसन ने, महिला सशक्तिकरण का प्रस्ताव कांति सिंह ने तथा संविधान संशोधन संबंधी प्रस्ताव भोला यादव ने रखा। बता दें कि राजद के प्रस्तावों में महिला सशक्‍तीकरण को पहली बार शामिल किया गया। प्रस्ताव प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने तैयार किया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता रघुवंश प्रसाद सिंह ने की।

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मधेपुरा में फरोग-ए-उर्दू सेमिनार समारोह पूर्वक हुआ संपन्न

जिला मुख्यालय के भूपेन्द्र स्मृति कला भवन में रविवार के दिन बिहार उर्दू निदेशालय एवं जिला प्रशासन के सौजन्य से फरोग-ए-उर्दू सेमिनार का शानदार आगाज किया गया। इस अवसर पर ऊर्जावान युवा जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी, प्राचार्य शकील अहमद, प्रो.गुल हसन, अधीक्षक मुर्तुजा आलम, जिला परिषद अध्यक्षा मंजू देवी, अध्यक्ष बौआ यादव, एडीएम उपेन्द्र कुमार एवं समाजसेवी शौकत अली ने समारोह का उद्घाटन संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सेमिनार को ऊँचाई देने वाले पंचायती राज पदाधिकारी व उर्दू प्रभारी अल्लामा मुख्तार द्वारा सभी अतिथियों को अंगवस्त्रम-बुके-बैज के साथ-साथ स्वागत गान से सम्मानित किया गया।

Samajsevi-Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri greeting the grand Shaiyar Dr.Noor Mohammed in presence of Deputy Collector & Urdu-in-Charge Allama Mukhtar & others at Bhupendra Smriti Kala Bhawan, Madhepura.
Samajsevi-Sahityakar Dr.Bhupendra Madhepuri greeting the grand Shaiyar Dr.Noor Mohammed in presence of Deputy Collector & Urdu-in-Charge Allama Mukhtar & others at Bhupendra Smriti Kala Bhawan, Madhepura.

जहाँ डीएम मधेपुरा ने इस मौके पर उर्दू भाषा के विकास पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि उर्दू सरीखे सरल भाषा का इस्तेमाल सभी को करना चाहिए क्योंकि उर्दू द्वितीय राजभाषा है वहीं एडीएम उपेन्द्र कुमार ने कहा कि हिन्दी और उर्दू सगी बहनें हैं, एक माँ है तो दूसरी माँसी….. दोनों एक साथ हो तो लेखनी प्रभावशाली हो जाती है।

Minority Hostel Superintendent Md.Murtuza receiving certificate & prize from Dr.B.N.Yadav Madhepuri in Farog-E-Urdu Seminar at Bhupendra Kala Bhawan Madhepura.
Minority Hostel Superintendent Md.Murtuza receiving certificate & prize from Dr.B.N.Yadav Madhepuri in Farog-E-Urdu Seminar at Bhupendra Kala Bhawan Madhepura.

मौके पर डॉ.मधेपुरी ने कहा कि चार भाषाओं- महाराष्ट्री सौरसेनी, मगधी एवं अर्धमगधी मिलकर 8वीं शताब्दी के आसपास हिन्दी आई…. तथा अरबी, फारसी और हिन्दी मिलकर 10वीं शताब्दी के आसपास उर्दू भाषा को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि अभी संसार में छह हजार से अधिक भाषाएं और सैकड़ों लिपियाँ हैं। कोसी के इतिहासकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ की पुस्तक “अंगलिपि का इतिहास” में 84 लिपियों की चर्चा है जो भागलपुर विश्वविद्यालय के एमए पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।

इस अवसर पर मौलाना बदरुद्दीन, शायर अल्लामा साहब, फिरोज जख्मी एवं दरभंगा से आए तीन शायरों- डॉ.नूर मोहम्मद, मो.मुस्ताक आदि ने मजलिस को जानदार बना दिया। प्रभारी अल्लामा मुख्तार ने बीच-बीच में मंच को जानदार बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ा। उर्दू जुबान में बोलने वाले बच्चों एवं बड़ों को नगद पुरस्कार व प्रमाण पत्र दिया गया। भोजन-पानी का उत्तम प्रबंध देखा गया। अंत-अंत तक जिला अल्पसंख्यक पदाधिकारी रजनीश कुमार राय, डीपीओ मोहम्मद कबीर, वरीय उप-समाहर्ता अजमल खुर्शीद, अल्पसंख्यक छात्रावास के अधीक्षक मुर्तुजा आलम एवं अनवारुल हक व अधिवक्ता जावेद अकरम मौजूद रहे।

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एन वाई के द्वारा आयोजित जिला स्तरीय भाषण प्रतियोगिता में प्रथम आये आशीष

मधेपुरा जिला मुख्यालय शिवनंदन प्रसाद मंडल +2 माध्यमिक विद्यालय परिसर में नेहरू युवा केंद्र द्वारा “देशभक्ति और राष्ट्र निर्माण” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन शुक्रवार को किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के सभी प्रखंडों से चयनित प्रतिभागी छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।

बता दें कि नेहरू युवा केंद्र की समन्वयक अजय कुमार गुप्ता ने प्रतियोगिता की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि सर्वप्रथम नेहरू युवा केंद्र द्वारा यह कार्यक्रम प्रखंड स्तर पर कराया गया तथा प्रत्येक प्रखंड से प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को जिला स्तर पर आमंत्रित किया गया। उन्होंने कहा कि पाँच विद्वत जनों का एक निर्णायक मंडल गठित किया गया जिसमें सीएम साइंस कॉलेज के NSS पदाधिकारी प्रो.संजय परमार, बीएनएमयू के सीनेट सदस्य रंजन यादव, अरुण कुमार आर्य, सुनील कुमार, नारायण कुमार शामिल हैं।

भाषण प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के पांचों सदस्यों द्वारा दिए गए अंकों के आधार पर गणनोपरांत प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय प्रतिभागियों का चयन किया गया। जिला स्तर पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में मधेपुरा सदर प्रखंड के आशीष कुमार मिश्रा ने प्रथम एवं उदाकिशुनगंज प्रखंड की दीपशिखा ने द्वितीय स्थान प्राप्त की जबकि ग्वालपाड़ा प्रखंड की स्वाती सुमन को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। यह भी कि प्रथम आए प्रतिभागी को पाँच हजार, द्वितीय को दो हजार एवं तृतीय को एक हजार की राशि एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर प्रतियोगिता आयोजन के मुख्य अतिथि बीएन मंडल विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक एवं कुलसचिव रहे समाजसेवी-साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने अपने संक्षिप्त संबोधन में युवाओं से यही कहा कि देश भक्ति एवं राष्ट्र निर्माण में सफलता के शीर्ष तक वही पहुंचेगा जो निष्ठा के साथ देश को सदैव ओढ़ता, पहनता और बिछाता रहेगा। डॉ.मधेपुरी ने डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को संदर्भित करते हुए कहा कि अपने अंदर की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में ले जाने वाला युवा ही सच्चा देशभक्त एवं राष्ट्र निर्माता बनेगा।

वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में बीएनएमयू मुस्टा के महासचिव व सीनेटर डॉ.नरेश कुमार ने नेहरू युवा केंद्र को ग्रामीण प्रतिभाओं को निखारने वाला मंच करार देते हुए कहा कि युवा वर्ग इस मंच का भरपूर उपयोग करें और सच्चा देश भक्त बनें और हर दिन राष्ट्र निर्माण में योगदान देते रहें।

चलते चलते यह भी बता दें कि मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं अन्नू कुमारी सहित समन्वयक ने प्रथम स्थान प्राप्त आशीष कुमार मिश्रा को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से निकलकर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होकर मधेपुरा जिला को गौरवान्वित करने हेतु शुभकामनाएं दी। आयोजन को सफल बनाने में अभिषेक आचार्य, नेहा कुमारी, मौसम कुमारी, मीरा कुमारी, रोमन कुमार, अमोद कुमार सहित नेहरू युवा केंद्र के सभी स्वयंसेवक धन्यवाद के पात्र हैं।

 

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बिहार में खुलेंगे 13 नर्सिंग कॉलेज और 03 पारा मेडिकल कॉलेज

सूबे की नीतीश सरकार जन स्वास्थ्य के प्रति सर्वाधिक जागरूक दिखती है। राज्य में एक ओर जहाँ 13 नए नर्सिंग कॉलेज खोलने हेतु आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय की एफिलिएशन कमिटी ने प्रस्ताव को पारित किया है वहीं दूसरी ओर उसी एफिलिएशन कमिटी ने राज्य में तीन नए पारा मेडिकल कॉलेज खोलने का भी प्रस्ताव पारित किया है।

यह भी बता दें कि राज्य में पूर्व से चल रहे 12 नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता भी इसी कमिटी ने  एक साल के लिए बढ़ा दी है। इन 12 नर्सिंग कॉलेजों के अतिरिक्त और 13 नए नर्सिंग कॉलेज खुलेंगे।

जानिए कि राज्य में पारा मेडिकल में काफी कम सीटें हैं। फलस्वरूप पारा मेडिकल की पढ़ाई के लिए सूबे के अधिकांश छात्रों को बाहर जाना पड़ता है। इन पारा मेडिकल कॉलेजों में बीएमएलटी, बीआईआईटी, बीओटीटी, बीपीटी तथा बीएचएम कोर्स की पढ़ाई होगी।

चलते-चलते यह भी जान ले कि यह 13 नर्सिंग कॉलेज एवं 3 नए पारा मेडिकल कॉलेज कहाँ-कहाँ स्थापित किए जाएंगे ? ये 13 नर्सिंग कॉलेज होंगे-

1. बीएम इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज  (नालंदा) 2. एमएस इंस्टिट्यूट ऑफ एजुकेशन (नालंदा) 3. कृष्णा इंस्टिट्यूट ऑफ़ एजुकेशन एंड पैरामेडिकल साइंसेज (समस्तीपुर) 4. मगध पारा मेडिकल एंड नर्सिंग इंस्टिट्यूट (गया) 5. अंबेडकर नर्सिंग इंस्टिट्यूट (रोहतास) 6. शेरशाह मेडिकल रिसर्च एंड ट्रेनिंग संस्थान (सासाराम) 7.एमके कॉलेज ऑफ नर्सिंग (पटना) 8. एस एन एस कॉलेज ऑफ नर्सिंग साइंसेस (पूर्वी चंपारण) 9. पीए नर्सिंग स्कूल (समस्तीपुर)  10. एसडी स्कूल ऑफ नर्सिंग (वैशाली) 11. शिवम कॉलेज ऑफ हायर स्टडीज (पटना), 12. नूतन कॉलेज ऑफ नर्सिंग (सीतामढ़ी ) 13. वीपी सिंह मेमोरियल कॉलेज (औरंगाबाद)।

ये तीन नए पारा मेडिकल कॉलेज होंगे- 1. एसआर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सीवान) 2. पटना इंस्टिट्यूट ऑफ़ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंस (पटना) 3. अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन (पटना)

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जदयू ने बिहार के सभी बूथों पर बनाए अध्यक्ष और सचिव

बिहार के हर बूथ पर अध्यक्ष और सचिव बनाने को लेकर बिहार प्रदेश जनता दल (यूनाइटेड) द्वारा 15 नवंबर से चल रहा अभियान सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। पार्टी ने 05 दिसंबर के तय समय पर बिहार के सारे बूथों पर अध्यक्ष और सचिव बनाने का लक्ष्य पूरा कर लिया।
जदयू के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) व राज्यसभा में दल के नेता आरसीपी सिंह ने ससमय इस अभियान के पूरा होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इस अभियान में लगे सभी क्षेत्रीय संगठन प्रभारियों, जिला संगठन प्रभारियों, सभी जिलाध्यक्षों, प्रदेश एवं जिला द्वारा मनोनीत विधानसभा प्रभारियों, सभी प्रखंड अध्यक्षों एवं प्रखंड प्रभारियों, सभी पंचायत अध्यक्षों एवं पार्टी के सभी समर्पित कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई दी। इस मौके पर अपने संदेश में उन्होंने कहा कि इस अभियान की सफलता से जदयू ने सांगठनिक मजबूती की मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि लगातार 20 दिन तक चले इस अभियान के प्रति दल के सभी साथियों ने जैसा उत्साह दिखाया और हर बूथ पर पार्टी की दमदार उपस्थिति सुनिश्चित की, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए, वह कम होगी।
गौरतलब है कि जदयू ने अधिकांश जिलों में यह लक्ष्य समय से पहले पूरा किया। केवल कुछ जिलों के कुछेक बूथ बचे हुए थे, जहां आज बूथ अध्यक्ष और सचिव का मनोनयन कर लिया गया। 09 दिसंबर 2019 को बिहार प्रदेश जदयू मुख्यालय में आरसीपी सिंह की अध्यक्षता में बैठक आहूत की गई है जिसमें सभी क्षेत्रीय संगठन प्रभारी, जिला संगठन प्रभारी, सभी जिलाध्यक्ष एवं सभी विधानसभा प्रभारियों के साथ ही सभी प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्ष एवं सभी प्रदेश प्रवक्ता मौजूद रहेंगे। इस बैठक में 15 नवंबर से 05 दिसंबर तक चले अभियान की समीक्षा के साथ ही भावी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जाएगी।
ध्यातव्य है कि आगामी 15 दिसंबर से 05 जनवरी के बीच सभी विधानसभाओं में पार्टी का सम्मेलन होना है। इसके साथ ही माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अगुआई में चल रहे जल-जीवन-हरियाली अभियान में जदयू की सक्रिय सहभागिता भी सुनिश्चित की जानी है।

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राज्य स्तरीय जूनियर बालक कबड्डी प्रतियोगिता में भाग लेने हेतु मधेपुरा की टीम रवाना

46वीं राज्य स्तरीय जूनियर बालक कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन 4 से 6 दिसंबर तक सारण में आयोजित की गई है। सारण जिला कबड्डी संघ को यह राज्य स्तरीय प्रतियोगिता बिहार राज्य कबड्डी संघ के निर्देशानुसार ही दिया गया है। राज्य स्तरीय कबड्डी संघ से जुड़े अधिकारी एवं खिलाड़ी को यह विश्वास है कि सारण में भी मधेपुरा जिला कबड्डी संघ सरीखे बेहतर एवं सफल आयोजन की व्यवस्था होगी।

जानिए कि जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार ने बताया कि मधेपुरा जिले की जूनियर बालक कबड्डी टीम का कप्तान बनाया गया है- रूपेश कुमार को। आगे सचिव ने बताया कि टीम में शामिल किए गए खिलाड़ी हैं- सूरज कुमार, अंकित कुमार, आशुतोष कुमार, बबलू कुमार, अमन कुमार, रंजीत कुमार, सतीश कुमार, राजा कुमार, हिटलर कुमार, सौरभ कुमार, अमित कुमार एवं राजीव कुमार।

चलते-चलते यह भी बता दें कि नीरज कुमार को जूनियर बालक कबड्डी टीम का कोच प्रतिनियुक्त किया गया है। जिला मधेपुरा की टीम को सचिव अरुण कुमार एवं जिला कबड्डी संघ के रेफरी बोर्ड के चेयरमैन मनीष कुमार कुमार, वीरेंद्र लाल दास, रत्नेश कुमार, अरुण कुमार सिंह आदि की उपस्थिति में सचिव अरुण कुमार ने समाजसेवी डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी से कहा कि यदि टीम सारण में मधेपुरा जिला का नाम रोशन कर कप के साथ लौटेगी तो सभी खिलाड़ियों को डॉ.मधेपुरी द्वारा सम्मानित किया जाएगा।

 

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महाकवि विद्यापति के पदों में मधुरता और गेयता का अद्भुत संगम- डॉ.मधेपुरी

कौशिकी क्षेत्र हिन्दी साहित्य सम्मेलन संस्थान के अंबिका सभागार में मैथिली के महाकवि विद्यापति की जयंती कोसी प्रमंडल के साहित्यकारों द्वारा धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर परिचर्चा का विषय रखा गया- महाकवि विद्यापति के काव्य में लोक भाषा का महत्व।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार हरिशंकर श्रीवास्तव शलभ ने विषय-प्रवेश के दरमियान कहा कि विद्यापति भारतीय साहित्य की श्रृंगार परंपरा के साथ-साथ भक्ति परंपरा के प्रमुख स्तंभों में से एक एवं मैथिली के सर्वोपरि कवि के रूप में जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यापति के काव्य में मध्यकालीन मैथिली भाषा के स्वरूप का दर्शन किया जा सकता है तथा उन्हें वैष्णव, शैव एवं शाक्त भक्ति के सेतु के रूप में स्वीकार भी किया जा सकता है।

मुख्य वक्ता के रूप में बीएन मंडल विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर अंग्रेजी के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ.ललितेश मिश्र ने कहा कि मिथिला के लोगों को “देसिल बयना सब जन मीठ्ठा” का सूत्र देकर विद्यापति ने उत्तरी बिहार में लोकभाषा की जनचेतना को जीवित करने का महान प्रयास किया है। डॉ.मिश्र ने कहा कि मिथिलांचल के लोक व्यवहार में प्रयोग किए जाने वाले गीतों में आज भी विद्यापति के श्रृंगार और भक्ति रस से ओत-प्रोत रचनाएं जीवित हैं।

Sachiv Dr.Bhupendra Madhepuri delivering his speech on the occasion of Mahakavi Vidyapati Jayanti at Ambika Sabhagar, Kaushiki Kshetra Sahitya Sammelan, Madhepura.
Sachiv Dr.Bhupendra Madhepuri delivering his speech on the occasion of Mahakavi Vidyapati Jayanti at Ambika Sabhagar, Kaushiki Kshetra Sahitya Sammelan, Madhepura.

कौशिकी के सचिव डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि मैथिली भाषा में पदावली तथा अवहट्ट भाषा में कीर्ति लता एवं कीर्ति पताका महाकवि विद्यापति की अमर कृतियाँ हैं। विद्यापति के पदों में मधुरता एवं गेयता का अद्भुत संगम है। डॉ.मधेपुरी ने कहा कि अस्वस्थ रहने के बाद भी सम्मेलन के संरक्षक व पूर्व सांसद डॉ.आर के यादव रवि ने दूरभाष पर अपने संक्षिप्त संदेश में इतना ही कहा कि महाकवि विद्यापति ने अपनी अमर कीर्ति पदावली में कृष्ण-राधा विषयक श्रृंगारिका काव्य के जन्मदाता के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त की है। और यह भी कि कृष्ण जिस रूप में विद्यापति द्वारा चित्रित किए गए हैं वैसा चित्रण किसी पूर्ववर्ती अथवा परवर्ती श्रृंगार कवियों ने करने का साहस भी नहीं जुटा पाया है।

Adhyaksh Harishankar Shrivastav Shalabh, Sachiv Dr.Bhupendra Madhepuri and others at Kaushiki Kshetra Sahitya Sammelan.
Adhyaksh Harishankar Shrivastav Shalabh, Sachiv Dr.Bhupendra Madhepuri and others at Kaushiki Kshetra Sahitya Sammelan.

साहित्यानुरागी वक्ताओं में पूर्व प्रति कुलपति डॉ.के.के.मंडल सहित डॉ.सिद्धेश्वर कश्यप. डॉ.विनय कुमार चौधरी. मोहम्मद मुख्तार आलम व अन्य वक्ताओं ने कहा कि महाकवि विद्यापति अपनी कालजयी देसिल बयना की बदौलत भारतीय साहित्य में युग-युग तक जीवित रहेंगे। मौके पर दशरथ प्रसाद सिंह कुलिश, डॉ.आलोक कुमार. डॉ.अर्जुन कुमार. डॉ.एनके निराला, उल्लास मुखर्जी, संतोष सिन्हा, आजाद, द्विजराज, बलभद्र यादव, प्रो.मणि भूषण वर्मा, डॉ.अरविंद श्रीवास्तव, किशोर श्रीवास्तव व आनंद कुमार आदि उपस्थित थे। अंत में डीपीएस के निदेशक एवं कौशिकी के उपसचिव श्यामल कुमार सुमित्र ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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लायंस क्लब के बैनर तले पवनहंस आई क्लीनिक द्वारा मोतियाबिंद ऑपरेशन व चश्मा वितरण मुफ्त

मधेपुरा लायंस क्लब के अध्यक्ष डॉ.सच्चिदानंद यादव एवं सचिव डॉ.आरके पप्पू के नेतृत्व में लगाए गए मुफ्त मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर में 15 मरीजों के सफल नेत्र ऑपरेशन के साथ-साथ मुफ्त में चश्मा मुहैया कराया गया- पवनहंस आई क्लीनिक द्वारा। इस शिविर को लायंस क्लब के सदस्य आनंद प्राणसुखका, अशोक साह, विकास सर्राफ, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, राजेश कुमार राजू, प्रेम कुमार सुमन, डॉ.हिमांशु, चंद्रशेखर कुमार सहित…. अधिषद सदस्य प्रो.(डॉ.)नरेश कुमार, हंस कुमार यादव और पवन कुमार…. डॉ.संजय कुमार आदि ने समारोह का स्वरूप दे डाला।

Chief Guest Dr.Bhupendra Madhepuri amidst President of Lion's Club Dr.S.N.Yadav and Secretary Dr.R.K.Pappu.
Chief Guest Dr.Bhupendra Madhepuri amidst President of Lion’s Club Dr.S.N.Yadav and Secretary Dr.R.K.Pappu.

इस अवसर पर समारोह का उद्घाटन प्रखर समाजसेवी-साहित्यकार प्रो.(डॉ.) भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी ने सर्वप्रथम एक मरीज को चश्मा पहना कर किया। डॉ.भूपेन्द्र मधेपुरी ने मौके पर लायंस क्लब के अध्यक्ष- सचिव व सदस्यों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं विपन्न लोगों के लिए इस तरह के अभियान चलाने की निरंतर आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सरोकार के प्रति संवेदनशील लोगों द्वारा इस तरह के अभियान जारी रहे तभी समाज सुव्यवस्थित रहेगा और ताकतवर बनेगा। डॉ.मधेपुरी ने डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम को संदर्भित करते हुए कहा कि सभी सक्षम लोगों को अपने-अपने पूर्वजों की स्मृति में इस प्रकार के सामाजिक आयोजन करते रहना चाहिए।

बता दें कि हंस कुमार यादव एवं पवन कुमार की संयुक्त वित्तीय सहयोग नेत्र सर्जन डॉ.जाहिद अख्तर एवं डॉ.संजय कुमार के सफल ऑपरेशन एवं लायंस क्लब के अध्यक्ष, सचिव व सदस्यों के सामाजिक-सकारात्मक सोच की सराहना दुनिया को फिर से देख पाने वाले सभी मरीजों ने की। एक मरीज बालकेश्वर राम ने तो खुशी से झूमते हुए- “नैन बिना पंथ भारी” गीत गा-गाकर सबों का दिल जीत लिया।

चलते-चलते यह भी कि आरआर ग्रीन फील्ड के निदेशक लायन राजेश कुमार राजू ने कहा कि वे जल्द ही बच्चों के स्वस्थ नेत्र ज्योति के लिए “नेत्र जाँच विशेष कैंप” का आयोजन कराएंगे।

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बी एन मंडल स्टेडियम से नशा मुक्त बिहार बनाने की रैली निकली

एक ओर जहाँ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मधेपुरा जिला प्रशासन के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नशा मुक्ति का पाठ जिला मुख्यालय के झल्लू बाबू सभागार में इलेक्ट्रॉनिक प्रोजेक्टर के माध्यम से पढ़ाया वहीं दूसरी ओर नशा मुक्ति दिवस पर विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी कार्यालयों में शीर्षस्थ पदाधिकारियों द्वारा नशा मुक्त बिहार निर्माण का संकल्प जताया गया। गाँवों से लेकर शहरों तक के सभी महकमों में पूरी तरह नशा मुक्त समाज निर्माण पर बल दिया गया।

मौके पर डीएम नवदीप शुक्ला (IAS), एसपी संजय कुमार (IPS), डीडीसी विनोद कुमार सिंह, एसडीएम उपेंद्र कुमार व शिव कुमार शैव तथा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी प्रवीण कुमार सहित अन्य अधिकारी व कर्मी मौजूद दिखे।

वहीं दूसरी ओर बी एन मंडल स्टेडियम से विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी स्कूली बच्चों ने भिन्न-भिन्न प्रकार के स्लोगन वाली  तख्तियों को हाथ में लिए नारे लगाते हुए शहर के मुख्य सड़कों के चौक-चौराहे यथा बी पी मंडल चौक, भूपेन्द्र चौक, मस्जिद चौक, शिवनंदन चौक, सुभाष चौक एवं कर्पूरी चौक होते हुए आगे बढ़ते दिखाई दिया।

यह भी जानिए कि बी एन मंडल स्टेडियम में डीपीओ माध्यमिक नारद प्रसाद द्विवेदी, उत्पाद अधीक्षक अमृता कुमारी, समाजसेवी साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण यादव मधेपुरी एवं बीईओ रमेश चन्द्र रमण ने संयुक्त रूप से दर्जनों विद्यालयों के स्कूली बच्चों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उग्रेश प्रसाद मंडल ने मधेपुरा अबतक को बताया कि शहरी क्षेत्र के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्कूली बच्चों ने प्रभातफेरी निकालकर नशा मुक्ति हेतु लोगों को जागरूक किया।

 

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दस दिवसीय क्रिकेट अंडर-14 में समस्तीपुर बना स्टेट चैंपियन

बी एन मंडल स्टेडियम मधेपुरा में दस दिवसीय क्रिकेट अंडर-14 प्रतियोगिता में सूबे के सभी जिले की टीमों का आगमन हुआ। प्रतियोगिता के फाइनल मैच में समस्तीपुर जिले की टीम ने 60 रनों से सीवान को पराजित कर स्टेट चैंपियनशिप का खिताब जीत लिया।

बता दें कि सूबे की कला संस्कृति एवं युवा विभाग तथा मधेपुरा जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस दस दिवसीय क्रिकेट प्रतियोगिता का समापन गुरुवार को हुआ। समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में जहाँ सदर एसडीएम वृंदा लाल मौजूद रहे वहीं विशिष्ट अतिथि एवं समाजसेवी गार्जियन के रूप में एनडीसी रजनीश कुमार व साहित्यकार डॉ.भूपेन्द्र नारायण मधेपुरी खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए तत्पर दिखे।

Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri is being honoured by SDM Vrindalal and NDC Rajneesh Kumar Ray.
Samajsevi Dr.Bhupendra Madhepuri is being honoured by SDM Vrindalal and NDC Rajneesh Kumar Ray.

समापन समारोह में विजेता समस्तीपुर की टीम एवं उपविजेता सीवान की टीम के सभी खिलाड़ियों को कप एवं मैडल देकर एसडीएम वृंदालाल, एनडीसी रजनीश कुमार एवं समाजसेवी व साहित्यकार डॉ.मधेपुरी द्वारा सम्मानित किया गया। इस जिले के कबड्डी के सचिव अरुण कुमार, जो कबड्डी के ही नहीं बल्कि अब रग्बी और क्रिकेट….. आदि खेलों के भी लाइफ लाइन कहलाने लगे हैं, ने एसडीएम, एनडीसी एवं गुरुओं के गुरु डॉ.मधेपुरी को भी प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया।

Secretary Arun Kumar is being honoured by Dr.Madhepuri, SDM Vrindalal & NDC Rajneesh Kumar Ray.
Secretary Arun Kumar is being honoured by Dr.Madhepuri, SDM Vrindalal & NDC Rajneesh Kumar Ray.

इस अवसर पर जहाँ एसडीएम ने खिलाड़ियों से कहा कि आप राष्ट्रीय स्तर पर सूबे का प्रतिनिधित्व कर बिहार का नाम रोशन करें वहीं एनडीसी ने कहा कि मधेपुरा जिला प्रशासन बेहतर आयोजन के लिए जाना जाता है। डॉ. मधेपुरी ने विस्तार से खेल में समर्पण व अनुशासन की चर्चा की तथा ऊंचाई पाने के लिए डॉ.एपीजे अब्दुल कलाम की तरह अहंकार शून्य होने की बात कही। उन्होंने पढ़ाई के साथ खेल को भी जरूरी बताया।

चलते-चलते यह भी कि मधेपुरा में राज्य स्तरीय 10 दिवसीय अंडर-14 क्रिकेट का महापर्व जिला कबड्डी संघ के सचिव अरुण कुमार के सफल संचालन में संपन्न हुआ। निर्णायक की भूमिका में नैयर अली (पूर्णिया), तनवीर आलम (अररिया), रजनीश कुमार (सहरसा), सुमित सिंह (समस्तीपुर), मनोहर नंदू (खगड़िया) तथा मधेपुरा के संजीव कुमार व गौरी शंकर कुमार…. तथा चयनकर्ता के रूप में सुमित आनंद ने बखूबी अपने-अपने कार्यों का निष्पादन किया और सम्मानित भी हुए। कार्यक्रम की सफलता के लिए रग्बी के सचिव दिलीप कुमार, क्रिकेट के अमित कुमार गौरी, खेल शिक्षक अमरेंद्र कुमार अमर सहित अनिल-अविनाश, प्रवीण-मनीष, दिलीप-अनिल प्यासा एवं सविता कुमारी, मीरा कुमारी, काजल कुमारी ने अहम भूमिका निभाई। अंत में राष्ट्रीय गान के साथ समापन की घोषणा संचालनकर्ता सचिव अरुण कुमार ने की।

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